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  • Australia में Study Visa को लेकर आई बड़ी खबर, भारतीय छात्रों की बढ़ सकती है मुश्किलें

    Australia में Study Visa को लेकर आई बड़ी खबर, भारतीय छात्रों की बढ़ सकती है मुश्किलें

    चंडीगढ़ः ऑस्ट्रेलियाई सरकार विदेशी नागरिकों के लिए “वीजा हॉपिंग” करना और भी मुश्किल बना रही है। ऑस्ट्रेलिया में छात्रों के लिए नए वीजा नियम लागू किए जा रहे हैं जिससे छात्रों खासकर भारतीय छात्रों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। एक जुलाई से एजुकेशन वीजा पॉलिसी में जबरदस्त सख्ती की जा रही है। इसके अलावा टी-वीजा पर रहने वालों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है, जिसका सीधा असर भारतीय मूल खासकर पंजाबी युवाओं पर पड़ने जा रहा है। लोग सैर सपाटे के लिए ऑस्ट्रेलिया आते हैं और बाद में अपना टूरिस्ट वीजा स्टडी वीजा में तबदील करवा लेते हैं। वहां पर छोटे मोटे कॉलेजों में दाखिला लेकर वहां पर वर्क वीजा हासिल करने में कामयाब हो जाते हैं। वहां पर उनको अस्थायी वीजा प्रदान कर दिया जाता है जिसको टी-वीजा कहते हैं। 

    ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या 2022-23 में 30 हजार से बढ़कर 150,000 से अधिक हो गई है। दरअसल, ऑस्ट्रेलिया में कॉलेज व यूनिवर्सिटी में स्टडी वीजा हासिल करना आसान नहीं है। छात्रों को आईलेट्स में अच्छे स्कोर के साथ साथ वीजा अधिकारी परिवार की आय व अन्य नियमों पर खासा ध्यान देते हैं। जिसका नतीजा यह है कि छात्र स्टडी वीजा हासिल नहीं कर पाते। इसके लिए पहले वह टूरिस्ट वीजा हासिल करते थे और वहां पर जाकर इसको स्टडी वीजा में बदलवा लेते थे। इस साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया में अध्ययन करने के लिए आने वाले लोगों के लिए नियमों को कड़ा करने और माइग्रेशन के स्तर को कम करने के लिए कई बदलाव किए गए थे लेकिन 1 जुलाई से सरकार दो रास्ते बंद कर देगी जिसके तहत विजिटर वीजा और अस्थायी स्नातक वीजा धारक अब ऑनशोर स्टूडेंट वीजा के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे। 

    एक जुलाई 2023 से मई 2024 के अंत तक 36,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिनहोंने टूरिस्ट वीजा लेकर ऑस्ट्रेलिया की धरती पर कदम रखा और बाद में वहां पर किसी छोटे मोटे कॉलेज में दाखिला लेकर स्टडी वीजा हासिल कर लिया। ऑस्ट्रेलिया में करीब डेढ़ लाख लोग ऐसे हैं जिनको स्थायी पीआर नहीं मिली है। स्टडी वीजा एक्सपर्ट सुकांत त्रिवेदी का कहना है कि वीजा प्रणाली सख्त की जा रही है। पंजाबी मूल के लोग भारी संख्या में विजिटर वीजा का फायदा उठाकर वहां पर पहुंचकर वीजा बदलवा लेते थे जिससे वहां का सिस्टम गड़बड़ा रहा था और ऐसे युवा वहां पर पहुंच रहे थे जिनके पास स्किल व एजुकेशन नहीं है। अब जो भी छात्र जाएंगे वह स्टडी वीजा इंडिया से लेकर जाएंगे। 

  • राजकीय महाविद्यालय बंगाणा में आपदा से निपटने के उपाय मेगा मॉक कार्यक्रम करवाया

    राजकीय महाविद्यालय बंगाणा में आपदा से निपटने के उपाय मेगा मॉक कार्यक्रम करवाया

    ऊना/ सुशील पंडित : आज अटल बिहारी वाजपेई राजकीय महाविद्यालय बंगाणा की राष्ट्रीय सेवा योजना ,यूथ रेड क्रास, रोवर रेंजर इकाई बंगाणा के तत्वाधान में डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी, डीसी  ऊना के आदेश पर  हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा भारत सरकार आकस्मिक बाढ़ पर राज्य स्तरीय मेगा मॉक अभ्यास के आठवें संस्करण  बाढ़ और भूस्खलन, से  बचाओ संदर्भ में एक दिवसीय कार्यक्रम करवाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रमेश ठाकुर ने की। इस अवसर पर   बंगाणा  अस्पताल से आए काउंसलर् ऋषी भट्टी ने आपदा से सम्बंधित जानकारी दी और कहा कि आपदा के  दौरान किन-किन बातों का ध्यान  और आपदा से निपटने के उपाय बताएं ।

