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  • पूर्व सैनिकों ने मानद नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया

    पूर्व सैनिकों ने मानद नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया

    हिमाचल प्रदेश पुलिस में कार्यरत पूर्व सैनिकों ने आज ओक ओवर में आयोजित एक समारोह में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया। राज्य सरकार के हाल ही में लिए गए निर्णय के तहत 246 पूर्व सैनिकों को हेड कांस्टेबल तथा 115 को सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) के रूप में नियुक्ति प्रदान की गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हेड कांस्टेबल सुधीर शर्मा और कांस्टेबल रवि दत्त के पाइपिंग समारोह में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान राज्य सरकार पुलिस बल में पूर्व सैनिकों के अनुभव, समर्पण और अनुशासन को अत्यंत महत्व देती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रावधानों के अनुसार पुलिस कर्मियों को मानद हेड कांस्टेबल के पद के लिए 20 वर्ष तथा मानद सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) के पद के लिए 32 वर्ष की सेवा पूर्ण करनी होती है। पूर्व सैनिक सामान्यतः अपने सेवाकाल के अपेक्षाकृत बाद के चरण में पुलिस सेवा में शामिल होते हैं, जिसके कारण उनके पास इन मानद नियुक्ति के लिए आवश्यक सेवा अवधि पूर्ण करने का पर्याप्त समय नहीं बचता।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पूर्व सैनिकों के लिए पात्रता सेवा अवधि में आवश्यक छूट देने का निर्णय लिया है ताकि उन्हें मानद हेड कांस्टेबल और मानद एएसआई के रूप में नियुक्ति का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि यह निर्णय राष्ट्र और राज्य के प्रति उनके अमूल्य योगदान तथा सेवाओं को उचित सम्मान प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा। ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पूर्व सैनिकों ने पहले देश की सीमाओं की रक्षा कर राष्ट्र की सेवा की है और अब पुलिस बल में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्हें एक रैंक उच्च नियुक्ति देने से उनकी गरिमा बढ़ेगी और उनकी सेवाओं को उचित सम्मान मिलेगा। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों में अग्निवीर भर्ती योजना लागू होने के बाद युवाओं का सेना के प्रति आकर्षण कुछ कम हुआ है। इसके बावजूद राज्य सरकार अग्निवीरों के लिए रोजगार के अधिकतम अवसर सृजित करने की दिशा में कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 218 के तहत पहले कानूनी संरक्षण केवल वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को प्राप्त था, लेकिन राज्य सरकार ने अब कठिन और प्रतिकूल परिस्थितियों में कार्य करने वाले पुलिस कर्मियों तक भी यह संरक्षण विस्तारित कर दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पुलिस बल के आधुनिकीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों की संख्या को तर्कसंगत बनाया जा रहा है। आईएएस, आईपीएस और आईएफएस कैडर में भी कमी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने नशे के खिलाफ, विशेष रूप से ‘‘चिट्टा’’ की तस्करी के विरुद्ध व्यापक अभियान शुरू किया है, जिसमें पुलिस विभाग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सरकार नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है और नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में संलिप्त पाए जाने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध भी सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी तथा अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी उपस्थित थे।

     

  • सरकारी सुविधा में सफाई-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को पाइप लाइन पर लगाया जाएगा

    सरकारी सुविधा में सफाई-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को पाइप लाइन पर लगाया जाएगा

    चंडीगढ़ : हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य फ़ोकस राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़, सुरक्षित और आधुनिक बनाने पर है।  आज चंडीगढ़ में अपने सरकारी आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य के सरकारी अस्पतालों में प्रबंधन को बेहतर करने के लिए साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर सौंपा जाएगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य अस्पतालों में महिला मरीजों, नर्सों, डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की सुरक्षा को बेहद मजबूत करना है। स्वास्थ्य मंत्री ने महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इसी कड़ी में उन्होंने कुरुक्षेत्र के लोक नायक जयप्रकाश नागरिक अस्पताल में एक नाबालिग लड़की के साथ हुए यौन उत्पीड़न के मामले का जिक्र करते हुए बताया कि आरोपी कंसलटेंट के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसकी सेवाएं समाप्त कर दी हैं।

