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  • जिला प्रशासन ऊना ने घने कोहरे और शीतलहर के दृष्टिगत जनहित में जारी की एडवाइजरी

    जिला प्रशासन ऊना ने घने कोहरे और शीतलहर के दृष्टिगत जनहित में जारी की एडवाइजरी

    ऊनासुशील पंडित: जिला प्रशासन ऊना ने घने कोहरे और शीतलहर के दृष्टिगत जनहित में एडवाइजरी जारी की है। इसके जरिए प्रशासन ने बढ़ती ठंड और घने कोहरे के मद्देनजर लोगों से स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर कुछ आवश्यक सावधानियां बरतने का आग्रह किया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि तापमान में लगातार गिरावट के चलते आगामी दिनों में शीतलहर और धुंध का असर और बढ़ सकता है। ऐसे में सुरक्षा और बचाव की दृष्टि से आवश्यक सावधानियां बरतना जरूरी है।

    यातायात के लिए जरूरी सावधानियां
    यातायात के लिए जरूरी सावधानियों की बात करते हुए उपायुक्त ने सभी वाहन चालकों से गति नियंत्रित रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि घने कोहरे में वाहन धीमी गति से चलाएं ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके। साथ ही लाइट का सही उपयोग करें। गाड़ी की लाइट को लो बीम पर रखें। यदि दृश्यता बहुत कम हो, तो फॉग लाइट का प्रयोग करें। वाहनों के बीच पर्याप्त दूरी रखें ताकि अचानक रुकने की स्थिति में दुर्घटना न हो। सड़क पर पेंट की गई लाइन का उपयोग एक गाइड के रूप में करें। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन और तेज आवाज में संगीत न सुनें।

    शीतलहर से बचाव के उपाय
    एडवाइजरी में जिला वासियों से यह भी आग्रह किया गया है कि शीतलहर के दौरान यथासंभव घर के अंदर ही रहें। बाहर निकलते समय सिर, कान, हाथ, पैर और नाक को अच्छी तरह ढक कर निकलें। रेडियो, टीवी और समाचार पत्रों से मौसम के पूर्वानुमान की जानकारी लेते रहें। कई स्तरों वाले ऊनी कपड़े पहनें ताकि शरीर की गर्मी बरकरार रहे। शरीर को गर्म रखने के लिए पोषक आहार और गर्म पेय का सेवन करें। हीटर, कोयले की अंगीठी या केरोसिन के उपयोग के दौरान कमरे में वेंटिलेशन का उचित प्रबंध करें। अपने सिर को ढक कर रखें, क्योंकि ठण्ड में सिर के माध्यम से ऊष्मा का अभाव हो सकता है। अपने मुहं को भी ढक कर रखें, इससे आपके फेफड़ों को ठण्ड से सुरक्षा मिलेगी। कम तापमान में कठिन काम न करें, क्षमता से अधिक शारीरिक कार्य न करें, इससे हृदयघात का खतरा उत्पन्न हो सकता है।

    स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां
    उपायुक्त ने लोगों से स्वास्थ्य लेकर भी सजग रहने को कहा है। उन्होंने कहा कि शरीर के अंगों का सुन्न होना, हाथ-पैर की उंगलियों, कान और नाक पर सफेद या पीले दाग दिखना शीतदंश के लक्षण हो सकते हैं। अत्यधिक ठिठुरना, सुस्ती, थकान, स्मृति कमजोर होना या तुतलाना हाइपोथर्मिया के संकेत हैं। यदि किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

    उपायुक्त ने सभी नागरिकों से मौसम की गंभीरता को समझने, सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर सतर्कता बरतने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

  • गंगा पुत्र देवव्रत द्वारा विवाह न करने की भीष्म प्रतिज्ञा लेने पर उनका नाम पड़ा था भीष्म: डॉ सुमन शर्मा

    गंगा पुत्र देवव्रत द्वारा विवाह न करने की भीष्म प्रतिज्ञा लेने पर उनका नाम पड़ा था भीष्म: डॉ सुमन शर्मा

