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Punjab News: बारिश से मंडी में लाखों की मक्की की फसल हुई खराब, बाजारों में व्यापारी परेशान, देखें वीडियो
अमृतसर: अजनाला में हुई तेज बारिश ने इलाके में तबाही की तस्वीर पेश कर दी। मक्का की फसल वाली मंडी में पानी भर जाने से लाखों की फसल खराब हो गई। किसानों का कहना हैकि उन्होंने मंडी में सुखाने के लिए मक्की इकट्ठी करके रखी हुई थी, लेकिन बारिश के कारण काफी समान नष्ट हो गया। कुछ किसानों का कहना है कि बारिश के कारण उनका 5 से 6 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
दूसरी ओर बाजारों में भी दुकानों में पानी घुस गया। व्यापारी रजत कुमार आआर के जर्नल स्टोर मालिक ने बताया कि उनकी दुकान में पानी भरने से 20 से 25 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। बारिश के कारण आई आफत से निपटने के लिए लोग घंटों तक पानी निकालने में लगे रहे। ऐसे में व्यापारियों ने सड़क और सीवर की मरम्मत की मांग की है।
किसानों ने बताया कि उन्होंने लगभग 10 लाख रुपये की मक्की मंडियों में लगाई हुई थी, जिसमें से 6 से 6 लाख रुपये की मक्की पानी के कारण खराब हो गई। बारिश के कारण सिर्फ मंडी में ही नहीं, अजनाला के बाजारों में भी हालत बहुत नाजुक नजर आए। व्यापारियों ने मांग की है कि लगातार हो रही बारिश को देखते हुए सड़कों और नालियों की तुरंत सफाई की जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके। अजनाला के निवासियों ने प्रशासन से जल्द कदम उठाने की अपील की है।
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Punjab News: अभिनेत्री के पिता की हालत नाजुक, DMC के 6 डॉक्टरों की टीम कर रही इलाज, देखें वीडियो
मोगाः जिले के कोट इसे खां में 4 जुलाई को पंजाबी अभिनेत्री तानिया के पिता डाक्टर अनिल कंबोज पर हमलावारों ने क्लीनिक ने घुसकर फायरिंग कर दी। इस घटना को लेकर भले ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन डाक्टर अनिल कंबोज की हालत अभी भी चिंता जनक बनी हुई है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और सेहत मंत्री बलबीर सिंह के आदेशों पर तानिया के पिता के इलाज के लिए डीएमसी लुधियाना के 6 डाक्टरों की टीम को मोगा के मेडिसिटी अस्पताल में लगाया गया। जहां डीएमसी के डाक्टर पीएल गौतम प्रोफेसर एंड हेड ऑफ द डिपार्टमेंट क्रिटिकल केयर की देख रेख में अनिल कंबोज का इलाज किया जा रहा है।
मामले की जानकारी देते हुए डाक्टर पीएल गौतम ने बताया कि डाक्टर अनिल कंबोज की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। पंजाब के सीएम और सेहत मंत्री के आदेशों पर डीएमसी के 6 डाक्टरों की टीम को यहां पर लगाया गया है। उन्होंने कहा कि डाक्टर अनिल कंबोज अभी वेंटिलेटर पर ही है। गोली लगने से उनके आर्गन पर भी इफेक्ट हुआ है। उन्होंने कहा कि डाक्टर अनिल कंबोज अभी रिस्क पर है। क्योंकि उनका बीपी सेट नहीं हो रहा, ऐसे में अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता कि अभी इनको कितने दिन तक वेंटिलेटर पर रखा जायेगा।
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इंसानियत शर्मसार! Railway Station पर महिला के साथ किया Gang Rape
Railway Track पर दिया धक्का, Train से कटा पैर
पानीपत: हरियाणा के पानीपत रेलवे स्टेशन पर दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। जहां 2 युवकों ने 35 वर्षीय महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता का आरोप है कि घटना को अंजाम देने के बाद वह उसे जबरन ट्रेन में बैठाकर सोनीपत ले गए। वहां उन्होंने महिला को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया, जहां से गुजरती ट्रेन ने महिला का एक पैर काट दिया। घायल अवस्था में महिला को ट्रैक के पास पड़े देख स्थानीय लोगों ने जीआरपी को सूचना दी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की जानकारी मिलने पर सोनीपत जीआरपी मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल महिला को पहले जिला नागरिक अस्पताल और फिर पीजीआई रोहतक रेफर किया गया। जहां उसका आपरेशन किया गया। पीड़िता ने डॉक्टरों को आपबीती सुनाई और मेडिकल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। महिला पानीपत की रहने वाली है और 23 जून को संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता हो गई थी। उसके पति ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। परिवार को जानकारी मिली कि महिला ट्रेन से कटने के कारण PGI रोहतक में भर्ती है। पीड़िता ने बताया कि रात लगभग 10 बजे वह पानीपत रेलवे स्टेशन पर पानी की टंकी की ओर गई थी। तभी दो युवक वहां पहुंचे और उसे जबरन माल गोदाम की ओर ले गए। वहां दोनों ने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। बाद में वे उसे ट्रेन से सोनीपत ले गए और स्टेशन पर रेलवे ट्रैक पर धक्का दे दिया। महिला ने बताया कि ट्रैक पर फेंके जाने के बाद वह उठकर भागने की कोशिश कर रही थी, तभी उसका पैर पटरियों में फंस गया और अचानक आ गई पैसेंजर ट्रेन। ट्रेन गुजरने पर महिला का एक पैर कट गया। घटना की जानकारी मिलते ही सोनीपत और पानीपत GRP ने संयुक्त रूप से जांच शुरू कर दी है। वहीं, पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। -

रियल एस्टेट कंपनी का प्रचार करके फंसा अभिनेता, नोटिस जारी
मुबंईः तेलुगु अभिनेता महेश बाबू कानूनी मुसीबत में फंस गए हैं। डेक्कन क्रॉनिकल की एक रिपोर्ट के अनुसार, तेलंगाना में रंगा रेड्डी जिला उपभोक्ता आयोग ने गुंटूर करम अभिनेता को एक रियल एस्टेट फर्म का विज्ञापन करने के लिए नोटिस जारी किया है, जो खरीदारों को गुमराह करती है। हैदराबाद स्थित एक डॉक्टर ने शिकायत दर्ज कराई है। जिसमें आरोप लगाया गया है कि उसके साथ धोखाधड़ी की गई है, क्योंकि उसने ऐसे प्लॉट के लिए 34.8 लाख रुपये का भुगतान किया जो वास्तव में मौजूद ही नहीं है।

कथित तौर पर अभिनेता को तीसरे प्रतिवादी के रूप में नामित किया गया है। इस साल अप्रैल में, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रियल एस्टेट फर्म साई सूर्या डेवलपर्स और सुराना ग्रुप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए महेश बाबू को तलब किया था। रिपोर्टों के अनुसार, अभिनेता को विज्ञापन शुल्क के रूप में 5.9 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। महेश बाबू या उनकी टीम ने अभी तक मौजूदा कानूनी मुद्दे के बारे में कोई बयान नहीं दिया है। अभिनेता को आखिरी बार 2024 में रिलीज़ हुई गुंटूर करम में देखा गया था।
इस फिल्म में श्रीलीला भी मुख्य भूमिका में थीं, जिसने बॉक्स ऑफिस पर 126.62 करोड़ रुपये की कमाई के साथ अच्छा प्रदर्शन किया। महेश बाबू अगली बार एसएस राजामौली के निर्देशन में नज़र आएंगे। फिल्म अभी निर्माणाधीन है और रिलीज़ की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। हालांकि, उम्मीद है कि यह फिल्म 2026 या 2027 में बड़े पर्दे पर आएगी। फिल्म में प्रियंका चोपड़ा भी मुख्य भूमिका में हैं। यह फिल्म लंबे अंतराल के बाद अभिनेत्री की भारतीय सिनेमा में वापसी होगी। उनकी आखिरी भारतीय फिल्म द स्काई इज़ पिंक थी जो 2019 में रिलीज़ हुई थी। खैर, यह फिल्म महेश बाबू की पहली अखिल भारतीय फिल्म होगी और उनके प्रशंसक एसएस राजामौली के साथ उनके सहयोग को लेकर बेहद उत्साहित हैं।
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Punjab News: नाबालिग के साथ 2 आरोपियों ने रेप करके बनाया वीडियो, किया वायरल
आरोपः सरपंच राजीनामें का बना रहा दबाव
फिरोजपुरः जिले के गांव मखू कस्बे में इंसानियत शर्मसार करने की घटना सामने आई है। जहां 2 आरोपियों ने 13 वर्षीय नाबालिग के साथ रेप किया। यही नहीं आरोपियों ने उसका बदनामी का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इस घटना को लेकर पीड़ित बच्ची परिवार के साथ 60 किलोमीटर लंबा रास्ता तय करके एसएसपी कार्यालय में इंसाफ की गुहार लगा रही है। आरोप है कि पुलिस प्रशासन पीड़ित बच्ची की फरियाद सुनने के लिए तैयार नहीं हैं। वहीं परिवार ने आरोप लगाएहै कि गांव का सरपंच उन पर पर राजीनामे का दवाव बना रहा है।
