Blog

  • राज्य सरकार ने 3336 करोड़ रुपये की बिजली परियोजनाओं के कार्यान्वयन समझौते हस्ताक्षरित किए

    राज्य सरकार ने 3336 करोड़ रुपये की बिजली परियोजनाओं के कार्यान्वयन समझौते हस्ताक्षरित किए

    मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग की उपलब्धि को सराहा

    शिमला : प्रदेश सरकार ने इस वर्ष के दौरान लगभग 3336 करोड़ रुपये लागत की 278 मेगावाट क्षमता की 19 जल विद्युत परियोजनाओं के कार्यान्वयन समझौते हस्ताक्षरित किए हैं। इनमें 9 मेगावाट की सोयल डाशल, 6 मेगावाट की खौली-2, 9 मेगावाट की ग्रामांग, 10 मेगावाट की उमली, 24 मेगावाट की भरमौर चरण-1, 21 मेगावाट की भरमौर चरण-2, 22.5 मेगावाट की हरसर, चरण-2, 19 मेगावाट की हरसर, चरण-3, 24 मेगावाट की टुंडह चरण-2, 18 मेगावाट की जंगलिक, 15 मेगावाट की रूपिन चरण-2, 17 मेगावाट की दुनाली-1 एवं 2, 12 मेगावाट की जरी, 18 मेगावाट की तोरल कुंडली, 15 मैगावाट की टुंडन, 10 मेगावाट की कोट डोगरी, 8 मेगावाट की अप्पर कुर्मी, 11 मेगावाट की कलाल खोल और 9.6 मेगावाट की मेलन विद्युत परियोजनाएं शामिल हैं।

    प्रदेश सरकार ने यह भी पाया कि पहले से आवंटित 15 विद्युत परियोजनाओं के निर्माणकर्त्ताओं ने परियोजना के कार्यान्वयन में कोई विशेष रूचि नहीं दिखाई तथा सरकार ने इन परियोजनाओं का आवंटन रद्द कर दिया। सरकार पुनः इनके त्वरित कार्यान्वयन के लिए अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर निविदाएं आमंत्रित करने के लिए प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने ऊर्जा विभाग की उपलब्धियों के लिए विभाग अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि राज्य में विद्यमान विद्युत क्षमता के दोहन के लिए सरकार कृत संकल्प है। उन्होंने ऊर्जा विभाग की इस क्षमता के त्वरित दोहन के लिए उठाए गए कदमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऊर्जा के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अपनी ऊर्जा नीति में संशोधन करते हुए 25 मेगावाट क्षमता तक की जल विद्युत परियोजनाओं में रॉयल्टी दरों में बदलाव कर 40 वर्षों के लिए एक समान 12 प्रतिशत कर दिया है।

    उन्होंने कहा कि 150 मैगावाट की टिडोंग, चरण-1 जल विद्युत परियोजना का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। प्रदेश सरकार ने जियो थर्मल विद्युत परियोजना के अन्वेषण व विकास के लिए जियो ट्रॉपी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया है। प्रदेश में विद्यमान लगभग 24000 मेगावाट विद्युत क्षमता में से राज्य द्वारा 12588 मेगावाट क्षमता की 189 परियोजनाओं का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि 1528 मेगावाट क्षमता की 54 परियोजनाएं निर्माणधीन हैं तथा 7539 मेगावाट क्षमता की 526 परियोजनाएं स्वीकृति के विभिन्न चरणों में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार विद्युत क्षमता के दोहन को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है ताकि हिमाचल प्रदेश को आर्थिक तौर पर समृद्ध किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार इन परियोजनाओं में प्रदेश के हितों को सुरक्षित रखकर ही समझौता ज्ञापन कर रही है।