    हिमुडा कालौनी चल रही कथा के पंचम दिवस पर कथा व्यास ने सुनाई शांतनु की कथा

    सत्यवती की सुंदरता पर मोहित हो गए थे ऋषि पराशर, दिया था ये वरदान

    ऊना/ सुशील पंडित: उपमंडल बंगाणा के हिमुडा कालौनी में बाबा पहाड़िया मंदिर कमेटी के सौजन्य से चल रही श्री मद देवी भागवत कथा के पंचम दिवस पर कथा व्यास आचार्य डॉ सुमन शर्मा ने प्रवचन करते हुए कहा कि माता सत्यवती से अपने पिता के विवाह के लिए गंगा पुत्र देवव्रत ने जीवन भर विवाह न करने की प्रतिज्ञा ली थी। जिस कारण उनका नाम भीष्म पड़ गया। महाभारत काल में ऐसी कई घटनाएं घटी हैं, जिनका महाभारत के युद्ध से भी कोई-न-कोई संबंध रहा है। कथा व्यास ने कहा कि शांतनु की तरह ही पराशर ऋषि भी सत्यवती की सुंदरता पर मोहित हो गए थे, जिसके चलते उन्होंने सत्यवती को वरदान भी दिया था। यह भी महाभारत काल की एक महत्वपूर्ण घटना रही है, क्योंकि अगर यह घटना न हुई होती, तो आज महाभारत का स्वरूप कुछ और होता।

    कथा व्यास आचार्य डॉ सुमन शर्मा ने कहा कि ऋषि पराशर एक विद्वान और सिद्ध ऋषि थे। एक दिन धीवर नामक एक मछुआरे की नाव पर बैठकर नदी पार कर रहे थे, तभी उनकी नजर मछुआरे की पुत्री सत्यवती पर पड़ी, जो उसी नाव पर मौजूद थी। उन्होंने कहा कि  सत्यवती की सुंदरता को देखकर ऋषि पराशर उन पर मोहित हो गए और उन्होंने सत्यवती को अपने मन की बात बताई। इसपर सत्यवती ने कहा कि में मछुआरे की पुत्री हूं और आप एक सिद्ध ऋषि हैं, ऐसे में हमारा मिलन अनैतिक होगा। कथा व्यास ने कहा कि सत्यवती की चिंता को भांपते हुए पराशर ऋषि ने उस स्थान पर एक कृत्रिम आवरण तैयार कर दिया, जिससे वहां उन दोनों को कोई नहीं देख सकता था। साथ ही उन्होंने सत्यवती को यह वरदान दिया कि संतान उत्पन्न करने के बाद भी तुम्हारी कौमार्यता प्रभावित नहीं होगी।

    इसी के साथ मछुआरों के साथ रहने के कारण सत्यवती के शरीर से हमेशा मछली की दुर्गंध आती थी, जिस कारण उसे मत्स्यगंधा भी कहा जाता था। ऐसे में पराशर ऋषि ने सत्यवती को यह वरदान भी दिया कि अब उसकी यह दुर्गंध एक अत्यंत मोहक सुगंध में बदल जाएगी। कथा व्यास ने कहा कि सत्यवती और ऋषि पाराशर की एक संतान भी उत्पन्न हुई, जिसका नाम कृष्णद्वैपायन रखा गया। आगे चलकर यही महर्षि वेदव्यास बने, जो आज महाभारत के रचयिता के रूप में जाने जाते हैं।

    वहीं आगे चलकर महर्षि वेदव्यास ही धृतराष्ट्र, पांडु और विदुर के जन्म का कारण बने, जो महाभारत की महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक है। बही कथा व्यास आचार्य डॉ सुमन शर्मा ने सनातन धर्म की रक्षा ओर धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रभु सिमरन ही मनुष्य को भव सागर पार करवा सकता है। ओर प्रभु सिमरन से मनुष्य सफलता की मंजिल को प्राप्त करता है। कथा विराम के बाद सभी श्रद्धालुओं को भंडारे का प्रसाद वितरण किया गया। ओर भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण करके भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।

