Category: Health
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पनीर का सेवन सेहत के लिए हो सकता है खतरनाक, जाने वजह
हेल्थ : कैल्शियम और प्रोटीन से भरपूर पनीर सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। पनीर में विटामिन, प्रोटीन और कैल्शियम भरपूर मात्रा में होते हैं। पनीर से सैकड़ों भारतीय व्यंजन बनाएं जाते हैं। जब भी घर में मेहमान आने वाले होते हैं लोग पनीर का कोई न कोई आइटम ज़रूर बनाते हैं। या फिर जब भी कुछ स्पेशल डिश बनानी हो तो पनीर का नाम सबसे पहले आता है। पनीर न सिर्फ खाने में टेस्टी होता हैं, बल्कि यह सेहत के लिए भी काफी लाभकारी है। लेकिन क्या आप जानते हैं ज़्यादा मात्रा में पनीर का सेवन आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है।ऐसे में कई लोग हैं जो ज्यादा पनीर का ज्यादा सेवन करने से बीमार हो सकते हैं। जानते हैं किन लोगों को पनीर का सेवन कम से कम या न के बराबर करना चाहिए। हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को ज्यादा पनीर खाने से दूर रहना चाहिए। दरअसल,पनीर में सोडियम की मात्रा अधिक होती है। इसलिए इसके ज्यादा सेवन से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है। पनीर में अधिक मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है। जिसके कारण अगर आपने इसका सेवन अधिक और खराब क्वालिटी का किया तो फूड पाइजनिंग की समस्या हो सकती हैं। अगर लैक्टोस इनटोलरेंस की समस्या है रो आप इसका सेवन संभलकर करे। क्योंकि ऐसे लोगों के लिए पनीर का सेवन करने से एलर्जी हो सकता है।हालांकि पनीर में कम मात्रा में लैक्टोस होता है, लेकिन फिर भी सावधानी के तौर पर कम सेवन करना बेहतर होता है।अधिक पनीर खाने से प्रोटीन की मात्रा बढ़ जाती है और इस प्रकार पनीर दस्त का कारण बन सकता है। अगर आप हार्ट की प्रॉब्लम से पीड़ित है तो आपको ज्यादा पनीर खाने से परहेज करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि, पनीर में अधिक मात्रा में फैट पाया जाता है। जिसकी वजह से अधिक पनीर खाने से कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ सकती हैं जिससे आपको दिल संबंधी बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे लोग चाहें तो लो फैट पनीर या टोफू का सेवन कर सकते हैं। -

Sweet Neem गुणों से भरपूर, Sugar- Cholesterol करती है कम
हेल्थः प्रकृति की ओर से दिए कई पेड़-पौधे हमारी सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। इनमें से एक करी पत्ता भी है, जिसे ‘मीठी नीम’ के नाम से भी जाना जाता है। इसका आमतौर पर खाने में स्वाद और सुगंध बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इन पत्तियों का स्वाद हल्का कड़वा और खट्टा और होता है। करी पत्ता भोजन को स्वादिष्ट और सुगंधित बनाने के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद है। एक स्टडी के मुताबिक करी विटामिन C, विटामिन A और फ्लेवोनोइड्स जैसे एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होता है, जो कई बीमारियों के खतरे को कम करता है। एंटी-हाइपरग्लाइसेमिक गुणों के कारण ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है। कोलेस्ट्राल लेवल को भी कंट्रोल करने में मददगार है। इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो शरीर में किसी भी तरह की सूजन को कम करने में मदद करते हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स शरीर से टॉक्सिन्स को खत्म करके लिवर फंक्शन को बेहतर बनाते हैं।
