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  • राजेंद्र राणा ने किया नीरज भारती का समर्थन 

    राजेंद्र राणा ने किया नीरज भारती का समर्थन 

    ऊना/ सुशील पंडित : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र राणा ने ऊना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू को निशाने पर लिया । उन्होंने अपने निशाने के लिए कांग्रेस के ही पूर्व उपाध्यक्ष और दो बार के विधायक नीरज भारती द्वारा मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू पर लगाए गए आरोपों का हवाला भी दिया । उन्होंने कहा कि वो नीरज को निजी रूप से भी जानते हैं और अपने अनुभव के आधार पर वो नीरज के एक सच्चे व्यक्तित्व वाले इंसान होने का भी दावा करते हैं । राणा की माने तो नीरज ने जो भी मुख्यमंत्री सुक्खू के बारे में कहा है वो अटल सत्य है । अटैची लेने और देने वाली बात के भी उन्होंने सच होने का दावा किया । आपको बता दें कि पूर्व विधायक रह चुके राजेंद्र ने बतौर आजाद उम्मीदवार सुजानपुर से पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल को भी पराजित कर चुके हैं । जिसके बाद वो कांग्रेस में शामिल हो गए थे और कांग्रेस की टिकट पर भी जीत चुके हैं । वो दो वर्ष पूर्व छः विधायकों के उस दल में शामिल हैं जिन्होंने राज्यसभा चुनाव के दौरान पाला बदल कर भाजपा का दामन थामा था । पुनः भाजपाई हुए राजेंद्र राणा कहते हैं कि अटैची लेने देने वाली बात मुख्यमंत्री सुक्खू की टीम ने ही नीरज भारती को बताई थी । उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता जनता का विकास या सेवा नहीं बल्कि उनकी प्राथमिकता अटैची है , जिसका दिल्ली हाईकमान को भी पता है । उन्होंने सुक्खू सरकार के लिए जनता के मन में प्रश्न चिन्ह लग जाने का भी दावा किया । ऑपरेशन लोटस या टाइगर जैसा कोई ऑपरेशन हिमाचल में होने की सम्भावना पर पूछे गए एक प्रश्न पर राणा ने कहा कि कांग्रेस सरकार अपने ही बोझ तले दब जाने वाली है , भाजपा को कांग्रेस में छेड़छाड़ किए जाने की आवश्यकता नहीं है और कांग्रेस के अपने ही लोग इसके कारनामों की कलई आए दिन खोल रहे हैं ।
  • WHO रिपोर्ट: हर 10 में से 1 भारतीय को मानसिक स्वास्थ्य सहायता की जरूरत

    WHO रिपोर्ट: हर 10 में से 1 भारतीय को मानसिक स्वास्थ्य सहायता की जरूरत

    चंडीगढ़: ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत उपलब्ध कैशलेस स्वास्थ्य कवरेज के कारण पंजाब में अब अधिक लोग मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित बीमारियों का इलाज करवा रहे हैं। यह जानकारी साझा करते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. बलबीर सिंह ने आज कहा कि इस योजना का उद्देश्य इलाज में आने वाली आर्थिक बाधाओं को कम करना और लोगों को समय पर इलाज के लिए प्रेरित करना है।

    स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत सिज़ोफ्रेनिया, डिप्रेशन, बाइपोलर डिसऑर्डर, एंग्जाइटी डिसऑर्डर, तनाव से जुड़ी समस्याओं और नशाखोरी से संबंधित मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों सहित कई मानसिक रोगों का इलाज शामिल है। उन्होंने कहा, “सरकारी अस्पतालों में इलेक्ट्रोकन्वल्सिव थेरेपी (ईसीटी), ट्रांसक्रेनियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन जैसी उन्नत इलाज सुविधाएँ और आवश्यक जाँच विधियाँ भी स्वीकृत पैकेज के तहत कवर की जाती हैं।”

    भारत में मानसिक स्वास्थ्य आज भी एक गंभीर जनस्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण (निमहांस, 2016) के अनुसार देश में लगभग 15 से 20 करोड़ लोग डिप्रेशन, एंग्जाइटी और अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। हालाँकि समाज के नकारात्मक दृष्टिकोण, जागरूकता की कमी और खासकर ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की कमी के कारण बहुत से लोग अभी भी समय पर इलाज नहीं करवा पाते।

