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  • किशाऊ बांध परियोजना पर हिमाचल की बड़ी जीत, मुख्यमंत्री सुक्खू ने प्रदेश के हितों की मजबूती से की पैरवी

    किशाऊ बांध परियोजना पर हिमाचल की बड़ी जीत, मुख्यमंत्री सुक्खू ने प्रदेश के हितों की मजबूती से की पैरवी

    ऊना/ सुशील पंडित : कुटलैहड़ विस क्षेत्र के विधायक विवेक शर्मा ने किशाऊ बांध परियोजना को लेकर हिमाचल प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखबिंदर सिंह सुक्खू के प्रभावी प्रयासों और प्रदेश हितों की मजबूती से पैरवी के चलते करीब 15 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 422 मेगावाट क्षमता की किशाऊ बांध परियोजना का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो गया है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना टौंस नदी पर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर प्रस्तावित है, जिससे प्रदेश को दीर्घकालिक आर्थिक और ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा लाभ मिलेगा। विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश के हितों की मजबूती से पैरवी की। पिछले आठ वर्षों से लंबित वित्तीय विवाद को सुलझाने में मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बैठक में भारत सरकार ने सैद्धांतिक रूप से इस बात पर सहमति व्यक्त की कि परियोजना के विद्युत घटक पर हिमाचल प्रदेश के हिस्से की लगभग 2,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत को जल लाभ प्राप्त करने वाले राज्य दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान वहन करेंगे। विधायक ने कहा कि यह निर्णय प्रदेश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है।

    प्रदेश हितों से समझौता नहीं किया,अतिरिक्त बोझ से बचाया प्रदेश

    विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि पूर्व में हिमाचल प्रदेश राज्य के हिस्से के रूप में लगभग 800 करोड़ रुपये देने पर सहमत हो गया था, लेकिन वर्तमान कांग्रेस सरकार ने सीमित वित्तीय संसाधनों को देखते हुए प्रदेश हित में इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से तर्क रखा कि जब परियोजना के जल घटक के लिए केंद्र सरकार 90 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध करा रही है, तो विद्युत घटक के लिए भी समान सहयोग दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसी भी दबाव में आए बिना प्रदेश के आर्थिक हितों की रक्षा की और हिमाचल पर अनाव श्यक वित्तीय बोझ पड़ने से बचा लिया।
    शर्मा ने कहा कि किशाऊ बांध परियोजना से सबसे अधिक विस्थापन और सामाजिक प्रभाव हिमाचल प्रदेश पर पड़ेगा। बड़ी संख्या में लोगों को अपनी जमीन और घरों का त्याग करना पड़ेगा, इसलिए राज्य पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इसी तथ्य को मजबूती से केंद्र सरकार के समक्ष रखा, जिसके परिणामस्वरूप हिमाचल के पक्ष में सकारात्मक निर्णय लिया गया।उन्होंने इसे प्रदेश के अधिकारों और सम्मान की रक्षा की दिशा में बड़ी सफलता बताया।

    हर वर्ष हिमाचल को मिलेगी 100 करोड़ यूनिट बिजली, बढ़ेगा प्रदेश का राजस्व

    विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि किशाऊ बांध परियोजना के पूरा होने के बाद हिमाचल प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 100 करोड़ यूनिट बिजली प्राप्त होगी। इस बिजली का अनुमानित वार्षिक मूल्य करीब 600 करोड़ रुपये होगा, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से प्रदेश के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, ऊर्जा क्षेत्र को बल मिलेगा और भविष्य में विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे। विवेक शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार लगातार हिमाचल के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा आने वाले समय में भी राज्य के विकास से जुड़े हर मुद्दे पर इसी प्रकार मजबूती से अपनी बात रखती रहेगी।

  • किशाऊ बांध परियोजना पर हिमाचल की बड़ी जीत

    किशाऊ बांध परियोजना पर हिमाचल की बड़ी जीत

    ऊना/सुशील पंडित : कुटलैहड़ कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुमार मिंका ने जारी प्रेस नोट में प्रदेश केमुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के प्रयासों से किशाऊ बांध परियोजना को लेकर हिमाचल प्रदेश को बड़ी सफलता मिली है। करीब 15 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 422 मेगावाट क्षमता की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का रास्ता अब साफ हो गया है। यह परियोजना टौंस नदी पर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर प्रस्तावित है। नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के हितों की मजबूती से पैरवी करते हुए पिछले आठ वर्षों से लंबित वित्तीय विवाद को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई। बैठक में भारत सरकार ने सैद्धांतिक रूप से सहमति दी कि परियोजना के विद्युत घटक पर हिमाचल प्रदेश के हिस्से की लगभग 2,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत को जल लाभ प्राप्त करने वाले राज्य दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान वहन करेंगे। राज्य के हिस्से के रूप में 800 करोड़ रुपये देने पर सहमत बन गई थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने सीमित संसाधनों को देखते हुए प्रदेश हित में इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने तर्क दिया कि जब जल घटक के लिए केंद्र सरकार 90 प्रतिशत अनुदान दे रही है, तो विद्युत घटक के लिए भी समान सहयोग मिलना चाहिए। इस परियोजना से सबसे अधिक विस्थापन और सामाजिक प्रभाव हिमाचल प्रदेश पर पड़ेगा, इसलिए राज्य पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालना न्यायसंगत नहीं था। उन्होंने इसे प्रदेश के अधिकारों और हितों की रक्षा की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया। परियोजना के पूरा होने के बाद हिमाचल प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 100 करोड़ यूनिट बिजली प्राप्त होगी, जिसकी अनुमानित वार्षिक कीमत करीब 600 करोड़ रुपये होगी। इससे राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी और राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होगी
  • मुख्यमंत्री ने खोले विकास के नए द्वार, 9 परियोजनाओं से बागवानी क्षेत्र को मिलेगा बल

    मुख्यमंत्री ने खोले विकास के नए द्वार, 9 परियोजनाओं से बागवानी क्षेत्र को मिलेगा बल

    चंडीगढ़: हरियाणा सरकार प्रदेश में कृषि के साथ-साथ बागवानी क्षेत्र को भी विकास का मजबूत आधार बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने, फसल विविधीकरण को प्रोत्साहन देने तथा आधुनिक तकनीकों को खेतों तक पहुंचाने के उद्देश्य से राज्यभर में बागवानी अनुसंधान, उत्कृष्टता केंद्रों और तकनीकी परियोजनाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को झज्जर के रईया में 13.27 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक बागवानी अनुसंधान केंद्र तथा मुनीमपुर बादली में 8.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बीज उत्पादन प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये दोनों परियोजनाएं किसानों को आधुनिक तकनीक, उन्नत अनुसंधान और गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी तथा प्रदेश में बागवानी क्षेत्र को नई गति प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 53.60 करोड़ रुपये की लागत से तैयार सात अन्य विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन कर उन्हें आमजन को समर्पित किया। इनमें झज्जर लघु सचिवालय एवं आवासीय परिसर, विभिन्न गांवों के राजकीय विद्यालयों के नए भवन तथा सौंधी और निमाना गांवों के लिए जलघर परियोजना शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से शिक्षा, पेयजल, प्रशासनिक सेवाओं और जन सुविधाओं को मजबूती मिलेगी तथा क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा प्राप्त होगी। कार्यक्रम में विशेष अतिथि इजरायल के राजदूत रूवेन अजार एवं उनकी धर्मपत्नी रेचल अजार, हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओम प्रकाश धनखड़, डॉ सारा ओलगा, प्रथम सचिव, इजरायल दूतावास, बहादुरगढ़ के विधायक राजेश जून तथा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजेंद्र कुमार सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि संयोगवश आज यह महत्वपूर्ण अवसर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के दिन आया है। उन्होंने महाराणा प्रताप को नमन करते हुए कहा कि उनका जीवन साहस, स्वाभिमान, त्याग और अटूट संकल्प का प्रतीक है। महाराणा प्रताप के आदर्श आज भी हमें कठिन चुनौतियों के बीच दृढ़ता और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उपस्थित जन को विकसित भारत के संकल्प पथ पर अपना समर्पित योगदान देने की शपथ भी दिलाई।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बादली विधानसभा क्षेत्र को दी विकास परियोजनाओं की सौगात

    हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बादली विधानसभा क्षेत्र के समग्र विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए क्षेत्र के बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, सिंचाई एवं ग्रामीण विकास को नई गति देने का संकल्प दोहराया। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ द्वारा क्षेत्र के विकास को समर्पित मांग पत्र पर घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय, करनाल के गांव रईया स्थित क्षेत्रीय उत्कृष्टता एवं अनुसंधान केंद्र में झज्जर जिले के बागवानी उत्पादों एवं औषधीय पौधों पर अनुसंधान के लिए एक विशेष रिसर्च सेंटर स्थापित किया जाएगा। इससे क्षेत्र के किसानों को आधुनिक तकनीक और अनुसंधान आधारित खेती का लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए बादली गांव में 50 बेड का आधुनिक अस्पताल बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त गांव बुपनिया में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए जाएंगे। खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गांव भिंडावास में आदर्श खेल स्टेडियम स्थापित किया जाएगा। वहीं माछरौली में बीडीपीओ कार्यालय भवन के निर्माण के लिए 5.87 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि बादली विधानसभा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की 70 किलोमीटर सड़कों के नवीनीकरण पर 52 करोड़ रुपये तथा हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की 25 सड़कों के नवीनीकरण पर 15 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा बादली गांव के उत्तरी बाईपास को फोर लेन बनाने के लिए 30 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।किसानों की सुविधा के लिए बादली में फसल खरीद केंद्र स्थापित करने हेतु 3 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। साथ ही गांव पाटौदा में भूमि उपलब्ध होते ही फसल खरीद केंद्र का निर्माण किया जाएगा। जल निकासी और सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए गांव खेड़ी जट्ट, एमपी माजरा, बादली, पेलपा और पाहसौर से गुजरने वाली ड्रेन को पक्का करने पर 1.60 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं गांव गिरधरपुर, ढाकला और चांदौल सहित आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ के पानी की निकासी के लिए ड्रेन नंबर-8 तक पाइप लाइन बिछाने हेतु 1.75 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। महाग्राम योजना के अंतर्गत बादली और एमपी माजरा में सीवरेज लाइन बिछाने के लिए 50 करोड़ रुपये तथा पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 13 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने क्षेत्र के ग्रामीण विकास कार्यों के लिए अलग से 5 करोड़ रुपये देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र के संतुलित एवं समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा जनहित से जुड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।