    आरती सिंह राव ने जानकारी दी कि चरखी दादरी जिले में निर्माणाधीन गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज का नाम देश के महान स्वतंत्रता सेनानी राव तुलाराम के नाम पर रखा जाएगा। इस नामकरण के लिए उन्होंने केंद्र सरकार और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह इस नामकरण के लिए लगातार प्रयास कर रहे थे। स्वास्थ्य मंत्री ने जोर देकर कहा कि ऐसे प्रयासों से हमारी युवा पीढ़ी को देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों के सर्वोच्च बलिदान और संघर्षों को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। यह मेडिकल कॉलेज न केवल चिकित्सा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा, बल्कि युवाओं के लिए एक बड़ा प्रेरणा स्रोत भी बनेगा, जिससे वे देश सेवा के प्रति प्रेरित होंगे। राज्य के नागरिकों को बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए आरती सिंह राव ने कहा कि सरकार की शीर्ष प्राथमिकता सभी जिलों में गायनेकोलॉजिस्ट, एनेस्थीसिया और पीडियाट्रिशन (बाल रोग विशेषज्ञ) की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। उनका मुख्य फोकस सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में महिलाओं और बच्चों को उनके घर के नजदीक ही इलाज की सुविधाएं प्रदान करना है।

    उन्होंने स्वास्थ्य के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में चिकित्सा ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार ने करीब 104.16 करोड़ रुपये के विकास कार्य शुरू किए हैं। इसके साथ ही 15वें वित्त आयोग के तहत राज्य में 766 नए स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण को मंजूरी दी गई है, जिसमें ग्रामीण और कस्बा स्तर पर स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत करने के लिए 597 उप-स्वास्थ्य केंद्र, 51 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), 7 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और 111 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ सेंटर शामिल हैं। मरीजों को आधुनिक सुविधाएं और सस्ती दवाएं देने के प्रयासों को रेखांकित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि हृदय रोगियों की सहूलियत के लिए राज्य के 600 स्वास्थ्य संस्थानों में टेली-ईसीजी सेवाएं शुरू की जा रही हैं। इसके अलावा आम जनता को सस्ती एवं उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं उपलब्ध कराने के लिए 23 जिला अस्पतालों में ‘अमृत फार्मेसी’ स्थापित की गई हैं। इन फार्मेसियों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वे स्वयं भी समय-समय पर औचक निरीक्षण कर स्थिति का जायजा ले रही हैं। पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक तकनीक को स्वास्थ्य क्षेत्र से जोड़ते हुए आरती सिंह राव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश भर में ग्रीन एनर्जी को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी दिशा में अब सरकारी अस्पतालों में सोलर प्लांट लगाने की तैयारी की जा रही है, और हरियाणा सरकार भी इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए तेजी से कदम आगे बढ़ा रही है।

     
  • Bollywood Singer व Rapper Badshah का क्लब किया सील, देखें वीडियो

    Bollywood Singer व Rapper Badshah का क्लब किया सील, देखें वीडियो

    चंडीगढ़ः बॉलीवुड गायक और रैपर आदित्य प्रतीक सिंह सिसोदिया उर्फ़ बादशाह लगातार सुर्खियों में है। हाल ही में ‘टटीरी’ गाने को लेकर विवादों में रहे थे। जिसके बाद गायक को माफी मांगनी पड़ी थी। वहीं आज चंडीगढ़ के सेक्टर 26 में स्थित बादशाह के क्लब को सील कर दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार आज अल सुबह चंडीगढ़ राज्य कार्यालय द्वारा यह कार्रवाई की गई। अधिकारियों द्वारा क्लब के मुख्य गेट पर सील लगा दी गई है।

    इसकी वीडियो भी सामने आई है। बताया जा रहा हैकि क्लब को लेकर पहले भी नोटिस जारी किया जा चुका है। जिसके बाद नियमों के उल्लंघन के चलते आज कार्रवाई की गई। क्लब द्वारा निर्धारित नियमों और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन न करने के कारण यह कार्रवाई की गई है। जिसके बाद आज प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और क्लब को पूरी तरह से सील कर दिया।

    हालांकि उल्लंघन के सटीक कारणों (जैसे समय सीमा, तेज शोर या लाइसेंस संबंधी खामियां) की अभी तक आधिकारिक तौर पर घोषणा नहीं की गई है, लेकिन प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी प्रतिष्ठान को बख्शा नहीं जाएगा। इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई के बाद चंडीगढ़ के अन्य क्लबों में भी चौकसी बढ़ा दी गई है। फिलहाल रैपर बादशाह या उनकी मैनेजमेंट टीम की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। बता दें कि ‘टटीरी’ गाने को लेकर विवादों में घिरने के बाद बादशाह ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म से गाने को हटा दिया था। जिसके बाद उन्होंने लड़कियों की मदद करने का भी ऐलान किया था।