    डा. बलबीर सिंह ने कहा, “मानसिक स्वास्थ्य को शारीरिक स्वास्थ्य के बराबर प्राथमिकता मिलनी चाहिए। डिप्रेशन, सिज़ोफ्रेनिया, बाइपोलर डिसऑर्डर और एंग्जाइटी जैसी बीमारियों का प्रभावी इलाज संभव है, इसलिए लोगों को विशेषज्ञ सहायता लेने में देरी नहीं करनी चाहिए। बढ़ती जागरूकता, सेवाओं की बेहतर उपलब्धता और मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत कैशलेस इलाज की सुविधा के कारण अधिक मरीज़ बीमारी के शुरुआती चरण में ही इलाज के लिए आगे आ रहे हैं, जिससे रोग की पहचान और इलाज में होने वाली देरी कम हो रही है।”

    उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित लक्षण महसूस करने वाले लोगों को समय पर सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं में इलाज करवाने की अपील की और कहा कि शुरुआती इलाज से लंबी अवधि की जटिलताओं से बचा जा सकता है। उन्होंने बताया, “मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत राज्य के सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध 2300 प्रक्रियाओं में से 81 प्रक्रियाएँ मानसिक स्वास्थ्य संबंधी पैकेज के लिए आरक्षित हैं।” डा. सिंह ने यह भी साझा किया, “तनाव, डिप्रेशन और एंग्जाइटी जैसी समस्याएँ अक्सर हमारी दैनिक जीवनशैली से जुड़ी होती हैं। ‘सीएम दी योगशाला’ के माध्यम से हम योग को मानसिक स्वास्थ्य, भावनाओं के संतुलन और स्वस्थ जीवन के लिए एक प्रभावी साधन के रूप में बढ़ावा दे रहे हैं। शांत मन ही स्वस्थ हृदय का आधार होता है और हम सब मिलकर एक स्वस्थ पंजाब का निर्माण कर रहे हैं।”

    राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (एसएचए), पंजाब के आँकड़ों के अनुसार अब तक 457 लाभार्थी सरकारी अस्पतालों में मानसिक स्वास्थ्य पैकेजों के तहत इलाज करवा चुके हैं। इन सेवाओं के अंतर्गत अब तक लगभग 55 लाख रुपये के दावों का निपटारा किया जा चुका है।

    सिविल अस्पताल, बरनाला के सलाहकार मनोचिकित्सक डा. गगनदीप सेखों ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता धीरे-धीरे बढ़ रही है। उन्होंने कहा, “लोग अब यह समझने लगे हैं कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी बीमारियाँ भी अन्य शारीरिक बीमारियों की तरह ही हैं और इनके लिए समय पर इलाज जरूरी है। पहले सामाजिक कलंक और आर्थिक तंगी के कारण लोग मदद लेने से कतराते थे।”

    डा. गगनदीप सेखों ने बताया कि शैक्षणिक दबाव, रोजगार की अनिश्चितता, आर्थिक तनाव, सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग और सामाजिक सहयोग की कमी मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले मुख्य कारण हैं। उन्होंने कहा, “18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के लोग विशेष रूप से अधिक संवेदनशील हैं क्योंकि वे जीवन के कई महत्वपूर्ण बदलावों से गुज़र रहे होते हैं। उच्च शिक्षा का दबाव, रोजगार की अनिश्चितता, कार्यस्थल का तनाव, रिश्तों से जुड़ी चुनौतियाँ और बढ़ती आर्थिक जिम्मेदारियाँ उनके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं।”

    उन्होंने आगे कहा कि तेज़ रफ्तार जीवनशैली, कम होता पारिवारिक मेल-जोल, डिजिटल माध्यमों का लगातार बढ़ता उपयोग और कामकाज से जुड़ा तनाव मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं में वृद्धि के मुख्य कारण बन रहे हैं। उन्होंने कहा, “युवा सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं क्योंकि वे एक साथ शिक्षा, रोजगार, रिश्तों और आर्थिक दबाव का सामना कर रहे होते हैं, जबकि उनके पास इन चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक साधन अधिकतर उपलब्ध नहीं होते।”

    मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत उपलब्ध कैशलेस इलाज सुविधा ने और अधिक लोगों को अस्पतालों में परामर्श और इलाज के लिए आने के लिए उत्साहित किया है। उन्होंने कहा, “समय पर हस्तक्षेप बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने और जटिलताओं को रोकने के लिए बहुत जरूरी है।”

     

  • Punjab News: मर्डर केस सहित अन्य वारदातों में शामिल 6 आरोपी हथियारों सहित गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Punjab News: मर्डर केस सहित अन्य वारदातों में शामिल 6 आरोपी हथियारों सहित गिरफ्तार, देखें वीडियो

    अमृतसरः देहात पुलिस ने पाकिस्तानी लिंक के गैंगस्टर मॉड्यूल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हथियार और नशा बरामद किया। मामले कीजानकारी देते हुए डीआईजी बॉर्डर रेंज हरमन सिंह गिल ने बताया कि देहात पुलिस और अन्य खुफिया एजेंसियों के संयुक्त ऑपरेशन के तहत कार्रवाई के दौरान 10 पाकिस्तानी बनाए पिस्टल बरामद किए गए हैं और 6 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के तार विदेशी ताकतों और गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। डीआईजी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में जसकरण सिंह उर्फ डोना और नारेश कुमार उर्फ मनी शामिल हैं।

    जसकरण सिंह के कब्जे से 5 पिस्टल, 9 मैगज़ीन और कारतूस बरामद किए गए हैं, जबकि नारेश कुमार के पास से 3 पिस्टल और अन्य सामग्री मिली है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर नशे का सामान भी बरामद किया गया है। उन्होंने कहा कि परमजीत सिंह उर्फ सोनू और उसके साथी निशान सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि ये दोनों कई गोलीबारी की वारदातों सहित जंडियाला गुरु में एडवोकेट लखविंदर सिंह के कत्ल में मुख्य शूटर रहे हैं। इनके आईएसआई से जुड़े होने के इनपुट भी मिले हैं, जिनकी गहराई से जांच की जा रही है।

    डीआईजी हर्मनबीर सिंह गिल्ल ने बताया कि जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपियों के संबंध गैंगस्टर हैप्पी पासिया, हैप्पी जट्ट और अन्य विदेश रहे गैंगस्टरों से रहे हैं। ये लोग ड्रोन के जरिए आए हथियारों को प्राप्त कर पंजाब में वारदातें अंजाम देने की योजना बनाते थे। उन्होंने कहा कि गैंगस्टर और अपराधी अक्सर पैसे की लालच में काम करते हैं और व्यापारियों को निशाना बनाकर दहशत का माहौल पैदा करते हैं। पहले गोलीबारी कर खतरा फैलाया जाता है और फिर फिरौती मांगी जाती है।

    डीआईजी ने कहा कि चुनावों के नज़दीक आने से कुछ देश-विरोधी और समाज-विरोधी ताकतें पंजाब का माहौल खराब करने का प्रयास कर सकती हैं। इसलिए पुलिस ने नाकाबंदी, पेट्रोलिंग और खुफिया निगरानी बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि पंजाब की आपसी भाईचारे की साझेदारी को खराब करने की हर कोशिश को नाकाम बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जंडियाला गुरु, बटाला और अन्य संवेदनशील इलाक़ों में विशेष ऑपरेशनों चलाए जाएंगे और खतरनाक तत्वों को किसी भी कीमत पर बक्शा नहीं जाएगा।

     

  • दिल दहलाने वाला हादसाः National Highway NH-648 पर ट्रक-ट्रैक्टर और बस में हुई भीषण टक्कर, देखें वीडियो

    दिल दहलाने वाला हादसाः National Highway NH-648 पर ट्रक-ट्रैक्टर और बस में हुई भीषण टक्कर, देखें वीडियो

