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  • जिला ऊना में 417 ने लगवाया रुफ टॉप सोलर प्लांट, मिली 5.40 करोड़ रुपए सब्सिडी

    जिला ऊना में 417 ने लगवाया रुफ टॉप सोलर प्लांट, मिली 5.40 करोड़ रुपए सब्सिडी

    ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा दे रही सरकार, खत्म होने वाले प्राकृतिक संसाधनों का दोहन होगा कम 

    ऊना/सुशील पंडित: हिमाचल प्रदेश को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त ऊर्जा का केंद्र बनाने के लिए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार रूफ टॉप सोलर प्लांट लगाने को प्रोत्साहित कर रही है। इस योजना के तहत जिला ऊना में 417 व्यक्तियों ने सौर ऊर्जा विभाग की मदद से रूफ टॉप सोलर प्लांट लगवाया है। इससे जहां वह अपने घर की छत्त पर बिजली की उत्पादन कर रहे हैं, वहीं सरकार प्लांट लगाने के लिए उन्हें सब्सिडी भी प्राप्त हुई है। 
    इस योजना के लाभार्थी लोअर देहलां निवासी हरिओम ने बताया कि जब से घर में 3 किलो वाट का सोलर पैनल लगा है, तब से बिजली के बिल से काफी राहत मिली है। इससे पहले 1500 रूपये तक घर का बिल आता था, लेकिन सोलर पैनल स्थापित करने के बाद अब घर का बिल शून्य आ रहा है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर का आभार व्यक्त किया है।
    वहीं लोअर बहडाला निवासी महेश शारदा बताते हैं कि 7 किलोवाट का रूफ टॉप सोलर प्लांट लगाया है तथा अब घर का बिल जीरो आ रहा है। इससे पूर्व प्रति माह लगभग 5 हज़ार रूपये तक बिल आता था। उन्होंने बताया कि वह सरकार को भी इस सोलर प्लांट के माध्यम से बिजली देते हैं, जिससे अर्जित आय सीधे बैंक खाते में आती है। उन्होंने कहा कि सोलर पॉवर प्लांट की ये स्कीम काफी फायदेमंद है, जिससे अनेकों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने सरकार द्वारा संचालित रूफ टॉप सोलर प्लांट योजना के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार का धन्यवाद किया।
    अप्पर बसाल के ज्ञान चंद भी रुफ टॉप सोलर प्लांट योजना से लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने बताया कि नौ माह पहले 3 किलोवाट का सोलर पैनल लगाया था तथा इस योजना के तहत सरकार ने सब्सिडी भी प्रदान की गई है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर का धन्यवाद किया।
    घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एक किलोवाट से तीन किलोवाट तक रूफ टॉप पावर प्लांट लगाने के लिए कुल 50 हजार रुपये प्रति किलोवाट खर्च आता है, जबकि तीन से 10 किलोवाट तक कुल 48,600 रुपये प्रति किलोवाट चुकाने होते हैं। 
    सरकार से मिलती है सब्सिडी
    परियोजना अधिकारी हिम ऊर्जा ऊना सोहन सिंह ने बताया कि सरकार ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है, ताकि प्रदूषण को खत्म किया जा सके और खत्म होने वाले प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में घरेलू सोलर पैनल के लिए तीन किलोवाट के प्लांट पर 40 प्रतिशत अुनदान तथा 3 से अधिक व 10 किलोवाट क्षमता वाले सोलर पॉवर प्लांट के लिए 20 प्रतिशत तक का अनुदान केंद्र सरकार के माध्यम से दिया जाता है। सोहन सिंह ने बताया कि गत चार वर्षों में केंद्र व प्रदेश सरकार के माध्यम से 417 उपभोक्ताओं को 5.40 करोड़ रूपये की सब्सिडी प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति घरों की छत्त पर सोलर प्लांट लगाने के इच्छुक हैं वह सौर ऊर्जा विभाग के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
  • ऊना में होगा राज्य स्तरीय ओलंपिक खेलों का आयोजन: वीरेंद्र कंवर