  • छोटी बालकनी को बनाएं खूबसूरत गार्डन, लगाएं ये शानदार पौधे

    छोटी बालकनी को बनाएं खूबसूरत गार्डन, लगाएं ये शानदार पौधे

    आजकल ज्यादातर लोग फ्लैट्स और अपार्टमेंट्स में रहते हैं, जहां खुली जगह बहुत कम होती है। ऐसे में बालकनी ही घर का वह हिस्सा बन जाती है, जहां बैठकर ताजी हवा का आनंद लिया जा सकता है। अगर आपकी बालकनी छोटी है, तब भी आप सही पौधों और थोड़ी सी प्लानिंग की मदद से उसे एक सुंदर मिनी गार्डन में बदल सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे पौधों के बारे में, जो कम जगह में भी आसानी से लगाए जा सकते हैं और आपकी बालकनी की सुंदरता कई गुना बढ़ा सकते हैं।
    1. मोगरा और मधुमालती से महकाएं बालकनी
    अगर आप चाहते हैं कि आपकी बालकनी हमेशा खुशबू से भरी रहे, तो मोगरा का पौधा जरूर लगाएं। इसके सफेद फूल देखने में बेहद सुंदर लगते हैं और शाम के समय इसकी सुगंध पूरे घर में फैल जाती है। वहीं, यदि आपकी बालकनी में ग्रिल या रेलिंग लगी हुई है, तो मधुमालती की बेल एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। यह तेजी से बढ़ती है और इसके लाल, गुलाबी व सफेद रंग के फूल बालकनी को आकर्षक बना देते हैं।
    1. बोगनवेलिया और पेटुनिया से दें रंग-बिरंगा लुक
    बालकनी को रंगों से भरना चाहते हैं तो बोगनवेलिया का पौधा लगाएं। इसकी खास बात यह है कि इसे ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती। कम पानी और अच्छी धूप में भी यह खूब खिलता है। इसके अलावा पेटुनिया के फूल भी बालकनी की सुंदरता बढ़ाने में मदद करते हैं। इन्हें हैंगिंग पॉट या टोकरी में लगाया जा सकता है। गुलाबी, बैंगनी, सफेद और लाल रंग के फूल आपकी बालकनी को बेहद आकर्षक बना देंगे।
    1. कम धूप वाली बालकनी के लिए मनी प्लांट और स्पाइडर प्लांट
    कई बार फ्लैट्स की बालकनी में सीधी धूप नहीं आती। ऐसे में मनी प्लांट सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है। इसे पानी या मिट्टी दोनों में आसानी से उगाया जा सकता है। इसकी लंबी बेलें रेलिंग और दीवारों पर बहुत सुंदर लगती हैं। स्पाइडर प्लांट भी कम धूप में आसानी से बढ़ता है। यह न केवल देखने में खूबसूरत होता है बल्कि घर की हवा को साफ रखने में भी मदद करता है।
    1. पुदीना और धनिया से बढ़ाएं हरियाली और स्वाद
    अगर आप ऐसे पौधे लगाना चाहते हैं जो सुंदर भी लगें और रसोई में भी काम आएं, तो पुदीना और धनिया लगाना एक अच्छा विकल्प है। ये दोनों पौधे छोटे गमलों में आसानी से उग जाते हैं और ज्यादा जगह भी नहीं घेरते। इनकी ताजी खुशबू बालकनी को प्राकृतिक एहसास देती है। साथ ही जरूरत पड़ने पर आप इन्हें खाने में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
    1. एलोवेरा – कम देखभाल वाला शानदार पौधा
    एलोवेरा उन लोगों के लिए सबसे अच्छा पौधा है जो पौधों की ज्यादा देखभाल नहीं कर पाते। इसे बहुत कम पानी की जरूरत होती है और यह लंबे समय तक हरा-भरा बना रहता है। एलोवेरा सिर्फ सजावट के लिए ही नहीं बल्कि त्वचा और स्वास्थ्य के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है। इसलिए यह लगभग हर घर की बालकनी में आसानी से देखा जा सकता है। छोटी बालकनी को सुंदर बनाने के कुछ आसान टिप्स
    • हैंगिंग पॉट्स का इस्तेमाल करें ताकि जगह की बचत हो।
    • दीवारों पर वर्टिकल गार्डन लगाएं।
    • अलग-अलग आकार के गमलों का उपयोग करें।
    • पौधों को उनकी धूप और पानी की जरूरत के अनुसार रखें।
    • सूखे पत्तों और फूलों को समय-समय पर हटाते रहें।
       
  • CRPF और BSF में क्या है अंतर? जानिए दोनों फोर्स की जिम्मेदारियां, सैलरी और करियर ग्रोथ

    CRPF और BSF में क्या है अंतर? जानिए दोनों फोर्स की जिम्मेदारियां, सैलरी और करियर ग्रोथ