    उन्होंने  आपदा के दौरान फर्स्ट एड मीडिकल  का प्रयोग  और सीपीआर की भी  जानकारी दी । अगर किसी कारण कोई व्यक्ति बेहोश हो गया हो, दिल की धड़कन बंद हो गई हो या पल्स नहीं चल रहा हो, तो ऐसी स्थिति में सीपीआर ही दी जाती है। इसकी मदद से पेशेंट को सांस लेने में सहायता मिलती है। दरअसल सीपीआर  देने के दौरान हार्ट और ब्रेन में ब्लड सर्क्युलेशन में सहायता मिलती है। सीपीआर की मदद से व्यक्ति को एक नया जीवन भी मिल सकता है। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रमेश ठाकुर, रेड क्रॉस सोसाइटी के नोडल ऑफिसर प्रोफेसर किरण कुमारी ,  राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रोग्राम ऑफिसर प्रोफेसर सिकंदर नेगी,एन्न .सी.सी  ऑफिसर डॉ. विनोद कुमार , रोवर के हेड कमलेश महाजन, प्रोफ़ेसर नंद लाल, प्रोफेसर संजय शर्मा,राष्ट्रीय सेवा योजना  इकाई के कैप्टन विशाल सोनी हेड बॉय तीक्षण  आदि मौजूद रहे।
  • मॉक ड्रिल में आपदा मित्रों ने भी लिया बढ़चढ़ कर भाग

    मॉक ड्रिल में आपदा मित्रों ने भी लिया बढ़चढ़ कर भाग

    ऊना/ सुशील पंडित : ऊना जिले में बाढ़-भूस्खलन और औद्योगिक इकाइयों में अग्नि दुर्घटना जैसी आपदा के बेहतर प्रबंधन की दृष्टि से तैयारी परखने के लिए 14 जून को आयोजित मेगा मॉक ड्रिल में आपदा मित्रों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। जिला प्रशासन ने पूरी मॉक ड्रिल को वास्तविक घटना की तरह लेकर ही अपनी प्रतिक्रिया की। आपदा प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न सरकारी एजेंसियों को सक्रिय करने के साथ साथ राहत बचाव कार्यों में सामाजिक सहभागिता भी सुनिश्चित की। इस दौरान जिले में चिन्हित 5 स्थलों पर बाढ़, भू-स्खलन, औद्योगिक आपदा और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रतीकात्मक नुकसान मानकर राहत-बचाव कार्य किए गए। इनमें प्रशिक्षित आपदा मित्रों ने भी पूरी सक्रियता से भाग लिया।

    अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर ने कहा कि मॉक ड्रिल में आपदा मित्रों को सम्मिलित कर समन्वय और तत्काल प्रतिक्रिया को लेकर अभ्यास किया गया। उन्होंने कहा कि आपदा के तुरंत बाद, स्थानीय नागरिक सबसे पहले प्रतिक्रिया देकर स्थिति को संभाल सकते हैं। उनके पास इलाके का बेहतर जानकारी होती है, जो खोज और बचाव कार्यों में बहुत सहायक रहती है। इस नजरिए से जिले में आपदा मित्र प्रशिक्षित किए गए हैं। उन्हें प्रशासन ने आपदा प्रबंधन से जुड़ा साजो सामान भी दिया है। 
  • NDA सरकार में अब लोकसभा स्पीकर पद के लिए बढ़ी खटपट!