  • 25% नहीं अब सिर्फ 15% ही लगेगा Tariff, Donald Trump ने इस वजह से लिया फैसला

    25% नहीं अब सिर्फ 15% ही लगेगा Tariff, Donald Trump ने इस वजह से लिया फैसला

    नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ कट का ऐलान किया है। यूएस टैरिफ में ये कटौती कुछ सेलेक्टेड एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स और औद्योगिक उपकरणों पर की गई है। अब तक इन सामानों पर अमेरिका की ओर से 25% का टैरिफ लागू किया गया था। इसको ट्रंप ने घटाकर 15% करने का ऐलान किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से कृषि और इंडस्ट्रियल उपकरणों की एक विस्तृत रेंज पर टैरिफ में अस्थायी कटौती अगले साल दिसंबर 2027 तक लागू रहेगी। अमेरिकी की ओर से ये फैसला निवेश को प्रोत्साहित करने और अमेरिकी अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों का समर्थन करने के लिए गया है। इससे सस्ते आयात के साथ-साथ अमेरिकी इस्पात और एल्यूमिनियम के अधिक उपयोग को प्रोत्साहन मिलेगा।

    इस वजह से लिया ट्रंप ने फैसला

    राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की नई घोषणा के तहच ये टैरिफ कटौती दिसबंर 2027 तक प्रभावी रहेगी। इस कदम का उद्देश्य घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और कृषि उत्पादन को मजबूत करते हुए इस सेक्टर से जुड़े व्यवसायों के लिए लागत को कम करना है। टैरिफ कट कंबाइन, हार्वेस्टर और अन्य कृषि उपकरणों समेत कई तरह की दूसरी कृषि मशीनों पर लागू होगी। व्हाइट हाउस की ओर से कहा गया है कि कम टैरिफ से किसानों और कृषि उत्पादकों को कम लागत पर नए उपकरण खरीदने में मदद मिलेगी। ट्रंप प्रशासन ने कम टैरिफ रेट के लिए इंडस्ट्रियल उपकरणों की लिस्ट में बढ़ोतरी की है। खास बात ये है कि टैरिफ कट का ये ऐलान ऐसे समय में किया गया है जबकि अमेरिका अपनी ट्रेड एंड इंडस्ट्रियल पॉलिसी के एक प्रमुख हिस्से के रुप में टैरिफ का इस्तेमाल जारी रखे हुए है। व्हाइट हाउस के अनुसार, यह अस्थायी कटौती कृषि, आवास और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों को समर्थन देने के साथ-साथ कंपनियों को उपकरण और उत्पादन क्षमता में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करने की डिजाइन की गई है।

    क्या भारत को मिलेगा लाभ

    रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका की ओर से टैरिफ कट की ये राहत उन देशों को दी गई है जिनके साथ ट्रेड समझौता है यानी अमेरिका के व्यापार समझौतों का अंतर्गत आने वाले देशों से आयात किए जाने वाले बुलडोजर, फोर्कलिफ्ट और इसी तरह की औद्योगिक मशीनरी और फार्म उपकरणों पर अब 15% का टैरिफ लगेगा जो पहले 25% था। बता दें कि भारत को इसका फायदा मिलता नजर नहीं आ रहा है क्योंकि अभी तक यूएस ईरान ट्रेड डील फाइनल नहीं हुई है।

    ट्रंप ने ये स्कीम भी शुरु की

    डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने घरेलू स्तर पर उत्पादित स्टील और एल्यूमीनियम की डिमांड को बढा़वा देने के उद्देश्य से एक अतिरिक्त प्रोत्साहन योजना की शुरुआत का ऐलान किया है। इसके अंतर्गत विदेशी निर्माता 10% के और भी कम टैरिफ रेट का लाभ उठा सकेंगे। इसके लिए शर्त ये होगी कि उनके द्वारा आयात किए गए कैपिटल इक्विपमेंट में वजन के हिसाब से कम से कम 85% स्टील या एल्युमीनियम अमेरिका का इस्तेमाल हो।        
  • ‘Alpha Event Company’ में Raid, Amazon अधिकारी बनकर चल रहा था फ़र्ज़ी कॉल सेंटर, नोट गिनने की मशीन और 11 लाख बरामद, देखें वीडियो