    भारत की सुरक्षा सिर्फ सेना (आर्मी) ही नहीं करती, बल्कि कई अन्य सुरक्षा बल भी देश की रक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। इनमें CRPF (Central Reserve Police Force) और BSF (Border Security Force) का नाम सबसे प्रमुख है। अक्सर लोग CRPF और BSF को एक ही फोर्स समझ लेते हैं, लेकिन वास्तव में दोनों की जिम्मेदारियां और काम करने का क्षेत्र अलग-अलग होता है। हालांकि दोनों ही गृह मंत्रालय (MHA) के अधीन काम करती हैं, लेकिन इनके कार्यों में बड़ा अंतर है। आइये इसे विस्तार से जानते है… CRPF क्या है और इसका काम क्या होता है CRPF का पूरा नाम सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (Central Reserve Police Force) है। यह देश की सबसे बड़ी अर्धसैनिक बलों में से एक है।
    • देश के अंदर कानून-व्यवस्था बनाए रखना।
    • दंगों और हिंसक प्रदर्शनों को नियंत्रित करना।
    • नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा अभियान चलाना।
    • चुनावों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालना।
    • वीआईपी और महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा करना।
    • किसी भी राज्य में अशांति या आपात स्थिति होने पर सुरक्षा बल के रूप में तैनात होना।
    सरल शब्दों में कहें तो CRPF का मुख्य काम देश के भीतर शांति और सुरक्षा बनाए रखना है। BSF क्या है और इसका काम क्या होता है BSF का पूरा नाम बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (Border Security Force) है। यह भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा के लिए बनाई गई विशेष फोर्स है।
    • भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की निगरानी करना।
    • पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा देना।
    • घुसपैठ रोकना।
    • तस्करी (स्मगलिंग) पर नियंत्रण करना।
    • सीमा पार से होने वाली अवैध गतिविधियों को रोकना।
    • युद्ध या तनाव की स्थिति में सेना की सहायता करना।
    BSF के जवान देश की सीमाओं पर दिन-रात तैनात रहते हैं और हर परिस्थिति में देश की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। CRPF और BSF में सबसे बड़ा अंतर देश के अंदर कानून व्यवस्था बनाए रखती है। देश की सीमाओं की सुरक्षा करती है। दंगे, चुनाव, नक्सल विरोधी अभियान संभालती है। घुसपैठ और तस्करी रोकती है। राज्यों में जरूरत पड़ने पर तैनात की जाती है। अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर तैनात रहती है। CRPF और BSF की सैलरी कितनी होती है दोनों फोर्स के कांस्टेबलों को 7वें वेतन आयोग के अनुसार पे लेवल-3 के तहत वेतन मिलता है। CRPF कांस्टेबल की सैलरी
    • बेसिक सैलरी: 21,700 प्रति माह
    • अधिकतम वेतन: 69,100 तक
    • इन-हैंड सैलरी: लगभग 25,000 से 35,000 प्रति माह
    BSF कांस्टेबल की सैलरी
    • बेसिक सैलरी: 21,700 प्रति माह
    • अधिकतम वेतन: 69,100 तक
    • इन-हैंड सैलरी: लगभग 23,000 से 35,000 प्रति माह
    दोनों फोर्स में सैलरी लगभग समान होती है। हालांकि पोस्टिंग के स्थान और मिलने वाले भत्तों के आधार पर इसमें थोड़ा अंतर आ सकता है। किस फोर्स में मिलता है ज्यादा अलाउंस BSF के जवानों को कई बार कठिन और संवेदनशील सीमा क्षेत्रों में तैनाती मिलती है। ऐसे इलाकों में उन्हें हार्ड एरिया अलाउंस और अन्य विशेष भत्ते दिए जाते हैं। वहीं CRPF जवानों को भी नक्सल प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में तैनाती के दौरान अतिरिक्त भत्ते मिलते हैं। इसलिए कुल सैलरी पोस्टिंग के आधार पर बढ़ या घट सकती है। प्रमोशन और करियर ग्रोथ दोनों फोर्स में प्रमोशन के अच्छे अवसर उपलब्ध हैं। एक कांस्टेबल निम्न पदों तक पहुंच सकता है:
    • कांस्टेबल
    • हेड कांस्टेबल
    • असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI)
    • सब-इंस्पेक्टर (SI)
    • इंस्पेक्टर
    • डिप्टी कमांडेंट और उससे ऊपर
    जैसे-जैसे रैंक बढ़ती है, वैसे-वैसे वेतन और सुविधाएं भी बढ़ती जाती हैं। जवानों को मिलने वाली अन्य सुविधाएं CRPF और BSF के जवानों को सरकार की ओर से कई सुविधाएं प्रदान की जाती हैं, जिनमें शामिल हैं:
    • मेडिकल सुविधाएं
    • पेंशन लाभ
    • ग्रेच्युटी
    • सरकारी आवास (क्वार्टर)
    • राशन सुविधा
    • यात्रा भत्ते
    • अन्य सरकारी लाभ
         
  • मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने स्कूल फीस में मनमानी बढ़ोतरी पर लगाम लगाई

    मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने स्कूल फीस में मनमानी बढ़ोतरी पर लगाम लगाई

    वार्षिक बढ़ोतरी की सीमा 5 प्रतिशत तय

    चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने विद्यार्थियों और अभिभावकों के हितों की रक्षा करने, औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने, डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने तथा प्रशासनिक पहुंच में सुधार लाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। कैबिनेट ने निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों की फीस वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए अध्यादेश को मंजूरी दी, औद्योगिक रियायतों संबंधी दिशानिर्देशों में संशोधन किया, स्टेट डेटा इंटीग्रेशन प्लेटफॉर्म लागू करने की स्वीकृति दी तथा जिला होशियारपुर के अंतर्गत आने वाले दसूहा उपमंडल के लिए अतिरिक्त उपायुक्त (जनरल) और सहायक स्टाफ के पद सृजित करने को मंजूरी दी।

    निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों की फीस वृद्धि पर लगाम

    मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों द्वारा फीस में की जाने वाली अनावश्यक और अनुचित बढ़ोतरी को नियंत्रित करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली पंजाब कैबिनेट ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) अध्यादेश, 2026’ को लाने को मंजूरी दे दी है। यह अध्यादेश ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस एक्ट, 2016’ में संशोधन करके लाया गया है। इस कदम का उद्देश्य फीस वृद्धि पर प्रभावी नियंत्रण रखना, विद्यार्थियों और अभिभावकों को मनमानी फीस बढ़ोतरी से सुरक्षा प्रदान करना, फीसों के ढांचे में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना तथा उनके हितों की रक्षा करना है। इन संशोधनों के तहत फीस, फीस वृद्धि और कुल फीस वृद्धि की परिभाषाओं को अधिक स्पष्ट बनाया गया है। साथ ही, निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों द्वारा वार्षिक फीस वृद्धि की अधिकतम सीमा 5 प्रतिशत तय की गई है। 5 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाने के लिए संबंधित नियामक संस्था की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

    औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए पूंजी सब्सिडी संबंधी दिशानिर्देशों में संशोधन

    एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में कैबिनेट ने राज्य की औद्योगिक नीतियों के तहत कैपिटल सब्सिडी एवं निवेश प्रोत्साहनों के वितरण के लिए 13 नवंबर 2019 के दिशानिर्देशों में संशोधन को भी मंजूरी दी।
    इन संशोधनों का उद्देश्य सब्सिडी वितरण प्रक्रिया को सरल और सुचारु बनाना, प्रशासनिक दक्षता में सुधार करना तथा पात्र औद्योगिक इकाइयों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करना है। संशोधित व्यवस्था के अनुसार, दिशानिर्देशों की धारा 1.1 और 1.2 में छूट मिलने के बाद पात्र बनने वाली औद्योगिक इकाइयों को आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन और निर्धारित शर्तों की पूर्ति के आधार पर कैपिटल सब्सिडी जारी की जाएगी।

    पंजाब में स्टेट डेटा इंटीग्रेशन प्लेटफॉर्म लागू करने को मंजूरी

    राज्य के विभिन्न विभागों के अनेक डेटाबेसों को आपस में जोड़ने, किसी भी दोहराव को समाप्त करने और मौजूदा प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कैबिनेट ने पंजाब में स्टेट डेटा इंटीग्रेशन प्लेटफॉर्म (एसडीआईपी) लागू करने को मंजूरी दी है। परियोजना के सुचारु क्रियान्वयन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तीन-स्तरीय संचालन समिति गठित की जाएगी। इस संचालन समिति में पंजाब के मुख्य सचिव चेयरपर्सन होंगे, प्रशासनिक सचिव (गुड गवर्नेंस) मैंबर कनवीनर होंगे तथा विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिव सदस्य के रूप में शामिल होंगे।

    दसूहा उपमंडल के लिए एडीसी (जनरल) और सहायक स्टाफ के पदों को मंजूरी

    कैबिनेट ने जिला होशियारपुर के अंतर्गत आने वाले दसूहा उपमंडल के लिए अतिरिक्त उपायुक्त (जनरल) तथा अन्य सहायक स्टाफ के पद सृजित करने को भी मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से क्षेत्र के उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जिन्हें जिला स्तरीय प्रशासनिक कार्यों, अनुमतियों, राजस्व मामलों तथा जन शिकायतों के निपटारे के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। इससे लोगों के समय और धन दोनों की बचत होगी तथा जनहित से जुड़े मामलों का निपटारा भी तेजी से हो सकेगा। इसलिए जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला होशियारपुर के अंतर्गत दसूहा उपमंडल में अतिरिक्त उपायुक्त (जनरल) सहित सहायक स्टाफ के कुल पांच पद सृजित करने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

     

     

  • Jalandhar News: जनता दरबार से मिल रहा है लोगों को समस्याओं का समाधान: आरती राजपूत

    Jalandhar News: जनता दरबार से मिल रहा है लोगों को समस्याओं का समाधान: आरती राजपूत

    ह्यूमन राइट काउंसिल्स इंडिया (HRCI) की मासिक बैठक एवं जनता दरबार का सफल आयोजन

    जालंधरः ह्यूमन राइट काउंसिल्स इंडिया (HRCI) की मासिक बैठक एवं जनता दरबार का सफल आयोजन जालंधर सेंट्रल के डकोहा स्थित शिवशक्ति मंदिर के निकट पार्क में सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में संगठन की महिला विंग की उपाध्यक्ष एवं डकोहा निवासी तरुणा की विशेष भूमिका रही।

    बैठक के दौरान फादर्स डे भी श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर उन सिंगल मदर्स को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जो अपने परिवार में माता के साथ-साथ पिता की भूमिका भी निभा रही हैं। HRCI द्वारा उनके संघर्ष,  समर्पण एवं त्याग को नमन किया गया।

    कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सीनियर डिप्टी मेयर सरदार बलबीर सिंह बिट्टू ने HRCI  के जनहित एवं मानव सेवा संबंधी कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संगठन समाज के जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने का सराहनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे भविष्य में भी संगठन को हर संभव सहयोग प्रदान करेंगे तथा अधिक से अधिक लोगों को HRCI  से जुड़ने के लिए प्रेरित करेंगे।

    राष्ट्रीय अध्यक्षा आरती राजपूत ने उपस्थित लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए नशा मुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखकर ही एक स्वस्थ एवं सशक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है।

    जिला अध्यक्ष चंदन रखेजा ने मानव अधिकारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ह्यूमन राइट काउंसिल्स इंडिया लगातार आम लोगों की समस्याओं के समाधान एवं उनके अधिकारों की रक्षा के लिए कार्यरत है।