ऐसे में सरपंच के दबाव में पुलिस आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही। इंसाफ की गुहार लगाते हुए 13 वर्षीय बच्ची पिछले 10 दिनों से थाने मखू डीएसपी बीरा और एसएसपी फिरोजपुर के दफ्तर के चक्कर काट रही है। महिला आयोग से पीड़ित को लेकर कोई बयान सामने नहीं आया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि 2 दरिंदों ने उसकी बच्ची की इज्जत को तार-तार कर दिया। पीड़ित के अनुसार उसकी मां-पिता मजदूरी करते हैं और वह धान को पानी लगाने के लिए खेतों में गए हुए थे।
वह भी परिवार के साथ खेतों में धान लगाने गई थी। जब परिवार ने उसे पानी लाने को कहा, तो वह थोड़ा दूर जाकर पानी लेने लगी। वहां गांव के 2 व्यक्ति सनी और जशन उसका पीछा कर रहे थे। जब लड़की पानी भरने लगी, तो उन्होंने जबरदस्ती उसे खींचकर पेड़ों के पीछे ले गए। पीड़ित ने आरोप लगाए है कि एक युवक उससे रेप करता रहा जबकि दूसरा उसका वीडियो बनाता रहा। रेप के बाद उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई कि अगर उसने मुंह खोलने की कोशिश की, तो उसे मार डालेंगे।
पीड़ित बच्ची अपने माता-पिता से जाकर यह सारी बात सुनाई। परिवार ने उसे अस्पताल ले जाकर मेडिकल करवाया। एमएलआर होने के बाद भी पुलिस बच्ची का बयान दर्ज नहीं कर पाई। पिछले 10 दिनों से बच्ची अपने परिवार के साथ थाने मखू में डीएसपी बीरा और एसएसपी कार्यालय के चक्कर काट रही है कि किसी तरह उसकी पीड़ा सुनी जाए और उसे इंसाफ मिले। पीड़ित परिवार का आरोप है कि गांव के सरपंच ने उसके परिवार पर दबाव बनाया कि वे चुपचाप राजीनामा कर लें, नहीं तो उन्हें बड़ा नुकसान होगा। आरोपियों ने सोशल मीडिया पर बच्ची का वीडियो इस तरह वायरल कर दिया है कि परिवार डरकर घर से भी नहीं निकल पा रहा।
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पं. चंद्रधर शर्मा गुलेरी जयंती पर ऊना में साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित
‘शिवस्तोत्र सिंधु’ पुस्तक का किया विमोचन
ऊना/सुशील पंडित: जिला भाषा अधिकारी कार्यालय ऊना द्वारा पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी जयंती पर लता मंगेशकर कला केंद्र, समूरकलां में एक भव्य साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर भारत के प्रसिद्ध साहित्यकार प्रो. सुरेश सेठ ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में हिमाचल प्रदेश के सुप्रसिद्ध विद्वान डॉ. प्रेम लाल गौतम, विशिष्ट अतिथि के रूप में जेएनयू, नई दिल्ली के संस्कृत विभाग के प्रो. डॉ. कृष्णमोहन पांडेय और मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त डॉ. धर्मपाल साहिल (सदस्य, गृह मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति, भारत सरकार) उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन से किया गया। जिला भाषा अधिकारी निकू राम ने सभी अतिथियों एवं साहित्यकारों का स्वागत करते हुए साहित्यकारों से सामाजिक सरोकारों को लेकर सकारात्मक साहित्य सृजन करने का आग्रह किया।
इस अवसर पर हिमाचल कला, भाषा एवं संस्कृति अकादमी के सदस्य व वरिष्ठ साहित्यकार जाहिद अबरोल द्वारा रचित पुस्तक ‘शिवस्तोत्र सिंधु’ का विमोचन भी किया गया। यह पुस्तक भगवान शिव के संस्कृत स्तोत्रों, ऋग्वेद के तीन सूक्तों और अन्य मंत्रों का उर्दू अनुवाद प्रस्तुत करती है, जो संस्कृत और उर्दू जैसी समृद्ध भाषाओं के बीच एक सांस्कृतिक सेतु का कार्य करती है।
कार्यक्रम के पहले सत्र में “पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी का साहित्य एवं हिमाचल से उनका संबंध” विषय पर एक संगोष्ठी आयोजित की गई। इस सत्र में डॉ. राज कुमार एवं अशोक कालिया द्वारा शोध पत्र प्रस्तुत किए गए।
मुख्य वक्ता डॉ. धर्मपाल साहिल ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि गुलेरी जी के गाँव में आज भी जातिगत भेदभाव से परे आपसी सद्भाव देखने को मिलता है, जो उनके साहित्यिक विचारों की जीवंत झलक है।
