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  • बल्ह में श्रीमद्भागवत कथा का विश्राम दिवस, कृष्ण सुदामा प्रसंग ने नम की श्रद्धालुओं की आंखें

    बल्ह में श्रीमद्भागवत कथा का विश्राम दिवस, कृष्ण सुदामा प्रसंग ने नम की श्रद्धालुओं की आंखें

    कथा समापन पर भाजपा नेता भुट्टो ने की शिरकत 
    ऊना/ सुशील पंडित: उपमंडल बंगाणा के गांव बल्ह में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का विश्राम दिवस श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कथा के समापन अवसर पर पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।पंडाल में सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को भव्य रूप प्रदान किया। कथाव्यास महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानन्द जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का मार्मिक प्रसंग सुनाकर सभी को भाव-विभोर कर दिया। अपने ओजस्वी और मधुर प्रवचनों में स्वामी प्रेमानन्द जी महाराज ने कहा कि सच्ची मित्रता कभी भी धन, पद, प्रतिष्ठा या वैभव की मोहताज नहीं होती।
    उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता त्याग, समर्पण और निष्काम प्रेम का अद्भुत उदाहरण है। सुदामा की दरिद्रता के बावजूद श्रीकृष्ण ने उन्हें गले लगाकर यह संदेश दिया कि ईश्वर अपने भक्त के प्रेम के आगे स्वयं को भी छोटा कर लेते हैं। जैसे ही कृष्ण–सुदामा मिलन का प्रसंग वर्णित हुआ,पंडाल में बैठे श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और वातावरण पूरी तरह भावनाओं से भर उठा।
    कथा स्थल को फूलों, रंग-बिरंगी झालरों और धार्मिक ध्वजों से सुसज्जित किया गया था। मंच को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिससे आध्यात्मिक वातावरण और भी प्रभावशाली बन गया। विश्राम दिवस पर भजन-कीर्तन का विशेष आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से “श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी तथा हरे कृष्णा हरे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा हरे हरे का संकीर्तन कर पूरे पंडाल को हरिनाम से गुंजायमान कर दिया। महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सभी भक्ति रस में डूबे नजर आए।
     इस अवसर पर कुटलैहड़ भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक दविंदर भुट्टो ने विशेष रूप से उपस्थित होकर कथा श्रवण किया। आयोजक मंडल की ओर से उन्हें सम्मानित भी किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करते हैं।
    उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जैसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ने का माध्यम बनते हैं। कार्यक्रम में कृष्ण पाल शर्मा, जसमेर सिंह, रोशन लाल, सवर्ण सिंह, विजय ठाकुर, विपन कुमार, ठाकुर प्रीतम सिंह, बलबीर सिंह, राजेंद्र कुमार, राकेश, पवन कुमार, किरण वाला, मीना देवी, कुलविंदर कौर सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया और आयोजन की सराहना की। समापन अवसर पर आयोजक मंडल द्वारा कथाव्यास का विधिवत सम्मान किया गया तथा सहयोग करने वाले सभी श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया गया।
    इसके पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे गांव में सेवा और समर्पण की भावना देखने को मिली। श्रीमद्भागवत कथा के इस सफल आयोजन ने गांव बल्ह में धर्म, भक्ति और सामाजिक एकता का सुंदर संदेश दिया। कथा के विश्राम के साथ ही श्रद्धालुओं ने संकल्प लिया कि भविष्य में भी ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज में आध्यात्मिक चेतना का प्रकाश फैलता रहे।
     
  • भरवाईं नायब तहसीलदार के माध्यम से राज्यपाल को सौंपा गया ज्ञापन

    भरवाईं नायब तहसीलदार के माध्यम से राज्यपाल को सौंपा गया ज्ञापन

    राजकीय महाविद्यालय चिंतपूर्णी को बंद करने के निर्णय के विरोध में क्षेत्र में रोष- गौरव कुमार

    ऊना/सुशील पंडित: Aआज स्वामी विवेकानंद सेवा ट्रस्ट चिंतपूर्णी के अध्यक्ष गौरव कुमार के नेतृत्व में राजकीय महाविद्यालय चिंतपूर्णी को बंद किए जाने के निर्णय के विरोध में एक प्रतिनिधिमंडल ने भरवाईं के नायब तहसीलदार के माध्यम से माननीय राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला, हिमाचल प्रदेश को ज्ञापन प्रेषित किया।