    नई दिल्लीः लोकसभा चुनाव संपन्न हो चुके हैं। भाजपा के बहुमत न हासिल कर पाने के बाद भी केंद्र में एक बार फिर एनडीए की सरकार बन गई है। लेकिन भाजपा का संकट यहीं खत्म नहीं हुआ है। दरअसल, अभी लोकसभा स्पीकर चुना जाना है। यह पद बेहद अहम होता है और भाजपा स्पीकर के पद पर अपने ही किसी नेता को देखना चाहेगी। लेकिन, चर्चा हो रही है कि इसे लेकर तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के मुखिया चंद्रबाबू नायडू और भाजपा के बीच खटपट बढ़ गई है।

    सीटों के लिहाज से टीडीपी एनडीए में भाजपा के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है। वहीं, तीसरे नंबर पर नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (जदयू) है। लेकिन, दोनों को ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में कुछ खास नहीं मिला है। ऐसे में दोनों की निगाह लोकसभा स्पीकर के पद पर है। उधर, विपक्षी इंडिया गठबंधन भी इस मामले में खूब रुचि ले रहा है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के नेता बार-बार नीतीश और नायडू को सुझाव दे रहे हैं। 

    बता दें कि बीजेपी के बाद जिन दलों ने सबसे ज्यादा सीटों पर दर्ज की है उसमें चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी पार्टी है। उसके हिस्से 16 सीटें आई हैं। 2019 में बस 3 सीटों पर ही जीत मिली थी। उसके बाद नीतीश कुमार की जेडीयू का नंबर आता है। जेडी(यू) को 12 सीट ही मिली। 2019 में 16 सीट पर जेडीयू ने जीत दर्ज की थी।

  • ऊना जिला प्रशासन ने मॉक ड्रिल से परखी आपदा प्रबंधन की तैयारी

    ऊना जिला प्रशासन ने मॉक ड्रिल से परखी आपदा प्रबंधन की तैयारी

    बाढ़-भूस्खलन-औद्योगिक इकाइयों में अग्नि दुर्घटना से निपटने के इंतजामों का किया आकलन


    ऊना/ सुशील पंडित : बाढ़-भूस्खलन और औद्योगिक इकाइयों में अग्नि दुर्घटना जैसी किसी आपदा के समय बेहतर प्रबंधन और पूर्व तैयारी के आकलन के लिए ऊना जिला प्रशासन ने 14 जून को मेगा मॉक ड्रिल की। इस दौरान जिले में चिन्हित 5 स्थलों पर बाढ़, भू-स्खलन, औद्योगिक आपदा और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रतीकात्मक नुकसान मानकर राहत-बचाव कार्य किए गए।

    जिला प्रशासन ने पूरी मॉक ड्रिल को वास्तविक घटना की तरह लेकर ही अपनी प्रतिक्रिया की। इस दौरान अतिरिक्त उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष महेंद्र पॉल गुर्जर खुद मोर्चे पर डटे रहे। उन्होंने असल घटना की तरह ही आपदा प्रबंधन की जिम्मेदारी देखी। बता दें, यह एक प्रदेश व्यापी मॉक ड्रिल थी, जिसमें ऊना समेत प्रदेश के सभी जिलों ने भाग लिया।

    व्यावहारिक समस्याएं पहचानीं
    बाद में, महेंद्र पाल गुर्जर ने बताया कि इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा के समय में जिला प्रशासन की आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना और मानक संचालन प्रक्रियाओं का मूल्यांकन करना था। इसमें प्रतिक्रिया में लगने वाले समय, समन्वय में गैप समेत अन्य कमियों को जांचा गया, साथ ही फील्ड में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं की पहचान की गई, जिससे आगे सुधारात्मक कदम उठा कर आपदा प्रबंधन योजना को और कारगर बनाने में मदद मिलेगी।

    उन्होंने कहा कि बरसात का मौसम आने को है और इसमें सम्भावित भारी बारिश, बाढ़, भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से आपदा की स्थिति बनती है। वहीं औद्योगिक इकाइयों में जलभराव, गैस रिसाव या आग लगने जैसी दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। ऐसे में जन सुरक्षा तय बनाने और आपदा से होने वाले संभावित नुकसान को कम करने के लिए अधिकारियों को आपदा प्रबंधन की दृष्टि से अपने दायित्वों की जानकारी, विभागों की आवश्यक पूर्व तैयारी और मुस्तैदी बहुत आवश्यक है। इसमें यह मॉक ड्रिल बहुत सहायक रही।

