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संतोषगढ़ पुल के पास 63.32 ग्राम चिट्टे सहित दो युवक गिरफ्तार
ऊना, सुशील पंडित: जिला ऊना में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसआईयू टीम को बड़ी सफलता मिली है। प्राप्त जानकारी के अनुसार एसआईयू टीम ने संतोषगढ़ पुल के समीप नाकाबंदी के दौरान बाइक संख्या (पीवी 24 ई 2968) पर सवार दो युवकों को जांच के लिए रोका।तलाशी के दौरान दोनों युवकों के कब्जे से 63.32 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया गया। आरोपियों की पहचान सतीश कुमार तथा मंजीत कुमार, दोनों पुत्र गुलजार चंद, निवासी जेजों के रूप में हुई है।पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है तथा उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद मादक पदार्थ कहां से लाया गया था और इसकी आपूर्ति किसे की जानी थी। जिला पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ अपनी कार्रवाई लगातार जारी रखने की बात कही है। -

Punjab News: BJP के कानूनी सलाहकार ड्रग्स के साथ गिरफ्तार, भाजपा नेताओं ने खुद शुरू कर दी नशे की तस्करी: हरपाल सिंह चीमा
चंडीगढ़, 15 जून, 2026: पंजाब के वित्त मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता हरपाल सिंह चीमा ने सोमवार को भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एक भाजपा पदाधिकारी की ड्रग्स मामले में गिरफ्तारी ने पार्टी और नशा कारोबार के बीच कथित संबंधों को उजागर कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले नशा तस्कर भाजपा के संरक्षण में काम करते थे, लेकिन अब भाजपा के नेता और पदाधिकारी खुद नशे से जुड़े मामलों में पकड़े जा रहे हैं। हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि भाजपा वर्षों से पंजाब में नशे के मुद्दे पर राजनीति करती रही है, लेकिन अब उसके अपने ही पदाधिकारी पर लगे आरोपों ने पार्टी की कथनी और करनी का अंतर सामने ला दिया है।भाजपा के दोहरे चरित्र की पोल खुली: चीमा
चीमा ने कहा, “यह गिरफ्तारी भाजपा के दोहरे चरित्र को उजागर करती है। जो पार्टी खुद को नशे के खिलाफ लड़ने वाली बताती रही, आज उसके ही पदाधिकारी ड्रग्स मामले में गिरफ्तार हो रहे हैं। इससे पंजाब की जनता के सामने भाजपा का असली चेहरा आ गया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि पहले नशा तस्कर राजनीतिक संरक्षण में काम करते थे, लेकिन अब भाजपा के नेता स्वयं ऐसे मामलों में पकड़े जा रहे हैं।‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत सख्त कार्रवाई जारी
वित्त मंत्री ने कहा कि मार्च 2022 में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद से पंजाब में ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान लगातार चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत सैकड़ों बड़े नशा तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, उनकी संपत्तियां जब्त या ध्वस्त की गई हैं और नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। चीमा ने कहा, “चाहे कोई भी व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, यदि वह नशे के कारोबार में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।”SAD-BJP सरकार के दौरान फैला था ‘चिट्टा’
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब ने सबसे गंभीर नशा संकट शिरोमणि अकाली दल-भाजपा सरकार के दौरान देखा था। उन्होंने आरोप लगाया, “अकाली-भाजपा शासन के दौरान ही ‘चिट्टा’ पंजाब के गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचा। उस दौर में पंजाब के हजारों युवाओं का भविष्य बर्बाद हुआ और पूरा राज्य नशे की समस्या से जूझने लगा।” उन्होंने कहा कि जो दल उस समय सत्ता में थे, वही आज जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।गुजरात से बरामद हो रही भारी मात्रा में ड्रग्स पर BJP दे जवाब
चीमा ने भाजपा से सवाल करते हुए कहा कि देश में बार-बार गुजरात से भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद होने के मामलों पर पार्टी को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा, “भाजपा पंजाब पर सवाल उठाने से पहले यह बताए कि गुजरात से इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ कैसे बरामद हो रहे हैं। देश में आने वाली बड़ी खेपों का संबंध बार-बार गुजरात से क्यों जुड़ रहा है?” उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार नशे के खिलाफ पूरी गंभीरता से लड़ रही है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर भी इस समस्या पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।सीमा सुरक्षा और ड्रोन रोधी तकनीक पर सरकार का फोकस
चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार ने सीमा क्षेत्रों में ड्रोन के जरिए होने वाली तस्करी को रोकने के लिए आधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए हैं। इसके अलावा नशा तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं और पुनर्वास व नशामुक्ति केंद्रों को भी मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं बल्कि नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाना भी है।किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा व्यक्ति बख्शा नहीं जाएगा
हरपाल सिंह चीमा ने स्पष्ट कहा कि यदि भाजपा का कोई नेता, पदाधिकारी या समर्थक नशे के कारोबार में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी पंजाब पुलिस कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा, “भगवंत मान सरकार की नीति बिल्कुल स्पष्ट है। कानून सबके लिए बराबर है। चाहे कोई भी राजनीतिक दल हो, नशे के कारोबार में शामिल व्यक्ति को किसी प्रकार की राहत नहीं मिलेगी।”पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए जारी रहेगा अभियान
अपने बयान के अंत में चीमा ने कहा कि पंजाब की जनता जानती है कि अतीत में किन दलों ने राज्य को नुकसान पहुंचाया और कौन पंजाब के भविष्य को बचाने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा, “आम आदमी पार्टी सरकार पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक हर नशा तस्कर को कानून के कटघरे तक नहीं पहुंचा दिया जाता।” -

माता श्री चिंतपूर्णी धाम का होगा भव्य कायाकल्प, करीब 250 करोड़ रुपये से विकसित होगा विश्वस्तरीय धार्मिक परिसर
ऊना, सुशील पंडितः उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सोमवार को माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर विकास एवं विस्तारीकरण परियोजना की तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण कर निर्माण कार्य तुरंत प्रभाव से आरंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि माँ चिंतपूर्णी जी के आशीर्वाद से इस दिव्य धाम को और अधिक भव्य, आकर्षक एवं श्रद्धालु-अनुकूल स्वरूप देने की दिशा में हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। मंदिर के विकास, विस्तारीकरण एवं सौंदर्यीकरण पर करीब 250 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। परियोजना के तहत मंदिर के गर्भगृह की मूल संरचना एवं पवित्रता को सुरक्षित रखते हुए श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त विश्वस्तरीय परिसर विकसित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि परियोजना की ड्राइंग एवं भूमि अधिग्रहण संबंधी कार्य लगभग पूर्ण हो चुके हैं और अब निर्माण कार्य शीघ्र आरंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा इस महत्वाकांक्षी परियोजना का विधिवत शिलान्यास भी जल्द किया जाएगा।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार देश के कई प्रमुख मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों का आधुनिक सुविधाओं के साथ विस्तार एवं पुनर्विकास किया गया है तथा माता वैष्णो देवी और श्री वृंदावन धाम में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक आधारभूत ढांचे का विकास किया गया है, उसी तर्ज पर माता श्री चिंतपूर्णी धाम का भी सुनियोजित एवं भव्य विकास किया जाएगा। मंदिर परिसर को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हों और प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिले।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि परियोजना के प्रथम चरण के कार्य को अगले एक वर्ष के भीतर पूरा कर श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी और सभी प्रक्रियाओं को तय समय सीमा में पूरा किया जाएगा।उन्होंने स्थानीय जनता, मंदिर से जुड़े हितधारकों तथा देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं से भी इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना के सफल क्रियान्वयन में सहयोग देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि माँ चिंतपूर्णी जी के आशीर्वाद और सभी के सहयोग से यह परियोजना प्रदेश की धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से एक नई पहचान स्थापित करेगी।
