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  • करोड़ों की लागत के 3600 से अधिक खैर व सफेदा पेड़ों की अवैध कटाई पर उठे सवाल, देखें वीडियो

    करोड़ों की लागत के 3600 से अधिक खैर व सफेदा पेड़ों की अवैध कटाई पर उठे सवाल, देखें वीडियो

    चंडीगढ़ः चंडीगढ़ आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पर्यावरणविद् शीशपाल और अधिवक्ता संजीव चौधरी ने पंचकूला जिले के मुवास, असरेवाली तथा एचएमटी पिंजौर क्षेत्र में हजारों पेड़ों की कथित अवैध कटाई का मामला उठाते हुए वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूरे प्रकरण की किसी स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सरकार से मांग की।

    प्रेस वार्ता में बताया गया कि मुवास गांव के निकट पंजाब भूमि संरक्षण अधिनियम (PLPA), 1900 की धारा-4 के तहत संरक्षित क्षेत्र में मार्च 2025 के दौरान लगभग 2,000 सफेदा पेड़ों की अवैध कटाई सामने आई थी। 21 मार्च 2025 को संरक्षक वन, अंबाला द्वारा किए गए निरीक्षण में यह पाया गया कि लगभग 4,000 नियोजित पेड़ों में से करीब 2,000 पेड़ काट दिए गए थे। आरोप है कि उस समय संबंधित अधिकारियों को इस बारे में जानकारी होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

    इसके बाद फरवरी-मार्च 2026 में असरेवाली क्षेत्र के संरक्षित वन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर बहुमूल्य खैर वृक्षों की कटाई का मामला सामने आया। विभागीय जांच में 1,138 खैर वृक्षों की अवैध कटाई की पुष्टि हुई। वहीं मार्च 2026 में पिंजौर स्थित एचएमटी परिसर में भी 1,456 खैर वृक्षों की कटाई का मामला उजागर हुआ। इन तीनों मामलों में कुल 4,594 पेड़ों की कटाई रिपोर्ट होने का दावा किया गया।

    शीशपाल और संजीव चौधरी ने आरोप लगाया कि असरेवाली प्रकरण में तत्कालीन डीएफओ मोरनी-पिंजौर विशाल कौशिक, आरएफओ मुनीर गुप्ता तथा अन्य अधिकारियों को 20 मार्च 2026 को निलंबित किया गया था, लेकिन एक माह के भीतर उन्हें पुनः उसी क्षेत्र में तैनात कर दिया गया। उनका कहना था कि जिन अधिकारियों के खिलाफ जांच चल रही हो, उन्हें उसी पद पर बहाल करना जांच की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकता है क्योंकि आवश्यक अभिलेख और विभागीय नियंत्रण उनके पास ही रहता है।

    उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रधान मुख्य वन संरक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को अभी तक उनके पदभार से वंचित रखा गया है, तब निलंबित अधिकारियों की इतनी शीघ्र पुनर्नियुक्ति किस आधार पर की गई। उन्होंने इसे चयनात्मक कार्रवाई बताते हुए कहा कि इससे गलत संदेश जाता है और जांच की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि मामला राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) में विचाराधीन है। आईए संख्या 261/2026 के तहत महिमा दत्त को मामले में पक्षकार बनाए जाने की अनुमति दी गई है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से यह आपत्ति भी उठाई गई कि जिन अधिकारी पर मुख्य आरोप हैं, उन्हीं की ओर से अन्य प्रतिवादियों का जवाब भी दाखिल किया गया है। इस पर अधिकरण ने सही तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट करने के लिए प्रतिवादी संख्या-1 को अगली सुनवाई पर उपस्थित होकर सहायता करने का निर्देश दिया है।

    पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि हरियाणा में वन क्षेत्र पहले ही कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 3.65 प्रतिशत है। ऐसे में हजारों पेड़ों की कथित अवैध कटाई केवल पर्यावरण ही नहीं बल्कि वन्यजीव आवास, भूजल संरक्षण और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी गंभीर खतरा है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जवाबदेह बनाया जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे अफसर सरकार की छवि को धूमिल करते हैं।

     

  • NEET Student ने तीसरी मंजिल से कूदकर किया सुसाइड, देखें वीडियो

    NEET Student ने तीसरी मंजिल से कूदकर किया सुसाइड, देखें वीडियो

    इंदौरः नीट (National Eligibility cum Entrance Test) की तैयारी कर रही छात्रा ने देर रात तीसरी मंजिल से कूद गई। घायल अवस्था में उसे गंभीर हालत में पहले निजी अस्पताल और फिर एमवाय हॉस्पिटल पहुंचाया गया। जहां सुबह ईलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। छात्रा के गिरने का वीडियो भी सामने आया है। वहीं छात्रा के पिता डॉ. बंशीलाल मौर्य ने कहा- ‘बेटी अवंतिका 3 बार नीट दे चुकी थी। पिछली बार रिजल्ट नहीं आने से डिप्रेशन में थी। उसने सुसाइड किया है।’ उन्होंने यह बात पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी से बातचीत में कही। डॉ. बंशीलाल खरगोन के भिकनगांव में मेडिकल ऑफिसर हैं।
     
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    पुलिस के मुताबिक, अवंतिका मौर्य धाकड़ कॉलोनी की एक निजी बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर पर बड़ी बहन डॉ. सपना मौर्य के साथ रह रही थी। डॉ. सपना ने बताया कि अवंतिका 3 बार नीट का एक्जाम पास नहीं कर पाई थी। वो कहती थी एमबीबीएस तो करके रहूंगी, लेकिन हाल ही में परीक्षा रद्द होने के बाद वह तनाव में थी। कल सामान्य रूप से बातचीत भी नहीं कर रही थी। पूरे दिन काफी चुप-चुप थी। ज्यादातर सवालों के जवाब सिर्फ हां या न में ही दे रही थी। देर रात 11:30 बजे वह मोबाइल पर चचेरी बहन नैना से बात कर रही थी। इसी दौरान सीढ़ियां चढ़ते हुए छत की तरफ चली गई। फिर नीचे आ गिरी। आवाज सुनकर बिल्डिंग में रहने वाले लोग बाहर आए। एम्बुलेंस और पुलिस को फोन किया। अवंतिका मूल रूप से धार जिले की रहने वाली थी। पिता डॉ. बंशीलाल मौर्य एमवाय अस्पताल में ट्रेनिंग की वजह से पांच दिन पहले ही इंदौर आए थे। उन्होंने पुलिस को बताया कि घटना के समय वे फ्लैट के अंदर थे। पिता घायल अवंतिका को लेकर तुरंत जूपिटर अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे एमवाय अस्पताल रेफर कर दिया। सुबह करीब 5 बजे उसने दम तोड़ दिया। भंवरकुआं थाना प्रभारी संतोष दूधी ने कहा कि अवंतिका के मोबाइल की जांच, कॉल डिटेल और घटनास्थल की परिस्थितियों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल की जाएगी। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि छात्रा दुर्घटनावश गिरी थी या उसने आत्महत्या की है। एसएफएल की टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है।
  • Punjab News: दवा लेने जा रहे परिवार पर हमला, घर पर बरसाए ईंट-पत्थर, महिला सहित 7 पर FIR दर्ज, देखें वीडियो

    Punjab News: दवा लेने जा रहे परिवार पर हमला, घर पर बरसाए ईंट-पत्थर, महिला सहित 7 पर FIR दर्ज, देखें वीडियो

    लुधियानाः मिलरगंज के मोहल्ला संतपुरा में मारपीट का मामला सामने आया है। जहां एक परिवार के घर पर नौजवानों द्वारा जमकर ईंट-पत्थरों से हमला किया गया। आरोप है कि दवाई लेने जा रहे एक परिवार को घेरकर तेजधार हथियारों से मारपीट की गई। घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हो गई। पीड़ित परिवार द्वारा थाना 6 में शिकायत दी गई। पुलिस ने महिला सहित 7 के खिलाफ मारपीट, धमकी देने और रास्ता रोकने के आरोप में मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता संजू कुमार के अनुसार, आरोपियों ने भाभी, उसके साथ और बीच-बचाव करने आए उसके चाचा से भी मारपीट की।
     
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    जांच अधिकारी ने बताया कि शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर आरोपियों सपना, परमजीत कौर, चीनू , हैप्पी, अजय उर्फ काशी, निक्का और विष्णु निवासी मोहल्ला संतपुरा, मिलरगंज के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 126(2), 351(2), 191(3) और 190 के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में मिलरगंज के मोहल्ला संतपुरा निवासी संजू कुमार ने बताया कि 19 जून 2026 को वह अपनी भाभी तमन्ना को दवा दिलाने के लिए जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में मोहल्ले की रहने वाली सपना, परमजीत कौर, चीनू, हैप्पी, अजय उर्फ काशी और उनके दो साथी निक्का तथा विष्णु ने उन्हें घेर लिया। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों ने मिलकर उसकी भाभी के साथ मारपीट की। जब उसने विरोध किया तो आरोपियों ने उस पर भी तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। शोर सुनकर उसे बचाने के लिए उसका चाचा मोंटी मौके पर पहुंचा। आरोपियों ने उसके साथ भी मारपीट की। संजू कुमार ने आरोप लगाया कि जाते समय आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकियां देते हुए मौके से फरार हो गए।  
  • भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए लोक निर्माण विभाग सशक्त और तकनीक आधारित कार्य प्रणाली अपनाएः मुख्यमंत्री

    भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए लोक निर्माण विभाग सशक्त और तकनीक आधारित कार्य प्रणाली अपनाएः मुख्यमंत्री

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां ‘लोक निर्माण विभागों में गुणवत्ता आश्वासन’ विषय पर आयोजित उत्तर क्षेत्रीय अंतर-राज्यीय संवाद सत्र की अध्यक्षता की। इस संवाद सत्र में हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और राजस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों और अभियंताओं ने भाग लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भविष्य की चुनौतियों से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए लोक निर्माण विभाग में व्यापक सुधारों की शुरुआत की है। पिछले तीन वर्षों में हिमाचल प्रदेश ने कई प्राकृतिक आपदाओं का सामना किया है। इन आपदाओं के दौरान लोक निर्माण विभाग की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही है।

    उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं के प्रतिकूल प्रभाव हिमाचल प्रदेश में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं और भविष्य में अन्य राज्यों को भी इनका सामना करना पड़ सकता है। राज्य का लगभग 90 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र पहाड़ी है और यहां सड़क संपर्क सुविधा लोगों की मूलभूत आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विभाग को अब सुरंग निर्माण और बहुमंजिला भवनों जैसी उन्नत एवं दक्ष अधोसंरचना के विकास की दिशा में आगे बढ़ना होगा। नई तकनीकों और कार्य प्रणालियों को अपनाने में शुरूआत में चुनौतियां आ सकती हैं लेकिन सतत विकास सुनिश्चित करने के लिए इन प्रणालियों को अपनाना बहुत जरूरी है।

    सुक्खू ने कहा कि आने वाले वर्षों में आपदाओं के कारण क्षतिग्रस्त अवसंरचना का पुनर्निर्माण सबसे बड़ी चुनौतियों में एक होगा। वर्तमान में राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का लगभग चार प्रतिशत आपदा पुनर्निर्माण पर खर्च किया जा रहा है और वर्ष 2050 तक यह व्यय बढ़कर 14 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। इस स्थिति में आधुनिक तकनीकें अपनाने और विभाग की क्षमताओं का विस्तार करना अत्यंत आवश्यक है। लोक निर्माण विभाग को अपने पारंपरिक कार्यक्षेत्र एवं कार्य प्रणाली से आगे बढ़कर उभरते क्षेत्रों में भी अवसर तलाशने चाहिए। उन्होंने कहा कि विभाग बांध निर्माण जैसे क्षेत्रों में भी अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य में विभाग के कार्यक्षेत्र को विस्तार देने पर विचार करेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘क्वालिटी कंट्रोल फॉर रोड वर्क्स’ नामक पुस्तक का विमोचन भी किया।

    लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि क्षमता निर्माण और आधुनिक तकनीकों को अपनाना वर्तमान समय की मांग है। उन्होंने कहा कि संवाद सत्र अभियंताओं को नवीन तकनीकों और श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों की जानकारी उपलब्ध करवाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। ग्लोबल वार्मिंग से उत्पन्न चुनौतियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पूरे उत्तर भारत में नई कार्यप्रणालियों और नवाचार आधारित समाधानों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सतत विकास की दृष्टि से कार्य करना अनिवार्यता है।

    लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में लगभग 45,000 किलोमीटर लंबी सड़कों का जाल बिछा हुआ है और राज्य की अधिकांश पंचायतें अब सड़कों की सुविधा से जुड़ चुकी हैं। इसके दृष्टिगत प्रदेश में विशाल अवसंरचना का नियमित रख-रखाव एक बड़ी चुनौती है। इसके समाधान के लिए राज्य सरकार ने नई ड्रेनेज नीति तैयार की है, जिसका उद्देश्य सड़कों के रख-रखाव और उनकी आयु बढ़ाने में सुधार करना है।

  • आतंकी हमलाः रिमोट कंट्रोल बम से उड़ाए गाड़ियों के परखच्चे; 7 की मौत, देखें वीडियो

    आतंकी हमलाः रिमोट कंट्रोल बम से उड़ाए गाड़ियों के परखच्चे; 7 की मौत, देखें वीडियो

    पाकिस्तानः पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू में दो धमाके होने की खबर सामने आई है। जिसमें गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए। इस धमाके में 7 लोगों की मौत हो गई और 3 लोग गंभीर घायल हुए है।
     
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    जानकारी के अनुसार आतंकियों ने रिमोट-कंट्रोल से दो धमाके किए है। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू जिले में धमाकों से हड़कंप मच गया है। पुलिस ने इन धमाकों को कायराना आतंकी हमला करार दिया है। बन्नू के वजीर सब-डिवीजन के अंतर्गत आने वाले अर्ध-जनजातीय और पहाड़ी इलाके मरका बेरा में ये घटना घटी है। बन्नू के डिस्ट्रिक्ट पुलिस ऑफिसर यासिर अफरीदी ने इस बात की पुष्टि की है कि इन दो धमाकों में सात लोगों की जान गई है और तीन लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने बताया कि फांग मूसा खेल इलाके में ब्लास्ट के जरिए दो वाहनों को टारगेट किया गया। डैटसन का एक प्राइवेट वाहन यात्रियों को लेकर डोमेल की तरफ जा रहा था। इसी दौरान इसे निशाना बनाया गया। इस जोरदार धमाके में वाहन पूरी तरह नष्ट हो गया और 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि जब पहले धमाके के घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी घटनास्थल से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर दूसरा ब्लास्ट हुआ। इसमें दूसरे वाहन के भी परखच्चे उड़ गए और 2 अन्य लोगों ने जान गंवा दी। घटना के तुरंत बाद रेस्क्यू 1122 की टीमों ने मोर्चा संभाला और शवों व घायलों को डोमेल रूरल हेल्थ सेंटर और खलीफा गुल नवाज टीचिंग अस्पताल पहुंचाया। सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। अधिकारियों को आशंका है कि इलाके में और भी विस्फोटक उपकरण छिपे हो सकते हैं, जिसके चलते चप्पे-चप्पे की तलाशी ली जा रही है।
  • 10 सालों से शराब बैन, ट्रक छोड़कर भागे तस्कर, लोगों में मची ने लूट की होड़, देखें वीडियो

    10 सालों से शराब बैन, ट्रक छोड़कर भागे तस्कर, लोगों में मची ने लूट की होड़, देखें वीडियो

