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  • मारपीट के मामले में वकीलों ने की हड़ताल, देखें वीडियो

    मारपीट के मामले में वकीलों ने की हड़ताल, देखें वीडियो

    पंचकूलाः कालका में वकील के साथ मारपीट के मामले को लेकर मामला गरमा गया है। दरअसल, इस मामले को लेकर पंचकूला में वकीलों द्वारा रोष पाया जा रहा है। वकीलों ने पीड़ित वकील के साथ की गई मारपीट को लेकर निंदा की है और उसे इंसाफ दिलाने के लिए आज हड़ताल का ऐलान किया है। मिली जानकारी के अनुसार वकील सौरभ शर्मा के साथ मारपीट की गई थी।

    इस मामले को लेकर पंचकूला में वकीलों ने वर्क सस्पेंड रखा है। ऐसे में वकीलों की हड़ताल के चलते कोर्ट की कार्रवाई पर खासा असर देखने को मिला है। दरअसल, वकीलों की हड़ताल के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पंचकूला बार एसोसिएशन के द्वारा वकील के साथ मारपीट को लेकर कहा गया है कि अगर आरोपियों के खिलाफ करवाई नहीं की गई तो संघर्ष को तीखा किया जाएगा।

  • राखीगढ़ी विश्व मानचित्र पर भारत की प्राचीन सभ्यता का सबसे सशक्त प्रतीक बनेगा : CM Nayab Singh Saini

    राखीगढ़ी विश्व मानचित्र पर भारत की प्राचीन सभ्यता का सबसे सशक्त प्रतीक बनेगा : CM Nayab Singh Saini

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में राखीगढ़ी में विकसित किए जा रहे विश्वस्तरीय साइट म्यूजियम एवं इंटरप्रिटेशन सेंटर की प्रगति तथा डिजाइन को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक गुरुवार को देर सायं आयोजित की गई। बैठक में परियोजना के प्रत्येक पहलू की विस्तार से समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाए, ताकि राखीगढ़ी केवल एक पुरातात्विक स्थल ही नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन सभ्यता, सांस्कृतिक विरासत और ज्ञान परंपरा का वैश्विक केंद्र बनकर उभरे। बैठक के दौरान प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, विरासत एवं पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव डॉ. यशपाल, हरियाणा पुरातत्व एवं संग्रहालय निदेशालय के उप निदेशक डॉ. नरेंद्र परमार भी मौजूद थे। राखीगढ़ी को लेकर आगामी योजानाओं के बारे में विरासत एवं पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को बताया कि विकसित किए जा रहे इंटरप्रिटेशन सेंटर और साइट म्यूजियम में पारंपरिक संग्रहालय की अवधारणा से आगे बढ़ते हुए अत्याधुनिक डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक, ऑडियो-विजुअल का उपयोग किया जाएगा। पर्यटक केवल पुराने अवशेषों को देखेंगे ही नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से उस काल की जीवनशैली, संस्कृति और सामाजिक व्यवस्था का अनुभव भी कर सकेंगे। लगभग 1 लाख वर्ग फुट क्षेत्रफल में यह विकसित किया जा रहा है। इसके ग्राउंड फ्लोर और प्रथम तल पर पांच-पांच विषय आधारित गैलरियां बनाई जाएंगी, जिनमें सरस्वती-सिंधु सभ्यता के विभिन्न आयामों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। इन गैलरियों में राखीगढ़ी के सातों टीलों का विस्तृत परिचय, विभिन्न चरणों में हुए पुरातात्विक उत्खनन, प्राप्त महत्वपूर्ण अवशेष, नगर नियोजन, आवास व्यवस्था, गलियां, जल निकासी प्रणाली, जल प्रबंधन, अन्न भंडारण, व्यापारिक गतिविधियां, आजीविका, सामाजिक जीवन तथा उस समय की तकनीकी और सांस्कृतिक उपलब्धियों को आकर्षक एवं वैज्ञानिक तरीके से प्रदर्शित किया जाएगा। ओरिएंटेशन गैलरी में सप्त नदियों की सभ्यता तथा सरस्वती-सिंधु सभ्यता के विकास की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा लघु फिल्मों, डिजिटल प्रोजेक्शन, 3-डी प्रस्तुतीकरण और अन्य आधुनिक माध्यमों के जरिए पर्यटकों को पूरी सभ्यता की कहानी सहज और रोचक ढंग से समझाई जाएगी। इंटरप्रिटेशन सेंटर में बच्चों और युवाओं के लिए विशेष रूप से अनुभवात्मक गतिविधियों की भी व्यवस्था की जाएगी। यहां घूमने आने वाले बच्चों और अन्य पर्यटकों के लिए प्राचीन काल की सील बनाने की प्रक्रिया, उस समय उपयोग की जाने वाली ईंटों, पुरावशेषों की प्रतिकृतियों तथा अन्य ऐतिहासिक सामग्रियों को नजदीक से देख और समझ सकेंगे। बच्चों के लिए उस दौर के पारंपरिक खेलों एवं अन्य सहभागितापूर्ण गतिविधियों की भी व्यवस्था होगी, जिससे इतिहास को सीखना उनके लिए रोचक अनुभव बने। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में राखीगढ़ी के तीन टीलों पर पुरातात्विक उत्खनन कार्य जारी है। संग्रहालय में यह भी दर्शाया जाएगा कि विभिन्न चरणों में कब-कब उत्खनन हुआ, कौन-कौन से महत्वपूर्ण अवशेष प्राप्त हुए तथा इन खोजों ने विश्व इतिहास और भारतीय सभ्यता की समझ को किस प्रकार नई दिशा प्रदान की। राष्ट्रीय राजमार्ग-152 के निकट स्थित होने के कारण राखीगढ़ी में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद यह न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश के प्रमुख पर्यटन, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक केंद्रों में शामिल होगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे तथा क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति मिलेगी। बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा 90 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिसके माध्यम से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा आगंतुकों की सुविधा के लिए शेड तथा अन्य आवश्यक आधारभूत ढांचा विकसित करने की योजना है, ताकि पर्यटकों को पुरातात्विक स्थल का सुरक्षित, सुविधाजनक एवं वास्तविक अनुभव प्राप्त हो सके।