    ऊना में होगा राज्य स्तरीय ओलंपिक खेलों का आयोजन: वीरेंद्र कंवर

    ऊना/सुशील पंडित: हिमाचल प्रदेश की राज्य स्तरीय ओलंपिक खेलों का आयोजन जिला मुख्यालय ऊना में किया जाएगा जिसमें प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से लगभग 2000 खिलाड़ी भाग लेंगे। इस राज्य स्तरीय खेल आयोजन में कबड्डी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल हॉकी खो खो शूटिंग, रेसलिंग, बॉक्सिंग, ताइक्वांडो तथा एथलेटिक्स सहित करीब 15 खेल गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। यह जानकारी ग्रामीण विकास, पंचायती राज कृषि, पशुपालन तथा मतसय विभाग मंत्री वीरेंद्र कंवर ने इस संबंध में आयोजित बैठक के दौरान दी। उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय ओलंपिक खेलों का आयोजन संभवत अगस्त माह के अंतिम सप्ताह में आरंभ होगा तथा 5 दिन तक चलेगा। उन्होंने बताया कि आयोजन से संबंधित सभी व्यवस्थाओं तथा रूप रेखाओं को अंतिम रूप देने के लिए शीघ्र ही एक और बैठक आयोजित की जाएगी जिसमें आयोजन की तिथियों तथा आयोजन से संबंधित विभिन्न समितियों व उप समितियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। 

    बैठक में आयोजन से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं के अलावा खिलाड़ियों के ठहरने व प्रायोजन के विषय में भी विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर ग्रामीण विकास, पंचायती राज, कृषि, पशुपालन तथा मत्स्य विभाग मंत्री व ओलिंपिक संघ के प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र कंवर, हिमाचल प्रदेश राज्य छठे वितायोग के अध्यक्ष व सरंक्षक हॉकी हिमाचल सतपाल सत्ती, उपायुक्त ऊना राघव शर्मा, हिमाचल प्रदेश ओलंपिक संघ के महा सचिव राजेश भंडारी, कोषाध्यक्ष तेज प्रकाश चोपड़ा, सहायक सचिव संतोष कुमार व कार्यकारी सदस्य विनोद कुमार, उना जिला बॉक्सिंग संघ के अध्यक्ष बलवंत ठाकुर,  ऊना जिला हैंडबॉल संघ के अध्यक्ष राजेश शर्मा, ऊना जिला खो-खो संघ के महासचिव प्रवीण कुमार, उद्योग विभाग के संयुक्त निदेशक अंशुल धीमान, जिला खेल अधिकारी ऊना कुलदीप शर्मा, सहित अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।

  • पंजाबः कंटेनर से 350 करोड़ रुपए की हेरोइन बरामद

    पंजाबः कंटेनर से 350 करोड़ रुपए की हेरोइन बरामद

    चंडीगढ़ः पंजाब सरकार की ओर से नशे के खिलाफ जारी की गई मुहिम में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पंजाब पुलिस ने गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर बिना सिले कपड़ों के कंटेनर में हेरोइन की बड़ी खेप बरामद की है। गुजरात के कच्छ जिले के मुंद्रा बन्दरगाह से एक कंटेनर से बरामद की गई 75 किलो हेरोइन की कीमत 350 करोड़ रुपए बताई जा रही है।

    गुप्त सूचना के आधार पर एटीएस ने एक कंटेनर की तलाशी के दौरान उक्त हेरोइन बरामद हुई है। इस मामले की जानकारी देते हुए डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि पंजाब पुलिस और गुजरात पुलिस के ज्वाइंट आप्रेशन के साथ मिलकर पुलिस ने 75 किलो हेरोइन बरामद की है।

    दुबई से गुजरात पहुंचा था कपड़े का कंटेनर

    शुरूआती जांच के मुताबिक दुबई के जुवेल अली बंदरगाह से यह कंटेनर आया था। जिसमें हेरोइन होने के बारे में पंजाब पुलिस को इनपुट मिल गया। इसके बाद गुजरात की एटीएस के साथ तालमेल कर वहां चेकिंग की गई। जिसके बाद हेरोइन बरामद हो गई। इसे कपड़े में छुपाकर लाया गया था।

