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इस दिन से BP, Diabetes और Cancer को स्वास्थ्य मंत्रालय शुरू करेंगा राष्ट्रव्यापी Free जांच अभियान
नई दिल्ली: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) ने उच्च रक्तचाप, मधुमेह और कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियों (NCD) के लिए देशव्यापी जांच अभियान की घोषणा की है। जांच अभियान 20 फरवरी से 31 मार्च तक चलेगा। स्वास्थ्य मंत्रालय ने 30 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों से इन बीमारियों की जांच निकटतम सरकारी स्वास्थ्य सुविधा केंद्र से करवाने का आह्वान किया है।

मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, “अपने स्वास्थ्य की जिम्मेदारी लें – 20 फरवरी से 31 मार्च तक गैर-संचारी बीमारियों (NCD) के लिए देशव्यापी जांच अभियान में शामिल हों और अपने नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य सुविधा केंद्र में मुफ्त जांच करवाएं।” इसमें कहा गया है, “सभी सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मौखिक, स्तन और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के लिए एक राष्ट्रव्यापी विशेष जांच अभियान चलाएँगी।” मंत्रालय ने पोस्ट के साथ एक इन्फोग्राफ़िक में मधुमेह के लक्षणों को भी सूचीबद्ध किया है जिन्हें किसी को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। इनमें “धुंधली दृष्टि, भूख में वृद्धि, घावों का देर से भरना, थकान, लगातार प्यास लगना, अचानक वजन कम होना और बार-बार पेशाब आना” शामिल हैं।
मंत्रालय ने कहा, “मधुमेह के इन लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करें!” स्क्रीनिंग अभियान ऐसे समय में चलाया जा रहा है जब देश में गैर-संचारी रोगों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय पोषण संस्थान (ICMR-NIN) के आंकड़ों के अनुसार, देश में कुल मृत्यु दर में गैर-संचारी रोगों का योगदान 66 प्रतिशत है। हृदय संबंधी बीमारियों, मधुमेह, पुरानी सांस की बीमारियों और कैंसर का बोझ भी एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बन गया है, खासकर 30 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों में।
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Punjab News: High Court ने इस मामले में Chief Secretary को किया तलब
मलेरकोटलाः संगरूर के मलेरकोटला जिले में सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की कमी का मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया। दरअसल, इस मामले को लेकर भीष्म किंगर की ओर से हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई। जिसमें अस्पताल में रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरने की मांग की गई है। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने पंजाब के मुख्य सचिव को पेश होने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 4 मार्च को होगी। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने अस्पताल में सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनों के बारे में भी जानकारी मांगी है।
बता दें कि भीष्म किंगर ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर में कहा है कि अस्पताल में डॉक्टरों के 17 में से 13 पद खाली हैं। इसके अलावा सामान्य डॉक्टरों के 39 में से 37 पद खाली हैं। याचिकाकर्ता भीष्म किंगर ने हाई कोर्ट को बताया कि अस्पताल में 4 डॉक्टर हैं, जिनमें से 2 नाइट ड्यूटी पर रहते हैं। उन पर पूरे जिले के लोगों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी है। याचिका में अपील की गई है कि सरकार को यहां डॉक्टरों के रिक्त 13 पदों को जल्द से जल्द भरना चाहिए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