    ज्ञात रहे बंगाणा हिमुडा कलौनी में प्रथम बार हो रही श्री मद देवी भागवत कथा को सुनने के लिए श्रोतागणों की भीड़ देखी जा रही है। हालांकि इससे पहले श्री मद भागवत कथा श्री राम कथा होती आई है। लेकिन इस बार आयोजकों द्वारा श्री मद देवी भागवत कथा सुनाने के लिए कथा व्यास आचार्य डॉ सुमन शर्मा जी से निवेदन किया है। इस मौके पर अंकुश वर्जाता, हंसराज वर्जाता,ज्योति वर्जाता, विनोद कुमार सेंटी, आर बी राणा, माया देवी मदन गोपाल बोहरा, राजन सोनी,बिंदू सोनी, अजमेर सिंह कुटलैहडिया,रणबीर पठनीया, कुशला  पठानीया, विनोद कुमार शर्मा, अंजू शर्म, बबीता कुटलैहडिया, शिव कुमार वर्जाता,सुमन वर्जाता, रक्षा सोनी,मधु बोहरा,सुशील बाबा,सुरेन्द्र राणा, राकेश शर्मा,बलदेव शास्त्री,नरेंद्र शर्मा, कमल देव शास्त्री, कुलदीप शर्मा,विवेकशील शर्मा,मदन गोपाल डॉ केशवानंद शर्मा आदि सैकंडों श्रद्धालुओं ने  भाग लिया।

  • बांग्लादेश में हिंदू उत्पीड़न व नरसंहार के विरोध में सामाजिक, धार्मिक संगठनों ने किया प्रदर्शन

    बांग्लादेश में हिंदू उत्पीड़न व नरसंहार के विरोध में सामाजिक, धार्मिक संगठनों ने किया प्रदर्शन

    हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर उप उच्चयुक्त बांग्लादेश को डीसी के माध्यम से भेजा ज्ञापन ऊना/सुशील पंडित: हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला में आज श्री सनातन धर्म सभा ऊना धार्मिक संगठनों व साधु संत समाज द्वारा बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार, उत्पीड़न, नरसंहार के विरोध में सभी इकट्ठे होकर सड़कों पर उतरे और गलुआ चौंक से लेकर शहर का चक्कर लगाते हुए विशाल रैली निकालते हुए डीसी कैंपस तक पहुंचे जहां पर उन्होंने जिलाधीश उना जतिन लाल के माध्यम से बांग्लादेश के दिल्ली में बैठे उप उच्चायुक्त को हिंदुओं की सुरक्षा किए जाने को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। हिंदू संगठन के लोगों ने जानकारी देते हुए बताया कि आज बांग्लादेश में शेख हसीना के तख्तापलट किए जाने के बाद वहां हिंदुओं के साथ लगातार अत्याचार हो रहा है। हिंदु मंदिरों को तोड़ा जा रहा है, हिंदुओं को मारा जा रहा है, उनके साथ बुरा सलूक किया जा रहा है, वहां पर हिंदू बेटियों  और महिलाओं की सुरक्षा  को लेकर हम चिंतित हैं । वहां पर तख्तापलट के बाद हिंदुओं और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है। बांग्लादेश में हिंदूओं के धन धर्म और उनके चरित्र को नष्ट किया जा रहा है। बांग्लादेश में लगातार हो रही हिंसा,बलात्कार,अपहरण, लूटपाट आगजनी और प्रमुख नागरिकों और संतो की गिरफ्तारी से समाज  क्षुब्द और आक्रोशित है, क्योंकि बांग्लादेश प्रशासन हिंदुओं को किसी भी प्रकार की सुरक्षा प्रदान नहीं कर रहा है, इसलिए हिंदू समुदाय एक अनाथ समाज की तरह बन गया है। इसलिए सब हिन्दू संगठनों ने बांग्लादेश में हिंदू समाज के समर्थन में इकट्ठे होकर जिलाधीश ऊना जतिन लाल को ज्ञापन सौंप कर हिंदुओं की सुरक्षा किए जाने की मांग की है। आज के इस प्रदर्शन में बड़ी संख्य में महिलाएं और अन्य धार्मिक संगठनों ने एक आवाज में बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा किए जाने की माग की।इस मौके पर वावा वाल जी महाराज,प्रसिद्ध समाजसेवी अविनाश कपिला ,सुमित शर्मा, प्रिंस राजपूत, बलवीर चौधरी, राजकुमार पठानिया, बजरंग दल से संजीव बजरंगी व अन्य हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे। वहीं जिलाधीश जतिन लाल ने बताया कि सनातन सभा की तरफ से हिंदुओं की सुरक्षा किए जाने को लेकर ज्ञापन मिला है जो राष्ट्रपति जी को  कार्रवाई के लिए आगे भेज दिया जाएगा।
  • शीतकालीन सत्र से पूर्व 830 करोड़ की ठेकेदारों की देनदारी दे राज्य सरकार: दविंदर भुट्टो

