जालंधर, ENS: बस स्टैंड के डिपो नंबर-2 में सरकारी बसों को आग लगने का मामला सामने आया है। वहीं आग लगने से बस जलकर राख हो गई है। मामले की जानकारी देते हुए व्यक्ति ने बताया कि 2 बसों को आग लगी है। घटना की सूचना दमकल विभाग को दे दी गई है। मौके पर पहुंची दमकल विभाग की टीम के द्वारा आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि कोई जानी नुकसान की खबर सामने नहीं आई है। लेकिन दूर से दिख रहे आग के धुंए से बस स्टैंड पर लोगों में हड़कंप मच गया। आग लनगे का कारण शॉर्ट सर्कट बताया जा रहा है।
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जालंधरः अटारी बाजार में विवादों में आया Bala Collection संचालक, युवती ने लगाए गंभीर आरोप, देखें वीडियो
जालंधर, ENS: अटारी बाजार के बाला कलेक्शन की दुकान पर युवती एक माह पहले नौकरी पर लगी थी। युवती की मां रानी निवासी लंबी पिंड ने आरोप लगाए है कि दुकान मालिक उसकी बेटी से गलत काम करने के लिए मजबूर कर रहा था। इस दौरान युवती ने अपनी आवाज बुलंद करनी चाही तो दुकान मालिक अमित ने उस पर 50 हजार रुपए की चोरी के इल्जाम लगाने के आरोप लगाए। पीड़ित महिला ने कहा कि 7.30 बजे बाजार बंद होने बावजूद उनकी बेटी को 9 बजे तक दुकान पर रखा। उन्होंने आरोप लगाए है कि सारा बाजार बंद हो जाने के बावजूद उक्त दुकानदार ने इतनी देर तक उनकी बेटी को बिठाए रखा।
उन्होंने कहा कि उनकी बेटी का फोन भी दुकानदार ने अपने पास रख लिया। वहीं पीड़ित ने आरोप लगाते हुए कहा कि दुकान मालिक मुझे गलत काम करने के लिए मजबूर करता था, जब उसने विरोध किया तो उसने देर रात तक दुकान पर उसे बिठाए रखा। इस दौरान दुकानदार ने उस पर 50 हजार रुपए की चोरी का इल्जाम लगा दिया और उसे धमकियां देने लगा। महिलाओं का आरोप है कि थाना 3 में 7 दिन पहले शिकायत दर्ज करवाई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई। जिसके बाद आज एक बार फिर से मां-बेटी सहित अन्य लोग थाना 3 में शिकायत देने पहुंचे। वहीं दूसरी ओर थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि उन्हें लिखित रूप में पीड़ित लड़की ने शिकायत दी है। जिसके बाद उन्होंने मामले की जांच शुरू कर दी है। जल्द ही मामले में बनती कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में अगर दुकानदर अपना पक्ष रखना चाहता है तो उसे भी प्रकाशित किया जा सकेगा। -

पंजाबः मॉडल टाउन में अवैध रूप से गर्भपात करती महिला डॉक्टर गिरफ्तार
बठिंडाः स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मॉडल टाउन फेस-1 स्थित कोठी में अवैध रूप से गर्भपात करते हुए एक महिला डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया है। टीम ने मौके से गर्भपात में इस्तेमाल होने वाला सामान, दवाइयां और 4500 रुपए कैश बरामद किया है।
दरअसल, जिला सेहत विभाग, पुलिस प्रशासन और PNDT सेल की संयुक्त टीम ने देर शाम इस कार्रवाई को अंजाम दिया। सेहत विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि हाजीरतन चौक के पास बंसल क्लीनिक में एक महिला BAMS डॉक्टर है। यहां वह दूर दराज और पिछड़े इलाकों से आने वाली महिलाओं और अविवाहित लड़कियों से मोटी राशि वसूल कर उनका गर्भपात करती है।
इसके बाद सेहत विभाग ने मामले को ट्रैप करने के लिए टीम का गठन किया। टीम की अगुआई जिला परिवार भलाई अफसर सुखजिंदर सिंह गिल को सौंपी गई। उनके साथ सेहत विभाग के साथ अन्य विभागों की टीम के प्रमुख लगाए गए। जिसमें डॉ. प्रीत मनिंदर कौर, सुमन वर्मा, कुलवंत सिंह, नरिंदर कुमार शामिल थे।
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जालंधरः पुलिस कमिश्नर कुलदीप चाहल से CBI कर रही पूछताछ, जाने मामला
