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  • सुहागरात से पहले दूल्हे की मौत… होश खो बैठी दुल्हन, मचा हड़कंप

    सुहागरात से पहले दूल्हे की मौत… होश खो बैठी दुल्हन, मचा हड़कंप

    यूपीः अमरोहा जिले से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जहां, शादी के कुछ ही घंटे बाद दूल्हे की अचानक संदिग्ध हालात में मौत हो गई। निकाह की खुशियां मातम में बदल गईं, जबकि अगले दिन होने वाला वलीमा (रिसेप्शन) रद्द कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, गुड्डू उर्फ परवेज आलम (38) नामक युवक अमरोहा शहर के मोहल्ला नोगजा का रहने वाला था। शनिवार रात उसकी शादी मोहल्ला बड़ा दरबार निवासी बाबू की बेटी सायमा से हुई थी। मैरिज हॉल में निकाह की रस्में पूरी होने के बाद करीब रात 1 बजे बारात वापिस लौटी। लेकिन करीब दो बजे अचानक दूल्हे की तबीयत बिगड़ गई।

    अस्पताल ले जाते हुए तोड़ा दम
    परिजन घबराकर गुड्डू को पास के अस्पताल ले गए। हालत में सुधार न होने पर उसे जोया रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से डॉक्टरों ने तुरंत मुरादाबाद के अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही डॉक्टरों ने गुड्डू को मृत घोषित कर दिया। शादी की रात दूल्हे की मौत की खबर फैलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

    दुल्हन का रो-रोकर बुरा हाल
    नवविवाहिता सायमा को जैसे ही पति की मौत की खबर मिली, वह बेसुध होकर गिर पड़ी। शादी का जोड़ा पहने सायमा को परिजन और रिश्तेदार किसी तरह संभालते रहे। घर में मातम छा गया और इलाके के सैकड़ों लोग इस दुखद घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंच गए।

    परिवार में पहले भी हुई थीं मौतें
    गुड्डू उर्फ परवेज के माता-पिता और बड़े भाई की मौत पहले ही हो चुकी थी। अब वह अपने छोटे भाई पप्पू के साथ ही रह रहा था। गुड्डू जामा मस्जिद रोड पर किताबों की दुकान चलाता था। परिवार पहले से ही दुख झेल रहा था, और अब यह हादसा उनके लिए एक और गहरा सदमा बन गया।

    मौत का कारण बना रहस्य
    लोगों में चर्चा है कि गुड्डू का शरीर पीला पड़ गया था, जिससे शक की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, परिजनों ने बिना किसी पुलिस जांच या पोस्टमॉर्टम के ही दूल्हे के शव को सुपुर्द-ए-खाक (दफन) कर दिया।

    शादी की खुशियां पलभर में मातम में बदलीं
    जो घर कुछ घंटे पहले शादी की रौनक से भरा था, वहां अब सन्नाटा और आंसू हैं। रविवार को होने वाला वलीमा कार्यक्रम पूरी तरह रद्द कर दिया गया। लोग अब भी यह सोचने को मजबूर हैं कि आखिर दूल्हे की मौत कैसे हुई — किस्मत का खेल या कुछ और?

  • मुख्यमंत्री Mann ने श्रद्धालुओं की बसों के पहले जत्थे को दिखाई हरी झंडी, पवित्र स्थलों की यात्रा का हुआ शुभारंभ

    मुख्यमंत्री Mann ने श्रद्धालुओं की बसों के पहले जत्थे को दिखाई हरी झंडी, पवित्र स्थलों की यात्रा का हुआ शुभारंभ

    संगरूर: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत पवित्र शहर अमृतसर में धार्मिक स्थानों के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं को ले जाने वाली बसों के पहले बैच को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

    श्रद्धालुओं से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित है। उन्होंने कहा कि यह योजना 29 अक्टूबर, 2025 को गांव बरड़वाल से शुरू की गई थी और इन श्रद्धालुओं का चयन पारदर्शी ढंग से ड्रॉ के माध्यम से किया गया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा पवित्र स्थानों की यात्रा की सुविधा देकर पंजाबियों में सामाजिक और धार्मिक सद्भावना को मजबूत करने के लिए यह एक विनम्र पहल है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल उन बुजुर्ग नागरिकों की दिल की इच्छा को पूरा कर रही है, जो लंबे समय से पवित्र धार्मिक स्थानों के दर्शन-दीदार की तमन्ना रखे बैठे थे। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत श्रद्धालुओं को श्री हरिमंदिर साहिब, दुर्गियाना मंदिर, भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल, जलियांवाला बाग, पार्टिशन म्यूजियम और अमृतसर के अन्य धार्मिक तथा ऐतिहासिक स्थानों के दर्शन करवाए जाएंगे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह योजना सभी जातियों, धर्मों, आय वर्गों और हर क्षेत्र से संबंधित लोगों के लिए है।