    शीतकालीन सत्र से पूर्व 830 करोड़ की ठेकेदारों की देनदारी दे राज्य सरकार: दविंदर भुट्टो

    ठेकेदारों ओर मजदूरों का निकल चुका है दिवालिया, दो वक्त की रोटी को मोहताज हैं मजदूर

    ऊना/ सुशील पंडित: राज्य की सुक्खू सरकार पहले 830 करोड़ रुपए जो ठेकेदारों की बकाया राशि है उनका भुगतान करें फिर धर्मशाला में शीतकालीन सत्र करें क्योंकि ठेकेदारों द्वारा अपने अपने कार्य पूर्ण करने पर बिल वाउचर लोकनिवि कार्यालय में जमा करवा दिए हैं। अब ठेकेदारों के 830 करोड़ के बिल वाऊचर ट्रेज़री में पड़े हैं, सरकार उनका भुगतान नहीं करवा रही है। यह बात कुटलैहड़ के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक दविंद्र भुट्टो ने बंगाणा में मीडिया से बात करते हुए कहे, उन्होंने सुक्खू सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सुक्खू सरकार के पास दो वर्षों के कार्यकाल का जश्न करवाने के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए हैं। लेकिन ठेकेदारों का 830 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया।

    भुट्टो ने कहा कि आज ठेकेदारों के पास लेवर को देने के लिए पैसे नहीं है। मजदूर आज दो वक्त की रोटी के लिए मोहताज हो रहे हैं, क्योंकि अगर ठेकेदारों को काम करने के पैसे सरकार से मिलेगे तो ठेकेदार अपने मजदूरों को मजदूरी देगी। भुट्टो ने कहा कि दो वर्षों के सुक्खू सरकार के कार्यकाल में राज्य के ठेकेदारों की ऐसी दुर्दशा हो चुकी है कि बैंक द्वारा लिए गए कर्ज से मशीनरी की किस्त नहीं जा रही है। ठेकेदार अपनी लेवर को मजदूरी नहीं दे पा रहे हैं।

    ठेकेदारों का दिवालिया निकल गया है। दविंद्र भुट्टो ने कहा कि जो ठेकेदारों के पास जमा पूंजी थी वह बिकास कार्यों पर जेब से खर्च करके बिकास कार्यों को पूरा किया है, ठेकेदारों को आस थी कि सरकार से उन्हें पूरा धन इक्कठा मिलेगा। लेकिन दो वर्षोंके कार्यकाल में राज्य की निकम्मी सरकार की वजह से हिमाचल प्रदेश के ठेकेदारों के 830 करोड़ रुपए सुक्खू सरकार निगल कर बैठी है।

    कई बार राज्य के ठेकेदार एसोशिएशन मुख्यमंत्री ओर लोकनिवि के मंत्री के साथ मिलकर अपनी समस्या से अवगत करवाया है, लेकिन फिर भी राज्य सरकार कुंभकर्णी नींद से नहीं जागी है। दविंदर भुट्टो ने कहा कि अगर राज्य सरकार ठेकेदारों की 830 करोड़ की देनदारी का भुगतान नहीं करेगी तो मजबूरन हमें धर्मशाला की शीतकालीन सत्र में सुक्खू सरकार के खिलाफ विधान सभा का घेराव करना पड़ेगा।

    दविंद्र भुट्टो ने कहा कि हर मुख्यमंत्री गरीब और आम आदमी की सरकार के ब्यान देकर जो राज्य की जनता के साथ छल कपट करके सुर्खियां बटोर रहे हैं, उनका भी जल्द भंडाफोड़ किया जाएगा।  दविंदर कुमार भुट्टो ने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि धर्मशाला के शीतकालीन सत्र से पूर्व ठेकेदारों के 830 करोड़ की देनदारी का राज्य सरकार भुगतान कर दे, नहीं तो धर्मशाला शीतकालीन सत्र में संयुक्त ठेकेदार सरकार का घेराव करेंगे। जिसकी जिम्मेदारी सरकार और मुख्यमंत्री की होगी।

