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  • गन्ना चबाकर खाएं या जूस पीएं…, सेहत के लिए कैसे है फायदेमंद, जानें

    गन्ना चबाकर खाएं या जूस पीएं…, सेहत के लिए कैसे है फायदेमंद, जानें

    हेल्थः गन्ना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। स्वाद में मीठा और स्वास्थ्य में ताकतवर, गन्ना हमारे शरीर को तुरंत एनर्जी देता है, पाचन सुधारता है और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है। लेकिन अधिकतर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि गन्ना सीधे चबाकर खाना ज्यादा बेहतर है या उसका जूस पीना।

    गन्ना और उसका रस दोनों ही तुरंत एनर्जी देने वाले खाद्य पदार्थ हैं। गन्ना चबाने में शरीर को धीरे-धीरे ग्लूकोज मिलता है, जिससे आपको लंबे समय तक एनर्जी मिलती रहती है।

    वहीं गन्ने का जूस पीने से ग्लूकोज तुरंत शरीर में पहुंचता है और थकान दूर होती है। इसलिए सुबह या वर्कआउट के बाद दोनों ही तरीके काम आते हैं। गन्ना चबाने से इसमें मौजूद फाइबर पेट में धीरे-धीरे डाइजेस्ट होता है और पाचन तंत्र मजबूत होता है। इसके नियमित सेवन से कब्ज और पेट की समस्या दूर रहती है।

    गन्ने का जूस भी डाइजेशन के लिए फायदेमंद है, लेकिन उसमें फाइबर कम होने की वजह से यह असर थोड़ा कम दिखाता है। गन्ना और उसका जूस दोनों शरीर से टॉक्सिन निकालने में मदद करते हैं। गन्ने के जूस में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और मिनरल्स लीवर को साफ रखने में मददगार होते हैं। अगर आप डिटॉक्स के लिए गन्ने का सेवन करना चाहते हैं तो रस पीना थोड़ी जल्दी असर दिखाता है।

    हड्डियों और दांतों के लिए फायदेमंद
    गन्ना चबाने से दांतों की सफाई भी होती है और मसूड़ों को मजबूती मिलती है। साथ ही इसमें कैल्शियम और फॉस्फोरस होते हैं जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। जूस में ये मिनरल्स मौजूद होते हैं, लेकिन चबाने में उनके फायदे ज्यादा लंबे समय तक मिलते हैं।

    इम्यूनिटी बूस्ट करने में मददगार
    गन्ना और गन्ने का जूस शरीर में इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं। इसमें विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर को बैक्टीरिया और वायरल इंफेक्शन से लड़ने की ताकत देते हैं। यदि आप जल्दी बीमारी से बचना चाहते हैं तो दोनों ही तरीके फायदेमंद हैं।

  • Shehnaaz Gill ने कम किया 12 किलो वजन, इस खास डाइट को बनाया Daily Routine का हिस्सा

    Shehnaaz Gill ने कम किया 12 किलो वजन, इस खास डाइट को बनाया Daily Routine का हिस्सा

    सेहत: बिग बॉस 13 फेम शहनाज गिल इन दिनों खूब सुर्खियों में बनी हुई हैं। अपनी फिल्म ‘इक कुड़ी’ को लेकर वह फैंस से लाइमलाइट ले रही हैं। फिल्म में शहनाज हर लुक में काफी सुंदर नजर आ रही हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक्ट्रेस ने करीबन 12 किलो वजन कम किया है। एक इंटरव्यू में उन्होंने बात करते हुए अपनी वेट लॉस जर्नी के बारे में खुलासा किया है।

    इंजेक्शन से नहीं घटाया वजन

    शहनाज ने बात करते हुए कहा कि – ‘मैं डाइट नहीं करती हूं कई लोगों को लगता है कि वजन घटाने के लिए मैंने इंजेक्शन लिए हैं। मुझे पता भी नहीं है कि ये क्या होते हैं, मुझे फर्क भी नहीं पड़ता क्योंकि मुझे पता है कि मैंने कैसे वजन घटाया है’। शहनाज आगे बोली कि – ‘मैं 67 किलो की थी। अब मैं 55 किलो की हूं कई बार मेरा वजन 52 किलो भी हो जाता है। एक साल तक मैंने सात्विक खाना खाया। मैंने बिना लहसुन और प्याज के खाना खाया। मैंने खुद को काफी कंट्रोल किया है और मेरा वजन फिर घटता गया है’।