    गुजरात की एटीएस टीम के साथ मिलकर की कार्रवाई 

    पंजाब पुलिस को मिले इनपुट पर पंजाब पुलिस ने गुजरात की एटीएस टीम के साथ मिलकर यह कार्रवाई की। डीजीपी ने बताया कि उनको सूचना मिली थी कि यह खेप पंजाब के किसी बड़े नशा कारोबारी द्वारा बुक करवाई गई थी, जिस संबंध में पुलिस छानबीन में जुट गई। ताकि यह पता लगाया जा सके कि पंजाब के कौन-कौन से बड़े नशा तस्कर इसमें संलिप्त हैं।  

  • कार्मल कॉन्वेंट स्कूल के बाद अब डिस्पेंसरी में गिरा 30 फुट ऊंचा पेड़

    कार्मल कॉन्वेंट स्कूल के बाद अब डिस्पेंसरी में गिरा 30 फुट ऊंचा पेड़

    चंडीगढ़ः सेक्टर 47 स्थित आयुष के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (डिस्पेंसरी) में आज नीम के पेड़ गिरने का मामला सामने आया है। हालांकि बारिश के कारण इस पेड़ के गिरने से कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। इस मैदान में रोजाना सुबह 20 से 25 लोग योग करते हैं। लेकिन बारिश के कारण किसी के आज मैदान में ना आने से हादसा टल गया। मिली जानकारी के मुताबिक सुबह 7 बजे यह घटना घटी। सेंटर के पीछे खाली जगह पर पेड़ लगा हुआ था। करीब 30 से 35 फीट ऊंचा और भारी भरकम पेड़ अचानक नीचे आ गिरा। इसके गिरने के दौरान कोई व्यक्ति इसके आसपास नहीं था।

    बारिश के कारण टला हादसा

    जानकारी देते हुए आयुष सेंटर की डॉक्टर दिलप्रीत कौर ने बताया कि सुबह के समय यह घटना हुई। जिस जगह पेड़ गिरा, वहां पर दिन के समय लोग योग करते हैं। आज सुबह बारिश के चलते जगह गीली थी। ऐसे में लोग नहीं आए थे। घटना की जानकारी सुबह ही चंडीगढ़ प्रशासन के हॉर्टिकल्चर विभाग को दे दी गई थी। हालांकि दोपहर डेढ़ बजे के लगभग हॉर्टिकल्चर विभाग के कर्मी पेड़ को हटाने के लिए पहुंचे। वार्ड नंबर 21 में यह डिस्पेंसरी आती है।

    एक्सईएन को दी थी जानकारी, अफसर नहीं करते कार्रवाईः पार्षद जसबीर

    इस मामले को लेकर वार्ड के पार्षद जसबीर सिंह लाडी का कहना है कि बीते रोज उन्होंने अपने वार्ड में खतरा बने कई पेड़ों की जानकारी प्रशासन के एक्सईएन को दी थी। हालांकि मामले में प्रशासन के अफसरों का रवैया काफी हैरान करने वाला होता है। वार्ड का चुना हुआ नुमाइंदा होने के नाते लोग उनके पास शिकायतें लेकर आते हैं, मगर अफसर कार्रवाई नहीं करते। हाल ही में कार्मल कॉन्वेंट स्कूल में हुआ हादसा गवाह है, जिसने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया।

  • टोल प्लाजा विवाद की सच्चाई आई सामने, द ग्रेट खली ने किया अहम खुलासा

    टोल प्लाजा विवाद की सच्चाई आई सामने, द ग्रेट खली ने किया अहम खुलासा

    चंडीगढ़ः टोल प्लाजा पर हुए विवाद को लेकर दे ग्रेट खली सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल हो रहे है। इस हंगामे के बाद खली ने वीडियो जारी किया है। खली ने कहा कि, पूरा विवाद फोटो खिंचवाने को लेकर हुआ है। टोल के कर्मचारियों ने मेरे साथ बदतमीजी की। उन्होंने कहा कि टोल के ठेकेदार इन कर्मचारियों पर एक्शन ले ताकि आगे से किसी सेलिब्रिटी के साथ ऐसी घटना न हो। 

