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  • जलग्रां में देवभूमि फाउंडेशन द्वारा निशुल्क नेत्र जांच और रक्तदान शिविर का आयोजन

    जलग्रां में देवभूमि फाउंडेशन द्वारा निशुल्क नेत्र जांच और रक्तदान शिविर का आयोजन

    ऊना/सुशील पंडित: जिला मुख्यालय के नजदीकी जलग्रां में रविवार को देवभूमि फाउंडेशन की तरफ से निशुल्क नेत्र जांच और रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। गांव के ही होनहार खिलाड़ी विपिन की याद में इस कैंप का आयोजन किया गया

    इस मौके पर स्थानीय विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। शिविर के दौरान 60 यूनिट रक्त दान किया गया। इसके अतिरिक्त विशेषज्ञ चिकित्सकों ने लोगों के नेत्रों की जांच करते हुए 300 से ज्यादा लोगों को नजर के चश्मे पहनने का परामर्श दिया। जिसका खर्च भी देवभूमि फाउंडेशन और स्थानीय युवाओं द्वारा वहन किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि सतपाल सिंह सती ने युवाओं से आह्वान किया कि पीड़ित मानवता की सेवा के लिए समय-समय पर रक्तदान आवश्यक करें इसके साथ ही जहां संभव हो सके वहां निशुल्क मेडिकल चेकअप कैंप का भी आयोजन करते हुए लोगों को सहायता उपलब्ध करवाई जाए।

    इस मौके पर देवभूमि फाउंडेशन की तरफ से प्रिंस ठाकुर, स्थानीय युवाओं में विशाल, राजू, यशपाल, अनमोल, साहिल, राजपाल, मंगतराम, राजेंद्र, आदर्श और नितिन सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।

     