जालंधर,ENS: आईपीएस कुलदीप चाहल को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, चंडीगढ़ के पूर्व SSP कुलदीप चाहल से सीबीआई टीम पूछताछ कर रही है। वर्तमान में जालंधर के पुलिस कमिश्नर, आईपीएस कुलदीप चाहल से सीबीआई टीम चंडीगढ़ सेक्टर-30 सीबीआई ऑफिस में पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस कमिश्नर, जालंधर कुलदीप चहल से आय से अधिक संपत्ति मामले में पूछताछ की जा रही है।
सीबीआई टीम आईपीएस कुलदीप चाहल से कई सवालों के जवाब ले रही है। गौरतलब है कि आईपीएस कुलदीप चहल ने चंडीगढ़ में बतौर एसएसपी एक साल से अधिक समय तक सेवाएं दी। लेकिन उस दौरान पंजाब गवर्नर बनवारी लाल पुरोहित ने कुछ शिकायतें प्राप्त होने पर आईपीएस चाहल को उनके मूल कैडर पंजाब रिपेट्रिएट कर दिया था।
आईपीएस कुलदीप चाहलपर अनुशासनहीनता के आरोप आईपीएस कुलदीप चाहल पर अनुशासनहीनता के आरोप लगाए गए थे। उन्हें चंडीगढ़ से पंजाब रिपेट्रिएट करने से पहले एडवाइजर चंडीगढ़ धर्मपाल द्वारा पंजाब के चीफ सेक्रेटरी को एसएसपी पद की जिम्मेदारी के लिए अन्य आईपीएस अधिकारियों का पैनल भेजने बारे कहा गया था। साथ ही डीजीपी चंडीगढ़ द्वारा भी सीएस पंजाब से मीटिंग की गई थी।
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संसदीय समिति ने लोकसभा में पेश की रिपोर्ट में हुआ खुलासा, पंजाब में 66 लाख लोग नशे के आदी
नई दिल्ली: सामाजिक न्याय और अधिकारिता पर संसद की स्थायी समिति ने लोकसभा में ‘युवाओं में लत: समस्याएं और समाधान’ पर अपनी रिपोर्ट पेश की है, जिसमें बताया गया है कि पंजाब में 66 लाख नशे के आदी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक भारत में युवाओं और बच्चों में नशे की लत तेजी से फैल रही है। 10 से 17 साल के युवा नशीली दवाओं का सेवन कर रहे हैं और पंजाब, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, ओडिशा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल सबसे अधिक प्रभावित राज्य हैं। इन राज्यों में 18 से 75 साल की उम्र के लोग बड़े पैमाने पर नशीली दवाओं का सेवन कर रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब में 10 से 17 साल की उम्र के 6.97 लाख लोग नशे के आदी हैं। उनमें से 18100 कोकीन का सेवन करते हैं। 3.43 लाख बच्चे हेरोइन और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं। 72000 बच्चे सूंघ कर इस्तेमाल किए जाने वाले नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं। 10432000 बच्चे विभिन्न-विभिन्न नशीली दवाओं का सेवन करते हैं। कमेटी ने स्कूल-कॉलेजों में जाकर अपना सर्वे किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे ज्यादा युवा तंबाकू का सेवन करते हैं और उसके बाद शराब का सेवन करते हैं। पंजाब में कुल 66 लाख 70 हजार नशे के आदी हैं, जिनमें से 21.36 लाख अलग-अलग तरह के नशे का सेवन करते हैं। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में नशे की लत वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
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पंजाब रोडवेज वर्कशॉप में बस को लगी आग
अमृतसरः किला गोविंदगढ़ के सामने पंजाब रोडवेज वर्कशॉप में बस में आग लगने का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार देर रात्रि 2:30 बजे चंडीगढ़ से आई पनबस रोडवेज वर्कशॉप में पहुंची थी। रात बस सही सलामत खड़ी थी। तभी सुबह 5 बजे के करीब वर्कशाप में पहुंचे कर्मचारियों ने बस में से आग की लपटों को उठते हुए देखा। सभी ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन आग बढ़ने लगी।जिसके बाद घटना की सूचना फायर बिग्रेड की टीम को दी गई। कुछ मिनटों के बाद ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गईं।