    फोटो खिचवाने को लेकर हुआ विवादः खली

    खली ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुआ कहा कि सारा विवाद फोटो खिंचवाने को लेकर हुआ है। टोल कर्मी उनसे कहने लगे की आप गाड़ी से नीचे उतरो और सबके साथ फोटो खिंचवाओ तभी आपको जाने दिया जाएगा। वहीं खली ने कहा टोल कर्मियों ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जिस पर लोग तरह तरह के कमेंट कर रहे हैं। खली ने कहा कि उनसे टोल कर्मियों ने बदतमीजी की है। मैं चाहता हूं उनके खिलाफ एक्शन लिया जाए।

    जानें क्या है मामला

    बता दें कि जालंधर से करनाल जाते समय मशहूर रेसलर द ग्रेट खली टोल कर्मियों से भिड़ गए। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में खली टोल कर्मियों पर ब्लैकमेल करने का आरोप लगा रहे हैं। वहीं टोलकर्मी उनपर उनके एक साथी को थप्पड मारने का आरोप लगा रहे हैं। वहीं इसी दौरान एक टोलकर्मी उन्हें बंदर भी कहता हुआ सुनाई दे रहा है। ये वीडियों फिल्लौर के पास एक टोल प्लाजा का है।

    आईकार्ड दिखाने को कहा, खली ने मारा थप्पड़ः टोल कर्मचारी

    टोल कर्मियों का कहना है कि एक कर्मचारी ने उनसे आईकार्ड दिखाने को कहा। यह सुनकर खली ने उसे थप्पड़ मार दिया। जिसके बाद टोलकर्मियों ने खली की कार घेर ली। उन्होंने कहा कि खली ने गलत किया। बता दें कि वीडियो में खली और टोलकर्मी उलझते हुए दिख रहे हैं। खली एक टोल कर्मी को बाजू से खींच कर हटाते हुए भी दिख रहे है। वहीं एक टोल कर्मी ने उन्हें बंदर कह दिया।

  • जालंधरः जीएसटी विभाग की फोकल प्वाइंट में रेड

    जालंधरः जीएसटी विभाग की फोकल प्वाइंट में रेड

    जालंधर, (वरुण): महानगर में जीसएटी विभाग की टीम ने फोकल प्वाइंट में दो फर्मों पर रेड की है। मिली जानकारी के मुताबिक विभाग ने वॉल्व बनाने वाली कंपनी की दो फर्मों पर छापेमारी की है। बताया जा रहा है कि यह छापेमारी पंजाब के टैक्सेशन कमिश्नर केके यादव और डिप्टी कमिश्नर ऑफ स्टेट टैक्स परमजीत सिंह के आदेश पर एसीएसटी शुभि आंगरा के की है। शुभि आंगरा ने बताया कि विभाग के ईटीओ पवन कुमार सहित उनकी टीम ने फोकल प्वाइंट में अपैक्स पाइपिंग सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड और न्यू मैन वॉल्व इंडस्ट्री में छापेमारी की।

    अपैक्स पाइपिंग में कंपनी वाले वॉल्व तैयार करते हैं जबकि न्यू मैन वॉल्व इंडस्ट्री में इसकी ट्रेडिंग की जाती है। उन्होंने कहा कि विभाग को शिकायत मिली थीं कि वॉल्व में गनमैटल और पीतल का इस्तेमाल होता है जिस पर जीएसटी की 18 प्रतिशत दर लगती है। उन्होंने कहा कि ऐसी संभावना है कि कारोबार के दौरान टैक्स की चोरी की जाती होगी इसीलिए विभाग की टीम ने कंपनी के दस्तावेजों की जांच की है।

    इसके अलावा कर्मचारियों के वेतन का रिकॉर्ड जांचने के अलावा, कम्प्यूटर रिकॉर्ड, मोबाइल डाटा, सेल परचेज भी अच्छी तरह से खंगाली और जो भी दस्तावेज संदिग्ध लगे उसे विभाग की टीम अपने साथ ले गई। अब विभाग की टीम दस्तावेजों की जांच- पड़ताल करेगी ताकि कंपनी पर बनता टैक्स, पैनल्टी और ब्याज लगाया जा सके। आज छापामारी के दौरान इंस्पैक्टर कावेरी शर्मा, इंस्पैक्टर शिवदयाल, इंस्पैक्टर इंद्रवीर सिंह, इंस्पैक्टर योगेश मित्तल और सिमरनप्रीत भी मौजूद थे।