    रईया अनुसंधान केंद्र बनेगा बागवानी नवाचार और किसान समृद्धि का केंद्र : मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि झज्जर के रईया में लगभग 100 एकड़ भूमि पर 13 करोड़ 27 लाख रुपये की लागत से स्थापित यह अत्याधुनिक बागवानी अनुसंधान केंद्र हरियाणा के कृषि एवं बागवानी क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह केंद्र केवल एक अनुसंधान संस्थान नहीं, बल्कि किसानों, वैज्ञानिकों और नई तकनीकों के बीच सेतु का कार्य करेगा। यहां स्थापित आधुनिक प्रयोगशालाओं में फल, सब्जी एवं पुष्प फसलों की उन्नत और जलवायु अनुकूल किस्मों के विकास के साथ-साथ जल संरक्षण, उत्पादन वृद्धि, गुणवत्ता सुधार तथा रोग एवं कीट प्रबंधन पर अनुसंधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस केंद्र में विकसित होने वाली तकनीकें किसानों की लागत कम करने, उत्पादकता बढ़ाने और उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होंगी। उन्होंने कहा कि कृषि अनुसंधान और आधुनिक प्रौद्योगिकी का यह संगम आने वाले वर्षों में हरियाणा को बागवानी क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के साथ प्रदेश की बागवानी अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मुनीमपुर में बीज उत्पादन प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र का भी उद्घाटन किया गया है, जो नवाचार, अत्याधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से किसानों को बेहतर उत्पादन एवं विपणन के अवसर उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बागवानी अनुसंधान के मजबूत नेटवर्क के निर्माण की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में जींद के बधाना, अंबाला के चाणसौली, सोनीपत के मुरथल तथा करनाल के अंजनथली में बागवानी अनुसंधान केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि चरखी दादरी के खरकड़ी में नए अनुसंधान केंद्र का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा, बागवानी क्षेत्र में हरियाणा हुआ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पिछले साढ़े 11 वर्षों में हरियाणा ने बागवानी क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। ‘मेरा पानी मेरी विरासत’, भावांतर भरपाई योजना, सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं, किसान उत्पादक संगठनों तथा विभिन्न प्रोत्साहन कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रेरित किया गया है। उन्होंने बताया कि भावांतर भरपाई योजना के तहत अब तक 39 हजार 557 किसानों को 196 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। इसके अलावा सब्जी, मशरूम और संरक्षित खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को 50 से 85 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इजराइल तकनीक आधारित 14 उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनकी बदौलत किसान फल, सब्जी, पुष्प उत्पादन और मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाकर उनकी आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करना है।

    सतत बागवानी संवर्धन परियोजना से किसानों को मिलेगा बेहतर बाजार और आधुनिक सुविधाओं का लाभ : मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि फलों और सब्जियों की खेती में उत्पादन के बाद होने वाले नुकसान को कम करने तथा किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए राज्य सरकार ने 2 हजार 738 करोड़ रुपये की लागत से ‘सतत बागवानी संवर्धन परियोजना’ शुरू की है। उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत प्रदेश में 400 बागवानी क्लस्टरों का विकास किया जाएगा तथा 500 उत्पादक समूहों को संगठित और सशक्त बनाया जाएगा। किसानों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजारों तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के अंतर्गत 1,000 वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण और 65 हजार एकड़ क्षेत्र को सूक्ष्म सिंचाई के दायरे में लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही संरक्षित खेती, एरोपोनिक्स, हाइड्रोपोनिक्स, ग्रीनहाउस और वर्टिकल फार्मिंग जैसी स्मार्ट बागवानी तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार भंडारण, मूल्य स्थिरता और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए नई कोल्ड चेन नीति लागू करने की दिशा में भी कार्य कर रही है।