डिस्क्लेमर: यह नुस्खा एक सामान्य जानकारी है। किसी भी तरह के नुस्खे को आजमाने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
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किशमिश के साथ इन चीजों को भिगोकर खाने से मिलेंगे कई फायदे
हेल्थः शानदार फूड्स में बेहद खास मानी जाने वाली किशमिश का अपना ही एक अलग स्वाद है। स्वाद में मीठी होने के साथ-साथ यह एनर्जी देने में भी काफी मदद करती है। आयुर्वेदिक डॉक्टरों के अनुसार इसके खाने से आपकों काफी फायदे हो सकते है। किशमिश के अंदर नेचुरल शुगर, कैलोरी, फाइबर, आयरन, कैल्शियम, बोरोन होता है। इसके साथ एंटीऑक्सीडेंट, एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं। अक्सर लोग इसे कच्चा खा लेते हैं। मगर पानी के साथ इसका सही इस्तेमाल करने पर कई फायदे पा सकते हैं। हर कोई इसे नहीं खा सकता, लेकिन जो खा सकता है उसे इसका फायदा जरूर मिलेगा।
अगर आप पेशाब में पीलापन या शरीर में अतिरिक्त गर्मी से परेशान है तो एक गिलास पानी में 10-12 किशमिश, 1 छोटा चम्मच सौंफ और 1 छोटा चम्मच जीरा रात को सोते समय भिगो दें। सुबह उठकर सभी चीजों को चबाकर खाएं और ऊपर से यह पानी पी लें। 5 दिन में फायदा दिखने लगेगा। 15-20 किशमिश रातभर पानी के अंदर भिगोकर सुबह खाने की आदत डाल लें। ऐसा करने से पुरानी से पुरानी कमजोरी, एसिडिटी या कब्ज को दूर किया जा सकता है।
एक रिपोर्ट के अनुसार अगर आपको बार बार दस्त या पेशाब ज्यादा लगता है तो ऐसे लोगों को किशमिश का प्रयोग थोड़ा कम करना चाहिए। क्योंकि यह चीज दोनों समस्याओं को बढ़ाकर परेशान कर सकती है।डिस्क्लेमर: यह नुस्खा एक सामान्य जानकारी है। किसी भी तरह के नुस्खे को आजमाने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
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सर्दियों में बढ़ सकता है Heart Attack का खतरा
डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह नई दिल्ली: सर्दियों का मौसम दिल के मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। हाल ही में कार्डियोलॉजिस्ट्स द्वारा किए गए अध्ययनों में पाया गया है कि ठंड के कारण रक्त वाहिकाएं संकरी हो जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और हार्ट अटैक का खतरा दोगुना हो सकता है।क्या कहती है रिसर्च?
विशेषज्ञों के अनुसार, ठंड के मौसम में शरीर गर्मी बनाए रखने के लिए अधिक मेहनत करता है, जिससे हृदय पर दबाव बढ़ता है। उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज के मरीजों के लिए यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
डॉक्टरों की सलाह
- नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करवाएं।
- सुबह जल्दी और देर रात टहलने से बचें।
- हल्का गर्म पानी पिएं और खुद को गर्म कपड़ों से ढक कर रखें।
- संतुलित आहार लें और तैलीय व अधिक मसालेदार भोजन से बचें।
- अचानक ज्यादा व्यायाम करने से बचें, खासकर ठंडे मौसम में।
हार्ट स्पेशलिस्ट्स का कहना है कि ठंड में लक्षणों को नज़रअंदाज न करें। यदि सीने में दर्द, सांस लेने में कठिनाई या अत्यधिक पसीना आए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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समय से पहले बाल हो रहे है सफेद, जानें वजह