  • Health Tips: पूरी नींद के बाद भी सिर भारी क्यों लगता है, जानें एक्सपर्ट की राय

    Health Tips: पूरी नींद के बाद भी सिर भारी क्यों लगता है, जानें एक्सपर्ट की राय

    Health Tips: अक्सर ऐसा माना जाता है कि अगर नींद पूरी हो जाए तो शरीर और दिमाग दोनों फ्रेश महसूस करेंगे। लेकिन कई लोगों के साथ ऐसा होता है कि 7–8 घंटे सोने के बाद भी सुबह सिर भारी, मन सुस्त और शरीर थका-थका सा लगता है। इस वजह से सुबह काम करने का मन नहीं करता, चिड़चिड़ापन रहता है और ध्यान लगाने में परेशानी होती है। अधिकतर लोग इसे मामूली थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह शरीर में चल रही किसी गड़बड़ी का संकेत भी हो सकता है। अगर यह परेशानी रोज होने लगे, तो दिनभर की एनर्जी और काम करने की क्षमता पर असर पड़ सकता है। नींद पूरी होने के बाद भी सिर भारी रहने के मुख्य कारण
    1. नींद की क्वालिटी अच्छी न होना
    डॉक्टरों के मुताबिक, कई बार नींद की अवधि तो पूरी होती है, लेकिन नींद गहरी नहीं होती। देर रात तक मोबाइल, टीवी या लैपटॉप देखने से दिमाग पूरी तरह आराम नहीं कर पाता। तनाव, चिंता और ज्यादा सोचने की आदत भी दिमाग को एक्टिव बनाए रखती है, जिससे सुबह उठने पर थकान महसूस होती है।
    1. शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)
    रात में कई घंटों तक पानी नहीं पीया जाता, ऐसे में अगर दिनभर पर्याप्त पानी न पिया जाए तो शरीर में पानी की कमी हो जाती है। डिहाइड्रेशन की वजह से सुबह सिर भारी, मुंह सूखा और कमजोरी महसूस हो सकती है।
    1. गलत तकिया या सोने की गलत पोजीशन
    अगर तकिया बहुत ऊंचा या बहुत सख्त है, या फिर सोने की पोजीशन सही नहीं है, तो गर्दन और सिर की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है। इससे सुबह उठते ही गर्दन में जकड़न और सिर भारी लग सकता है।
    1. नाक बंद होना या साइनस की समस्या
    नाक बंद रहने, साइनस या सांस लेने में दिक्कत होने पर नींद के दौरान शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। इस वजह से सुबह सिर भारी, आंखों में दबाव और थकान महसूस होती है।
    1. हार्मोनल बदलाव और खराब दिनचर्या
    कुछ मामलों में हार्मोनल असंतुलन, देर से सोना, अनियमित खानपान और शारीरिक गतिविधि की कमी भी इस समस्या की वजह बन सकती है। सिर भारी होने के साथ और कौन-सी समस्याएं हो सकती हैं? सिर भारी रहने के साथ-साथ कई और लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं, जैसे—
    • सुस्ती और नींद-नींद सा महसूस होना
    • चक्कर आना
    • आंखों में जलन या भारीपन
    • ध्यान लगाने में परेशानी
    • काम करने की क्षमता में कमी
    कुछ लोगों को सुबह उठते ही चिड़चिड़ापन, बेचैनी या घबराहट भी महसूस होती है। अगर यह समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो सिरदर्द, गर्दन दर्द और लगातार थकावट हो सकती है, जो दिनभर की एक्टिविटी को प्रभावित करती है। सिर भारी रहने की समस्या से कैसे बचें? इस परेशानी से बचने के लिए रोजमर्रा की आदतों में थोड़ा बदलाव जरूरी है— -समय पर सोने और उठने की आदत डालें रोज एक ही समय पर सोना और उठना शरीर की घड़ी को सही रखता है। -सोने से पहले स्क्रीन से दूरी बनाएं सोने से कम से कम 1 घंटा पहले मोबाइल, टीवी और लैपटॉप का इस्तेमाल बंद करें। -पर्याप्त पानी पिएं दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। -हल्का और संतुलित भोजन करें रात में भारी और तला-भुना खाना खाने से बचें। हल्का भोजन बेहतर नींद में मदद करता है। -सही तकिया और पोजीशन अपनाएं ऐसा तकिया चुनें जो गर्दन को सही सपोर्ट दे और सोने की पोजीशन आरामदायक हो। -तनाव कम करें योग, ध्यान और गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज तनाव कम करने में मदद करती हैं।    
  • CM Mann ने होशियारपुर में सलेरन डैम इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट का किया उद्घाटन

    CM Mann ने होशियारपुर में सलेरन डैम इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट का किया उद्घाटन

    कहा, ‘आप’ सरकार पंजाब के पर्यटन स्थलों को विकसित करके युवाओं को दे रही है रोजगार

    होशियारपुर: सलेरन डैम स्थल पर पर्यावरण-अनुकूल हट्स का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को कहा कि इससे राज्य में इको-टूरिज्म और रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने साथ ही कहा कि आम आदमी पार्टी (‘आप’) की सरकार पंजाब के पर्यटन स्थलों को विकसित करके रोजगार के अवसर बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि अमृतसर, पटियाला और चमरौड़ झील पर फिल्मों की शूटिंग और डेस्टिनेशन वेडिंग से भी रोजगार के अवसर बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि सलेरान डैम प्रोजेक्ट हिमाचल प्रदेश के पर्यटन स्थलों को टक्कर देगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आप’ सरकार ने खंडहर का रूप धारण कर चुके 52 रेस्ट हाउसों को पुनर्जीवित किया है, जिनसे अब किराए के माध्यम से एक करोड़ रुपए मासिक राजस्व उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने सरकारी संपत्तियां अपने चहेतों को बहुत कम कीमत पर बेच दी थी, जबकि उनकी सरकार ने कार्रवाई करके वही संपत्तियां वापस हासिल कर ली हैं।

    सलेरन डैम इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट का उद्घाटन करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज हमने राज्य में पर्यटन बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के लिए सलेरन डैम इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट शुरू किया है। उन्होंने कहा कि इससे पहले चौहाल डैम प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक चल रहा है और यह नई पहल पर्यटकों के लिए एक और आकर्षक स्थान उपलब्ध करवाएगी।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि इस प्रोजेक्ट पर लगभग 2.80 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है और इससे वार्षिक 18 लाख रुपए से अधिक राजस्व उत्पन्न होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट पर्यटकों को आकर्षित करने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगा, जिससे उनकी आय में भी वृद्धि होगी।

