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बंगाणा की सुगड़ियाल पंचायत चुनावों में बुजुर्गों का उत्साह बना प्रेरणा
ऊना /सुशील पंडित : कुटलैहड़ क्षेत्र की पंचायत सुगड़ियाल के चराडा बूथ पर पंचायत चुनावों के दौरान लोकतंत्र के प्रति अद्भुत उत्साह देखने को मिला। राष्ट्रीय ह्यूमन राइट युवा विंग के प्रदेश चेयरमैन, राज्य भाजयुमो कार्यकारिणी सदस्य अजय ठाकुर ने पंचायत सुगड़ियाल के चराडा बूथ पर पहुंचकर 103 वर्षीय ब्राह्मी देवी पत्नी स्वर्गीय रसील सिंह तथा 95 वर्षीय जोगिंदर सिंह के साथ मतदान किया। इस दौरान बुजुर्ग मतदाताओं के जोश और लोकतंत्र के प्रति उनकी निष्ठा को देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो उठे।अजय ठाकुर ने कहा कि पंचायत चुनावों में इस बार बड़े बुजुर्गों की भागीदारी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है। उन्होंने कहा कि जिस उम्र में लोग घर से बाहर निकलने में कठिनाई महसूस करते हैं, उस उम्र में भी हमारे बुजुर्ग लोकतंत्र के इस महापर्व में भाग लेकर समाज को जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ब्राह्मी देवी और जोगिंदर सिंह जैसे वरिष्ठ नागरिक यह संदेश दे रहे हैं कि मतदान केवल अधिकार ही नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव गांवों के विकास की नींव होते हैं और हर मतदाता का वोट गांव की दिशा और दशा तय करता है। ऐसे में बुजुर्गों का मतदान केंद्र तक पहुंचकर मतदान करना समाज के लिए एक सकारात्मक उदाहरण है। लोगों ने कहा कि 103 वर्ष की आयु में ब्राह्मी देवी का मतदान केंद्र तक पहुंचना लोकतंत्र के प्रति उनकी जागरूकता और जिम्मेदारी को दर्शाता है। वहीं 95 वर्षीय जोगिंदर सिंह ने भी मतदान कर युवाओं को लोकतंत्र के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। अजय ठाकुर ने कहा कि पंचायत चुनावों में ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है और महिलाएं, युवा तथा बुजुर्ग सभी बढ़चढ़ कर मतदान में हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब समाज का हर वर्ग अपने मताधिकार का उपयोग करेगा। उन्होंने सभी मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि बिना किसी भय या लालच के निष्पक्ष होकर मतदान करें और गांव के विकास के लिए योग्य प्रतिनिधियों का चयन करें।उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में अग्रणी रही है और पंचायत चुनावों में भी लोगों की भागीदारी यह साबित कर रही है कि ग्रामीण क्षेत्र लोकतंत्र की असली ताकत हैं। चराडा बूथ पर बुजुर्गों का उत्साह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इसे लोकतंत्र के प्रति जागरूकता की मिसाल बता रहे हैं। -

926 ग्राम भुक्की के साथ आरोपी दबोचा
ऊना/सुशील पंडित : जिला पुलिस ऊना द्वारा नशा तस्करों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत लगातार प्रभावी कार्यवाही अमल में लाई जा रही है। इसी कड़ी में आज एसआई पुष्पेन्द्र सिंह अधिकारी पुलिस थाना सदर ऊना पर आधारित पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर पीरनगाह में जोगिन्द्र कुमार निवासी गांव चंगर डाकघर मकरैड तहसील वंगाणा जिला ऊना की दुकान कन्फैकशनरी की तलाशी के दौरान दुकान के अन्दर से 926 ग्राम भुक्की बरामद की। इस सन्दर्भ में आरोपित जोगिन्द्र कुमार उपरोक्त के खिलाफ मादक द्रव्य अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अन्तर्गत मामला दर्ज किया गया है।मामले की गहनता से जांच करते हुए नशा तस्करी के बैकवर्ड एवं फॉरवर्ड लिंकज के आधार पर आगामी अन्वेषण जारी है।।जिला पुलिस ऊना ने आमजन से अपील की है कि नशे के खिलाफ इस अभियान में पुलिस का सहयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। समाज को नशा मुक्त बनाने हेतु जिला पुलिस की कार्यवाही भविष्य में भी इसी प्रकार लगातार जारी रहेगी। -

Himachal News: कसौली के जंगलों में भीषण आग, हालात बेकाबू होने पर वायुसेना की मदद ली गई
कसौली, 26 मई, 2026: हिमाचल प्रदेश के मशहूर पर्यटन स्थल कसौली के जंगलों में लगी भीषण आग ने बड़े क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है। सोलन जिले के कोटी, सनावर और गढ़खल इलाकों में आग तेजी से फैलने से वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है। आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग, फायर ब्रिगेड, स्थानीय प्रशासन और ग्रामीण लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। हालात गंभीर होने के बाद भारतीय वायुसेना को भी अभियान में शामिल किया गया है।
