Category: National

  • TET पेपर लीक मामले में पुलिस को मिली सफलताः बिहार से मास्टरमाइंड बिरेंद्र गिरफ्तार

    महाराष्ट्रः कॉकरोच जनता पार्टी के पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन के बीच महाराष्ट्र TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) पेपर लीक मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी बिरेंद्र कुमार को बिहार से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक भिवंडी पुलिस गिरफ्तार करने के बाद मुख्य आरोपी को लेकर पुणे पहुंची है। अब उसे भिवंडी पुलिस स्टेशन ले जाया जाएगा और पुछताछ की जाएगी।

    बिरेंद्र को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस काफी जगह छापेमारी कर रही थी। आपको बता दें बिरेंद्र का कई पेपर लीक मामलों में नाम आ चुका है। पेपर लीक मामले में उसकी पत्नी का भी नाम शामलि है। महाराष्ट्र पुलिस का कहना है कि बिरेंद्र की गिरफ्तारी से पेपर लीक नेटवर्क को लेकर कई बातें सामने आएंगी।

    बता दें कि 28 जून को महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा ( TET) से पहले ही पेपर लीक का मामला सामने आ गया था। इसमें मुख्य आरोपी समस्तीपुर के रहने वाले बिरेंद्र कुमार गुप्ता को बनाया गया था। बताया कि वह अपने गांव वाले घर लंबे समय से नहीं आ रहा है। हालांकि पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के लिए बिहार में कई ठिकानों पर छापेमारी की। आरोप है कि लीक पेपर को 1.5 करोड़ रुपए में बेचने की साजिश की जा रही थी। आरोपियों के पास से प्रश्नपत्र के चार सेट पाए गए थे।

  • CJP आंदोलन के बीच आज फिर से इतने मेट्रो स्टेशन रहेंगे बंद, यात्री हुए परेशान

    CJP आंदोलन के बीच आज फिर से इतने मेट्रो स्टेशन रहेंगे बंद, यात्री हुए परेशान

    नई दिल्लीः राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन को लेकर आज फिर दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ओर से मैट्रो स्टेशन बंद रखे गए है। अधिकारी ने बताया ने आज शनिवार 18 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने का फैसला लिया है। डीएमआरसी ने लगातार चौथे दिन ये बड़ा फैसला लिया है। सुबह 7.30 बजे से ये आदेश प्रभावी रहेगा। वहीं प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस द्वारा सुरक्षा में ओर बढ़ौतरी कर दी है। बंद किए गए मेट्रो स्टेशन में राजीव चौक, ITO, मंडी हाउस और सुप्रीम कोर्ट जैसे स्टेशन शामिल हैं। ऐसे में यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    दूसरी तरफ से छात्रों की मांगों को लेकर शनिवार (25 जुलाई) को सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी के बीच तीसरी बार फिर मीटिंग होने जा रही है। छात्रों की ओर से अब अगर मांगे पूरी नहीं की जाती हैं तो आगे के लिए भी व्यापक आंदोलन का प्लान किया जा सकता है। फिलहाल आगे की रणनीति क्या होगी इस पर अभी साफ तस्वीर नहीं है। लेकिन सीजेपी ने साफ कर दिया है कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होगा, उनका प्रदर्शन भी खत्म नहीं होगा।

    हालांकि दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (DMRC) का कहना है कि सुरक्षा कारणों से यह फैसला लिया गया है। दिल्ली मेट्रो के स्टेशन बंद होने से पिछले कुछ दिनों में ऑफिस कर्मचारियों, छात्रों और रोजाना कारोबार के लिए एक जगह से दूसरी जगह जाने वाले लोगों को भारी परेशानी हो रही है। उधर, यात्रियों का कहना है कि उन्हें ऑफिस पहुंचने के लिए रोजाना कैब, ऑटो पर 400-500 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। आज से वीकेंड होने के कारण भी शनिवार-रविवार को भी दिक्कतें बढ़ेंगी। राजीव चौक, मंडी हाउस जैसे इंटरचेंज पर लोगों को ज्यादा दिक्कतें हो रही हैं।