    बेंगलुरुः कर्नाटक के बेंगलुरु ग्रामीण जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग NH-648 पर भीषण हादसा हो गया। जहां ट्रक, ट्रैक्टर और वोल्वो बस की टक्कर हो गई। जानकारी के अनुसार, तेज रफ्तार से चल रहे ट्रक ने पहले ट्रैक्टर को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ट्रक चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और डिवाइडर पार कर गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, डिवाइडर पार करने के बाद ट्रक सामने से आ रही वोल्वो बस से जा टकराया। हादसा इतना भीषण था कि टक्कर के बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग तुरंत सहायता के लिए मौके पर पहुंचे। राहत की बात यह रही कि हादसा बेहद खतरनाक होने के बावजूद किसी की जान नहीं गई, हालांकि 3 वाहनों के चालक घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंची।
    क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाने और यातायात को सामान्य करने का प्रयास किया गया। हादसे में घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। इस पूरी घटना का वीडियो हाईवे पर लगे CCTV कैमरे में कैद हो गया है। वायरल फुटेज में साफ दिखाई देता है कि ट्रक तेज गति से आगे बढ़ रहा था। अचानक वह ट्रैक्टर से टकराता है, जिसके बाद सड़क पर धूल और मलबे का बड़ा गुबार उठता है। टक्कर के झटके से ट्रक चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठता है और लॉरी सीधे डिवाइडर को पार कर विपरीत दिशा की लेन में घुस जाती है। कुछ ही क्षणों बाद सामने से आ रही वोल्वो बस ट्रक की चपेट में आ जाती है। दोनों भारी वाहनों की टक्कर इतनी जोरदार थी कि आसपास मौजूद अन्य वाहन चालक भी सहम गए और तत्काल अपने वाहन रोक दिए। हादसे के बाद कुछ देर तक हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना सड़क हादसों का प्रमुख कारण बनता जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटाए जा रहे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया तेज रफ्तार और वाहन पर नियंत्रण खोना हादसे का प्रमुख कारण प्रतीत होता है। सीसीटीवी फुटेज की मदद से दुर्घटना के हर पहलू की जांच की जा रही है ताकि वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।  
  • Punjab News: दूसरी पत्नी से नाराज होकर 220 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ी महिला, चला हाई-वोल्टेज ड्रामा, देखें वीडियो

    Punjab News: दूसरी पत्नी से नाराज होकर 220 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ी महिला, चला हाई-वोल्टेज ड्रामा, देखें वीडियो

    लुधियानाः थाना लाडोवाल के अधीन आते गांव बग्गा कलां में वक्त हड़कंप मच गया, जब पति की दूसरी पत्नी से नाराज महिला हाई-वोल्टेज ड्रामे के बीच 220 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई। महिला करीब 8 घंटे तक टावर के ऊपर रही और नीचे खड़े परिजनों व पुलिस की सांसें अटकी रहीं। महिला का साफ कहना था कि जब तक उसके पति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं होती और उसे मौके पर नहीं लाया जाता, वह नीचे नहीं उतरेगी।
    सूचना मिलते ही थाना लाडोवाल की पुलिस टीम दलबल के साथ मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत और पति को काबू करने के आश्वासन के बाद दोपहर करीब 2:50 बजे महिला को सुरक्षित नीचे उतारा जा सका। टावर पर चढ़ी महिला की पहचान गमगमी देवी के रूप में हुई है। गमगमी देवी का आरोप है कि उसके पति पलटू मंडल, जो पेशे से ड्राइवर है, ने उसे बिना तलाक दिए सोना देवी (परिवर्तित नाम सुनली देवी) नाम की महिला से दूसरी शादी कर ली है। पीड़िता ने बताया कि सोना देवी का पहला पति राकेश कुमार एक डेयरी पर काम करता है और सोना करीब एक साल पहले अपने पहले पति व घर-परिवार को छोड़कर चली गई थी। पीड़िता के अनुसार, ड्राइवर पलटू मंडल अपनी दोनों पत्नियों को एक ही घर में रख रहा था। जब गमगमी देवी ने इस बात का विरोध किया और सौतन के साथ रहने से मना किया, तो पति पलटू मंडल ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। पति के इसी जुल्म और पुलिसिया कार्रवाई न होने से परेशान होकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस के मुताबिक गमगमी देवी सुबह करीब 7 बजे ही 220 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई थी। इतनी ऊंचाई पर महिला को देख ग्रामीणों के होश उड़ गए और तुरंत पुलिस को सूचित किया गया। महिला लगातार चिल्लाकर कह रही थी कि पहले मेरे घरवाले (पति) को यहां लेकर आओ, तभी नीचे आऊंगी। आखिरकार पुलिस की सूझबूझ और ठोस कार्रवाई के भरोसे के बाद दोपहर 2:50 बजे उसे नीचे उतारा गया। मामले की जांच कर रहे जांच अधिकारी थानेदार मेजर सिंह ने बताया कि पुलिस को सुबह सूचना मिली थी कि बग्गा कलां में एक महिला टावर पर चढ़ी है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और महिला (गमगमी देवी) को सुरक्षित नीचे उतार लिया है। आरोपी पति पलटू मंडल को पुलिस ने काबू कर लिया है और उसे हिरासत में लेकर थाना लाडोवाल लाया जा रहा है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है, जिसके बाद बनती कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
  • आदर्श नगर में रिश्‍ता टूटने पर युवक ने घर में घुसकर 2 बहनों को मारी गोलियां, देखें वीडियो

    आदर्श नगर में रिश्‍ता टूटने पर युवक ने घर में घुसकर 2 बहनों को मारी गोलियां, देखें वीडियो

    गाजियाबाद: खोड़ा के भगवान वाल्मीकि चौक स्थित आदर्श नगर की रहने वाली 2 बहनों पर जॉनी नामक युवक ने घर में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। आरोपी ने 4 राउंड फायरिंग की। हमले में खुशी और उसकी छोटी बहन निधि गंभीर रूप से घायल हो गई। इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। खुशी को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल के लिए रेफर किया गया। निधि का लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में उपचार चल रहा है।

    गाजियाबाद पुराना बस अड्डा निवासी जॉनी पिस्टल लेकर खुशी के घर के पास पहुंचा और खिड़की का शीशा तोड़कर फायरिंग का प्रयास किया। जॉनी और उसके हाथ में पिस्टल देख कमरे में मौजूद खुशी और निधि ने भागने की कोशिश की तो आरोपी जॉनी ने 4 राउंड फायरिंग कर दी। हमले में खुशी के पेट, जांघ और कंधे में गोली लगी, जबकि निधि के जबड़े में गोली लगी है।

    पुलिस के मुताबिक आदर्श नगर निवासी जितेंद्र गुड़गांव में टैक्सी चलाते हैं। उनकी पत्नी नोएडा सेक्टर-13 स्थित फैक्ट्री में नौकरी करती हैं। वह पत्नी और दोनों बेटी खुशी और निधि के साथ भगवान वाल्मीकि चौक पर किराये पर रहते हैं। करीब डेढ़ वर्ष पहले उन्होंने खुशी की शादी गाजियाबाद पुराना बस अड्डा निवासी जॉनी से तय की थी। 4 माह पहले दोनों परिवारों के बीच विवाद हो गया। इसके बाद परिवार ने खुशी की शादी जॉनी से कराने से इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि इस बात से जॉनी काफी नाराज था।

    एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव के मुताबिक, 16 जून को थाना क्षेत्र खोड़ा में एक युवक के द्वारा युवती पर फायरिंग करने के प्रकरण के सन्दर्भ में ये अवगत कराना है कि आरोपी युवक जॉनी पुत्र प्रेमचंद को थाना खोड़ा की पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रारम्भिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि शादी का रिश्ता टूटने के कारण यह नाराज था तथा इसी आवेश में आकर इसने आज उक्त घटनाक्रम को अंजाम दिया है।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग में भारत बन चुका है विश्व गुरु – सांसद Dharambir Singh

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग में भारत बन चुका है विश्व गुरु – सांसद Dharambir Singh

    चंडीगढ़: सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने कहा कि योग भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति है, जो हमारे ऋषि-मुनियों की खोज है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरी दुनिया में योग के संदेश को पहुंचाया है और भारत एक बार फिर से योग में विश्व गुरु बन गया है। सांसद आज भिवानी स्थित हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में परिसर में 12 वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में शिक्षा बोर्ड, हरियाणा योग आयोग और आयुष विभाग के संयुक्त तत्वावधान में योगाभ्यास प्रोटोकॉल शिविर में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।

    सांसद ने कहा कि भागदौड़ की जिंदगी और खानपान सही न होने के कारण आज इंसान को बीमारियों ने जकड़ लिया है। योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाकर हम बीमारियों से बच सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी और स्वामी रामदेव वे योग को घर-घर पहुंचाने का काम किया है। योग के प्रति नागरिकों को जागरूक किया है। योगाभ्यास करने के लिए कहीं बाहर जाने की जरूरत नहीं है, योग को घर पर आसानी से किया जा सकता है। हर घर योग-हर दिन योग की भावना के साथ प्रत्येक नागरिक को नियमित योगाभ्यास अपनाना चाहिए ताकि स्वस्थ, जागरूक और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प साकार हो सके।