जानकारी के अनुसार जंगलों में लगी आग कई घंटों से लगातार धधक रही है। भीषण गर्मी, सूखी घास और तेज हवाओं के कारण आग तेजी से एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में फैलती चली गई। आग की ऊंची लपटें दूर-दूर तक दिखाई देने लगीं, जिससे आसपास के गांवों और इलाकों में लोगों के बीच डर का माहौल बन गया।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग बुझाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन पहाड़ी क्षेत्र होने और तेज हवाओं के चलते राहत अभियान में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर टीमों को पैदल पहुंचकर आग पर काबू पाने की कोशिश करनी पड़ रही है।
प्रदेश में लगातार बढ़ते तापमान को जंगलों में आग लगने की घटनाओं का मुख्य कारण माना जा रहा है। वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक मई महीने में ही हिमाचल प्रदेश में जंगलों में आग लगने की 148 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन घटनाओं से हजारों हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है।
अधिकारियों के अनुसार सबसे ज्यादा नुकसान शिमला और नाहन वन सर्किल में दर्ज किया गया है। आग के कारण जंगलों में रहने वाले वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास पर भी खतरा बढ़ गया है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ रही ऐसी घटनाएं पर्यावरण संतुलन पर भी असर डाल सकती हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय वायुसेना ने राहत अभियान में अपने Mi-17 हेलिकॉप्टर तैनात किए हैं। हेलिकॉप्टरों की मदद से प्रभावित क्षेत्रों में पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया जा रहा है।
वायुसेना अधिकारियों के मुताबिक दिन के साथ-साथ रात में भी ऑपरेशन जारी रखने की तैयारी की गई है। इसके लिए पायलटों को नाइट विजन गॉगल्स (NVG) उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि अंधेरे में भी प्रभावी तरीके से राहत अभियान चलाया जा सके।
जिला प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने जंगलों के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा है। प्रशासन का कहना है कि आग पर जल्द काबू पाने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
फिलहाल राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। प्रशासन आग से हुए नुकसान का आकलन भी कर रहा है और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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गुलमर्ग घूमने जाने वालों के लिए बड़ी खबर, इतने दिनों तक बंद रहेगी Chair Car Gondola Service
Chair Car Gondola Service: कश्मीर के मशहूर पर्यटन स्थल गुलमर्ग से पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। गुलमर्ग की प्रसिद्ध गोंडोला सेवा को लगभग एक सप्ताह के लिए बंद कर दिया गया है। यह निर्णय पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, गोंडोला के एक हिस्से में तकनीकी खराबी आने के कारण यह कदम उठाना पड़ा।
कंगडोरी स्टेशन पर गियरबॉक्स में आई खराबी
जानकारी के मुताबिक, गोंडोला फेज-1 के कंगडोरी स्टेशन पर चेयर कार के गियरबॉक्स में तकनीकी खराबी आ गई थी। इस सिस्टम को आमतौर पर “G2” कहा जाता है। खराबी सामने आने के बाद अधिकारियों ने तुरंत चेयर कार का संचालन रोक दिया ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।हवा में फंसे पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया
तकनीकी खराबी के कारण कुछ पर्यटक हवा में ही फंस गए थे। इसके बाद प्रशासन ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि पर्यटकों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता थी, इसलिए पहले उन्हें सुरक्षित निकालने का फैसला लिया गया।छह विशेष बचाव दलों ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
बचाव अभियान के लिए छह विशेष रेस्क्यू टीमें बनाई गईं। इन टीमों को गोंडोला लाइन के ऊपरी, मध्य और निचले हिस्सों में तैनात किया गया। इस अभियान में जम्मू-कश्मीर पुलिस, SDRF और अन्य संबंधित एजेंसियों ने भी सहयोग किया। संयुक्त प्रयासों से सभी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।एक सप्ताह तक बंद रहेगी सेवा
पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इसलिए गोंडोला सेवा को लगभग एक सप्ताह तक बंद रखने का फैसला किया गया है। मरम्मत और सभी तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही इसे दोबारा शुरू किया जाएगा।गियरबॉक्स बदलने में लगेंगे 5 से 7 दिन
अधिकारियों के अनुसार, खराब हुआ गियरबॉक्स करीब 3.6 टन वजनी है। इसे बदलने और पूरी प्रणाली की जांच करने में लगभग 5 से 7 दिन का समय लग सकता है। इसके अलावा घटना के कारणों का पता लगाने के लिए एक आंतरिक तकनीकी समिति का गठन भी किया गया है, जो पूरे मामले की जांच करेगी।एशिया की सबसे बड़ी केबल कार सेवाओं में शामिल है गुलमर्ग गोंडोला
गुलमर्ग गोंडोला को एशिया की सबसे बड़ी और लोकप्रिय केबल कार सेवाओं में गिना जाता है। यह कश्मीर आने वाले पर्यटकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण है। गोंडोला के माध्यम से पर्यटक कोंगडोरी और अफरवाट जैसी खूबसूरत जगहों तक पहुंचते हैं।सालभर बर्फ से ढके रहते हैं ये पर्यटन स्थल
गोंडोला से पहुंचने वाली ये ऊंचाई वाली जगहें समुद्र तल से लगभग 10,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित हैं। यहां साल के अधिकांश समय बर्फ जमी रहती है, जिसके कारण देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक गुलमर्ग घूमने आते हैं। हालांकि, फिलहाल गोंडोला सेवा बंद होने से यहां आने वाले पर्यटकों को कुछ दिनों तक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। -

Punjab News: परीक्षा विवादों पर अरविंद केजरीवाल ने जताई चिंता, बोले- शिक्षा व्यवस्था माफियाओं के कब्जे में
नई दिल्ली, 26 मई, 2026: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal ने देशभर में सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के मामलों पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने NEET, CBSE कक्षा 12, SSC GD और B.Tech परीक्षाओं में सामने आ रही गड़बड़ियों का जिक्र करते हुए कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है और लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि SSC GD परीक्षा से भी अब लगातार अनियमितताओं की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि कई परीक्षा केंद्रों से सर्वर फेल होने की शिकायतें मिली हैं, जबकि कुछ केंद्रों पर क्षमता से अधिक छात्रों को बुलाने के आरोप भी लगे हैं।
AAP प्रमुख ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकार एक भी परीक्षा को सही तरीके से आयोजित नहीं कर पा रही है, तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था माफियाओं के कब्जे में चली गई है और करोड़ों छात्रों का भविष्य दांव पर लगाया जा रहा है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि शिक्षा माफिया इतने बड़े स्तर पर बिना संरक्षण के काम नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि यदि देश के युवा अपना भविष्य सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो उन्हें खुद आवाज उठानी होगी और इस व्यवस्था के खिलाफ खड़ा होना पड़ेगा।
इसी बीच दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री और AAP पंजाब प्रभारी Manish Sisodia ने भी इस मुद्दे पर सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि पिछले कई दिनों से लगातार किसी न किसी परीक्षा को लेकर विवाद, पेपर लीक या अव्यवस्था की खबरें सामने आ रही हैं।
मनीष सिसोदिया ने NEET पेपर लीक, CBSE मूल्यांकन विवाद, UPSC परीक्षा से जुड़े मामलों और उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षाओं में VIP रोल नंबर विवाद का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि SSC परीक्षा देने पहुंचे छात्रों को भी सड़कों पर प्रदर्शन करना पड़ा क्योंकि उन्हें कथित तौर पर परेशानियों का सामना करना पड़ा।
AAP नेता ने कहा कि देश की परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों और युवाओं में निराशा बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षाएं कराना सरकार की जिम्मेदारी है क्योंकि इससे सीधे तौर पर छात्रों का भविष्य जुड़ा हुआ है।
मनीष सिसोदिया ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि चुनाव जीतने में जितना ध्यान दिया जाता है, उसका थोड़ा हिस्सा भी परीक्षा व्यवस्था सुधारने में लगाया जाए तो छात्रों को राहत मिल सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है।