    एक्सरसाइज को भी किया शामिल

    इसके साथ ही शहनाज ने कहा कि – ‘मैंने थोड़ी बहुत एक्सरसाइज भी की। वजन को कंट्रोल मे रखने के लिए डाइट का भी ध्यान रखा’।

    अच्छी नींद लेती हैं एक्ट्रेस

    शहनाज का मानना है कि क्वालिटी स्लीप और स्ट्रेस मैनेजमेंट का भी हेल्दी वेट मेंटेन करने के लिए खास रोल है। वह सारे दिन में खूब पानी पीती हैं और अपनी बॉडी की सुनती हैं। वह अपनी जरुरत के अनुसार, डाइट और रुटीन में बदलाव भी करते हैं।

    मखाना भी खाती हैं शहनाज

    शाम को शहनाज एक मुट्ठी भर घी में भुना हुआ मखाना खाती हैं। मखाना प्रोटीन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। यह आपका पाचन बेहतर बनाता है और हल्की भूख भी शांत करता है। यदि आप वजन कम करना चाहते हैं तो इसे अपनी रुटीन का हिस्सा बना सकते हैं।
  • Diabetes में क्यों लगती है बार-बार प्यास, जानिए Expert की राय

    Diabetes में क्यों लगती है बार-बार प्यास, जानिए Expert की राय

    हेल्थः डायबिटीज आज दुनिया की सबसे आम बीमारियों में से एक बन चुकी है। क्योंकि हर उम्र के लोग इस बीमारी से प्रभावित हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक डायबिटीज सिर्फ ब्लड शुगर बढ़ने की बीमारी नहीं है, बल्कि यह शरीर के कई हिस्सों को धीरे-धीरे प्रभावित करती है।अक्सर मरीजों की शिकायत होती है कि उन्हें बहुत बार पेशाब आता है और बार-बार प्यास लगती है।

    जब किसी व्यक्ति को डायबिटीज होती है तो उसके शरीर में इंसुलिन नामक हार्मोन सही मात्रा में नहीं बनता या काम नहीं करता। इंसुलिन का काम होता है खाने से मिलने वाले शुगर को शरीर की कोशिकाओं तक पहुंचाना ताकि उसे ऊर्जा में बदला जा सके, जब इंसुलिन की कमी होती है तो ग्लूकोज खून में जमा होने लगता है। इस बढ़े हुए शुगर लेवल को कम करने के लिए शरीर उसे पेशाब के रास्ते बाहर निकालने की कोशिश करता है।

    बार-बार पेशाब आने का कारण
    जब खून में शुगर की मात्रा बहुत बढ़ जाती है, तो किडनी को ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है ताकि वह अतिरिक्त शुगर को फ़िल्टर करके पेशाब के जरिए बाहर निकाल सके। इसके चलते पेशाब की मात्रा और बार-बार पेशाब आने की आवृत्ति दोनों बढ़ जाती हैं। इसे पॉलीयूरिया (Polyuria) कहा जाता है, यानी ज़्यादा बार और ज़्यादा मात्रा में पेशाब आना।

    बार-बार प्यास लगने का कारण
    जब शरीर से पेशाब के जरिए पानी बार-बार बाहर निकलता है, तो शरीर में डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) होने लगती है। इस वजह से मरीज को बार-बार प्यास लगती है ताकि शरीर में पानी की कमी पूरी की जा सके। इसे पॉलीडिप्सिया (Polydipsia) कहा जाता है यानी लगातार प्यास लगना।

    कब सतर्क होना चाहिए?
    – बार-बार पेशाब आना, खासकर रात में
    – बहुत ज़्यादा प्यास लगना
    – बिना वजह वजन घटना
    – थकान या कमजोरी महसूस होना
    – धुंधला दिखाई देना

