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  • Punjab News: नगर कीर्तन के लिए ट्रैफिक डायवर्जन प्लान जारी, देखें लिस्ट

    Punjab News: नगर कीर्तन के लिए ट्रैफिक डायवर्जन प्लान जारी, देखें लिस्ट

    लुधियाना। श्री गुरु रविदास जी की जयंती के उपलक्ष्य में जिले में निकाले जाने वाले नगर कीर्तन के कारण पुलिस ने भारी सुरक्षा और ट्रैफिक डायवर्जन की घोषणा की है। शहर के मुख्य मार्गों, विशेषकर नगर कीर्तन के रास्ते में आने वाली सड़कों को बंद या डाइवर्ट किया गया है, जिसके चलते निवासियों को ट्रैफिक जाम से बचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। पुलिस ने यात्रियों से अपील है कि वे स्थानीय पुलिस के निर्देशों का पालन करें और भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचें।  

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  • Morning Walk पर निकली महिला को कुत्ते ने नोंचा, लगे कई दर्जनों टांके, देखें वीडियो

    Morning Walk पर निकली महिला को कुत्ते ने नोंचा, लगे कई दर्जनों टांके, देखें वीडियो

    नेशनल डेस्क। बेंगलुरु के एचएसआर लेआउट इलाके में मॉर्निंग वॉक के दौरान एक दर्दनाक घटना सामने आई है। जहां, एक पालतू कुत्ते ने अचानक एक महिला पर हमला कर दिया। इस हमले में महिला को गंभीर चोटें आई हैं और उनके चेहरे व गर्दन पर 50 से ज्यादा टांके लगे हैं। घटना कब और कहां हुई यह घटना 26 जनवरी की सुबह करीब 6:54 बजे एचएसआर लेआउट की टीचर्स कॉलोनी में हुई। महिला रोज की तरह सुबह टहलने के लिए अपने घर के बाहर निकली थीं। तभी पड़ोसी के पालतू कुत्ते ने अचानक उन पर हमला कर दिया। किस नस्ल का था हमला करने वाला कुत्ता हमला करने वाला कुत्ता केन कार्सो (Cane Corso) नस्ल का था। यह इटली की एक खतरनाक और ताकतवर नस्ल मानी जाती है। इस नस्ल के कुत्तों का इस्तेमाल पहले युद्ध और सुरक्षा के लिए भी किया जाता रहा है। हाल के दिनों में यह नस्ल भारत में तेजी से लोकप्रिय हो रही है। कैसे हुआ हमला जानकारी के मुताबिक, यह कुत्ता अमरेश रेड्डी का था। कुत्ते ने महिला के घर के सामने ही अचानक हमला कर दिया।कुत्ते ने महिला की गर्दन पर काट लिया और उनके चेहरे, हाथों और पैरों में भी गंभीर चोटें पहुंचाईं। मालिक भी कुत्ते को कंट्रोल नहीं कर पाया हमले के दौरान कुत्ते का मालिक महिला को बचाने के लिए दौड़ा, लेकिन कुत्ता इतना आक्रामक था कि वह उसे काबू में नहीं कर सका। जब तक कुत्ते को अलग किया गया, तब तक महिला बुरी तरह घायल हो चुकी थीं। अस्पताल में चल रहा है इलाज घायल महिला को तुरंत सेंट जॉन अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक महिला के चेहरे और गर्दन पर 50 से अधिक टांके लगाए गए हैं। फिलहाल उनका इलाज जारी है और वे गहरे सदमे में हैं। पुलिस में शिकायत दर्ज घटना के बाद महिला के पति सत्यप्रकाश दुबे ने एचएसआर लेआउट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।शिकायत में कुत्ते के मालिक पर लापरवाही का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पति ने क्या कहा? सत्यप्रकाश दुबे ने अस्पताल से फोन पर बताया कि उनकी पत्नी रोजाना की तरह मॉर्निंग वॉक पर निकली थीं, लेकिन पड़ोसी के पालतू कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया। उन्होंने कहा कि कुत्ता इतना खतरनाक था कि उसका मालिक भी उसे संभाल नहीं पाया। कुत्ते के मालिक पर लापरवाही के आरोप महिला के पति का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति पालतू कुत्ता रखता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी भी उसी की होती है।आरोप है कि कुत्ते को न तो चेन से बांधा गया था और न ही उसके मुंह पर मज़ल (कवर) लगाया गया था। उन्होंने मांग की है कि कुत्ते के मालिक को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई इस तरह की लापरवाही न करे। क्यों खतरनाक मानी जाती है केन कार्सो नस्ल? केन कार्सो एक बहुत ही ताकतवर और विशालकाय कुत्ते की नस्ल है। इसे इटैलियन मस्टिफ भी कहा जाता है। केन कार्सो की खास बातें -रोमन काल से युद्ध और सुरक्षा के लिए इस्तेमाल -बहुत मजबूत और मस्कुलर शरीर -कंधे तक ऊंचाई करीब 62 से 70 सेंटीमीटर -वजन 45 से 50 किलो या उससे ज्यादा -मालिक और परिवार के प्रति बेहद वफादार -अजनबियों पर जल्दी भरोसा नहीं करता -घर और परिवार की सुरक्षा के लिए हमेशा सतर्क हालांकि, यह नस्ल काफी जिद्दी और आक्रामक भी हो सकती है। इसलिए इसे रखने के लिए कड़ी ट्रेनिंग, सही देखभाल और नियमों का पालन बेहद जरूरी होता है।          
  • Punjab News: जालंधर में 2.7 लाख से अधिक एससी विद्यार्थियों को पोस्ट-मैट्रिक वजीफा वितरण की शुरुआत, मुख्यमंत्री मान बोले – रंगला पंजाब मिशन से बदलेगा भविष्य