उन्होंने कहा कि देश के युवा अब जागरूक हैं और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे हैं। सिसोदिया ने कहा कि छात्र चाहते हैं कि परीक्षाएं ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ आयोजित हों और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जाए।
हाल के दिनों में विभिन्न प्रतियोगी और बोर्ड परीक्षाओं को लेकर सामने आए विवादों ने राजनीतिक बहस को भी तेज कर दिया है। विपक्षी दल लगातार परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठा रहे हैं।
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Punjab News: पंजाब सरकार ने 2026-27 खरीफ सीजन में DSR तकनीक के तहत 5 लाख एकड़ क्षेत्र लाने का रखा लक्ष्य
चंडीगढ़, 26 मई: पंजाब सरकार ने भूजल संरक्षण और धान की टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए 2026-27 खरीफ सीजन के दौरान Direct Seeding of Rice (DSR) तकनीक के तहत 5 लाख एकड़ क्षेत्र लाने का लक्ष्य तय किया है। इस योजना को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने ₹40 करोड़ का बजट भी निर्धारित किया है।
पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Gurmeet Singh Khudian ने सोमवार को इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि 2025 खरीफ सीजन के दौरान राज्य के 23,410 किसानों ने DSR तकनीक को अपनाया। इस दौरान लगभग 2,35,899 एकड़ क्षेत्र में सीधे धान की बुवाई की गई।
उन्होंने कहा कि Bhagwant Mann के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने पात्र किसानों के बैंक खातों में ₹35.38 करोड़ से अधिक की वित्तीय सहायता सीधे ट्रांसफर की है। सरकार की ओर से किसानों को DSR तकनीक अपनाने पर ₹1,500 प्रति एकड़ की सहायता राशि दी गई।
कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि यह पहल पंजाब में तेजी से घटते भूजल स्तर को बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने इसे “जल संरक्षण की किसान-आधारित क्रांति” बताते हुए कहा कि 2025-26 में किसानों की ओर से मिले अच्छे सहयोग ने सरकार को इस योजना का दायरा और बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है।
उन्होंने बताया कि DSR तकनीक के जरिए पारंपरिक धान रोपाई की तुलना में सिंचाई के पानी की खपत 15 से 20 प्रतिशत तक कम की जा सकती है। इस तकनीक में नर्सरी तैयार करने और खेतों में पानी भरकर रोपाई करने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे किसानों की मजदूरी लागत भी काफी कम होती है।
गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि पंजाब सरकार खेती को अधिक टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि DSR तकनीक राज्य की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भूजल स्तर में हो रही गिरावट को रोकना और किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों की ओर प्रोत्साहित करना है।
कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में DSR तकनीक अपनाएं और प्रोत्साहन राशि का लाभ लेने के लिए समय रहते ऑनलाइन पंजीकरण करवाएं। उन्होंने बताया कि DSR तकनीक अपनाने के इच्छुक किसानों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल पहले से ही चालू है।
पंजाब लंबे समय से भूजल संकट की चुनौती का सामना कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि धान की पारंपरिक खेती में अत्यधिक पानी की खपत होती है, जबकि DSR जैसी तकनीकें पानी बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। सरकार का मानना है कि यदि अधिक किसान इस तकनीक को अपनाते हैं तो आने वाले वर्षों में भूजल संरक्षण में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।
अधिकारियों के अनुसार सरकार 2026-27 खरीफ सीजन में DSR के तहत क्षेत्र बढ़ाने के लिए किसानों को वित्तीय सहायता, तकनीकी मार्गदर्शन और जागरूकता अभियान के जरिए प्रोत्साहित करेगी।
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हरियाणा में ओटी असिस्टेंट की शैक्षणिक योग्यता बढ़ाई
चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं में एक बड़ा सुधार करते हुए ऑपरेशन थिएटर (ओटी) असिस्टेंट की शैक्षणिक योग्यता को बढ़ाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। ऑपरेशन थिएटर असिस्टेंट वेलफेयर एसोसिएशन, हरियाणा ने ओटी असिस्टेंट की योग्यता को “दस जमा दो साइंस” कक्षा उत्तीर्ण से बढ़ाकर “बीएससी ओटी टेक्नोलॉजी” किए जाने के फैसले का स्वागत किया है। एसोसिएशन के प्रधान राहुल जागलान एवं महासचिव राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने आज स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव से चंडीगढ़ में विशेष मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए मंत्री का आभार व्यक्त किया।
एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि यह निर्णय केवल एक शैक्षणिक सुधार नहीं है, बल्कि हरियाणा की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और मजबूत बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा। इससे सरकारी अस्पतालों में सर्जिकल सेवाओं की गुणवत्ता में बड़ा सुधार होगा तथा मरीजों की सुरक्षा पहले से अधिक सुनिश्चित हो सकेगी। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पतालों पर कैशलेस सर्जिकल लोड लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में आधुनिक और अत्याधुनिक सर्जिकल उपकरणों के प्रभावी संचालन के लिए तकनीकी रूप से दक्ष स्टाफ की आवश्यकता समय की मांग है। इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने “बीएससी ओटी टेक्नोलॉजी” योग्यता लागू करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन थिएटर किसी भी अस्पताल या मेडिकल संस्थान की “बैक बोन” (रीढ़ की हड्डी) होता है। ओटी असिस्टेंट (OTA) ही इस विभाग के सुचारू, सुरक्षित और प्रभावी संचालन के लिए तकनीकी रूप से योग्य और जिम्मेदार कर्मी होते हैं। आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था में सफल सर्जरी का आधार एक कुशल ऑपरेशन थिएटर टीम होती है, और सरकार का यह निर्णय इस व्यवस्था को और अधिक सक्षम बनाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने एसोसिएशन के सदस्यों से पूरी निष्ठा, समर्पण और पेशेवर दक्षता के साथ जनता की सेवा करने का आह्वान किया है।
एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि यह निर्णय केवल एक शैक्षणिक सुधार नहीं है, बल्कि हरियाणा की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और मजबूत बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा। इससे सरकारी अस्पतालों में सर्जिकल सेवाओं की गुणवत्ता में बड़ा सुधार होगा तथा मरीजों की सुरक्षा पहले से अधिक सुनिश्चित हो सकेगी। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पतालों पर कैशलेस सर्जिकल लोड लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में आधुनिक और अत्याधुनिक सर्जिकल उपकरणों के प्रभावी संचालन के लिए तकनीकी रूप से दक्ष स्टाफ की आवश्यकता समय की मांग है। इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने “बीएससी ओटी टेक्नोलॉजी” योग्यता लागू करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन थिएटर किसी भी अस्पताल या मेडिकल संस्थान की “बैक बोन” (रीढ़ की हड्डी) होता है। ओटी असिस्टेंट (OTA) ही इस विभाग के सुचारू, सुरक्षित और प्रभावी संचालन के लिए तकनीकी रूप से योग्य और जिम्मेदार कर्मी होते हैं। आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था में सफल सर्जरी का आधार एक कुशल ऑपरेशन थिएटर टीम होती है, और सरकार का यह निर्णय इस व्यवस्था को और अधिक सक्षम बनाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने एसोसिएशन के सदस्यों से पूरी निष्ठा, समर्पण और पेशेवर दक्षता के साथ जनता की सेवा करने का आह्वान किया है।
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आशा वर्कर्स ने स्वास्थ्य मंत्री को सौंपा 9 सूत्रीय मांग-पत्र
चंडीगढ़ : हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव से चंडीगढ़ में आज आशा वर्कर्स के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस औपचारिक बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री को अपनी मुख्य समस्याओं से अवगत कराया और उन्हें 9 सूत्री मांग-पत्र सौंपा। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने प्रतिनिधिमंडल की सभी बातों को बेहद ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने आशा वर्कर्स के काम की सराहना करते हुए विश्वास दिलाया कि सरकार उनकी समस्याओं के प्रति पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने स्पष्ट रूप से आश्वासन दिया कि आशा वर्कर्स की जितनी भी जायज मांगें हैं, उन्हें जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने नेशनल हेल्थ मिशन हरियाणा के डायरेक्टर को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने डायरेक्टर को निर्देश दिए कि सौंपे गए 9 सूत्री मांग-पत्र के सभी बिंदुओं और तकनीकी मुद्दों का गहराई से अध्ययन किया जाए और इस पर त्वरित उचित कार्रवाई अमल में लाई जाए।
