एक बार फिर टैरिफ को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने किया बड़ा दावा

Written by

in

नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस साल टैरिफ के कारण पूरी दुनिया में हलचल मचा दी। टैरिफ लगाने के लगातार बाद वह अपना बचाव करते दिख रहे हैं। कड़ी आलोचना के बाद भी वह बार-बार यह दावा कर रहे हैं कि उनकी इस टैरिफ नीति के कारण अमेरिका की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है। वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संघर्ष रोकने में भी यह नीति फायदेमंद साबित हुई है। अब ट्रंप ने एक और सनसनीखेज दावा करते हुए कि उन्होंने अभी तक आठ युद्ध रोके हैं इसमें से पांच युद्ध टैरिफ के डर के कारण रुके हैं।

ट्रंप ने किया नया दावा

ट्रंप ने कहा है कि टैरिफ के कारण सिर्फ अरबों डॉलर अमेरिका के खजाने में आए हैं। सिर्फ यह अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का एक प्रभावी हथियार बन गई है। ट्रंप ने आज अपने सोशल मीडिया ट्रूथ पोस्ट करते हुए लिखा कि टैरिफ की धमकियों से विदेशों से बड़ी मात्रा में पैसा और निवेश अमेरिाक में लौटा है। उनके अनुसार, इन्हीं चेतावनियों के कारण दुनिया के आठ संभावित युद्धों में से पांच को रोका जा सका है। बता दें कि इससे पहले भी ट्रंप अक्सर यह दावा कर चुके हैं कि उन्होंने वैश्विक स्तर पर कई संघर्षों को शांत करवाया है। इसमें भारत और पाकिस्तान के बीच पहलगाम आतंकी हमले के बाद हुआ सीजफायर भी शामिल है। उन्होंने यह भी कहा है कि 350% टैरिफ लगाने की धमकी देकर तनाव को कम करने की भूमिका निभाई थी।

अमेरिकी की अर्थव्यवस्था हो रही है मजबूत

राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा है कि टैरिफ अमेरिका की अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत ही खास है। उनके अनुसार, सिर्फ पिछले नौ महीनों में अमेरिकी शेयर बाजार नौ बार ऑल टाइम हाई तक पहुंच गया है। टैरिफ नीति को लेकर दुनियाभर में आलोचना हो रही है। आलोचकों का यह कहना है कि इससे वैश्विक व्यापार में अस्थिरता बढ़ गई है। भारत पर भी अमेरिका की ओर से 50% तक के उच्च टैरिफ लगाए गए हैं। इसमें से 25% टैरिफ रुस से भारत की कच्चे तेल की खरीद को कारण बताते हुए लगाया गया है।

भारत सरकार ने दी थी प्रतिक्रिया

अमेरिका के हाई टैरिफ का सीधा असर गहने, झींगा निर्यात और कई अन्य चीजों पर हुआ। भारतीय सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों के हितों की रक्षा के लिए अलग-अलग सहायता पैकेज की भी घोषणा की। इसके अलावा भारत ने चीन के साथ आर्थिक संबंधों को अच्छा करने के लिए आयात-निर्यात के लिए अमेरिका को ऑप्शन तलाशने की दिशा में काम तेज कर दिया है।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *