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डॉक्टर की लापरवाही से गई 4 साल के मासूम की जान
डॉक्टर को नीद इतनी प्यारी कि ढंग से नही देखा मरीजबद्दी : बद्दी अस्पताल के एक चिकित्सक की लापरवाही से एक चार साल के बच्चे की बिना उपचार के मौत हो गई है। बद्दी अस्पताल में उपचार न मिलने पर बच्चे का पिता अपने बीमार बेटे को पीजीआई ले गया लेकिन वहां तक पहुंचने से पहले बच्चे ने दम तोड़ दिया। चंबा के सलूनी निवासी भूपेंद्र झाड़माजरी में किसी कंपनी में काम करता है। उसके चार साल के बेटा पियूष की सोमवार शाम को अचानक तबियत खराब हो गई। उसे लगातार खांसी हो रही थी। ड्यूटी से जैसे ही वह घर पर आया तो उसकी पत्नी ने उसे बच्चे के बीमारी होने के बारे में जानकारी दी। उसने तुरंत साथ लगती मेडिकल शाप से उसे खांसी की दवाई दी गई। मेडिकल शाप में तैनात फार्मासिस्ट ने उसे कहा कि बच्चे को साढ़े पांच एमएल दवाई पीने के दे दो। लेकिन उसकी खांसी बंद नहीं हुई।
वह अपनी पत्नी व दूसरे बच्चे के साथ लेकर मध्य रात्रि को बद्दी अस्पताल लाया गया। वहां पर तैनात चिकितस्क अपने कमरे में आराम कर रहा था। वहीं पर तैनात सुरक्षा कर्मी व चौकीदार भी नशे में था। काफी देकर भूपेंद्र अपने बच्चे को दिखाने के लिए गुहार करता रहा। तब तक चौकीदार बच्चे को उस कमरे में ले गया जहां पर चिकित्सक सोया हुआ था। चिकित्सक ने रजाई से मुंह निकाल कर उसे यह कहा कि अभी यहां पर कोई दवाई नहीं है। सुबह से साढ़े तीन बज गए है उसे सुबह लेकर आना। जिस पर भूपेंद्र अपनी पत्नी व बीमार बच्चे को लेकर अस्पताल के आगे बैंच पर बैठा रहा। बच्चे की तबियत ठीक होने की बजाए और बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया।दो घंटे तक बेहोशी की हालत में वह सुबह होने का इंतजार करने लगा और चिकित्सक चुपचाप सौ गया। उसके बाद भूपेंद्र ने टेंपू स्टैंड पर गया और वहां से एक टैंपू लेकर अस्पताल आया और बच्चे व पत्नी को लेकर झाड़माजरी कमरे गया। उसके कमरे के आगे एक टैक्सी खड़ी थी जिसके शीशे पर नंबर लिखा था। उसने उस नंबर पर काल किया और टैक्सी चालक उसी समय आ गया और उसे लेकर पीजीआई गया लेकिन तब तक बहुत देर हो गई थी और बच्चे ने वहां पर पहुंचते ही दम तोड़ दिया। उधर बीएमओ योगेश गुप्ता ने बताया कि उनके संज्ञान में यह मामला आया है और इसकी जांच की जा रही है। अगर इसमें डॉक्टर दोषी करार पाया गया तो उसे पर कार्रवाई भी की जाएगी। -

Punjab News: अवैध Immigration दफ्तरों को लेकर High Court ने जारी किए सख्त आदेश
गुरदासपुरः अमेरिका से 3 विमानों में डिपोर्ट होकर पहुंचे भारतीय यात्रियों को लेकर मुद्दा गरमाया हुआ है। वहीं इस मामले को लेकर सासंद में नेता सवाल उठा रहे है। इस दौरान हाल ही में सीएम भगवंत मान ने भी अमेरिका से डिपोर्ट होने के मामले को लेकर केंद्र पर जमकर निशाना साधा था। दूसरी ओर अमेरिका से डिपोर्ट होने के मामले में डीजीपी गौरव यादव द्वारा 4 सदस्यी एसआईटी का गठन किया गया है। वहीं पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में इस मामले को लेकर याचिका दायर की गई। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान सरकार को गैरकानूनी तरीके से इमिग्रेशन को रोकने के आदेश दिए हैं। सरकार को एक महीने में अवैध इमिग्रेशन रोकने के लिए कदम उठाने होंगे।