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स्वयं सहायता समूह बनाएंगे महिलाओं को आत्मनिर्भर :जतिन लाल
बंगाणा में लगे स्वयं सहायता समूह का जिलाधीश ने किया निरीक्षण, घरेलू उपकरण पर की चर्चाऊना/सुशील पंडित : जिला ऊना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में जिला प्रशासन ऊना ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिलाधीश जतिन लाल की अध्यक्षता में जिला ऊना में स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी महिलाओं द्वारा निर्मित घरेलू उत्पादों के क्रय-विक्रय को बढ़ावा देने, उनके व्यवसायिक कौशल को निखारने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कार्य करेगी। जिलाधीश ऊना जतिन लाल ने कहा कि स्वयं सहायता समूह के सौजन्य से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने का एक अच्छा जरिया है। घरेलू उत्पादन करके महिलाएं खुद आत्म निर्भर बन सकती हैं। उन्होंने कहा कि उपकरण के साथ खाद्यान्न वस्तुओं का उत्पाद करके स्वयं सहायता समूह के द्वार बाजार में अच्छे दामों में बेचकर महिलाएं अपनी आर्थिकी मजबूत कर सकती हैं। इस मौके पर प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।बंगाणा में लगा स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल का जिलाधीश ने किया निरीक्षणखंड विभाग भवन बंगाणा परिसर में स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉल का जिलाधीश ऊना जतिन लाल ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं द्वारा निर्मित घरेलू उत्पादों और हस्तशिल्प की गुणवत्ता की सराहना की। इन स्टॉल पर विभिन्न प्रकार के हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई थी, जिनमें जैविक उत्पाद, हैंडमेड सजावटी सामान, खाने-पीने की वस्तुएं, कपड़े, बांस से बने उत्पाद और कई अन्य घरेलू उपकरण शामिल थे।जिलाधीश ऊना जतिन लाल ने कहा कि प्रशासन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर संभव सहायता करेगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जिले में निर्मित घरेलू उत्पादों के बाजार को मजबूत करने की जरूरत है, ताकि स्थानीय स्तर पर ही इनका व्यापार बढ़ाया जा सके। उन्होंने आश्वासन दिया कि स्वयं सहायता समूहों को न केवल वित्तीय सहायता दी जाएगी, बल्कि उनके उत्पादों को ऑनलाइन और ऑफलाइन मार्केट में भी उचित स्थान दिलाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में घरेलू उपकरणों की मार्केट में जरूरत भी है। ओर आज के समय में जनता पसंद भी कर रही है।जिलाधीश ऊना जतिन लाल ने भी स्वयं सहायता समूह से खरीदे उपकरणखंड बिकास भवन बंगाणा में लगे स्वयं सहायता समूह के स्टॉल के निरीक्षण के दौरान जिलाधीश जतिन लाल ने स्वयं भी कुछ उत्पाद खरीदे और महिलाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य महिलाओं को स्वावलंबी बनाना है, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधार सकें। उन्होंने कहा कि कमेटी द्वारा स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को विभिन्न प्रकार की व्यावसायिक ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इसमें मार्केटिंग, ब्रांडिंग, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर व्यापार विस्तार और वित्तीय प्रबंधन जैसी आवश्यक जानकारियां दी जाएंगी। जिलाधीश ने बताया कि आने वाले समय में स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए कई योजनाएं चलाई जाएंगी।