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  • नवाचार और रीसाइक्लिंग से औद्योगिक विकास को नई दिशा: Dr Baljit Kaur

    नवाचार और रीसाइक्लिंग से औद्योगिक विकास को नई दिशा: Dr Baljit Kaur

    चंडीगढ़/ एस.ए.एस. नगर: प्रोग्रेसिव पंजाब निवेश सम्मेलन–2026 के दौरान पंजाब सरकार ने प्लास्टिक और विशेष रसायन जैसे उभरते क्षेत्रों में सतत औद्योगिक विकास, नवाचार और वैश्विक निवेश को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक, सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री Baljit Kaur ने कहा कि प्लास्टिक और रसायन उत्पाद आधुनिक जीवन का अहम हिस्सा बन चुके हैं, जो स्वास्थ्य, शिक्षा, घरेलू उपयोग और उद्योग जैसे कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में बढ़ते निवेश से युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और सामाजिक-आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी।

    डॉ. बलजीत कौर ने उद्योगों और शोध संस्थानों से अपील की कि वे सतत उत्पादन प्रणालियों, आधुनिक रीसाइक्लिंग तकनीकों और पर्यावरण-मित्र विकल्पों को अपनाएं, ताकि औद्योगिक प्रगति के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि पंजाब में विशेष रसायन, प्लास्टिक रीसाइक्लिंग और प्लास्टिक कचरे को उच्च मूल्य वाले निर्यात योग्य उत्पादों में बदलने की बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में राज्य सरकार लुधियाना और मोहाली जैसे शहरों में औद्योगिक हब विकसित कर अनुसंधान, नवाचार और सतत उत्पादन के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर रही है।

    इस दौरान पंजाब सरकार के सचिव प्रियांक भारती ने कहा कि मजबूत औद्योगिक क्लस्टर और निर्यात-केंद्रित इकाइयों के कारण पंजाब प्लास्टिक और रसायन निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है। वहीं उद्योग और शैक्षणिक विशेषज्ञों ने भी माना कि उद्योग, सरकार और अकादमिक संस्थानों के सहयोग से विशेष रसायन क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और पंजाब वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में उभर सकता है।

     

     

  • युवाओं को नशे से बचाने के लिए पुलिस का बड़ा कदम, शैक्षणिक क्षेत्रों में Search Operation शुरु

    युवाओं को नशे से बचाने के लिए पुलिस का बड़ा कदम, शैक्षणिक क्षेत्रों में Search Operation शुरु

    शिमला: हिमाचल प्रदेश पुलिस के प्रवक्ता ने आज बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू द्वारा 15 नवंबर, 2025 को प्रारंभ किए गए प्रदेशव्यापी एंटी-चिट्टा जन-आंदोलन के अंतर्गत चिट्टा-मुक्त हिमाचल के संकल्प को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में पुलिस द्वारा निरंतर, प्रभावी एवं कठोर कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को प्रदेश भर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के निकट स्थित व्यावसायिक परिसरों में एक विशेष तलाशी अभियान संचालित किया गया।

    इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूलों और कॉलेजों के आसपास एन.डी.पी.एस. अधिनियम और कोटपा अधिनियम के प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करना है। प्रवक्ता ने बताया कि इस व्यापक राज्य-स्तरीय अभियान के अंतर्गत प्रदेश भर में शैक्षणिक संस्थानों के समीप स्थित कुल 1,949 चिन्हित दुकानों और वेंडरों की सघन तलाशी ली गई। इस कार्रवाई के दौरान जिला पुलिस और एस.टी.एफ. की संयुक्त टीमों द्वारा शैक्षणिक संस्थानों के निर्धारित दायरे के भीतर तंबाकू उत्पादों की अवैध बिक्री पर अंकुश लगाने हेतु कोटपा अधिनियम के तहत पांच अभियोग तथा आबकारी अधिनियम के अंतर्गत एक अभियोग पंजीकृत किया गया।

    इसके अतिरिक्त, कोटपा अधिनियम के तहत 567 चालान तथा नॉन बायोडीग्रेडेबल वेस्ट (कंट्रोल) एक्ट के अंतर्गत चार चालान किए गए। इसी कार्यवाही के दौरान कोटपा अधिनियम के अंतर्गत 65,300 रुपये का जुर्माना भी वसूला गया। तलाशी के दौरान भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री (सिगरेट, तंबाकू, बीड़ी आदि) जब्त की गई। यह राज्य-स्तरीय एंटी-चिट्टा अभियान पूर्णतः व्यवस्थित, खुफिया-आधारित एवं अंतर-जिला समन्वयक के साथ संचालित किया, ताकि विधि-सम्मत, सुरक्षित एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सके।

    अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को चिट्टे/नशे की लत की ओर बढ़ने से रोकना तथा ऐसे एकांत स्थलों पर विकसित हो रही समूह आधारित नशा प्रवृत्तियों को समाप्त करना है, जो नए युवाओं को चिट्टे/नशे की ओर आकर्षित करती हैं। प्रवक्ता ने कहा कि चिट्टा/नशे से संबंधित किसी भी सूचना को तुरंत 112 या नजदीकी पुलिस थाना में दें। सूचना देने वालों की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।

     

  • Central University of Haryana का 12वां दीक्षांत समारोह, 1462 विद्यार्थियों को मिली डिग्रियां

    Central University of Haryana का 12वां दीक्षांत समारोह, 1462 विद्यार्थियों को मिली डिग्रियां

    चंडीगढ़: हरियाणा के महेंद्रगढ़ स्थित Central University of Haryana में शनिवार को 12वें दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर Surya Kant मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं Sheel Nagu और Rajeev Ahuja विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह में न्यायमूर्ति संजय वशिष्ठ, न्यायमूर्ति एन.एस. शेखावत, जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सूरा, उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार और एसपी पूजा वशिष्ठ सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

    मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि डिग्री केवल ज्ञान की पुष्टि करती है, लेकिन जीवन की दिशा और दशा व्यक्ति के चरित्र और निर्णय क्षमता से तय होती है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा केवल व्यक्तिगत सफलता का साधन नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी भी है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे न्यायपालिका, सिविल सेवाओं, शिक्षा और प्रशासन जैसी संस्थाओं को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने हरियाणा के लोकप्रिय खेल कबड्डी का उदाहरण देते हुए अनुशासन, आत्मनियंत्रण और टीमवर्क का महत्व भी समझाया।

    इस मौके पर कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि संस्थान ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में उल्लेखनीय प्रगति की है और शिक्षकों द्वारा 3000 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए गए हैं। दीक्षांत समारोह में कुल 1462 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जबकि 50 छात्रों को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया गया। समारोह के अंत में कुलसचिव डॉ. सुनील कुमार ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

     

     

     

     

  • Kavinder Gupta बोले — भारतीय शिक्षा परंपरा ज्ञान, मूल्यों और समग्र विकास पर आधारित

    Kavinder Gupta बोले — भारतीय शिक्षा परंपरा ज्ञान, मूल्यों और समग्र विकास पर आधारित

    शिमला: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि भारत की शिक्षा परंपरा सदैव ज्ञान, मूल्यों और चरित्र निर्माण के सामंजस्यपूर्ण समन्वय पर आधारित रही है। उन्होंने कहा कि भारत में शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं रहा, बल्कि व्यक्ति के समग्र विकास को सुनिश्चित करना रहा है। उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान और प्रतिभा का उपयोग केवल व्यक्तिगत विकास के लिए ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए भी करें।

    राज्यपाल आज हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला के 9वें दीक्षांत समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर स्वर्ण पदक विजेताओं और डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि 32 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए, जिनमें 23 मेधावी छात्राएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’’ के संकल्प की सफलता को दर्शाता है, क्योंकि आज बेटियां शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में अग्रणी भूमिका निभाते हुए राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर रही हैं।

    दीक्षांत समारोह के दौरान विभिन्न संकायों में कुल 511 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। देवभूमि हिमाचल में भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन का स्वागत करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह गर्व की बात है कि उन्होंने धर्मशाला में केंद्रीय विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भाग लिया। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं होता, बल्कि यह जीवन के एक महत्त्वपूर्ण चरण की पूर्णता और नई जिम्मेदारियों की शुरुआत का प्रतीक है।

    उन्होंने कहा कि यह शिक्षा का अंत नहीं, बल्कि अर्जित ज्ञान को समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने में लागू करने की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल विद्यार्थियों की व्यक्तिगत सफलता ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति उनकी जिम्मेदारी का भी प्रतीक है।

    राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि इस नीति का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली को अधिक समावेशी, बहु-विषयक और कौशल-आधारित बनाना है। उन्होंने अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करने, कौशल आधारित पाठ्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों की पूर्ति की दिशा में कार्य करने के लिए विश्वविद्यालय की सराहना की।