    इस अवसर पर महाविद्यालय के छात्र-छात्राएँ, पी.टी.ए. (अभिभावक-शिक्षक संघ) के सदस्य तथा क्षेत्र के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में महाविद्यालय को बंद करने के निर्णय को क्षेत्र के हितों के विरुद्ध बताया।

    ज्ञापन में कहा गया कि  राजकीय महाविद्यालय चिंतपूर्णी क्षेत्र की बेटियों एवं ग्रामीण पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का एकमात्र सुलभ एवं सुरक्षित केंद्र है। वर्तमान में लगभग 90 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें लगभग 75 छात्राएँ हैं। महाविद्यालय से 15–20 पंचायतों के विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं।

    प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यदि महाविद्यालय को बंद किया गया तो विद्यार्थियों को 30–35 किलोमीटर दूर अन्य संस्थानों में जाना पड़ेगा, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा तथा छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ उत्पन्न होंगी।

    प्रेस को संबोधित करते हुए ट्रस्ट अध्यक्ष गौरव कुमार ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज के विकास की आधारशिला है और ऐसे में एक सुदीर्घ काल से संचालित शिक्षण संस्थान को बंद करना जनभावनाओं के विपरीत है। उन्होंने राज्यपाल महोदय से हस्तक्षेप कर इस निर्णय को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की।

    उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि सरकार द्वारा इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो क्षेत्र की जनता, विद्यार्थी, पी.टी.ए. सदस्य एवं सामाजिक संगठन लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन प्रारंभ करने के लिए बाध्य होंगे।

    अंत में उपस्थित जनसमूह ने एकजुटता का परिचय देते हुए महाविद्यालय को बचाने के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। इस मौके पर पी.टी.ए. के प्रधान मनीष कुमार, सदस्य प्रवीण कुमार, महाविद्यालय के छात्र, उनके अभिभावक और स्थानीय जनता भी उपस्थित रहीं।

  • थानाकलाँ में व्यावसायिक मूल्यांकन एवं मार्गदर्शन शिविर आयोजित

    थानाकलाँ में व्यावसायिक मूल्यांकन एवं मार्गदर्शन शिविर आयोजित

    बंगाणा/सुशील पंडित: नेशनल करियर सर्विस सेंटर ऊना  एवं तहसील कल्याण कार्यालय बंगाणा के संयुक्त तत्वावधान में अम्बेडकर भवन थानाकलां में एक दिवसीय व्यावसायिक मूल्यांकन, परामर्श एवं मार्गदर्शन शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में लगभग 110 दिव्यांगजनों ने भाग लिया।

    नेशनल करियर सर्विस सेंटर के सहायक निदेशक रंजन चंकाकटी ने बताया कि शिविर के दौरान दिव्यांगजनों को प्रशिक्षण एवं रोजगार के विभिन्न अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि नेशनल करियर सर्विस सेंटर, ऊना से उपिंदर सिंह एवं कुलदीप सिंह ने भारत सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी, जिनमें नेशनल करियर सर्विस, नेशनल अप्रेंटिसशिप, पीएम दक्ष, मुद्रा लोन, कौशल विकास योजना, श्रम योगी मानधन योजना, निरामया इंश्योरेंस सहित केंद्र द्वारा संचालित निशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। साथ ही स्वरोजगार एवं शेल्टर्ड रोजगार के अवसरों के बारे में भी दिव्यांगजनों को अवगत करवाया गया।

    इस अवसर पर पीएनबी आरसेटी ऊना के निदेशक सुधीर कुमार शर्मा ने भी अपने केंद्र द्वारा प्रदान किए जा रहे निशुल्क प्रशिक्षण, आवास सुविधा एवं अन्य सेवाओं की जानकारी साझा की और बताया कि दिव्यांगजनों के साथ-साथ अन्य इच्छुक व्यक्ति भी इन योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।

    कार्यक्रम में तहसील कल्याण कार्यालय बंगाणा से सामाजिक कल्याण अधिकारी राम दत्त शर्मा भी उपस्थित रहे। उन्होंने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, हिमाचल प्रदेश द्वारा दिव्यांगजनों के लिए संचालित दिव्यांगता पेंशन, यूडीआईडी कार्ड, दिव्यांग छात्रवृत्ति, शिक्षा के दौरान स्टाइपेंड सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