    क्या करें और क्या न करें
    – नियमित ब्लड शुगर जांच करवाएं, इससे बीमारी पर नियंत्रण बना रहता है
    – डाइट पर ध्यान दें, कम शुगर, ज्यादा फाइबर और संतुलित आहार लें
    – पर्याप्त पानी पिएं, लेकिन अत्यधिक नहीं
    – डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाइयां या इंसुलिन नियमित रूप से लें
    – व्यायाम करें, रोज़ाना 30 मिनट की वॉक बहुत मददगार होती है।

  • ये घरेलू नुस्खे कान की सफाई करने में करेंगे मदद, ये गलतियां पड़ सकती है भारी

    ये घरेलू नुस्खे कान की सफाई करने में करेंगे मदद, ये गलतियां पड़ सकती है भारी

    हेल्थः कान की गंदगी साफ कैसे करें ये सवाल हर किसी के मन में होता है। आजकल बहुत ज्यादा धूल मिट्टी और प्रदूषण के कारण कान में बहुत ज्यादा गंदगी बनती है। ऐसे में सुनने में समस्या हो सकती है। हालांकि कान का मैल साफ करने के लिए घरेलू उपाय मौजूद हैं, लेकिन कान बहुत ही सेंसिटिव अंग है जिसके साथ प्रयोग करना भारी पड़ सकता है। अगर आप भी कान साफ करने के आसान और असरदार घरेलू उपाय जानना चाहते हैं तो यह खबर आपकी के लिए मददगार साबित हो सकती है।

    कान की गंदगी कान के लिए एक प्राकृतिक सुरक्षा तंत्र है जो कान को धूल, बैक्टीरिया और अन्य बाहरी कणों से बचाता है। यह कान के अंदर की त्वचा को नम बनाए रखता है और संक्रमण से बचाता है। लेकिन, जब यह जरूरत से ज्यादा बनने लगे या बाहर न निकले, तो यह ब्लॉकेज और सुनने में दिक्कत पैदा कर सकता है।

    1. गुनगुना नारियल तेल या ऑलिव ऑयल
    एक चम्मच तेल को हल्का गर्म करें। ड्रॉपर की मदद से 2-3 बूंदें कान में डालें और सिर को कुछ मिनट के लिए एक तरफ झुकाकर रखें। तेल ईयरवैक्स को नरम करता है जिससे वह आसानी से बाहर निकल जाता है। तेल बहुत गर्म न हो और कान में चोट या संक्रमण न हो.

    2- आधा चम्मच बेकिंग सोडा को दो चम्मच पानी में मिलाएं। ड्रॉपर से 2 बूंदें कान में डालें। यह ईयरवैक्स को घोलने में मदद करता है और धीरे-धीरे बाहर निकालता है। हफ्ते में एक बार से ज्यादा न करें।

    3. एक चम्मच नमक को गर्म पानी में मिलाएं। रुई की मदद से कान के बाहरी हिस्से को साफ करें या ड्रॉपर से 2 बूंदें डालें। नमक का एंटीसेप्टिक गुण कान को संक्रमण से बचाता है और मैल को ढीला करता है। कान में पानी भरने से बचें।

    4. मेडिकल स्टोर से मिलने वाला 3 प्रतिशत हाइड्रोजन पेरॉक्साइड लें। इसे बराबर मात्रा में पानी में मिलाकर 2 बूंदें कान में डालें. यह ईयरवैक्स को झाग बनाकर बाहर निकालने में मदद करता है। यह उपाय बहुत संवेदनशील कानों के लिए नहीं है। पहले डॉक्टर से सलाह लें।

    सफाई के दौरान ये गलतियां करने से बचें
    – कॉटन बड्स का इस्तेमाल अंदर तक न करें। इससे मैल और अंदर जा सकता है।
    – पिन, टूथपिक या किसी नुकीली चीज से कान में सफाई न करें। इससे कान की त्वचा या पर्दा फट सकता है।
    – बार-बार कान में उंगली डालना भी संक्रमण का कारण बन सकता है।

