एक बार फिर भारत-पाक में हुए Ceasefire पर बोले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, कह डाली ये बात

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर एक नया दावा कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी हस्तक्षेप से भारत और पाकिस्तान में बढ़ते तनाव को रोका जा पाया था। ट्रंप ने कहा कि भारत की ओर से पहलगाम हमले के जवाब में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों के बीच हालात बहुत गंभीर हो गया था लेकिन उनके दखल से टकराव टल गया।

आखिर क्या बोले ट्रंप?

ट्रंप ने बयान दिया है कि – ‘हमने कई युद्ध रोके और ये कोई मामूली युद्ध नहीं था। भारत और पाकिस्तान के बीच में हालात बहुत ही गंभीर हो गए थे। विमानों को मार गिराया जा रहा था। मुझे लगता है कि करीबन पांच लड़ाकू विमान गिरा दिए गए थे। ये दोनों परमाणु हथियारों से लैस देश हैं और एक-दूसरे पर हमला कर रहे थे’। उन्होंने कहा कि नई किस्म की जंग जैसी स्थिति बन गई थी जैसा कि अमेरिका ने ईरान के साथ किया था। ट्रंप ने दावा किया है कि- ‘हमने ईरान की परमाणु क्षमता को पूरी तरह से खत्म कर दिया। भारत और पाकिस्तान के लेकर ट्रंप ने कहा कि हालात लगातार ही बिगड़ते जा रहे थे और हमने इसे ट्रे़ड के जरिए सुलझाया। हमने कहा कि यदि तुम लोग हथियारों का इस्तेमाल करते रहोगे तो हम कोई व्यापार समझौता नहीं करेंगे’।

चीफ डिफेंस ने खारिज किए थे दावे

10 मई को भारत और पाकिस्तान में हुए सीजफायर के बाद एयर मार्शल ए.के भारती ने कहा था कि – भारत ने कई हाई टेक पाकिस्तानी लड़ाकू विमान मार गिराए थे हालांकि उनकी संख्या साफ नहीं थी। वहीं पाकिस्तान ने भारत के दावे को खारिज कर दिया था और कहा था पाकिस्तान एयर फोर्स का सिर्फ एक ही विमान थोड़ा क्षतिग्रस्त हुआ है। इसके विपरित पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसने भारत के छ: लड़ाकू विमानों को मार गिराया है जिसमें राफेल भी शामिल है। वहीं चीफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने पाकिस्तान के दावे को खारिज कर दिया है। उन्होंने यह माना है कि संघर्ष के दौरान कुछ लड़ाकू विमान जरुर गिराए गए पर उनकी संख्या नहीं बताई गई। जनरल चौहान ने कहा कि ये नुकसान संघर्ष की शुरुआती स्थिति में हुआ था लेकिन भारतीय सशस्त्र बलों ने बहुत तेजी से अपनी गलतियों को सुधारा और फिर पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दे दिया। उन्होंने कहा कि – जरुरी बात यह नहीं है कि विमान गिरा बल्कि यह है कि आखिर क्यों गिरा क्या गलती हुई यही ज्यादा जरुरी है और संख्या मायने नहीं रखती।  

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