इस अवसर पर श्री चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुदर्शन सिंह बबलू, कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा तथा ऊना के पूर्व विधायक सतपाल रायजादा भी उपमुख्यमंत्री के साथ उपस्थित रहे। उपायुक्त जतिन लाल ने उपमुख्यमंत्री को मंदिर विकास एवं विस्तारीकरण परियोजना की वर्तमान स्थिति तथा प्रस्तावित कार्यों की जानकारी दी। इस दौरान एसडीएम अंब पारस अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।इस अवसर पर, उपमुख्यमंत्री ने माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। मंदिर प्रशासन की ओर से उन्हें सम्मानित भी किया गया।विधायक सुदर्शन सिंह बबलू ने कहा कि माता श्री चिंतपूर्णी धाम प्रदेश की धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के शीघ्र क्रियान्वयन से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी और धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। -

ऊना में सड़क हादसों, चोरी और मारपीट के छह मामले दर्ज, पुलिस जांच में जुटी
ऊना सुशील पंडित : जिला ऊना के विभिन्न थाना क्षेत्रों में सड़क दुर्घटना, चोरी और मारपीट से जुड़े छह अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने सभी मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं मोटर वाहन अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1,सैंसोवाल में ट्रैक्टर की टक्कर से बाइक सवार घायलपुलिस थाना हरोली के तहत सैंसोवाल में एक अज्ञात ट्रैक्टर चालक ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। शिकायतकर्ता राजू निवासी मूल रूप से बदायूं (उत्तर प्रदेश) तथा वर्तमान निवासी सैंसोवाल ने बताया कि हादसे में उसे चोटें आई हैं, जबकि ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।2,झलेड़ा चौक के पास सैर कर रहे व्यक्ति को वाहन ने मारी टक्करपुलिस थाना सदर ऊना में दर्ज शिकायत के अनुसार झलेड़ा चौक के समीप सड़क किनारे सैर कर रहे प्रेमचंद को एक अज्ञात वाहन चालक ने टक्कर मार दी। हादसे के बाद चालक वाहन सहित फरार हो गया। घायल का उपचार क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में चल रहा है। पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है।3,झलेड़ा मार्ग पर टिप्पर और टेंपो की भिड़ंतघालूवाल-झलेड़ा मार्ग पर एक टिप्पर और छोटे टेंपो के बीच टक्कर हो गई। टिप्पर चालक महिंद्र कुमार निवासी मथुरा (पंजाब) ने आरोप लगाया कि टेंपो चालक शुभांकर कालिया ने गलत दिशा में आकर वाहन से टक्कर मारी। हादसे में टेंपो चालक घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।4,संतोषगढ़ के गीता मंदिर से राधा रानी की मूर्ति की नथ चोरीसंतोषगढ़ स्थित गीता मंदिर में राधा रानी की मूर्ति से सोने की नथ चोरी होने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता शशिकांत चब्बा ने बताया कि मंदिर की पुजारिन संतोषी भट्ट ने चोरी की सूचना दी। सीसीटीवी फुटेज में एक स्कूटी सवार संदिग्ध व्यक्ति मंदिर से जल्दबाजी में निकलता दिखाई दिया, जिसने अपना चेहरा कपड़े से ढका हुआ था। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।5,लमलेहड़ा में दराट से हमला, तीन के खिलाफ केसपुलिस थाना मैहतपुर में दर्ज शिकायत के अनुसार सुरजीत सिंह निवासी लमलेहड़ा ने आरोप लगाया कि बलदेव सिंह, काका और मिट्ठू ने उसका रास्ता रोककर गाली-गलौज की तथा दराट से हमला कर घायल कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे उसके भाइयों पर भी आरोपियों ने हमला किया। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।6,जमीन विवाद को लेकर मारपीट, अज्ञात लोगों पर केसपुलिस चौकी पंडोगा क्षेत्र में राहुल दत्ता ने शिकायत दी थी कि कुछ लोग रास्ते की सफाई के दौरान उसके खेत से मिट्टी उठाकर सड़क पर डाल रहे थे। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई, जिससे उसे चोटें आईं। मेडिकल रिपोर्ट में चोटों की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी है। -

सुपर ओवर के बाद मैदान पर गरमाया माहौल, श्रीलंकाई खिलाड़ियों से भिड़े वैभव सूर्यवंशी
