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  • पंजाब: कोटन फैक्ट्री में लगी भयानक आग, लाखों का समान जलकर हुआ राख

    मुक्तसरः मलोट के मुक्तसर रोड पर स्थित मक्कड़ कोटन फैक्ट्री में भीषण आग लगने से रुई की लगभग 140 गांठें जल कर राख हो गईं। फैक्ट्री मालिक सुरिंदर सिंह के मुताबिक उसका तकरीबन 35 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। आग रविवार की सुबह 5 बजे लगी। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। उधर आग लगने की सूचना मिलने पर दमकल विभाग के कर्मचारी गाड़ियां लेकर पहुंचे। जिन्होंने बड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

    सब फायर ऑफिसर हरदीप सिंह ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलने पर वह टीम के साथ पानी की गाड़ी लेकर मौके पर पहुंचे। आग ज्यादा होने पर एक और गाड़ी मंगवानी पड़ी। काफी मशक्कत करने के बाद आग पर काबू पाया गया। फैक्ट्री के मालिक सुरिंदर सिंह ने बताया कि वह नरमे की खरीद कर रुई तैयार करते हैं। फिर इसको आगे बेचा जाता है। फैक्ट्री में कर्मचारी काम कर रहे थे तो अचानक आग लग गई। धीरे-धीरे आग काफी भड़क उठी और भीषण रूप धारण कर लिया।

    कर्मचारियों ने आग की सूचना उसे दी जिसके बाद वह तुरंत फैक्ट्री में पहुंचा और दमकल कर्मियों को सूचित किया जिन्होंने आकर आग को बुझाया। उन्होंने बताया कि आग लगने से उसकी 135 से 140 रूई की गांठें जल कर राख हो गई हैं। इस कारण उसका करीब 35 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।

  • करणी सेना अध्यक्ष की ह’त्या के मामले में शूटर्स समेत 3 गिरफ्तार, देखें वीडियो

    स्पेशल CP रवींद्र सिंह यादव ने किया खुलासा 

    चंडीगढ़ : राजस्थान में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या में शामिल दोनों शूटर्स समेत 3 को राजस्थान पुलिस और दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने चंडीगढ़ सेक्टर 22 A के होटल से गिरफ्तार किया है। आरोपियों का नाम रोहित राठौर और नितिन फौजी है, जबकि तीसरे का नाम उधम है। उधम वही शख्स है, जो फरारी के दौरान इनके साथ था। 
    स्पेशल CP रवींद्र सिंह यादव ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि वारदात के बाद से ही पुलिस इनके पीछे लगी हुई थी। जैसे ही पुलिस को इनके चंडीगढ़ में छिपे होने का पता जो टीम रात को ही यहां पहुंच गई और आधे घंटे में उन्हें होटल से दबोच लिया। आरोपियों के पास से मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच तीनों को लेकर दिल्ली पहुंच गई है। पुलिस की टीम सभी को जयपुर लेकर जाएगी।

    सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की जयपुर में उनके आवास पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पूरी वारदात में कुल 17 बार फायरिंग की गई थी। दिल्ली और राजस्थान पुलिस को इन हत्यारों की लोकेशन से चंडीगढ़ में छिपे होने का पता चला है। शूटर्स ने हत्या करने के बाद हथियारों को छुपा दिया था, ताकि भागते समय ट्रेन या बस में चेकिंग के समय न पकड़े जा सकें। आरोपी पुलिस को उस जगह पर ले जाकर हथियार भी बरामद करवा सकते हैं। आरोपी शूटर्स फरारी के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे थे। पुलिस आरोपियों तक टेक्निकल सर्विलांस के जरिए पहुंची।

    जब पुलिस आरोपियों के पास पहुंची तो तीनों साथ थे, जिसके बाद इनको गिरफ्तार किया गया। शूटर्स गैंगस्टर रोहित गोदारा के राइट हैंड वीरेंद्र चौहान और दानाराम के संपर्क में थे। वीरेंद्र चौहान और दानाराम के इशारे पर हत्या को अंजाम दिया गया था। हत्या करने के बाद दोनों शूटर्स वीरेंद्र चौहान और दानाराम से लगातार बात कर रहे थे। पुलिस से छिपने के लिए आरोपी मनाली पहुंच गए। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक सुखदेव सिंह की हत्या करने के बाद आरोपी सबसे पहले ट्रेन से हिसार गए। हिसार पहुंचकर बस से मनाली के लिए निकल गए। उधम के साथ मनाली से मंडी और फिर चंडीगढ़ आ गए। चंडीगढ़ में होटल में रुके, जहां से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