    अखंड भारत का प्रतिरूप भी आएगा नजर:

    नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हरियाणा सरकार का उद्देश्य राखीगढ़ी को ऐसा वैश्विक विरासत केंद्र बनाना है, जहां आने वाला प्रत्येक पर्यटक भारत की प्राचीन सभ्यता की वैज्ञानिक सोच, सांस्कृतिक समृद्धि और मानवीय विकास यात्रा को गर्व के साथ अनुभव कर सके। उन्होंने कहा कि राखी गढ़ी में प्राचीन काल के अखंड भारत के अवलोकन को भी दिखाया जाए और राखी गढ़ी की विरासत कहां तक फैली थी उसको प्रदर्शित भी किया जाए। ताकि पर्यटकों को उस प्राचीन अखंड भारत के बारे में भी पता चल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि संग्रहालय का उद्देश्य केवल इतिहास को प्रदर्शित करना नहीं, बल्कि उसे जीवंत बनाकर नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। यहां आने वाले परिवारों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और देश-विदेश के पर्यटकों को एक ऐसा अनुभव मिले, जिससे वे हजारों वर्ष पुरानी भारतीय सभ्यता को आधुनिक दृष्टिकोण से समझ सकें।  
  • आवारा कुत्तों का कहरः प्रवासी मजदूर को खेत में नोच-नोचकर मार डाला

    आवारा कुत्तों का कहरः प्रवासी मजदूर को खेत में नोच-नोचकर मार डाला

    जगराओंः लुधियाना के जगराओं के गांव पब्बियां में आवारा कुत्तों के हमले से एक मजूदर की मौत होने का मामला सामने आया है। आपको बता दें आए दिन कुत्तों के हमलों से बुजुर्ग, बच्चे और जवान शिकार हो रहे है। हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद भी प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा है। जिससे आए दिन लोगों को जान से हाथ धोना पड़ रहा है।

    जानकारी के अनुसार ताजा मामले में एक प्रवासी मजूदर खेतों में रात को धान की रोपाई करने के बाद अपने साथियों के साथ खेत में बने मोटर की छत पर सोने चल गया। इस दौरान देर रात को उसके करीबी का फोन आया और वह छत से नीचे उतर कर बात करता-करता बाहर चल गया, जहां एक आवारा कुत्तों का झुंड मौजूद था। कुत्तों के झुंड ने अचानक उस पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