    प्रोजेक्ट के तहत प्रदान की गई सुविधाओं के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के लिए 16,000 वर्ग फुट में फैला विशेष खेल मैदान बनाया गया है, जिसमें विभिन्न प्रकार के झूले और अन्य मनोरंजन गतिविधियों का प्रबंध किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि पर्यटकों के ठहरने के लिए चार इको हट्स और 80 लोगों की बैठने की क्षमता वाला एक कैफेटेरिया भी बनाया गया है।

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि सलेरन डैम के सुंदर दृश्यों का आनंद लेने के लिए एक बड़ा एम्फीथिएटर भी तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट पंजाब में इको-टूरिज्म को बड़ा प्रोत्साहन देने में बहुत महत्वपूर्ण साबित होगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रोजेक्ट पर्यावरण संवेदनशीलता और जागरूकता को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है, जिसमें पर्यटन और मनोरंजक गतिविधियों के लिए पर्यावरण-अनुकूल बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब सरकार पंजाब के कंडी क्षेत्रों में पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में अथाह संभावनाएं हैं, जिन्हें दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए आदर्श पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जा सकता है।

    पिछली सरकारों के समय में इन क्षेत्रों की उपेक्षा पर अफसोस जताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली राज्य सरकारों की लगातार उपेक्षा के कारण ये क्षेत्र विकास के मामले में पिछड़ गए। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार अब इन क्षेत्रों में, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाने जाते हैं, अनदेखी पर्यटन संभावनाओं को उपयोग में ला रही है। उन्होंने कहा कि पूरे क्षेत्र को विकसित करने के लिए पहले से ही सख्त प्रयास जारी हैं ताकि राज्य में पर्यटन को बड़ा प्रोत्साहन दिया जा सके। इस मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

     

     

     

     

     

     

  • पटटा महलोग में विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन, आरएसएस के शताब्दी वर्ष पर पंच परिवर्तन का लिया संकल्प

    पटटा महलोग में विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन, आरएसएस के शताब्दी वर्ष पर पंच परिवर्तन का लिया संकल्प

     मुख्य अतिथि के रुप में समाजसेवी डा अंशु शर्मा ने शिरकत की

    बद्दी/सचिन बैंसल :दून विधानसभा के पटटा महलोग में आरएसएस के सौ वर्ष पूर्ण होने पर विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर समाज सेवी डा अंशु शर्मा शामिल हुए जबकि मुख्य वक्ता के तौर पर जिला प्रचारक नालागढ़ सौरभ रापटा ने अपनी बात रखी। कार्यक्रम की अध्यक्षता आचार्य नरेंद्र वशिष्ट ने की। जिला प्रचारक सौरभ ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सौ वर्ष पूर्ण होने पर संगठन की कार्यप्रणाली पर विस्तार से प्रकाश ड़ाला और कहा कि संघ का उदगम उस समय हुआ जब देश गुलाम था।

    उस समय हर कोई स्वयं को हिंदू कहलवाने से डरता था और हिंदू शब्द का नाम लेना तक गुनाह था। उस समय संघ के संस्थापक डा केशवराम बलिराम हेडगेवार ने हिंदू समाज को एकजुट करने व उसके उत्थान के लिए एक संगठन का गठन किया था जिसका नाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ था। सौरभ कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मानना है कि समाज में स्थायी परिवर्तन लाने के लिए पांच प्रमुख आयामों पर कार्य करना आवश्यक है जिमसें सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन,पर्यावरण संरक्षण,स्वदेशी आचरण, नागरिक कर्तव्य शामिल है।

    इन पांचों पहलुओं के संतुलित विकास से ही राष्ट्र की प्रगति और समाज का पुनर्निर्माण संभव है।