  • पंजाबः राज्य फार्मेसी काउंसिल का पूर्व रजिस्ट्रार और अधीक्षक गिरफ्तार

    चंडीगढ़ः पंजाब विजिलेंस ब्यूरो (वीबी) ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने जोरदार अभियान के दौरान, पंजाब राज्य फार्मेसी काउंसिल (पीएसपीसी) में एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया है और 2 पूर्व रजिस्ट्रार और एक अधीक्षक को भ्रष्टाचार में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया है। कथित तौर पर निजी स्वामित्व वाले फार्मेसी संस्थानों के सहयोग से फार्मासिस्टों के पंजीकरण और प्रमाणपत्र जारी करने से संबंधित गंभीर अनियमितताएं। आज शनिवार को खुलासा करते हुए राज्य वीबी के एक प्रवक्ता ने कहा है कि गिरफ्तार किए गए व्यक्ति परवीन कुमार भारद्वाज, डॉ. तेजबीर सिंह (दोनों पूर्व रजिस्ट्रार) और अशोक कुमार लेखाकार (वर्तमान में अधीक्षक) हैं, जो सतर्कता जांच संख्या में उनके निहितार्थ के आधार पर गिरफ्तार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि परवीन कुमार भारद्वाज ने 2001 से 2009 और 24.12.2013 से 25.3.2015 तक विभिन्न अवसरों पर पीएसपीसी के रजिस्ट्रार के रूप में कार्य किया, जबकि डॉ. तेजबीर सिंह 23.8.2013 से 24.12.2013 तक इस पद पर रहे। सतर्कता जांच के निष्कर्षों के अनुसार, लेखाकार अशोक कुमार भी शामिल थे।

    उन्होंने आगे बताया कि जांच में फार्मासिस्टों के पंजीकरण के दौरान सत्यापन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण गड़बड़ियों का पता चला। जांच में नियमित निरीक्षण के दौरान कई फर्जी डी-फार्मेसी प्रमाणपत्रों का पता चला। यह स्पष्ट हो गया कि पंजाब के 105 फार्मेसी कॉलेजों में डी-फार्मेसी पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश प्रक्रिया के दौरान आरोपी रजिस्ट्रारों और अधिकारियों द्वारा कड़े प्रोटोकॉल और अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता की अवहेलना की गई। राज्य के सरकारी कॉलेजों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग आयोजित करने के लिए जिम्मेदार पंजाब राज्य तकनीकी शिक्षा बोर्ड को निजी संस्थानों में लगातार रिक्तियों का सामना करना पड़ा। इन सीटों को भरने के लिए, निजी कॉलेजों ने कथित तौर पर अनिवार्य माइग्रेशन प्रमाणपत्र प्राप्त किए बिना, कथित रजिस्ट्रारों और पीएसपीसी के अधिकारियों की मिलीभगत से अन्य राज्यों के छात्रों को प्रवेश दिया, और बिना सोचे-समझे उम्मीदवारों से महत्वपूर्ण रिश्वत ली। इसके अलावा, कई छात्रों ने निजी तौर पर मेडिकल या गैर-मेडिकल स्ट्रीम में अपेक्षित 10+2 शैक्षिक योग्यता रखते हुए डी-फार्मेसी पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त किया, जबकि इसे नियमित रूप से और विज्ञान प्रैक्टिकल में भाग लेकर उत्तीर्ण होना पड़ता है।

    प्रवक्ता ने बताया कि जांच के दौरान यह पता चला है कि पंजाब राज्य फार्मेसी काउंसिल (पीएसपीसी) के अधिकारियों और कर्मचारियों ने निजी स्वामित्व वाले फार्मेसी कॉलेजों के साथ मिलकर अनिवार्य माइग्रेशन प्रमाणपत्र के बिना और 10+2 प्रमाणपत्रों को सत्यापित किए बिना प्रवेश की अनुमति दी। पर्याप्त रिश्वत के बदले। इसके अलावा, काउंसिल ऑफ बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन इन इंडिया (सीओबीएसई) द्वारा मान्यता प्राप्त शिक्षा बोर्डों द्वारा जारी प्रमाणपत्रों के अनुमोदन और पंजीकरण प्रक्रिया के संबंध में विसंगतियां सामने आईं।

