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  • स्टील कारोबारी के दफ्तर पर फायरिंग, आरजू बिश्नोई ने ली जिम्मेदारी, ऑडियो वायरल

    स्टील कारोबारी के दफ्तर पर फायरिंग, आरजू बिश्नोई ने ली जिम्मेदारी, ऑडियो वायरल

    पुणेः महाराष्ट्र के पुणे से रंगदारी और फायरिंग का एक सनसनीखेज मामला सामने आया। जहां एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को कथित तौर पर बिश्नोई गैंग का सदस्य बताते हुए एक एच विकास स्टील कारोबारी अमोल राजेंद्र चमडाई से रंगदारी की मांग की। कारोबारी द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के कुछ ही घंटों बाद उनकी फैक्ट्री पर अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग कर दी। हालांकि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। पुलिस दोनों घटनाओं के बीच संबंध की जांच कर रही है।

    दूसरी ओर, फायरिंग की घटना के बाद सोशल मीडिया पर इससे जुड़ा एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि इस फायरिंग की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली है। सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में गैंगस्टर आरजू बिश्नोई ने इस घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। पोस्ट में कहा गया है कि पुणे में हवाला कारोबारी अमूल चमड़िया और सनी चमड़िया की कंपनी पर हुई फायरिंग उनके इशारे पर करवाई गई। पोस्ट में यह भी लिखा गया है कि संबंधित लोगों को पहले कॉल किए गए थे, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद कंपनी पर फायरिंग की गई।

    वहीं ऑडियो संदेश के जरिए कहा गया कि कारोबारी को पहले फोन पर धमकी दी गई थी। हालांकि, आरोप है कि धमकी को गंभीरता से नहीं लिया गया। इसके कुछ समय बाद हमलावरों ने सीधे दफ्तर को निशाना बनाते हुए गोलीबारी कर दी। वायरल ऑडियो में आरजू बिश्नोई नामक व्यक्ति कह रहा है कि कारोबारी को फोन किया था और वह हलके में ले रहा था। आगे कहा कि अगली बार गोली दीवार पर नहीं बल्कि छाती पर मारी जाएगी। व्यक्ति ने कहा कि वह बिना किसी को तंग परेशान नहीं करते, जो 2 नंबर का काम करते है, उन्हें ही वह फोन करते है।

    सीसीटीवी फुटेज में हमलावरों की गतिविधियां साफ दिखाई दे रही हैं, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि फायरिंग के बाद कारोबारी को जान से मारने की धमकी भी दी गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि धमकी और फायरिंग के पीछे असली मकसद क्या था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका हो सकती है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और वायरल पोस्ट तथा फायरिंग घटना के बीच संबंधों की पड़ताल की जा रही है।

  • Punjab News: शिव मंदिर से गोलक चोरी मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार, नगदी और थ्री-व्हीलर बरामद, देखें वीडियो

    Punjab News: शिव मंदिर से गोलक चोरी मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार, नगदी और थ्री-व्हीलर बरामद, देखें वीडियो

    मोहालीः जिले में क्राइम की वारदातों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दरअसल, ढकोली थाना पुलिस ने शिव मंदिर से गोलक चोरी के मामले का खुलासा करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से चोरी की गई 2 गोलकें, 19,500 रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल थ्री-व्हीलर बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, गांव ढकोली निवासी गुरमीत सिंह की शिकायत पर 20 जून को मामला दर्ज किया गया था।

    शिकायत में बताया गया था कि 17 जून की सुबह दो अज्ञात व्यक्तियों ने ढकोली के शिव मंदिर से दो गोलकें चुरा ली थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। जांच अधिकारी एएसआई मेवा सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर कार्रवाई की।

    इस दौरान गुरविंदर सिंह उर्फ गग्गी (पुत्र स्वर्गीय सोहन सिंह) और रजत (पुत्र धर्मवीर), दोनों निवासी गुरु नानक कॉलोनी, जगतपुरा (एसएएस नगर) को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान, आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की गई दोनों गोलकें, उनसे निकाली गई 19,500 रुपये की नकदी और वारदात में इस्तेमाल थ्री-व्हीलर बरामद किया गया।

    पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस उनसे अन्य वारदातों के संबंध में भी पूछताछ कर रही है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है। उनके खिलाफ चंडीगढ़ के सेक्टर-31 में एक्साइज एक्ट, सेक्टर-32 के मंदिर में गोलक चोरी, सेक्टर-39 में ऑटो चोरी और खरड़ सिटी थाना क्षेत्र में मंदिर से गोलक चोरी के मामले पहले भी दर्ज हैं।