    ये रहा मॉक ड्रिल का घटनाक्रम
    मॉक ड्रिल में शुक्रवार सुबह करीब 9.30 बजे जिला आपदा प्रबंधन केंद्र में जिले के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के कारण विकट परिस्थिति उत्पन्न होने की सूचना प्राप्त होते ही ऊना जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वाट्सएप ग्रुप में संदेश प्रसारित होते ही तमाम अधिकारी कर्मचारी अपने अपने दायित्व के मुताबिक कार्यों में जुट गए।

    इसी बीच उपायुक्त कार्यालय में बनी कमांड पोस्ट समेत आपदा प्रबंधन से जुड़ी सभी शाखाएं चालू हो गईं। इसी दौरान कमांड पोस्ट में भारी बारिश के चलते जिले में 5 जगहों के आपदा प्रभावित होने की सूचना प्राप्त हुई। इसके साथ ही उपमंडल स्तर पर गठित त्वरित प्रतिक्रिया टीमें सक्रिय हो गईं तथा संबंधित एसडीएम के नेतृत्व में राहत-बचाव ऑपरेशन शुरू किए गए। ये टीमें घटना स्थलों पर पर पहुंच कर राहत बचाव कार्यों में जुट गई हैं। इसमें एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों का भी सहयोग लिया गया।

    ये 5 जगहें आपदा प्रभावित
    अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि ऊना जिले में भारी बारिश के चलते आपदा की सूचना और प्रतीकात्मक नुकसान मानकर जिले में 5 स्थानों पर मॉक ड्रिल की गई। मॉक ड्रिल के तहत गगरेट उपमंडल के गगरेट के टटेहड़ा गांव में स्वां नदी के समीप बाढ़ के खतरे को देखते हुए एहतियातन लोगों को वहां से निकालने का कार्य किया गया। वहीं बंगाणा उपमंडल में नलूट गांव के पास लठियाणी-बड़सर रोड़ पर भूस्खलन की सूचना मिलने पर सड़क बहाल करने तथा मलबे में दबे वाहनों और वहां फंसे लोगों को निकालने की ड्रिल की गई।

    ऊना के इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, टर्मिनल के पेखूबेला में तेल रिसाव से आग लगने की दुर्घटना तथा उसमें करीब 50 कामगारों के फंसे होने के काल्पनिक परिदृश्य के साथ राहत बचाव कार्य किए गए। हरोली उपमंडल के तहत राजकीय प्राइमरी एंड मिडल स्कूल जननी, पोलियां बीत में भूस्खलन से बच्चों और अध्यापकों के फंसे होने और अम्ब उपमंडल के पिंडी दास आश्रम और नेत्र चिकित्सालय अम्ब में मरीजों और स्टाफ के फंसे होने जैसी स्थितियों को लेकर मॉक ड्रिल आयोजित की गई।

    ऊना के पेखूबेला में जहां एसडीएम ऊना विश्वमोहन देव चौहान ने मोर्चा संभाला, वहीं हरोली के एसडीएम राजीव ठाकुर ने जननी पोलियां बीत और गगरेट के एसडीएम सौमिल गौतम ने टटेहड़ा में आपदा प्रबंधन का जिम्मा संभाला। बंगाणा और अंब के तहसीलदारों ने भी अपने अपने क्षेत्र में वास्तविक घटना की तरह ही आपदा प्रबंधन की जिम्मेदारी देखी।

    आपदा प्रबंधन के हर पहलू पर गौर
     इस पूरे घटनाक्रम में स्टेजिंग एरिया, प्लानिंग और लॉजिस्टिक पोस्ट, रेस्क्यू ऑपरेशन, रास्ते बहाल करने को मशीनरी का प्रयोग, घायलों को मौके पर मेडिकल सहायता के लिए देने, एंबुलेंस से घायलों को अस्पताल ले जाने, प्रभावितों को राहत शिविरों में पहुंचाने, राशन वितरण व्यवस्था देखने समेत स्थिति को सामान्य बनाने से जुड़े आपदा प्रबंधन के हर पहलू पर गौर करने के साथ सभी उपायों को परखा गया।