    पीएसपीसी अधिकारियों ने निजी कॉलेजों के प्राचार्यों और आयोजकों के साथ मिलीभगत करके, इन बोर्डों से उम्मीदवारों के पंजीकरण की सुविधा प्रदान की, जिससे उन्हें ऐसे फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर विभिन्न विभागों में रोजगार सुरक्षित करने और मेडिकल दुकानें स्थापित करने की अनुमति मिली। उन्होंने आगे कहा कि आरोपी परवीन कुमार भारद्वाज की सेवाएं फर्जी प्रवेश, नकली प्रमाण पत्र, रिकॉर्ड में हेरफेर और डिस्पैच रजिस्टर से चूक से संबंधित कदाचार के लिए 31-3-2011 को समाप्त कर दी गई थीं। हालाँकि, बाद में उन्हें 24-12-2013 को रजिस्ट्रार के रूप में फिर से नियुक्त किया गया था, हालांकि 25-3-2015 को उच्च न्यायालय की रिट याचिका के कारण रद्द कर दिया गया था।

  • पंजाब: कुत्तों का आतंक, 4 वर्षीय बच्चे का नोचा गुप्तांग

    जीरकपुरः पंजाब के जीरकपुर के भबात क्षेत्र की मन्नत एनक्लेव फेज-2 कॉलोनी में लावारिस कुत्तों ने हमला कर चार साल के मासूम बच्चे का गुप्तांग बुरी तरह नोच लिया। गंभीर हालत में बच्चे को जीरकपुर के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बच्चे की गंभीर हालत को देख चंडीगढ़ सेक्टर-16 के सरकारी अस्पताल में रेफर किया लेकिन इलाज न मिल पाने के कारण बच्चे को पीजीआई रेफर कर दिया गया। पीजीआई में इलाज के बाद बच्चे को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया है। 

    15 दिसंबर को बच्चे का ऑपरेशन किया जाएगा। यह घटना 5 दिसंबर की शाम की बताई जा रही है लेकिन जानकारी होने पर कॉलोनीवासियों में काफी रोष है, क्योंकि कॉलोनी में लावारिस कुत्तों का उत्पात है। लोगों का आरोप है कि उन्होंने अपने वार्ड पार्षद सहित जीरकपुर नगर परिषद के अधिकारियों को कॉलोनी में घूमने वाले लावारिस कुत्तों के बारे में जानकारी दी थी लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया। आलम यह है कि कुत्ते अब मासूम बच्चों को शिकार बना रहे हैं। पीड़ित बच्चे के परिवार ने नगर परिषद अधिकारियों को लिखित शिकायत भी दी है। बता दें कि इसी कॉलोनी में पिछले दो दिन में कुत्ते करीब 24 लोगों को काटकर घायल कर चुके हैं। लोगों ने नगर परिषद प्रशासन से मामले से अवगत करवाकर समस्या के निदान की मांग की है।

    आकर्षण अवस्थी निवासी मकान नंबर 401 मन्नत एनक्लेव फेज-2 भबात जीरकपुर ने बताया कि पांच दिसंबर को करीब पौने पांच बजे चार साल का बेटा अंगम अवस्थी बाहर गली में खेल रहा था। तभी एक कॉलोनी में घूमने वाले लावारिस कुत्ते ने बच्चे पर हमला कर दिया। कुत्ते ने बच्चे को इतनी बुरी तरह से नोचा कि मासूम का गुप्तांग ही नोच डाला। उन्होंने कहा कि पड़ोसियों की मदद से उन्होंने अपने बच्चे को कुत्तों के चंगुल से बचाया और इलाज के लिए जीरकपुर के निजी अस्पताल ले गए, जहां उसकी गंभीर हालत देख चंडीगढ़ रेफर कर दिया। भले ही पीजीआई ने बच्चे को ट्रीटमेंट देकर घर भेज दिया है लेकिन बच्चा दर्द से तड़प रहा है। पीजीआई ने बच्चे को दखिल नहीं किया है। उन्हें घबराट हो रही है। 
     
    जीरकपुर के कार्यसाधक अधिकारी रवनीत सिंह ने बताया कि मन्नत एन्क्लेव कॉलोनी में हुई घटना की जानकारी शुक्रवार को देर शाम ही मिली। घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं बच्चे का दर्द महसूस कर सकता हूं। जीरकपुर नगर परिषद ने भबात क्षेत्र में एक कुत्ते का अस्पताल बनाया है। इसे चलाने के लिए नगर परिषद ने एनजीओ कावा (सीएडब्ल्यू) के साथ संपर्क साधा है, जिसे एक टेंडर अलॉट किया है। चूंकि जानवरों का मामला भारतीय पशु कल्याण बोर्ड से जुड़ा है, इसलिए उसी विभाग से अनुमति लेनी होगी। भारतीय पशु कल्याण बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद कावा के पदाधिकारियों ने अस्पताल का दौरा किया है। कावा सभी शहरों के कुत्तों को नियंत्रित कर उनकी नसबंदी और रेबीज के टीके लगवाएगा, ताकि क्षेत्र में कुत्तों की बढ़ती संख्या को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि कावा ने अस्पताल में कुछ बड़े बदलाव करने का अनुरोध किया है, जिसका काम आने वाले सप्ताह में पूरा हो जाएगा और अस्पताल तुरंत शुरू कर दिया जाएगा।