हेल्थः आज बदलते लाइफस्टाइल और गलत खानपान से हमारे बाल समय से पहले ही सफेदी होने लग पड़े है। इस समस्या से स्कूल और कॉलेज जाते लड़के-लड़कियां भी परेशान हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं क्या कारण है कि समय और उम्र से पहले ही बाल सफेद हो रहे हैं। रिसर्च में पाया गया है कि गुस्सा न सिर्फ आपकी सेहत को खराब करता है बल्कि बालों के समय से पहले ग्रे या सफेद होने का कारण भी होता है। गुस्से से होने वाले वाइट हेयर को ठीक करने के लिए बालों पर एलोवेरा जेल का इस्तेमाल असरदार बताया है।
अक्सर देखा जाता है कि जो लोग कॉफी के रूप में ज्यादा मात्रा में कैफीन लेते हैं उनसे बाल समय से पहले ही सफेद होने लगते हैं। ऐसा ही उनके साथ भी होता है जो अल्कोहल का सेवन करते हैं। ऐसी स्थिति में बालों को सफेद होने से बचाने के लिए आप तिल या फिर नारियल के तेल से सिर की मसाज कर सकते हैं और ब्राह्मी, आंवला और भृंगराज जैसी जड़ी बूटियों का इस्तेमाल कर सकते हैं। काम का ज्यादा प्रेशर और नाइट शिफ्ट या देर रात तक एक्स्ट्रा काम करना बालों के सफेद होने का तीसरा कारण है, जिसे ठीक करने के लिए आप षडबिंदु तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये एक आयुर्वेदिक ऑयल है जिसे दवाई की तरह इस्तेमाल किया जाता है।
डिस्क्लेमर: लेख में दिए गए नुस्खे की जानकारी समान्या है। किसी भी तरह के नुस्खे को आजमाने से पहले किसी एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
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Mental Stress से छुटकारा पाने के लिए इन चीजों को करे जिंदगी में शामिल
हेल्थः चिंता, तनाव और डिप्रेशन जिंदगी की आम समस्याएं बन चुकी हैं। यह न केवल मानसिक बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार चिंता और अवसाद के मामलों में 25 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। भारत में भी यह दर काफी तेजी से बढ़ रही है। डॉक्टरों के अनुसार लंबे समय तक कोई व्यक्ति तनाव से जूझ रहा हो तो नींद पर बुरा असर पड़ सकता है, इम्यूनिटी काफी कमजोर हो सकती है और हृदय से जुड़ी बीमारियां व डायबिटीज जैसी समस्याएं भी जन्म ले सकती हैं।
आयुर्वेद के अनुसार मानसिक स्वास्थ्य तीन दोषों पर निर्भर करता है-वात, पित्त और कफ। वात, पित्त और कफ के असंतुलन से कई मानसिक परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं। आयुर्वेद में मानसिक स्वास्थ्य का संबंध मन और शरीर के संतुलन से बताया गया है। प्राणायाम, योग, जड़ी-बूटियों के उपयोग और सही आहार से मानसिक स्वास्थ्य को संतुलित किया जा सकता है। वहीं अगर शरीर में कफ बढ़ जाए तो आलस्य, अवसाद, उदासी और सुस्ती छाने लगती है इसे कफ दोष कहते हैं।
डिप्रेशन या चिंता के इलाज के लिए कई दवाएं उपलब्ध हैं लेकिन उनके कई बुरे प्रभाव भी होते हैं। जैसे याददाश्त में कमी होना, आलस और दवाओं पर निर्भरता। लंबे समय तक अगर पारंपरिक दवाओं का इस्तेमाल किया जाए तो इसका प्रभाव भी कम होने लगता है, जिस कारण लोग अब नेचुरल और सुरक्षित उपचारों की ओर ध्यान दे रहे हैं।
आयुर्वेद पर लोगों का भरोसा काफी गहरा है यह बिना किसी साइड इफेक्ट के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। आयुर्वेद हजारों साल पुरानी भारतीय चिकित्सा पद्धति है। यह मानसिक स्वास्थ्य को संतुलित रखने के लिए संपूर्ण दृष्टिकोण पर भरोसा रखता है। आयुर्वेद में हर्बल दवाएं, खानपान, योग और ध्यान के माध्यम से वात, पित्त और कफ को संतुलित बनाए रखने पर ध्यान दिया जाता है। सही जीवन शैली और दिनचर्या को अपना कर भी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को दूर किया जा सकता है।