श्रीलंका ए ने इंडिया ए को रोमांचक मुकाबले में हराया Sport News: 15 जून को खेली गई ट्राई सीरीज के चौथे मुकाबले में श्रीलंका ए ने इंडिया ए को रोमांचक मुकाबले के बाद सुपर ओवर में हरा दिया। निर्धारित 50 ओवरों के बाद दोनों टीमों का स्कोर बराबर रहा, जिसके कारण मैच का फैसला सुपर ओवर से किया गया। सुपर ओवर में श्रीलंका ए ने 16 रन बनाए, जबकि भारत ए की टीम केवल 7 रन ही बना सकी और मुकाबला हार गई। हार के बाद मैदान पर हुआ विवाद मैच खत्म होने के बाद मैदान पर माहौल अचानक गर्म हो गया। बताया जा रहा है कि श्रीलंका ए की जीत के बाद कुछ खिलाड़ियों ने भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और सूर्यांश शेडगे से कुछ टिप्पणी कर दी। यह बात वैभव को पसंद नहीं आई और वह नाराज हो गए।
देखते ही देखते दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच बहस शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि धक्का-मुक्की की नौबत आ गई। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंकाई खिलाड़ियों के बीच तीखी नोकझोंक हो रही है। वैभव ने दिखाया गुस्सा सुपर ओवर की आखिरी गेंद पर वैभव कोई रन नहीं बना सके थे, जिसके बाद भारत की हार तय हो गई। हार के तुरंत बाद जब श्रीलंकाई खिलाड़ी जीत का जश्न मना रहे थे, तभी यह विवाद शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि श्रीलंका के खिलाड़ी विशेन हालामबेग ने वैभव और सूर्यांश से कुछ कहा, जिसके बाद दोनों पक्षों के खिलाड़ी आमने-सामने आ गए। इस दौरान वैभव ने एक खिलाड़ी को धक्का दिया, जिसके जवाब में श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने भी प्रतिक्रिया दी। हालांकि कुछ खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ ने बीच-बचाव करते हुए मामला शांत करा दिया। इसके बावजूद ड्रेसिंग रूम की ओर लौटते समय भी वैभव काफी गुस्से में दिखाई दिए और श्रीलंकाई खिलाड़ियों की तरफ इशारा करते हुए कुछ कहते नजर आए। बल्ले से नहीं चला वैभव का जादू 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी इस मुकाबले में बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे। भारत ए की पारी की शुरुआत करते हुए वह 14 गेंदों में 21 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद सुपर ओवर में भी वह टीम के लिए बड़ी भूमिका नहीं निभा सके। दोनों टीमों ने बनाए 265-265 रन मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए इंडिया ए की पूरी टीम 49.2 ओवर में 265 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। जवाब में श्रीलंका ए ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 265 रन बना लिए। दोनों टीमों का स्कोर बराबर रहने के कारण मैच टाई घोषित किया गया और विजेता तय करने के लिए सुपर ओवर कराया गया। सुपर ओवर में श्रीलंका ए ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 16 रन बनाए। भारत ए इस लक्ष्य का पीछा नहीं कर सकी और केवल 7 रन ही बना पाई। ट्राई सीरीज में भारत की लगातार दूसरी हार ट्राई सीरीज में यह इंडिया ए की लगातार दूसरी हार है। टीम ने अपने अभियान की शुरुआत शानदार अंदाज में की थी और पहले मैच में श्रीलंका ए को 8 रन से हराया था। हालांकि दूसरे मुकाबले में अफगानिस्तान ए ने डकवर्थ-लुईस (DLS) नियम के तहत भारत को 4 रन से शिकस्त दी थी। अब तीसरे मुकाबले में श्रीलंका ए के खिलाफ सुपर ओवर में हार मिलने से भारत को लगातार दूसरी बार निराशा हाथ लगी है। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो मैदान पर हुए इस विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। क्रिकेट प्रशंसक इस घटना पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे मैच के दौरान बढेह तनाव का परिणाम बता रहे हैं, जबकि कई लोगों का मानना है कि खिलाड़ियों को मैदान पर संयम बनाए रखना चाहिए।pic.twitter.com/T4n7Ze22OU https://t.co/e5fwimKPe0
— (@Shebas_10dulkar) June 15, 2026 -

कई दिनों से लापता Punjab Police में तैनात युवक का शव बरामद, परिजनों ने लगाया गंभीर आरोप, देखें वीडियो
पठानकोटः जिले से एक दुखद घटना सामने आई है। पंजाब पुलिस में तैनात एक युवक पिछले कई दिनों से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता था। परिवार और पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रहे थे, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल रहा था।
नलवा पुल के पास मिली थी कार
लापता 21 वर्षीय युवराज की तलाश के दौरान उसकी कार नलवा पुल के पास लावारिस हालत में खड़ी मिली थी। कार मिलने के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया और पुलिस ने युवक की खोज के लिए बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया।नहर में चलाया गया सर्च ऑपरेशन