    ‘Alpha Event Company’ में Raid, Amazon अधिकारी बनकर चल रहा था फ़र्ज़ी कॉल सेंटर, नोट गिनने की मशीन और 11 लाख बरामद, देखें वीडियो

    4 महिलाओं सहित 21 लोग काबू, 4 गिरफ्तार

    पंचकूलाः सेक्टर-2 मार्केट में स्थित ‘अल्फा इवेंट कंपनी’ के दफ़्तर पर पुलिस ने रेड की। इस दौरान फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी करके इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड के रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस की कार्रवाई देर रात शुरू हुई और मंगलवार सुबह करीब 6 बजे तक चली। साइबर क्राइम टीम ने सेक्टर-2 मार्केट स्थित एक ऑफिस से 21 लोगों को हिरासत में लिया। इनमें से 4 लोगों को मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया है। दरअसल, गुप्त सूचना पर कार्रवाई की। 4 मुख्य आरोपियों में से नवदीप, अक्षय टिक्कू, रज़ा और अंकुर कपूर को गिरफ़्तार कर लिया गया, जबकि बाकी 17 लोग कर्मचारी थे, जिनमें चार महिलाएं भी शामिल थीं। पुलिस ने मौके से 19 डेस्कटॉप कंप्यूटर, तीन लैपटॉप, 11.30 लाख रुपये नकद, तीन वॉकी-टॉकी, 16 हेडसेट, दो वाई-फ़ाई राउटर, एक नोट गिनने की मशीन, तीन POS मशीनें और सोने के ज़ेवर बरामद किए। सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा और आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी कथित तौर पर संयुक्त राज्य अमेरिका के नागरिकों के साथ धोखाधड़ी करने में शामिल थे। यह कॉल सेंटर अमेरिका के टाइम ज़ोन (समय क्षेत्र) के हिसाब से चलता था, जिसमें कर्मचारी शाम लगभग 7 बजे से लेकर सुबह लगभग 3 बजे तक काम करते थे। जांचकर्ताओं ने पाया कि कॉल करने वाले लोग कथित तौर पर Amazon के कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव बनकर अमेरिकी निवासियों से संपर्क करते थे। पीड़ितों को कथित तौर पर लंबी बातचीत में उलझाया जाता था और क्रेडिट कार्ड की जानकारी व अन्य संवेदनशील जानकारी साझा करने के लिए मनाया जाता था, जिसका इस्तेमाल बाद में धोखाधड़ी वाले लेन-देन करने के लिए किया जाता था। इस कथित धोखाधड़ी को चलाने के लिए, आयोजकों ने लगभग 20 ऐसे युवा लड़के-लड़कियों को नौकरी पर रखा था जो अच्छी अंग्रेज़ी बोल सकते थे। कर्मचारियों को कथित तौर पर हर महीने 20,000 से 25,000 रुपये वेतन दिया जाता था और काम सौंपने से पहले उन्हें एक हफ़्ते से दस दिन तक चलने वाले एक व्यवस्थित प्रशिक्षण कार्यक्रम से गुज़रना पड़ता था। सूत्रों के अनुसार, गिरफ़्तार आरोपियों में से एक अंकुर कपूर, जो कथित तौर पर सड़क सुरक्षा जागरूकता गतिविधियों से जुड़ा था, और नवदीप नाम के एक वकील ने कथित तौर पर इस काम को छिपाने में मदद की। कपूर अक्सर सड़क सुरक्षा कार्यक्रम आयोजित करता था और ऐसे कार्यक्रमों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को आमंत्रित करता था, जिससे कथित तौर पर किसी को शक नहीं होता था। यह भी पता चला है कि छापे के दौरान पंचकूला के पुलिस कमिश्नर पंकज नैन भी मौके पर पहुंचे थे। हिरासत में लिए गए सभी व्यक्तियों को पूछताछ के लिए साइबर पुलिस स्टेशन ले जाया गया।  
  • Punjab News: लोगों को राहत, 4 साल बाद नेरोगेज रेलवे ट्रैक पर चलेंगी ट्रेन, देखें वीडियो