    पटनाः बिहार में सरकार द्वारा पिछले 10 सालों से शराब बैन की हुई है। लेकिन उसके बावजूद चोरी छिपे शराब बिक्री को लेकर मामले सामने आ रहे है। ताजा मामला सीतामढ़ी जिले से सामने आया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक अजीबोगरीब नजारा देखने को मिल रहा है। जिसमें गांव के लोग सड़क पर खड़ी एक ट्रक से शराब की बोतलें लूटते हुए दिखाई दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार, पुलिस कार्रवाई के डर से शराब माफिया और ट्रक चालक बीच सड़क पर ट्रक छोड़कर फरार हो गए थे।
    इसके बाद जैसे ही ग्रामीणों को पता चला कि ट्रक में शराब की बोतलें भरी हैं, वे मौके पर पहुंचकर बोतलें लूटने लगे। यह पूरा मामला बोखड़ा थाना क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बोखड़ा थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शराब का एक बड़ा खेप उनके थाना क्षेत्र से होकर गुजरने वाला है। सूचना के आधार पर पुलिस ने चेकिंग अभियान तेज कर दिया और संबंधित ट्रक की तलाश शुरू कर दी। इसी बीच, पुलिस की कार्रवाई की भनक शराब माफिया और ट्रक चालक को लग गई। इसके बाद दोनों बुधनगरा पुरानी बाजार स्थित पुल के समीप बीच सड़क पर ट्रक छोड़कर फरार हो गए। स्थानीय ग्रामीणों को जब इसकी जानकारी मिली कि ट्रक में शराब भरी हुई है, तो वे मौके पर पहुंच गए और पुलिस के पहुंचने से पहले ही शराब की कई बोतलें लूटकर फरार हो गए। हालांकि, पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है। ट्रक में करीब दो हजार लीटर शराब मौजूद थी, जिसमें ग्रामीणों द्वारा लूटपाट के बाद भी कुछ मात्रा में शराब बची हुई पाई गई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, उन्हें सूचना मिली थी कि बुधनगरा से जजुआर जाने वाली सड़क पर एक ट्रक से विदेशी शराब उतारी जानी है। सूचना के सत्यापन और छापेमारी के लिए पुलिस टीम मौके पर पहुंचती, उससे पहले ही शराब तस्करों को इसकी भनक लग गई और वे फरार हो गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुलिस के पहुंचने से पहले ही कुछ असामाजिक तत्वों ने ट्रक से शराब के कई कार्टन निकाल लिए। कुछ लोग कार्टन लेकर मौके से चले गए, जबकि कुछ ने पुलिस को आता देख कार्टन खेतों और आसपास के क्षेत्रों में फेंक दिए और वहां से फरार हो गए। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस के अनुसार, ट्रक से शराब के कार्टन और बोतलें ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो की जांच कराई जा रही है। वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ तलाशी अभियान चलाया जाएगा। पुलिस ने बताया कि लूटी गई शराब की बोतलों की बरामदगी के भी प्रयास किए जाएंगे। साथ ही इस मामले में संलिप्त सभी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि बिहार में शराबबंदी लागू है।      
  • आर्थिक तंगी से परेशान मां-बेटे ने निगला जहरीला पदार्थ, मौत

    आर्थिक तंगी से परेशान मां-बेटे ने निगला जहरीला पदार्थ, मौत

    बिलासपुरः हिमाचल के बिलासपुर जिला मुख्यालय के रौड़ा सेक्टर में एक सुसाइड का मामला सामने आया है। जिसमें मां-बेटे ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। जानकारी के अनुसार दोनों ने आर्थिक तंगी से परेशान होकर जहर निगला है। मृतकों की पहचान कुमुद शर्मा (66) और उनके बेटे अक्षांश (36) के रूप में हुई है। दोनों रौड़ा सेक्टर में किराए के मकान में रह रहे थे।

    आपको बता दें अक्षांश लंबे समय से गंभीर बीमारी से ग्रस्त था। वह चलने-फिरने में भी असमर्थ था। उसकी मां कुमुद शर्मा सेवानिवृत्त शिक्षक थीं। शुक्रवार दोपहर काफी देर तक घर में कोई गतिविधि दिखाई नहीं देने पर पड़ोसियों को संदेह हुआ। जब आसपास के लोग घर के भीतर पहुंचे तो मां-बेटा मृत अवस्था में मिले। जांच में आशंका जताई जा रही है कि बेटे की गंभीर बीमारी और आर्थिक तंगी से परेशान होकर महिला ने यह कदम उठाया। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए क्षेत्रीय अस्पताल भेज दिया है। बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक संदीप धवल ने बताया कि रौड़ा सेक्टर में मां-बेटे के जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।

     

  • 141 पैसेंजर को ले जा रही IndiGo Flight पर गिरी अकाशीय बिजली

    141 पैसेंजर को ले जा रही IndiGo Flight पर गिरी अकाशीय बिजली

    कोलकाता: एयरपोर्ट पर इंडिगो के एक विमान पर अकाशीय बिजली गिर गई। आसमानी बिजली गिरने के बाद फ्लाइट का पावर सिस्टम प्रभावित हुआ और अचानक बिजली गुल हो गई। यह घटना डराने वाली थी, मगर असामान्य नहीं था। गनीमत यह रही कि अगरतला जा रही इस फ्लाइट में बैठे 141 पैंसेजरों और 6 क्रू मेंबर्स को कोई नुकसान नहीं हुआ।