     

  • Jalandhar News: बहबलकलां गोलीकांड में SIT के सामने पेशी को लेकर विजय सांपला का आया बयान

    Jalandhar News: बहबलकलां गोलीकांड में SIT के सामने पेशी को लेकर विजय सांपला का आया बयान

    जालंधर, ENS: बहुचर्चित साल 2015 के बेअदबी और बहबल कलां गोलीकांड मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी। इस मामले में पूछताछ के लिए पंजाब भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विजय सांपला आज जालंधर के पीएपी कॉम्प्लेक्स में एसआईटी के सामने पेश होने से पहले मीडिया के सामने आए। वहीं SIT के समक्ष पेश होने पर विजय सांपला ने कहा कि वह जांच में कमेटी का पूरा सहयोग करेंगे। मीडिया से बात करते हुए हुए कहा कि इस केस में भाजपा का सीधे तौर पर कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन उसके बावजूद उन्हें कमेटी में शामिल होने के लिए कहा गया।

    सांपला ने कहा कि जो अधिकारी उन्हें समन देने के लिए आए थे, उन्हें खुद नहीं पता कि मुझे किस दफ्तर में जाकर पेश होना है। जिसके बाद उन्हें पता चला कि नौनिहाल मामले की जांच कर रहे है। इस दौरान नौनिहाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह कमेटी का हिस्सा नहीं है। जिसके बाद पता चला कि केस को डीआईजी प्रमोद केस को देख रहे है। इस दौरान पता चला कि गर्वनर साहिब को 2015 को उन्होंने एक मांग पत्र सौंपा था। सांपला ने कहा कि उनके द्वारा सैंकड़ों मांग पत्र सौंपे गए और उस दौरान अकाली-भाजपा की सरकार थी। सांपला ने कहा कि केस 2015 का है और वह 2016 में प्रधान के पद पर तैनात हुए।

    ऐसे में उनके द्वारा केस की कॉपी मांगी और पूछा गया कि उन्हें केस में शामिल होने के लिए क्यों बुलाया गया। सांपला के अनुसार उन्हें बिना जानकारी के क्यों ब बुलाया गया, उन्हें नहीं पता। लेकिन उसके बावजूद उन्हें कमेटी में शामिल होने के लिए कहा गया। विजय सांपला के साथ फरीदकोट के तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर मालविंदर सिंह जग्गी और पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के पूर्व ओएसडी गगनदीप सिंह बराड़ को भी समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया गया। उन्होंने कहा कि इस केस को लेकर लगातार कमेटी बनाई जा रही है। केस को लेकर पहले कांग्रेस सरकार के दौरान भी पेश बनाई गई थी।

    वहीं डिप्टी कमिश्नर मालविंदर सिंह जग्गी और पूर्व सीएम बादल के पूर्व ओएसडी गगनदीप सिंह बराड़ की एसआईटी में पेशी को लेकर कहा कि वह बीते दिन कमेटी के समक्ष पेश हुए, लेकिन वह उस समय सरकार के दौरान कार्यकाल में मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि एसआईटी द्वारा सांपला को उक्त मामलों में जिले के थाना बाजाखाना में 14 अक्टूबर 2015 तथा 21 अक्टूबर 2015 को दर्ज हुए मामले में उन्हें बुलाया गया। बेअदबी की घटनाओं और इसके बाद बहबल कलां में हुए गोलीकांड ने पंजाब की राजनीति और सामाजिक ताने-बाने पर गहरा असर डाला था।

     

  • बादल परिवार के काले कारनामे एक-एक करके जनता के सामने लाए जाएंगे: CM Bhagwant Singh Mann

    बादल परिवार के काले कारनामे एक-एक करके जनता के सामने लाए जाएंगे: CM Bhagwant Singh Mann

    फरीदकोट: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि पंजाब के लोग यह नहीं भूले हैं कि किस तरह बादल परिवार और अकाली नेतृत्व ने बार-बार प्रदेश के हितों से समझौता किया, तीन काले कृषि कानूनों का समर्थन किया, राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का दुरुपयोग किया और पंजाब में नशे के कलंक को पनपने दिया। फरीदकोट के गांव पंजगराईं कलां में ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान लोगों से रूबरू होते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली सरकारों ने जहां पंजाब को नशे, बेरोजगारी और पतन की ओर धकेला, वहीं ‘आप’ सरकार नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, पारदर्शी सरकारी भर्ती, शिक्षा में ऐतिहासिक सुधार, सभी के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं और महिलाओं के हित वाली कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश की तस्वीर बदल रही है।

    मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पंजाब और इसके लोगों के साथ विश्वासघात करने वालों का हर करतूत जनता के सामने लाया जाएगा, जबकि मौजूदा सरकार एक स्वस्थ, शिक्षित और समृद्ध पंजाब के निर्माण की दिशा में पूरी तरह से केंद्रित है। सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान, जिनके साथ पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां भी मौजूद थे, ने कहा कि बादल परिवार ने प्रदेश पर लंबे समय तक शासन किया है और हमेशा प्रदेश को कमजोर करने की साजिशें रची हैं। उन्होंने कहा, “बादलों का एकमात्र एजेंडा प्रदेश और इसके लोगों के हितों से समझौता करके अपने निजी हितों को सुरक्षित करना रहा है। ये ऐसे अवसरवादी नेता हैं, जो अपने निजी और राजनीतिक हितों के अनुसार गिरगिट की तरह रंग और रुख बदलते हैं।”

    मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों ने अकालियों को चुना था लेकिन वे गद्दार साबित हुए और उन्होंने हमेशा प्रदेश और इसके लोगों की पीठ में छुरा घोंपा। भगवंत सिंह मान ने कहा, “जब पूरी किसानी अपने अधिकारों के लिए लड़ रही थी, तब अकालियों ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में अपनी कुर्सियां बचाने के लिए मोदी सरकार के काले कृषि कानूनों का समर्थन किया था। अकालियों ने अपने राजनीतिक हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग किया और लोग इसके लिए उन्हें कभी माफ नहीं कर सकते।”

    एक और मिसाल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नेताओं ने खुद को किसान बताकर लंबे समय तक लोगों को बेवकूफ बनाया है। उन्होंने कहा, “उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि कोई अन्नदाता बसों का इतना बड़ा काफिला और गुड़गांव में आलीशान होटल कैसे बना सकता है। यह सारी संपत्ति इसलिए इकट्ठी की गई है क्योंकि उन्होंने अपने राजनीतिक हितों के लिए प्रदेश और लोगों के हितों को बेच दिया।”

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली, पीढ़ियों के घात के लिए जिम्मेदार हैं क्योंकि नशा तस्करी को उनका संरक्षण प्राप्त थी और यह उनके लंबे कुशासन के दौरान पनपी-फूली। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नेताओं के हाथ उन लाखों युवाओं के खून से रंगे हैं, जो नशे की भेंट चढ़ गए, जिसकी सप्लाई प्रदेश में सरकारी गाड़ियों के माध्यम से की जाती थी। उन्होंने कहा, “इन नेताओं के पाप क्षमा करने योग्य नहीं हैं और लोग इनके बुरे करतूतों की लंबी दास्तान के लिए इन्हें कभी भी माफ नहीं कर सकते। बेअदबी के जिम्मेदार लोग श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश हुए और सार्वजनिक रूप से अपना गुनाह कबूल किया।”

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उनकी राजनीतिक इच्छाएं पूरी नहीं हुईं तो उन्होंने यू-टर्न ले लिया। भगवंत सिंह मान ने कहा, “पूरा प्रदेश इन नेताओं का असली चेहरा जानता है, जिन्होंने हमेशा राजनीतिक हथकंडों के माध्यम से लोगों को गुमराह किया है। इन नेताओं ने गैंगस्टरों की पीठ थपथपाई और नशा तस्करों को पनाह देकर पंजाब के युवाओं की रगों में नशा घोला। लोग अकालियों को उनके पापों के लिए कभी माफ नहीं करेंगे और एक बार फिर उन्हें सबक सिखाएंगे। लोगों ने बार-बार उन्हें चुना, लेकिन उन्होंने बार-बार पंजाब और इसके लोगों के साथ विश्वासघात किया।”