  • फ्लू से संक्रमित हुए बाल सुधार गृह में 20 बंदी, ICU में भर्ती

    फ्लू से संक्रमित हुए बाल सुधार गृह में 20 बंदी, ICU में भर्ती

    बोकारो: बोकारो के चास स्थित बाल सुधार गृह में 20 बाल बंदी फ्लू से संक्रमित पाए गए। बोकारो सदर अस्पताल में जांच के बाद एक बाल बंदी की हालत गंभीर पाई गई, जिसे इलाज के लिए सदर अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उसका इलाज चल रहा है। वहीं, बाकी बाल बंदियों को जांच के बाद पुनः बाल सुधार गृह चास भेज दिया गया।

    बताते चलें कि झारखंड के सात जिलों जमशेदपुर, हजारीबाग, गिरिडीह, रांची, धनबाद, दुमका और बोकारो के बाल बंदियों को चास स्थित बाल सुधार गृह में रखा गया है। यहां कुल 43 बाल बंदी हैं, जिनमें से 20 फ्लू के संक्रमण का शिकार हो गए। संक्रमण का पता तब चला जब बच्चे बुखार से ग्रसित हुए और उन्हें जांच के लिए सदर अस्पताल लाया गया। बोकारो के सिविल सर्जन डॉ. अभय भूषण प्रसाद ने कहा कि बाकी सभी की तबीयत ठीक है। केवल एक बाल बंदी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती रखा गया है, जिसका इलाज चल रहा है।

  • PM Modi की वीडियो के बाद भी नहीं खत्म हुआ प्रदर्शन, Abhijeet Dipke ने रखी ये मांग

    PM Modi की वीडियो के बाद भी नहीं खत्म हुआ प्रदर्शन, Abhijeet Dipke ने रखी ये मांग

    नई दिल्ली: पीएम नरेंद्र मोदी के द्वारा पेपर लीक के खिालफ सख्त एक्शन लिया जा रहा है। इससे जुड़े बिल को संसद में पेश किए जाने की घोषणा भी हो गई है। ऐसे में अब कॉकरोच जनता पार्टी का भी बयान आ गया है। उनका यह कहना है कि परीक्षा में हो रही अनियमितताओं के खिलाफ सरकार की ओर से उठाया जाने वाला सबसे बड़ा कदम यही है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर किया जाए।

    Read In English: https://encounternews.in/india/cjp-to-continue-delhi-protest-despite-sonam-wangchuk-ending-26-day-fast/

    राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका का आया बयान

    सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने पीएम के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि – मोदी जी कल धर्मेंद्र प्रधान को हटा दीजिए। यह सबसे सख्त कार्रवाई है जो आप कर सकते हैं। इसके अलावा कॉकरोच पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी पीएम मोदी की घोषणा पर प्रतिक्रिया दी है। दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तस्वीर शेयर की है। इसमें एक व्यक्ति बिना चारदीवारी वाले परिसर का गेट बंद करता दिख रहा है। इसे प्रस्तावित कानून पर कटाक्ष के तौर पर देखा जा रहा है। आपको बता दें कि पीएम मोदी ने बीते दिन यह कहा था कि केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बाद पेपर लीक के खिलाफ कड़े प्रावधान वाला विधेयक अगले हफ्ते संसद में पेश किया जाएगा।

    वांगचुक के अनशन खत्म करने पर दिया था बयान

    अपने सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक बयान में अभिजीत दीपके ने यह कहा था कि – ‘हमें इस बात की बहुत ही राहत औऱ खुशी है कि सोनम सर ने 26 दिनों के बाद अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। सर आपकी जबरदस्त हिम्मत और कुर्बानी के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। अपनी जान को जोखिम में डालकर आपने पूरे देश की चेतना को जगाया ह। आपकी जान इस देश के लिए बहुत कीमती है’।

    जंतर-मंतर पर चलता रहेगा प्रदर्शन

    अनशन खत्म होने पर खुशी जताने के साथ ही अभिजीत दीपके ने अपने आंदोलन का रुख भी साफ कर दिया है। उनका यही कहना है कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगें वह अपना आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।

    पीएम मोदी ने शेयर किया था वीडियो

    छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी के इस प्रदर्शन के बाद पीएम मोदी ने भी अपनी बात छात्रों तक रखी थी। बीती रात उन्होंने लाइव आकर अपनी बात रखी थी जिसके बाद अभिजीत दीपके ने यह कह दिया है कि प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देंगे।    
  • केंद्रिय मंत्री और CJP छात्रों की हुई मीटिंग, रखें 5 सुझाव, देखें वीडियो

    केंद्रिय मंत्री और CJP छात्रों की हुई मीटिंग, रखें 5 सुझाव, देखें वीडियो

    नई दिल्लीः कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और सरकार के बीच शुक्रवार को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में एक बैठक हुई। केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जतिंदर सिंह ने सरकार की तरफ से प्रतिनिधित्व किया, जबकि सीजेपी के सूरभ दास और आशुतोष रंका ने पार्टी की ओर से प्रतिनिधित्व किया। बैठक के बाद सीजेपी के दोनों छात्रों ने कहा कि वह धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कोई समझौता नहीं करेंगे। सरकार मुआवजा देने और प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध दर्ज मामले वापस लेने के लिए सहमत हो गई है।
     
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    बैठक खत्म होने के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि 2 घंटे चली चर्चा के में सीजेपी ने सरकार को परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए 3 प्रमुख मांगें और 5 सुझाव पेश किए है। उन्होंने कहा कि इन पर विचार के लिए हमने कल तक का समय मांगा है। उन्होंने कहा कि कल दोपहर को दोबारा से मीटिंग होगी और सरकार के बीच हुई चर्चा के बारे में उनके साथ विचार सांझे किए जाएंगे।  
  • Sonam Wangchuk ने तोड़ा अनशन, 3 डिमांड पर बनी मंत्रियों से सहमति, देखें वीडियो

    Sonam Wangchuk ने तोड़ा अनशन, 3 डिमांड पर बनी मंत्रियों से सहमति, देखें वीडियो

    नई दिल्लीः सोनम वांगचुक ने 26 दिन की भूख हड़ताल के बाद आज अपना अनशन खत्म कर दिया है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया। रात करीब साढ़े ग्यारह बजे केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह उनसे मिलने पहुंचे। इसके अलावा लद्दाख की एपेक्स बॉडी के बड़े नेता भी वहां मौजूद रहे। पहले अलग अलग राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसद उनसे मिलने पहुंचे थे। इन सांसदों ने हस्ताक्षर कर के वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की। साथ ही भरोसा दिलाया कि संसद में नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली के मुद्दे पर चर्चा होगी।
    सरकार की तरफ से आए मंत्रियों ने भी यही आश्वासन दिया था। वांगचुक ने बताया कि पिछले दो दिन से सरकार के साथ इस बात को लेकर सख्त बातचीत चल रही थी। उनकी मांग थी कि उन्हें आश्वासन लिखित रूप में चाहिए। इसी वजह से फैसला होने में दो दिन का समय और लगा और उन्हें दो दिन और भूख हड़ताल पर बैठना पड़ा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ती तो वे और भी दिन बैठने को तैयार थे। आखिरकार आज सरकार ने लिखित आश्वासन दे दिया। सरकार के लिखित आश्वासन में तीन बड़ी बातें कही गई हैं। पहला, जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों और 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल लोगों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। दूसरा, संसद में पेपर लीक रोकने और परीक्षा प्रणाली सुधारने पर चर्चा होगी ताकि इसका स्थायी हल निकाला जा सके। तीसरा, हाल में नीट पेपर लीक के कारण जिन छात्रों ने आत्महत्या की, उनके परिवारों को उचित मुआवजा देने पर भी सरकार सकारात्मक तरीके से विचार कर रही है। वांगचुक ने लद्दाख की एपेक्स बॉडी के उन सभी नेताओं का धन्यवाद किया जो लद्दाख से दिल्ली आए. उन्होंने उन सभी सांसदों का भी आभार जताया जो उनसे मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि 26 दिन बाद उन्हें पहली बार कुछ खाने को मिला है और यह स्वाद बहुत अच्छा लग रहा है, लेकिन भूख का अपना कोई स्वाद नहीं होता।
  • PM Modi की वीडियो के बाद भी नहीं खत्म हुआ प्रदर्शन, Abhijeet Dipke ने रखी ये मांग