  • मैगी के 50 वर्ष पूर्ण होने पर जारी विशेष डाक टिकट का ऊना में क्षेत्रीय विमोचन

    मैगी के 50 वर्ष पूर्ण होने पर जारी विशेष डाक टिकट का ऊना में क्षेत्रीय विमोचन

    टाहलीवाल संयंत्र में डीसी जतिन लाल रहे मुख्य अतिथि

    ऊना/सुशील पंडित: भारत सरकार के भारतीय डाक विभाग द्वारा मैगी के भारत में 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जारी विशेष स्मारक डाक टिकट का क्षेत्रीय विमोचन टाहलीवाल स्थित नेस्ले इंडिया के संयंत्र में उपायुक्त जतिन लाल ने किया। मंगलवार सायं आयोजित कार्यक्रम में कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया तथा इस ऐतिहासिक उपलब्धि को साझा किया। कार्यक्रम के दौरान मैगी की पांच दशक लंबी यात्रा और उसके सामाजिक जुड़ाव को रेखांकित किया गया।

    इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि किसी भी उत्पाद की पांच दशक लंबी यात्रा केवल व्यावसायिक उपलब्धि नहीं होती, बल्कि यह उपभोक्ताओं के विश्वास, गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता और समय के साथ निरंतर नवाचार का प्रमाण भी होती है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयाँ क्षेत्रीय विकास, रोजगार सृजन तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की महत्वपूर्ण साझेदार होती हैं।

    उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन विकास और जनहित के मध्य संतुलन बनाए रखते हुए औद्योगिक गतिविधियों के सुचारु संचालन के लिए प्रतिबद्ध है।टाहलीवाल प्लांट के फैक्ट्री मैनेजर अमित कुमार ने बताया कि “फिफ्टी ईयर्स ऑफ टुगेदरनेस” शीर्षक से जारी यह स्मारक डाक टिकट मैगी की पांच दशक लंबी यात्रा और उपभोक्ताओं के साथ उसके गहरे जुड़ाव को समर्पित है।

    उन्होंने कहा कि समय के साथ बदलते स्वाद और आवश्यकताओं के अनुरूप मैगी ने स्वयं को निरंतर विकसित किया है और आज भी यह सादगी, स्वाद तथा विश्वास का प्रतीक बनी हुई है।
    कार्यक्रम में कंपनी के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

     

  • एससी आयोग के अध्यक्ष कुलदीप धीमान से मिला जाच्छ गांव का प्रतिनिधिमंडल

    एससी आयोग के अध्यक्ष कुलदीप धीमान से मिला जाच्छ गांव का प्रतिनिधिमंडल

    रास्ते की समस्या को लेकर सौंपा ज्ञापन

    ऊना/सुशील पंडित:  हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप धीमान से आज(बुधवार) को जिला कांगड़ा की तहसील नूरपुर के गांव जाच्छ में रास्ते की समस्या को लेकर गुरु रविदास ग्राम सुधार सभा के माध्यम से अनुसूचित जाति समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। इस दौरान एससी आयोग के अध्यक्ष कुलदीप धीमान ने प्रतिनिधिमंडल की बात को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों से बातचीत कर उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।

    इस मौके पर सभा के सचिव गुरदयाल सिंह ने बताया कि संबंधित रास्ते के एक ओर डॉ. वाई.एस. परमार यूनिवर्सिटी ऑफ हॉर्टिकल्चर  (नौणी) का क्षेत्रीय कार्यालय स्थित है तथा दूसरी ओर भूमि एनडीआरएफ के नाम दर्ज है। यह रास्ता दोनों विभागों की सीमाओं के साथ लगता है और अत्यंत संकरा है, जिस पर केवल पैदल या दोपहिया वाहन ही गुजर सकते हैं। बड़े वाहन वहां से नहीं निकल पाते। उन्होंने बताया कि पंचायत जाच्छ, बासा बजीरां और कुलाहन के लगभग 5 से 6 हजार लोग इस समस्या से लंबे समय से जूझ रहे हैं।

    रास्ता पर्याप्त चौड़ा न होने के कारण ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसे कृषि वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते, जिससे कृषि योग्य भूमि बंजर होती जा रही है। आपात स्थिति में एंबुलेंस तक गांव में प्रवेश नहीं कर पाती, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।कुलदीप धीमान ने कहा कि एससी आयोग समाज के कमजोर वर्गों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति आयोग प्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग के हितों की सुरक्षा एवं कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। आयोग को प्राप्त शिकायतों एवं मामलों पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है और प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता से लिया जाता है।

    इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य अधिवक्ता विजय डोगरा, अधिवक्ता दिग्विजय मल्होत्रा, सदस्य सचिव विनय मोदी , हरि चंद संधू,रमेश चंद,विजय कुमार और वीरेंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

     

  • डिफेंस अकादमी के स्टूडेंट्स ने सीखे आग बुझाने के हुनर

    डिफेंस अकादमी के स्टूडेंट्स ने सीखे आग बुझाने के हुनर

    ऊना/सुशील पंडित: जिला अग्निशमन विभाग  की ओर से  हिमाचल प्रदेश अकादमी फॉर डिफेंस सर्विस चंद्रलोक क्लोनी ऊना के स्टाफ व स्टूडेंट्स को  आग से बचाव को लेकर जागरूक किया गया।  इस मौके पर सेवानिवृत कर्नल डी पी वशिष्ठ, कर्नल कुलदीप सिंह,  डॉ अनुपमा मनकोटिया, कैप्टन विजय शंकर शर्मा समेत अन्य स्टूडेंट्स  उपस्थित रहे । बताया गया कि अगर   किसी कारण आग लग जाती है।

    तो किस प्रकार आग पर नियंत्रण डालना है। ओर किस आग पर कौन से यंत्र का प्रयोग करना है। इसी जागरूकता अभियान में फायर ब्रिगेड  कर्मियों ने मॉक ड्रिल की ओर   स्टुडेंट्स को  आग के बारे में अलर्ट किया व।   अग्निशमन यंत्रों व सुरक्षा उपकरणों को चलाने का अभ्यास करवाया गया  है।  । होमगार्ड्स वाहिनी ऊना के कमांडेंट हितेश लखनपाल ने बताया कि आग के प्रति जागरूकता अभियान लगातार जारी है ।  अग्निशमन विभाग के कर्मचारी अपनी जान को जोखिम में डालकर अनमोल जीवन को बचाते है । व आग से होने वाले नुकसान को कम से कम करने के लिए आग से जूझते  हैं । इसके अतिरिक्त रेस्क्यू करके भी जान बचाई जाती है।

    अग्निशमन केंद्र अधिकारी सुरेश कुमार ने  बताया कि फायर टीम में शामिल लीडिंग फायरमैन अशोक कुमार, फायरमैन मुकेश कुमार, अमित कुमार पर आधारित टीम ने अकादमी फॉर डिफेंस सर्विस  के स्टाफ व स्टूडेंट्स को आग बुझाने की ट्रेनिंग दी गई है । कहा कि फायर ब्रिगेड विभाग द्वारा  जिला में  शैक्षणिक संस्थानों  , अस्पतालों व उद्योगों समेत आग की दृष्टि  से संवेदनशील स्थानों पर आग बुझाने की ट्रेनिंग दी जा रही है । ताकी आग लगने की स्थिति में समय रहते  अग्निशमन यंत्रों का प्रयोग कर काबू पाया जा सके।

     

     

  • 590 करोड़ गबन मामले में 4 आरोपियों को अदालत में किया गया पेश, देखें वीडियो

    590 करोड़ गबन मामले में 4 आरोपियों को अदालत में किया गया पेश, देखें वीडियो

    पंचकूला: हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों के 590 करोड़ रुपये गबन मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों को पंचकूला जिला अदालत में लाया गया। मामले में गिरफ्तार विभव ऋषि, अभिषेक सिंगला, अभय और एक अन्य महिला को कोर्ट में पेश किया है।

    एंटी करप्शन ब्यूरो के द्वारा इस मामले को लेकर आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों से रिमांड के दौरान पूछताछ की जाएगी। इस मामले में कई और लोगों के नाम भी आने की भी उम्मीद है।

    मामले में मास्टरमांइड विभव ऋषि और अभय से कई और खुलासे होने की उम्मीद है।

     

     

     

  • शिमला में चार दिवसीय राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

    शिमला में चार दिवसीय राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

    शिमला : भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण-मकान सूचीकरण और मकानों की गणना के लिए डॉ. मनमोहन सिंह हिमाचल लोक प्रशासन संस्थान शिमला में चार दिवसीय राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 27 फरवरी तक संचालित किया जाएगा।

