IIIT Una में पीएम श्री स्कूलों के प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों के लिए फेज़-1 इनोवेशन, डिज़ाइन और उद्यमिता (IDE) बूटकैंप का आयोजन

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ऊना /सुशील पंडित:  पीएम श्री स्कूलों के प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों के लिए इनोवेशन, डिज़ाइन और उद्यमिता (IDE) बूटकैंप का फेज़-1 17 से 19 दिसंबर 2025 तक भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) ऊना, हिमाचल प्रदेश में आयोजित किया जा रहा है।

यह तीन दिवसीय बूटकैंप स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग (DoSEL), अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) तथा शिक्षा मंत्रालय की इनोवेशन सेल (MIC) द्वारा वाधवानी फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। वाधवानी फाउंडेशन उद्यमिता शिक्षा के क्षेत्र में अपने महत्वपूर्ण योगदान के लिए व्यापक रूप से जाना जाता है।

IDE बूटकैंप का उद्देश्य स्कूल शिक्षकों और प्रधानाचार्यों—जिन्हें नवाचार एंबेसडर के रूप में चिन्हित किया गया है—के बीच नवाचार, डिज़ाइन थिंकिंग और उद्यमशीलता कौशल को विकसित करना है। समूह गतिविधियों, गहन कार्य सत्रों और हैंड्स-ऑन कार्यशालाओं के माध्यम से प्रतिभागियों को मानव-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने, अवसरों की पहचान करने, डिज़ाइन थिंकिंग टूल्स का उपयोग करने तथा ग्राहक-केंद्रित उत्पाद और सेवाएँ विकसित करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। कार्यक्रम में बिज़नेस मॉडल विकास की मूल अवधारणाओं और प्राथमिक वित्तीय आकलन का परिचय भी दिया जा रहा है, जिससे प्रतिभागियों को नवाचार के “क्यों, क्या और कैसे” को समझने में सहायता मिलती है और इसका व्यावहारिक उपयोग कक्षा एवं स्कूल परिवेश में किया जा सके।

IDE बूटकैंप का फेज़-1 राज्य-वार कार्यान्वयन मॉडल के तहत 13 राज्यों में आयोजित किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश में फेज़-1 का आयोजन विशेष रूप से आईआईआईटी ऊना में किया जा रहा है, जिससे यह इस चरण में IDE बूटकैंप की मेज़बानी करने वाला राज्य का एकमात्र उच्च शिक्षण संस्थान बन गया है। हिमाचल प्रदेश के सभी 12 जिलों से लगभग 190 प्रधानाचार्य एवं शिक्षक इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं।

बूटकैंप का राष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त रूप से उद्घाटन प्रो. सीताराम टी.जी., अध्यक्ष, AICTE; धीरज साहू, अतिरिक्त सचिव, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग; तथा डॉ. अभय जेरे, उपाध्यक्ष, AICTE द्वारा किया गया। आईआईआईटी ऊना में आयोजित राज्य-स्तरीय उद्घाटन समारोह में प्रो. मनीष गौर, निदेशक, आईआईआईटी ऊना ने मुख्य अतिथि के रूप में तथा विधिकर विशाल, AICTE के प्रतिनिधि, ने विशिष्ट अतिथि के रूप में सहभागिता की। इस अवसर पर संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

17 दिसंबर को वाधवानी फाउंडेशन से डॉ. सचिन गुप्ता और गौरी गोपीनाथ द्वारा विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए गए, जिनमें स्कूल शिक्षा के संदर्भ में नवाचार सोच, डिज़ाइन थिंकिंग फ्रेमवर्क और उद्यमशील समस्या-समाधान पर आधारित संवादात्मक चर्चाएँ और गतिविधियाँ कराई गईं। IDE बूटकैंप की मेज़बानी के माध्यम से आईआईआईटी ऊना राष्ट्रीय शिक्षा सुधारों को समर्थन देने, स्कूल स्तर पर नवाचार क्षमता को सुदृढ़ करने तथा डिज़ाइन और उद्यमशील सोच से लैस भविष्य-उन्मुख शिक्षकों के विकास में अपना योगदान सुदृढ़ करता है।

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