दरअसल, एडवोकेट कंवल पहुल सिंह ने एक याचिका दायर की। जिसमें उन्होंने अमेरिका से बड़ी संख्या में पंजाब के लोगों के वापस भेजे जाने (डिपोर्टेशन) की घटना को उठाया है। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को आदेश दिया कि वह अवैध ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई करे और पंजाब से अमेरिका तक डंकी रूट से हो रही अवैध इमिग्रेशन को रोकने के लिए एक महीने के भीतर फैसला लें। मुख्य न्यायाधीश शील नागु और न्यायमूर्ति हरमीत सिंह ग्रेवाल ने याचिकाकर्ता एडवोकेट कंवल पहुल सिंह को सलाह दी कि वह अपनी शिकायत सरकार को भेजे। कोर्ट ने सरकार से कहा कि वह 30 दिनों के भीतर इस पर फैसला लेकर जानकारी दे। इसके साथ ही याचिका का निपटारा भी कर दिया गया।
मिली जानकारी के अनुसार याचिका में 3 प्रमुख मांगों को रखा गया था। जिसमें पंजाब के हर जिले में इमिग्रेशन चेक पोस्ट बनाया जाए, ताकि विदेश जाने की प्रक्रिया सही तरीके से हो और लोग धोखाधड़ी का शिकार न हों। दूसरा फर्जी ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। तीसरा विदेशों में काम देने वाले प्रमाणित रिक्रूटिंग एजेंट्स की सूची अपडेट की जाए। सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार के वकील ने कोर्ट को बताया कि अमेरिका से आए पहले जत्थे में 104 लोगों में से 32 पंजाब, 32 हरियाणा और बाकी अन्य राज्यों के थे।
केंद्र सरकार के वकील धीरज जैन ने कहा कि ये लोग पहले यूरोप पढ़ाई या टूरिस्ट वीजा पर गए थे, फिर वहां से अवैध तरीके से अमेरिका पहुंचे। केंद्र सरकार ने बताया कि इमिग्रेंट्स रक्षक सिर्फ उन लोगों पर लागू होता है जो वर्क वीजा पर विदेश जाते हैं, लेकिन ये लोग टूरिस्ट या स्टडी वीजा पर गए थे। दलीलें सुनने के बाद, पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट पीठ ने याचिकाकर्ता को उचित अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराने की सिफारिश की है। इसके साथ ही, याचिका का निपटारा कर दिया गया।
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Punjab News: शीतला माता मंदिर में हुई बेअदबी, भारी हंगामा, देखें वीडियो
लुधियानाः जिले के चंडीगढ़ रोड पर स्थित जमालपुर इलाके में शीतला माता मंदिर में बेअदबी की घटना सामने आई है, जहां महिला द्वारा मंदिर में तोड़फोड़ की गई और सामान बिखेर दिया गया। इस घटना को लेकर लोगों में भारी रोष पाया जा रहा है। वहीं कमेटी के सदस्य आशु राणा ने कहा कि जब उन्हें पता लगा कि आज मंदिर में बेअदबी की घटना की सूचना मिली है, जहां महिला द्वारा मंदिर में बेअदबी की गई। उन्होंने कहा कि अब कहा जा रहा है कि महिला मंदबुद्धि है।
राणा ने कहा कि अगर उसकी दामागी हालत ठीक नहीं है तो उसके परिजनों को महिला का उपचार करवाना चाहिए। महिला की पहचान तारा रानी के रूप में हुई है जो कि नेपाल की रहने वाली है। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है। वहीं मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला को हिरासत में ले लिया है और उसे पूछताछ के लिए पुलिस थाने ले गई है।
वहीं मामले की जानकारी देते हुए जांच अधिकारी ने कहा कि मंदिर में बेअदबी की सूचना मिली थी। वहीं इस मामले को लेकर महिला को काबू करके उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि महिला की दिमागी हालत को लेकर उसके परिजनों से रिपोर्ट मंगवाई जा रही है और मामले में बनती कार्रवाई की जाएगी।
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जीएसटी अम्नेस्टी योजना पर जागरूकता कार्यशाला 19 को