  • ਪੰਜਾਬ: ਸਮਾਨ ਲੈਣ ਗਏ ਦੁਕਾਨਦਾਰ ਨੂੰ ਮਿਲੀ ਖ਼ੌਫ਼ਨਾਕ ਸਜਾ, ਦੇਖੋ ਵੀਡੀਓ

    ਮੋਹਾਲੀ: ਐਸ.ਏ.ਐਸ ਨਗਰ ਦੇ ਪਿੰਡ ਬਲੌਂਗੀ ਤੋਂ ਦਿਲ ਦਹਿਲਾਉਣ ਵਾਲਾ ਇਕ ਮਾਮਲਾ ਸਾਮਣੇ ਆਇਆ ਹੈ। ਜਿਥੇ ਪੀ ਜੀ ਵਿੱਚ ਰਹਿੰਦੇ ਪਾਰਸ ਨਾਮ ਦੇ ਨੌਜਵਾਨ ਨੇ ਫਾਸਟ ਫੂਡ ਦੀ ਦੁਕਾਨ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਜੋਗਿੰਦਰ ਨਾਮ ਦੇ ਨੌਜਵਾਨ ਦਾ ਬੇਰਹਿਮੀ ਨਾਲ ਕਤਲ ਕਰ ਦਿੱਤਾ। ਲਾਸ਼ ਨੂੰ ਬੋਰੀ ਵਿੱਚ ਬੰਦ ਕਰਕੇ ਮ੍ਰਿਤਕ ਦੇ ਹੀ ਮੋਟਰ ਸਾਈਕਲ ਤੇ ਰੱਖਕੇ ਬਰਿਆਲੀ ਦੀ ਨਦੀ ਨੇੜੇ ਖਾਲੀ ਥਾਂ ਵਿੱਚ ਸੁੱਟ ਦਿੱਤਾ। ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਬਲੌਂਗੀ ਪੁਲੀਸ ਵਲੋਂ ਕਾਰਵਾਈ ਕਰਦਿਆਂ ਪਾਰਸ ਨੂੰ ਗ੍ਰਿਫਤਾਰ ਕਰ ਲਿਆ ਗਿਆ ਹੈ। ਇਸ ਸੰਬੰਧੀ ਪੁਲੀਸ ਵਲੋਂ ਦੋਸ਼ੀ  ਦੇ ਖਿਲਾਫ ipc ਦੀ ਧਾਰਾ 302 ਅਤੇ 201 ਦੇ ਤਹਿਤ ਮਾਮਲਾ ਦਰਜ ਕੀਤਾ ਹੈ।

    ਮ੍ਰਿਤਕ ਜੋਗਿੰਦਰ ਦੇ ਭਰਾ ਮੋਹਿਤਜੋ ਪਿੰਡ ਮਲੋਆ ਵਿੱਚ ਕਿਰਾਏਦਾਰ ਵਜੋਂ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ। ਉਸਨੇ ਪੁਲੀਸ ਨੂੰ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਦਿਤੀ ਸੀ ਕਿ ਉਸਦਾ ਵੱਡਾ ਭਰਾ ਜੋਗਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਰਾਣਾ ਬਲੌਂਗੀ ਵਿੱਚ ਸ਼ਿਵ ਮੰਦਿਰ ਦੇ ਨੇੜੇ ਬਾਜ਼ਾਰ ਵਿੱਚ ਫਾਸਟ ਫੂਡ ਦੀ ਦੁਕਾਨ ਕਰਦਾ ਹੈ। ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਕਰਤਾ ਅਨੁਸਾਰ ਜੋਗਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਰਾਣਾ ਨੇ ਉਸਨੂੰ ਦੱਸਿਆ ਸੀ ਕਿ ਪਾਰਸ ਅਕਸਰ ਉਸ ਦੀ ਦੁਕਾਨ ਤੇ ਖਾਣਾ- ਖਾਣ ਆਉਂਦਾ ਸੀ। ਇਕ ਦਿਨ ਦੋਸ਼ੀ ਉਸਦਾ ਇੰਡਕਸ਼ਨ ਚੁਲ੍ਹਾ ਤੇ ਅਡੈਪਟਰ ਚੁੱਕ ਕੇ ਲੈ ਗਿਆ ਸੀ ਅਤੇ ਪਾਰਸ ਨੇ ਉਸਦੇ ਪੈਸੇ ਵੀ ਦੇਣੇ ਸੀ।