    भाजपा वार्ड नं. 11 के इंचार्ज सरदार जरनैल सिंह डिपला ने अपने संबोधन में कहा कि HRCI  समाज सेवा, मानव अधिकारों की रक्षा तथा नशा विरोधी अभियान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रही है। उन्होंने संगठन की पूरी टीम को उनके निस्वार्थ योगदान के लिए बधाई दी।

    जनता दरबार के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्षा आरती राजपूत, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संदीप गगन, प्रदेश अध्यक्ष हतिंदर (हनी) तलवार तथा जिला अध्यक्ष चंदन रखेजा ने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके समाधान हेतु आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर कृष सुरी ने फादर्स डे के महत्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए सभी को अपने माता-पिता का सम्मान करने की प्रेरणा दी।

    कार्यक्रम में प्रमुख रूप से आरती राजपूत, संदीप गगन,  हतिंदर (हनी) तलवार, चंदन रखेजा,  आशुतोष कपूर,  हैप्पी,  आरती कपूर,  प्रिया मेहरा,  तरुणा,  ज्योति कश्यप,  सुमन चौधरी, लखविंदर कौर, दीपक भल्ला, प्रबल उप्पल, चंद्र मोहन, चेतन दुग्गल, अमित दुरेजा, गगन बेदी, सिम्मी बंसल, डेविड गर्ग, नीरज कुमार,  अनुपम शर्मा, रितिक कुमार, मुनीश भांबरी, राहुल कपूर, रजत खत्री, परमिंदर कौर, कृष सुरी एवं अनिल बजाज सहित अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।

  • कांग्रेस सरकार के प्रयासों से 137 करोड़ रुपये से सुदृढ़ होगी चैल-चौक-जंजैहली सड़कः मुख्यमंत्री

    कांग्रेस सरकार के प्रयासों से 137 करोड़ रुपये से सुदृढ़ होगी चैल-चौक-जंजैहली सड़कः मुख्यमंत्री

    शिमला : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से आज उनके सरकारी आवास ‘ओक ओवर’ में मंडी जिला के सराज विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों ने ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जगदीश रेड्डी के नेतृत्व में शिष्टाचार भेंट की तथा क्षेत्र के विकास से जुड़े विभिन्न मुदृदों पर विस्तृत चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को सराज विधानसभा क्षेत्र के दौरे के लिए आमंत्रित भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार प्रदेश के सभी क्षेत्रों के संतुलित एवं समान विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सराज विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न सड़कों के रख-रखाव एवं सुदृढ़ीकरण के लिए धनराशि स्वीकृत करने की घोषणा की। इनमें नौणा-छलैला-विनीधार सड़क के लिए 10 लाख रुपये, बालीचौकी-खलोआ-शारश सड़क के लिए 20 लाख रुपये, नौणा-भराड़ी सड़क के लिए 10 लाख रुपये, खनेठी-खूहन सड़क के लिए 10 लाख रुपये तथा हणोगी-शलोई-छमार सड़क के लिए 10 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे।

    सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार के सतत प्रयासों से चैल-चौक-जंजैहली सड़क को चौड़ा करने के लिए 137.40 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत हुई है। आपदा के दौरान हुए व्यापक नुकसान तथा मंडी जिला में संपर्क व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से कांग्रेस सरकार ने 83 किलोमीटर लंबी इस सड़क परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि (सीआरआईएफ) के तहत भेजा। इस परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान सराज विधानसभा क्षेत्र में काफी नुकसान हुआ और उन्होंने स्वयं इस विधानसभा क्षेत्र का दौरा कर प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। प्रभावित परिवारों को राज्य सरकार द्वारा अधिकतम सहायता उपलब्ध करवाई गई। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार हिमाचल प्रदेश सरकार ने अपने संसाधनों से आपदा प्रभावितों को दी जाने वाली राहत राशि में ऐतिहासिक वृद्धि की है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने विशेष राहत पैकेज के माध्यम से आपदा प्रभावित परिवारों को अभूतपूर्व सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है। इसके तहत पूर्णतः क्षतिग्रस्त मकानों के लिए राहत राशि को 1.30 लाख रुपये से बढ़ाकर 7 लाख रुपये कर दिया गया है। अन्य आर्थिक सहायता को मिलाकर प्रभावित परिवारों को कुल 8 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि घरेलू उपयोग की वस्तुओं के नुकसान पर दी जाने वाली राहत राशि को 2,500 रुपये से बढ़ाकर मकान मालिकों के लिए 1 लाख रुपये तथा किरायेदारों के लिए 50 हजार रुपये किया गया है। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कच्चे एवं पक्के मकानों के लिए भी 1 लाख रुपये की सहायता राशि निर्धारित की गई है।