लेकिन तब तक आग पूरी बस में फैल गई थी। आग पर काबू पाने में तकरीबन 1 घंटे से अधिक का समय लग गया। आग से बस का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह से जल गया है। बस की सीटों, छत और खिड़कियां पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। आग लगने का कारण अभी पता नहीं चल पाया है। विभाग की तरफ से इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। जिस समय यह घटना हुई, वर्कशाप में आसपास 50 से अधिक बसें खड़ी थी। अगर आग फैल जाती तो अन्य बसों को भी नुकसान पहुंच सकता था।
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पंजाबः पुलिस की कार्रवाई से निराश व्यक्ति ने किया थाने के बाहर हंगामा
संगरूर: थाना भवानीगढ़ की पुलिस से निराश व्यक्ति ने थाने के बाहर हंगामा करना शुरू कर दिया। इस दौरान व्यक्ति थाने के बाहर जमीन पर लेट गया। मिली जानकारी के मुताबिक प्रदर्शनकारी का नाम हरदम सिंह है। कुछ दिन पहले भवानीगढ़ थाने के एएसआई सुखदेव सिंह पर रिश्वत लेने के आरोप में विजिलेंस विभाग की ओर से कार्रवाई की थी। एएसआई ने हरदम सिंह से उसके पक्ष में कार्रवाई करने के लिए रिश्वत की मांग की थी। इसी बीच वह एएसआई पकड़ा गया।
तत्कालीन वर्तमान एसएचओ का तबादला हो गया और नए एसएचओ के आने पर हरदम सिंह ने विरोध किया। क्योंकि हरदम सिंह के मुताबिक नया एसएचओ उनकी बात नहीं सुन रहा हैं और न ही मिल रहा हैं। हरदम सिंह करीब 5 दिनों से एसएचओ से मिलने की कोशिश कर रहा हैं लेकिन एसएचओ नहीं मिल रहे हैं। नतीजा यह हुआ कि हरदम सिंह परेशान हो कर थाने के सामने ही लेट गया। आज फिर भवानीगढ़ पुलिस पर पिछले मामले में उचित कार्रवाई न करने का आरोप लगा है। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में कैमरे पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। -

इस बात को लेकर दोस्त ने दोस्त को मारी गोली, लाश को बैग में पैक कर फेंका
नई दिल्लीः आंबेडकर नगर में रहने वाले योगेंद्र कुमार (बदला हुआ नाम) को समलैंगिक संबंध (गे रिलेशन) बनाने से मना करने पर उसके दोस्त ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद मामले को उलझाने के लिए पांच दिनों तक योगेंद्र के परिवारवालों को फोन कर 20 लाख रुपये की फिरौती मांगता रहा। तकनीकी सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने आरोपी को धर दबोचा, जिसकी पहचान न्यू अशोक नगर निवासी शशांक सिंह (27) के तौर पर हुई है। हत्या में इस्तेमाल कार और पिस्टल भी बरामद कर ली गई है। पुलिस ने अपने बयान में यह कहा है कि अभी तक यह साफ नहीं है कि कौन किससे सेक्सुअल फेवर मांग रहा था।
साउथ दिल्ली की डीसीपी चंदन चौधरी ने बताया कि 9 जुलाई को योगेंद्र नौकरी की तलाश में घर से निकला था। लेकिन, जब रात को भी नहीं लौटा तो अगले दिन 10 जुलाई को परिजनों ने आंबेडकर नगर थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई। इसी बीच 14 जुलाई को परिजनों के पास 20 लाख की फिरौती का फोन आया। बातचीत कर फिरौती की रकम 15 लाख में तय भी हो गई। आरोपी ने 16 जुलाई को फिर फोन कर कहा कि रुपये भेजो। इस बार परिजनों ने पुलिस को जानकारी दी।
आंबेडकर नगर के अलावा जीके, सीआर पार्क और एएटीएस टीम आरोपी की तलाश में जुट गई। टीम को पता चला कि योगेंद्र 9 जुलाई की रात द्वारका सेक्टर-16 के प्लाजा मॉल गया था। वहां ऑनलाइन भुगतान करके पिज्जा खरीदा था। वहां पर एक गाड़ी नजर आई, जिसमें से दो शख्स उतरे थे। एक काले कपड़े पहने हुए था और दूसरा योगेंद्र था। फोटो देखकर परिवारवालों ने दूसरे शख्स की पहचान शशांक के रूप में की। पुलिस लीड के सहारे 1 अगस्त को अशोक नगर इलाके में उस गाड़ी तक पहुंच गई। गाड़ी के पास एक स्कूटी भी मिली। इसके बाद पुलिस ने शशांक को दबोच लिया।