    Punjab News: जालंधर में 2.7 लाख से अधिक एससी विद्यार्थियों को पोस्ट-मैट्रिक वजीफा वितरण की शुरुआत, मुख्यमंत्री मान बोले – रंगला पंजाब मिशन से बदलेगा भविष्य

    जालंधर, 30 जनवरी 2026: जालंधर के पी.ए.पी. ग्राउंड में पोस्ट-मैट्रिक वजीफा पंजाब योजना के तहत अनुसूचित जाति (एस.सी.) वर्ग के 2.7 लाख से अधिक विद्यार्थियों को वजीफा वितरण की शुरुआत के मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘रंगला पंजाब’ मिशन के तहत 271 करोड़ रुपये का पोस्ट-मैट्रिक वजीफा अपने बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस, अकाली और भाजपा सत्ता में रहते हुए अपने परिवारों के हित साधती रहीं, जबकि दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी केवल पंजाब के नौजवानों के भविष्य को सुरक्षित बनाने पर ध्यान दे रही है।

    साल 2020-21 के मुकाबले लाभार्थियों की संख्या में 35 प्रतिशत वृद्धि का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बढ़ोतरी सरकार के शिक्षा सुधारों की स्पष्ट गवाही देती है। उन्होंने कहा कि स्कॉलरशिप केवल वित्तीय सहायता नहीं बल्कि आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम है। सरकार ने इस योजना के साथ वर्षों से अनदेखी किए गए सिस्टम को दुरुस्त करने का बड़ा प्रयास किया है, क्योंकि पहले फंड जारी करने में देरी और दुरुपयोग के कारण कई विद्यार्थी परीक्षाओं में बैठने से वंचित रह जाते थे।

    एक्स पर कार्यक्रम के अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज जालंधर के पी.ए.पी. ग्राउंड से अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप दी गई, जिससे राज्य भर के 2.7 लाख से अधिक बच्चों को वजीफा वितरण की शुरुआत हुई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जरूरतमंद परिवारों के बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें। साल 2020-21 के मुकाबले 2024-25 में स्कॉलरशिप पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या में 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह स्कॉलरशिप केवल आर्थिक मदद नहीं बल्कि विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने का शक्तिशाली साधन है। कोशिश यह है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे या पैसों की कमी के कारण अपने सपनों को छोड़ने के लिए मजबूर न हो।

    स्कॉलरशिप वितरण समारोह के दौरान विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि घोटालों से लेकर ‘रंगले पंजाब’ तक, पोस्ट-मैट्रिक वजीफा योजना सामाजिक बदलाव का मजबूत माध्यम बन गई है। इस योजना ने अनुसूचित जाति के लाखों विद्यार्थियों के सपनों को उड़ान भरने के लिए पंख दिए हैं, जो आज उच्च शिक्षा की ओर बढ़ रहे हैं। इस अवसर पर मौजूद लाभार्थियों ने तालियों की गूंज के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