  • High Protein के लिए इन Foods को बनाए Diet का हिस्सा, मांसपेशियां होंगी मजबूत

    High Protein के लिए इन Foods को बनाए Diet का हिस्सा, मांसपेशियां होंगी मजबूत

    हेल्थः प्रोटीन शरीर के लिए बहुत जरूरी है। जो हड्डियों, मांसपेशियों, खून, त्वचा, एंजाइम, हार्मोन और विटामिन के निर्माण में मदद करता हैं। ये शरीर की ग्रोथ और डेवलमेंट के लिए, कोशिकाओं और मसल्स की मरम्मत और निर्माण के लिए भी जरूरी है।

    वैसे तो प्रोटीन के लिए अंडे, मीट, चिकन, डेयरी उत्पाद, मेवा, कुछ सब्जियां, अनाजों और फलियां अच्छा सोर्स हैं। इसके अलावा सोयाबीन और क्विनोआ भी प्रोटीन के बढ़िया सोर्स में गिना जाता है। लेकिन दिक्कत तब होती है जब कई लोग अंडा खाते नहीं या उन्हें अंडे से एलर्जी होती है तो ऐसे में क्या करना चाहिए।

    -अगर आप अंडा नहीं खाते लेकिन आप नॉन वेजेटेरियन हैं तो आप चिकन ब्रेस्ट, मीट, सैल्मन, टूना और मैकेरल जैसी मछलियां खा सकते हैं। ये न केवल प्रोटीन से भरपूर होती हैं, बल्कि इनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड भी होता है, जो हृदय के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है।

    -अगर आप डेयरी प्रॉडक्ट्स खाते हैं तो दूध, पनीर और दही जैसे डेयरी उत्पाद प्रोटीन के बढ़िया विकल्प हैं। साथ ही ये कैल्शियम और कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। ग्रीक योगर्ट का भी प्रोटीन के लिए सेवन करना अच्छा है क्योंकि इसमें प्रोटीन के साथ-साथ कैल्शियम, विटामिन और खनिज जैसे पोषक तत्व भी प्रचुर मात्रा में होते हैं। डेयरी उत्पादों में सैचुरेटेड फैट की मात्रा अधिक हो सकती है इसलिए लो फैट वाले डेयरी विकल्प चुनें और पनीर की मात्रा सीमित रखें।

    -बीन्स, मटर, छोले, किडनी बीन्स, सफेद-काली बीन्स, सोयाबीन, काली मटर, अरहर, मसूर दाल, मसूर दाल और एडामे जैसे प्लांट बेस्ड फूड्स प्रोटीन के साथ-साथ फाइबर, फोलेट, पोटेशियम, आयरन और जिंक के भी बेहतरीन स्रोत हैं।

    -मेवे और बीजों में बादाम, हेजलनट्स, अखरोट, मूंगफली, चिया सीड्स, कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज और पीनट बटर शामिल हैं। ये न केवल प्रोटीन से भरपूर होते हैं बल्कि हेल्दी फैट्स, विटामिन और खनिज भी प्रदान करते हैं। मेवों में फैट्स और कैलोरी की मात्रा अधिक होती है इसलिए मात्रा का ध्यान रखें।

  • ये घरेलू नुस्खे आपके दांतों को बनाएंगे मजबूर और खूबसूरत

    ये घरेलू नुस्खे आपके दांतों को बनाएंगे मजबूर और खूबसूरत

    हेल्थः हर किसी को होता है कि उनके दांत खूबसुरत दिखें, लेकिन खाते समय दांतों में प्लाक या टार्टर जमने ने न सिर्फ आपके दांत पीले पड़ते हैं बल्कि यह गंदगी धीरे-धीरे दांत की जड़ों में घुसने लगती है जिससे आपको पायरिया, दांतों से खून आना, मुंह से बदबू आना, मसूड़ों से खून आना, दांतों का कमजोर होना और टूटना, कैविटी जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। अगर आप सही से मुंह की सफाई नहीं करते, सही से ब्रश या फ्लॉस नहीं करते, ज्यादा मीठा या चिपचिपा खाना खाते हैं तो आपके दांत जल्दी पीले और बदबूदार होकर सड़ सकते हैं। लेकिन कुछ घरेलू उपाय जो आपको इन समस्या से छुटकारा दिला सकती है।