     ਜੋਗਿੰਦਰ ਨੇ ਪਾਰਸ ਨੂੰ ਕਈ ਵਾਰ ਸਮਾਨ ਵਾਪਸ ਕਰਨ ਵਾਸਤੇ ਕਿਹਾ ਪਰ ਉਹ ਟਾਲ ਮਟੋਲ ਕਰਦਾ ਸੀ। ਜਿਸ ਤੇ ਜੋਗਿੰਦਰ ਰਾਣਾ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ ਤੇ ਸਵਾਰ ਹੋ ਕੇ ਬਲੌਂਗੀ ਪਾਰਸ ਦੇ ਪੀਜੀ ਰੂਮ ਸੀ ,ਪਰ ਉੱਥੋਂ ਵਾਪਸ ਨਹੀਂ ਆਇਆ।  ਭਰਾ ਦਾ ਪਤਾ ਨਾ ਲੱਗਣ ਤੇ ਉਹ ਆਪਣੇ ਤਾਏ ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ ਦੇ ਨਾਲ ਬਲੌਂਗੀ ਸਾਈ ਹੋਮ ਵਿਖੇ ਗਿਆ ਅਤੇ ਪੀਜੀ ਵਿੱਚ ਜੋਗਿੰਦਰ ਬਾਰੇ ਪਤਾ ਕੀਤਾ। ਪੀ ਜੀ ਦੇ ਕੈਮਰੇ ਚੈਕ ਕਰਨ ਤੇ ਪਤਾ ਲੱਗਿਆ ਕਿ ਜੋਗਿੰਦਰ ਰਾਣਾ ਕਮਰਾ ਨੰਬਰ 34 ਵਿੱਚ ਆਇਆ ਤਾਂ ਸੀ। ਪਰ ਫਿਰ ਉਥੋਂ ਵਾਪਸ ਨਹੀਂ ਨਿਕਲਿਆ। cctv  ਫੁਟੇਜ ਵਿੱਚ ਦਿਸਿਆ ਕਿ ਪਾਰਸ ਕਮਰੇ ਚੋ  ਬਾਹਰ ਨਿਕਲਿਆ ਅਤੇ  ਇੱਕ ਚਿੱਟੇ ਰੰਗ ਦਾ ਥੈਲਾ ਲੈ ਕੇ ਕਮਰੇ ਵਿੱਚ ਦਾਖਲ ਹੋਇਆ ਅਤੇ  ਥੈਲੇ ਨੂੰ ਰੱਸੀ ਨਾਲ ਬੰਨ ਕੇ ਘੜੀਸ ਕੇ ਪੌੜੀਆਂ ਵਲੋਂ  ਪੀਜੀ ਵਿੱਚੋਂ ਬਾਹਰ ਲੈ ਗਿਆ ਅਤੇ ਜੋਗਿੰਦਰ ਦੇ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ ਤੇ ਥੈਲੇ ਨੂੰ ਬੰਨ ਕੇ ਚਲਾ ਗਿਆ।

    ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਚ ਪੁਲਿਸ ਅਧਿਕਾਰੀ ਨੇ ਦਸਿਆ ਕਿ ਥਾਣਾ ਬਲੌਂਗੀ ਦੇ ਐਸ ਐਚ ਓ ਸਰਦਾਰ ਗੌਰਵਬੰਸ ਸਿੰਘ ਨੇ ਪਾਰਸ  ਨੇ ਜੋਗਿੰਦਰ ਦਾ ਕਤਲ ਕਰਕੇ ਉਸਦੀ ਲਾਸ਼ ਨੂੰ ਬੋਰੀ ਵਿੱਚ ਬੰਦ ਕਰਕੇ ਟੀ ਡੀ ਆਈ ਦੇ ਨੇੜੇ ਨਾਲੇ ਚ ਸੁੱਟ ਦਿੱਤਾ ਸੀ। ਪਾਰਸ ਨੂੰ ਕਾਬੂ ਕਰ ਲਿਆ ਗਿਆ ਹੈ ਅਤੇ ਮੁੱਢਲੀ ਪੁੱਛਗਿੱਛ ਦੌਰਾਨ ਉਸਨੇ ਕਤਲ ਦੀ ਗੱਲ ਕਬੂਲ ਕਰਦਿਆਂ ਦੱਸਿਆ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਜੋਗਿੰਦਰ ਦੇ ਮੋਟਰ ਸਾਈਕਲ ਨੂੰ ਕਿਤੇ ਖੜ੍ਹਾ ਕਰਕੇ ਉੱਥੋਂ ਬੱਸ ਚ  ਬੈਠ ਕੇ ਚਲਾ ਗਿਆ ਸੀ। 