    इस कार्यक्रम की विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन एडवोकेट शंकर धूपड़ ने अध्यक्षता की। इस अवसर पर भिवानी के विधायक घनश्याम सर्राफ, बवानीखेड़ा के विधायक कपूर सिंह वाल्मीकि, एडीसी दीपक बाबू लाल करवा, नगराधीश अनिल कुमार व अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

  • ट्रैक्टर-ट्रॉली और ई-रिक्शा की टक्कर में 6 महिलाओं की मौत, देखें वीडियो

    ट्रैक्टर-ट्रॉली और ई-रिक्शा की टक्कर में 6 महिलाओं की मौत, देखें वीडियो

    बदायूं: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के उझानी थाना क्षेत्र अंतर्गत बरेली-मथुरा हाईवे पर हादसा हो गया। यहां एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली और ई-रिक्शा के बीच हुई जोरदार भिड़ंत में ई-रिक्शा में सवार 6 महिलाओं की मौत हो गई। हादसे के वक्त इस ई-रिक्शा में कुल 9 लोग सवार थे, जिनमें से 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक टीम ने सभी घायलों को इलाज के लिए तुरंत राजकीय मेडिकल कॉलेज बदायूं में भर्ती करवाया है। प्राथमिक जांच और चश्मदीदों के मुताबिक, यह हादसा उस समय हुआ जब हाईवे पर ई-रिक्शा मोड़ा जा रहा था। यह हादसा उझानी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मथुरा-बरेली नेशनल हाईवे पर हुआ।

    टक्कर इतनी जोरदार थी कि 5 महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य महिला ने मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में जिन 2 घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है। जिलाधिकारी अवनीश राय ने बताया कि ट्रैक्टर की सीधी टक्कर के कारण ई-रिक्शा के परखच्चे उड़ गए थे, जिसके चलते इतनी बड़ी संख्या में हताहत हुए हैं। पुलिस प्रशासन के मुताबिक, इस हादसे में जान गंवाने वाली मृतक महिलाओं की पहचान प्रेमा, गंगा श्री, राजकुमारी, रेवती, नारायणी और आरती के रूप में हुई है। वहीं, इस दुर्घटना में शनि, डाल सिंह और कांतवती गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और ट्रैक्टर को अपने कब्जे में ले लिया है।

    ई-रिक्शा में सवार ये सभी लोग एक मांगलिक वैवाहिक समारोह के सिलसिले में ‘भात’ मांगने के लिए पास के ही एक गांव में जा रहे थे। इसी दौरान हाईवे पर सामने से आ रही तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उनके ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। बदायूं के जिलाधिकारी अवनीश राय ने आधिकारिक तौर पर इस हादसे में 6 महिलाओं की मौत की पुष्टि की है। जिलाधिकारी अवनीश राय के अनुसार, मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराए गए 3 घायलों में से 2 लोगों की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है। वहीं, एक घायल व्यक्ति की हालत फिलहाल खतरे से बाहर और सामान्य बताई जा रही है। इस हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन किया है। जिलाधिकारी ने बताया कि हादसे के सही कारणों का पता लगाने के लिए ADM, ARTO और एसपी सिटी की अध्यक्षता में एक संयुक्त जांच टीम बनाई गई है, जो अपनी विस्तृत रिपोर्ट देगी।

     

  • यात्रियों से भरी लग्जरी बस और ट्रक की टक्कर में 7 की मौत, 26 घायल, देखें वीडियो