    अधिक जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए तीन दिन और दो रातों की मुफ्त ठहरने के लिए विस्तृत प्रबंध किए हैं। उन्होंने कहा कि 50 वर्ष या इससे अधिक आयु के श्रद्धालुओं को यात्रा के लिए पंजीकृत किया गया है और पंजीकरण के लिए वोटर आईडी कार्ड अनिवार्य किया गया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि श्रद्धालुओं को एसी बसें, एसी होटल आवास और भोजन मुफ्त प्रदान किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक बस में यात्रियों की सहायता के लिए एक सहायक होगा और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता प्रदान करने के लिए एक मेडिकल टीम भी श्रद्धालुओं के साथ होगी। उन्होंने कहा कि यात्रा की समाप्ति के बाद, सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब महान गुरुओं, देवी-देवताओं, संतों-पीरों और शहीदों की पवित्र धरती है जिन्होंने हमें आपसी भाईचारे, साझेदारी और एकता का संदेश दिया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वे खुद को भाग्यशाली समझते हैं कि परमात्मा ने उन्हें इस नेक कार्य के माध्यम से लोगों की सेवा करने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि यह योजना महान गुरु साहिबान, जिन्होंने लोगों को आपसी भाईचारा, एकता और शांति का संदेश दिया, की शिक्षाओं और दर्शन के अनुसार तैयार की गई है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रदेश में समाज का एक बड़ा वर्ग किसी न किसी कारण से देश भर में इन पवित्र स्थानों के दर्शन नहीं कर सका।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राज्य सरकार ने यह योजना देश और प्रदेश भर के विभिन्न पवित्र स्थानों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के लिए शुरू की है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस की याद में विभिन्न जिलों और श्री आनंदपुर साहिब में आयोजित होने वाले विभिन्न धार्मिक समागमों और मुख्य कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले ही इस ऐतिहासिक अवसर को मनाने के लिए क्रमवार समागमों का कार्यक्रम तैयार किया है।

    एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं जिसके कारण वे गैर-जिम्मेदार और तर्कहीन बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे निरर्थक बयान किसी साधारण या समझदार व्यक्ति द्वारा नहीं दिए जाते। उन्होंने कहा कि तरन तारन चुनावों में अपनी पार्टी की स्पष्ट हार को महसूस करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रमुख बौखलाए हुए हैं, जिसके कारण वे ऐसी घटिया हरकतें कर रहे हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि कूड़े के ढेरों और भाजपा नेताओं के घरों से क्रमशः वीवीपैट और ईवीएम की पर्चियां मिलना भारत के चुनाव आयोग के कार्यप्रणाली के साथ-साथ स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों पर गंभीर सवालिया निशान खड़ा करता है।

    मुख्यमंत्री ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि भारतीय चुनाव आयोग की घटती विश्वसनीयता लोकतंत्र के लिए घातक साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि यदि कोई राजनीतिक पार्टी ईवीएम और वोट चोरी पर सवाल उठा रही है तो चुनाव आयोग को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। भगवंत सिंह मान ने कहा कि हालांकि चुनाव आयोग इस पर चुप है जबकि भाजपा इसके प्रवक्ता की तरह काम कर रही है, जो कि सरासर गलत है।

    मुख्यमंत्री ने दोहराया कि केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पंजाब यूनिवर्सिटी में पिछले दरवाजे से दाखिल होने की जद्दोजहद कर रही है, जिसे किसी भी कीमत पर ऐसा करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शुरू से ही पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ हमारे प्रदेश की भावनात्मक, सांस्कृतिक, साहित्यिक और समृद्ध विरासत का हिस्सा है। भगवंत सिंह मान ने अफसोस जताते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी के अस्तित्व को बदलने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन पंजाब सरकार छात्रों के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए किसी भी ऐसे मंसूबे को कामयाब नहीं होने देगी।

    भाजपा पंजाब विरोधी मानसिकता से पीड़ित है जिसके कारण वह प्रदेश को बर्बाद करने पर तुली हुई है। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश की झांकियों को स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस समागमों में भाग लेने की इजाजत नहीं देती। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इसी तरह बीबीएमबी, पंजाब यूनिवर्सिटी और अन्य मामलों में अनावश्यक हस्तक्षेप भगवा पार्टी के प्रदेश के प्रति विरोधी रवैये को दर्शाता है।