    Punjab News: लोगों को राहत, 4 साल बाद नेरोगेज रेलवे ट्रैक पर चलेंगी ट्रेन, देखें वीडियो

    पठानकोटः पंजाब के पठानकोट को हिमाचल के जोगिंदर नगर से जोड़ने वाला नेरोगेज रेलवे ट्रैक जो की 2022 में बरसातों के दिनों में बंद हो गया था। क्योंकि चक्की दरिया पर पड़ता रेलवे पुल पानी के तेज बहाव की चपेट में आने से टूट गया था। जिस कारण रेलव सम्पर्क बंद हो गया और पंजाब हिमाचल का रेलवे संपर्क टूट गया लेकिन 4 साल लगातार चक्की दरिया पर रेलवे पुल का काम चलने के बाद अब चक्की दरिया पर पुल बन कर तैयार हो गया है। अब फिर से ट्रेन शुरू हो गई है, जिसकी शुरुआत आज से कर दी गई है।

    जिसके कारण सैलानियों और स्थानीय लोगों को एक बार फिर से हिमाचल की वादियों का नजारा ट्रेन के द्वारा लेने का मौका मिलेगा। यही नहीं पंजाब और हिमाचल में ट्रेन द्वारा व्यापार भी बढ़ेगा। इस बारे में बात करते हुए यात्रियों ने कहा कि पिछले 4 साल से ट्रेन ना चलने के कारण जहां उन्हें ज्यादा पैसे खर्च कर बस द्वारा सफर करना पड़ता था। वहीं अब कम पैसों से रेलवे में सफर कर हिमाचल की वादियों का नजारा लेंगे वहीं ट्रेन चलने से व्यापार में भी बढ़ोतरी होगी, यही नही रोजमर्रा के काम भी अब आसान हो जाएंगे।

     

  • Punjab News: 12वीं कक्षा की अमजोत कौर की मौत मामले में शिक्षा मंत्री ने लिया एक्शन, केस दर्ज

    Punjab News: 12वीं कक्षा की अमजोत कौर की मौत मामले में शिक्षा मंत्री ने लिया एक्शन, केस दर्ज

    अमृतसरः 22 मई को जहरीला पदार्थ निगलने से 12वीं कक्षा की अमजोत कौर की ईलाज के दौरान मौत हो गई थी। वहीं इस मामले में शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने आज एक्शन मोड में दिखाई दिए। जहां उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए है। इस मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही स्कूल प्रशासन की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

    सरकार ने स्पष्ट किया है कि छात्रा को न्याय दिलाने के लिए किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। बता दें कि 17 वर्षीय अमजोत कौर ने इलाज के दौरान उसने एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने स्कूल प्रबंधन पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे और 30 मई को उसकी मौत हो गई थी। अमजोत फतेहगढ़ चूड़ियां रोड स्थित एक निजी स्कूल की छात्रा थी और अपनी मौसी सरबजीत कौर के पास रहकर पढ़ाई कर रही थी। परिजनों के अनुसार स्कूल की करीब 20 हजार रुपए फीस बकाया थी। इसी फीस को लेकर स्कूल प्रबंधन लगातार उस पर दबाव बना रहा था।

    मौत से पहले बनाए गए वीडियो में अमजोत ने कहा था कि 11 मई को उसे स्कूल बुलाया गया, जहां उसे काफी मानसिक रूप से परेशान किया गया। उसका आरोप था कि उसे क्लास के ग्रुप से हटा दिया गया और अलग कमरे में ले जाकर बात की गई। वीडियो में उसने अपनी हालत के लिए स्कूल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराते हुए न्याय की मांग भी की। मौसी सरबजीत कौर ने आरोप लगाया कि स्कूल की प्रिंसिपल शबनम शर्मा और क्लास टीचर आकांक्षा शर्मा फीस को लेकर लगातार दबाव बना रही थीं। उन्होंने स्कूल से फीस किस्तों में जमा करवाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन इसके बावजूद बच्ची पर दबाव जारी रहा।