पूछताछ में शशांक ने बताया कि उसने योगेंद्र को जॉब दिलवाने की बात कहकर मूलचंद के पास बुलाया था और बाद में द्वारका के सुनसान इलाके में ले गया, जहां आरोपी ने उससे गे-रिलेशन बनाने की बात कही। लेकिन जब योगेंद्र ने इससे इनकार कर दिया तो आरोपी ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को एक सूटकेस में बंद कर नाले में फेंक दिया। फिर गाड़ी को साफ कर अपने कपड़े व पिस्टल यमुना नदी में फेंक दिए।
करीब एक महीने पहले योगेंद्र और शशांक की मुलाकात एक एलजीबीटी पार्टी में हुई थी। दोनों में दोस्ती हो गई और बातचीत करने लगे। शशांक को पता चला कि योगेंद्र को नौकरी की जरूरत है। उसने उसे नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। इस दौरान उनकी कई बार मुलाकात भी हुई। फिर 9 जुलाई को शशांक ने योगेंद्र को मूलचंद के पास बुलाया। जिसके बाद दोनों ने पिज्जा खाया और बीयर पी। उसके बाद द्वारका में दोनों सुनसान जगह पर गए, जहां रिलेशन बनाने से इनकार पर हत्या कर दी।
योगेंद्र की गोली मारकर हत्या करने के बाद, शाशांक ने उसके शव को सूटकेस में पैक किया और द्वारका सेक्टर 14बी के नाले में फेंक दिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने बिहार के अपने एक दोस्त से पिस्तौल खरीदी थी। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने अपनी कार को साफ किया और खून लगी चीज़ों को यमुना में फेंक दिया। 12 जुलाई को आरोपी ने पिस्तौल भी यमुना में फेंक दी। आरोपी मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई कर रहा है और उसे इस बात की जानकारी थी कि पीड़ित की गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस बेवसाइट पर अपलोड की जाएगी। पुलिस वेबसाइट से जानकारी मिलने के बाद उसने केस को भटकाने के इरादे से 13 जुलाई को एक सिम कार्ड खरीदा और पीड़ित के परिवार को फिरौती की मांग करने के लिए कॉल किया। उसने परिवार को की कॉल किए और जब परिवार ने उससे किडनैपिंग का प्रूफ मांगा तो उसने कॉल काट दी।
द्वारका मॉल की सीसीटीवी फुटेज मिलने के बाद पुलिस आरोपी तक पहुंची। पुलिस ने बताया कि मर्डर करने के बाद आऱोपी ने नोएडा के एक एटीएम से 27 हजार रुपये भी निकाले थे। एटीएम की फुटेज से पता चला है कि रकम निकालते वक्त उसने एटीएम के अंदर भी हेडमेट पहना हुआ था। वह सीसीटीवी में स्कूटर पर आते हुए नजर आया। इस फुटेज से मिली लीड को ट्रेस करते हुए पुलिस आरोपी तक पहुंची और उसे अरेस्ट किया।
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पंजाबः नशे का इंजेक्शन लगाते नाबालिग, महिला सहित व्यक्ति की वीडियो वायरल
लुधियाना: पंजाब में जहां एक ताजा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कैसे राज्य में करीब 20 फीसदी लोग नशे के आदी हैं। इसमें सिर्फ बड़े ही नहीं बल्कि बच्चे भी शामिल है। वहीं लुधियाना से एक ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसने सभी को हैरान कर दिया है। वायरल वीडियो में 3 लोग नशे के टीके लगाते साफ नजर आ रहे हैं, इन लोगों में एक व्यक्ति ,एक महिला और एक छोटी उम्र की किशोरी नशे के टीके लगाते नजर आ रहे हैं, ओर बड़ी बात यह है कि वीडियो में नजर आ रहा व्यक्ति दोनों लेडिस को नशे के टीके लगाता हुआ दिखाई दे रहा है।