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अनुसूचित जाति के लोगों के लिए मत्स्य पालन विभाग की विशेष योजना, अनुदान हेतु आवेदन आमंत्रित
चंडीगढ़ : मत्स्य पालन विभाग द्वारा अनुसूचित जाति के लोगों के लिए “डेवलपमेंट ऑफ शेड्यूल्ड कास्ट फैमिली अंडर फिशरीज सेक्टर स्पेशल कंपोनेंट योजना” के अंतर्गत वर्ष 2026-27 के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। योजना के तहत अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को मछली पालन व्यवसाय से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का उद्देश्य रखा गया है। एक सरकारी प्रवक्ता ने इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बताया कि योजना के अंतर्गत पंचायत तालाब पट्टे पर लेने के लिए प्रथम वर्ष में पट्टा राशि का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर, जो भी कम हो, अनुदान के रूप में दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त द्वितीय एवं आगामी वर्षों में पट्टा राशि पर 40 प्रतिशत या अधिकतम 40 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक सहायता प्रदान की जाएगी।
रेहड़ी, जाल व खाद-खुराक पर भी सहायता
मत्स्य पालन विभाग द्वारा अधिसूचित पानी में मछली पकड़ने के लिए ठेकेदारों को स्वीकृत बोली का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 5 लाख रुपये तक की राशि प्रदान की जाएगी। वहीं रेहड़ी (स्टोव, गैस चूल्हा, बर्तन आदि सहित) खरीदने पर 60 प्रतिशत या अधिकतम 36 हजार रुपये प्रति लाभार्थी का अनुदान दिया जाएगा। इसी प्रकार मछली पालन हेतु खाद-खुराक पर कुल लागत 1 लाख 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर का 60 प्रतिशत अथवा अधिकतम 90 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा, जाल खरीदने पर 60 प्रतिशत या अधिकतम 24 हजार रुपये प्रति लाभार्थी की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत किसी भी मद में लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन सरल पोर्टल के माध्यम से किए जा सकते हैं।
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अवैध घुसपैठ पर केंद्र का बड़ा एक्शन, हाई लेवल कमेटी का हुआ गठन
नई दिल्लीः देश में लगातार बढ़ रहे घुसपैठ को लेकर केंद्र सरकार ने हाई लेवल कमेटी का गठन किया है। जिसकी जानकारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दी है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर जानकारी शेयर करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने जनसांख्यिकीय परिवर्तन (Demographic Change) पर हाई लेवल कमेटी का गठन किया है। इसके बाद कहा कि घुसपैठ और अन्य कारणों से होने वाला अप्राकृतिक जनसांख्यिकीय बदलाव किसी भी देश के वर्तमान और भविष्य के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है।
ये लोग होंगे कमेटी के मैंबर शाह के मुताबिक इस पैनल की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर करेंगे और इसमें जनगणना आयुक्त पूर्व IAS अधिकारी दुर्गा शंकर मिश्रा, पूर्व IPS अधिकारी बालाजी श्रीवास्तव और अर्थशास्त्री डॉ. शमिका रवि सदस्य के तौर पर शामिल होंगे। 15 अगस्त पर पीएम मोदी ने किया था ऐलान पीएम मोदी ने 15 अगस्त 2025 को एक हाई-पावर्ड डेमोग्राफिक मिशन का ऐलान किया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि घुसपैठिये देश के लिए एक नया संकट पैदा कर रहे हैं। PM ने स्वतंत्रता दिवस पर डेमोग्राफिक मिशन की घोषणा करते हुए कहा था, “ये घुसपैठिये हमारे युवाओं की रोजी-रोटी छीन रहे हैं। ये घुसपैठिये हमारे देश की बेटियों और बहनों को निशाना बना रहे हैंय. इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।घुसपैठ और अन्य कारणों से Unnatural Demographic Change किसी भी राष्ट्र के वर्तमान व भविष्य के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है। इसी चुनौती से निपटने के लिए 15 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री @narendramodi जी ने ‘High-Level Committee on Demographic Change’ की घोषणा की थी। मुझे बताते हुए हर्ष…
— Amit Shah (@AmitShah) May 26, 2026