    युवा कृषि को रोजगार नहीं, उद्यमिता का माध्यम बनाएं : नायब सिंह सैनी

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आज कृषि केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह आधुनिक एग्री-बिजनेस का स्वरूप ले चुकी है। ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा विश्लेषण, स्मार्ट सेंसर, डिजिटल विपणन और ई-कॉमर्स जैसी तकनीकों ने कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। उन्होंने कहा कि गांवों में कृषि आधारित स्टार्टअप, प्रसंस्करण इकाइयों, खाद्य उद्योगों और एक्सपोर्ट ओरिएंटेड उद्यमों की अपार संभावनाएं हैं। युवा इन अवसरों का लाभ उठाकर स्वयं के साथ-साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार सृजित कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं से कृषि और एग्री-बिजनेस को रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार उपलब्ध कराने वाले सशक्त माध्यम के रूप में अपनाने का आह्वान किया।

    कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं, युवा बनें कृषि उद्यमी : श्याम सिंह राणा, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री

    हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि कृषि केवल गेहूं और धान की पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह असीम संभावनाओं वाला विशाल क्षेत्र है। आज कृषि के भीतर फल, सब्जी, पुष्पोत्पादन, बीज उत्पादन, मत्स्य पालन, पशुपालन और कृषि प्रसंस्करण जैसे अनेक विशेषीकृत क्षेत्र विकसित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार चिकित्सा विज्ञान में प्रत्येक अंग के लिए अलग विशेषज्ञ होते हैं, उसी प्रकार कृषि के हर क्षेत्र में विशेषज्ञता और अनुसंधान की आवश्यकता है। भारत एक कृषि प्रधान देश है और यहां की उपजाऊ भूमि तथा अनुकूल परिस्थितियां कृषि को रोजगार और आर्थिक समृद्धि का सबसे बड़ा आधार बनाती हैं। यदि युवा आधुनिक तकनीकों और नवाचारों के साथ कृषि क्षेत्र में आगे आएं तो न केवल बेरोजगारी कम हो सकती है, बल्कि भारत वैश्विक खाद्य सुरक्षा में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

    कृषि मंत्री ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का किया आह्वान

    कृषि मंत्री ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग को कम करने तथा प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खेतों में उपयोग होने वाले रसायनों का प्रभाव सीधे मानव स्वास्थ्य और पशुधन पर पड़ता है। विशेष रूप से पशुओं के चारे में रासायनिक खादों और कीटनाशकों के प्रयोग से बचना चाहिए, ताकि दूध और अन्य दुग्ध उत्पादों के माध्यम से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। उन्होंने कहा कि देसी गाय आधारित प्राकृतिक खेती मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के साथ-साथ सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य उत्पादन का मार्ग प्रशस्त करती है। इसके लिए किसानों को प्रशिक्षण और जागरूकता प्रदान करना आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि किसान प्राकृतिक खेती और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाएंगे तो कृषि क्षेत्र की अनेक चुनौतियों का समाधान संभव होगा तथा किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

    किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेती के स्वरूप को बदलने की जरूरत : ओम प्रकाश धनखड़

    भाजपा के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा तथा इजरायल के राजदूत रुवेन अजार का बादली विधानसभा क्षेत्र में आगमन पर स्वागत किया। अपने कृषि मंत्री के कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि विभिन्न देशों की यात्राओं के दौरान उन्हें कृषि क्षेत्र की अनेक उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों को निकट से देखने का अवसर मिला। उन्होंने चीन के ‘पेरी अर्बन कल्चर’ का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां महानगरों के आसपास के क्षेत्रों में परंपरागत फसलों के स्थान पर बड़े पैमाने पर बागवानी उत्पादों की खेती की जाती है, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। श्री धनखड़ ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि बादली क्षेत्र में बागवानी को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन एवं योजनाएं लागू की जाएं, ताकि किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर अधिक लाभकारी फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित हों। उन्होंने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों का आभार व्यक्त करते हुए क्षेत्र की जनभावनाओं एवं विकास संबंधी मांगों पर आधारित मांग-पत्र भी मुख्यमंत्री को सौंपा।

    भारत-इजरायल सहयोग से बागवानी क्षेत्र को मिलेगी नई दिशा : इजरायल के राजदूत रूवेन अजार

    भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि और बागवानी क्षेत्र में भारत और इजरायल के बीच सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने कहा कि इजरायल ने सीमित जल संसाधनों के बावजूद आधुनिक तकनीक, नवाचार और अनुसंधान के माध्यम से कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। हरियाणा में स्थापित उत्कृष्टता केंद्र और अनुसंधान संस्थान इसी साझेदारी के सफल उदाहरण हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रईया स्थित बागवानी अनुसंधान केंद्र तथा मुनीमपुर में स्थापित उत्कृष्टता केंद्र किसानों तक आधुनिक तकनीकों, उन्नत खेती पद्धतियों और नवीन अनुसंधान के लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत और इजरायल मिलकर कृषि क्षेत्र में नवाचार, जल संरक्षण, उत्पादकता वृद्धि और किसान समृद्धि के लिए भविष्य में भी सहयोग को और मजबूत करेंगे।