    जनसंख्या असंतुलन से पैदा होगी समस्याएं-डा अंशु
    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी वरिष्ठ कांग्रेसी नेता डा अंशु शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि आज विशाल हिंदू सम्मेलन नहीं बल्कि विशाल सनातनी सम्मेलन है। सनातन का अर्थ है कि हमेशा सबकी भलाई करना व सच्ची सोच देश समाज व राष्ट्र के प्रति रखना। डा अंशु शर्मा ने कहा कि आज के संदर्भ में भारत में जनसंख्सा असंतुलन सबसे बडा मुददा है। एक संस्था ने आठ आठ दंपतियों पर सर्वे किया तो पाया गया कि हिंदू दंपतियों के एक एक बच्चा हुआ यानि 8 हुए वहीं मुस्लिम दंपतियों के 32 बच्चे हुए यानि चार गुणा ज्यादा। उन्होने कहा कि इस कारण से जनसंख्या असंतुलन व लव जिहाद जैसी घटनाएं सामने आ रही है। उन्होने कहा कि भारतीय मुस्लिमों का डीएनए हिंंदू है लेकिन अंातकी देशों व भारत में कटटरता के कुछ लोगों ने हमारे लोगों को बहका कर हमारे से अलग कर दिया है। उन्होने लोगों से आहवान किया वह समय निकाल कर धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रमों जरुर शिरकत करें।

    गाय सडकों पर न हो-नरेंद्र वशिष्ठ
    कार्यक्रम की अध्यक्षता करने वाले आचार्य नरेंद्र वशिष्ठ ने कहा कि हमें सनातन धर्म की हर विधा की पालना करनी चाहिए। उन्होने कहा कि गाय माता आज सडक़ों पर घूम रही है तो हमारा भला कैसे होगा। लव जिहाद से हमारी बच्चियों को मारा जा रहा है जो कि चिंतनीय है। समय रहते हिंदू समाज को एकजुट होकर विधर्मी शक्तियों को जबाब देना होगा।
    इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक के राहुल कुमार, विवेक कुमार, ललित कुमार, राजकुमार शर्मा, पूर्व विधायक परमजीत सिंह पम्मी, वीरेंद्र चौधरी, हर्ष आर्य, मंजू शर्मा, आशीष शर्मा के अलावा कई हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

     

     

  • खड्ड की पहचान है फुटबॉल, यहां खेल संस्कृति ने पीढ़ियां गढ़ी हैं : उपमुख्यमंत्री

    खड्ड की पहचान है फुटबॉल, यहां खेल संस्कृति ने पीढ़ियां गढ़ी हैं : उपमुख्यमंत्री

    47 लाख की हाई-मास्ट फ्लड लाइट्स का लोकार्पण, स्टेडियम में 13 लाख से लगा जनरेटर

    ऊना/सुशील पंडित: उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि हरोली का खड्ड गांव फुटबॉल की मजबूत और जीवंत परंपरा से पहचाना जाता है। उन्होंने कहा कि यहां की खेल संस्कृति ने पीढ़ियों को अनुशासन, सकारात्मक सोच और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की दिशा दी है। उपमुख्यमंत्री रविवार को खड्ड गांव में आयोजित आठवें ऑल इंडिया बाबा भरथरी  फुटबॉल टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों, आयोजकों और खेल प्रेमियों को संबोधित कर रहे थे।

    यह चार दिवसी ऑल इंडिया फुटबॉल टूर्नामेंट 24 से 27 जनवरी तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से 16 टीमें भाग ले रही हैं। प्रतियोगिता का आयोजन ऑल इंडिया बाबा भरथरी यूनाइटेड फुटबॉल टूर्नामेंट कमेटी खड्ड द्वारा किया गया है।

    इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने खड्ड गांव के आउटडोर स्टेडियम में 47 लाख रुपये की लागत से स्थापित आधुनिक हाई-मास्ट फ्लड लाइट्स का विधिवत लोकार्पण किया। इससे अब स्टेडियम में रात्रिकालीन फुटबॉल मुकाबलों के आयोजन को और सहूलियत होगी। सके साथ ही उन्होंने 13 लाख रुपये की लागत से स्टेडियम में स्थापित जनरेटर को समर्पित किया, ताकि प्रतियोगिताओं के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