    सुक्खू ने कहा कि पूर्व में पॉलीहाउस को क्षति तथा मकानों से मलबा अथवा गाद हटाने के लिए किसी प्रकार की राहत राशि का प्रावधान नहीं था, लेकिन वर्तमान सरकार ने पॉलीहाउस के नुकसान पर 25 हजार रुपये तथा मलबा या गाद हटाने के लिए 50 हजार रुपये की सहायता राशि का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पशुधन के नुकसान पर दी जाने वाली मुआवजा राशि में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है। गाय की मृत्यु पर 55 हजार रुपये तथा भेड़ एवं बकरियों के लिए प्रति पशु 9 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त, गौशालाओं के पुनर्निर्माण के लिए 50 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता का प्रावधान भी किया गया है। जगदीश रेड्डी ने क्षेत्र की सड़कों के लिए धनराशि उपलब्ध करवाने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल में सराज विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए अभूतपूर्व सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

     

  • दबंग युवकों ने दुल्हे को दुल्हन की दिखाई अश्लील वीडियो, बरातियों ने मचाया हंगामा

    दबंग युवकों ने दुल्हे को दुल्हन की दिखाई अश्लील वीडियो, बरातियों ने मचाया हंगामा

    बिना शादी किए लौटी बारात, सदमे में दुल्हन ने खाया जहर

    अंबेडकरनगरः उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां एक शादी उस समय टूट गई जब कुछ युवकों ने दूल्हे को दुल्हन का कथित अश्लील वीडियो दिखा दिया। वीडियो देखने के बाद दूल्हा इतना नाराज हो गया कि उसने शादी करने से साफ इंकार कर दिया।

    समझाने की कोशिश भी नहीं आई काम
    जानकारी के मुताबिक, यह घटना टांडा कोतवाली क्षेत्र के पुन्थर मौहरिया गांव की है। गांव की रहने वाली रीता (काल्पनिक नाम) की शादी मांझा काजीपुर के एक युवक से तय हुई थी। बारात पूरे धूमधाम से लड़की के घर पहुंची थी और द्वारपूजी की रस्म चल रही थी।

    इसी दौरान गांव के कुछ दबंग युवक दूल्हे के पास पहुंचे और उसे दुल्हन का कथित अश्लील वीडियो दिखा दिया। वीडियो देखने के बाद दूल्हा भड़क गया और उसने शादी करने से मना कर दिया। परिवार के लोगों और गांव के सम्मानित लोगों ने दूल्हे को काफी समझाने की कोशिश की, लेकिन वह किसी भी हाल में शादी के लिए तैयार नहीं हुआ।

    बिना शादी किए लौट गई बारात
    मामला बढ़ने पर मौके पर डायल-112 पुलिस भी पहुंची। काफी देर तक समझौते की कोशिश चली, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। आखिरकार दूल्हा बारात लेकर वापस लौट गया।

    बारात के लौट जाने से लड़की और उसके परिवार को गहरा सदमा लगा। शादी की सारी तैयारियां धरी की धरी रह गईं और खुशियों का माहौल अचानक मातम में बदल गया।

    सदमे में दुल्हन ने खाया जहरीला पदार्थ
    शादी टूटने से आहत दुल्हन यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर सकी। अगले दिन सुबह उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। उसकी हालत बिगड़ने पर परिवार वाले तुरंत उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां उसका इलाज शुरू किया गया। डॉक्टरों की देखरेख में इलाज के बाद उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।

    युवकों पर लगाए गंभीर आरोप
    स्वस्थ होने के बाद युवती और उसके परिजन टांडा कोतवाली पहुंचे। उन्होंने गांव के कुछ युवकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

    परिजनों का आरोप है कि आरोपियों ने जबरन युवती का अश्लील वीडियो बनाया था और लंबे समय से उसे धमका भी रहे थे। उन्होंने आरोपियों पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है।

    पुलिस ने शुरू की जांच
    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है और जांच के बाद उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    खुशियों वाला घर बना गम का माहौल
    जिस घर में बेटी की शादी की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। परिवार के लोग इस घटना से बेहद दुखी हैं। शादी टूटने और बेटी के अस्पताल पहुंचने से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में भी इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल है और लोग आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

  • 45 साल का फूफा नाबालिग भतीजी लेकर हुआ फरार, रास्ते में दोनों ने खाया जहर, एक की मौत

    45 साल का फूफा नाबालिग भतीजी लेकर हुआ फरार, रास्ते में दोनों ने खाया जहर, एक की मौत

    खंडवाः मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 45 वर्षीय व्यक्ति अपनी 15 साल की नाबालिग भतीजी को अपने साथ भगा ले गया। जब दोनों को समाज और पुलिस कार्रवाई का डर सताने लगा, तो उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया। इस घटना में नाबालिग लड़की की मौत हो गई, जबकि आरोपी फूफा की हालत गंभीर बनी हुई है।

    अस्पताल में खुला शादी का राज
    जब लड़की के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल लाया गया, तो डॉक्टरों और पुलिस अधिकारियों ने एक चौंकाने वाली बात देखी। मृतका की मांग में सिंदूर भरा हुआ था और उसके गले में मंगलसूत्र भी था। इससे अंदाजा लगाया गया कि आरोपी फूफा ने नाबालिग लड़की से गुपचुप तरीके से शादी कर ली थी। बताया जा रहा है कि दोनों की उम्र में करीब 30 साल का अंतर था। आरोपी के अपने बच्चों की भी शादी हो चुकी है।