युवक की तलाश के लिए पुलिस के साथ-साथ SDRF (स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स) की टीमों को भी मौके पर बुलाया गया। कई दिनों तक नहर और आसपास के इलाकों में सर्च अभियान चलाया गया। गोताखोरों की मदद से नहर में युवक की तलाश की जा रही थी।नहर से बरामद हुआ शव
लंबी तलाश के बाद रविवार शाम को युवक का शव नहर से बरामद कर लिया गया। शव मिलने की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया सिविल अस्पताल
शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल पठानकोट लाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में परिजन और रिश्तेदार अस्पताल पहुंच गए। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था।परिजनों ने पुलिस के खिलाफ जताया रोष
अस्पताल के बाहर परिजनों ने धरना लगाकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि मामले में समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण उन्हें अपने बेटे को खोना पड़ा। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।परिजनों ने इंसाफ की लगाई गुहार
मृतक के रिश्तेदार रमन ने बताया कि युवक उनके साले का बेटा था और वह 11 तारीख से लापता था। उन्होंने कहा कि आज उसकी लाश नहर से बरामद हुई है। इसी वजह से पूरा परिवार धरना देकर न्याय की मांग कर रहा है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि मामले की गहराई से जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए ताकि परिवार को इंसाफ मिल सके। -

जनगणना-2027 के प्रथम चरण की 16 जून, 2026 से होगी शुरुआत
शिमला: जनगणना कार्य निदेशालय के प्रवक्ता ने आज यहां जानकारी दी कि राज्य में 16 जून, 2026 से जनगणना 2027 के प्रथम चरण ‘मकान सूचीकरण और मकानों की गणना’ का औपचारिक शुभारंभ किया जा रहा है। यह जनगणना 15 जुलाई, 2026 तक संचालित की जाएगी। प्रदेश के सभी जिलों में 13 जून, 2026 तक सभी प्रगणकों तथा पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है। इस बार की जनगणना डिजिटल माध्यम से की जा रही है, जिसमें प्रगणक एचएलओ मोबाइल ऐप का उपयोग कर रहे हैं। जिन नागरिकों ने 1 से 15 जून 2026 तक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी स्व-गणना पूर्ण कर ली है, वे प्रगणकों को अपनी स्व-गणना आईडी प्रथम चरण के दौरान उपलब्ध करवाएंगे, यदि सामान्य कारणों से नागरिक ऐसा नहीं कर पाए, तो भी 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक प्रगणक घर-घर आकर जानकारी एकत्र करेंगे।
उन्होंने बताया कि इस दौरान प्रगणक आधिकारिक रूप से प्रकाशित 33 प्रश्नों के माध्यम से आपके मकान, परिवार, घर की बुनियादी जरूरतों (पानी, बिजली, शौचालय, अनाज) तथा घरेलू उपकरणों की उपलब्धता के संबंध में जानकारी जुटाएंगे। जन-सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि घर आए प्रगणक की पहचान के लिए आम नागरिक उनके आईडी कार्ड पर मौजूद क्यूआर कोड को स्कैन कर उनकी सत्यता की जांच कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, निदेशालय यह स्पष्ट करता है कि जनगणना के दौरान किसी भी प्रकार की बैंक डिटेल्स, ओटीपी या कोई भी वित्तीय दस्तावेज नहीं मांगा जाता है। नागरिक किसी भी भ्रामक सूचना से सावधान रहें।
जनगणना से संबंधित किसी भी आधिकारिक जानकारी या सहायता के लिए नागरिक हेल्पलाइन नंबर 1855 पर संपर्क कर सकते हैं। जनगणना कार्य निदेशालय, हिमाचल प्रदेश सभी नागरिकों से इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करने का आग्रह करता है।
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Bada Mangal 2026: जानें पूजा की सही विधि, महत्व, व्रत और किस विधि से करें हनुमत साधना
Bada Mangal 2026: सनातन धर्म में भगवान हनुमान को संकटमोचन कहा जाता है। मंगलवार का दिन उनकी पूजा के लिए सबसे शुभ माना जाता है। जेठ महीने में आने वाले मंगलवारों का महत्व और भी बढ़ जाता है, जिन्हें “बड़ा मंगल” कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से हनुमान जी की पूजा करने से सभी संकट दूर होते हैं तथा सुख, समृद्धि और सफलता की प्राप्ति होती है। साल 2026 का सातवां बड़ा मंगल 16 जून को मनाया जाएगा। इस दिन भक्त विशेष पूजा, व्रत और सेवा कार्य करके बजरंगबली का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। बड़ा मंगल पर कैसे करें पूजा बड़ा मंगल