    उपमुख्यमंत्री ने टूर्नामेंट के सफल आयोजन के लिए मैच आयोजकों को एक लाख रुपये की सहायता राशि देने की भी घोषणा की। इसके अतिरिक्त उन्होंने मैदान के डाइमेंशन में सुधार के लिए 25 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा करते हुए कहा कि खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।

    उन्होंने स्थानीय बाबा भरथरी मंदिर परिसर में पेयजल सुविधा के लिए ट्यूबवेल स्थापित करने की भी घोषणा की।उपमुख्यमंत्री ने खड्ड गांव में निर्माणाधीन अत्याधुनिक इंडोर स्टेडियम के लिए अतिरिक्त 9 करोड़ रुपये  प्रदान करने की घोषणा भी की। इसके लिए पूर्व में 3 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है और इसका कार्य प्रगति पर है।

    उन्होंने कहा कि खड्ड गांव में लगभग हर घर से कोई न कोई खिलाड़ी फुटबॉल से जुड़ा रहा है और यहां के खिलाड़ियों ने जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। खेलों ने यहां के युवाओं को नशे जैसी कुप्रवृत्तियों से दूर रखते हुए सकारात्मक और रचनात्मक दिशा दी है।उन्होंने खड्ड गांव की बेटियों की उपलब्धियों की भी सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश की है।

    इस अवसर पर ऑल इंडिया बाबा भरथरी यूनाइटेड फुटबॉल टूर्नामेंट कमेटी के प्रधान नवीन दत्ता, सचिव राजीव दत्ता, पूर्व प्रधान पूनम दत्ता, पूर्व उप प्रधान जगदेव दत्ता, अश्वनी दत्ता, विशाल अग्निहोत्री तथा पंकज दत्ता सहित अन्य पदाधिकारियों ने उपमुख्यमंत्री का स्वागत किया।

    आयोजकों ने बताया कि टूर्नामेंट की विजेता टीम को 71 हजार रुपये, उपविजेता टीम को 55 हजार रुपये, जबकि तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों को 5100-5100 रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।

    कार्यक्रम में कांग्रेस नेता रंजीत राणा, प्रमोद, संदीप अग्निहोत्री, नगनोली पंचायत के प्रधान मेहताब ठाकुर, वीरेंद्र मनकोटिया तथा पंडोगा पंचायत के पूर्व प्रधान राम प्रसाद सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, खेल प्रेमी, आयोजन समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

     

     

  • 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर डिग्री कॉलेज ऊना में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित

    16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर डिग्री कॉलेज ऊना में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित

    ऊना/सुशील पंडित: राजकीय महाविद्यालय ऊना में 16वां जिला स्तरीय राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। समारोह की अध्यक्षता जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने की। इस वर्ष राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर “माई इंडिया, माई वोट” आधारित थीम के माध्यम से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की आत्मा प्रत्येक नागरिक के वोट में निहित है, का संदेश दिया।

    इस अवसर पर उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस का मूल उद्देश्य लोकतंत्र की जड़ों को और मजबूत करना है, जिसके लिए प्रत्येक नागरिक का जागरूक एवं सक्रिय मतदाता होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है और उनकी सहभागिता से ही लोकतांत्रिक व्यवस्था को नई ऊर्जा मिलती है।

     नये पंजीकृत वोटर्स को वितरित किए पहचान पत्र 

    इस मौके पर जिला निर्वाचन अधिकारी ने 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके 11 नये पंजीकृत मतदाताओं को वोटर पहचान पत्र वितरित किए। उन्होंने नये मतदाताओं को बधाई देते हुए कहा कि लोकतंत्र तभी सशक्त बन सकता है जब प्रत्येक मतदाता निडर होकर, बिना किसी भय, दबाव या प्रलोभन के अपने मताधिकार का प्रयोग करे।