    सचिव-सह-नोडल अधिकारी राजेश शर्मा ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में प्रदेश सरकार द्वारा सभी जिलों से चयनित 20 मास्टर ट्रेनर तथा निदेशालय जनगणना कार्य, हिमाचल प्रदेश के छह मास्टर ट्रेनर सम्मिलित हुए।

    इस अवसर पर राजेश शर्मा ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला व एक महत्त्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसमें तथ्यों का व्यवस्थित एवं प्रामाणिक संकलन किया जाता है। उन्होंने कहा कि जनगणना प्रशासन की विश्वसनीयता और शासन की पारदर्शिता की परीक्षा है। यदि आंकड़े अधूरे व त्रुटिपूर्ण होंगे तो विकास योजनाओं का लक्ष्य प्रभावित होगा। उन्होंने सभी अधिकारियों से निर्धारित कार्यों को तय सीमा के अनुरूप पूर्ण करने का आह्वान किया तथा इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी अधिकारियों व प्रक्षिणार्थियों को शुभकामनाएं दी।

    निदेशक जनगणना कार्य दीप शिखा शर्मा ने प्रशिक्षण सत्र में जनगणना-2027 के प्रथम चरण के कार्यक्रम की रूपरेखा, उद्देश्य, समय सीमा तथा जिम्मेदारियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि जनगणना-2027 भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी तथा मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल के माध्यम से डाटा संकलन किया जायेगा जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी होगी।

    इस अवसर पर डॉ. मनमोहन सिंह हिमाचल लोक प्रशासन संस्थान की निदेशक रूपाली ठाकुर ने सभी मास्टर ट्रेनरों को विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। भारत में जनगणना 10 वर्षांे में एक बार की जाती है। वर्ष 2011 के बाद जनगणना वर्ष 2021 में की जानी थी लेकिन कोविड-19 के कारण यह कार्य नहीं किया जा सका। अब जनगणना 2027 दो चरणों में की जाएगी। प्रथम चरण-मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (एच.एल.ओ.) को किसी भी प्रदेश द्वारा अप्रैल से सितम्बर, 2026 के बीच किया जा सकता है। द्वितीय चरण की गणना फरवरी, 2027 में की जानी है। हिमाच्छादित क्षेत्रों के लिए यह कार्य सितम्बर, 2026 में किया जाएगा।

    हिमाचल प्रदेश में प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 12 मई, 2026 से 11 जून, 2026 में संचालित किया जाएगा। स्व-गणना पोर्टल पंद्रह दिन पहले सक्रिय हो जाएगा। स्व-गणना की सुविधा से जन भागीदारी बढ़ेगी। देश का कोई भी सामान्य नागरिक पोर्टल पर ‘लॉग इन’ करके अपनी जानकारी भर सकता है। तत्पश्चात उसे स्व-गणना आईडी दी जाएगी जिसे प्रगणक, गणना के दौरान मिलान एवं सत्यापन कर अंततः जमा करेगा। मास्टर ट्रेनर इसके बाद फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षण देंगे जो कि पर्यवेक्षकों एवं प्रगणकों को प्रशिक्षण देंगे। प्रगणक एवं पर्यवेक्षक जनगणना के कार्य को जमीनी स्तर पर हाऊस लिस्टिंग मोबाईल ऐप के माध्यम से पूरा करंेगे।

     

  • Punjab News: गोली लगने से BA के छात्र की मौत, देखें वीडियो

    Punjab News: गोली लगने से BA के छात्र की मौत, देखें वीडियो

    लुधियानाः हैबोवाल इलाके के लक्ष्मी नगर में बीए (BA) के छात्र की गोली लगने से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान पंकज के रूप में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार पंकज के पिता मोटरसाइकिल रिपेयरिंग का काम करते है और मां गृहणी है। इकलौते भाई की मौत से उसकी बहन और माता पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद इलाके में दहशत और परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

    मृतक के पिता मनोज कुमार ने बताया कि पंकज आर्य कॉलेज का छात्र था। दोपहर करीब 3 बजे वह अपनी माता जी के पास से खाना खाकर निकला था और बोल कर गया था की वह दोस्तों के पास जा रहा है। पिता ने बताया कि उन्हें रात करीब 9:15 सूचना मिली थी कि पंकज का एक्सीडेंट हुआ है लेकिन जब मौके पर पहुंचे तो पता चला कि पंकज की मौत गोली लगने से हुई है।