    19 जून को भतीजी को लेकर गया था गांव
    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी 19 जून को अपनी भतीजी को बहला-फुसलाकर अपने गांव ले गया था। शुरुआत में उसे लगा कि लड़की बालिग है और उसकी उम्र करीब 20 साल होगी। लेकिन अगले दिन जब लड़की के परिजनों से संपर्क हुआ, तो उन्हें पता चला कि लड़की की उम्र केवल 15 साल 8 महीने है और वह नाबालिग है।

    पुलिस केस के डर से उठाया खौफनाक कदम
    परिजनों ने लड़की के लापता होने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराने की बात कही। इसके बाद आरोपी घबरा गया। उसे डर था कि नाबालिग को भगाने और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और उसे जेल जाना पड़ सकता है। इसी डर और बदनामी से बचने के लिए आरोपी ने एक बड़ा कदम उठाने की योजना बनाई।

    रास्ते में बाइक रोककर खाया जहर
    रविवार को जब दोनों गांव से लौट रहे थे, तब पंधाना मार्ग पर दीवाल गांव के पास आरोपी ने अपनी बाइक रोक दी। इसके बाद उसने और नाबालिग लड़की ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। राहगीरों ने दोनों को सड़क किनारे तड़पते देखा और तुरंत इसकी सूचना पुलिस और एम्बुलेंस को दी।

    इलाज के दौरान लड़की की मौत
    दोनों को पहले पंधाना सिविल अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बाद में खंडवा जिला अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान नाबालिग लड़की ने दम तोड़ दिया, जबकि आरोपी फूफा अभी भी अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।

    परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
    लड़की के परिजनों ने आरोपी फूफा पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आरोपी ने उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और बाद में उसकी जान चली गई।

    वहीं पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ अपहरण, पॉक्सो एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। आरोपी के बयान और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

     

     

  • Punjab News: रंगदारी और फायरिंग करने वाले गैंग के 3 मुख्य शूटर गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Punjab News: रंगदारी और फायरिंग करने वाले गैंग के 3 मुख्य शूटर गिरफ्तार, देखें वीडियो

    सोने की परत चढ़ी पिस्तौल, 8 जिंदा कारतूस, एक थार गाड़ी, एक बाइक और दो मोबाइल फोन बरामद

    अमृतसरः कमिश्नरेट पुलिस ने गैंगस्टरों और संगठित अपराध के खिलाफ ‘ज़ीरो टॉलरेंस’  नीति के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस टीम ने विदेश से चलाए जा रहे रंगदारी रैकेट से जुड़े तीन मुख्य शूटरों को गिरफ्तार किया है। जिनकी की पहचान गुरदेव सिंह, जशनप्रीत उर्फ ​​जस्सू और हरप्रसाद उर्फ ​​पारस के तौर पर हुई है। ये शूटर रंगदारी के लिए कॉल करने के बाद लोगों में दहशत फैलाने के लिए कमर्शियल जगहों और घरों के बाहर फायरिंग करते थे।

    इस बारे में जानकारी देते हुए पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि यह गैंग मुख्य रूप से अमृतसर ग्रामीण,  तरनतारन और फिरोजपुर इलाकों में सक्रिय था। जांच के दौरान पता चला कि गैंग का नेटवर्क तरनतारन के रहने वाले जजबीर से जुड़ा है,  जो यूरोप में रह रहा है,  जबकि उसका रिश्तेदार जशनप्रीत उर्फ ​​जस्सू भी इस काम में शामिल था।

    इस गैंग के तार घनशामपुरिया गैंग,  मोहब्बत रंधावा और आदेश जमराई जैसे आपराधिक गैंग से भी जुड़े हैं। ये गैंग लोगों को रंगदारी के लिए कॉल करते थे और पैसे न मिलने पर डर का माहौल बनाने के लिए फायरिंग की घटनाओं को अंजाम देते थे। पुलिस जांच में अब तक इस गैंग की 6 बड़ी घटनाओं का पता चला है, जिनमें पेट्रोल पंप पर लूट की तीन घटनाएं और रंगदारी व फायरिंग से जुड़े तीन मामले शामिल हैं।

    भुल्लर ने बताया कि 21-22 मई को लोहारका रोड स्थित एक पेट्रोल पंप पर हुई स्नैचिंग और फायरिंग की घटना की जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सबसे पहले जशनप्रीत जस्सू को गिरफ्तार किया, जिसके बाद दो अन्य आरोपियों को भी पकड़ा गया। वहीं,  महीप नाम का एक और आरोपी अभी भी फरार है,  जिसकी तलाश जारी है। पुलिस ने आरोपियों के पास से सोने की परत चढ़ी ज़िगना पिस्तौल, 8 जिंदा कारतूस,  एक थार गाड़ी, एक मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

    पुलिस के मुताबिक, यह पिस्तौल बहुत ही आधुनिक और खतरनाक हथियार है। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि इस कार्रवाई से इलाके में चल रहे बड़े रंगदारी रैकेट को तगड़ा झटका लगा है। पैसे के लालच में कई युवा ऐसे गैंगस्टरों के जाल में फंसकर अपना भविष्य बर्बाद कर लेते हैं। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपियों तक हथियार और फंडिंग कैसे पहुंच रही थी।