ऊना/ सुशील पंडित : जीएसटी अम्नेस्टी योजना एवं हिमाचल प्रदेश सद्भावना विरासती मामले समाधान को लेकर एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। राज्य कर एवं आबकारी विभाग मध्य क्षेत्र के संयुक्त आयुक्त विनोद कश्यप ने जानकारी दी कि यह कार्यशाला 19 फरवरी को सुबह 11 बजे सर्किट हाउस ऊना में आयोजित होगी। जिसमें सभी करदाता तथा जीएसटी व्यवसायियों को जीएसटी अम्नेस्टी योजना बारे विभागीय अधिकारी सम्पूर्ण जानकारी देंगे। साथ ही योजना का लाभ लेने में आ रही समस्याओं का समाधान सुनिश्चित बनाया जाएगा।इसके अलावा जीएसटी एमनेस्टी योजना के तहत भारत सरकार के 53 वें जीएसटी परिषद में वस्तु एवं सेवाकर अधिनियम 2017 के अंतर्गत पंजीकृत करदाताओं के लिए वर्ष 2017-18 से 2019-20 के ऐसे मामले जोकि जीएसटी अधिनियम 2017 की धारा 73 के तहत लंबित हैं उनका निपटारा भी किया जाएगा। विनोद कश्यप ने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने वैट के करदाताओं हेतू हिमाचल प्रदेश सद्भावना विरासती मामले समाधान योजना चलाई है जिसमें एक बार वैट के साथ अन्य ऐसे कर जोकि जीएसटी में शामिल नहीं किए गए हैं, के मामलों का भी निर्धारण करवा सकते हैं। -

Jalandhar News: संदिग्ध परिस्थितियों में महिला की मौत, 3 महीने पहले हुई थी शादी, देखें वीडियो
जालंधर, ENS: लाबंडा थाने के अंतगर्त आते मलको गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में महिला की मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार महिला ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों द्वारा महिला को उपचार के लिए इनोसेंट अस्पताल में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। परिवार का आरोप है कि पति से परेशान होकर महिला ने जीवनलीला समाप्त की है। परिजनों ने बताया कि 3 महीने पहले मृतिका की नंबवर में शादी हुई थी। मृतिका की पहचान 24 वर्षीय ललिता के रूप में हुई है।
रामेश्वर ने कहा कि बेटी को परिवार वाले काफी परेशान करते थे। आज बेटी के जेठ अनिल ने फोन किया और कहा कि ललिता ने कमरा बंद कर दिया और दरवाजा नहीं खोल रही। जिसके कुछ मिनट में वह घर पहुंचे तो देखा पंखे से बेटी का शव लटक रहा था। पिता का आरोप है कि बेटी को काफी परेशान पति सहित ससुराल वाले करते थे और उसके साथ मारपीट करते थे। उन्होंने कहा कि शादी का खर्चा 17 लाख रुपए हुआ था। पिता ने कहा कि पति का नाम गौरव है। घटना की शिकायत थाना लांबड़ा की पुलिस को दे दी है। वहीं मौके पर पहुंची पुलिस ने 2 लोगों को हिरासत में लिया है और मामले की जांच की जा रही है।
वहीं महिला ने कहा कि बेटी का सुबह फोन आया और कहने लगी कि मम्मी पति गौरव मुझे मार देगा, मुझे आकर ले जाओ। महिला ने कहा कि 11 बजे बेटी की मौत की खबर सामने आई है। माता ने आरोप लगाए है कि बेटी ने सुसाइड नहीं किया बल्कि दामाद ने उसका कत्ल किया है। आरोप है कि बेटी के शरीर पर नाखून के निशान है और आज दामाद ने उसका कत्ल किया है। दामाद पर आरोप लगाए है कि वह बेटी को कहता था कि उसका खर्चा नहीं उठा सकता। गौरव को भाभी जैसी लड़की चाहिए थी, जिसके कारण वह उसे काफी परेशान करता था और मारपीट करता था।
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Punjab News: क्राइम को लेकर पंचायत ने शुरू की अनोखी पहल
गुरदासपुरः नशा तस्करी और क्राइम को लेकर पंचायत ने अनोखी पहल शुरू की है। गांव कीड़ी अफगाना की पंचायत ने एक महत्वपूर्ण मत पारित किया, जिसमें गांव के किसी भी क्रिमिनल व्यक्ति का साथ न देने का निर्णय लिया गया। यह मामला तब सामने आया, जब सतिंदर कौर नामक एक महिला अपने पति संदीप सिंह (साबी) की जमानत के लिए पंचायत के पास पहुंची। संदीप सिंह वर्तमान में जेल में बंद है, जिसे कोर्ट ने एक मामले में 10 साल की सजा सुनाई है। जब महिला गांव के सरपंच संदीप सिंह और नंबरदार बलबीर सिंह के पास जमानत के कागजातों पर हस्ताक्षर करवाने गई, तो उन्होंने साफ मना कर दिया। पंचायत के इस कदम के पीछे पंजाब सरकार की नशा विरोधी मुहिम का बड़ा योगदान है।