जिलाधीश जतिन लाल ने कहा कि जिला ऊना में स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सरकारी और निजी आयोजनों में इनके उत्पादों को बिक्री के लिए विशेष स्थान दिया जाएगा। विभिन्न सरकारी कार्यालयों, मेलों और प्रदर्शनियों में इनके स्टॉल लगाए जाएंगे, जिससे महिलाओं को सीधा ग्राहकों से जुड़ने और अपने उत्पादों को बेचने का अवसर मिलेगा। जिलाधीश ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना समाज के समग्र विकास के लिए आवश्यक है। जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी, तो न केवल उनके परिवार बल्कि पूरा समाज प्रगति करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन की ओर से महिलाओं को हरसंभव सहयोग दिया जाएगा, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने व्यवसाय को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा सकें। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाएगी। जिला ऊना में गठित कमेटी द्वारा किए गए प्रयास निश्चित रूप से महिलाओं के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यह पहल महिलाओं को नए अवसर देने और उनके आर्थिक उत्थान के लिए मील का पत्थर साबित होगी। -

AAP Party के दिग्गज नेता की बढ़ी मुश्किलें, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी
नई दिल्ली: दिल्ली के पूर्व सेहत मंत्री व आप पार्टी के दिग्गज नेता की मुश्किलें बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। दरअसल, मनी लॉन्डिंग मामले में पूर्व सेहत मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ मुकदमा दोबारा से चलाया जाएगा। मिली जानकारी के अनुसार इस केस को लेकर राष्ट्रपति ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को केस चलाने की अनुमति दे दी। गृह मंत्रालय ने राष्ट्रपति से सत्येंद्र जैन के खिलाफ केस चलाने की अनुमति मांगी थी, जिसे राष्ट्रपति ने मंजूरी दे दी। अब उनके खिलाफ बीएनएस की धारा 218 के तहत अदालत में मामला चलेगा।
बता दें कि हवाला कारोबार से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ईडी ने 2022 के मई महीने में सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार किया था। जब सत्येंद्र जैन गिरफ्तार हुए थे, तब वे दिल्ली सरकार में मंत्री थे और उनके पास स्वास्थ्य, बिजली समेत अन्य मंत्रालय थे। वे इस वक्त जमानत पर हैं। ईडी ने उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। सबसे पहले साल 2017 के अगस्त महीने में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला सामने आया था। इस मामले में सीबीआई ने आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। दिसंबर 2018 में जांच एजेंसी ने आरोपपत्र दाखिल किया था।
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जिलाधीश ऊना ने किया प्रैस रूम बंगाणा का निरीक्षण, उपकरणों की तत्काल उपलब्धता के दिए आदेश
ऊना/सुशील पंडित : उपमंडल बंगाणा के प्रैस क्लब बंगाणा के पत्रकारों के लिए यह दिन ऐतिहासिक बन गया, जब जिलाधीश ऊना जतिन लाल ने बंगाणा स्थित प्रैस रूम का निरीक्षण किया और इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की स्वीकृति प्रदान की। इस अवसर पर प्रैस क्लब बंगाणा के अध्यक्ष अनिल ठाकुर की अध्यक्षता में सभी पत्रकारों ने जिलाधीश का गर्मजोशी से स्वागत किया। ज्ञात रहे बंगाणा के पत्रकारों ने लंबे समय से एक बेहतर प्रैस रूम की मांग कर रखी थी, जिसे विधायक विवेक शर्मा के सहयोग से साकार किया गया। बीस वर्षों से संजोए इस सपने को पूरा करने में स्थानीय प्रशासन की भी अहम भूमिका रही। निरीक्षण के दौरान जिलाधीश जतिन लाल ने प्रैस रूम में सुविधाओं की कमी को देखते हुए तत्काल प्रभाव से आवश्यक उपकरण उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। इसमें एक बड़ी एलईडी स्क्रीन, एयर कंडीशनर, कंप्यूटर, पर्दे और एक लैपटॉप शामिल हैं। प्रैस क्लब बंगाणा के सदस्यों ने बताया कि वर्षों से पत्रकारों के लिए बुनियादी सुविधाएं न होने के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब आधुनिक सुविधाओं से लैस यह प्रैस रूम न केवल उनके कार्य को सुगम बनाएगा, बल्कि पत्रकारिता के स्तर को भी ऊंचा उठाने में सहायक सिद्ध होगा। विधायक विवेक शर्मा ने प्रैस क्लब बंगाणा की आवश्यकताओं को समझते हुए पहले ही फर्नीचर की व्यवस्था के लिए एक लाख रुपये की धनराशि प्रदान की थी। वहीं, जिलाधीश जतिन लाल ने उपकरणों की उपलब्धता की स्वीकृति देकर पत्रकारों की मुश्किलों को और कम कर दिया।