    PM Modi की वीडियो के बाद भी नहीं खत्म हुआ प्रदर्शन, Abhijeet Dipke ने रखी ये मांग

    नई दिल्ली: पीएम नरेंद्र मोदी के द्वारा पेपर लीक के खिालफ सख्त एक्शन लिया जा रहा है। इससे जुड़े बिल को संसद में पेश किए जाने की घोषणा भी हो गई है। ऐसे में अब कॉकरोच जनता पार्टी का भी बयान आ गया है। उनका यह कहना है कि परीक्षा में हो रही अनियमितताओं के खिलाफ सरकार की ओर से उठाया जाने वाला सबसे बड़ा कदम यही है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर किया जाए।

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    राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका का आया बयान

    सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने पीएम के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि – मोदी जी कल धर्मेंद्र प्रधान को हटा दीजिए। यह सबसे सख्त कार्रवाई है जो आप कर सकते हैं। इसके अलावा कॉकरोच पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी पीएम मोदी की घोषणा पर प्रतिक्रिया दी है। दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तस्वीर शेयर की है। इसमें एक व्यक्ति बिना चारदीवारी वाले परिसर का गेट बंद करता दिख रहा है। इसे प्रस्तावित कानून पर कटाक्ष के तौर पर देखा जा रहा है। आपको बता दें कि पीएम मोदी ने बीते दिन यह कहा था कि केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बाद पेपर लीक के खिलाफ कड़े प्रावधान वाला विधेयक अगले हफ्ते संसद में पेश किया जाएगा।

    वांगचुक के अनशन खत्म करने पर दिया था बयान

    अपने सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक बयान में अभिजीत दीपके ने यह कहा था कि – ‘हमें इस बात की बहुत ही राहत औऱ खुशी है कि सोनम सर ने 26 दिनों के बाद अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। सर आपकी जबरदस्त हिम्मत और कुर्बानी के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। अपनी जान को जोखिम में डालकर आपने पूरे देश की चेतना को जगाया ह। आपकी जान इस देश के लिए बहुत कीमती है’।

    जंतर-मंतर पर चलता रहेगा प्रदर्शन

    अनशन खत्म होने पर खुशी जताने के साथ ही अभिजीत दीपके ने अपने आंदोलन का रुख भी साफ कर दिया है। उनका यही कहना है कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगें वह अपना आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।

    पीएम मोदी ने शेयर किया था वीडियो

    छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी के इस प्रदर्शन के बाद पीएम मोदी ने भी अपनी बात छात्रों तक रखी थी। बीती रात उन्होंने लाइव आकर अपनी बात रखी थी जिसके बाद अभिजीत दीपके ने यह कह दिया है कि प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देंगे।    
  • Sonam Wangchuk ने तोड़ा अनशन, 3 डिमांड पर बनी मंत्रियों से सहमति, देखें वीडियो