  • पंजाबः सीरत के बयान को लेकर मजीठिया ने जमकर सीएम मान पर कसे तंज, देखें वीडियो

    चंडीगढ़ः पंजाब के सीएम भगवंत मान की बेटी के बयानों को लेकर अकाली दल के सीनियर नेता बिक्रमजीत सिंह मजीठिया ने जमकर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने सीएम मान को 12वीं पास कहा। वहीं उन्होंने सीएम की सोच के बारे में कई बार तंज कहा। मजीठिया ने कहा कि मास्टर के कारण उन्हें 12वीं का सर्टिफिकेट मिला होगा। मजीठिया ने आरोप लगाए कि हर समय लोगों के खिलाफ वह आए दिन कटाक्ष करते रहते है। इस दौरान उन्होंने कहा कि पंजाब के खर्चे पर जहाज काफी उड़ाया गया। जहां जहां भी आप पार्टी पंजाब के बाहर गई वहां पर उन्हें निराशा ही मिली। इसी दौरान उन्होंने प्रेस वार्ता के दौरान सीरत की वीडियो भी दिखाई और जमकर सीएम मान पर निशाना साधा।

    मजीठिया ने कहा कि उन्हें पता है कि उनपर कभी भी केस दर्ज हो सकता है। क्योंकि सीएम के खिलाफ उन्हें बोलने का खामियाजा उठाना पड़ सकता है। पर मुझे झूठे पर्चे का कोई डर नहीं है। आम आदमी पार्टी की सरकार चुनकर लोगों ने गलती की। बिक्रम मजीठिया ने कहा कि भगवंत मान 12वीं फेल हैं। वह झूठ बोलने का बेताज बादशाह है। मेरे दादा को लेकर भी उसने झूठ बोला है। मेरे दादा सुरजीत सिंह मजीठिया 1947 से 1949 तक नेपाल के एंबेसडर रहे थे। लोगों को जलील करने अलावा भगवंत मान के पास और कोई काम नहीं है। मजीठिया ने आगे कहा कि हाल ही में 4 राज्यों के नतीजे आएं हैं। इन 4 राज्यों में आम आदमी पार्टी को नोटा से भी कम वोट मिले हैं। जो अपनी बेटी का नहीं वह पंजाब का कैसे हो जाएगा। जो शराब पीकर पार्लियामेंट में जा सकता है, वह कुछ भी कर सकता है।

  • पंजाबः 2 पिटबुल कुत्तों ने महिला पर किया हमला, खाया चेहरे का आधा हिस्सा 

    एक घंटे तक कुत्तों के चंगुल से छूटने के लिए लड़ती रही महिला

    मोहालीः कस्बा खरड़ स्थित गुरु तेग बहादुर नगर से दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। जहां घर में सफाई करने वाली एक महिला पर घर के ही दो पालतू पिटबुल कुत्तों में हमला कर दिया। कुत्तों ने महिला राखी के चेहरे का आधा हिस्सा खा लिया। लगभग एक घंटे तक कुत्ते उसे नौंचते रहे। उसकी गर्दन, पेट, हाथ, जांघ और दोनों टांगों पर भी बुरी तरह से काटने के जख्म हैं। महिला जिस घर में काम करती थी, उसे घर का मालिक शादी में गया हुआ था। पहले ही दिन वह घर में सफाई करने पहुंची थी। गुरु तेग बहादुर नगर में रहने वाला प्रकाश सिंह अपने परिवार के साथ बेटे की शादी समारोह में गया था। उसके घर पर उसकी सास अकेली थी।

    दोपहर को उनके रिश्तेदार कुत्तों को ब्रेड और दूसरा खाना खिला कर गए थे। दोपहर बाद लगभग 4:00 बजे नौकरानी राखी जैसे ही घर में दाखिल हुई तो खुले घूम रहे पिटबुल कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। कुत्ते उसके चेहरे का आधा हिस्सा काट कर खा गए। उसके गर्दन पर भी जख्म के निशान है। पीड़ित सफाई कर्मी राखी लगभग 1 घंटे तक इन कुत्तों के चंगुल से छूटने के लिए लड़ती रही और अपने बचाव के लिए शोर मचाती रही। मगर कोई भी व्यक्ति उसे छुड़ाने के लिए नहीं आया।