सरकार ने नशे को जड़ से खत्म करने के लिए गांव-गांव में नशा विरोधी कमेटियां गठित की हैं। साथ ही सभी पंचायतों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी नशा तस्कर का सहयोग न करें। कीड़ी अफगाना की पंचायत ने इस निर्देश को गंभीरता से लेते हुए यह कड़ा फैसला लिया है, जो अन्य गांवों के लिए भी एक मिसाल बन सकता है।
जानकारी देते हुए चोरी के मामले में जेल में बंद संदीप सिंह उर्फ साबी की पत्नी सतिंदर कौर ने बताया कि उसका पति जेल में बंद है, जिसे 10 साल की सजा हुई है और घर पर वह और उसकी सास अकेली रहती है। पिछले कुछ दिनों से उसकी सास काफी बीमार है, जिनका ऑपरेशन होना है। घर पर उसकी देखभाल करने के लिए कोई नहीं है, इसलिए उसने अपने पति की बेल के कागजात भरे हैं।
जिन पर सरपंच और नंबरदार के साइन होने है, वह कई बार सरपंच और नंबरदार के पास गई है, लेकिन किसी ने भी उसे साइन नहीं करके दिए। कहा जा रहा है कि वह किसी भी क्रिमिनल व्यक्ति की बेल करवाने के लिए साइन नहीं करेंगे। उसने आरोप लगाए कि राजनीति के चलते उन्हें साइन कर के नहीं दिए जा रहे। क्योंकि उन्होंने सरपंच को वोट नहीं डाला था। वहीं दूसरी और गांव के सरपंच संदीप सिंह और नंबरदार बलबीर सिंह ने कहा कि उन्होंने गांव में मत पास किया है कि पंचायत किसी भी नशा तस्कर वह क्रिमिनल व्यक्ति का साथ नहीं देगी।
उन्होंने बताया कि गांव की महिला सतिंदर कौर का पति संदीप सिंह(साबी) एक क्रिमिनल व्यक्ति है, जो गांव में नशा बेचता था और लोगों के साथ लड़ाई झगड़ा करता था। अब चोरी के मामले में जेल में बंद है, जिसे 10 साल की सजा हुई है। अगर वह गांव में आ गया, तो फिर से लोगों के साथ लड़ाई झगड़ा करेगा और नशा बेचेगा। उन्होंने बेल के कागजात पर साइन नहीं किए, क्योंकि माहौल खराब नहीं होने देना चाहते।
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Punjab News: America से Depot हुए जसविंदर ने Travel Agent के खिलाफ दी शिकायत, देखें वीडियो
मोगाः अमरीका से डिपोर्ट होकर लौटे कस्बा धर्मकोट पंडोरी आरिया के जसविंदर सिंह के परिवार ट्रैवल एजेंट के खिलाफ एसएसपी को शिकायत दी है। इस दौरान परिवार ने एसएसपी अजय गांधी से इंसाफ की गुहार लगाई है, वहीं एसएसपी ने ट्रैवल एजेंट के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करने को लेकर और परिवार को इंसाफ दिलाने का भरोसा दिया है। दूसरी ओर एसएसपी अजय गांधी ने बताया कि उनके पास आज जसविंदर सिंह और उनका परिवार पंचायत के साथ ट्रैवल एजेंट के खिलाफ शिकायत देने आया था।
उन्होंने कहा कि इस मामले में जांच के बाद ट्रैवल एजेंट के खिलाफ बनती कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर पीड़ित जसविंदर सिंह ओर गांव वासी अमन पंडोरी ने बताया कि हमारा करीब 45 से 50 लाख रुपया बर्बाद हो गया। उन्होंने कहा कि हमारा सब कुछ बिक गया। जिसके चलते आज हम इंसाफ के लिए एजेंट के खिलाफ शिकायत देने एसएसपी को मिले थे और एसएसपी ने एजेंट के खिलाफ कार्रवाई करने का विश्वास दिया गया।
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ऊना के एक सफल मत्स्य उद्यमी की प्रेरक गाथा