    इस अवसर पर उपायुक्त ने उपस्थित सभी लोगों को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन की गरिमा बनाए रखने तथा देश की लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करने की शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि मतदान करते समय किसी भी व्यक्ति को धर्म, वर्ग, जाति, समुदाय, भाषा अथवा किसी अन्य प्रकार के प्रभाव में आए बिना केवल राष्ट्र और समाज के हित को ध्यान में रखकर मतदान करना चाहिए, तभी एक विकसित और सशक्त भारत का निर्माण संभव है।

    इसके अलावा उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति बल्कि पूरे समाज को कमजोर करता है। उन्होंने छात्रों से पढ़ाई के साथ-साथ खेलों और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने की अपील की ताकि एक सुंदर, स्वस्थ एवं सशक्त समाज का निर्माण हो सके। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले पांच बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) को उनके सराहनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

    वहीं, स्कूली बच्चों द्वारा नुक्कड़ नाटक, गीत, संगीत एवं प्रेरणादायक भाषणों के माध्यम से “माई इंडिया, माई वोट” थीम पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिनके जरिए मतदान के प्रति जागरूकता का सशक्त संदेश दिया गया।राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी बच्चों को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

    कार्यक्रम के अंत में नायब तहसीलदार (इलेक्शन) अजय शर्मा ने आए हुए सभी अतिथियों एवं गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। साथ ही उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित हुए लोगों को  लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और निर्भीक होकर मतदान करने की अपील  की ताकि शत-प्रतिशत मतदान के माध्यम से लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

    इस अवसर पर उपमंडल अधिकारी अभिषेक मित्तल, कानूनगो (इलेक्शन) हरजीत सिंह, आनंदा, आकाश भारद्वाज, विशेष अतिथि के रूप में विकास सैनी, सहित निर्वाचन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

  • सिंगर प्रकृति कक्कड़ ने इस बिजनेसमैन के साथ रचाई शादी, देखें तस्वीरें

    सिंगर प्रकृति कक्कड़ ने इस बिजनेसमैन के साथ रचाई शादी, देखें तस्वीरें

    Singer Prakriti Kakkar Marriage News: फिल्मों और म्यूजिक वीडियोज़ में अपनी सुरीली आवाज से पहचान बनाने वाली मशहूर सिंगर प्रकृति कक्कड़ अब शादीशुदा हो गई हैं। उन्होंने बिजनेसमैन विनय आनंद के साथ शादी के बंधन में बंधकर अपने जीवन की नई शुरुआत की है। यह शादी राजस्थान के जयपुर के पास स्थित फोर्ट बरवारा में बेहद निजी और शाही अंदाज़ में हुई। फोर्ट बरवारा में हुई ड्रीम वेडिंग प्रकृति और विनय की शादी परिवार और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में हुई। शादी का माहौल बेहद सादगी भरा लेकिन रॉयल था। ऐतिहासिक किले में हुई इस शादी ने सभी का दिल जीत लिया। हर रस्म को पारंपरिक तरीके से निभाया गया।  
     
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    23 जनवरी को हुई शादी, 25 को शेयर की तस्वीरें 25 जनवरी (रविवार) को प्रकृति कक्कड़ ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपनी शादी की पहली तस्वीरें शेयर कीं। उन्होंने बताया कि उनकी शादी 23 जनवरी 2026 को हुई थी। कैप्शन में उन्होंने लिखा—“Just married. 23.01.2026 ❤️♾️” इन तस्वीरों के सामने आते ही सोशल मीडिया पर बधाइयों की बाढ़ आ गई।  
     