    मुख्यमंत्री ने दोहराया कि अकालियों ने अपने राजनीतिक हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग किया, इसलिए लोग उन्हें कभी माफ नहीं कर सकते। स्वर्गीय प्रकाश सिंह बादल ने भी सुखबीर सिंह बादल को कभी भी प्रदेश का मुखिया नहीं बनाया क्योंकि वे जानते थे कि पूर्व उपमुख्यमंत्री पंजाब को मुसीबत में डाल देंगे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सुखबीर सिंह बादल जमीनी हकीकतों से वाकिफ नहीं हैं क्योंकि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी आराम-ओ-आइश और खुशहाली वाले सुरक्षित माहौल में गुजारी है।

    सुखबीर सिंह बादल को प्रदेश की बुनियादी भौगोलिक स्थिति का भी पता नहीं है लेकिन फिर भी वे पंजाब में राजनीतिक सत्ता पाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “बाकी बातें तो एक तरफ रहीं, पूर्व उपमुख्यमंत्री पंजाब की बुनियादी फसलों में भी अंतर नहीं कर सकते क्योंकि वे प्रदेश के मुख्य मुद्दों से ही पूरी तरह से अनभिज्ञ हैं। दूसरी तरफ पंजाब सरकार ने प्रदेश की भलाई और लोगों की खुशहाली सुनिश्चित करने के लिए अनेकों पहलें की हैं।”

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि पंजाब सरकार ने युवाओं को 67,500 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने आगे कहा, “पंजाब में भ्रष्टाचार और पक्षपात का युग खत्म हो गया है। आज युवाओं को निर्धारित योग्यता के आधार पर पारदर्शी तरीके से नौकरियां मिल रही हैं। सरकार पंजाबियों की उम्मीदों पर खरी उतर रही है और प्रदेश का एक-एक पैसा इसके लोगों के विकास पर खर्च किया जा रहा है।”

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पहली बार कोई मुख्यमंत्री सिर्फ मंच से बोलने के बजाय खुलकर बातचीत करके आम लोगों की बातें सुन रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी खजाने के एक-एक पैसे का इस्तेमाल लोगों की भलाई के लिए कर रही है।

    उन्होंने कहा कि पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और किसानों को दिन के समय बिजली मिल रही है, जो मिसाली कदम है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ऐसे समय में जब देश की संपत्ति केंद्र सरकार द्वारा अपने करीबी दोस्तों को मामूली कीमतों पर सौंपी जा रही है, पंजाब सरकार ने एक निजी थर्मल प्लांट खरीदकर इसका नाम श्री गुरु अमरदास जी के नाम पर रखकर इतिहास रचा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को व्यापक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना शुरू की है, जो देश की अपनी तरह की पहली योजना है जो पंजाब के प्रत्येक निवासी परिवार को 10 लाख रुपये तक का नकद रहित चिकित्सा उपचार प्रदान करती है। उन्होंने आगे कहा, “पंजाब ऐसा व्यापक स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करने वाला पहला भारतीय राज्य है, जिससे परिवारों पर वित्तीय बोझ कम हुआ है और मानक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।”

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस ऐतिहासिक पहल का उद्देश्य प्रदेश के सभी परिवारों को व्यापक स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करना है और लोग इस योजना के तहत पहले ही 650 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज प्राप्त कर चुके हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मांवां-धीयां सत्कार योजना के तहत, 1 जुलाई से 18 साल से अधिक उम्र की महिला लाभार्थियों को वित्तीय सहायता के बारे में उनके मोबाइल फोन पर सूचना मिलेगी। उन्होंने आगे कहा, “अन्य सभी वर्गों से संबंधित महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह मिलेंगे, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह मिलेंगे। यह फंड सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे और पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाएं भी इस योजना का लाभ लेने की पात्र होंगी।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब की 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना से लाभ होने की उम्मीद है और प्रदेश सरकार ने इसके लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये रखे हैं।

    इस योजना के व्यापक सामाजिक महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भले ही यह वित्तीय सहायता महिलाओं को अमीर नहीं बना सकती लेकिन यह उन्हें बनता सम्मान और सत्कार जरूर प्रदान करेगी। उन्होंने कहा, “महिलाएं सबसे अधिक सम्मान की हकदार हैं क्योंकि वे जीवन का आधार हैं। माताओं और बहनों के आशीर्वाद में दुनिया की हर चुनौती को पार करने की ताकत होती है।”

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लिंग समानता को बढ़ावा देने और सामाजिक तथा आर्थिक निर्णय लेने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करना बहुत जरूरी है।