    साल 2017 से 2020 के समय को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दौरान यह स्कीम लगभग ठप हो गई थी, जिस कारण शिक्षा संस्थानों ने विद्यार्थियों की डिग्रियां रोक ली थीं। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत घोटाला हुआ था और कमजोर वर्गों के बच्चों के लिए बने फंड हड़प लिए गए, जिससे उन्हें सही अवसरों से वंचित किया गया।

    शिक्षा की महत्ता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कमजोर और पिछड़े वर्गों की तकदीर बदलने का एकमात्र रास्ता शिक्षा है। दुर्भाग्य से पहले की सरकारों ने जान-बूझकर इन विद्यार्थियों को किताबों से दूर रखा, जबकि आज हमारी सरकार उन्हें अपने सपने साकार करने और जिंदगी में बुलंदियों को छूने का मौका दे रही है। उन्होंने माता-पिता को बधाई देते हुए कहा कि उनकी मेहनत और कुर्बानियां बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

    मुख्यमंत्री ने स्टेज से संत राम उदासी की कविता ‘मघदा रहैं वे सूरजा कम्मियां दे विहड़े’ भी साझा की और कहा कि यह कविता लोगों को सदा मेहनत करने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने नौजवानों से अपील की कि वे अपनी जिंदगी में लक्ष्य तय करें और सख्त मेहनत से उन्हें हासिल करें।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य पंजाब के हर कोने में शिक्षा का प्रकाश फैलाना है और यह बाबा साहिब अंबेडकर के उस विश्वास को साकार करती है कि शिक्षा सामाजिक असमानता को खत्म करने का सबसे शक्तिशाली हथियार है।

    उन्होंने बताया कि यह योजना 2.50 लाख रुपये से कम सालाना आय वाले परिवारों के अनुसूचित जाति विद्यार्थियों के लिए है और इसे पूरे पंजाब में पारदर्शिता के साथ लागू किया जा रहा है। इसके बजट को 245 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 271 करोड़ रुपये किया गया है। पहली बार धोखाधड़ी रोकने के लिए विद्यार्थियों, संस्थाओं और नोडल अधिकारियों के लिए बायो-प्रमाणीकरण अनिवार्य किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. अंबेडकर स्कॉलरशिप पोर्टल पर जवाबदेही वाली व्यवस्था शुरू की गई है। उन्होंने दोहराया कि पोस्ट-मैट्रिक वजीफा पंजाब केवल वित्तीय सहायता नहीं बल्कि आत्मनिर्भरता का रास्ता है और सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि किसी भी प्रतिभाशाली बच्चे का सपना पैसों की कमी के कारण अधूरा न रहे।

  • बद्दी के एमएसएमई टेक्नालाजी सेंटर में दो दिवसीय वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम संपन्न

    बद्दी के एमएसएमई टेक्नालाजी सेंटर में दो दिवसीय वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम संपन्न

    उद्योगों में आपसी व्यवसायिक साझेदारी को विकसित करना उद्देश्य 

    बद्दी/सचिन बैंसल: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई), भारत सरकार के तत्वावधान में 29 से 30 जनवरी को एमएसएमई–टेक्नोलॉजी सेंटर, बद्दी में दो दिवसीय वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम का शुक्रवार को समापन हो गया। यह कार्यक्रम प्रोक्योरमेंट एवं मार्केटिंग स्कीम के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य एमएसएमई इकाइयों और सरकारी व बड़े खरीदारों के बीच मजबूत व्यावसायिक साझेदारी स्थापित करना रहा।

    इस कार्यक्रम के दौरान सीपीएसयू, सरकारी विभागों और बड़े खरीदारों के साथ बायर–सेलर मीट आयोजित की गई, कार्यक्रम में एमएसएमई उद्यमियों को सीधे खरीददारों से जुड़ने का अवसर मिला। इसके अलावा प्रेजेंटेशन व इंटरैक्शन सेशन के माध्यम से प्रतिभागियों को नए टेंडर, व्यावसायिक अवसरों और बाजार की संभावनाओं की विस्तृत जानकारी भी मिली। कार्यक्रम में एमएसएमई को विभिन्न सरकारी सहायता योजनाओं जैसे जेम पोर्टल, जेडईडी सर्टिफिकेशन, एलईएएन मैन्युफैक्चरिंग, पीएमएस और नवाचार आधारित योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इससे छोटे और मध्यम उद्यमों को अपनी गुणवत्ता, उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने में मदद मिली।