    पहला नुस्खाः ऑयल पुलिंग एक पुरानी और असरदार घरेलू उपाय है जो मुंह की सफाई और दांतों की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। इसके लिए आप नारियल तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस तेल में मौजूद लॉरिक एसिड मुंह के बैक्टीरिया को खत्म करता है, बदबू दूर करता है और दांतों को मजबूत बनाता है। एक बड़ा चम्मच तेल लें। सबसे अच्छा है नारियल तेल है। इसे अपने मुंह में डालें और ऐसे घुमाएं जैसे माउथवॉश करते हैं। इसे खाली पेट सुबह ब्रश करने से पहले करें। ऐसा कम से कम 10 मिनट तक करें, लेकिन अगर जबड़े में दर्द या खिंचाव महसूस हो तो 5 मिनट भी काफी है।

    इस बात का रखें ध्यानः तेल को निगलना नहीं है, बल्कि बाद में थूक देना है। अगर चाहें तो तिल का तेल या सूरजमुखी का तेल भी इस्तेमाल किया जा सकता है। नारियल तेल में लॉरिक एसिड होता है जो एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-माइक्रोबियल गुणों वाला है। यह बैक्टीरिया को खत्म करता है।

    दूसरा नुस्खाः दांतों पर जमा पीले मैल को साफ करने के लिए आप लौंग और मेथी से बना घरेलू टूथपाउडर इस्तेमाल कर सकते हैं। लौंग में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो मसूड़ों की सूजन कम करते हैं। मेथी में बैक्टीरिया से लड़ने और मुंह की बदबू दूर करने की ताकत होती है।

    कैसे करें इस्तेमालः एक चुटकी लौंग पाउडर लें। इसमें दो चुटकी मेथी दाना पाउडर मिक्स करें। अपने गीले ब्रश को इस मिश्रण में डुबोएं और सामान्य तरीके से ब्रश करें। शुरुआत में लौंग का स्वाद थोड़ा तेज लग सकता है, लेकिन कुछ ही दिनों में आप इसके स्वाद और ताजगी के आदी हो जाएंगे।

    रखें ध्यानः अगर आप ज्यादा मीठा खाते हैं या बार-बार कोल्ड ड्रिंक पीते हैं, तो ये घरेलू नुस्खे उतना असर नहीं दिखाएंगे। इसलिए शुगर का सेवन कम करें और साथ ही सही खानपान रखें।

  • घर में बनाएं ये Simple Drink, खाली पेट पीने से Immunity होगी मजबूर और Skin करेगी Glow

    घर में बनाएं ये Simple Drink, खाली पेट पीने से Immunity होगी मजबूर और Skin करेगी Glow

    हेल्थः आयुर्वेद के अनुसार, सुबह किसी हेल्दी ड्रिंक से शुरुआत करना शरीर को शुद्ध और एनर्जीफुल बनाता है। वैसे तो ऐसी बहुत सी ड्रिंक्स हैं, जिन्हें पीकर आप अपने दिन की शुरुआत कर सकते हैं, लेकिन इनमें सबसे अच्छा ऑप्शन आंवला पानी में हल्दी मिलाकर पीना है। वैसे भी अब सर्दियां आ रही हैं और सर्दियों में किसी भी तरह से आंवले का सेवन करना हेल्थ को बूस्ट करता है। ऐसे में आंवला पानी में हल्दी मिलाकर पीना हेल्थ को दोगुना कर देता है। ये ड्रिंक बेशक देखने में बहुत ही सिंपल लगती हो, लेकिन इसमें ऐसे पोषक तत्व होते हैं जो आपकी इम्यूनिटी, स्किन, डाइजेशन और मूड सब कुछ बेहतर कर देती है।

    – इम्यूनिटी बूस्टर: आंवला विटामिन सी से भरपूर होता है, जो शरीर को बीमारियों से बचाने में मदद करता है। हल्दी में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं। दोनों मिलकर हर सुबह शरीर को एक नैचुरल सुरक्षा कवच देते हैं, जो आपको पूरे दिन हेल्दी रहने में मदद करता है।