    अधिकारी ने बताया कि एहतियात के तौर पर एयरलाइन ने यात्रियों को विमान से उतार लिया और बाद में उन्हें ए321 विमान से रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि सुबह नौ बजकर 20 मिनट पर प्रस्थान करने वाली यह उड़ान यात्रियों को लेकर दोपहर 12.50 बजे रवाना हुई। फर्क सिर्फ इतना था कि बिजली उस समय गिरी, जब विमान जमीन पर था। उड़ती फ्लाइट में अक्सर ऐसी घटनाएं होती हैं, जिसका अहसास पैसेंजरों को नहीं होता है। कोलकाता की घटना एक कार पर गिरी बिजली जैसी थी। मिली जानकारी के अनुसार यह घटना तूफान और बारिश के बीच हुई, जिसके लिए एयरपोर्ट ऑपरेशन्स कंट्रोल सेंटर ने मौसम संबंधी अलर्ट जारी किए थे।

    उन्होंने बताया कि इस घटना में किसी भी यात्री को चोट नहीं आई। बताया जा रहा है कि एयरपोर्ट ऑपरेशंस कंट्रोल सेंटर (एओसीसी) ने पहले ही मौसम संबंधी चेतावनी जारी कर चुका था। उन्होंने बताया कि इस घटना में कोई भी यात्री घायल नहीं हुआ। इंडिगो का यात्री विमान 6ई6068 (वीटी-आईपीडब्ल्यू) एयरोब्रिज 56एल पर खड़ा था तभी उस पर बिजली गिर गई। उन्होंने कहा कि बिजली गिरने से विमान की विद्युत प्रणाली प्रभावित हुई, जिससे उसकी बिजली आपूर्ति अचानक बंद हो गई। इंडिगो के अनुसार, इस घटना में 2 ग्राउंड स्टाफ मामूली रूप से प्रभावित हुए और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। अधिकारी ने बताया कि चिकित्सकीय जांच के बाद उन्हें तत्काल छुट्टी दे दी गई।

     

  • मेयर की कथनी और करनी में बहुत अंतर, हर वार्ड में कचरे के ढेरः संदीप दहिया

    मेयर की कथनी और करनी में बहुत अंतर, हर वार्ड में कचरे के ढेरः संदीप दहिया

    मोहालीः आम आदमी पार्टी के नेता संदीप दहिया ने कहा कि वार्ड-12 के स्थानीय पार्षद, जो अब चंडीगढ़ के मेयर हैं, उनके चुने जाने के दिन से ही अपने वार्ड की अनदेखी कर रहे हैं। मेयर सेक्टर 15 के कम्युनिटी सेंटर में सुबह 9:30 बजे वार्ड-वाइज डीप क्लीनिंग अभियान के शुभारंभ के लिए निवासियों को आमंत्रित कर रहे थे। यहां उल्लेख करना महत्वपूर्ण है कि उन्होंने सेक्टर 15 में पिछले 4 साल 6 महीने से काम कर रहे सफाई कर्मचारियों के पैर धोए थे।

    स्थानीय पार्षद ने पहले कभी न तो उन्हें पहचाना और न ही उनकी समस्याओं की परवाह की थी। ये सब वह केवल अपनी पब्लिसिटी के लिए कर रहे हैं। अगर वे वास्तव में उनके लिए अच्छा करना चाहते हैं तो उन्हें चंडीगढ़ नगर निगम में उनकी सीधी नियुक्ति का मुद्दा उठाना चाहिए। साथ ही उनकी वेतन संरचना बढ़ाई जाए और उन्हें आवश्यक सुविधाएं भी प्रदान की जाएं। स्थानीय पार्षद, जो अब मेयर हैं, नगर निगम चंडीगढ़ में काम करते अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों को मुआवजे के आधार पर नौकरी भी दे सकते हैं। लेकिन उन्होंने नगर निगम कर्मचारियों के लाभ के लिए एक भी कदम नहीं उठाया है। वह केवल अपने लिए झूठी और भव्य पब्लिसिटी कर रहे हैं।