    इसके बाद गली से गुजर रहे एक युवक ने पत्थर मारकर इस महिला को कुत्तों से छुड़ाया। इसके बाद उसे खरड़ के सिविल अस्पताल में ले जाया गया। बाद में उसे चंडीगढ़ के लिए रेफर कर दिया। पीड़ित के पति कल्लू ने बताया कि वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। मंडेर नगर में किराए का मकान लेकर मजदूरी का काम करता है। उसकी पत्नी राखी लोगों के घरों में बर्तन साफ करने, सफाई करने जैसा काम करती है। प्रकाश सिंह के घर में वह पहले दिन ही काम करने गई थी। इसी के दौरान उसके साथ हादसा हो गया।

  • पंजाबः सीएम मान की बेटी का आया बड़ा बयान, लगाए गंभीर आरोप, देखें वीडियो

    चंडीगढ़ः पंजाब के मुख्यमंत्री सीएम भगवंत मान की बेटी सीरत मान की सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रही है। जिसमें सीरत कह रही है वह सीएम भगवंत मान की बेटी है। सीरत ने कहा कि इस वीडियो में वही सीएम मान कहकर ही बात करूंगी। मेरे मुंह से वह पापा कहने का हक काफी समय से खो चुके है। सीरत ने कहा कि उसका वीडियो बनाने का कोई पॉलिटिक्ल मकसद नहीं है। सीरत ने कहा कि वह चाहती है कि उनकी स्टोरी भी सामने आए। सीरत ने कहा कि आज तक जो भी लोगों ने सुना है वह सिर्फ सीएम मान के मुंह से हमारे बारे में सुना है।

    उस बातों के कारण जो कुछ उन्हें सुनना पड़ा है वह किसी को बयां नहीं कर सकती। सीरत ने कहा कि आज तक वह चुप रहे है और उनकी माता भी चुप रही है। सीरत ने आगे कहा कि उन्हें लगता है कि हमारी चुप्पी को हमारी कमजोरी समझ लिया गया है। सीरत ने आगे कहा कि इन्हें यह नहीं पता कि हमारी चुप रहने के कारण वह इस जगह पर बैठे है। इस दौरान सीरत ने सीएम मान की पत्नी डॉक्टर गुरकिरत गर्भवती है और सीएम मान तीसरी बार पिता बनने जा रहे है। सीरत ने कहा कि यह बात उसे लोगों से पता चली है। सीरत ने कहा कि यह उन्होंने खुद बतानी सही नहीं समझी और ना ही बेटे को बतानी सही समझी। सीरत ने कहा कि वह पूछना चाहती है कि आपके दो बच्चे भी है। जिनको  भुलाकर आप एक और बच्चे को दुनियां में लेकर आ रहे है, इसके पीछे क्या कारण है।

    सीरत ने कहा कि सीएम का बेटा दोशान सीएम मान को मिलने के लिए 2 बार पंजाब गया। सीरत ने कहा कि वह चाहता था कि अपने पिता के साथ वह टाइम स्पेंड करें। सीरत ने कहा कि दोशान को सीएम हाउस में आने नहीं दिया गया। सीरत ने कहा कि दोनों टाइम दोशान के साथ बहुत कुछ हुआ। जिसके बाद वह अपनी फैमिली फ्रैंड्स के साथ चंडीगढ़ में रहा। एक दिन वह फिर वहां सीएम मान के पास चला गया। सीरत ने आरोप लगाए कि उसे घर से निकाल दिया गया और कहा कि यहां से चला जाए, वह यहां पर नहीं रह सकता। सीरत ने कहा कि जो व्यक्ति अपने बच्चों की जिम्मेदारी नहीं उठा सकता, वह व्यक्ति पंजाब के लोगों की जिम्मेदारी कैसे उठा लेंगा।

    सीरत ने कहा कि जो कुछ हमने देखा है वह कुछ पंजाब के लोगों के साथ हो रहा है। सीरत ने कहा कि सीएम मान ने तालाक का कारण यह बताया था कि वह पॉलटिक्स में ना जाएं। सीरत ने कहा कि तालाक के कई कारण है और वह उनकी माता की स्टोरी है। जब उनकी माता तैयार हुई तो वह जरूर सबको बताएंगी। लेकिन कुछ कारण सीरत ने बताए है। इस दौरान सीरत ने आगे कहा कि शराब पीना, इमोश्नल एंड फिजिक्ल इब्यूस, झूठ बोलने की आदत और इमोश्नल ब्लैक करना उनकी आदत है। सीरत ने आगे कहा कि वह शराब पीकर विधानसभा में चले जाना, शराब पीकर गुरुद्वारा साहिब में चले जाना, शराब पीकर प्रेस वार्ता करने चले जाते है। 