    वे ईश्वर के बहुत आभारी हैं कि अकाल पुरख ने उन्हें जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन अधिनियम, 2026 को लागू करने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि जब भी गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाएं हुईं, लाखों लोगों के दिल दहल गए। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ईश्वर ने उन्हें बुद्धि और बल प्रदान किया तभी वे कानूनी विशेषज्ञों के साथ उचित विचार-विमर्श के बाद यह विधेयक लाने में सक्षम हुए। आप सरकार ने इस विधेयक का मसौदा बहुत सावधानीपूर्वक तैयार किया है ताकि भविष्य में कोई भी संशोधन या कमियां इसे कमजोर न कर सकें।”

    मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह कानून समाज विरोधी तत्वों के खिलाफ बड़ी रोक के रूप में काम करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में कोई भी इस तरह का जघन्य अपराध करने की हिम्मत न करे। गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करना शांति, सद्भावना, भाईचारे और श्रद्धा को ढहाने की गहरी साजिश थी।

    श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के पिता हैं और इनकी पवित्रता को बनाए रखना सभी का सामूहिक कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा उठाए गए इस ऐतिहासिक कदम के लिए दुनिया भर के लोग खुश हैं और आभार व्यक्त कर रहे हैं। इस अवसर पर पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां और अन्य लोग भी मौजूद थे।

  • Punjab News: भीषण टक्कर के बाद फ्लाईओवर से नीचे गिरी कार और जुगाड़ू रेहड़ी, चालक घायल, देखें वीडियो

    Punjab News: भीषण टक्कर के बाद फ्लाईओवर से नीचे गिरी कार और जुगाड़ू रेहड़ी, चालक घायल, देखें वीडियो

    पटियालाः जिले राजपुरा रोड पर उस समय बड़ा हादसा घट गया जब राजपुरा पुल के ऊपर एक मारुति कार ने जुगाड़ू रेहड़ी को टक्कर मार दी। इस घटना में और जुगाड़ू रेहड़ी समेत नौजवान पुल से लगभग 20 फीट नीचे गिर पड़ा। सिर के बल नीचे गिरने के कारण रेहड़ी चालक मौके पर ही बेसुध हो गया। इस घटना में नौजवान को गंभीर चोटें आईं और उसे स्थानीय लोगों की मदद से उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

    हादसे में कार भी पुल के किनारे लगे सीमेंट की स्लैबों से टकराने के बाद पलटकर गिर गई और लोगों ने चालक को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाल लिया। उस घटना की तस्वीरें सीसीटीवी में भी कैद हो गईं। तस्वीरें देखकर बहुत हैरानी हो रही है कि कितना भयानक एक्सिडेंट हो गया। गनीमत यह रही कि सुबह का समय होने के कारण सड़क पर आवागमन कम था। अगर पुल के नीचे भी आवागमन होता तो जुगाड़ू रेहड़ी में सवार नौजवान जान गंवा सकता था और जिस किसी पर वह गिरता, उसकी भी जान जा सकती थी।

  • IDFC FIRST Bank घोटाले मामले में गिरफ्तार IAS Officer Pankaj Agrawal को कोर्ट में किया पेश, देखें वीडियो

    IDFC FIRST Bank घोटाले मामले में गिरफ्तार IAS Officer Pankaj Agrawal को कोर्ट में किया पेश, देखें वीडियो

    पंचकूलाः हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों के खातों से करोड़ों रुपये की कथित हेराफेरी से जुड़े बहुचर्चित IDFC फर्स्ट बैंक घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। पंकज अग्रवाल हरियाणा सरकार में स्कूल शिक्षा और कृषि विभाग के प्रधान सचिव के पद पर कार्यरत थे। जांच एजेंसियों के अनुसार यह मामला हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों और निकायों के खातों से सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग और अवैध ट्रांसफर से जुड़ा है।

    प्रारंभिक जांच में सरकारी धन को निजी खातों और शेल कंपनियों के माध्यम से स्थानांतरित किए जाने की आशंका जताई गई है। सीबीआई इससे पहले भी इस घोटाले में कई बैंक अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच के दौरान कई आईएएस अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई थी। हरियाणा सरकार ने सीबीआई को पंकज अग्रवाल समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ और जांच की अनुमति दी थी।