प्रो. सुरेश सेठ ने कहा कि डिजिटल युग में पुस्तक पठन की परंपरा को पुनर्जीवित करना अत्यंत आवश्यक है, जिससे मानसिक और शारीरिक समस्याओं से भी मुक्ति मिल सके। विशिष्ट अतिथि डॉ. कृष्णमोहन पांडेय ने ‘शिवस्तोत्र सिंधु’ को भाषायी और सांस्कृतिक सेतु बताते हुए इसकी साहित्यिक महत्ता को रेखांकित किया।
मुख्य अतिथि डॉ. प्रेम लाल गौतम ने गुलेरी की रचनाओं में प्रयुक्त पहाड़ी शब्दों और लोकसंस्कृति पर प्रकाश डाला।दूसरे सत्र में कवि सम्मेलन ने बिखेरे साहित्यिक रंग कार्यक्रम के दूसरे सत्र में एक कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश के अनेक कवियों ने भाग लिया। अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भावविभोर करने वाले कवियों में सुरेंद्र सेठ, डॉ. अर्पना, कृष्ण कुमार, सूरम सिंह, डॉ. योगेश चंद्र सूद, किशोरी लाल बैन्स, डॉ. बालकृष्ण सोनी, ओम प्रकाश शर्मा, विशाली भारद्वाज, दिनेश कुमार, ओम देवी सैनी, मनोहर भट्टी, रामपाल और राजेंद्र कुमार कौशल शामिल रहे।
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प्रकृति का कहर, भूस्खलन के कारण Badrinath Highway समेत कई मार्ग बंद, देखें वीडियो
रुद्रप्रयाग: पहाड़ों में देर रात से लगातार भारी बारिश जारी है। बारिश के कारण अलकनंदा और मंदाकिनी नदी विकराल रूप धारण करके बह रही है। बदरीनाथ और केदारनाथ हाईवे पर भी जगह-जगह बोल्डर व मलबा गिर रहा है, जिस कारण चारधाम यात्रियों को भी परेशानियां हो रही हैं। केदारनाथ हाईवे के मुनकटिया में पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आने से मार्ग बंद हो गया था। इससे केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को सोनप्रयाग में ही रोका गया। उत्तराखंड में भी भारी बारिश और भूस्खलन को लेकर चेतावनी जारी की गई है। उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। पहाड़ियों के खिसकने और दरकने से यातायात मार्ग को नुकसान का खतरा बताया गया है। वहीं, बदरीनाथ हाईवे समेत 30 से अधिक लिंक मार्ग को बंद कर दिया गया है।
चमोली जिले में रातभर हुई भारी बारिश के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बदरीनाथ हाईवे कई स्थानों जैसे पीपलकोटी, नंदप्रयाग और ऊमट्टा में मलबा आने के कारण अवरुद्ध हो गया है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाले 30 से अधिक लिंक मार्ग भी बंद पड़े हैं। जिला प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा इन मार्गों को सुचारु करने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। लगातार बारिश के चलते कई इलाकों में सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे आवाजाही में कठिनाई हो रही है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
मौसम विभाग ने भी अगले कुछ घंटों के लिए सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। राज्य के चमोली जनपद के चमोली सब डिवीजन, रूद्रप्रयाग जनपद के रूद्रप्रयाग एवं ऊखीमठ सब डिवीजन, टिहरी जनपद के घनसाली, नरेंद्रनगर एवं धनोल्टी सब डिवीजन तथा उत्तरकाशी जनपद के डुण्डा एवं चिन्यालीसौड़ सब डिवीजनों में भूस्खलन होने की संभावना है, साथ ही भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून द्वारा जनपद टिहरी, उत्तरकाशी एवं रूद्रप्रयाग हेतु भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है।
संवेदनशील इलाकों में भारी वर्षा से भूस्खलन की आशंका जताई गई है, जिससे यातायात बाधित होने की संभावना है। सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। संबंधित विभागों को आवश्यक उपकरणों के साथ तैयार रहने और लगातार निगरानी करने को कहा गया है। पर्यटक स्थलों और संवेदनशील मार्गों पर विशेष सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं। भारी वर्षा की स्थिति में पर्यटकों और पैदल यात्रियों की आवाजाही पर भी रोक लगाने के निर्देश हैं।