    Sonam Wangchuk ने तोड़ा अनशन, 3 डिमांड पर बनी मंत्रियों से सहमति, देखें वीडियो

    नई दिल्लीः सोनम वांगचुक ने 26 दिन की भूख हड़ताल के बाद आज अपना अनशन खत्म कर दिया है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया। रात करीब साढ़े ग्यारह बजे केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह उनसे मिलने पहुंचे। इसके अलावा लद्दाख की एपेक्स बॉडी के बड़े नेता भी वहां मौजूद रहे। पहले अलग अलग राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसद उनसे मिलने पहुंचे थे। इन सांसदों ने हस्ताक्षर कर के वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की। साथ ही भरोसा दिलाया कि संसद में नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली के मुद्दे पर चर्चा होगी।
    सरकार की तरफ से आए मंत्रियों ने भी यही आश्वासन दिया था। वांगचुक ने बताया कि पिछले दो दिन से सरकार के साथ इस बात को लेकर सख्त बातचीत चल रही थी। उनकी मांग थी कि उन्हें आश्वासन लिखित रूप में चाहिए। इसी वजह से फैसला होने में दो दिन का समय और लगा और उन्हें दो दिन और भूख हड़ताल पर बैठना पड़ा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ती तो वे और भी दिन बैठने को तैयार थे। आखिरकार आज सरकार ने लिखित आश्वासन दे दिया। सरकार के लिखित आश्वासन में तीन बड़ी बातें कही गई हैं। पहला, जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों और 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल लोगों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। दूसरा, संसद में पेपर लीक रोकने और परीक्षा प्रणाली सुधारने पर चर्चा होगी ताकि इसका स्थायी हल निकाला जा सके। तीसरा, हाल में नीट पेपर लीक के कारण जिन छात्रों ने आत्महत्या की, उनके परिवारों को उचित मुआवजा देने पर भी सरकार सकारात्मक तरीके से विचार कर रही है। वांगचुक ने लद्दाख की एपेक्स बॉडी के उन सभी नेताओं का धन्यवाद किया जो लद्दाख से दिल्ली आए. उन्होंने उन सभी सांसदों का भी आभार जताया जो उनसे मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि 26 दिन बाद उन्हें पहली बार कुछ खाने को मिला है और यह स्वाद बहुत अच्छा लग रहा है, लेकिन भूख का अपना कोई स्वाद नहीं होता।
  • जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के मुद्दे के विरोध में Anna Hazare ने रखा मौन व्रत, PM मोदी को लिखा पत्र

    जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के मुद्दे के विरोध में Anna Hazare ने रखा मौन व्रत, PM मोदी को लिखा पत्र

    नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने दिल्ली के जंतर-मंतर में चल रहे प्रदर्शन के समर्थन में आज महाराष्ट्र के अहिल्या नगर स्थित वाडिया पार्क में दो घंटे का मौन प्रदर्शन रखा। इस दौरान उनकी आंखों में आंसू भी आए गए। दिल्ली के छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे का मौन आंदोलन दो घंटे तक चला। उन्होंने सरकार से प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ बातचीत करने की भी अपील की है। आंदोलन के दौरान उन्होंने अपना दर्द बयान किया और उनकी आंखों से आंसू आ गए। उनका मौन व्रत का आंदोलन दो घंटे तक चला।

    Read In English : https://encounternews.in/india/anna-hazare-holds-two-hour-silent-fast-in-solidarity-with-protesting-students/

    भविष्य से जुड़े सवालों पर गंभीरता से होनी चाहिए चर्चा

    अन्ना हजारे ने इस दौरान छात्रों की समस्याओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े सवालों पर गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों की मांगें बातचीत के जरिए सुलझाई जानी चाहिए। दिल्ली छात्र आंदोलन के समर्थन में अन्ना हजारे आज अहिल्यानगर के वाडिया पार्क में दो घंटे के लिए मौन आंदोलन पर बैठे थे।