  • बगीचों को कोहरे से कैसे बचाएं…बागवानी विभाग के उपनिदेशक ने सुझाए उपाय

    बगीचों को कोहरे से कैसे बचाएं…बागवानी विभाग के उपनिदेशक ने सुझाए उपाय

    ऊनासुशील पंडित: सर्दियों के मौसम में हिमाचल के मैदानी इलाकों में कोहरे का प्रकोप बगीचों और फसलों पर गंभीर असर डालता है। खासकर आम और पपीता जैसे फलदार पौधों के कोहरे की चपेट में आकर खराब होने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे किसानों और बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

    ऊना जिले के बागवानी विभाग के उपनिदेशक डॉ. के.के. भारद्वाज ने इस समस्या से निपटने के लिए बागवानों को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। डॉ. भारद्वाज बताते हैं कि कोहरे के कारण पौधों की कोशिकाएं फट जाती हैं, जिससे फल खराब हो जाते हैं और फूल झड़ने लगते हैं। यदि समय रहते उचित कदम न उठाए जाएं, तो इसका असर आने वाले वर्षों में भी देखा जा सकता है, जब पौधों की पैदावार घट जाती है या फसल बिल्कुल नहीं लगती। सब्जियों पर भी कोहरे का असर इतना गंभीर होता है कि कई बार पूरी फसल नष्ट हो जाती है।

    कोहरे के कारण पौधों को हो रहे नुकसान को रोकने के लिए डॉ. भारद्वाज ने सलाह दी कि 4-5 वर्ष तक के छोटी आयु के पौधों को घास या सरकंडे से ढक दें और उन्हें दक्षिण-पश्चिम दिशा से खुला रखा जाए, ताकि धूप और हवा का प्रवाह बना रहे। उन्होंने कहा कि कोहरा पड़ने की संभावना हो तो पौधों पर पानी का छिड़काव करें और बगीचे को सिंचित रखें। खाद प्रबंधन पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि सर्दियों में नाइट्रोजन खाद न डालें, बल्कि पौधों की सहनशक्ति बढ़ाने के लिए पोटाश की अनुशंसित मात्रा दें। नर्सरियों को कोहरे से बचाने के लिए घास या छायादार जाली से ढकने की सलाह दी गई है। फल पौधों की नर्सरियों को कोहरे से बचाने के लिए घास या छायादार जाली से ढकने को कहा गया है।

    वे बताते हैं कि यदि पौधे कोहरे से प्रभावित हो जाएं, तो फरवरी के अंत में नई कोंपलें आने से पहले प्रभावित टहनियों की छंटाई इस ढंग से करें कि सूखी टहनी के साथ-2 कुछ हरा भाग भी कट जाए। पौधों की काट-छांट के बाद कापर आक्सीक्लोराइड (3 ग्राम प्रति लीटर पानी में) का छिडकाव करें व कटे हुए भागों पर ब्लाइटॉक्स या बोर्डो पेस्ट (नीला थोथा 800 ग्राम $ चूना 1000 ग्राम/10 लीटर पानी में) का लेप लगाए। नई पत्तियों आने के 15 दिन बाद 0.5 प्रतिशत (5 ग्राम / लिटर पानी) यूरिया के घोल का छिड़काव करें।

    डॉ. भारद्वाज ने बागवानों से अपील की कि वे नए बगीचों की स्थापना के लिए अपने नजदीकी विषय विशेषज्ञ (बागवानी) या बागवानी विकास अधिकारी अथवा बागवानी विस्तार अधिकारी की सलाह लें। इसके साथ ही सरकार द्वारा चलाई जा रही पुनः गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के अन्तर्गत अपने फल-पौधों का बीमा करवाएं ताकि बागवानों को उपज में होने वाली संभावित क्षति से होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई की जा सके।

  • तेज रफ्तार Car ने साइकिल सवार को कुचला, मौत

    तेज रफ्तार Car ने साइकिल सवार को कुचला, मौत

    नई दिल्ली : तेज रफ्तार की वजह से एक व्यक्ति की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार जयपुर में मर्सिडीज कार सवार ने साइकिल पर जा रहे व्यक्ति को कुचल दिया। मृतक की पहचान मोहन गुर्जर (50) के तौर पर हुई है। यह हादसा जयपुर-सीकर हाईवे पर सोमवार सुबह 8 बजे का हरमाड़ा इलाके में हुआ है। कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि कार टक्कर के बाद बिजली पोल से टकराते हुए फार्म हाउस की दीवार में जा घुसी।