संवेदनशील मार्गों एवं भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों पर भूस्खलन सम्बन्धी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए यथा जरूरी उपकरणों जैसे कि जेसीबी मशीन, पौकलैण्ड, मानव संसाधन एवं अन्य आवश्यक उपकरण आदि की समुचित व्यवस्था करना सुनिश्चित की गई है। इसके साथ ही भूस्खलन सम्भावित क्षेत्रों में यात्रियों एवं वाहनों की सुरक्षित यात्रा के लिए सचेत किया जाय तथा सावधानी बरती जाय, सम्भावित भूस्खलन वाले क्षेत्रों में साइनेज आदि की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति में सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर समस्त सम्बन्धित अधिकारी किसी भी प्रकार की आपदा की सूचना SEOC, राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष के फोन नम्बरों 0135-2710335, 0135-2710334, टोल फ्री नं0 1070, 9058441404 एवं 8218867005 पर तत्काल उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करेंगे।
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Punjab News: ट्राला घोड़ा से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद, 3 गिरफ्तार, देखें वीडियो
बठिंडाः पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाई गई मुहिम के तहत 3 तस्करों को गिरफ्तार किय है। इस मामले में आरोपियों के कब्जे से 45 बोरी चुरा पोस्त और 9 क्विंटल भुक्की बरामद की गई। दरअसल, काउंटर इंटेलिजेंस और कैनाल थाना पुलिस के संयुक्त अभियान के तहत यह कार्रवाई की है।
डीएसपी संदीप सिंह भाटी ने बताया कि उनकी टीम ने नन्नी छां चोक के पास ट्राला घोड़ा संदिग्ध हालत में खड़ा देखा। इस दौरान टीम ने जब उसकी तलाशी ली गई तो उसमें बड़ी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद हुआ। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 3 तस्करों को गिरफ्तार किया है। आज आरोपियों को माननीय कोर्ट में पेश करके रिमांड हासिल किया जाएगा। पुलिस रिमांड के बाद ही पता चलेगा कि आखिरकार इतनी बड़ी मात्रा में यह चूरा पोस्त कहां से ला रहे थे और कहां सप्लाई करनी थी।
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मुहर्रम जुलूस के दौरान गिरा 170 फीट ऊंचा ताजिया, मची भगदड़, देखें वीडियो
लखीमपुर खीरीः उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में मुहर्रम जुलूस के दौरान 170 फुट ऊंचा ताजिया गिर गया। इस घटना के दौरान बड़ा हादसा होने से बाल-बाल टल गया। दरअसल, सदर कोतवाली क्षेत्र के बनवारीपुर स्थित कर्बला मैदान में कार्यक्रम के लिए 10 हजार से अधिक लोग एकत्र हुए थे। इस दौरान अचानक 170 फीट ऊंचे एक विशाल ताजिया के संतुलन खो जाने और ऊपर से गुजर रही हाई-टेंशन बिजली की तारों पर गिर जाने से अफरातफरी मच गई, जिसके बाद जुलूस में शामिल लोग इधर-उधर भागने लगे। बालूडीहा गांव से लाया गया ताजिया रस्म के लिए उठाया जा रहा था, तभी यह हादसा हुआ।
बिजली आपूर्ति समय पर काट दिए जाने के कारण कोई हताहत नहीं हुआ। हालांकि, ऊंचे ताजिए के अचानक गिरने से अफरा-तफरी मच गई और लोग डरकर इधर-उधर भागने लगे। साथ ही, पुलिस पहले से ही कार्यक्रम स्थल पर तैनात थी, जिससे उन्हें तुरंत कार्रवाई करनी पड़ी। रिपोर्ट में बताया गया कि पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित किया और व्यवस्था बहाल की। यह घटना कैमरे में कैद हो गई। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि ताजिया अचानक जमीन पर गिर गया और उसके पास खड़े लोग खुद को बचाने के लिए भागे।
ताजिया की देखरेख करने वाले अशफाक ने बताया कि 170 फीट ऊंचा यह ढांचा जब उठाया जा रहा था, तो फिसल गया। लोगों के लिए इसे रोकना मुश्किल हो गया और फिर यह बिजली के तारों पर गिर गया। घटना की सूचना मिलने के कुछ ही देर बाद थाना प्रभारी दीपक तिवारी स्थिति का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंचे और उन्होंने पुष्टि की कि दुर्घटना के बाद स्थिति स्थिर और नियंत्रण में है।