    मृतक की पहचान रमेश मंडल पुत्र जागेश्वर निवासी मख्खनाहा जिला पूर्णिया बिहार के रूप में हुई है। वह हर साल की तरह इस बार भी गांव पब्बियां में धान की रोपाई के लिए अपने साथियों के साथ आया था।

    पुलिस के अनुसार रमेश ने खुद को बचाने का प्रयास किया और मदद के लिए चिल्लाया। हालांकि, दिनभर काम करने के कारण उसके साथी गहरी नींद में थे और उसकी आवाज नहीं सुन पाए। कुत्तों ने उसकी गर्दन सहित शरीर के कई हिस्सों को नोच डाला था।

    गुरुवार सुबह जब साथी मजदूर उठे तो उन्होंने खेत में रमेश का शव पड़ा देखा। जिसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। चौकी चौकीमान के प्रभारी सुखमंदर सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। इलाके के लोगों में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक को लेकर गहरा गुस्सा है।

     

  • मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में राम जन्म भूमि पहुंची SIT, बैंक कर्मचारियों से की पूछताछ, देखें वीडियो

    मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में राम जन्म भूमि पहुंची SIT, बैंक कर्मचारियों से की पूछताछ, देखें वीडियो

    अयोध्याः राम जन्म भूमि परिसर को लेकर मामला गरमाया हुई है। वहीं इस मामले को लेकर पूछताछ का दौर जारी है। इसी के चलते आज एसआईटी ने बैंक कर्मचारियों को तलब किया। SIT की टीम राम जन्मभूमि परिसर पहुंची, जहां एसआईटी द्वारा बैंक कर्मचारियों से बंद कमरे में पूछताछ की गई। टीम वित्तीय लेनदेन और अन्य दस्तावेजों से संबंधित पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है।

    राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए वीरवार को एसआईटी अयोध्या पहुंची थी। ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों चंपत राय, अनिल मिश्रा व गोपाल राव से करीब 4 घंटे तक पूछताछ की। टीम ने चढ़ावे के ऑडिट से जुड़े दस्तावेज कब्जे में लिए और पदाधिकारियों से इससे जुड़े सवाल पूछे। सूत्रों के अनुसार पूछताछ में कई सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं मिले, जिससे आने वाले दिनों में पूछताछ का दायरा और बढ़ेगा। वहीं, पुलिस की आपराधिक जांच भी जारी है। इससे इन सभी पर अब पुलिस और एसआईटी का दोहरा शिकंजा कसेगा।

    बता दें कि 6 जून को चढ़ावा चोरी का मामला उजागर होने के बाद 13 जून को गठित एसआईटी ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी है। अब दूसरे चरण में एसआईटी वित्तीय गड़बड़ियों का पूरा खेल उजागर करने के लिए ट्रस्ट के पांच साल के ऑडिट का ऑडिट कर रही है। एसआईटी ने ट्रस्ट से अब तक हुए ऑडिट का पूरा लेखा-जोखा मांगा है, लेकिन कुछ ब्योरा अब भी नहीं मिला है। पूरा ब्योरा मिलने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कहां कितनी और कैसी गड़बड़ी की गई।

    उधर, विवेचक व सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी टीम के साथ वीरवार को राम मंदिर पहुंचे और दान पात्रों को देखा। उन्होंने दान पात्र से राशि निकालने से लेकर गणना प्रक्रिया समझी। इस दौरान उन्होंने सीसीटीवी फुटेज भी कब्जे में लिए। वहीं, बृहस्पतिवार शाम पुलिस की एक टीम आरोपी अविनाश शुक्ला के प्रतापगढ़ स्थित गांव पहुंची और उसके परिजनों से करीब आधे घंटे तक पूछताछ की। कुछ दस्तावेज कब्जे में लिए।

  • Punjab News: दिल दहलाने वाली घटना, 3 बच्चों को मौत के घाट उतार मां ने की आत्महत्या, देखें वीडियो

    Punjab News: दिल दहलाने वाली घटना, 3 बच्चों को मौत के घाट उतार मां ने की आत्महत्या, देखें वीडियो

    मानसाः वार्ड नंबर 3 से दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है, जहां महिला ने अपने 3 बच्चों की हत्या करने के बाद खुद भी आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना लोगों द्वारा पुलिस को दी गई। घटना की सूचना मिलते थाना सिटी 2 की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक महिला संदीप कौर के पति की 4 साल पहले मौत हो चुकी थी। वह अपनी सास और तीन बच्चों के साथ किराए के मकान में रहती थी।