के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और मन को शांत रखें। यदि संभव हो तो लाल रंग के वस्त्र पहनें, क्योंकि लाल रंग हनुमान जी को प्रिय माना जाता है। पूजा के दौरान भगवान हनुमान को लाल फूल, फल, धूप, दीपक, नारियल, सिंदूर और मोतीचूर के लड्डू अर्पित करें। इसके साथ ही चूरमा का भोग भी लगाया जा सकता है। पूजा के बाद हनुमान चालीसा, सुंदरकांड या मंगलवार व्रत कथा का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है। श्रद्धा और भक्ति के साथ की गई पूजा से हनुमान जी शीघ्र प्रसन्न होते हैं। पूजा में क्या-क्या अर्पित करें? बड़ा मंगल के अवसर पर हनुमान जी को निम्न वस्तुएं अर्पित करना शुभ माना गया है—- लाल रंग के वस्त्र
- जनेऊ
- केसरिया ध्वज
- बूंदी या बूंदी के लड्डू
- सिंदूर का चोला
- नारियल
- गेहूं के आटे और लाल गुड़ से बना चूरमा
- मीठा पान
- लाल फूल और फल
- किसी से विवाद या झगड़ा न करें।
- मन को भगवान हनुमान की भक्ति में लगाएं।
- दान और सेवा बिना दिखावे के करें।
- पूजा और व्रत पूरी श्रद्धा तथा पवित्रता के साथ करें।
- ब्रह्मचर्य और संयम का पालन करने का प्रयास करें।
- जरूरतमंदों की मदद करें और सकारात्मक विचार रखें।
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महाविद्यालय बंगाणा में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए मेगा मॉक एक्सरसाइज का आयोजन
ऊना सुशील पंडित : हिमाचल प्रदेश सरकार के आदेशानुसार अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय महाविद्यालय बंगाणा में भूकंप, बादल फटने तथा जंगल की आग जैसी संभावित प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित राज्यव्यापी मेगा मॉक अभ्यास (दिन-रात) के 10वें संस्करण के अंतर्गत मॉक एक्सरसाइज का सफल आयोजन किया गया। यह अभ्यास होमगार्ड एवं अग्निशमन विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया। मॉक एक्सरसाइज के दौरान आपदा प्रबंधन से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें आपातकालीन परिस्थितियों में बचाव, राहत एवं सुरक्षित निकासी की प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अभ्यास करवाया गया। अभ्यास का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को आपदा के समय सतर्कता, समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया के लिए तैयार करना था। इस अवसर पर होमगार्ड विभाग से आए अधिकारी हंसराज ने विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को आपदा की पूर्व तैयारी, जोखिमों की पहचान तथा आपातकालीन स्थिति में प्रभावी प्रतिक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सही जानकारी, समय पर निर्णय और सामूहिक प्रयास से जन-धन की हानि को काफी हद तक कम किया जा सकता है। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर रेखा शर्मा ने कहा कि ऐसे अभ्यास विद्यार्थियों और कर्मचारियों में आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ संकट की घड़ी में प्रभावी ढंग से कार्य करने की क्षमता विकसित करते हैं। उन्होंने इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों तथा सहयोगी विभागों का आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम के सफल संचालन में प्रोफेसर सिकंदर नेगी की विशेष भूमिका रही। इस अवसर पर प्रोफेसर संजय शर्मा, प्रोफेसर नंदलाल, डॉ. किरण ठाकुर, डॉ. कुलदीप सिंह तथा प्रोफेसर कमलेश कुमार सहित महाविद्यालय के अन्य शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। इस मॉक अभ्यास के माध्यम से महाविद्यालय में आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों को आपदा के समय सजग, सुरक्षित एवं जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा के साथ हुआ।
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न्याय के प्रति जागरूक समाज ही लोकतंत्र की असली ताकत: Kavinder Gupta
शिमला: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज कांगड़ा जिला के धर्मशाला स्थित राजकीय महाविद्यालय में भारत सरकार के विधि विभाग द्वारा आयोजित क्षेत्रीय कार्यशाला एवं सुधार उत्सव में ‘न्याय प्रबोधः न्याय के प्रति जागृति’ अभियान का शुभारंभ किया। राज्यपाल ने कहा कि भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार न्याय, समानता और कानून के अनुरूप शासन है। भारत का संविधान केवल अधिकारों का दस्तावेज नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को सम्मान और न्याय तक समान पहुंच का अधिकार देता है।