    कांग्रेस के नेता, जो भारत सरकार में पदों के लिए भाजपा में शामिल हुए थे, वे सिर्फ ‘सजावटी मंत्री’ हैं क्योंकि उनके पास किसी भी प्रोजेक्ट को मंजूरी देने की शक्ति नहीं है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया, रवनीत बिट्टू और ऐसे कई अन्य नेताओं के पास राज्यों को कोई प्रोजेक्ट देने की शक्ति ही नहीं है और वे सिर्फ नाम के केंद्रीय मंत्री हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार द्वारा मुख्य क्षेत्रों के निजीकरण को बड़ा प्रोत्साहन देने के साथ इन मंत्रियों के पास करने को कुछ नहीं है।

    इस गंभीर संकट की घड़ी में प्रदेश के साथ सौतेली मां जैसा व्यवहार करने के लिए केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश को बाढ़ राहत के लिए प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1600 करोड़ रुपए अभी तक नहीं मिले हैं, स्थिति को और बिगाड़ने के लिए केंद्र सरकार इन फंडों में से भी चल रही अन्य योजनाओं के खर्चों को समायोजित करने की कोशिश कर रही है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि केंद्र सरकार को प्रदेश, जो देश का अन्नदाता और खड्ग भुजा है, के साथ यह दुर्व्यवहार बंद करना चाहिए।

    इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में आए बाढ़ों के दौरान प्रदेश के अन्न उत्पादकों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है, इसलिए राज्य सरकार उन्हें 74 करोड़ रुपए का दो लाख क्विंटल बीज मुफ्त प्रदान कर रही है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों के किसानों को मुफ्त बीज वितरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो जल्द ही पूरी हो जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने किसानों को फसलों के नुकसान के लिए 20,000 रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा वितरित किया है, जो कि अब तक देश में किसी भी राज्य सरकार द्वारा दिया गया सबसे अधिक मुआवजा है।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां और अन्य उपस्थित थे।

  • राजस्थान के नाथद्वारा मंदिर पहुंचे Mukesh Ambani, दान किए 15 करोड़ रुपये

    राजस्थान के नाथद्वारा मंदिर पहुंचे Mukesh Ambani, दान किए 15 करोड़ रुपये

    नई दिल्ली: भारत के सबसे बड़े बिजनेसमैन मुकेश अंबानी राजस्थान के नाथद्वारा में पहुंचे। वहां पर उन्होंने भगवान श्री नाथ जी के दर्श किए और पूज्य विशाल बावा साहेब से आशीर्वाद भी लिया। इस पावन मौके पर मुकेश अंबानी ने श्रीनाथ जी मंदिर को 15 करोड़ रुपये का दान भी दिया। इसके अलावा उन्होंने नाथद्वारा में एक भव्य परियोजना यात्री एवं वरिष्ठ सेवा सदन की स्थापना की घोषणा की। यह सेवा सदन तीर्थयात्रियों और वरिष्ठ वैष्णवों के लिए एक आधुनिक, सुसज्जित आश्रय स्थल होगा। इसमें 100 से ज्यादा कमरे, 24 घंटे की मेडिकल यूनिट, नर्सिंग और फिजियोथेरेपी सेवाएं, सत्संग एवं प्रवचन हॉल और पुष्टिमार्ग की परंपरा के अनुसार, थाल प्रसाद प्रणाली वाला भोजन क्षेत्र भी शामिल होगा। इस परियोजना का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और आध्यात्मिक वातावरण में सेवा-सुविधाएं देना है।

    50 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा सेवा सदन

    यह परियोजना पूज्य विशाल बावा साहेब की प्रेरणा और अनंत अंबानी के समर्पित सहयोग के साथ साकार हो रही है। करीबन 50 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है यह सेवा सदन अगले तीन सालों में पूरा हो सकता है। इस मौके पर मुकेश अंबानी ने कहा कि हमें गर्व होना चाहिए कि मैं वैष्णव हैं सनातन धर्म और आचार्य परंपरा के अनुयायी हैं। इस परियोजना में पुष्टिमार्ग की मर्यादा और पवित्रता सर्वोपरि रहे मैं यही विनती करता हूं।

    अनंत अंबानी संभालेंगे जिम्मेदारी

    इस बड़ी और भावपूर्ण परियोजना की जिम्मेदारी मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी को सौंपी गई है। वह सीधे तौर पर इस प्रोजेक्ट से जुड़े रहेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि काम तय समय और उच्चतम मानकों के साथ पूरी हो।

    अंबानी परिवार की श्रीनाथ जी में है गहरी आस्था

    अंबानी परिवार की श्रीनाथजी में गहरी आस्था किसी से भी छिपी नहीं है। इसी आस्था और परंपरा को निभाते हुए उन्होंने 15 करोड़ रुपये की बड़ी धनराशि मंदिर के विभिन्न सेवा कार्यों में दी है।    
  • Asim Munir बने PAK के सबसे पावरफुल शख्स, PM से भी ज्यादा होगा पावर, जानें ऐसा क्या हुआ संविधान में बदलाव