    थाना सिटी-2 के जांच अधिकारी कुलवंत सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात भी सामने आई है कि महिला ने अपनी 8 वर्षीय बेटी, 4 वर्षीय बेटी और डेढ़ वर्षीय बेटे को पहले जहर दिया और फिर उनका गला दबा दिया। इसके बाद खुद कमरे में लगे पंखे से लटक गई। महिला ने ये कदम क्यों उठाया इसका अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस इस मामले की हर पहलू से गहनता से जांच कर रही है। वहीं मृतक संदीप कौर के रिश्तेदार रोशन सिंह ने बताया, ‘संदीप कौर रिश्ते में उनकी भाभी लगती थी और उसने सुसाइड करके जीवनलीला समाप्त कर ली।

    उन्हें इस बारे में तब पता चला जब उनका बेटा घर के बाहर बैठकर रो रहा था।’ उन्होंने बताया कि मृतक संदीप कौर की बॉडी को नीचे उतारा गया और पुलिस को सूचित किया गया। महिला के रिश्तेदार ने बताया, ‘बड़ी बेटी का नाम मोटो (13 साल), छोटी बेटी का नाम कालू जो 8 साल की थी और डेढ़ साल के बच्चे का नाम विश्वास है। तीनों अंदर बेड पर मृत पाए गए। संदीप कौर की यह दूसरी शादी थी। घटना के समय मेरी सास घर पर नहीं थी, वह किसी रिश्तेदार के घर गई हुई थी।’ वहीं इलाके के लोग इस घटना से पूरी तरह सदमे में हैं। किसी को अंदाजा नहीं था कि इस घर के भीतर इतना बड़ा हादसा होने वाला है।

     

  • सोनमर्ग सुरंग के पास अनियंत्रित होकर CRPF की गाड़ी पलटी, छह जवान घायल

    सोनमर्ग सुरंग के पास अनियंत्रित होकर CRPF की गाड़ी पलटी, छह जवान घायल

    जम्मू-कश्मीरः जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में एक सड़क हादसा सामने आया है, जिसमें सीआरपीएफ का वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। सड़क हादसे में 6 जवानों के घायल होने की खबर है।

    श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोनमर्ग (गगनगीर) सुरंग के पास हादसा पेश आया है। दुर्घटना के बाद मौके पर राहत कार्य शुरू किया गया। सभी घायल जवानों को दुर्घटनास्थल पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया है। इसके बाद इलाज के लिए उन्हें पास के गुंड स्थित सीआरपीएफ शिविर और नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    स्थानीय पुलिस ने इस घटना का संज्ञान लेते जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

     

  • बारिश का कहरः काजा-किन्नौर-शिमला को जोड़ने वाला National Highway हुआ बंद, मलबे में दबी गाड़ियां, देखें वीडियो

    बारिश का कहरः काजा-किन्नौर-शिमला को जोड़ने वाला National Highway हुआ बंद, मलबे में दबी गाड़ियां, देखें वीडियो

    किन्नौर: हिमाचल प्रदेश मानसून की एंट्री के साथ कई जिलों में भारी बारिश, भूस्खलन और सड़कें बंद होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वहीं किन्नौर जिले में भारी बारिश के बाद चोलिंग में मीरू नाले में फ्लैश फ्लड आ गया। इस दौरान काजा-किन्नौर -शिमला को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे बंद हो गया है। दरअसल, मलबा और पत्थर सड़क पर आने से यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। इसके अलावा, किन्नौर के ही रिब्बा में भी फ्लैश फ्लड आया और लोगों ने जागकर ही रात काटी। सुबह 3 बजे के करीब यहां रिब्बा में बाढ़ आई गई। फिलहाल, जानी नुकसान की सूचना नहीं है।

    बाढ़ की चपेट में वाहन भी आए हैं। चोलिंग से आगे करछम की ओर असुरक्षित स्कूल भवन के पास मलबा आने से लोग सहमे हुए हैं। बाढ़ की चपेट में दो छोटे वाहन भी आए हैं। काजा-किन्नौर-शिमला को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे बंद होने से दोनों तरफ वाहनों की लगी लंबी कतारें लग गई हैं। प्रशासन के अनुसार सड़क मार्ग बहाल होने में करीब 5 घंटे का समय लग सकता है। किन्नौर प्रशासन को सूचना मिलते ही पुलिस एवं बचाव दल मौके पर पहुंच गई है। वहीं, जिला किन्नौर के रिब्बा गांव में भी बाढ़ आ गई है।