राज्य नीति के निर्देशक सिद्धांतों के अनुच्छेद 39ए के अंतर्गत राज्य का उत्तरदायित्व है कि आर्थिक और अन्य किसी प्रकार की कमी के कारण कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे तथा जरूरतमंदों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध करवाई जाए। न्याय केवल न्यायालयों के निर्णयों तक ही सीमित नहीं, बल्कि इसका अर्थ एक ऐसे समाज के निर्माण से जुड़ा है, जहां प्रत्येक नागरिक स्वयं को सुरक्षित, सम्मानित और सशक्त महसूस करे।

राज्यपाल ने हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करने की बाधाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य के अनेक क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से दुर्गम हैं। इस स्थिति में तकनीक आधारित समाधान, डिजिटल मंच, कानूनी जागरूकता अभियान और स्थानीय सहायता प्रणाली नागरिकों को न्याय दिलाने में अत्यंत महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने ‘दिशा’ जैसे नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य लोगों को घर-द्वार पर न्याय पहुंचाना है। टेली-लॉ, न्याय बंधु तथा कानूनी साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम न्याय व्यवस्था को अधिक सुलभ, समावेशी और नागरिक-केंद्रित बना रहे हैं।
भारत सरकार के विधि विभाग द्वारा शुरू किए गए ‘न्याय प्रबोधः न्याय के प्रति जागृति’ अभियान की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि कानूनी जागरूकता, न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में पहला और सबसे महत्त्वपूर्ण कदम है। अधिवक्ताओं और कानून के विद्यार्थियों से प्रो बोनो प्लैज पहल से जुड़ने तथा कमजोर, वंचित और जरूरतमंद वर्गों को निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करने में योगदान देने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने कहा कि सुधार उत्सव केवल उपलब्धियों का उत्सव नहीं है, बल्कि न्याय क्षेत्र में किए गए व्यापक सुधारों को भी स्वीकृति प्रदान करता है। इनमें न्यायिक अवसंरचना का विस्तार, डिजिटलीकरण, ई-कोट, न्यायालयों की क्षमता में वृद्धि, वैकल्पिक विवाद निपटान तंत्र को बढ़ावा देना तथा विधिक सहायता सेवाओं को सुदृढ़ करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन सुधारों ने न्याय वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जन-अनुकूल बनाया है तथा इससे लोगों को सरल, सुलभ और समयबद्ध न्याय मिल रहा है।
युवा भारत का भविष्य हैं। संविधान एक शैक्षणिक विषय नहीं बल्कि जीवन के मार्गदर्शक के रूप में अपनाएं। इस अवसर पर केंद्रीय विधि एवं न्याय तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि कार्यपालिका और न्यायपालिका की शक्तियां संविधान में निहित हैं और राष्ट्र सेवा में एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक न्याय सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

भौगोलिक और आर्थिक प्रतिकूलताओं के कारण न्यायालयों तक पहुंचने में आने वाली कठिनाइयों में कॉमन सर्विस सेंटर और टेली-लॉ जैसी पहलें इन लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुई हैं। इन मंचों के माध्यम से नागरिक अपनी कानूनी समस्याएं विशेषज्ञ वकीलों के समक्ष रख सकते हैं और निःशुल्क कानूनी परामर्श प्राप्त कर सकते हैं, इसका खर्च भारत सरकार द्वारा वहन किया जाता है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों की न्याय तक पहुंच में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। मेघवाल ने कहा कि इस कार्यक्रम का संचालन पूरे देश में किया जाता है लेकिन अभी भी लोगों को इसके बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं है। ऐसी कार्यशालाओं का उद्देश्य लोगों को इन सेवाओं के प्रति जागरूक करना तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में किए गए प्रमुख न्यायिक और कानूनी सुधारों की जानकारी देना है।
टेली-लॉ सेवा के माध्यम से कानूनी सहायता प्राप्त कर चुके लाभार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा किए और इस पहल के सकारात्मक प्रभावों को रेखांकित किया। कार्यक्रम में सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज, विधायक भवानी सिंह पठानिया और सुधीर शर्मा, भारत सरकार के विधि विभाग के सचिव नीरज वर्मा, संयुक्त सचिव सुरेश कुमार तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