    एमएसएमई सोलन के एचओडी व असिस्टेंट डायरेक्टर एके गौत्तम ने समारोह में पहुंचे सभी उद्यमियों का आभार व्यक्त किया। एमएसएमई टेक्नालाजी सेंटर बददी  के प्रभारी सुखमन सिंह ने कहा कि इस दो दिवसीय वेंडर डिवेलपमेंट प्रोग्राम में बददी बरोटीवाला नालागढ़ इंडस्ट्री एसोसिएशन, लघु उद्योग संघ, हिमाचल ड्रग मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन, नालागढ़ इंडस्ट्री एसोसिएशन, लघु उद्योग भारती, नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड नंगल, फेडरेशन आफ इंडियन इंडस्ट्री, परवाणू इंडस्ट्री एसोसिएशन सहित कई उद्यमियों ने हिस्सा लिया।

    कार्यक्रम में बददी यूनिवर्सिटी और इक्फाई यूनिवर्सिटी भी पहुंचे थे। कार्यक्रम में बतौर मुख्यतिथि बीबीएनडीए की सीईओ सोनाक्षी तोमर ने शिरकत की और उद्यमियों व बच्चों उद्यम से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। विषय विशेषज्ञाें ने उद्यमियों को प्रेरित किया कि वह जेम पोर्टल पर अपनी कंपनियों का पंजीकरण करवाएं ताकि सरकारी स्तर पर होने वाली खरीद का हिस्सा बन सकें।

  • TV की दुनिया में वापिस लौटे Akshay Kumar, अपनी Journey पर की खुलकर बात

    TV की दुनिया में वापिस लौटे Akshay Kumar, अपनी Journey पर की खुलकर बात

    मनोरंजन: बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार करीबन एक दशक के बाद छोटे पर्दे पर वापिस आ रहे हैं। एक्टर सोनी टीवी के नए रिएलिटी शो व्हील ऑफ फॉर्च्यून को होस्ट कर रहे हैं। शो 27 जनवरी से टीवी पर टेलीकास्ट भी हो चुका है। शो शुरु होने के बाद अब अक्षय कुमार ने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में अपनी जर्नी और करियर के बारे में खुलकर बात की है।

    अक्षय कुमार के लिए खास रहा है टीवी का करियर

    टीवी अक्षय कुमार के करियर में बहुत ही खास रहा है। 2004 में उन्होंने ‘डेडली ऑर्ट्स विद अक्षय कुमार’ होस्ट किया था। इसके बाद 2008 से 2011 तक ‘फियर फैक्टर खतरों के खिलाड़ी’ के होस्ट रहे। इसके बाद में उन्होंने ‘मास्टरशेफ इंडिया जज’ किया। यही नहीं वो ‘डेयर 2 डांस’ में मेंटर बने और 2017 में ‘द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज जज’ किया। अब दस साल के बाद ‘व्हील ऑफ फॉर्च्यून’ से उन्होंने फुल टाइमिंग होस्टिंग में वापसी की है। अक्षय ने लंबे समय के बाद टैलीविजन पर कमबैक का कारण बताया है।

    मुझे पसंद आ गया

    दस साल के बाद खिलाड़ी कुमार व्हील ऑफ फॉर्च्यून से फुल टाइम होस्ट के तौर पर वापिस आए हैं। अक्षय ने लंबे समय के बाद टेलीविजन पर कमबैक का कारण बताया है। मीडिया के साथ बात करते हुए उन्होंने कहा कि – ‘मैं कुछ ऐसा करना चाहता था जो सच्चा और खुशी भरा लगे। व्हील ऑफ फॉर्च्यून मुझे तुरंत पसंद आ गया क्योंकि ये दिल से सिंपल और पावरफुल है। ये पार्टिसिपेशन, तेज दिमाग और फैमिली बॉन्डिंग को सेलिब्रेट करता है ये वैल्यूज मेरे दिल के करीब हैं’। टीवी की बदलते दुनिया के बारे में अक्षय कुमार ने कहा कि – ‘अब छोटा पर्दा सिर्फ देखने का नहीं बल्कि साथ खेलने और शामिल होने का है’। जब उनसे पूछा गया कि किस मोमेंट ने उनकी किस्मत बदली तो उन्होंने कहा कि – ‘सक्सेस किसी सिंगल ब्रेकथ्रू से नहीं मिलती मेरी उस दिन पलटी जब मैंने आराम के जगह डिस्पिलिन चुना। मामूली बैकग्राउंड से आया हूं हर मौका मुझे इसलिए मिला क्योंकि मैं समय पर पहुंचा। मेहनत की और अपने क्राफ्ट के प्रति ईमानदार रहा’। एक्टर कहते हैं कि ये कोई जादुई स्पिन नहीं था बल्कि कई ऐसी चुनी जिससे धीरे-धीरे जिंदगी बदली। मुझे यकीन है कि जब आप किसी चीज के लिए तैयार रहते हो और मौके पर वो चीज आपको मिले तो पहिया आपके फेवर में घूमता है। फिल्मों की बात करें तो अक्षय जल्द ही प्रियदर्शन की ‘भूत बंगला’ में दिखेंगे। फिल्म में उनके साथ परेश रावल और वामीका कब्बी नजर आने वाली हैं।  
  • राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को शहीद दिवस पर राज्यपाल की श्रद्धांजलि

    राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को शहीद दिवस पर राज्यपाल की श्रद्धांजलि

    शिमला: राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज लोक भवन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर उन्होंने महात्मा गांधी की शिक्षाओं तथा देश के लिए उनके अतुलनीय योगदान को याद किया।

    इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर भारत को आज़ादी दिलाई। उन्होंने कहा कि आज के समय में, जब दुनिया संघर्ष और असहिष्णुता से जूझ रही है, गांधी जी का सत्य और अहिंसा का संदेश और अधिक प्रासंगिक हो गया है। देश गांधी जी का हमेशा आभारी रहेगा, क्योंकि उन्होंने दुनिया के सबसे बड़े अहिंसक आंदोलनों में से एक का नेतृत्व किया और दुनिया को यह दिखाया कि अहिंसा समाज और राजनीति में बदलाव लाने की कितनी बड़ी ताकत है।

    राज्यपाल ने कहा कि गांधी जी के आदर्श आज भी समाज को प्रेरणा देते हैं और एक शांतिपूर्ण, न्यायपूर्ण तथा सौहार्दपूर्ण समाज बनाने का मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव सी.पी. वर्मा तथा लोक भवन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की और उनके जीवन, आदर्शों तथा देश के लिए किए गए उनके बलिदान को याद किया।

  • डीसी ने मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत 10 लाभार्थियों को 60-60 हजार की एफडी प्रदान की

    डीसी ने मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत 10 लाभार्थियों को 60-60 हजार की एफडी प्रदान की

    ऊना/सुशील पंडित:  उपायुक्त जतिन लाल ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के अंतर्गत जिला ऊना के 10 पात्र लाभार्थियों को विवाह हेतु दी जाने वाली सहायता राशि की शेष 60-60 हजार रुपये की किस्त फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में प्रदान की।उपायुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत प्रत्येक पात्र अनाथ बच्चे को विवाह के लिए कुल 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसमें से 1 लाख 40 हजार रुपये की राशि विवाह के समय पहले ही प्रदान की जा चुकी थी, जबकि शेष 60 हजार रुपये की राशि अब लाभार्थियों के नाम फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में जारी की गई है, ताकि उन्हें भविष्य में आर्थिक सुरक्षा का संबल मिल सके।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार अनाथ बच्चों के सर्वांगीण कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में सुख-आश्रय योजना के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, विवाह तथा आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी कई सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, जिससे प्रदेशभर के हजारों अनाथ बच्चों को लाभ मिल रहा है।उपायुक्त ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य अनाथ बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इसके अंतर्गत शिक्षा, विवाह, व्यावसायिक प्रशिक्षण, गृह निर्माण और स्वयं का स्टार्टअप शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।

    उन्होंने जानकारी दी कि जिला ऊना में बीते दो वर्षों के दौरान मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के विभिन्न प्रावधानों के तहत लगभग पौने चार करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है, जिससे निराश्रित बच्चों को सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य की दिशा मिली है।इस अवसर पर एकीकृत बाल विकास परियोजना के जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र कुमार भी उपस्थित रहे।

     

  • पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय पेखूबेला के विद्यार्थियों ने उपायुक्त से की भेंट

    पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय पेखूबेला के विद्यार्थियों ने उपायुक्त से की भेंट

    ऊना/ सुशील पंडित: मॉडल यूथ ग्राम सभा प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने के उपरांत पीएमश्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय, पेखूबेला (ऊना) के प्रतिभागी विद्यार्थियों तथा विद्यालय के प्राध्यापकों ने शुक्रवार को उपायुक्त जतिन लाल से उनके कार्यालय कक्ष में शिष्टाचार भेंट की।