डिस्क्लेमर : यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
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दिनचर्या में जरूर करें इस Juice को शामिल, बाल होंगे मजबूत और झुर्रियां होंगी गायब
हेल्थः भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहत का ख्याल रखना सभी के लिए चुनौतीपूर्ण बन गया है। अगर आप अपने डाइट में नियमित रूप से पालक का जूस शामिल करते हैं तो आपको अनेक फायदे मिलेंगे। पालक का जूस पीने से आपका शरीर अंदर से डिटॉक्स होगा। आपकी त्वचा काफी चमकदार बनेगी। पालक में कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो ओवरऑल हेल्थ को मजबूत बनाते हैं। इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को जरूरी पोषण प्रदान करता है।
एक रिपोर्ट के अनुसार अगर एक गिलास पालक का जूस पीने की आदत आप अपने दिनचर्या में शामिल करें लेते है तो तो आपकी सेहत सुधारने के साथ-साथ आपकी त्वचा और बाल भी पहले से काफी खूबसूरत दिखेंगे। हृदय से जुड़ी समस्याएं आजकल काफी आम हो चुकी है, लेकिन एक गिलास पालक का जूस दिल के स्वास्थ्य को फायदे पहुंचाएगा। जूस में फाइबर और नाइट्रेट्स मौजूद होते हैं, जो हृदय के फंक्शनिंग को मजबूत बनाते हैं। नाइट्रेट्स ब्लड फ्लो को बेहतर बनाता है, जिससे हार्ट पर दबाव कम पड़ता है। पालक में मौजूद फाइबर कोलेस्ट्रॉल लेवल को नियंत्रित करता है।

अगर आपके बाल कमजोर हो रहे हैं या काफी झड़ रहे हैं तो पालक का जूस पीना आपके लिए बहुत ही फायदेमंद साबित हो सकता है। पालक पीने से बालों के जड़ों को पोषण मिलता है और बाल मजबूत होते हैंं। पालक में फोलिक एसिड और आयरन मौजूद होता है, जिसका सेवन करने से हेयर फॉल कम होता है। विटामिन ए और विटामिन सी का सेवन करने से बालों की ग्रोथ बढ़ती है। हफ्ते में कम से कम 4 से 5 बार अगर पालक का जूस पिया जाए तो बालों के लिए रामबाण साबित हो सकता है।

पालक का जूस आपकी त्वचा के सेल्स को पोषण देकर उसे निखारता है। जूस के सेवन से त्वचा में नेचुरल मॉइश्चर बना रहता है और त्वचा अंदर से ग्लो करने लगती है। पालक में मौजूद विटामिन सी कॉलेजन के उत्पादन को बढ़ाता है और त्वचा पर होने वाले झुर्री को कम करता है। स्किन टाइट होती है और यंग दिखती है। सुबह-सुबह रोज अगर एक गिलास ताजा पालक का जूस पिया जाए तो त्वचा को डिटॉक्स करके मुहांसे और दाग धब्बों से छुटकारा मिलेगा।
डिस्क्लेमर: यह सामान्य जानकारी है। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
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Uric Acid से छुटकारा पाने के लिए खाएं ये चीजें, देखें वीडियो
Health Tips: यूरिक एसिड शरीर में मौजूद एक वेस्ट प्रॉडक्ट है जिसका उच्च स्तर शरीर के लिए हानिकारक होता है। हाई यूरिक एसिड का मतलब खून में यूरिक एसिड का उच्च स्तर है। अगर आपका शरीर बहुत ज्यादा यूरिक एसिड बनाता है और पर्याप्त मात्रा में यूरिक एसिड को बाहर नहीं निकाल पाता है तो यह आपके रक्त में जमा हो सकता है। इस स्थिति को हाइपरयूरिसीमिया कहा जाता है। यूरिक एसिड प्यूरीन नामक तत्व के टूटने के दौरान बनता है जो कुछ खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। खून यूरिक एसिड को गुर्दे तक ले जाता है।