    परिजनों का यह भी आरोप है कि अमजोत को मेडिकल स्ट्रीम लेने की अनुमति नहीं दी गई, जबकि उससे कम अंक पाने वाली अन्य छात्राओं को मेडिकल स्ट्रीम दे दी गई थी। इसके अलावा उसे क्लास के अतिरिक्त काम करवाए जाते थे। कई बार बाथरूम जाने के बाद भी कक्षा में प्रवेश नहीं दिया जाता था। अमजोत पढ़ाई में काफी होनहार थी। परिवार के अनुसार वह हर कक्षा में अच्छे अंक लाती थी और 10वीं में उसने 86 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। परिजनों का आरोप है कि स्कूल ने उसका रिजल्ट भी रोक रखा था और फीस न जमा होने के कारण नाम काटने की बात कही थी।

     

     

  • ओवरटेक करने को लेकर बाइक और एक्टिवा सवार में हुआ विवाद, चलाई गोलियां, देखें CCTV

    ओवरटेक करने को लेकर बाइक और एक्टिवा सवार में हुआ विवाद, चलाई गोलियां, देखें CCTV

    चंडीगढ़ः सेक्टर-33 और सेक्टर-20 को जोड़ने वाली सड़क पर देर रात करीब 1 बजे बाइक और एक्टिवा सवार युवकों के बीच ओवरटेक करने को लेकर विवाद हो गया। इस दौरान दोनों में विवाद इतना बढ़ गया कि दूसरे पक्ष द्वारा फायरिंग कर दी गई। मिली जानकारी के अनुसार विवाद के बाद एक्टिवा सवार युवकों ने बाइक सवारों का पीछा कर उनके रहने का पता लगाया। आरोप है कि बाद में एक युवक अपने घर से पिस्टल लेकर साथी के साथ दोबारा सेक्टर-20 PG पहुंचा और नीचे खड़ी बाइक में तोड़फोड़ शुरू कर दी। आवाज सुनकर जब दोनों युवक पीजी से नीचे आए तो फिर विवाद हो गया।

    इसी दौरान आरोपी ने पिस्टल से फायरिंग कर दी। गोली चलने से इलाके में दहशत फैल गई, जबकि दोनों युवक जान बचाकर मौके से भागे और पुलिस को सूचना दी। फायरिंग की सूचना मिलते ही थाना-19 की प्रभारी इंस्पेक्टर सरिता राय पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस को देखते ही आरोपी भागने लगे, लेकिन पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर कुछ ही दूरी पर जय किशन को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से देसी कट्टा भी बरामद कर लिया गया। हालांकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी जय किशन नशे का आदी है।

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि उसके पास देसी कट्टा कहां से आया और वह पहले भी किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल रहा है या नहीं। पुलिस के अनुसार, सड़क पर एक बाइक पर दो युवक सवार होकर अपने घर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान चंडीगढ़ नंबर की एक एक्टिवा पर सवार जय किशन और उसका साथी वहां पहुंचे। आरोप है कि एक्टिवा सवार ने तेज रफ्तार में बाइक को ओवरटेक करते हुए आगे से कट मार दिया। इस बात पर एक्टिवा सवारों ने भी जवाब दिया और दोनों पक्षों के बीच सड़क पर ही तीखी बहस शुरू हो गई। कुछ देर तक कहासुनी चलती रही, जिसके बाद दोनों अपने-अपने रास्ते निकल गए।

    विवाद के बाद बाइक सवार युवक अपने सेक्टर-20 स्थित पीजी पहुंच गए। उन्होंने नीचे बाइक खड़ी की और तीसरी मंजिल पर अपने कमरे में सोने चले गए। पुलिस जांच में सामने आया कि एक्टिवा सवार युवकों ने उनका पीछा किया और यह देख लिया कि वे किस मकान में रहते हैं और बाइक कहां खड़ी करते हैं। इसके बाद दोनों आरोपी वहां से चले गए। इसके बाद जय किशन और उसका साथी सेक्टर-30 स्थित अपने घर पहुंचे। वहां से जय किशन ने एक देसी कट्टा उठाया और दोनों दोबारा सेक्टर-20 पहुंच गए। सेक्टर-20 पहुंचकर आरोपियों ने नीचे खड़ी बाइक को तोड़ना शुरू कर दिया। बाइक टूटने की आवाज सुनकर पीजी में रह रहे दोनों युवक तीसरी मंजिल से नीचे उतर आए।

     