मछली पालन से आत्मनिर्भरता की मिसाल बने जीवन लालसरकार के सहयोग से तय किया सफलता का सफरपहले साल व्यवसाय में 2.20 लाख का लाभ…दूसरे साल 7 लाख से अधिक के मुनाफे की है उम्मीदऊना/सुशील पंडित : कहते हैं कि कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन से कोई भी सफलता हासिल की जा सकती है। ऊना जिले के गगरेट ब्लॉक के गोंदपुर बनेहड़ा गांव के जीवन लाल ने इस बात को सच कर दिखाया है। सहायक योजनाओं के संबल और सरकारी सहयोग से स्वरोजगार की राह पकड़ कर उन्होंने आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। पारंपरिक कृषि से अलग हटकर उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत मछली पालन को अपनाया और आज वे इस क्षेत्र में एक सफल उद्यमी के रूप में पहचाने जाने लगे हैं। महज दो साल के भीतर सफलता का सोपान पाने वाले जीवन लाल को पहले साल व्यवसाय में 2.20 लाख का लाभ हुआ और इस साल उन्हें 7 लाख से अधिक के मुनाफे की उम्मीद है। जीवन लाल की यह यात्रा न केवल उनके लिए आर्थिक समृद्धि लाई, बल्कि अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है। हिमाचल के मत्स्य पालन विभाग के निदेशक विवेक चंदेल का कहना है कि मुख्यमंत्री श्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार विभाग मछली पालन को प्रोत्साहित कर युवाओं के लिए स्वरोजगार के साधन बनाने के लिए प्रयासरत है। इसके लिए अनेक योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत पात्रता के अनुसार 40 और 60 फीसदी सब्सिडी का प्रावधान है। वहीं, सरकार ने मुख्यमंत्री कार्प मत्स्य पालन योजना भी प्रारंभ की है, जिसमें किसानों को 80 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है।कुछ यूं पड़ा सफलता का बीज जीवन लाल ने वर्ष 2023-24 में 0.3450 हेक्टेयर भूमि पर मछली पालन की शुरुआत की थी। इस दौरान, उन्होंने पीएमएमएसवाई योजना के तहत सरकार से 1.71 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त की। अपनी मेहनत, दूरदृष्टि और सही रणनीति के चलते उन्होंने पहली ही फसल से 2.2 लाख रुपये का लाभ कमाया। पहली सफलता के बाद जीवन लाल ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। साल 2024-25 में उन्होंने अपने पड़ोस के तालाबों को किराए पर लिया और कार्प मछली पालन का विस्तार किया। वर्तमान में, उन्होंने लगभग 1.3817 हेक्टेयर क्षेत्र में मत्स्य बीज का संवर्धन किया है, जिसमें करीब 6 टन मछली तैयार हो चुकी है। वर्ष के मध्य में इनका विक्रय कर वे लगभग 7.6 लाख रुपये का लाभ अर्जित करने की उम्मीद कर रहे हैं। नवाचार से लिखी सफलता की दास्तान हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जीवन लाल ने मत्स्य पालन में कुछ नवाचार किए, जिससे उन्हें अधिक लाभ प्राप्त हुआ। उन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों में छोटे लेकिन प्रभावी तालाब बनाए, जिन्हें आसानी से संचालित किया जा सकता है। साथ ही, उन्होंने मिश्रित सेमी-इंटेंसिव कार्प कल्चर तकनीक अपनाई, जिससे उन्होंने मछली उत्पादन में वृद्धि की। पहाड़ी क्षेत्रों में मछली का आहार महंगा पड़ता है, इसलिए उन्होंने बाजार से सस्ते खाद्य पदार्थ जैसे कि बची हुई दालें और सोयाबीन न्यूट्री का मिश्रण बनाकर मछलियों को खिलाया, जिससे उत्पादन लागत घटी और मुनाफा बढ़ा। अपने व्यवसाय के विस्तार से उन्होंने 72 अतिरिक्त मानव-दिवसों का रोजगार सृजित किया और एक व्यक्ति को स्थायी रूप से रोजगार भी दिया। जीवन लाल की सफलता की कहानी हिमाचल में मत्स्य पालन की बढ़ती संभावनाओं की तस्दीक है। साथ ही उन सभी किसानों और युवाओं के लिए एक प्रेरणा है, जो अपने जीवन में स्वरोजगार से सफलता की राह बनाना चाहते हैं। -