प्रशासन और पॉलिटीशियन के बीच सेतू का काम करता है मीडिया:जतिन लालप्रैस रूम बंगाणा के निरीक्षण के दौरान जिलाधीश जतिन लाल ने कहा पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं और उनकी सुविधा का ध्यान रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। प्रैस क्लब बंगाणा के लिए आधुनिक उपकरण जल्द उपलब्ध करवाए जाएंगे, जिससे पत्रकारों को अपने कार्य में कोई बाधा न आए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रैस रूम के भीतर जल्द से जल्द एलईडी, एसी, कंप्यूटर, पर्दे और लैपटॉप की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिलाधीश ने कहा कि सरकार की योजनाओं को जनता तक ओर जनता की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने पर मीडिया अहम रोल अदा करता है। ओर प्रशासन ओर पॉलिटीशियन के बीच मीडिया सेतू का काम करता है। इसलिए प्रैस रूम बंगाणा के लिए कभी कोई ओर समस्या हो। तो उसका भी समाधान तत्काल किया जाएगा। इस मौके पर एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल,खंड विकास अधिकारी सुशील कुमार, प्रैस क्लब के अध्यक्ष अनिल ठाकुर, महासचिव जोगेंद्र देव आर्य, नैशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट के अध्यक्ष विपिन साजन, अजय शर्मा,राजेश ठाकुर,जितेंद्र शर्मा,नीना कुमारी,रिंकू तलमेहड़ा,शकुंतला देवी,राम सिंह, विनोद शर्मा ,सतीश कुमार के अलावा सभी सदस्य मौजूद रहे। -

राजकीय महाविद्यालय ऊना में प्रवेश टैस्टिंग कैंप का समापन
ऊना/सुशील पंडित : राजकीय महाविद्यालय ऊना की रोवर रेंजर इकाई द्वारा चलाए जा रहे प्रवेश टैस्टिंग कैंप के समापन समारोह में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ मीता शर्मा ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ सुरेश कुमार ने शिरकत की। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर गई। रोवर स्काउट लीडर डॉ शाम सिंह बैंस द्वारा कैंप में करवाई गई गतिविधियों की रिपोर्ट पढ़ी गई।
मुख्यातिथि महोदय ने बच्चों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। अंत में प्राचार्य ने बच्चों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर डॉ मदन, डॉ रविंदर डोगरा, डॉ पवित्र दुलारी, डॉ मोनिका, प्रो मंजीत एवं प्रो विकास मौजूद रहे। -

Jalandhar News: Boxing Champion में सपना पूरा ना होने पर 3 दोस्तों ने की अनोखी मिसाल पेश, देखें वीडियो
2 बच्चे नेशनल और 13 बच्चे जीत चुके स्टेट अवॉर्ड
जालंधर, ENS: महानगर के लद्देवाली गांव में 3 दोस्तों ने बॉक्सिंग चैपियन बनने का सपना देखा था, लेकिन वह अधूरा रहा गया। जिसके बाद उन्होंने तीनों दोस्तों ने एक ऐसी मिसाल पेश की कि वह अब कई युवाओं के सपने साकार कर रहे है। दरअसल, आज तीनों दोस्तों की मेहनत और निष्काम भाव से बच्चों को बॉक्सिंग की ट्रेनिंग दी जा रही है। तीनों दोस्तों द्वारा बच्चों को ट्रेनिंग रंग भी ला रही है। तीनों की ट्रेनिंग के चलते आज 2 बच्चे नेशनल अवार्ड और 13 बच्चे स्टेट अवार्ड जीत चुके हैं। यही कारण है कि तीनों दोस्तों की यह कहानी लोगों की जुबान पर है। हर कोई इसको सराहता हुआ नजर आ रहा है। तीनों दोस्त आज करीब 72 ऐसे बच्चों को अपने कोचिंग सेंटर में ट्रेनिंग दे रहे है। दरअसल, तीनों दोस्तों के जब खुद के सपने पूरे नहीं हुए तो इन बच्चों के सुनहरे भविष्य को साकार करते हुए उनमें से अपने सपने को साकार करता हुआ देख रहे है। कहानी तीन ऐसे दोस्तों की है जो बॉक्सिंग में नेशनल स्तर पर तो पहुंचे लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलना उनके लिए मुमकिन नहीं हो पाया। ऐसे में करीब ढाई साल पहले इन तीनों ने मिलकर यह फैसला किया कि जो सपने वह खुद पूरे नहीं कर पाए वह उन बच्चों के सहारे पूरे करेंगे जो बॉक्सिंग में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं। इन तीन दोस्तों का नाम है मोहित शर्मा, मोहित नंदा और फिटनेस ट्रेनर जसवीर सिंह। इनमें से मोहित शर्मा पंजाब पुलिस में कार्यरत है जबकि मोहित नंद का अपना बिजनेस है और जसवीर सिंह एक फिटनेस ट्रेनर है। करीब ढाई साल पहले इन लोगों ने लद्देवाली गांव में एक बॉक्सिंग इंस्टिट्यूट खोला। जिसमें उसे समय 5 बच्चों से इस बॉक्सिंग ट्रेनिंग सेंटर की शुरुआत हुई। आज इस ट्रेनिंग केंद्र में करीब 72 बच्चे बॉक्सिंग की ट्रेनिंग ले रहे हैं। यही नहीं इन बच्चों में से दो बच्चे नेशनल 13 बच्चे स्टेट अवार्ड जीत चुके हैं। मोहित नंदा ने बताया कि तीनों दोस्तों ने करीब ढाई साल पहले इस ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट को बनाने का फैसला लिया था। वह चाहते थे कि जो सपने वह खुद पूरे नहीं कर पाए वह सपने उनके यह बच्चे पूरे करें। मोहित नंद के मुताबिक इस ट्रेनिंग सेंटर में शाम को 6 बजे से लेकर 8 बजे तक बच्चों को बॉक्सिंग की ट्रेनिंग दी जाती है। यही नहीं इन बच्चों को बॉक्सिंग ग्लव्स ट्रैकसूट और बाकी सामान बिल्कुल मुफ्त में दिया जाता है। जिसका सारा खर्चा वह खुद अपने दम पर करते हैं। उन्होंने बताया कि आज उनके यह बच्चे न सिर्फ स्टेट लेवल पर बल्कि नेशनल लेवल पर भी इस इंस्टिट्यूट का नाम रोशन कर चुके हैं। उनके मुताबिक उनका इस बात की बेहद खुशी है कि अब आने वाले समय में उनके यह बच्चे बड़े कंपटीशन के लिए विदेश भी जा सकते हैं और यही सपना देखकर उन्होंने इस इंस्टीट्यूट की शुरुआत की थी। मोहित नंद के मुताबिक जब उन्होंने यह ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट खोलने कहा तो उनके सामने सबसे बड़ी समस्या जगह की थी। पहले उन्होंने गांव के एक पार्क में इस इंस्टीट्यूट को खोलना चाहा लेकिन लोगों के विरोध के बाद उन्होंने अपना यह फैसला बदलकर एक ऐसे प्लांट पर इसकी शुरुआत की। जिसमें पूरी तरह से जंगल बना हुआ था। लेकिन खुद की और बच्चों की मेहनत के बाद इसको पूरी तरह से साफ किया गया और आज इस प्लांट को किराए पर लेकर एक शानदार बॉक्सिंग रिंग भी यहां पर लगवाया गया है। जिसमें बच्चे बॉक्सिंग की अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग ले रहे हैं। उधर, इस इंस्टिट्यूट में स्टेट और नेशनल खेल चुके बच्चे भी मानते हैं कि इस इंस्टिट्यूट में आकर उन्हें बॉक्सिंग की पूरी तरह से ट्रेनिंग मिली और जिसका नतीजा यह है कि आज वह स्टेट और नेशनल लेवल के खिलाड़ी बन चुके हैं। उनका कहना है कि इस इंस्टिट्यूट में उन्हें हर तरह की सुविधा मिल रही है और इसके साथ-साथ एक नहीं बल्कि 3-3 कोच उन्हें यह ट्रेनिंग दे रहे हैं जो खुद भी अपने समय के एक बेहतरीन खिलाड़ी रह चुके हैं। -

Punjab News: लोकसभा के सेशन को लेकर MP अमृतपाल सिंह ने High Court का किया रुख
मोहालीः डिब्रूगढ़ जेल में बंद खडूर साहिब के सांसद अमृतपाल सिंह को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार अमृतपाल सिंह की लोकसभा मेंबरशिप पर खतरा मंडरा रहा है। जिसके चलते अमृतपाल सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। अमृतपाल सिंह ने हाईकोर्ट से मांग की है कि उन्हें लोकसभा की कार्रवाई में हिस्सा लेने की अनुमति दी जाए।
नियमों के मुताबिक, अगर वह लोकसभा की कार्यवाही से 60 दिन गैर हाजिर रहते हैं तो मेंबरशिप रद्द हो सकती है। उन्होंने दलील दी है कि वह 46 दिनों से लोकसभा की कार्यवाही में शामिल नहीं हो पाए हैं। हालांकि इस याचिका पर सुनवाई कब होगी। इसके बारे में आने वाले दो दिनों में फैसला होगा।