  • Punjab News: मजीठा थाने में हुए विवाद के बीच SSP का हुआ तबादला

    Punjab News: मजीठा थाने में हुए विवाद के बीच SSP का हुआ तबादला

    अमृतसरः सीनियर अकाली नेता व पूर्व मंत्री बिक्रम मजीठिया की मुश्किलें बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। दरअसल, बिक्रम मजीठिया के खिलाफ मजीठा थाने में दर्ज FIR दर्ज की गई। मजीठिया के खिलाफ पुलिस द्वारा लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है। पंजाब पुलिस ने लुकआउट लाइन जारी कर दी है। सर्कुलर जारी होने के बाद मजीठिया देश छोड़कर नहीं जा सकेंगे। दूसरी ओर मजीठिया के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर आज पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जहां कोर्ट ने प्रशासन से कल तक जवाब मांगा है। वहीं सरकार द्वारा किए गए पुलिस अधिकारियों के तबादले किए गए।

    जिसमें अमृतसर देहात के एसएसपी सुहैल कासिम मीर भी शामिल हैं, जिन्हें देहात दे हटाकर चंडीगढ़ में ट्रांसफर कर दिया है। दरअसल, एसएसपी मीर निकाय चुनावों के दौरान मजीठा में हुई झड़पों के सिलसिले में सुर्खियों में थे। इसके अलावा, अकाली नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम मजीठिया पर अमृतसर देहात के मजीठा पुलिस स्टेशन से जबरन छुड़ाकर ले जाने का आरोप लगा था। मीर की अगुवाई में बीते दिन अमृतसर और चंडीगढ़ में मजीठिया के परिसरों पर छापेमारी की गई थी, लेकिन पुलिस मजीठिया को गिरफ्तार नहीं कर सकी। जिसके बाद बीते दिन शाम को एसएसपी की ट्रांसफर हो गई।

  • Trump की फटकार के बाद Netanahayu ने पीछे खींचा कदम, लेबनान पर हमला नहीं करेगा Israel

    Trump की फटकार के बाद Netanahayu ने पीछे खींचा कदम, लेबनान पर हमला नहीं करेगा Israel

    नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फोन कॉल पर फटकार लगाने के बाद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लेबनान को लेकर सुर नरम पड़े हैं। ट्रंप ने नेतन्याहू को लेबनान के खिलाफ हमले को रोकने के लिए राजी कर लिया है जिसके बाद उन्होंने अपने सैनिकों को वापिस बुला लिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर पोस्ट कर खुद इसकी जानकारी दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को बेरुत पर हमले को रोकने के लिए मना लिया है। इसके बाद इजरायली नेता ने अपने सैनिकों को वापिस बुला लिया है। ट्रंप ने सोमवार शाम को ट्रुथ सोशल पर यह घोषणा की है।

    नेतन्याहू के साथ की फोन पर बात

    उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री को उनके पॉपुलर निकनेम से संबंधित करते हुए कहा कि – आज मेरे बीबी नेतन्याहू से बात हुई हैं। मैंने उनसे लेबनान के बेरुत पर बड़ा हमला न करने की अपील की है। उन्होंने अपने सैनिकों को वापिस बुला लिया है। थैंक्यू बीबी। ऐसी खबरें थी कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत गरमागरम रही और अमेरिकी राष्ट्रपति ने नेतन्याहू से कहा कि यदि उन्होंने दखल न दिया होता तो वह जेल में होते।

    नेतन्याहू को खुद लगी फटकार

    एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल के लेबनान पर बढ़ते हमलों को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को नेतन्याहू को कॉल कर फटकार लगाई है। ट्रंप ने नेतन्याहू को पागल तक कह दिया है। ट्रंप ने कहा कि – अगर मैं न होता तो तुम जेल में होते। मैं तुम्हारी जान बचा रहा हूं। अब हर कोई तुमसे नफरत करता है। इस कारण से हर कोई इजराइल से नफरत करता हूं।

    ईरान ने दी थी डील से पीछे हटने की धमकी

    यह सब उस समय हुआ जब ईरान ने लेबनान पर इजरायल की बढ़ती कार्रवाई को लेकर अमेरिका के साथ शांति समझौते पर बातचीत को छोड़ने की धमकी दी थी। ईरान की अर्ध-सरकारी न्यूज एजेंसी तस्त्रीम ने सोमवार को कहा कि तेहरान को बातचीत करने वाली टीम लेबनान पर हमलों की वजह से अमेरिका के साथ मीडिएटर के जरिए मैसेज को लेन-देन रोक रही है हालांकि ट्रंप ने बातचीत जारी रहने की बात कही है।