माइनिंग कंपनियों पर Income Tax की Raid, CRPF जवान तैनात
अटेला कलांः हरियाणा के चरखी दादरी जिले के माइनिंग कंपनियों के खिलाफ इनकम टैक्स की टीम ने सख्त एक्शन लिया है। मिली जानकारी के अनुसार अटेला कलां में माइनिंग कंपनी माइनिंग की 2 कंपनियों के कार्यालय पर आज सुबह इनकम टैक्स छापेमारी कर रही है। इस दौरान मौके पर सीआरपीएफ के जवान भी तैनात हैं और किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर नहीं जाने दिया जा रहा। जानकारी के अनुसार आयकर विभाग के डिप्टी डायरेक्टर विकास जाखड़ की अगुआई में 22 सदस्यों की टीम जांच कर रही है।
वहीं चरखी दादरी स्थित माइनिंग कंपनी संचालक सोनू-मोनू के आवास के बाहर सीआरपीएफ के जवान तैनात किए गए हैं और वहां भी छापेमारी की जा रही है। जानकारी अनुसार, माइनिंग कंपनी संचालक सोनू-मोनू दोनों भाई हैं। जिसके पास रेत की खदान का ठेका है। इससे पहले इनके पिता के पास रेत की खदान का ठेका था। छापा मारने पहुंची आईटी की टीम द्वारा अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गई है । टीम की छापेमारी के कारण बड़ी संख्या में यहां डंपर फस गए हैं और कामकाज पूरी तरह से बंद है जिसके चलते ट्रक ड्राइवर को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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इंसानियत शर्मसार! 200 रुपए को लेकर चाकू मारकर किया भाई का कत्ल
सोनीपतः जिले में इंसानियत शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहां मात्र 200 रुपए को लेकर भाई का कत्ल कर दिया गया। मिली जानकारी के अनुसार युवक चचेरे भाई से नशे के लिए 200 रुपए मांग रहा था, जब उसने पैसे देने से मना कर दिया तो वह उससे झगड़ा करने लगा। इस दौरान चचेरे भाई ने उसे गुस्से में थप्पड़ मारा तो युवक ने गुस्से में आकर भाई की छाती में चाकू से हमला कर दिया। इस घटना में घायल युवक नाली में गिर गया और उसकी मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। घटना में युवक चचेरे भाई को चाकू मारता दिख रहा है। देर रात विजय अपने दोस्त मोनू के साथ गली में पवन की दुकान के पास खड़ा था।
वह भी वहीं मौजूद था। इसी दौरान आशु वहां आया और विजय से नशे के लिए 200 रुपए मांगने लगा। दोनों के बीच कहासुनी के बाद हाथापाई हो गई। तब फिर मामला निपट गया। इसके बार आशु घर गया और चाकू लेकर आया। उसने दोबारा विजय से कहासुनी शुरू कर दी। विजय ने विरोध किया तो आशु ने उसकी छाती में चाकू घोंप दिया। विजय नाली में गिर गया। इसके बाद आशु वहां से चाकू लेकर मौके से फरार हो गया। उसने शोर मचाया तो परिवार के लोग मौके पर आ गए। उन्होंने विजय की खून से सनी कमीज (शर्ट) बदली और उसे सिविल अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने परिवार की शिकायत पर थाना सिविल लाइन में सोनू के बयान पर धारा 103(1) BNS के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। फॉरेंसिक टीम और फिंगर प्रिंट विशेषज्ञों को भी मौके पर बुलाया गया। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। मृतक की पहचान सुंदर सावरी की डेहा बस्ती निवासी विजय कश्यप के रूप में हुई है। अभी उसकी शादी नहीं हुई थी। वह मारुति की एजेंसी में कार वॉशिंग का काम करता था। डेहा बस्ती निवासी सोनू कश्यप ने बताया कि वह दिल्ली में बिजली की दुकान पर काम करता है। उनके परिवार में 2 भाई और एक बहन हैं।