    बताया जा रहा है कि IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक से जुड़े इस कथित घोटाले का आकार समय-समय पर सामने आए तथ्यों के अनुसार 590 करोड़ रुपये से लेकर 645 करोड़ रुपये से अधिक तक बताया गया है। सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य एजेंसियां पूरे नेटवर्क की जांच कर रही हैं। पंकज अग्रवाल की गिरफ्तारी को इस मामले में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। सीबीआई अब यह पता लगाने में जुटी है कि सरकारी धन के कथित गबन और उसके ट्रांसफर में उनकी भूमिका क्या रही तथा इस पूरे नेटवर्क में किन-किन अधिकारियों और निजी व्यक्तियों की संलिप्तता थी।

  • गर्मी से टूटे कई दशकों के रिकॉर्ड, 2 बच्चों सहित 18 की मौत, स्कूल किए बंद

    गर्मी से टूटे कई दशकों के रिकॉर्ड, 2 बच्चों सहित 18 की मौत, स्कूल किए बंद

    पेरिस: यूरोप इस समय भीषण गर्मी की ऐसी मार झेल रहा है जिसने कई दशकों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यूरोप में प्रचंड गर्मी से हाहाकार मचा हुआ है। फ्रांस, स्पेन, ब्रिटेन और इटली समेत कई देशों में तापमान सामान्य से 5 से 10 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया गया है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि फ्रांस में 18 लोगों की मौत की खबर है, इनमें दो मासूम बच्चे भी शामिल हैं, जो एक गर्म कार में फंसे रह गए थे। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तबाही के पीछे एक खास मौसमी पैटर्न है, जिसे ‘ओमेगा ब्लॉक’ कहा जाता है। यही सिस्टम पूरे यूरोप में गर्म हवा को फंसा रहा है और लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है।

    रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक फ्रांस में ज्यादातर स्कूल बंद कर दिए गए हैं या उनके समय में बदलाव किया गया वहीं ब्रिटेन में मौसम का अनुमान लगाने वालों ने कहा कि इस हफ्ते तापमान जून महीने के रिकॉर्ड तोड़ सकता है। रॉयटर्स के मुताबिक फ्रांस के पश्चिमी वाइन-उत्पादक इलाके बोर्डो में तापमान 41.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया जिससे पिछले साल अगस्त का रिकॉर्ड टूट गया।

    मध्य फ्रांस के पोइटियर्स में तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया जिसने 1947 में बने पिछले सबसे ज्यादा तापमान के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। रॉयटर्स क्लाइमेट मॉनिटर के मुताबिक यह 22 जून के लिए शहर के ऐतिहासिक औसत से दोगुने से भी ज्यादा था। मॉनिटर से पता चला कि सोमवार को यूरोप अपने ऐतिहासिक औसत से सबसे ज़्यादा दूर रहने वाला महाद्वीप था। वर्ल्ड मेटियोरोलॉजिकल ऑर्गनाइज़ेशन की अप्रैल की एक रिपोर्ट में पाया गया है कि यूरोप में तापमान बढ़ने की रफ्तार दुनिया भर की औसत रफ्तार से दोगुनी से भी ज्यादा है। जबकि यूरोप को कम गर्मी के लिए जाना जाता रहा है।

  • केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने दिया इस्तीफा, सरकार में फेरबदल की सुगबुगाहट हुई तेज

    केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने दिया इस्तीफा, सरकार में फेरबदल की सुगबुगाहट हुई तेज

    नई दिल्लीः मोदी सरकार में बीजेपी के वरिष्ठ नेता जॉर्ज कुरियन ने मंगलवार को अल्पसंख्यक मामलों और मत्स्य पालन राज्य मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। उनका 6 साल का राज्यसभा कार्यकाल पूरा हो गया था। उनके इस्तीफे को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान के मुताबिक, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री की सलाह पर जॉर्ज कुरियन का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफ़ा तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया।

    भाजपा ने उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेजने का फैसला किया। 65 वर्षीय जॉर्ज कुरियन अगस्त 2024 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली तीसरी केंद्रीय कैबिनेट में राज्य मंत्री (MoS) के तौर पर काम कर रहे थे। वह भाजपा के कद्दावर नेता हैं और 1980 में पार्टी की शुरुआत से ही इसके सदस्य रहे हैं। इस इस्तीफे के बाद अब मोदी सरकार में फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। बता दें कि कुरियन शायद केंद्र सरकार में एकमात्र ऐसे मंत्री थे जो ईसाई समुदाय से आते हैं। उनका राज्यसभा कार्यकाल 21 जून को समाप्त हुआ है।