    – स्किन को चमकदार बनाता है: अगर आप बिना महंगे प्रोडक्ट्स के ग्लोइंग स्किन चाहते हैं, तो ये ड्रिंक आपके लिए है। आंवला शरीर से टॉक्सिंस निकालता है और डाइजेशन सुधारता है। हल्दी ब्लड फ्लो को बेहतर करती है। इससे स्किन अंदर से साफ और नेचुरली ग्लोइंग दिखती है।

    -शरीर को डिटॉक्स करता है: आंवला-हल्दी का पानी शरीर से टॉक्सिंस निकालने और लिवर को हेल्दी रखने में मदद करता है। सुबह इसे खाली पेट पीने से शरीर फ्रेश और एनर्जेटिक महसूस करता है।

    – पेट को आराम देता है: अगर आपको एसिडिटी या पेट फूलने की समस्या रहती है, तो ये ड्रिंक राहत देगा। ये डाइजेशन सुधारता है, आंतों को हेल्दी रखता है और पेट में गैस या जलन को कम करता है। जब पेट हेल्दी रहता है, तो मूड और स्किन दोनों बेहतर रहते हैं।

  • पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को ज्यादा होता है Alzheimer का खतरा, Study में हुआ खुलासा

    पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को ज्यादा होता है Alzheimer का खतरा, Study में हुआ खुलासा

    सेहत: अल्जाइमर एक ऐसी बीमारी है जिसके कारण याददाश्त कमजोर हो जाती है। यह समस्या ज्यादातर बूढ़े लोगों को ही होती है इसलिए जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है वैसे-वैसे उनकी याददाश्त कमजोर हो जाती है लेकिन शायद आप यह न जानते हो कि रिसर्च में एक नया खुलासा हुआ है। इस रिसर्च के अनुसार, ये परेशानी आदमियों के मुताबिक औरतों में ज्यादा देखने को मिलती है। PNAS में पब्लिश हुई स्टडी के दौरान जब रिसर्चर्स ने 17 से 95 साल की उम्र के बीच के 4700 एडल्ट्स के दिमाग को रिसर्चर्स ने एग्जामिन किया। उन्होंने यह देखा कि क्या ब्रेन एजिंग जेंडर पर भी डिपेंड करती है।

    महिलाओं को ज्यादा खतरा

    इस स्टडी के रिजल्ट में पाया गया है कि आदमी और औरतों के समय के साथ ब्रेन एजिंग होती है लेकिन दोनों के रिजल्ट्स नहीं होते। ऐसे में महिलाओं के मुकाबले आदमियों में तेजी से ब्रेन एजिंग के संकेत नजर आए। ये डिक्लाइन ज्यादातर दिमाग के पैराहिपोकैम्पल कॉर्टेक्स जैसे हिस्सों में देखने को मिला जो इंसान की मेमोरी और इमोशंस के लिए जिम्मेदार होते है। वहीं दूसरी ओर महिलाओं में ब्रेन एजिंग के संकेत कम जगहों पर देखने को मिले। इसके साथ ही महिलाओं के दिमाग में इस दौरान ब्रेन वेंट्रिकल बढ़ते हुए नजर आए।

    ये कारण हैं जिम्मेदार

    रिसर्चर्स का यह मानना है कि ब्रेन एजिंग में नजर आने वाले इन डिफरेंस के कई कारण हो सकते हैं जैसे कि मेटाबॉलिक फंक्शन, एपीजेनेटिक चेंजेस, हार्मोन्स आदि। इस दौरान रिसर्चर्स को हैरानी वाली बात यह पता चली कि हालांकि आदमियों में ब्रेन टिश्यूज जल्दी कम होते हैं और ब्रेन स्ट्रक्चर छोटा होता चला जाता है लेकिन इसके बाद भी अल्जाइमर्स जैसी मैमोरी लॉस की समस्या औरतों को ही ज्यादा होती है।

    हार्मोनल बदलाव है मुख्य कारण

    ऐसे में महिलाओं में अल्जाइमर के रिस्क का एक बड़ा कारण है उनके शरीर में तेजी से होने वाले हार्मोनल बदलाव। महिलाओं में मेनोपॉज, प्रेग्नेंसी और मेंस्ट्रुअल साइकिल के कारण कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं जो इसके लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।
  • रामबाण है हल्दी का पानी, खाली पेट पीने से मिलेगा कई समस्याओं से छुटकारा