  • Saini Associate के खिलाफ विजीलैंस के पास पहुंची शिकायत, निगम की जांच पूरी, फैसला पैडिंग

    Saini Associate के खिलाफ विजीलैंस के पास पहुंची शिकायत, निगम की जांच पूरी, फैसला पैडिंग

    जालंधर/अनिल वर्मा। जालन्धर बिल्डंग विभाग में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्लाटों की एनओसी हासिल करने वाले गुरजेपाल नगर के सैनी एसोसिएट की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई है। इस मामले में विजीलैंस को शिकायत दी गई है जिसमें दोनो रजिस्ट्रयां तथा अन्य दस्तावेज लगाए गए हैं जिनके आधार पर सुभाना स्थित तीन मरले प्लाट की एनओसी हासिल की गई थी। इस मामले का खुलासा होने के बाद मेयर जगदीश राजा ने मामले की जांच के लिए ज्वाईंट कमिशनर गुरिंदर कौर रंधावा को कहा था। मामले में एसटीपी मोनिका आनंद तथा एसटीप परमपाल सिंह को शामिल कर आरोपी सैनी एसोसिएट के इंजीनियर पवित्र सैनी तथा वडाला चौक की सोफिया आर्किटैक्ट को ब्यान देने के लिए तलब किया गया था।

    सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार सैनी एसोसिएट द्वारा सारा दोष प्राप्टी मालिक मंजीत कुमार पुत्र राम लुभाया वासी 160 गली नंबर 4 वार्ड नंबर 13 काकी पिंड पर मढ़ दिया। ब्यानों में दावा किया है कि जो भी टैंपरिंग की गई उसने नहीं की बल्कि जो दस्तावेज उसे प्राप्टी मालिक की ओर से दिए गए वहीं इ नक्शा पोर्टल पर अपलोड किए गए। जबकि एनकांऊटर न्यूज से बातचीत दौरान प्राप्टी मालिक मंजीत कुमार ने कहा कि उसके साथ आर्किटैक्ट ने धौखा किया है जबकि उसने उसे 2020 की असली रजिस्ट्री के दस्तावेज दिए थे और एनओसी दिलवाने के एवज में 67 हजार रुपये लिए गए जिसके सारे प्रूफ उसके पास है। सैनी एसोसिएट के लालची स्वभाव के कारण उससे नक्शा पास करवाने की बजाए वडाला चौंक स्थित सोफिया आर्किटैक्ट को फाईल दी गई जिसमें सैनी एसोसिएट द्वारा दिलवाई गई एनओसी भी दी गई थी मगर सैनी एसोसिएट की चालाकी तथा धौखाबाजी के कारण उसका नुक्सान हुआ।

    जांच अधिकारियों की ओर से प्राप्टी मालिक मंजीत कुमार के भी ब्यान कलमबद्ध कर लिए गए हैं और जांच लगभग पूरी हो चुकी है। अब इस मामले मे नए तैनात हुए कमिशनर दविंदर सिंह ने फैसला सुनाना है। फर्जी दस्तावेज देकर सैनी एसोसिएट की ओर से सरकार के साथ जालसाजी की गई है और सरकारी लाभ भी लिया जा चुका है। निगम कमिशनर इस मामले सैनी एसोसिएट का लाईसैंस डिसमिस कर सकते हैं।

    वहीं इसी मामले में शिकायतकर्ता ने विजीलैंस विभाग को शिकायत दी है और दोषी के खिलाफ सख्त कारवाई की मांग गई है।