    Asim Munir बने PAK के सबसे पावरफुल शख्स, PM से भी ज्यादा होगा पावर, जानें ऐसा क्या हुआ संविधान में बदलाव

    इंटरनेशल डेस्क। पाकिस्तान में सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की ताकत अब पहले से भी ज्यादा बढ़ने जा रही है। पाकिस्तान की संसद ने बहुचर्चित 27वां संविधान संशोधन विधेयक पास कर दिया है। इस कानून के तहत सेना प्रमुख को कई नई शक्तियां मिल गई हैं। अब तीनों सेनाओं के होंगे एक ही प्रमुख नए संशोधन के बाद अब आसिम मुनीर तीनों सेनाओं-थल सेना, नौसेना और वायुसेना के सर्वोच्च प्रमुख होंगे। यानी, अब वे देश की पूरी सैन्य व्यवस्था के मुखिया बन गए हैं। इस बदलाव को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की मंजूरी मिली है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम सेना को सुपरपावर बना देता है और इसे “संवैधानिक तख्तापलट की मंजूरी” माना जा रहा है। संविधान के 243वें अनुच्छेद में बड़ा बदलाव इस संशोधन में पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 243 में संशोधन किया गया है, जो सशस्त्र बलों की नियुक्तियों से जुड़ा हुआ है। अब इस अनुच्छेद के अनुसार राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर सेना प्रमुख और रक्षा बलों के प्रमुखों की नियुक्ति करेंगे। अब सेना प्रमुख ही सभी रक्षा बलों का प्रमुख होगा।

    यही अधिकारी राष्ट्रीय सामरिक कमान (National Strategic Command) के प्रमुख की नियुक्ति भी प्रधानमंत्री से सलाह लेकर करेगा।

    आसिम मुनीर को मिलेगा आजीवन फील्ड मार्शल का दर्जा जनरल आसिम मुनीर को पहले ही फील्ड मार्शल के पद पर पदोन्नत किया जा चुका था। अब इस संविधान संशोधन के ज़रिए इस पद को संवैधानिक मान्यता दे दी गई है।

    इसका मतलब यह है कि फील्ड मार्शल का पद और उसके विशेषाधिकार आजीवन बने रहेंगे। अब यह पद प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति भी नहीं हटा सकते। रिटायरमेंट के बाद भी फील्ड मार्शल को नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।

    अब खत्म होगा जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी का पद विधेयक के मुताबिक, अब पाकिस्तान में जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (CJCSC) का पद समाप्त कर दिया जाएगा। कानून मंत्री के अनुसार, 27 नवंबर के बाद से इस पद पर कोई नई नियुक्ति नहीं होगी। सरकार को भी मिले पदोन्नति के अधिकार इस कानून के बाद सरकार को यह अधिकार भी मिल गया है कि वह फील्ड मार्शल, मार्शल ऑफ एयर फोर्स और ऐडमिरल ऑफ फ्लीट जैसे शीर्ष सैन्य पदों पर अफसरों को प्रमोट कर सकती है। भारत के ऑपरेशन से डरी पाक सरकार? पाकिस्तानी मीडिया का कहना है कि ये सारे बदलाव भारत के हालिया “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद किए गए हैं। दरअसल, भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने पिछले महीने बताया था कि भारत के हमलों में अमेरिकी एफ-16 विमान समेत 12 पाकिस्तानी सैन्य विमान नष्ट या क्षतिग्रस्त हो गए थे।

    भारत का यह भी दावा है कि भारतीय सेना की बमबारी के बाद पाकिस्तान ने संघर्ष विराम की मांग की थी। इसी के बाद पाकिस्तान सरकार ने आसिम मुनीर को फील्ड मार्शल का पद देकर उन्हें देश का दूसरा शीर्ष सैन्य अधिकारी बना दिया था।

    प्रधानमंत्री भी नहीं हटा सकते फील्ड मार्शल को नए कानून के अनुसार, अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के पास फील्ड मार्शल को हटाने का कोई अधिकार नहीं होगा। यहां तक कि महाभियोग चलाकर भी उनका पद नहीं छीना जा सकेगा। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय सामरिक कमान के कमांडरों की नियुक्ति करेंगे, लेकिन परमाणु कमान और सैन्य ढांचे पर पूरा नियंत्रण सेना प्रमुख के पास रहेगा।  
  • मोटरसाइकिल पर ले जा रहे थे अवैध शराब, पुलिस ने दो लोग काबू किए 