    यह गणमान्य व्यक्ति और अधिकारी रहे मौजूद

    इस अवसर पर बागवानी विश्वविद्यालय करनाल के वीसी डॉ सुरेश मल्होत्रा, बागवानी विभाग के महानिदेशक डॉ अर्जुन सैनी,पुलिस आयुक्त डॉ राजश्री सिंह, डीसी वर्षा खांगवाल सहित अन्य अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।  
  • हरियाणा में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मिलेगी नई उड़ान : CM Saini

    हरियाणा में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मिलेगी नई उड़ान : CM Saini

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को भिवानी स्थित चौ. बंसी लाल सिविल एरोड्रम पर लगभग 31 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अत्याधुनिक हैंगर, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) भवन, सुरक्षा चौकी तथा कैंटीन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर सांसद धर्मबीर सिंह, भिवानी के विधायक घनश्याम सर्राफ, बवानीखेड़ा के विधायक कपूर सिंह वाल्मीकि सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। वीरों, खिलाड़ियों और संतों की धरती और ‘छोटी काशी’ के नाम से प्रसिद्ध भिवानी आज विकास के एक नए अध्याय की साक्षी बनी है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल भवनों का उद्घाटन नहीं, बल्कि हरियाणा में आधुनिक विमानन अवसंरचना के विस्तार और क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में नागरिक उड्डयन क्षेत्र ने अभूतपूर्व प्रगति की है। ‘उड़ान’ योजना ने छोटे शहरों को हवाई सेवाओं से जोड़कर आम नागरिक के लिए हवाई यात्रा को सुलभ बनाया है। हरियाणा सरकार भी इसी सोच के अनुरूप प्रदेश में हवाई संपर्क को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य हरियाणा को उत्तर भारत के प्रमुख विमानन केंद्र के रूप में विकसित करना है। इसी कड़ी में हिसार एयरपोर्ट का तेजी से विकास किया जा रहा है और वहां से दिल्ली, अयोध्या, चंडीगढ़ व जयपुर के लिए उड़ान सेवाएं शुरू की जा चुकी हैं। जल्द ही हिसार से जम्मू और अहमदाबाद के लिए भी उड़ानें आरंभ की जाएंगी, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी तथा व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। भिवानी में चौ. बंसी लाल सिविल एरोड्रम पर विकसित की गई नई सुविधाएं विमानों के सुरक्षित संचालन, प्रशिक्षण गतिविधियों तथा विमानन सेवाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इससे युवाओं के लिए एविएशन सेक्टर में रोजगार और प्रशिक्षण के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे। हरियाणा सरकार प्रदेश में निवेश आकर्षित करने, उद्योगों को प्रोत्साहित करने तथा आधुनिक आधारभूत ढांचे के निर्माण पर विशेष ध्यान दे रही है। मजबूत हवाई संपर्क किसी भी क्षेत्र के आर्थिक विकास का आधार होता है और भिवानी हवाई अड्डे का सुदृढ़ीकरण पश्चिमी हरियाणा के विकास को नई गति प्रदान करेगा। राज्य सरकार नागरिक उड्डयन, सड़क, रेल और डिजिटल कनेक्टिविटी को एकीकृत रूप से विकसित कर रही है ताकि हरियाणा देश के सबसे तेज गति से विकसित होने वाले राज्यों में अपनी अग्रणी भूमिका बनाए रखे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भिवानी के सिविल एरोड्रम की ये नई सुविधाएं क्षेत्रीय विकास, निवेश, पर्यटन और रोजगार सृजन में मील का पत्थर साबित होंगी। देश में पायलटों और डॉक्टरों की कमी है जिन्हें पूरा करने के लिए सरकार द्वारा कार्य किया जा रहा है। सरकार द्वारा हरियाणा के 17 जिलों में मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चुनाव से पहले हमने 217 संकल्प लिए थे जिनमें से 63 संकल्प डेढ़ साल के कार्यकाल में पूरे किए जा चुके हैं। हरियाणा में किसानों की सभी फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जा रही हैं। इसी प्रकार हरियाणा में किडनी मरीजों के लिए डायलिसिस की सुविधा निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके तहत 2 लाख मरीजों को लाभ हुआ है। 1.80 लाख रुपये सालाना आय वाले परिवारों की महिलाओं को 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। इसके तहत अब तक 15 लाख घरों को सिलेंडर उपलब्ध करवाए गए हैं जिन पर सरकार द्वारा 300 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसी प्रकार हरियाणा में एक लाख रुपये सालाना आमदनी वाले परिवारों की महिलाओं को प्रतिमाह 2100 रुपए देने का वादा सरकार ने किया था जिसके लिए पिछले बजट में 5000 करोड रुपए का प्रावधान किया गया था। इस वर्ष इस योजना का दायरा बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये तक सालाना आमदनी के परिवारों की बहन-बेटियों को भी इस योजना का लाभ के लिए बजट में 6500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस अवसर पर नागरिक उड्डयन विभाग के महानिदेशक अंशज सिंह, अतिरिक्त निदेशक कैप्टन मनीष लोहान तथा महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