  • रिश्वत के मामले में बिजली विभाग का जेई गिरफ्तार

    रिश्वत के मामले में बिजली विभाग का जेई गिरफ्तार

    चंडीगढ़ः सीबीआई ने यूटी प्रशासन के बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर सतीश कुमार (40) को 8 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। वहीं सीबीआई ने उसके सेक्टर 28 बिजली रकम स्थित घर पर रेड भी की है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, सतीश कुमार सेक्टर 40 के इलेक्ट्रिसिटी ऑफिस में कार्यरत था। किसी व्यक्ति के सरकारी काम को करने के लिए ही सतीश रिश्वत की मांग कर रहा था। शिकायतकर्ता ने रिश्वत की मांग की जानकारी सीबीआई को दी।

    सीबीआई ने रेड करके आरोपी को रंगे हाथों दबोचा। आरोपी को आज चंडीगढ़ जिला अदालत सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा। इससे पहले सीबीआई ने बीते 26 मई को सेक्टर 38 के फायर स्टेशन में अफसर सुरजीत सिंह को 30 हजार रुपए रिश्वत लेते दबोचा था।

  • पंजाबः जनरल कैटेगिरी में सिर्फ इन परिवारों को मिलेगी मुफ्त बिजली

    पंजाबः जनरल कैटेगिरी में सिर्फ इन परिवारों को मिलेगी मुफ्त बिजली

    चंडीगढ़ः पंजाब में एक जुलाई से हर बिल में 600 यूनिट मुफ्त बिजली स्कीम में सरकार ने कुछ शर्तें हटा दी हैं। जिसके बाद जनरल कैटेगरी के सिर्फ गरीबी रेखा से नीचे (BPL) परिवारों को ही हर हाल में 600 यूनिट मुफ्त मिलेंगी। वहीं एससी, बीसी और फ्रीडम फाइटर फैमिली को हर बिल में 600 यूनिट बिजली मुफ्त मिलेगी। इस बाबत सरकार ने बिजली विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र भेज दिया है।

    मुफ्त बिजली स्कीम में यह था वादा

    आम आदमी पार्टी ने चुनाव के वक्त वादा किया था कि सरकार बनी तो हर घर को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली देंगे। सरकार बनी तो इसे एक जुलाई से लागू कर दिया गया। हालांकि इसमें कुछ संशोधन किया गया है। पंजाब में 2 महीने में बिल बनता है, इसलिए हर बिल में 600 यूनिट मुफ्त मिलेगी।

    सरकार की पहले यह थी शर्तें

    असल में पहले सरकार ने कहा था कि पंजाब में हर वर्ग के 1 किलोवाट कनेक्शन को 600 यूनिट बिजली पूरी तरह मुफ्त रहेगी। इससे ज्यादा बिल आया तो लोगों को अतिरिक्त यूनिट का ही बिल देना होगा। अगर कनेक्शन एक किलोवाट से ज्यादा है तो फिर 600 से ज्यादा यूनिट खर्च होने पर उन्हें पूरा बिल चुकाना होगा। इसमें हर तरह की कैटेगरी को शामिल किया गया था। सरकार के शर्तें हटाने के बाद अब पंजाब में अनुसूचित जाति (SC), पिछड़ी श्रेणी (BC) और फ्रीडम फाइटर को फायदा होगा। उनका कनेक्शन चाहे जितने भी किलोवाट का हो, उन्हें हर हाल में 600 यूनिट बिजली मुफ्त मिलेगी। उन्हें अतिरिक्त यूनिट का बिल देना होगा।

    जनरल कैटेगरी को लगा झटका

    आप सरकार का यह फैसला जनरल कैटेगरी के लिए झटका है। जनरल कैटेगरी के बीपीएल परिवारों को ही 600 यूनिट हर हाल में माफ होंगी। उन्हें इसके अतिरिक्त यूनिट का बिल देना होगा। हालांकि जो बीपीएल कार्ड होल्डर नहीं हैं, उन्हें अब 600 से ज्यादा होने पर पूरा बिल चुकाना होगा।

  • प्रताप बाग के समीप जिस दुकान को निगम ने सील किया, अब वहां दूसरी मंजिल पर डाल दिया गया लैंटर

    प्रताप बाग के समीप जिस दुकान को निगम ने सील किया, अब वहां दूसरी मंजिल पर डाल दिया गया लैंटर