    रामबाण है हल्दी का पानी, खाली पेट पीने से मिलेगा कई समस्याओं से छुटकारा

    हेल्थः हल्दी का इस्तेमाल खाने में रंग भरने के अलावा कई तरह की स्वास्थ्य स्थितियों के इलाज के लिए भी किया जाता रहा है। हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जो शरीर में सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। सूजनरोधी गुणों के अलावा, हल्दी एक एंटीऑक्सीडेंट भी है जो सेहत के लिए लाभकारी है। ऐसे में सुबह के समय खाली पेट हल्दी का पानी पीने से आपको स्वस्थ शरीर और कई समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है।

    हल्दी का इस्तेमाल रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए सदियों से किया जा रहा है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। साथ ही, नियमित रूप से हल्दी का पानी पीने से रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखने में मदद मिल सकती है जो संक्रमण से लड़ने और शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है।

    नियमित रूप से हल्दी का पानी पीने से पाचन में सुधार, गैस को कम करने में मदद मिलती है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी पाए गए हैं, जो पाचन स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद करते हैं। हल्दी में कर्क्यूमिन नामक एक कंपाउंड होता है, जिसमें शक्तिशाली एंटी इन्फ्लामेट्री गुण पाए जाते हैं। नियमित रूप से हल्दी वाला पानी पीने से शरीर में सूजन को कम करने में मदद मिल सकती है, जो पुरानी बीमारियों को रोकने में मदद कर सकता है।

  • Heart, Brain, Skin और Hair के लिए फायदेमंद है ये सस्ता Dry Fruit, Diet का बनाए हिस्सा

    Heart, Brain, Skin और Hair के लिए फायदेमंद है ये सस्ता Dry Fruit, Diet का बनाए हिस्सा

    हेल्थः मूंगफली स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए काफी फायदेमंद है। इसे सस्ता ड्राई फ्रूट के नाम से भी जाना जाता है। इसमें वो सारे पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो महंगे ड्राई फ्रूट्स जैसे बादाम और काजू में पाए जाते हैं। रोजाना थोड़ी-सी मूंगफली खाने से शरीर को बहुत से फायदे मिलते है। मूंगफली खाने से दिल, दिमाग, स्किन और बाल भी हेल्दी रहते है, अगर आप रोजाना इसे अपनी डाइट में शामिल करते हैं तो यह आपको लंबे समय तक फिट और एक्टिव रख सकती है। रोजाना 25–30 ग्राम मूंगफली जरूर खाएं।

    मूंगफली में प्रोटीन की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। 100 ग्राम मूंगफली में लगभग 25–26 ग्राम प्रोटीन होता है, जो अंडे और काजू से भी अधिक होती है। 100 ग्राम अंडे में लगभग 13 ग्राम प्रोटीन होता है और 100 ग्राम काजू में 18 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। यही वजह है कि वेजिटेरियन लोगों के लिए मूंगफली को बेहतरीन प्रोटीन सोर्स माना जाता है और यह मसल्स बनाने, टिश्यू रिपेयर करने और एनर्जी बनाए रखने में मदद करती है।

    कई लोगों का मानना है कि मूंगफली खाने से मोटापा बढ़ती है, लेकिन सच्चाई इसकी उल्टी है। मूंगफली में मौजूद फाइबर और प्रोटीन लंबे समय तक पेट को भरा हुआ महसूस कराते हैं और इसकी वजह से हम ओवरईटिंग से भी बच जाते हैं। इसलिए मूंगफली खाने से वजन कंट्रोल करने में मदद मिलती है और मेटाबॉलिज्म भी एक्टिव रहता है।

    मूंगफली में मौजूद विटामिन E और जिंक स्किन को चमकदार और बालों को मजबूत बनाते हैं। यह एजिंग प्रोसेस को धीमा करती है और स्किन को अंदर से हाइड्रेट रखने में भी काम आती हैं। मूंगफली का तेल भी बालों और स्किन के लिए शानदार मॉइश्चराइजर का काम करता है।