    ट्रेनी पायलटों को किया सम्मानित:

    भिवानी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 200 घंटों की उड़ान पूरी करने वाले ट्रेनी पायलटों को बैज लगाकर सम्मानित किया और ट्रेनिंग पूरी करने पर उन्हें बधाई व शुभकामनाएं दीं। इस एरोड्रम से 120 ट्रेनी पायलटों ने प्रशिक्षण पूरा किया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने तथा प्रदेश में नागरिक उड्डयन क्षेत्र के विस्तार के लिए निरंतर कार्य करने के निर्देश दिए।

    आधुनिक दो-सीटर जायरोकॉप्टर का भी प्रदर्शन किया

    इस अवसर पर आधुनिक और लग्जरी श्रेणी के दो-सीटर जायरोकॉप्टर का भी प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वयं इस जायरोकॉप्टर में बैठकर देखा और इसकी तकनीक व सुविधाओं की जानकारी ली। यह जायरोकॉप्टर व्यक्तिगत हवाई यात्रा, एरियल टूरिज्म, निगरानी एवं सर्वेक्षण, फोटोग्राफी और वीडियो शूट तथा पायलट प्रशिक्षण जैसे कार्यों में काफी उपयोगी है।
  • उधार के पैसे मांगने पर हुआ विवाद, प्राइवेट पार्ट पर मारी लात, दुकानदार की मौत

    उधार के पैसे मांगने पर हुआ विवाद, प्राइवेट पार्ट पर मारी लात, दुकानदार की मौत

    सोनीपतः जिले के राई क्षेत्र में परचून की दुकान पर सामान के पैसे को लेकर विवाद हो गया। इस घटना में दुकानदार की मौत हो गई। मृतक की पहचान राजेश के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि दुकान पर सामान लेने आए पिता-पुत्र ने राजेश के साथ मारपीट करते हुए उसे जमीन पर गिरा दिया और उसके प्राइवेट पार्ट पर लात मारी।इस दौरान राजेश की गर्दन पर वार किया, जिससे वह बेहोश होकर गिर गया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच में जुट गई। पुलिस ने मृतक की पत्नी की शिकायत पर रामसेवक और उसके बेटे के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस को दी शिकायत में गांव जठेड़ी निवासी नीलम ने बताया कि 16 जून की शाम करीब साढ़े 7 बजे वह अपने पति राजेश के साथ परचून की दुकान पर मौजूद थीं। इसी दौरान रामसेवक और उसका बेटा दुकान पर सामान लेने पहुंचे थे। सामान लेने के बाद पैसों के लेन-देन को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। शिकायतकर्ता के अनुसार विवाद बढ़ने पर रामसेवक और उसके बेटे ने झगड़ा शुरू कर दिया। आरोप है कि दोनों ने मिलकर राजेश को नीचे गिरा लिया और उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। शिकायत में कहा गया है कि आरोपियों ने राजेश के प्राइवेट पार्ट पर लात मारी और उसकी गर्दन पर भी वार किया। जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। घटना के बाद परिजन उसे तत्काल उपचार के लिए सोनीपत के फीम्स अस्पताल लेकर पहुंचे।

    अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पत्नी नीलम ने पुलिस को शिकायत दी। शिकायत के आधार पर थाना राई में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने रामसेवक और उसके बेटे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच थाना राई में तैनात एसआई अशोक द्वारा की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की गहनता से जांच की जा रही है। घटना से जुड़े सभी तथ्यों और साक्ष्यों को एकत्र किया जा रहा है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई। वहीं शव को कब्जे में लेकर सोनीपत के सिविल हॉस्पिटल से खानपुर भेजा गया है और खानपुर मेडिकल में पोस्टमॉर्टम करवाया जा रहा है। मामले में पुलिस पीआरओ रविन्द्र कुमार का कहना है कि पुलिस ने पत्नी की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। मामले में जांच की जा रही है।

  • मिसिंग लिंक पर 3 गाड़ियों में हुई टक्कर, उड़े परखच्चे, खुले एयरबैग, देखें वीडियो