    SHO उदयभान ने बताया कि हादसा माधोनगर में रानीबाग गार्डन के पास हुआ। मर्सिडीज कार जयपुर-सीकर हाईवे पर सर्विस रोड पर चौमूं की ओर जा रही थी। कार ने लक्की फार्म हाउस से निकलकर जा रहे चौकीदार मोहन को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वह लहूलुहान हालत में सड़क पर गिर गया। पुलिस ने घायल को अस्पताल में दाखिल करवाया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त कार को कब्जे में ले लिया है और ड्राइवर की जानकारी जुटा रही है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि मोहन गुर्जर को टक्कर मारने के बाद कार एक बिजली के पोल से टकराते हुए फार्म हाउस की दीवार में घुस गई। कार के आगे का पूरा हिस्सा बिखर गया। टक्कर के बाद कार के आगे का पहिया निकल गया और जिस पोल से टकराई उसके भी चार टुकड़े हो गए। हादसे के बाद मर्सिडीज के एयरबैग खुलने से ड्राइवर की जान बच गई। कार के क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण वह उसमें फंस गया। इस बीच मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों की बढ़ती भीड़ को देखकर ड्राइवर फरार हो गया।

  • सर्दियों में इस फल का जूस पीने से होंगे ये 5 फायदे

    सर्दियों में इस फल का जूस पीने से होंगे ये 5 फायदे

    घर पर जूस बनाने की सीखें ये आसान रेसिपी

    Benefits Of Guava Juice : सर्दियों का मौसम सेहतमंद फलों और हरी सब्जियों का होता है। इनका सही तरीके से सेवन करने से कई स्वास्थ्य को कई लाभ मिलते हैं। सर्दियों में अमरूद का जूस पीना भी आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। आइए जानते हैं अमरूद के जूस के फायदे और इसे बनाने का आसान तरीका।

    1. इम्युनिटी बढ़ाने में मददगार

    सर्दियों में इम्युनिटी का मजबूत होना बहुत जरूरी है क्योंकि इस समय मौसमी बीमारियां बढ़ जाती हैं। अमरूद में विटामिन सी की भरपूर मात्रा होती है, जो आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। रोजाना अमरूद का जूस पीने से आपके शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है और आप संक्रमण से बचे रहते हैं। Know here the benefits of guava and its leaves.-यहां जानिए अमरूद और इसके पत्ते के फायदे। | HealthShots Hindi

    2. कब्ज से राहत दिलाए

    यदि आपको कब्ज की समस्या है, तो अमरूद का जूस आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। इसमें फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करता है। अमरूद का जूस पीने से पेट दर्द, गैस और सूजन जैसी समस्याएं भी कम होती हैं।

    3. त्वचा को बनाए मुलायम और चमकदार

    सर्दियों में त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है। अमरूद का जूस पीने से त्वचा को आवश्यक पोषण मिलता है, जिससे वह मुलायम और नमी भरी रहती है। इसके नियमित सेवन से चेहरे पर प्राकृतिक निखार आता है और त्वचा चमकदार बनती है। Amrud Kab Khana Chahiye,Skin Care Benefits Of Guava: अमरूद इस समय और इस विधि से खाने पर थम जाता है बुढ़ापे का असर, रोज अमरूद खाने के अनेक फायदे - skin care

    4. वजन कम करने में सहायक

    ठंड के दिनों में वजन बढ़ना आम समस्या होती है। अमरूद का जूस वजन कम करने में सहायक हो सकता है क्योंकि इसमें कैलोरी कम होती है और यह लंबे समय तक भूख नहीं लगने देता। अमरूद का जूस मेटाबॉलिज्म को भी तेज करता है, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है।  

    5. अमरूद का जूस बनाने का आसान तरीका

    • ताजे और पके हुए अमरूद लें और उन्हें छोटे टुकड़ों में काट लें।
    • एक मिक्सर में अमरूद के टुकड़े डालें और थोड़ा पानी मिलाएं।
    • स्वाद के लिए शहद डालें और अच्छी तरह मिक्स करें।
    • तैयार जूस को छान लें और पुदीना या काला नमक मिलाकर पिएं।
    • रोजाना अमरूद का जूस पीने से आप सर्दियों में तंदुरुस्त रह सकते हैं और इसका लाभ उठा सकते हैं।
  • Punjab News: 1 दिन पहले रखे नेपाली नौकर ने महिला को दी नशीली वस्तु, देखें CCTV