    उल्लेखनीय है कि पीएमश्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय, पेखूबेला ने जवाहर नवोदय विद्यालय श्रेणी के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर जिला ऊना एवं हिमाचल प्रदेश का नाम देशभर में गौरवान्वित किया है। विद्यालय की टीम ने नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल से यह पुरस्कार प्राप्त किया था। इस अवसर पर विद्यालय को 1 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि का चेक, प्रशंसा प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया।

    उपायुक्त जतिन लाल ने इस उपलब्धि के लिए विद्यार्थियों, अध्यापकों एवं विद्यालय प्रबंधन को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि जिले के लिए गर्व का विषय है तथा इससे अन्य विद्यार्थियों को भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिलेगी।

    उपायुक्त ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें नशे से दूर रहने, खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा विद्यालयों में स्थापित पुस्तकालयों का अधिकाधिक उपयोग कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी इस प्रकार की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए शुभकामनाएं दीं।

    उल्लेखनीय है कि मॉडल यूथ ग्राम सभा प्रतियोगिता का आयोजन भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा शिक्षा मंत्रालय एवं जनजातीय कार्य मंत्रालय के सहयोग से किया गया था। इस अवसर पर जिला पंचायत अधिकारी श्रवण कुमार, विद्यालय के प्रधानाचार्य राज सिंह, अध्यापक दल के सदस्य सुनीता चौधरी, अमित कुमार तथा धर्मेंद्र कुमार भी उपस्थित रहे।

  • Punjab News: मोहाली में 916 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित, मुख्यमंत्री मान बोले – मिशन रोजगार के तहत बिना रिश्वत और सिफारिश के मिल रही सरकारी नौकरियां

    Punjab News: मोहाली में 916 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित, मुख्यमंत्री मान बोले – मिशन रोजगार के तहत बिना रिश्वत और सिफारिश के मिल रही सरकारी नौकरियां

    एसएएस नगर (मोहाली), 30 जनवरी 2026: मोहाली में विभिन्न विभागों के 916 युवक-युवतियों को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह प्रक्रिया मिशन रोजगार पंजाब के तहत आम आदमी पार्टी सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके अंतर्गत बिना रिश्वत और सिफारिश के सरकारी नौकरियां दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 63,943 युवाओं को पूरी तरह योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं और आने वाले दिनों में भी नियुक्ति पत्र बांटने का सिलसिला लगातार जारी रहेगा।

    एक्स पर कार्यक्रम के कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मोहाली में विभिन्न विभागों के 916 युवक-युवतियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए हैं और उन्हें पूरी निष्ठा व ईमानदारी से पंजाब और पंजाबियों की सेवा करने की शुभकामनाएं दी गई हैं। उन्होंने कहा कि अब तक 63,943 युवाओं को बिना रिश्वत और सिफारिश के सरकारी नौकरी दी जा चुकी है और भविष्य में भी यह प्रक्रिया निर्बाध रूप से जारी रहेगी।

    विकास भवन में नव-नियुक्त युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दशकों तक राज्य के युवाओं के हक सत्ता में बैठे लोगों के रिश्तेदारों और करीबी लोगों ने हड़प लिए, जिससे मेहनती और काबिल युवाओं के सपने टूटते रहे। उन्होंने कहा कि देश के महान शहीदों, विशेषकर शहीद-ए-आजम भगत सिंह जैसे वीरों ने जिस आज़ाद और बराबरी वाले भारत का सपना देखा था, वह लंबे समय तक पूरा नहीं हो सका, जो हम सभी के लिए शर्म की बात है।

    Mission Rozgar
    Mission Rozgar

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता संभालने के बाद से उनकी सरकार महान राष्ट्रीय नायकों के सपनों को साकार करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने शिक्षा और नौकरियों के लिए मिलने वाले पैसे तक लूट लिए, जबकि मौजूदा सरकार ने युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के दरवाजे खोल दिए हैं।