  • पंजाबः शादी के बंधन में बंधेंगे आज एक और आप विधायक, पुलिसकर्मी तैनात 

    चंडीगढ़ः मोहाली जिले के कस्बा नयागांव स्थित एक निजी रिसोर्ट में आज एक और आप पार्टी के विधायक शादी के बंधन में बंधने जा रहे है। फतेहगढ़ साहिब की विधानसभा सीट अमलोह के आप विधायक गुरिंदर सिंह गैरी शादी के बंधन में बंधने जा रहे है। गुरिंदर सिंह गैरी फिरोजपुर की लड़की से शादी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि आप विधायक की शादी में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान सहित कई VIP मेहमानों के आने की संभावना है। वहीं मुख्यमंत्री मान के आने के कारण इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। इस रिजॉर्ट की तरफ जाने वाले हर रास्ते पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इसमें मुख्यमंत्री के अलावा दूसरी पार्टियों के कई अन्य नेताओं के पहुंचने की सूचना है। 

  • पंजाबः स्कूल के टीचर की दरिंदगी आई सामने, बच्चों ने लगाएं गंभीर आरोप, देखें CCTV

    संगरूरः जिले के भवानीगढ़ से बड़ी खबर सामने आई है। भवानीगढ़ के गाँव भट्टिवाल में स्कूल के एक मास्टर की दरिंदगी सामने आई है। बच्चों ने आरोप लगाए है कि वह स्कूल के 12वीं कक्षा के 3 स्टूडेंट्स है। बच्चों के अनुसार की एक मास्टर ने बेरहमी से पिटाई कर दी। वहीं घटना के बाद सहमे हुए बच्चों ने आरोप लगाए है कि मास्टर स्कूल की लड़कियों को क्लास से बाहर भेजकर उन्हें गंदी गंदी गालियां देता है। आरोप है कि पीड़ित बच्चों ने जब मामले के बारे में गांव के सरपंच को बताया तो स्कूल पहुंचे सरपंच और उसके साथियों के साथ भी उक्त टीचर और स्टाफ के द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया।

    वहीं टीचर स्टाफ का कहना है कि सरपंच के इशारे पर स्कूल पहुंचे बच्चों के अभिभावकों और लोगों ने स्कूल स्टाफ के साथ भी हाथापाई करते हुए उक्त टीचर की धुनाई कर दी। जिस वजह से टीचर को अस्पताल दाखिल होना पड़ा। मामले को लेकर स्कूल पहुंची पुलिस ने एक बार मामला शांत कर दोनों पक्षों को थाने बुलाया लिया है वही शिक्षा विभाग के जिलाधिकारी ने मामले की विभागीय जांच की जाने की बात कही है। स्कूल प्रिंसीपल भी टीचर के पक्ष में खड़े नजर आए। उन्होंने कहा कि शरारत करने पर बच्चों को समझाना तो पड़ता ही है। फिर भी मामले के संबंध में उन्होंने उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी है।

    उधर, मामले संबंधी गांव के सरपंच जसकरण सिंह लंपी ने बताया कि उनके पास स्कूल के बच्चे मारपीट की शिकायत लेकर पहुंचे थे। इस दौरान वह अपने एक साथी के साथ प्रिंसीपल से बात करने स्कूल गए थे तो इस दौरान स्कूल स्टाफ द्वारा उनके साथ भी बुरा व्यवहार किया गया। अभी वह प्रिंसीपल से बात कर ही रहे थे तो बाहर बच्चों के अभिभावकों से उक्त टीचर ने भद्दी शब्दावली बोलकर उनके साथ हाथापाई कर ली और बाद में टीचर खुद ही अस्पताल में जाकर भर्ती हो गया। मामला गांव के सरपंच तक पहुंचा तो बच्चों के माता पिता ने स्कूल प्रशासन के साथ सरपंच सहित बात करके मास्टर पर कार्रवाई करने की मांग की। इस दौरान वहां पर मामला गरमा गया। मामला गर्माता देख पुलीस को इसकी सूचना दी गई। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत करवाने के दोनों पक्षों को थाने बुलाया।

    बताया जा रहा है कि यह मामला शिक्षा विभाग के डिप्टी डीओ प्रीतिंदर घई के पास है। बताया जा रहा है कि डीओ मामले की गंभीरता से जांच करके सोमवार को फ़ैसला लेकर कारवाई शुरू करेंगे। इस मामले में अब ना स्कूल प्रशासन कैमरे के सामने आ रहा है और ना बच्चों के माता पिता इस मामले को लेकर अब कुछ बोलने को तैयार है। वहीं दूसरी ओर इस मामले को लेकर कैमरे के सामने पुलिस ने भी चुप्पी साधी हुई है। सूत्रों के अनुसार इस मामले को लेकर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है, जिसके चलते अब इस मामले को लेकर कोई कैमरे के सामने कुछ नहीं कह रहा।