    मॉक ड्रिल के उपरांत डीब्रिफिंग
    मॉक ड्रिल पूर्ण होने के उपरांत राज्य मुख्यालय शिमला से राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों ने वीडियो कॉंफ्रेंस के माध्यम से इस अभ्यास से प्राप्त सीख और अनुभव पर सभी जिलों से फीडबैक ली। इस दौरान एसडीएम ऊना विश्वमोहन देव चौहान ने जिले में मॉक ड्रिल के सकारात्मक व विचारणीय बिंदुओं की जानकारी दी।
  • Punjab: कुलबीर जीरा की बढ़ी मुश्किलें, अग्रिम जमानत हुई खारिज

    फिरोजपुरः पू्र्व कांग्रेस विधायक कुलबीर जीरा को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, इरादे हत्या के मामले में नामजद पूर्व कांग्रेस विधायक एवं जिला अध्यक्ष कुलबीर सिंह जीरा की अग्रिम जमानत याचिका आज फिरोजपुर की अदालत ने खारिज कर दी है। बता दें कि कुलबीर सिंह जीरा समेत 9 लोगों के खिलाफ जीरा पुलिस ने संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।

  • हेल्पिंग हेंड्स संस्था ने विश्व रक्तदान दिवस पर थानाकलां अस्पताल में लगाया छठा रक्तदान शिविर

    हेल्पिंग हेंड्स संस्था ने विश्व रक्तदान दिवस पर थानाकलां अस्पताल में लगाया छठा रक्तदान शिविर

    ऊना/ सुशील पंडित : हिमाचल हेल्पिंग हेंड्स संस्था द्वारा शुक्रवार को विश्व रक्तदान दिवस पर थानाकलां अस्पताल में छठा रक्तदान शिविर लगाया गया। शिविर का आयोजन संस्था के संस्थापक नीरज ठाकुर की अध्यक्षता में किया गया। जिसमें संस्था के अध्यक्ष सुमित शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। सुबह से दोपहर बाद तक चले शिविर में 72 लोगों ने रक्तदान देकर पुण्य कमाया। संस्था के संस्थापक नीरज ठाकुर ने कहा कि  लोगों को रक्तदान कर मानवता के हित में काम करना चाहिए। नीरज ने बताया कि उनकी संस्था कई सालों से जरूरतमंदो को रक्त देने के लिए कार्य कर रही है। इसके अलावा समाजसेवा के कार्य भी अग्राणी है। उन्होंने कहा कि रक्तदान एक महादान है। इसमें हर किसी को बढ़चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिए। इस अवसर पर अंकित कौशल, दिनेश शर्मा, नवीन कौंडल, अनिल कौशल,अनमोल शर्मा, रोहित धीमान, मोहित शर्मा, अरूण विजय ठाकुर, गोपाल चंद, वांटी सिंह, विशाल राणा, कृष्ण कुमार, कुष बरमौता, अर्नव बैंस, रोहित टाकुर, नितिन शर्मा, शुभम शर्मा, रेषम और अक्षय ठाकुर मौजूद रहे।

  • Punjab: किसान नेता Baldev Singh ने Dera Radha Swami मामले में ADC को दिया मांग पत्र, देखें वीडियो 

    Punjab: किसान नेता Baldev Singh ने Dera Radha Swami मामले में ADC को दिया मांग पत्र, देखें वीडियो 

    अमृतसरः किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा द्वारा पिछले लंबे समय से डेरे के खिलाफ प्रशासनिक अधिकारियों को मांग पत्र दिए जा रहे है। इस मामले को लेकर आज किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा ने एडीसी को मांग पत्र सौंपा है। किसान नेता का आरोप है कि डेरे द्वारा ब्यास दरिया पर कब्जा किया जा रहा है। ब्यास दरिया का पानी गरीब लोगों की जमीन की ओर मोड़ दिया गया है।

    किसान नेता ने कहा कि डेरे के मामले में उन्होंने लगातार जगह-जगह धरने दिए और प्रशासनिक अधिकारियों को मांग पत्र भी दे चुके है। उन्होंने कहा कि इस मामले में माननीय अदालत द्वारा उनको स्टे मिल चुका है। लेकिन इसके बावजूद ब्यास दरिया पर हो रहे अवैध खनन को लेकर किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा डेरे के खिलाफ एक बार फिर मांग पत्र देने अमृतसर डीसी कार्यालय पहुंचे। एडीसी को मांग पत्र देने के बाद किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा ने कहा कि हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार और केंद्र सरकार को निर्देश दिए थे कि ब्यास दरिया के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ न की जाए।