     

     

  • Gangsteran Te Vaar अभियान के तहत रणनीतिक नाकों पर निगरानी और सख्त

    Gangsteran Te Vaar अभियान के तहत रणनीतिक नाकों पर निगरानी और सख्त

    चंडीगढ़: राज्यभर में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पंजाब पुलिस ने सभी जिलों में महत्वपूर्ण जंक्शनों पर रणनीतिक नाके स्थापित कर पुलिसिंग को और सुदृढ़ किया है। यात्रियों और आम नागरिकों को न्यूनतम असुविधा पहुंचाते हुए प्रभावी पुलिसिंग पर ध्यान केंद्रित करने वाली इस पहल ने अनेक आपराधिक गतिविधियों को रोकने में मदद की है। इसके परिणामस्वरूप कई अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ नशीले पदार्थों और अवैध हथियारों की महत्वपूर्ण बरामदगी भी हुई है।

    ‘गैंगस्टरों ते वार’ अभियान के अंतर्गत लगाए गए इन नाकों से पुलिस की मौजूदगी बढ़ी है तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देने की क्षमता मजबूत हुई है। ये नाके जिलों में सक्रिय अपराधियों, नशा तस्करों और समाज विरोधी तत्वों पर अंकुश लगाने के लिए एक प्रभावी माध्यम साबित हो रहे हैं।

    हाल ही में नाकों पर चलाए गए अभियानों के महत्वपूर्ण परिणाम सामने आए हैं। अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध युवकों को रोककर उनके कब्जे से दो 9 एमएम सब-मशीन गन तथा ‘गफ्फार सिक्योरिटी’ लिखी एक खाली मैगजीन बरामद की।

    अमृतसर पुलिस ने एक अन्य नाके पर एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से 2.1 किलोग्राम हेरोइन और सात आधुनिक पिस्तौल बरामद किए। इनमें तुर्की निर्मित 9 एमएम ग्लैडिएटर, 9 एमएम जिगाना एक्स-शॉट, इटली निर्मित .30 बोर बेरेटा, चीन निर्मित .30 बोर जिगाना, ऑस्ट्रिया निर्मित .30 बोर पिस्तौल तथा चीन निर्मित दो .30 बोर पिस्तौल शामिल हैं।

    एक अन्य कार्रवाई में गुरदासपुर पुलिस ने दीनानगर में एक स्कूटर को नाके पर रोककर पति-पत्नी को 253 ग्राम हेरोइन सहित गिरफ्तार किया। इसी क्षेत्र में पनियार शुगर मिल के निकट लगाए गए नाके के दौरान एक अन्य आरोपी को छह पैकेटों में पैक की गई 3 किलोग्राम हेरोइन तथा 2.25 लाख रुपये की ड्रग मनी सहित गिरफ्तार किया गया।

    लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस ने काउंटर इंटेलिजेंस पंजाब के साथ संयुक्त अभियान चलाते हुए थाना लाडोवाल क्षेत्र में लगाए गए एक नाके पर दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से अवैध हथियार बरामद किए। पुलिस टीमों ने दो .30 बोर और एक .315 बोर सहित तीन पिस्तौल तथा 11 जिंदा कारतूस बरामद किए। आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा बिना पंजीकरण नंबर वाला बजाज सीटी-100 मोटरसाइकिल भी जब्त कर लिया गया।

    इस संबंध में पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने कहा, “रणनीतिक नाकों की स्थापना के माध्यम से पंजाब पुलिस न केवल लोगों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित कर रही है, बल्कि अपराधियों और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर भी कड़ी निगरानी रख रही है। विभिन्न नाकों से हुई बरामदगियां हमारी रणनीति की प्रभावशीलता को दर्शाती हैं। हमारा संदेश स्पष्ट है कि पंजाब में अपराधियों और असामाजिक तत्वों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचेगा। ‘गैंगस्टरों ते वार’ अभियान के तहत प्रत्येक जिले में चिन्हित स्थानों पर अस्थायी नाके स्थापित कर पुलिसिंग और सुरक्षा प्रबंधों को और मजबूत किया जा रहा है।”

    ये रणनीतिक नाके पंजाब पुलिस के व्यापक सुरक्षा ढांचे का अभिन्न हिस्सा हैं, जो रियल-टाइम खुफिया सूचनाओं पर कार्रवाई करने तथा आपराधिक नेटवर्कों को ध्वस्त करने के लिए एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) और स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) के साथ निकट समन्वय में कार्य कर रहे हैं।

    ‘गैंगस्टरों ते वार’ अभियान के तहत पंजाब पुलिस ने खुफिया जानकारी आधारित कार्रवाइयों में तेजी लाई है, संगठित आपराधिक गिरोहों के खिलाफ अभियान को और मजबूत किया है तथा जिला स्तर पर निवारक पुलिसिंग को बढ़ावा दिया है। इस अभियान में नाके अपराधों की रोकथाम और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण साधन के रूप में उभरकर सामने आए हैं।