    मोटरसाइकिल पर ले जा रहे थे अवैध शराब, पुलिस ने दो लोग काबू किए 

    ऊना /सुशील पंडित: थाना बंगाणा के अंतर्गत आती पुलिस चौकी जोल के मुलाजिमों ने 48 बोतल अवैध देसी शराब पकड़ी है और दो लोगों काबू किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बीती देर शाम के समय एसआई अशोक कुमार प्रभारी पुलिस चौकी जोल पर आधारित पुलिस टीम ने गश्त के दौरान चौकी मन्यार में एक बाइक संख्या
    (एचपी 78 ए-4730)जोकि वैरियां की तरफ से चौकी मनियार सडक की और आ रही थी। को जांच के लिए रोका तो बाइक सवार दो व्यक्तियों से 48 बोतलें अवैध शराब मार्का वीआरवी सन्तरा वरामद हुई । वहीं पुलिस ने आरोपित व्यक्तियों रघुवीर सिंह पुत्र स्व0 ईश्वर सिंह गांव वडूहा डाक0 सोहारी तह0 बंगाणा व अजय परमार पुत्र जगदेव सिंह निवासी गांव वगलाना डाक0 चौकीमनियार तह0 बंगाणा जिला ऊना के विरुद्ध आवकारी अधिनियम के अन्तर्गत पुलिस थाना बंगाणा में मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है।
  • इस शुभ मुहूर्त में मनाई जाएगी उत्पन्ना एकादशी, ऐसे करें पूजा श्री हरि की मिलेगी कृपा

    इस शुभ मुहूर्त में मनाई जाएगी उत्पन्ना एकादशी, ऐसे करें पूजा श्री हरि की मिलेगी कृपा

    धर्म: हिंदू धर्म में एकादशी के व्रत का खास महत्व बताया गया है। इन्हीं एकादशी में से एक है उत्पन्न एकादशी। इसे साल की सबसे शुभ और फलदायी एकादशी माना जाता है। यह व्रत हर साल मार्गशीर्ष महीने की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि मनाई जाती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन एकादशी देवी प्रकट हुई थी इसलिए इसको उत्पन्ना एकादशी कहते हैं। इस दिन व्रत रखने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।

    15 नवंबर को मनाई जाएगी एकादशी

    इस बार उत्पन्न एकादशी का व्रत 15 नवंबर को रखा जाएगा। यह तिथि देर रात 12:49 पर शुरु होगी और अगले दिन 16 नवंबर को देर रात 2:37 पर खत्म होगी। इस दिन उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र और विश्कुंभ योग रहेगा। पूजा और व्रत की शुरुआत के लिए शुभ समय अभिजीत मुहूर्त माना जाता है। यह मुहूर्त सुबह 11:44 से शुरु होगा और दोपहर 12:27 तक रहेगा।

    एकादशी का व्रत करने से दूर होंगे पाप

    शास्त्रों की मानें तो जब असुर मुर नाम के दैत्य ने देवताओं को परेशान किया तो भगवान विष्णु ने उसे मारने के लिए युद्ध किया। युद्ध के दौरान जब भगवान विश्राम करने लगे तब उनके शरीर से एक दिव्य स्त्री प्रकट हुई। वही स्त्री एकादशी देवी थी। उन्होंने मुर दैत्य का वध किया। इसके बाद भगवान विष्णु ने खुश होकर उन्हें वरदान दिया कि जो भी उनके तिथि पर व्रत करेगा उसके सभी पाप खत्म हो जाएंगे।

    ऐसे करें पूजा

    इस दिन सुबह उठकर नहाएं और पीले कपड़े पहनें। इसके बाद भगवान विष्णु के नाम का दीया जलाएं। पूजा में भगवान को पीले फूल, तुलसी दल और मिठाई अर्पित करें। उत्पन्ना एकादशी वाले दिन लोग पूरे दिन का व्रत रखकर भगवान विष्णु का ध्यान करते हैं। कुछ लोग निर्जला व्रत करते हैं जबकि कुछ फलाहार या एकादशी प्रसाद का सेवन करते हैं। शास्त्रों में यह बताया गया है कि इस दिन पहले दाल और अन्य का सेवन वर्जित होता है।      
  • मैट्रिक के फर्जी सर्टिफिकेट पर ली सरकारी नौकरी, जांच पड़ताल में हुआ खुलासा, मामला दर्ज 

    मैट्रिक के फर्जी सर्टिफिकेट पर ली सरकारी नौकरी, जांच पड़ताल में हुआ खुलासा, मामला दर्ज 