    Punjab News: 1 दिन पहले रखे नेपाली नौकर ने महिला को दी नशीली वस्तु, देखें CCTV

    साथियों संग मिलकर दिया घटना को अंजाम

    लुधियानाः शहीद भगत सिंह चौकी के अधीन आते इलाके में 1 दिन पहले घर पर रखे नेपाली नौकर ने वारदात को अंजाम दे दिया। दरअसल नौकर ने अपने 2 साथियों के साथ मिलकर एक घर में लूट की वारदात को अंजाम दिया। बदमाश ने घर की मालकिन बुजुर्ग महिला को संदिग्ध परिस्थितियों में बेसुध करके लूटा। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी के आधार पर मामले की जांच में जुटी है। पुलिस को जानकारी देते हुए बुजुर्ग महिला के दामाद अमरिंदर सिंह ने कहा कि उन्होंने वारदात से एक दिन पहले ही सूरज निवासी जिला दोटी नेपाल को काम पर रखा था। उसने अपने दो साथियों को बुलाकर उनकी बुजुर्ग सास को खाने में या कोई कुछ सुघा कर बेसुध कर दिया। इसके बाद बदमाश ने घर से सोने के गहने और नकदी चोरी कर ली। अमरिंदर सिंह ने जब पत्रकारों ने इस मामले संबंधी बात की तो उन्होंने अभी कुछ भी कहने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सास मां अस्पताल में दाखिल है। सूत्रों मुताबिक मिली जानकारी अनुसार नेपाली नौकर की पुलिस वेरीफिकेशन अभी हुई नहीं थी। महिला के साथ वह उसकी रिश्तेदारी में फरीदकोट गया था। इसके बाद जब वापस घर लौटी तो उसने अपने दो साथियों को बुलाकर उसे बेसुध करके घर को लूट लिया। लूट में क्या क्या सामान बदमाश ले गए इस बारे अभी कुछ पता नहीं चला। शहीद भगत सिंह चौकी इंचार्ज रविंदर कुमार मुताबिक मामले की जांच की जा रही है। जल्द आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
  • Jalandhar News: किसान आंदोलन पर सांसद चन्नी ने केंद्र पर साधा निशाना, देखें वीडियो

    Jalandhar News: किसान आंदोलन पर सांसद चन्नी ने केंद्र पर साधा निशाना, देखें वीडियो

    पंजाब की अर्थव्यवस्था और माहौल को खराब करना चाहती है BJP

    जालंधर, ENS: नगर निगम चुनावों को लेकर कांग्रेस के 33 नंबर वार्ड से उम्मीदवार के नामाकंन वापिस लिए जाने के मामले में कांग्रेस ने प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने नेताओं पर प्रशासन द्वारा दवाब बनाने के आरोप लगाए है। वहीं किसानों द्वारा लगातार खनौरी बॉर्डर और शंभू बॉर्डर पर लगाए गए धरने को लेकर कांग्रेस सासंद चरणजीत सिंह चन्नी ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए चन्नी ने कहा कि जगजीत डल्लेवाल आमरण अनशन पर बैठे हुए है, लेकिन भाजपा नेता कोई भी डल्लेवाल से मुलाकात करने और मसले का हल करने के लिए उनके पास खनौरी बॉर्डर नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि जगजीत डल्लेवाल जननायक की तरह उभर कर आए है और वह किसानी के लिए नहीं बल्कि पंजाब के लिए जंग लड़ रहे है। भूख हड़ताल पर बैठे डल्लेवाल को आज 21 दिन हो रहे है, लेकिन केंद्र सरकार डल्लेवाल की सार नहीं ले रही। चन्नी ने कहा कि किसानों ने 101 लोगों के पैदल जत्थे को दिल्ली के लिए तीन बार रवाना करने की कोशिश की गई, लेकिन तीनों पर उन्हें दिल्ली कूच करने से रोका गया। यह एक सोची समझी साजिश है, पंजाब की अर्थव्यवस्था को खराब करने के लिए, पंजाब का माहौल खराब करने के लिए भाजपा द्वारा यह हथकंडे अपनाए जा रहे है। केंद्र सरकार चाहती है कि किसान परेशान होकर सड़कों पर उतरे और आम जनता किसानों से परेशान हो। यह किसान बनाम आम जनता में लड़ाई करवाना चाहते है, लेकिन वह उसमें कामयाब नहीं होंगे। 33 नंबर वार्ड से कांग्रेस उम्मीदवार की फैक्टरी में जीएसटी और Taxation Department की रेड करवाई जा रही है। जिसके डर से उम्मीदवार द्वारा नामांकन वापिस लिए गए। वहीं उन्होंने कहा कि महिलाओं के खाते में अभी तक एक हजार रुपए नहीं डाले गए। पंजाब में कानून व्यवस्था की हालत बेहद खराब हो रही है। नशे के मुद्दे पर चन्नी ने कहाकि जल्द सभी नेता मिलकर नशे के खिलाफ अभियान की शुरुआत करने जा रहे है।
  • Ustad Zakir Hussain : सबसे कम उम्र में पद्मश्री से नवाजे जाने वाले कलाकार, जाने कब मिला खिताब,  देखें वीडियो