गुर्दे अधिकांश यूरिक एसिड को यूरीन में छोड़ देते हैं जो फिर वो शरीर से बाहर निकल जाता है। हाई यूरिक एसिड होने पर गुर्दे की पथरी हो सकती है। यूरिक एसिड के उच्च स्तर से कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं जैसे कि गठिया। गुर्दे की पथरी से बचने के लिए यूरिक एसिड के स्तर को कम रखना जरूरी है। यूरिक एसिड क्रिस्टल गुर्दे की पथरी भी बना सकते हैं जिससे तेज दर्द हो सकता है।
ग्रीन टी : ग्रीन टी सिर्फ वजन घटाने के लिए ही नहीं बल्कि गठिया से निपटने में भी अच्छी है। कई अध्ययनों से यह साबित होता है कि ग्रीन टी के अर्क शरीर में यूरिक एसिड के उत्पादन को कम कर सकते हैं। इस प्रकार यह उन लोगों के लिए एक अच्छी ड्रिंक है जो गाठिया से पीड़ित हैं या जिनके खून में यूरिक एसिड का स्तर अधिक है।
खट्टे फल : संतरे और नींबू जैसे फल विटामिन सी का समृद्ध स्रोत हैं और ये यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में मदद कर सकते हैं। इन खाद्य पदार्थों को शामिल करने से आपको शरीर में स्वस्थ यूरिक एसिड के स्तर को बनाए रखने में मदद मिल सकती है क्योंकि वो अतिरिक्त यूरिक एसिड को शरीर से बाहर निकाल सकते हैं।
केले : अगर आपको हाई यूरिक एसिड के कारण गठिया हो गई है तो केला आपके रक्त में यूरिक एसिड को कम करने के लिए सबसे अच्छे फलों में से एक है। यह गठिया के जोखिम को कम करने में भी मदद करता है। केले में स्वाभाविक रूप से प्यूरीन बहुत कम होता है। यह आपके यूरिक एसिड के इलाज में खासा मददगार हो सकता है।
सेब : सेब में डायट्री फाइबर की मात्रा अधिक होती है। यह यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में आपकी मदद करता है। फाइबर रक्तप्रवाह से यूरिक एसिड को अवशोषित करता है और आपके शरीर से अतिरिक्त यूरिक एसिड को बाहर निकालता है। इसके अलावा सेब में मैलिक एसिड भी भरपूर मात्रा में होता है जो शरीर में यूरिक एसिड के प्रभावों को बेअसर करता है।
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रोज पिएं इस दाल का पानी, दूर होगी Vitamin B12 की कमी
हेल्थः शरीर को हेल्दी और फिट रखने के लिए जरूरी है कि उसमें सभी तरह के विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाएं। ये सभी हमारे शरीर को अंदर से स्ट्रांग बनाए रखने में मदद करते हैं। शरीर में किसी भी विटामिन की कमी शरीर के अलग-अलग अंगों पर असर डालती है। जैसे विटामिन डी हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी होता है तो वहीं विटामिन सी आपकी स्किन और इम्यूनिटी के लिए अच्छा माना जाता है। ऐसे ही विटामिन बी 12 भी है ये एक ऐसा तत्व है जो हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी होता है। विटामिन बी 12 हमारे डीएनए बनाने और हमारी कोशिकाओं में एनर्जी बनाने में मदद करता है।
शरीर में विटामिन बी12 की कमी होने पर एनीमिया, थकान, कमजोरी, हाथ-पैर में झुनझुनी और शरीर में सूजन जैसी समस्याएं होने लगती है। विटामिन बी12 हमारे शरीर में खुद बा खुद नहीं बनता है इसलिए इसकी आपूर्ति के लिए हमें बाहरी सोर्स की मदद लेनी पड़ती है। विटामिन बी12 की कमी को पूरा करने के लिए हमें अपनी डाइट में ऐसी चीजों का सेवन करना चाहिए जो विटामिन बी12 से भरपूर हों। हालांकि वेज की बात करें तो आपके किचन में पाई जाने वाली एक दाल में भी यह पाया जाता है। इस दाल का सेवन करने से इस विटामिन की कमी को पूरा करने में मदद मिल सकती है।