    डीसी किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि, “चोलिंग के पास मार्ग को साफ करने और फंसे वाहनों को निकालने के लिए भारी मशीनरी लगी हुई है। प्रशासन की टीम मौके पर मुस्तैद है और बंद पड़े राष्ट्रीय उच्च मार्ग को जल्द से जल्द बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।” किन्नौर प्रशासन ने सभी पंचायत प्रतिनिधियों, स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि नदी-नालों और जोखिम वाले क्षेत्रों में न जाएं. इसके अलावा अनावश्यक यात्रा और ट्रैकिंग से बचने की भी अपील की गई है। पहाड़ी एवं भूस्खलन संभावित इलाकों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके। किसी भी तरह की आपदा होने पर आपदा प्रबंधन दल या जिला प्रशासन किन्नौर को सूचित करें।

     

  • Himachal के चोलिंग में फटा बादल, संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त, देखें वीडियो

    Himachal के चोलिंग में फटा बादल, संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त, देखें वीडियो

    शिमलाः हिमाचल में जुलाई माह शुरू होते ही बरसातों का दौर शुरू हो चुका है। जिससे कई शहरों में भारी तबाही हुई है। किन्नौर के चोलिंग क्षेत्र में शुक्रवार तड़के बादल फटने से राष्ट्रीय राजमार्ग पर मलबा आ गया, जिससे कई रास्ते बंद हो गए। वहीं घटना से 2 वाहन भी फंस गए। सूचना मिलते ही प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचनी शुरू हो गई। रास्ते से मलबा हटाया जा रहा है।

    प्रशासन ने लोगों से मौसम को देखते सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। राहत की खबर ये है कि बादल फटने और भारी मलबा आने से बाधित हुआ शिमला-किन्नौर राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (NH-5) चोलिंग के पास बहाल कर दिया गया है।

    किन्नौर जिले की रिब्बा खड्ड में वीरवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात करीब तीन बजे अचानक बाढ़ आ गई। खड्ड का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण पानी मलबे के साथ रास्तों और सड़कों पर बहने लगा। पानी की तेज आवाज सुनकर ग्रामीण दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए।

    बाढ़ के कारण रिब्बा से कंडे को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया। सुबह जब लोग घरों से बाहर निकले तो खड्ड के आसपास और रास्तों पर मलबे का ढेर दिखाई दिया। कई स्थानों पर सड़क और मार्ग मलबे से पट गए थे।

    चकुरठा गांव में एक ढाई मंजिला मकान पर भूस्खलन के कारण एक बड़ा पत्थर गिर गया, जिससे मकान को भारी क्षति पहुंची है। जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। रोहतांग में भी बारिश हुई। राजधानी शिमला में बूंदाबांदी हुई जबकि ऊना जिले में सुबह हल्के बादल छाए रहे। वीरवार शाम तक प्रदेश में 49 सड़कें, 42 बिजली ट्रांसफार्मर ठप रहे। कांगड़ा में सुबह बादल छाए। इसके बाद पूरा दिन मौसम साफ रहा और धूप भी खिली रही। साफ मौसम के बीच तापमान में भी बढ़ोतरी हुआ और लोगों को गर्मी का एहसास हुआ।

    मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी कांगड़ा और मंडी जिले के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। शिमला, कुल्लू, ऊना और सिरमौर जिले के लिए येलो अलर्ट जारी हुआ है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी बारिश होने के आसार हैं। चार जुलाई को कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 5 और 6 जुलाई को भी कुछ जिलों के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है।

     

     

  • Punjab News: पूर्व विधायक बराड़ की दोटूक, प्रधान चन्नी के बिना नहीं बन सकती कांग्रेस सरकार, देखें वीडियो

    Punjab News: पूर्व विधायक बराड़ की दोटूक, प्रधान चन्नी के बिना नहीं बन सकती कांग्रेस सरकार, देखें वीडियो