    शुरुआती जानकारी के मुताबिक पंकज अपने दोस्तों के साथ था। पहले चर्चा थी कि दोस्तों का एक्सीडेंट हुआ है लेकिन शरीर पर गोली के निशान मिलने से मामला पूरी तरह बदल गया। थाना हैबोवाल के एसएचओ ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है और पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। पीड़ित परिवार के बयान ले लिए गए है। शव को सिविल अस्पताल की मोर्चरी (डेड हाउस) में रखवा दिया गया है जहां कल पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। मौके पर मौजूद दोस्तों की भूमिका क्या थी और हथियार किसका था, इसकी जांच जारी है।

     

     

  • Lawrence Bishnoi के वकील पर हुई Firing की राहुल फतेहपुर और नवीन बॉक्सर ने ली जिम्मेदारी, देखें वीडियो

    Lawrence Bishnoi के वकील पर हुई Firing की राहुल फतेहपुर और नवीन बॉक्सर ने ली जिम्मेदारी, देखें वीडियो

    नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कश्मीर गेट इलाके में 24 फरवरी की रात फायरिंग हुई। लॉरेंस बिश्नोई के वकील के पति जिस कार में सवार थे उस पर अज्ञात हमलावरों ने हमला कर दिया। एक के बाद एक गोली चलाने की वजह से एक शख्स घायल हो गया। पुलिस ने बताया कि यह घटना रात करीब 10.15 बजे मरघट वाले हनुमान मंदिर के पास हुई। जांच करने वालों के मुताबिक, गाड़ी पर पीछे से कम से कम चार राउंड फायरिंग की गई। गाड़ी में सवार एक आदमी, जिसकी पहचान संदीप के तौर पर हुई है, के कंधे में गोली लगी है।

    उसे हॉस्पिटल ले जाया गया और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। वहीं इस हमले की जिम्मेदारी राहुल फतेहपुर और नवीन बॉक्सर ने ली है। सोशल मीडिया पर शेयर की पोस्ट में दीपक खत्री को लॉरेन्स का करीबी बताया और कहा कि लॉरेन्स के लिए मुखबरी करने के चलते ये हमला किया गया है। राहुल फतेहपुर ने अपनी पोस्ट में लिखा, “आज जो ये दीपक खत्री (वकील) पर हमला हुआ है उसकी जिम्मेदारी हम लेते है ये लॉरेंस के लिए मुखबिरी और दलाली करता है और ये जो तू फिरौती की सेटिंग करवाता है और मुलाकात पर जाके तू इन्फॉर्मेशन लाता है वो बंद करदे नहीं तो तेरी हरकतों की सजा तेरे पूरे परिवार को भुगतनी पड़ेगी।”

    पोस्ट में लिखा, “आज तो भगवान का शुक्र कर आज तू बच गया अभी भी समय है सुधर जा और हमारे जितने भी दुश्मन है जो लॉरेंस को बदमाश मानते है वो समय रहते सुधर जाना नहीं तो अंजाम बुरा होगा।” बता दें कि गाड़ी में मौजूद वकील दीपक खत्री ने कहा कि हमला होने पर ग्रुप मंदिर से निकला ही था। खत्री ने कहा, “कार मुश्किल से 10-20 मीटर ही चली थी कि हमें गोलियों की आवाज सुनाई दी। जब हमने पीछे मुड़कर देखा, तो गोलियां चल रही थीं। हम तुरंत भाग निकले।”

    उन्होंने कहा कि उनके पीछे बैठे संदीप को गोली लगी। उन्होंने कहा, “हम थोड़ी देर रुके और उसे सीधे हॉस्पिटल ले गए। मैं हमलावरों को साफ नहीं देख पा रहा था।” उस समय कार में पांच लोग थे। खत्री की पत्नी, जो लॉरेंस बिश्नोई की तरफ से केस लड़ रही हैं, वहां मौजूद नहीं थीं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इलाके के सीसीटीवी फुटेज को एनालाइज़ किया जा रहा है। शुरुआती जांच से पता चलता है कि मोटरसाइकिल पर सवार तीन लोगों ने कार का पीछा किया और भागने से पहले फायरिंग की। एक फोरेंसिक टीम ने मौके की जांच की। घटना के तुरंत बाद रिकॉर्ड किए गए वीडियो में गाड़ी की पिछली खिड़की टूटी हुई दिख रही है। स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच मिलकर मामले की जांच कर रहे हैं।