    मिसिंग लिंक पर 3 गाड़ियों में हुई टक्कर, उड़े परखच्चे, खुले एयरबैग, देखें वीडियो

    मुंबईः मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के ‘मिसिंग लिंक’ ब्रिज पर 3 गाड़ियों के बीच भीषण टक्कर हो गई। हादसे में गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए। मिली जानकारी के अनुसार यह हादसा उस समय हुआ, जब मुंबई से पुणे की ओर जा रही फॉर्च्यूनर चालक ने अचानक ब्रेक लगा दी। इस दौरान उसके पीछे आ रही 2 कारें फॉर्च्यूनर से टकरा गईं। हादसे में तीनों गाड़ियों को काफी नुकसान पहुंचा। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। यह दुर्घटना पुणे जाने वाली लेन के केबल-स्टेयड ब्रिज वाले हिस्से पर हुई।
    लोगों ने बताया कि तीनों गाड़ियां मुंबई से पुणे की ओर जा रही थीं। इस दौरान ‘मिसिंग लिंक’ पर केबल-स्टे वाले ब्रिज के पास तीसरी लेन में फॉर्च्यूनर अचानक रुक गई। इसके बाद, पीछे से तेज़ रफ़्तार में आ रही हुंडई कार फॉर्च्यूनर से टकरा गई। वहीं एक वरना कार दूसरी गाड़ी से जा टकराई। हादसा इतना ज़बरदस्त था कि तीनों गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। हालांकि, कोई जान नहीं गई, क्योंकि यात्रियों ने सीट बेल्ट पहनी हुई थी। हादसे में गाड़ियों के एयरबैग खुल गए। घटना के बाद उस रास्ते पर ट्रैफ़िक बाधित हो गया। जिसके बाद घटना की सूचना लोगों द्वारा पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस द्वारा तुरंत कार्रवाई करते हुए ट्रैफ़िक को बहाल किया गया। पुलिस ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि हाईवे पर गाड़ी चलाते समय सुरक्षित दूरी बनाए रखना, अचानक ब्रेक लगाने से बचना और ट्रैफ़िक नियमों का पालन करना ज़रूरी है।
  • गुरुद्वारा साहिब में चली गोलियां, दपंति की मौत, जांच में जुटी पुलिस

    गुरुद्वारा साहिब में चली गोलियां, दपंति की मौत, जांच में जुटी पुलिस

    पेशावरः पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बुधवार को गुरुद्वारा साहिब के भीतर अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर सिख सेवादार दंपति की हत्या कर दी। मृतकों की पहचान जगन्नाथ और आसमा वंती के रूप में हुई है। घटना पेशावर से करीब 60 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में मरदान के बाबू मोहल्ला इलाके में हुई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच में जुट गई।

    पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में ले लिया है। मरदान के जिला पुलिस अधिकारी मसूद अहमद के अनुसार, अज्ञात हमलावरों ने गुरुद्वारे के भीतर गोलीबारी की। इस घटना में जगन्नाथ और उनकी पत्नी आसमा वंती की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि हमले के मकसद का पता लगाने शामिल लोगों को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। घटना के बाद शहर में अलर्ट जारी कर दिया गया है और लगातार पुलिस टीमों द्वारा दबिश दी जा रही है।

  • प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त Coaching, आवेदन की आखिरी तारीख 30 जून

    प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त Coaching, आवेदन की आखिरी तारीख 30 जून

    चंडीगढ़: अनुसूचित जातियों (एस.सी.), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओ.बी.सी.) तथा अल्पसंख्यक समुदायों से संबंधित युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों का विस्तार करने के उद्देश्य से पंजाब सरकार ने प्रोबेशनरी ऑफिसर (बैंक) एवं असिस्टेंट एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर (एल.आई.सी./जी.आई.सी.) परीक्षा-2026 हेतु निःशुल्क कोचिंग प्रदान करने की घोषणा की है। इस पहल के माध्यम से पात्र अभ्यर्थी महंगी कोचिंग फीस के बोझ के बिना प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।

    इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब की सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार का उद्देश्य समाज के वंचित वर्गों के प्रतिभाशाली युवाओं को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग, विशेषज्ञ मार्गदर्शन तथा समान अवसर प्रदान कर उन्हें बैंकिंग और बीमा क्षेत्र में सफल करियर बनाने के लिए सशक्त बनाना है।

    कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कोई भी प्रतिभाशाली युवा आर्थिक कठिनाइयों के कारण अवसरों से वंचित न रहे। सरकार प्रत्येक योग्य युवा को अपनी क्षमता सिद्ध करने हेतु आवश्यक संसाधन एवं सहयोग प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

    डॉ. बलजीत कौर ने कहा, “प्रतिभा को कभी भी आर्थिक सीमाओं के कारण रुकना नहीं चाहिए। हमारी सरकार युवाओं को ऐसा मार्गदर्शन, संसाधन और अवसर उपलब्ध करा रही है, जिनकी बदौलत वे प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर अपने सपनों को साकार कर सकें।”

    यह कोचिंग अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ करियर्स एंड कोर्सेज, फेज-3बी2, एस.ए.एस. नगर (मोहाली) में आयोजित की जाएगी। पंजाब के स्थायी निवासी तथा एस.सी., ओ.बी.सी. एवं अल्पसंख्यक समुदायों से संबंधित स्नातक अभ्यर्थी इस कार्यक्रम के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे। आवेदक के परिवार की कुल वार्षिक आय सभी स्रोतों से तीन लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।