    ऊना/सुशील पंडित: एक व्यक्ति ने मैट्रिक के फर्जी सर्टिफिकेट पर डाक विभाग में सरकारी नौकरी ले ली जिस का जांच पड़ताल में खुलासा हुआ है, वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है।पुलिस को दी शिकायत में सारांग पानी निरीक्षक डाकघर शिवालिक सब डिवीजन अम्ब ने आरोप लगाया कि मोहन सिंह गुज्जर पुत्र अहधीरज गुज्जर, केहसवाना राजपूत राजस्थान ने दसवीं का फर्जी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करके भारत सरकार के डाक विभाग  में ग्रामीण डाक सेवक रपोह मिसरां  में 22 दिसंबर 23 से 6 सितंबर 24 तक अपने इस्तीफे तक नियुक्ति प्राप्त की। इस अवधि के दौरान मोहन सिंह गुर्जर ने वेतन लाभ आदि के रूप में गलत लाभ प्राप्त किया और डाकघर विभाग को गलत तरीके से नुक्सान पहुंचाया। वहीं शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपित व्यक्ति के विरुद्ध वीएनएस की विभिन्न धाराओं के अन्तर्गत पुलिस थाना अम्ब में मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है।
  • Punjab News: प्राइवेट स्कूल बस ने Delivery Boy को कुचला, मचा हंगामा, देखें वीडियो

    Punjab News: प्राइवेट स्कूल बस ने Delivery Boy को कुचला, मचा हंगामा, देखें वीडियो

    लुधियाना। जिले के दुगरी इलाके में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। जहां, जैन मंदिर चौक के पास एक तेज रफ्तार स्कूली बस ने 21 साल के डिलीवरी बॉय को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला।

    ड्राइवर ने घायल को अस्पताल पहुंचाया
    हादसे के बाद खून से लथपथ हालत में पड़े जतिन को बस ड्राइवर ने आसपास मौजूद लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया

    जतिन करता था डिलीवरी बॉय का काम
    जानकारी के अनुसार, जतिन किसी कंपनी में डिलीवरी बॉय के तौर पर काम करता था। वह जैन मंदिर चौक के पास किसी ग्राहक को सामान देने गया था। तभी यह हादसा हो गया।

    मौत की खबर सुन मौके पर पहुंचे
    जब जतिन के परिवार को उसकी मौत की सूचना मिली तो वे तुरंत मौके पर पहुंचे। हादसे का नज़ारा देखकर परिजन गुस्से में आ गए और स्कूली बस में तोड़फोड़ कर दी। बस के शीशे तोड़ दिए गए और बाजार में अफरातफरी मच गई।

    बस ड्राइवर मौके से फरार
    लोगों का गुस्सा देखकर बस ड्राइवर वहां से भाग गया। सूचना मिलने पर थाना दुगरी की पुलिस मौके पर पहुंची और गुस्साए लोगों को समझाकर शांत कराया

    पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा
    पुलिस ने जतिन के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। परिवार ने आरोप लगाया कि ड्राइवर लापरवाही से बस चला रहा था, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। थाना दुगरी के ASI धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि ड्राइवर की तलाश की जा रही है और उसे जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।

    बाजार में मची अफरातफरी, लगा जाम
    हादसे और तोड़फोड़ की वजह से बाजार में अफरातफरी फैल गई। कुछ देर के लिए सड़क पर जाम लग गया, जिसे पुलिस ने बस को किनारे करवाकर खुलवाया। मौके पर हालात फिलहाल काबू में बताए जा रहे हैं

     

  • पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 23 ASP का ट्रांसफर, देखें लिस्ट

    पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 23 ASP का ट्रांसफर, देखें लिस्ट

    यूपी डेस्क। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने रविवार को पुलिस विभाग में एक बार फिर बड़े पैमाने पर तबादले किए हैं। सरकार ने 23 एडिशनल एसपी (Additional SP) रैंक के अधिकारियों को इधर-उधर भेजा है। इसके अलावा दो अफसरों के आदेशों में संशोधन भी किया गया है। जिनकी सरकार ने तबादला सूची जारी किया है।

    इसी बीच नोएडा से वाराणसी कमिश्नरेट भेजे गए बीएस वीर कुमार की पोस्टिंग में बदलाव किया गया है। उनके अनुरोध पर अब उन्हें गाजियाबाद की 47वीं वाहिनी पीएसी (Provincial Armed Constabulary) में उप-सेनानायक (Deputy Commandant) की जिम्मेदारी दी गई है।

    संतोष कुमार सिंह सेकेंड का ट्रांसफर रद्द
    डीजीपी मुख्यालय में कार्यरत संतोष कुमार सिंह सेकेंड का गोरखपुर में एडिशनल एसपी सुरक्षा के पद पर तबादला किया गया था, लेकिन अब उनका यह स्थानांतरण रद्द कर दिया गया है। उनकी जगह शामली के अपर पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह प्रथम को गोरखपुर भेजा गया है। इससे गोरखपुर में सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारी अब नए अधिकारी के पास होगी।

    प्रदेश की कानून-व्यवस्था को मजबूत रखने और प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कुछ और अहम अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं।