    राष्ट्रपति भवन ने एक बयान में कहा, “भारत के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत केंद्रीय मंत्रिपरिषद से जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।” उन्होंने 9 जून, 2024 को केंद्रीय राज्य मंत्री के तौर पर शपथ ली और 11 जून, 2024 को अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय और मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय का कार्यभार संभाला। इससे पहले, कुरियन राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष और तत्कालीन केंद्रीय रेल राज्य मंत्री ओ. राजगोपाल के विशेष कार्याधिकारी (OSD) के तौर पर काम कर चुके थे।

     

  • Jalandhar News: Aryan Homeopathic Clinic पर फायरिंग मामले में आरोपी गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Jalandhar News: Aryan Homeopathic Clinic पर फायरिंग मामले में आरोपी गिरफ्तार, देखें वीडियो

    1. जालंधर, ENS: वेरका मिल्क प्लांट के निकट स्थित आर्यन होम्योपैथिक क्लिनिक पर फायरिंग मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान गुरपाल सिंह निवासी अशोक विहार कालोनी, वेरका मिल्क प्लांट के निकट के रूप में हुई है। मामले की जानकारी देते हुए एडीसीपी आकृषि जैन ने बताया कि 22 जून को डॉ. संदीप शर्मा निवासी वीनस वैली के बयान पर फायरिंग का मामला दर्ज किया गया था।
    इस मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी गुरपाल सिंह के कब्जे से लाइसेंसी हथियार भी बरामद कर लिया गया है। एडीसीपी ने कहा कि शिकायतकर्ता ने बताया कि 20 जून की रात उनकी पत्नी डा. विश्वजीत कौर ने सलेमपुर रोड स्थित आर्यन होम्योपैथिक क्लिनिक को बंद किया था। 22 जून की सुबह जब उनके भतीजे मोहित बावा ने क्लिनिक का शटर खोला तो अंदर का शीशा टूटा हुआ मिला। जांच करने पर पता चला कि शीशे पर गोली लगने का निशान था और गोली आर-पार हुई प्रतीत हो रही थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच और सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने आरोपी गुरपाल सिंह को गिरफ्तार करके उससे पूछताछ की जा रही है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि फायरिंग के पीछे क्या कारण था और क्या इस घटना में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।
  • Punjab News: नकली पुलिस कर्मी बनकर लोगों को ठगने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Punjab News: नकली पुलिस कर्मी बनकर लोगों को ठगने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार, देखें वीडियो

    मानसाः थाना झनीर की पुलिस ने नकली पुलिस कर्मचारी बनकर लोगों को डराकर-धमकाकर ठगी करने वाले गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए आरोपियों की पहचान मलकीत सिंह पुत्र बूटा सिंह निवासी चैनेवाला, मानसा, दलविंदर सिंह जिन्दी पुत्र अजैब सिंह निवासी माहां सिंहवाला, यादविंदर सिंह उर्फ़ बब्बू पुत्र तरसेम सिंह निवासी भटाल खुर्द, जिला संगरूर और गुरपाल सिंह उर्फ़ गग्गू निवासी लेहल कलां, जिला संगरूर के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना झुनीर, जिला मानसा में मुकदमा नंबर 84 दिनांक 21-06-2026 के तहत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।

    मामले की जानकारी देते हुए एसपीएच प्रदीप सिंह संधू ने बताया कि जांच अधिकारियों के अनुसार शिकायतकर्ता इकबाल सिंह उर्फ़ घोड़ा पुत्र अवतार सिंह निवासी साहनेवाली ने पुलिस को दिए बयानों में बताया कि कुछ व्यक्तियों ने खुद को पुलिस, सीआईए स्टाफ कर्मचारी बताए और उन्हें नशा तस्करी के मामले में फंसाने की धमकी दी। आरोपियों ने पीड़ित को डराकर मामला रफा-दफा करने के एवज में पहले नकद रकम और बाद में ऑनलाइन भुगतान की मांग की। पीड़ित ने डर के कारण आरोपियों को कुछ रुपए दे दिए।

    पुलिस द्वारा त्वरित जांच के दौरान तकनीकी सबूतों और अन्य सूचनाओं के आधार पर 4 आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार तीन आरोपियों के खिलाफ पहले भी विभिन्न थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपियों पर डकैतियां, धोखाधड़ी, नशा तस्करी और अन्य गंभीर मामलों से संबंधित केस दर्ज रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा ताकि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और इस प्रकार की अन्य वारदातों के बारे में जानकारी हासिल की जा सके।