अमृतपाल के वकील की तरफ से दायर याचिका में बताया गया उन्हें इस बारे में लोकसभा की तरफ से पत्र मिला है। जिससे यह सारी चीजे सामने आई है। हालांकि अमृतपाल सिंह खडूर साहिब के सांसद हैं। ऐसे में उनकी तरफ से लोकसभा स्पीकर से सेशन में शामिल होने की मांग रखी है। इससे पहले उनकी तरफ से अमृतसर के जिला मजिस्ट्रेट को भी अपनी रिप्रेजेंटेशन दी थी। जिसे रद्द कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि पहले 24 जून से दो जुलाई, 25 नवंबर तक 19 दिन, 25 नवंबर से 12 दिसंबर तक 17 हाजिर रहे हैं।
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ऊना में बिजली बोर्ड कर्मियों, अभियंताओं और पेंशनरों ने की पंचायत, रैली निकाली
ऊना/सुशील पंडित : जिला ऊना के सैकड़ों बिजली बोर्ड कर्मचारियों, अभियंताओं, पेंशनरों व बिजली उपभोक्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर रैली निकाली। ज्ञात रहे कि संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले बिजली कर्मचारी, अभियंता व पेंशनर्स मांगों को लेकर 6 फरवरी से आंदोलनरत हैं। 11 फरवरी को हमीरपुर में इसी तरह की बिजली कर्मचारियों ने पंचायत का आयोजन किया था। इस मौके पर कमेटी के नेताओं की ओर से कर्मचारी नेता नीतीश कुमार की बर्खास्तगी का विरोध किया और इसे महज बिजली बोर्ड प्रबंधन द्वारा पदों को समाप्त करने और बोर्ड में पुरानी पेंशन के पक्ष में आवाज उठाने पर बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया।
पंचायत के बाद रैली निकाली गई और जिलाधीश के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया। उन्होंने कहा कि यदि उठाई गई मांगो का समय रहते निवारण नहीं किया तो अगली जिला पंचायत चम्बा में 3 मार्च,2025 को होगी। कमेटी के सह संयोजक ने कहा कि सरकार और प्रबंधन को जिम्मेदारी की भावना के साथ आगे आना चाहिए और बिजली बोर्ड़ कर्मचारी, अभियंता व पेंशनर्स की जेएसी की ओर से उठाए गए मुद्दों पर तुरंत बातचीत करनी चाहिए ताकि उनके बीच व्याप्त गतिरोध को तोड़ा जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आक्रोश को देखते हुए प्रबंधन इन मुद्दों पर वार्ता व समाधान नहीं करता है तो जेएसी एक बड़ी कार्रवाई करने को मजबूर होगी, जिसके लिए प्रबंधन को पहले ही नोटिस दिया जा चुका है।क्या हैं मांगेंबिजली बोर्ड में युक्तिकरण और पदों में कटौती पर रोक लगाई जाए। हाल ही में समाप्त किए गए 51 पदों को बहाल किया जाए। बिजली बोर्ड में कर्मचारियों की भारी कमी को देखते हुए खाली पदों पर तुरंत भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए। मई 2003 के बाद भर्ती बिजली कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन प्रणाली को किया जाए। पिछले दो वर्षों से लंबित पेंशनरों के पेंशन बकाया राशि, लीवईन्केशमेंट और ग्रेच्युटी की अदायगी शीघ्र की जाए। बिजली बोर्ड में कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों के लिए स्थायी नीति बनाई जाए और पिछले दिनों में छंटनी किए गए 81 ड्राइवरों (आउटसोर्स) को फिर से काम पर रखा जाए। सरकार और प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड कर्मचारी एवं अभियंता संयुक्त मोर्चा के बीच हस्ताक्षरित द्विपक्षीय समझौते के प्रावधानों का पालन किया जाएगा तथा उनके परामर्श के बिना किसी भी परिसंपत्ति का हस्तांतरण न किया जाए। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड के सब स्टेशन एवं पावर हाउस के संचालन एवं रख-रखाव की आउटसोर्सिंग बंद की जाए। आज ऊना में हुई बिजली पंचायत में संयुक्त मोर्चा के ई. एमएल वशिष्ठ, चंद्र सिंह मंडयाल, ई. केडी शर्मा, अजय पराशर, ई. दीपक चौहान, अश्वनी शर्मा और हीरा लाल वर्मा, शांतिस्वरूप शर्मा, जगमेल ठाकुर,कुलदीप खरवाड़ा, कामेश्वर दत्त शर्मा, पवन मोहल, मुनीश शर्मा, पंकज शर्मा, शाम लाल मौजूद रहे।