    इस अवसर को नव-नियुक्त युवाओं के लिए ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन उनके जीवन का यादगार दिन है। पंजाब सरकार पारदर्शी तरीके से 63 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां देकर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर चुकी है। इसके विपरीत, उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ऐसी योजनाएं लेकर आती है जिनमें इतनी शर्तें होती हैं कि आम आदमी को उनका वास्तविक लाभ नहीं मिल पाता।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की है, जिसके तहत राज्य के प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। पहले यह सीमा 5 लाख रुपये थी, जिसे अब दोगुना कर दिया गया है। इस योजना से लगभग 65 लाख परिवारों को लाभ मिलेगा।

    उन्होंने कहा कि पंजाब में 19 टोल प्लाजा बंद कर दिए गए हैं, जिससे रोजाना करीब 64 लाख रुपये की बचत हो रही है। राज्यभर में 881 आम आदमी क्लीनिक खोले जा चुके हैं, जहां मुफ्त इलाज और दवाइयां मिल रही हैं। जुलाई 2022 से 90 प्रतिशत परिवारों को मुफ्त बिजली मिल रही है, लेकिन इसके बावजूद विपक्ष सरकार के कामों को स्वीकार करने की बजाय आलोचना करने में लगा हुआ है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बेरोजगारी कई सामाजिक समस्याओं की जड़ है और इसी कारण सरकार इसे खत्म करने पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने दोहराया कि इन लगभग 64 हजार नौकरियों में से एक भी नियुक्ति को किसी अदालत में चुनौती नहीं दी गई है, जो इस प्रक्रिया की पारदर्शिता को दर्शाता है।

    मुख्यमंत्री ने नव-नियुक्त युवाओं से अपील की कि वे पूरी ईमानदारी और पेशेवर प्रतिबद्धता के साथ अपनी सेवाएं निभाएं और लोगों की भलाई के लिए अपने पद का सदुपयोग करें।

    इस मौके पर कई नव-नियुक्त युवाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए सरकार का आभार व्यक्त किया और कहा कि पहली बार उन्हें बिना किसी सिफारिश और रिश्वत के नौकरी मिली है। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, गुरमीत सिंह खुडियां सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।

  • एससी आयोग ने विभिन्न जिलों से प्राप्त मामलों की कार्रवाई रिपोर्ट्स की समीक्षा की

    एससी आयोग ने विभिन्न जिलों से प्राप्त मामलों की कार्रवाई रिपोर्ट्स की समीक्षा की

    ऊना/ सुशील पंडित: हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के समक्ष प्रदेश के विभिन्न जिलों से प्राप्त अनुसूचित जाति वर्ग की शिकायतों पर संबंधित जिला प्रशासनों द्वारा की गई कार्रवाई की रिपोर्ट्स की शुक्रवार को आयोग की बैठक में समीक्षा की गई।बैठक की अध्यक्षता करते हुए आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान ने बताया कि आयोग को विभिन्न जिलों से इन मामलों के निपटारे से संबंधित जवाबी पत्र प्राप्त हुए हैं, जिनका अवलोकन किया गया। उन्होंने कहा कि आयोग यह सुनिश्चित कर रहा है कि अनुसूचित वर्गों से जुड़े मामलों में प्रशासन द्वारा समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि हाल ही में आयोग की नई सदस्य अधिवक्ता शालिनी के कार्यभार ग्रहण करने से आयोग की सदस्य संख्या पूर्ण हो गई है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया। बता दें, बताया कि आयोग में पहले से अधिवक्ता विजय डोगरा और अधिवक्ता दिग्विजय मल्होत्रा सदस्य के रूप में कार्यरत हैं। बैठक में फरवरी माह में होने वाली आयोग की आगामी बैठक की रूपरेखा भी तय की गई, जिसमें अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग से जुड़े मामलों पर कड़ी निगरानी और कार्रवाई पर चर्चा की जाएगी। इस दौरान आयोग की सदस्य अधिवक्ता शालिनी द्वारा कांगड़ा जिला के देहरा उपमंडल के गांव कलरू तथा कांगड़ा उपमंडल के रिहाला गांव की अनुसूचित जाति बस्ती में लंबे समय से चले आ रहे रास्ते के विवाद को स्थानीय लोगों और अधिकारियों की मौजूदगी में सुलझाए जाने की रिपोर्ट भी आयोग के समक्ष रखी गई। बैठक में भीम आर्मी भारत एकता मिशन के प्रवक्ता दिलेराम ने आयोग के अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर आयोग के सदस्य अधिवक्ता विजय डोगरा, अधिवक्ता दिग्विजय मल्होत्रा तथा सदस्य सचिव विनय मोदी भी उपस्थित रहे।