    संदीप दहिया ने कहा कि यह बिल्कुल स्पष्ट है कि वार्ड 12 के स्थानीय पार्षद और अब चंडीगढ़ के मेयर को न तो जमीनी हकीकत की जानकारी है और न ही वे उससे कोई सरोकार रखते हैं। उन्होंने इस परियोजना के शुभारंभ के दौरान सेक्टर 15 के कम्युनिटी सेंटर में कहा था कि वार्ड-वाइज डीप क्लीनिंग परियोजना के तहत 500 कर्मचारी लगाए गए हैं। सभी कर्मचारी 16 जून तक सेक्टर-15 की डीप क्लीनिंग पूरी कर लेंगे।

    संदीप दहिया ने कहा कि यह उल्लेख करना महत्वपूर्ण है कि जमीनी वास्तविकताएँ पूरी तरह अलग हैं। सड़कें अभी भी टूटी हुई हैं, कचरे के ढेर अभी भी मौजूद हैं, नालियों के छेद अभी भी जाम हैं, मैदानों में अभी भी कांग्रेसी घास है, पिछली गलियां अभी भी साफ नहीं हुई हैं। संदीप दहिया ने कहा कि बेहतर होगा कि इस परियोजना को शुरू करने से पहले रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों और निवासियों के साथ एक बैठक बुलाकर उनकी सलाह ली जाए। साथ ही मेयर सभी पार्षदों की मासिक बैठक में इस परियोजना पर चर्चा कर सकते हैं। प्रत्येक वार्ड में 14 से 15 कर्मचारियों को देना बेहतर होगा ताकि वे प्रतिदिन अपने कर्तव्यों का पालन कर सकें।

     

  • Jalandhar News: पुलिस कमिशनर का चार्ज संभालते ही एक्शन में आए सतिंदर सिंह, देखें वीडियो

    Jalandhar News: पुलिस कमिशनर का चार्ज संभालते ही एक्शन में आए सतिंदर सिंह, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: शहर के नए पुलिस कमिशनर सतिंदर सिंह ने शनिवार को चार्ज संभाला। इससे पहले उन्होंने दफ्तर पहुंचने पर गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी ली। जिसके बाद उन्होंने अधिकारियों से लेकर एसएचओ व अन्य ब्रांचों के मुखियों से बैठक की। पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर का तबादला होने पर पुलिस कमिशनर सतिंदर सिंह को जालंधर का चार्ज सौंपा गया। वहीं धनप्रीत कौर को महाराजा रणजीत सिंह पंजाब पुलिस अकादमी (पीपीए) फिल्लौर में डायरेक्टर एमआरएस नियुक्त किया गया।

    आज चार्ज लेने के बाद पुलिस कमिशनर सतिंदर सिंह ने कहा कि शहर में नशा व अवैध शराब के कारोबार को खत्म करना उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी। साल 1990 में बतौर पुलिस इंस्पेक्टर पंजाब पुलिस ज्वाइन करने वाले पुलिस कमिशनर सतिंदर सिंह ने कहा कि शहर में लोगों से तालमेल कर अपराध काे खत्म किया जाएगा। उन्होंने कहा लगातार ड्यूटी दे रहे पुलिस कर्मियों की भलाई के लिए भी नए कदम उठाए जाएंगे।

    पुलिस कमिशनर ने कहा कि पुलिस थानों में पब्लिक डीलिंग को भी बेहतर किया जाएगा और लोगों की शिकायतों पर भी सही समय के भीतर फैसला लिया जाएगा। शहर में लोगों को आ रही समस्याओं को जल्द दूर किया जाएगा। किसी को भी कानून को अपने हाथों में लेने की आज्ञा नहीं दी जाएगी। शहर में क्राइम को खत्म करना उनका मुख्य लक्ष्य है। इस दौरान जालंधर वासियों से अपील की कि वह पुलिस को पूरा सहयोग करें। सीपी ने कहाकि जालंधर से उनका पुराना नाता है। ऐसे में वह अधिकारियों के साथ मिलकर लोगों को सुगध जीवन देने की कोशिश करेंगे। जालंधर में सारी क्राइम की वारदातों को पुलिस अधिकारी लगातार ट्रेस कर रहे है। ऐसे में वह अधिकारियों के साथ मिलकर क्राइम ग्राफ को और कम करने पर जोर देंगे। व्यापारियों को आ रही परेशानियों को भी जल्द दूर किया जाएगा।