    Ustad Zakir Hussain : सबसे कम उम्र में पद्मश्री से नवाजे जाने वाले कलाकार, जाने कब मिला खिताब, देखें वीडियो

    नई दिल्ली : तबला वादक जाकिर हुसैन ने इस दुनिया को अलविदा कह चुके है। वह भारत देश के अनमोल रत्न थे। इस रत्न के चले जाने से दुनिया भर के कलाकार और फैंस दुखी है। वाह ताज’…शानदार अंदाज और तबले पर कमाल की धुन देने वाले ‘उस्ताद’ जाकिर हुसैन हर एक अंदाज में कमाल के थे। छह दशकों से जो तबले की थाप हम सुन रहे थे, वो अब नहीं सुनाई देगी।  उन्हें इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस नाम की बीमारी थी। बता दें कि देश के महान तबला वादक जाकिर हुसैन ने 73 वर्ष की आयु में दुनिया को अलविदा कह दिया। जाकिर हुसैन के करीबी साबिर ख़ान 21 सालों से उनके साथ सारंगी वादन कर रहे थे।

    उन्होंने भले ही दुनिया को अलविदा कह दिया हो मगर वह अपने इसी अंदाज के साथ फैंस के दिलों में जिंदा रहेंगे। इसमें कोई शक नहीं कि वर्सेटाइल जाकिर हुसैन के हिस्से में ढेरों उपलब्धियां थी। हुसैन सबसे कम उम्र में पद्मश्री (37) अपने नाम करने वाली शख्सियत में से एक थे। जाकिर हुसैन सबसे कम उम्र में पद्मश्री पाने वाली शख्सियत थे। भारतीय सरकार ने उस्ताद को 1988 में पद्मश्री सम्मान से नवाजा था। जानकारी के अनुसार पंडित रविशंकर ने जाकिर हुसैन को सबसे पहले ‘उस्ताद’ कहकर पुकारा था। जाकिर हुसैन ने एक्टिंग में भी खुद को आजमाया था।

    1983 में रिलीज हुई फिल्म ‘हीट एंड डस्ट’ से एक्टिंग में अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी, जिसमें उन्होंने एक मकान मालिक का किरदार निभाया था। फिल्म ‘साज’ में जाकिर हुसैन ने शबाना आजमी के साथ काम किया था। फिल्म 1998 में रिलीज हुई थी। इसके बाद हुसैन फिल्म ‘द परफेक्ट मर्डर’ में नजर आए थे। जाकिर हुसैन को उनके अट्रैक्टिव लुक्स की वजह से काफी पसंद किया जाता था। जाकिर हुसैन ने ‘बावर्ची’, ‘सत्यम शिवम सुंदरम’, ‘हीर-रांझा’ जैसी फिल्मों के संगीत में भी अपना जादू चलाया था। उस्ताद हुसैन ने इसी साल रिलीज देव पटेल की फिल्म ‘मंकी मैन’ में भी काम किया था। फिल्म में जाकिर हुसैन ने एक तबला वादक का रोल निभाया था