    यात्रियों से भरी लग्जरी बस और ट्रक की टक्कर में 7 की मौत, 26 घायल, देखें वीडियो

    गुजरातः वडोदरा में कोटांबी स्टेडियम के पास भयानक सड़क हादसा हो गया। जहां यात्रियों से भरी एक लग्जरी बस और ट्रक के बीच आमने-सामने टक्कर हो गई। राजस्थान के बांसवाड़ा से गुजरात के सूरत जा रही बालाजी ट्रैवल्स की एक लग्जरी स्लीपर बस वडोदरा-जारोद रोड पर कोटांबी गांव के पास एक खड़े ट्रक से पीछे से इतनी भीषण तरीके से टकराई कि उसके परखच्चे उड़ गए। इस दिल दहला देने वाले सड़क हादसे में 9 साल के मासूम बच्चे सहित राजस्थान के 7 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 27 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।
    मृतकों में पाडवा (डूंगरपुर) निवासी पिंकी भाटिया (36), विनोद नरेश डामोर (30), मुकेश जीवाजी डिंडोर (34), 9 वर्षीय मासूम प्रीत हितेश भाटिया, महेंद्र कुमार भोगीलाल पंड्या (68), हरजिंगभाई वलजीभाई कटारा (30) और एक अज्ञात व्यक्ति शामिल हैं। रोजाना की तरह बस अपने निर्धारित समय पर बांसवाड़ा से रवाना हुई थी। सुबह करीब 4:00 बजे जब बस कोटंबी स्टेडियम के पास पहुंची, तब लगभग सभी मुसाफिर गहरी नींद में सो रहे थे। अचानक एक गगनभेदी आवाज के साथ बस हाईवे किनारे खड़े ट्रक में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा मलबे के ढेर में बदल गया। आगे की सीटों पर बैठे यात्रियों को संभलने या चीखने तक का मौका नहीं मिला। घटना की सूचना मिलते ही जारोद पुलिस के साथ-साथ एनडीआरएफ की छठी बटालियन, एसडीआरएफ और वडोदरा फायर ब्रिगेड की टीमों को मौके पर बुलाना पड़ा। एनडीआरएफ के कमांडेंट सुरेंद्र सिंह ने बताया कि सुबह 4:40 बजे राहत कार्य शुरू किया गया। बस के केबिन और अगली सीटों में लोग बुरी तरह फंसे हुए थे। राहत कर्मियों ने आधुनिक गैस कटर मशीनों और क्रेन की मदद से बस की लोहे की बॉडी को काटकर अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। करीब 24 लोगों को कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाला गया, जबकि मौके से 5 शव बरामद हुए। कुल मिलाकर इस हादसे ने 7 जिंदगियां लील लीं। हादसे में घायल हुए 27 यात्रियों को तुरंत वडोदरा के एसएसजी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, एक घायल यात्री की हालत बेहद नाजुक है, जो आईसीयू में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है।  
  • सरिताताल झील में गिरी टूरिस्ट से भरी कार, देखें वीडियो

    सरिताताल झील में गिरी टूरिस्ट से भरी कार, देखें वीडियो

    नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल में बड़ा हादसा होने से टल गया। दरअसल, पर्यटकों से भरी कार अनियंत्रित होकर सरिताताल झील में जा गिरी। घटना के दौरान कार में 4 लोग सवार थे, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। जानकारी के मुताबिक, मुरादाबाद निवासी आलम अपनी कार संख्या यूपी-21-सीसी-1213 से घूमने के लिए नैनीताल आये हुए थे। कार में बुलंदशहर निवासी उमेर समेत उनकी दो महिला मित्र भी सवार थी। कालाढूंगी से ऊपर को आते हुए सरिताताल के समीप कार अनियंत्रित हो गई।
    चालक कुछ समझ पाता कार सड़क किनारे पैराफिट तोड़ते हुए झील में समा गई। गनीमत रही कि झील की गहराई कम होने के कारण बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय निवासी अभय बवाड़ी के अनुसार, जैसे ही कार सरिताताल क्षेत्र में पहुंची, चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा। इसके बाद कार सड़क से नीचे खाई की ओर लुढ़कते हुए सीधे सरिताताल झील में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कार में सवार कुछ लोग खुद ही बाहर निकल आए, जबकि दो लोगों को स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षित बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक सभी पर्यटक सुरक्षित स्थान पर पहुंच चुके थे। मंगोली चौकी प्रभारी राधिका भंडारी ने बताया कि कार में सवार सभी लोग सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। पुलिस की निगरानी में झील में गिरी कार को बाहर निकालने की कार्रवाई की जा रही है। स्थानीय लोगों की सतर्कता और त्वरित मदद से एक बड़ा हादसा टल गया, जिससे चार लोगों की जान बच सकी।