    मोरिंडाः पंजाब में 2027 के चुनावों से पहले कांग्रेस में गुटबाजी को लेकर हलचल तेज हो गई। बताया जा रहा है कि चरणजीत सिंह चन्नी प्रधान ना बनाए जाने से नाराज चल रहे है। इसी के चलते उन्होंने पार्टी की ओर से की गई नई नियुक्तयों को लेकर आभार व्यक्त भी नहीं किया। पार्टी से नाराज चल रहे चन्नी ने मोर्चा खोल दिया है और अपने घर मोरिंडा में कांग्रेस नेताओं की इमरजेंसी मीटिंग बुला ली है। इस बैठक में 3 सांसदों, 12 विधायक और 40 के करीब पूर्व विधायक व 2022 में चुनाव हारे नेताओं को बुलाया गया।

    चन्नी के आवास में होने वाली बैठक से पहले कांग्रेस नेताओं द्वारा अमरिंदर सिंह राजा वंडिग को पंजाब प्रधान बनाए जाने का विरोध जताया जा रहा है। दरअसल, चन्नी के आवास पर होने वाली बैठक में विधायक तृप्त राजिंदर बाजवा, पूर्व डिप्टी सीएम ओपी सोनी, पूर्व मंत्री भारत भूषण आशू व गुरकीरत कोटली के अलावा पूर्व विधायक गुरप्रीत कांगड़, नाजर सिंह मानशाहिया, दविंदर सिंह घुबाया, इंद्रबीर सिंह बुलारिया, लखबीर लक्खा, तरसेम डीसी, दर्शन बराड़, हरमिंदर सिंह गिल, मदनलाल जलालपुर, यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बरिंदर ढिल्लो, कमलजीत कड़वल और पूर्व सांसद मोहम्मद सदीक चन्नी के घर पहुंच चुके है।

    हालांकि अन्य नेताओं के आने का सिलसिला अभी जारी है। ऐसे में बैठक में चन्नी कोई बड़ा फैसला ले सकते है। वहीं मीटिंग में पहुंचे पूर्व विधायक दर्शन बराड़ ने दोटूक कहा कि अगर चन्नी को प्रधान न बनाया गया तो पंजाब में कांग्रेस की सरकार नहीं बन सकती। चरणजीत चन्नी का नाम चुनाव से पहले प्रदेश में कांग्रेस प्रधान पद के लिए फाइनल था, लेकिन अचानक इसे बदलते हुए लुधियाना के सांसद अमरिंदर राजा वड़िंग की प्रधानगी बरकरार रखी गई। वहीं चन्नी को कैंपेन कमेटी का चेयरमैन बना दिया गया। सूत्रों के अनुसार चन्नी के करीबी ने बताया कि प्रधान न बनाए जाने से चन्नी बहुत खफा हैं और अब उन्होंने आर-पार की लड़ाई का फैसला कर दिया है। वह शक्ति प्रदर्शन कर हाईकमान को अपनी ताकत का एहसास कराना चाहते हैं।

  • Balochistan में अनियंत्रित होकर खाई में गिरी बस, 40 लोगों की मौत, देखें वीडियो

    Balochistan में अनियंत्रित होकर खाई में गिरी बस, 40 लोगों की मौत, देखें वीडियो

    बलूचिस्तानः पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा (केपी) की सीमा के पास शुक्रवार को एक भीषण सड़क पेश आया है। जहां एक यात्री बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। बस हादसे में अब तक 40 लोगों की मौत हो गई। पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार दुर्घटना उस समय हुई जब बस बलूचिस्तान के धाना सर क्षेत्र से निकलकर खैबर पख्तूनख्वा की सीमा में प्रवेश कर रही थी। इसी दौरान चालक का वाहन पर नियंत्रण बिगड़ गया और बस गहरी खाई में जा गिरी।

    शेरानी जिले के डीसी वली खान काकर ने हादसे की पुष्टि करते बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन की बचाव टीमों और एंबुलेंस को तुरंत घटनास्थल पर भेजा गया। राहत बचाव कार्य शुरू कर दिया है और शवों को बाहर निकाला जा रहा है।

    अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है, क्योंकि कई यात्रियों की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रारंभिक आशंका है कि पहाड़ी मार्ग पर वाहन का संतुलन बिगड़ने के कारण यह दुर्घटना हुई, हालांकि प्रशासन ने विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।