    पीएम मोदी को लिखा था पत्र

    इंटरव्यू के दौरान उन्होंने छात्रों के मुद्दे को लेकर पीएम मोदी को लिखे पत्र को लेकर भी बात की है। उन्होंने कहा कि हिंसा से कभी भी समाधान नहीं निकलता है। नरेंद्र मोदी देश के एक बड़े सम्मानित नेता है। उन्हें ये समझना चाहिए कि हिंसा कोई रास्ता नहीं है। वो सर्वोच्च पद पर हैं इसलिए मैंने उन्हें पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि मैंने अपने जीवन में 22 आंदोलन किए हैं परंतु उसमें कभी भी हिंसा नहीं हुई। इस आंदोलन में जो हुआ है वो गलत हुआ है। आंदोलन हमेशा अहिंसा के मार्ग पर होना चाहिए। बता दें कि बीते दिन पीएम मोदी को उन्होंने एक पत्र लिखा था कि – दिल्ली में छात्रों के चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा और पुलिस की कार्रवाई बहुत दुखद थी। उन्होंने जोर देकर करहा है कि लोकतंत्र में टकराव के बजाय बातचीत हमेशा अच्छी होती है। लोकतंत्र में टकराव की जगह बात करने का रास्ता ढूंढना चाहिए। देश के लाखों युवा ऐसे हैं जो बेरोजगारी और पेपर लीक से परेशान हैं। इसे सिर्फ कानून व्यवस्था की समस्या मानने के जगह जनता के आक्रोश के तौर पर देखा जाना चाहिए।

    शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

    अन्ना हजारे की ओर से केंद्रीय मंत्री अन्ना हजारे के इस्तीफे की मांग को लेकर भी समर्थन किया है। उन्होंने लिखा कि – किसी मंत्री का इस्तीफा लेने से सरकार सत्ता नहीं खोती है। इससे बल्कि अन्य मंत्रियों के बीच में एक कड़ा और साफ संदेश जाता है कि जिम्मेदारी न निभाने पर पद छोड़ना होगा।
  • फिर लागू हुआ NSA, पुलिस चीफ को मिला गिरफ्तारी का पावर

    फिर लागू हुआ NSA, पुलिस चीफ को मिला गिरफ्तारी का पावर

    नई दिल्लीः नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का विरोध-प्रदर्शन जारी है। वहीं आज दिल्ली पुलिस कमिश्नर को नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (एनएसए) के तहत स्पेशल पावर दी गई है। हालांकि कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि यह फैसला जंतर-मंतर पर चल रहे CJP छात्र आंदोलन को देखते हुए लिया गया है। दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने इस दावे को गलत बताया है। पुलिस का कहना है कि यह हर तीन महीने में होने वाली सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है। मौजूदा आदेश भी 7 जुलाई 2026 को ही जारी कर दिया गया था, यानी CJP आंदोलन के तेज होने से पहले ही। इसलिए इसका मौजूदा प्रदर्शन से कोई सीधा संबंध नहीं है।

    दिल्ली सरकार के गृह विभाग की ओर से 15 जुलाई को जारी अधिसूचना के अनुसार, शहर के पुलिस आयुक्त को एनएसए की धारा 3 की उपधारा (2) के तहत हिरासत में लेने की शक्ति दी गई है। यह शक्ति 18 अक्तूबर तक प्रभावी रहेगी। उपराज्यपाल ने दिल्ली पुलिस की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत किसी व्यक्ति को एहतियातन हिरासत में लेने की शक्ति को 18 अक्तूबर तक बढ़ा दिया है। एक आधिकारिक अधिसूचना में इसकी जानकारी दी गई है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब कथित परीक्षा अनियमितताओं को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में प्रदर्शन जारी है।

    कुछ दिन पहले ही हजारों लोगों ने इस मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। इस मार्च के दौरान हिंसा हुई थी, जिसमें कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि एनएसए के तहत हिरासत में लेने की शक्ति को हर तीन महीने में सामान्य रूप से बढ़ाया जाता है और इस मामले में कोई विशेष अनुरोध नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि यह शक्ति 1980 के दशक से दी जाती रही है। कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जून को जंतर-मंतर से अपना प्रदर्शन शुरू किया था।