डाइट न्यूट्रिशनिस्ट के अनुसार शरीर में विटामिन की कमी को पूरा करने के किचन में पाई जाने वाली मूंग दाल बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है। बता दें कि मूंग दाल के पानी का सेवन विटामिन बी12 की कमी को पूरा करने में मदद कर सकता है। इस दाल में विटामिन बी12 भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसकी कमी होने पर रोजाना इस दाल का सेवन विटामिन बी12 की कमी को पूरा करने में मदद कर सकता है।
मूंग दाल का सेवन करने के लिए आप एक कप मूंग दाल को अच्छी तरह से धोकर साफ कर लें और पानी में भिगोकर रख दें। सुबह दाल अच्छे से भीग जाएगी तो आप इस पानी का सेवन कर लें। इसके अलावा आप बची हुई दाल को प्याज, नींबू डालकर इसका सेवन कर सकते हैं।
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इन चीजों से बनाएं दूरी, जल्द कंट्रोल होगी Sugar
हेल्थः Diabetes आज के समय में एक बढ़ती समस्या है। दुनियाभर में इस लाइलाज और जानलेवा बीमारी के मरीज तेजी से बढ़ते जा रहे हैं और इन मरीजों में लगभग हर उम्र के लोग शामिल हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनिया भर में डायबिटीज से हर साल करीब 6.7 मिलियन से ज्यादा लोगों की जान चली जाती है। यह वैश्विक स्तर होने वाली मौतों के प्रमुख कारणों में से एक है।
बता दें डायबिटीज, एक मेटाबॉलिक डिसऑर्डर है, जिसमें मरीज के खून में ग्लूकोज का स्तर बहुत अधिक हो जाता है। इसमें खानपान और लाइफस्टाइल का खास ख्याल रखना होता है। अगर डाइट में थोड़ी सी भी लापरवाही बरती जाए तो इससे शुगर लेवल बढ़ सकता है। इस बीमारी से जूझ रहे मरीजों को जितना अधिक ख्याल इस बात का रखना होता है कि डायबिटीज में क्या करना चाहिए, उतना ही ज्यादा ख्याल इसका भी रखना होता है कि इसमें क्या न करें।
आयुर्वेदिक डॉक्टर की माने तो कुछ ऐसे चीजें है जिनसे दूरी बनाकर आप शूगर से बच सकतें है। रिपोर्ट के अनुसार रोजाना 40 मिनट की गतिविधि, जैसे कि वॉक, साइकिलिंग, कार्डियो या योग और 20 मिनट ब्रीथ वर्क (प्राणायाम) जरूर करें। एक्टिव रहने से ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है, शरीर के हर सेल को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती है, ऑप्टिमम लिवर डिटॉक्स को बढ़ावा मिलता है और इंसुलिन के उचित स्राव में मदद मिलती है।
कच्चे मेवे और बीज, सफेद चीनी, मैदा (प्रोसेस्ड फूड), दही और ग्लूटेन (गेहूं और गेहूं से बनी चीजें) से दूरी बनाकर रहें। हालांकि फल और सब्जियों से मिलने वाले नेचुरल शुगर का सेवन किया जा सकता है। नट्स और ड्राई फ्रूट्स भी आप खा सकते हैं, लेकिन खाने से पहले उन्हें भिगोकर दें या फिर उन्हें भून भी सकते हैं। इसके अलावा गाय के दूध और घी को भी सीमित मात्रा में ले सकते हैं। ज्वार, रागी, चौलाई जैसे Millets का सेवन भी किया जा सकता है।
शुगर लेवल और हृदय रोगों के खतरे को कम करने का सबसे आसान तरीका है रात का खाना जल्दी खा लेना। डॉक्टर के मुताबिक, सूर्यास्त से पहले रात्रि भोजन कर लेना सबसे अच्छा है। लेकिन अगर वर्क शेड्यूल इसकी अनुमति नहीं देता है तो रात का खाना 8 बजे तक खा लेना सबसे अच्छा है।
हाई शुगर लेवल वाले लोगों के लिए दिन में सोना सख्त वर्जित है। क्योंकि यह शरीर में ज्यादा कफ दोष बढ़ाता है। जिससे खून में शुगर का लेवल बढ़ जाता है। इसलिए इससे 100% बचना चाहिए। रात में भी खाने के 3 घंटे बाद सोने का सुझाव दिया जाता है। इसलिए सूर्यास्त से पहले डिनर कर लेने को सबसे अच्छा तरीका बताया गया है।
डिस्क्लेमर: यह सामान्य जानकारी है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।