यह वीडियो लुधियाना के ताजपुर रोड़ पर स्थित गुरु अर्जुन देव नगर की बताई जा रही है। इस इलाके में अक्सर दिन रात ऐसे सीन देखने को मिल जाते हैं, लेकिन थाना पुलिस इस सब से बेखबर है, या जानबूझ कर आंखे मूंद कर बैठी है। गुरु अर्जुन देव नगर इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों में यह सारी घटनाएं रिकॉर्ड हो रही हैं, उनमें से कुछ वीडियो किसी ने वायरल कर दी। -

मुफ्त बिजली पर केंद्र का नया आदेश जारी, पंजाब पर पड़ेगा असर
नई दिल्लीः मुफ्त बिजली के मामले में केंद्र सरकार की ओर से नया आदेश जारी किया गया है। जिससे राज्य सरकारों पर भारी बोझ पड़ सकता है। वहीं पंजाब की बात करें तो इस नए आदेश से माननीय सरकार को 5 से 6 हजार करोड़ रुपये एडवांस के तौर पर जमा कराने होंगे। केंद्र सरकार के नए आदेशों के तहत बिजली बिल दूसरी संशोधन नियम 2023 के तहत केंद्र ने देश की सरकारों से सब्सिडी बिल पहले ही जमा करने को कहा है। सरकार ने ऐसा नहीं करने पर उपभोक्ताओं से पूरा बिल वसूलने की बात कही है।
जारी किए गए नोटिफिकेशन के मुताबिक, राज्यों के नियामक आयोगों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि राज्य सरकारों द्वारा विभिन्न श्रेणियों को दी जाने वाली सब्सिडी हर तिमाही के दौरान बिजली कंपनियों के पास अग्रिम रूप से जमा की जानी चाहिए। ऐसा नहीं होने पर नियामक आयोग से अनुदान प्राप्त लाभुकों को बिल जारी करने को कहा गया है। केंद्र सरकार ने इस संबंध में 26 जुलाई को अधिसूचना जारी कर दी गई है।
केंद्र सरकार के इस नए आदेश का असर पंजाब स्टेट पावरकॉम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) पर भी पड़ेगा। राज्य नियामक आयोग ने 13 सितंबर 2007 को राज्य सरकार को सब्सिडी भुगतान अग्रिम करने का आदेश दिया था, लेकिन तब से किसी भी सरकार ने इन आदेशों को लागू नहीं किया है। परिणामस्वरूप, सब्सिडी की राशि बड़े पैमाने पर जमा होती रहती है। पीएसपीसीएल विभिन्न श्रेणियों को लगभग 20 हजार करोड़ रुपये की वार्षिक मुफ्त बिजली प्रदान करता है।
इसमें कृषि क्षेत्र का करीब 10 हजार करोड़, 300 यूनिट प्रतिमाह मुफ्त बिजली और बाकी उद्योगों, पिछड़े वर्ग आदि को दी जाने वाली बिजली करीब 6 हजार करोड़ शामिल है। इस तरह राज्य का कुल बिजली सब्सिडी बिल 20,24376 करोड़ रुपये बनता है। जबकि 1,804 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त और 9,020 करोड़ रुपये की बकाया सब्सिडी राशि का भुगतान किया जाना बाकी है। बता दें कि 31 जुलाई तक पीएसपीसीएल पर सरकार का अनुमानित बकाया अभी भी 1700 करोड़ के आसपास है। अगर सरकार हर तिमाही में सब्सिडी एडवांस देती है तो सरकार को पीएसपीसीएल को 5 से 6 हजार करोड़ रुपये का एडवांस देना होगा।
उधर, पीएसईबी इंजीनियर्स बॉडी के चीफ पैट्रन इंजी. पदमजीत सिंह ने कहा कि 2007 में इलेक्ट्रिसिटी अपीलेट अथॉरिटी के आदेश पर पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन ने ऐसे आदेश दिए थे। जिसके लिए सरकार को सोचना होगा कि ये आदेश कैसे जारी किए जाएं। पदमजीत सिंह ने 15 साल से अधिक समय से बिजली सब्सिडी के अग्रिम भुगतान पर नियामक आयोग के आदेशों को लागू नहीं करने के लिए पंजाब की पिछली सरकारों की आलोचना की है।
पदमजीत सिंह ने कहा कि यह विफलता राज्य नियामक आयोग जैसे वैधानिक निकायों द्वारा पारित कानूनों की पूर्ण अवहेलना दर्शाती है। उन्होंने कहा कि 13 सितंबर 2007 को आयोग ने राज्य सरकार को हर तिमाही की शुरुआत में तिमाही किस्तों में सब्सिडी का भुगतान करने का निर्देश दिया था।
2011 में, उन्होंने पीएसईआरसी से राज्य सरकार को सब्सिडी का समय से पहले भुगतान करने के निर्देश जारी करने का अनुरोध किया। इन आदेशों में नियामक आयोग ने पीएसपीसीएल को निर्देश दिया था कि यदि सरकार सब्सिडी राशि का अग्रिम भुगतान करने में विफल रहती है तो उपभोक्ताओं से पूरा टैरिफ वसूला जाए।