    सीताराम की नई जिम्मेदारी डीजीपी मुख्यालय में
    प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट में एडिशनल डीसीपी के रूप में सेवाएं दे रहे सीताराम को अब डीजीपी मुख्यालय की लीगल सेल में तैनात किया गया है। यह पद क़ानूनी मामलों और पुलिस प्रशासन के बीच समन्वय का काम देखता है।

    सुमित शुक्ला और सच्चिदानंद का ट्रांसफर
    नोएडा में तैनात सुमित शुक्ला को अब शामली के अपर पुलिस अधीक्षक (Additional SP) के पद पर भेजा गया है।वहीं गाजियाबाद में कार्यरत सच्चिदानंद को लखनऊ के एसएसएफ मुख्यालय में स्थानांतरित किया गया है। एसएसएफ (Special Security Force) में उनकी भूमिका राजधानी क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना होगी।

     

  • Himachal News: महिलाओं से लेकर देश को आत्मनिर्भर बनाने में प्रधानमंत्री का योगदान अतुलनीय

    Himachal News: महिलाओं से लेकर देश को आत्मनिर्भर बनाने में प्रधानमंत्री का योगदान अतुलनीय

    बिना गारंटी के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मातृशक्ति को दिया हर सम्मान: जयराम ठाकुर

    ऊना/हमीरपुर/सुशील पंडित: सुजानपुर में सर्व कल्याणकारी ट्रस्ट द्वारा आयोजित महिला सम्मान कार्यक्रम में पहुंचे नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कार्यक्रम के आयोजकों की जमकर तारीफ की। उन्होंने इस कार्यक्रम से जुड़ी स्मृतियों को साझा करते हुए बताया कि वह पहली बार 18 साल पहले प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल के साथ इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के नाते शामिल हुए थे। तब से लेकर आज तक यह संस्था लगातार अपने पथ पर आगे बढ़ रही है और हर वर्ष इस कार्यक्रम के दायरे में विस्तार होता जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि महिलाओं और सैनिकों को सम्मान के लिए जिस तरीके से यह संस्था, हमारे साथी और सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा, उनके पुत्र अभिषेक राणा  और उनके सहयोगी काम कर रहे हैं, वह अपने आप में अद्भुत है,  प्रशंसनीय है। हमेशा समाज और राष्ट्र हित को सर्वोपरि मानने वाले लोगों को यह सम्मान देना हमारे लिए भी गौरव की बात है। हमारी सरकार में महिलाओं को सम्मान देने और सशक्तिकरण करने के लिए हमने कई योजनाएं चलाई। मातृशक्ति की शिक्षा से लेकर प्रशिक्षण और व्यवसाय के लिए हर प्रबंध किए। लेकिन सुख की सरकार ने सब पर ताला जड़ दिया।

    जयराम ठाकुर ने कहा कि देश में सेना और महिलाओं का सम्मान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है। उनका योगदान अतुलनीय है। चाहे ऑपरेशन सिंदूर से लेकर सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के माध्यम से पाकिस्तान को सबक सिखाकर  सेना के आत्म बल को आसमान तक पहुंचाना हो या महिलाओं के सम्मान के लिए अनगिनत योजनाएं चलाकर उनको सशक्त करना।  यह भावना सिर्फ नरेंद्र मोदी ही प्रदर्शित कर सकते हैं। देश में महिलाओं को विधायिका में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का काम नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत प्रधानमंत्री ने किया। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए देश भर में दस  हजार से ज्यादा फार्मर प्रोडक्ट ऑर्गेनाइजेशन (एफपीओ) बनाए। ड्रोन सखी जैसे योजनाएं चलाकर महिलाओं में आत्म बल और आत्म अभिमान का जो भाव भरा है।

    वह आने वाली पीढ़ियां याद करेंगी। 2 करोड़ लखपति दीदी बना कर दो करोड़ और लखपति दीदी बनाने के मिशन पर सरकार प्रधानमंत्री के निर्देशन में काम कर रही है। उज्जवला और  गृहिणी सुविधा जैसी योजनाओं से मातृशक्ति को धुआं मुक्त किचन दिया तो यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ही विजन था। जनधन खाता हो या राशन कार्ड या फिर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाला आवास सभी योजनाओं में महिलाओं को प्राथमिकता देकर उनका सम्मान करने का काम भी नरेंद्र मोदी ने ही किया। महिलाओं के लिए दर्जनों योजनाओं के जरिए लाखों करोड़ों रुपए मातृशक्ति को सीधे पहुंचाने के पीछे महिलाओं को सम्मान देने के साथ-साथ उनके सशक्तिकरण का काम हुआ है।

    यह सभी योजनाएं प्रधानमंत्री ने मातृशक्ति के कल्याण के लिए चलाई हैं। इसके लिए उन्होंने कोई भी गारंटी देशवासियों को नहीं दी थी। वहीं हिमाचल प्रदेश में 18 से 60 साल की मातृशक्ति को ₹1500 रुपए हर महीने देने की गारंटी देकर एक पैसा नहीं दिया।

    जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को घेरते  हुए कहा कि मुख्यमंत्री कहते हैं कि जयराम ठाकुर की सरकार ने कोई विकास नहीं कराया। जबकि तीन साल हो गया और वह हमारी सरकार द्वारा खोले गए संस्थान ही बंद कर रहे हैं। काम करना  तो दूर वह अभी भी हमारे द्वारा खोले गए सैकड़ों संस्थान अब तक वह कहां से बंद कर रहे हैं?