    मंत्री ने आगे बताया कि अभ्यर्थियों का चयन जनरल इंग्लिश, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड, रीजनिंग तथा करेंट अफेयर्स विषयों के ऑब्जेक्टिव टाइप टेस्ट के आधार पर किया जाएगा। यह परीक्षा 3 जुलाई 2026 को प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ करियर्स एंड कोर्सेज, फेज-3बी2, मोहाली में आयोजित की जाएगी।

    इच्छुक अभ्यर्थी अपने आवेदन आवश्यक दस्तावेजों की स्वप्रमाणित प्रतियों सहित 30 जून 2026 तक प्राचार्य, अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ करियर्स एंड कोर्सेज, मोहाली के कार्यालय में जमा करवा सकते हैं अथवा ई-मेल के माध्यम से ambedkarinstitute013@gmail.com पर भेज सकते हैं।

    डॉ. बलजीत कौर ने पात्र युवाओं से इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि यह पहल युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए पंजाब सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है। पात्रता, प्रवेश प्रक्रिया एवं अन्य जानकारी के लिए अभ्यर्थी पंजाब सरकार की वेबसाइट www.welfare.punjab.gov.in पर विजिट कर सकते हैं।

     

  • बड़ा हादसाः ट्रेन में भीषण आग लगने से धूं-धूं- कर जला कोच, मची अफरा-तफरी, देखें वीडियो

    बड़ा हादसाः ट्रेन में भीषण आग लगने से धूं-धूं- कर जला कोच, मची अफरा-तफरी, देखें वीडियो

    फिरोजाबादः थाना लाइनपार क्षेत्र में आते रूपसपुर के पास डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) पर मालगाड़ी के डिब्बे में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने भीषण रूप धारण कर लिया। घटना को लेकर प्रशासन के कर्मियों में हड़कंप मच गया। मिली जानकारी के अनुसार मालगाड़ी में 6 नए चार पहिया वाहन लदे थे। आग की लपटों से आसमान में धुएं का गुबार छा गया। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग की लपटें दूर से दिखाई दे रही थी। घटना के दौरान भारी संख्या में लोग पहुंच गए। हालांकि प्रशासन द्वारा लोगों को घटना स्थल से दूर रखा गया। राहत की बात यह है कि हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है।
     
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    बताया जा रहा है कि मालगाड़ी शाम करीब 4 बजे टूंडला से कानपुर की ओर जा रही थी, तभी रूपसपुर के पास इसके एक डिब्बे में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि दूर-दूर तक धुएं का गुबार दिखाई देने लगा। घटना की जानकारी मिलने पर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर जमा हो गए। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 4 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। आग की गंभीरता को देखते हुए कई थानों की पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के साथ-साथ रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर राहत एवं बचाव कार्य चलाया गया। दमकल कर्मियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग की लपटें और घना धुआं राहत कार्य में बाधा डाल रहे थे, लेकिन संयुक्त प्रयासों से स्थिति को सफलतापूर्वक नियंत्रित कर लिया गया। इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जिससे प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत महसूस की। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) सत्येंद्र पांडे ने बताया कि मालगाड़ी में 4 पहिया वाहन लदे हुए थे। आग लगने के कारण सुरक्षा के मद्देनजर डीएफसी का एक रूट अस्थायी रूप से बाधित किया गया। हालांकि, दूसरे रूट पर ट्रेनों का परिचालन सामान्य रूप से जारी रहा। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है।  
  • Punjab News: 32 वर्षीय नौजवान का चाकू मारकर कत्ल

    Punjab News: 32 वर्षीय नौजवान का चाकू मारकर कत्ल

    लुधियानाः डाबा थाना के आते इलाके में नौजवान का चाकू मारकर कत्ल कर दिया गया। इस घटना को लेकर लोगों में दहशत का माहौल पाया जा रहा है। परिजनों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। परिजन आरोप लगा रहे हैं कि रिश्तेदारों की रची साज़िश के तहत 32 वर्षीय नौजवान को घर से बुलाकर ले जाया गया और बाद में चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसके आधार पर पुलिस जांच कर रही है।

    परिवारिक सदस्यों के मुताबिक मृतक को उसके ताए के लड़के ने घर से बुलाकर अपने साथ ले गया था। उनका दावा है कि पहले से बनाए गए प्लान के मुताबिक युवक को सुनसान जगह पर ले जाकर उस पर चाकू से हमला किया गया, जिसके कारण उसकी मौत हो गई। परिवार का कहना है कि मुख्य हमलावर ने युवक को घर से ले जाकर दिया था, उसके खिलाफ अभी तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई। प्रभावित परिवार ने सभी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए इंसाफ की गुहार लगाई है।

    परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि पूरी कार्रवाई नहीं हुई तो वे पुलिस कमिश्नर कार्यालय का घेराव करने पर मजबूर होंगे। दूसरी ओर, इस मामले से संबंधित डाबा थाना के एसएचओ ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक के ताए के लड़के की भूमिका को भी जांच के घेरे में रखा गया है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।