    एटीपी तथा इंस्पैक्टर की गैरजिम्मेदारी के कारण प्रताप बाग रोड पर चार जगह चल रहा अवैध निर्माण, कमिशनर के पास पहुंचा मामला 

    जालंधर/अनिल वर्मा। बिल्डिंग विभाग के सैक्टर 8 में तैनात हुए नए बिल्डंग इंस्पैक्टर निर्मलजीत वर्मा तथा एटीपी वजीर राज सिंह की लापरवाही के कारण इस सैक्टर में लगातार अवैध निर्माण जोरों पर चल रहे हैं यह इलाका अवैध इमारतों को लेकर पहले भी कई बार चर्चा में रहा है जब यहां पूर्व बिल्डिंग इंस्पैकटर हरप्रीत कौर तथा एटीपी रजिंदर शर्मा को तैनात किया गया था उस दौरान इस सैक्टर में 70 से 80 नाजायज कारोबारी इमारतें बननी शुरु हुई जिसमें फगवाड़ा गेट की एक मार्किट भी खूब विवादों में घिर गई थी जिसमें 34 अवैध दुकाने थी जोकि पूर्व एटीपी रजिंदर शर्मा तथा बिल्डिंग इंस्पैकटर हरप्रीत कौर के गैरजिम्मेदाराना रवैये के कारण बनी थी इन सभी नाजायज इमारतों के एवज में सरकार के खजाने में कोई भी पैसा नहीं जमा हुआ बहरहाल प्रताप बाग के समीप शंकर सैनिटेशन में हुए अवैध निर्माण को लेकर खुद पूर्व विधायक रजिंदर बेरी ने निगम कमिशनर को शिकायत की थी जिसके बाद तत्कालीन कमिशनर करनेश शर्मा के आदेशों के बाद उक्त इमारत को सील कर दिया गया था मगर यह सील कुछ ही घंटे लगी रही इसे प्राप्टी मालिक की ओर से तोड़ कर निगम कमिशनर को सीधेतौर चैलेंज किया गया था जिसके बाद दोबारा इस प्राप्टी को सील नहीं किया गया।

    अब पूर्व एटीपी रजिंदर शर्मा को सरकार ने भ्रष्टाचार के केस में आरोपी बनाते हुए डिमोट कर बिल्डंग इंस्पैकटर बना दिया है। इस सैक्टर का चार्ज अब एटीपी वजीर राज सिहं तथा बिल्डिंग इंस्पैक्टर निर्मलजीत वर्मा के पास है। इन दोनो ने भी अभी तक इस सैक्टर में चल रहे अवैध निर्माणों को चैक नहीं किया। ताजा मामलों अनुसार शंकर सैनिटेशन की दूसरी मंजिल को भी कवर कर लैंटर डाल लिया गया और गुरु रामदास स्वीट्स के आसपास सरेआम कई अवैध निर्माण चल रहे है। मिली जानकारी अनुसार गुरु रामदास स्वीट्स की ओर से साथ लगती दुकान को खरीदकर पुरानी दुकान के साथ मिलाया जा रहा और दो मंजिलों का लैंटर डाला जाएगा जिसका नक्शा बिल्डंग विभाग से पास नहीं है । बता दें कि इसी रोड पर स्थित भल्ला फ्लैक्स की इमारत को निगम ने सील किया हुआ है आरोप है कि भल्ला फ्लैक्स की ओर से किए गए नए निर्माण का निगम की ओर से नक्शा पास नहीं करवाया गया था जिसके बाद विभाग ने पहली मंजिल को सील कर दिया है मगर इसी इमारत के चंद कदमों की दूरी पर भी गुरु रामदास स्वीट्स की ओर से दो मंजिला नया निर्माण किया गया था मगर यहां निगम के अधिकार क्यों मौन रहे इस बात को लेकर यहां खूब चर्चा है कि जो “डील” गुप्त रखता है उसे बिल्डिंग विभाग कुछ नहीं कहता जो “डील” को सार्वजनिक करता है उसकी इमारत को सील कर दिया जाता है। इस मामले में एटीपी वजीर राज सिहं को फोन किया मगर उन्होने रसीव नहीं किया।