    लेकिन डेरे द्वारा हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना करते हुए ब्यास दरिया पर छेड़छाड़ की जा रही है और वहां टिप्पर लाकर माइनिंग की जा रही है। किसान नेता का आरोप है कि वह कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है और आज भी ब्यास दरिया पर काम चल रहा है, जिसके लिए वह डीसी कार्यालय पहुंचे है। किसान नेता ने कहा कि उनकी प्रशासन से अपील है कि हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन करने के विरोध में डेरे के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

    इस मामले में डेरा प्रमुख और डेरे के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई । लेकिन हो नही पाया यदि वह अपना पक्ष रखना चाहते है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

  • Punjab : नगर पंचायत के पार्षद की सदस्यता की रद्द, देखें वीडियो

    Punjab : नगर पंचायत के पार्षद की सदस्यता की रद्द, देखें वीडियो

    अजनाला : नगर पंचायत के पार्षद की सदस्यता रद्द कर दी गई है। हाउस की बैठकों में गैरहाजिरी रहने पर की बड़ी कार्रवाई की। नगर पंचायत अजनाला के कार्यकारी अधिकारी जतिंदर महाजन ने अपने कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि अजनाला शहर के वार्ड नंबर 7 से कांग्रेस पार्टी की महिला पार्षद गीता रानी अनुपस्थित हैं। 

    बैठकों से लगातार अनुपस्थित रहने के कारण विभाग के प्रमुख सचिव अजॉय शर्मा ने सदस्यता पद से इस्तीफा दे दिया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए नगर पंचायत अजनाला के कार्यकारी अधिकारी जतिंदर महाजन ने बताया कि नगर पंचायत अजनाला के वार्ड नंबर सात की महिला पार्षद को प्राथमिक सदस्यता से हटा दिया गया है। 

    इस संबंध में नगर पंचायत अजनाला के अध्यक्ष जसपाल सिंह ढिल्लो ने कहा कि वार्ड नंबर सात के पार्षद ए नाले के विकास कार्यों में हस्तक्षेप कर रहे थे, जिसके चलते सरकार ने यह फैसला लिया है।

  • NEET Exam मामले में केंद्रिय शिक्षा मंत्री धर्मेंद प्रधान का आया बयान

    NEET Exam मामले में केंद्रिय शिक्षा मंत्री धर्मेंद प्रधान का आया बयान

    नई दिल्ली: NEET परीक्षा 2024 के परिणामों को लेकर मामला लगातार गरमा रहा है। वहीं NEET का मालमा अब सुप्रीम कोर्ट में पहुंच चुका है। जहां सुप्रीम कोर्ट ने ग्रेस माक्स को लेकर कहा कि1563 छात्रों को दोबारा परीक्षा देने के मामला एनटीए का है। वहीं इस मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बयान सामने आया है। उन्होंने परीक्षार्थियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि किसी भी बच्चे के करियर के साथ खिलवाड़ नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार जो भी आवश्यक कदम उठाने होंगे, सरकार उसे पूरा करेगी। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शुक्रवार को लिखा, एनईईटी (नीट) मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत परीक्षार्थियों के हितों को सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है।

    मैं परीक्षार्थियों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि किसी भी बच्चे के करियर के साथ खिलवाड़ नहीं होगा। इस मामले से जुड़े तथ्य सर्वोच्च न्यायालय के संज्ञान में हैं। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार जो भी आवश्यक कदम उठाने होंगे, सरकार उसे पूरा करेगी। एनईईटी की काउंसलिंग शुरू होने जा रही है और अब इस दिशा में भ्रमित हुए बिना आगे बढ़ने की आवश्यकता है। वीरवार को धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री का पदभार संभालने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था कि नीट-यूजी का कोई पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने छात्रों को आश्वस्त किया कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी बात कही थी।

    दूसरी तरफ, शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की उस याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें कथित नीट पेपर लीक से जुड़े दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित सभी मामलों को शीर्ष अदालत में स्थानांतरित करने की मांग की गई थी। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली अवकाश पीठ ने एनटीए की याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष रिट याचिका दायर करने वाले छात्र से जवाब मांगा है। शीर्ष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई को तय की है।