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    लाल लहंगे में दुल्हन बनीं प्रकृति, बेहद खूबसूरत लगीं शादी में प्रकृति ने लाल रंग का खूबसूरत लहंगा पहना था, जिस पर बारीक कढ़ाई की गई थी। उन्होंने पन्ना और पोल्की के गहने पहने हुए थे। गले में भारी हार, मैचिंग झुमके और मांग टीका उनके लुक को और खास बना रहे थे। वहीं दूल्हे राजा विनय आनंद आइवरी रंग की शेरवानी में काफी हैंडसम नजर आए। सेलेब्स ने लुटाया प्यार, बधाइयों की लाइन लग गई तस्वीरें सामने आते ही कई सेलेब्रिटीज़ और दोस्तों ने कमेंट कर बधाई दी।
    • तृप्ति डिमरी ने लिखा – “बधाई हो”
    • मानुषी छिल्लर ने लिखा – “कितने सुंदर हैं” ❤️
    • जुड़वां बहन सुकृति कक्कड़ ने लिखा – “आप दोनों को ढेर सारा प्यार”
    • विशाल ददलानी ने लिखा – “बधाई हो और आप दोनों को हमेशा खुशियां मिलें”
    • बहन आकृति कक्कड़ ने भावुक होते हुए लिखा – “मेरा दिल आपके साथ है”
    कौन हैं विनय आनंद? प्रकृति कक्कड़ के पति विनय आनंद एक बिजनेसमैन हैं। वह फिल्म और ग्लैमर इंडस्ट्री से दूर रहते हैं और लाइमलाइट में कम दिखाई देते हैं। प्रकृति ने पहले ही बताया था कि उनकी शादी जयपुर में होगी और उन्होंने अपनी बैचलर पार्टी की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर शेयर की थीं। फैंस कर रहे हैं जमकर तारीफ शादी की तस्वीरों पर फैंस लगातार प्यार लुटा रहे हैं। कोई कपल को “परफेक्ट” बता रहा है तो कोई कह रहा है “नज़र न लगे”।    
  • Punjab News: मारपीट मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पिस्तौल व कारतूस बरामद, देखें वीडियो

    Punjab News: मारपीट मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पिस्तौल व कारतूस बरामद, देखें वीडियो

    पठानकोटः जिले में पुलिस द्वारा असामाजिक तत्वों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सुजानपुर थाने की पुलिस ने मारपीट के मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ की गई। इस दौरान आरोपियों की निशानदेही पर एक पिस्तौल और कई कारतूस बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार टीम ने मौके पर जाकर रेड की और आरोपियों की निशानदेही पर एक पिस्तौल, एक छोटी रिवॉल्वर और एक बड़ी रिवॉल्वर बरामद की।

    इस संबंध में सुजानपुर थाने में आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25, 54 और 59 के तहत मामला दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी मोहित ने बताया कि मारपीट के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान, उनके कब्जे से एक रिवॉल्वर और कुछ जिंदा कारतूस बरामद किए गए। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपियों के खिलाफ पहले भी करीब 10 केस दर्ज हैं। अब उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

     

     

  • रामपुर में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित, नागरिकों को निःशुल्क कानूनी अधिकारों बारे किया जागरूक

    रामपुर में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित, नागरिकों को निःशुल्क कानूनी अधिकारों बारे किया जागरूक

    ऊना/सुशील पंडित: राजकीय माध्यमिक पाठशाला, रामपुर में उप मंडलीय विधिक सेवा समिति ऊना की अध्यक्ष एवं वरिष्ठ सिविल जज-सह-मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ऊना नेहा शर्मा की अध्यक्षता में एक विधिक साक्षरता शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर में लगभग 60 प्रतिभागियों ने भाग लेकर विधिक अधिकारों एवं योजनाओं की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।

    शिविर के दौरान प्रतिभागियों को निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत, महिला एवं बाल अधिकार, श्रमिकों के अधिकार, आपदा पीड़ितों के लिए कानूनी प्रावधान तथा विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से अवगत करवाया गया।

    इस दौरान नेहा शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि कानून की अज्ञानता कोई बहाना नहीं है। प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व है कि वह अपने कानूनी अधिकारों एवं कर्तव्यों की जानकारी रखे। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति अपने आप में एक जज होता है, क्योंकि सही और गलत का निर्णय सबसे पहले व्यक्ति स्वयं करता है। यदि व्यक्ति अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझ ले, तो वह न केवल अपने लिए बल्कि समाज के लिए भी न्यायपूर्ण निर्णय ले सकता है।