    उन्होंने कहा कि हमीरपुर के पांच विधानसभा क्षेत्र में कोई भी ऐसा विधानसभा क्षेत्र नहीं होगा जहां पर उन्होंने दो दर्जन डेढ़ दर्जन संस्थाओं को बंद न किया हो। प्रदेश घर में अपने हजारों संस्थान बंद की और हमारे दर्जनों योजनाओं को आपने आधार में छोड़ दिया। आप नई योजनाएं चलना तो छोड़ दीजिए पूर्व सरकार द्वारा चलाई गई योजनाओं को भी नहीं चला पाए। प्रदेश में पहली बार ऐसी सरकार आई जो प्रदेशवासियों को विकास की बजाय विनाश के रास्ते पर ले जा रही है। प्रदेश को पहली बार ऐसा मुख्यमंत्री मिला है जिसे सुविधाओं और संस्थाओं को बंद करने में, जनता को प्रताड़ित करने में और सफेद झूठ बोलने में सुख की अनुभूति होती है।  मैं निजी तौर पर किसी के खिलाफ बोलना पसंद नहीं करता लेकिन एक विपक्ष के नेता के नाते प्रदेश के लोगों ने जो जिम्मेदारी दी है उसका निर्वहन करना मेरा फर्ज है और मैं प्रदेश के हितों की अनदेखी पर चुप होकर बैठ जाऊं। आज मुख्यमंत्री केंद्र सरकार पर बार-बार आरोप लगा रहे हैं लेकिन वह या नहीं बता रहे हैं कि उनका फर्ज क्या है? आपदा प्रभावितों को उनके हाल पर छोड़ देंगे? आज सरकार का कोई दायित्व नहीं है?

    जयराम ठाकुर ने कहा कि आज प्रदेश के लोग हमें फोन करके कहते हैं कि हमें सहारा पेंशन नहीं मिल रही है। बुजुर्ग फोन करके कहते हैं कि बेटा 6 महीने से वृद्धा पेंशन का एक पैसा नहीं आया। बेटियां फोन करके कहती हैं अंकल शादी के इतने दिन बाद भी हमारी शगुन योजना का पैसा नहीं आ रहा है, कन्यादान योजना का पैसा नहीं आ रहा है। आए दिन लोग फोन करके बताते हैं कि उनका हिम केयर में इलाज नहीं हो रहा है। इसमें पूरे 5 लाख हैं लेकिन हमें दवाई नहीं मिल रही है। आपकी सरकार थी तब यह कार्ड काम करता था, हमने इलाज कराया था हमारे पड़ोसियों ने इलाज कराया था लेकिन आज नहीं चल रहा है तो क्यों नहीं चल रहा है? मुख्यमंत्री हम पर आरोप लगाने से पहले अपने काम को देखें। प्रदेश के लोगों की जुबान पर हमारी योजनाओं के नाम है। जुबान पर हमारी योजनाओं से मिले लाभ के किस्से हैं। न जाने कितने लोगों की जिंदगियां हमारी सरकार द्वारा बनाए गए हिम केयर कार्ड द्वारा बचाई गई है। आज तो आप इलाज के लिए मां के कंगन बिकवा रहे हैं।

    नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आज प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। मित्रों  के अलावा मुख्यमंत्री को कुछ दिखाई नहीं देता है। कुछ दिन पहले बड़सर में मुख्यमंत्री आए थे एक वीडियो मैंने देखा एक व्यक्ति अपने बिस्तर के साथ आया था लेकिन मुख्यमंत्री उनसे मिले तक नहीं। जब तक मुख्यमंत्री लोगों से मिलेंगे नहीं तब तक उनका दुख दर्द कैसे समझेंगे? आज प्रदेश में चारों तरफ अराजकता है, हाहाकार है और मुख्यमंत्री अपने प्रचार तंत्र के माध्यम से अपने झूठ के माध्यम से यह साबित करना चाहते हैं कि सब कुछ सही है। मुख्यमंत्री अपनी आंखें खोले और प्रदेश के हाल देखें कि उन्होंने प्रदेश को कहां पहुंचा दिया है।