    उन्होंने लोगों से विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध निःशुल्क कानूनी सहायता का लाभ उठाने का आह्वान किया, ताकि किसी भी प्रकार के शोषण या अन्याय से स्वयं को सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के अंतर्गत समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों को निःशुल्क अधिवक्ता सेवा, न्यायालय शुल्क में छूट तथा न्यायिक प्रक्रिया में मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है।

    लोक अदालत की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए नेहा शर्मा ने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से लंबित एवं पूर्व-विवादित मामलों का त्वरित, सरल और आपसी सहमति से निपटारा किया जाता है। लोक अदालत के निर्णय अंतिम होते हैं, जिनके विरुद्ध अपील का प्रावधान नहीं होता, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है।

    शिविर में महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित कानूनों पर विशेष चर्चा की गई, जिसमें घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, दहेज निषेध अधिनियम, बाल संरक्षण कानून तथा महिलाओं को प्राप्त संवैधानिक अधिकारों की जानकारी दी गई। नेहा शर्मा ने कहा कि ‘स्त्री’ सहनशीलता, त्याग और शक्ति का प्रतीक है। जब महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होती हैं, तो पूरा परिवार और समाज सशक्त बनता है।

    इसके अतिरिक्त प्रतिभागियों को श्रमिकों के अधिकारों जैसे न्यूनतम मजदूरी, सुरक्षित कार्य वातावरण, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं तथा कार्यस्थल पर शोषण से संरक्षण के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिक भी कानून के तहत पूर्ण संरक्षण के अधिकारी हैं। इसके अलावा नेहा शर्मा ने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय एवं कानून की जानकारी पहुंचाई जा सके।

    इस अवसर पर अधिवक्ता दिनेश वशिष्ठ ने आपदा पीड़ितों के लिए उपलब्ध कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाढ़, सूखा, भूकंप, आगजनी एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित व्यक्तियों के लिए सरकार द्वारा विशेष सहायता एवं कानूनी प्रावधान किए गए हैं, जिनका लाभ विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से लिया जा सकता है।

    कार्यक्रम में स्थानीय प्रधान सुमन कुमारी, उप प्रधान रविन्द्र सिंह, स्कूल प्रभारी वरिंद्र सिंह, महिला मंडल प्रधान सुफल देवी, ग्राम संगठन की प्रधान अनिता राणा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

  • भक्ति और उमंग: गोविंद सागर में गूंजे मां शारदे के जयकारे, प्रवासियों ने दी भावभीनी विदाई

    भक्ति और उमंग: गोविंद सागर में गूंजे मां शारदे के जयकारे, प्रवासियों ने दी भावभीनी विदाई

    ​ ऊना/सुशील पंडित: “सात समंदर पार नहीं, पर अपनी माटी से दूर भी अटूट है परंपराओं का नाता।” इस उक्ति को रविवार को लठियाणी में प्रवासियों ने सच कर दिखाया। अपनी कर्मभूमि में रहकर जन्मभूमि की संस्कृति को कैसे जीवंत रखा जाता है, इसका अनुपम उदाहरण रविवार को गोविंद सागर झील के तट पर देखने को मिला, जहां प्रवासी समुदाय द्वारा मां सरस्वती की मूर्ति का विसर्जन पूरी श्रद्धा और धूमधाम के साथ किया गया।

    ​​विसर्जन यात्रा के दौरान मैहरे से लेकर लठियाणी रोड तक का नजारा किसी ‘लघु भारत’ जैसा प्रतीत हो रहा था। डीजे की धुनों और भंगड़े की थाप पर थिरकते बच्चों, महिलाओं और युवाओं के उत्साह ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। विसर्जन यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का जोश यह बता रहा था कि वे भले ही अपने गृह प्रदेश से दूर हों, लेकिन उनके संस्कार और धार्मिक आस्था की जड़ें आज भी उतनी ही गहरी हैं।

    ​गोविंद सागर में अटूट आस्था का संगम ​यात्रा के समापन पर गोविंद सागर झील के घाट पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां शारदे की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। इस मौके पर प्रवासियों ने कहा कि उनकी संस्कृति ही उनकी पहचान है और वे अपनी आने वाली पीढ़ी को इन परंपराओं से जोड़े रखना चाहते हैं।