    राज्यपाल ने भारतीय ज्ञान परंपरा पर 34 महत्त्वपूर्ण कृतियों के प्रकाशन तथा संविधान की नौवीं अनुसूची में सूचीबद्ध भाषाओं, विशेषकर पंजाबी और डोगरी में पुस्तकों के अनुवाद के लिए भी विश्वविद्यालय को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह भारतीय भाषाओं और संस्कृति के संरक्षण तथा संवर्धन की दिशा में सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से स्वायत्तता प्राप्त हुई है जो सराहनीय है।

    दीक्षांत समारोह में कृषि मन्त्री प्रो. चन्द्र कुमार, नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर, सांसद अनुराग ठाकुर और राजीव भारद्वाज, कुलाधिपति हरमोहिंदर सिंह बेदी, कुलपति सत प्रकाश बंसल, संकाय सदस्य, छात्र और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

     

  • Jalandhar News: Work Shop में व्यक्ति का गोलियां मारकर कत्ल, देखें वीडियो

    Jalandhar News: Work Shop में व्यक्ति का गोलियां मारकर कत्ल, देखें वीडियो

    जालंधर: जिले में गोलियां चलने की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। वहीं, ताजा मामला गोराया क्षेत्र के गांव घुड़का से सामने आया है, जहां पैसों को लेकर हुए विवाद में एक व्यक्ति ने अपने ही कर्मचारी को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच वर्कशॉप में काम के पैसों को लेकर झगड़ा हुआ था, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया।

    वर्कशॉप में काम करता था मृतक मनोज
    मृतक की पहचान प्रवासी मजदूर मनोज के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक मनोज गांव में स्थित एक ट्रैक्टर वर्कशॉप में काम करता था। यह वर्कशॉप बसपा नेता और नंबरदार जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सा की बताई जा रही है। मनोज काफी समय से वहां काम कर रहा था और अपने किए गए काम के पैसे मांग रहा था।

    पैसे मांगने पर की फायरिंग
    सूत्रों के अनुसार जब मनोज ने अपने मेहनताना की मांग की तो इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सा ने अपने लाइसेंसी रिवॉल्वर से मनोज पर गोली चला दी। बताया जा रहा है कि उसने कुल तीन फायर किए। इनमें से दो गोलियां मनोज को लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक फायर हवा में किया गया।

    घटना के बाद आरोपी फरार
    गोली चलने की घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सा मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

    पुलिस ने शुरू की जांच
    घटना की जानकारी मिलते ही डीएसपी भरत मसीह और थाना गोराया के एसएचओ पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

    जल्द होगी आरोपी की गिरफ्तारी
    डीएसपी भरत मसीह ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। आरोपी की तलाश के लिए टीमें लगा दी गई हैं और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हत्या के पीछे असली कारण क्या था।

     

  • जगत सिंह नेगी ने 59 पात्र आपदा प्रभावित परिवारों को वितरित किए 75 लाख की राहत राशि के चेक

    जगत सिंह नेगी ने 59 पात्र आपदा प्रभावित परिवारों को वितरित किए 75 लाख की राहत राशि के चेक

    कहा…संकट की घड़ी में आपदा प्रभावितों के साथ खड़ी है राज्य सरकार, राहत राशि को डेढ़ लाख से बढ़ाकर किया  7 लाख 

    ऊना, सुशील पंडित  राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने सर्किट हाउस ऊना में आज(शनिवार) को ऊना विधानसभा क्षेत्र के 59 पात्र आपदा प्रभावित परिवारों को 75 लाख रूपये के चैक वितरित किए। इस मौके पर जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार हर संकट की घड़ी में जनता के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों की त्वरित सहायता के लिए विशेष राहत पैकेज तैयार किया ताकि संकट की स्थिति में जरूरतमंद परिवारों को समय पर आर्थिक सहयोग मिल सके और उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
    साथ ही, राज्य सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आपदा से प्रभावित प्रत्येक परिवार तक राहत शीघ्रता से पहुंचे और उन्हें पुनः सामान्य जीवन की ओर लौटने में सहायता मिल सके। उन्होंने आश्वस्त किया कि भविष्य में भी आवश्यकता पड़ने पर सरकार प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान करती रहेगी। नेगी ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने आपदा राहत नीति को और अधिक जनहितकारी बनाते हुए उन परिवारों के लिए राहत राशि में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है, जिनके घर आपदा में पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पहले जहां यह सहायता राशि मात्र डेढ़ लाख रुपये थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर 7 लाख रुपये कर दिया गया है ताकिआपदा प्रभावित परिवारों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

    सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने वाला हिमाचल पहला राज्य

    श्री नेगी ने कहा मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल देश का पहला राज्य बना है जहां कानून बना कर 6,000 अनाथ बच्चों को सरकारी संरक्षण दिया गया है। जिनका कोई नहीं, उनके लिए सरकार ही माता-पिता की भूमिका निभा रही है।
    उन्होंने कहा कि सरकार 27 वर्ष की आयु तक के निराश्रित बच्चों के माता-पिता की भूमिका में रहकर उनकी पढ़ाई का सारा खर्च उठा रही है और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के बाद मकान बनाने के लिए 3 बिस्वा जमीन उपलब्ध कराने का प्रावधान भी किया गया है। यह कार्य न केवल समाज के प्रति संवेदनशीलता दर्शाता है, बल्कि एक मॉडल राज्य की दिशा में कदम भी है।

    एचपी शिवा प्रोजेक्ट से बागवानी को मिल रहा नया प्रोत्साहन, 14 स्थानों पर हो रहा क्रियान्वयन

    जगत सिंह नेगी के कहा कि प्रदेश में बागवानी को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एचपी शिवा प्रोजेक्ट के तहत लोअर हिमाचल में विशेष पहल की जा रही है। इसी क्रम में ऊना ज़िला के 14 विभिन्न स्थानों पर एचपी शिवा परियोजना को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है, जिससे बागवानों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
    उन्होंने बताया कि इस परियोजना के माध्यम से जिले में अमरूद, लीची, अनार, माल्टा, मौसमी और ड्रैगन फ्रूट सहित अन्य फलों के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार द्वारा किसानों को इन फलों के उन्नत किस्मों के पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही बागानों की सुरक्षा और बेहतर प्रबंधन के लिए फैंसिंग, पौध संरक्षण तथा जल प्रबंधन के लिए ड्रिप इरीगेशन जैसी आधुनिक सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं।
    श्री नेगी ने बताया कि ऊना ज़िला में बागवानी गतिविधियों को नया विस्तार मिल रहा है। साथ ही किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ बागवानी से अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त हो रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है।

    लोगों को मिल रही ऑनलाइन राजस्व सुविधाएं

    राजस्व मन्त्री ने कहा कि प्रदेश सरकार आम नागरिकों को सरल, पारदर्शी और सुगम राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए राजस्व विभाग की विभिन्न सेवाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ा है। इस पहल का उद्देश्य लोगों को कम समय में बेहतर और प्रभावी सुविधाएं प्रदान करना है, ताकि उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
    उन्होंने बताया कि सरकार ने राजस्व सेवाओं के तहत कार्यों के निपटारे के लिए स्पष्ट समयसीमा भी निर्धारित की है। इसके अनुसार तकसीम और निशानदेही संबंधित मामलों को नौ माह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है, जिससे लोगों को समयबद्ध सेवाएं मिल सकें। मंत्री ने कहा कि इसके अतिरिक्त ऑनलाइन माध्यम से विभिन्न प्रमाण-पत्रों की सुविधा भी राज्यवासियों को मिल रही है।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार डिजिटल माध्यमों के जरिए राजस्व सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है, ताकि आम जनता को त्वरित, पारदर्शी और भरोसेमंद सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें।
    इस मौके पर हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप धीमान, ऊना के पूर्व विधायक सतपाल सिंह रायजादा, ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष देशराज गौतम, उपायुक्त ऊना जतिन लाल, अधिवक्ता अनुज धीमान सहित अन्य मौजूद रहे।
     
  • राजकीय उच्च विद्यालय घयान को बैस्ट एस.एम.सी अवार्ड, डी.सी सोलन ने प्रदान किया सम्मान

    राजकीय उच्च विद्यालय घयान को बैस्ट एस.एम.सी अवार्ड, डी.सी सोलन ने प्रदान किया सम्मान

    सचिन बैंसल, बददी: राजकीय उच्च विद्यालय घयान को उत्कृष्ट कार्यों के लिए जिला सोलन के उपायुक्त मनमोहन शर्मा द्वारा बेस्ट एस.एम.सी अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान विद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, स्वच्छता, अनुशासन और विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों में सराहनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या शालू महाजन, एसएमएसी अध्यक्ष सीमा देवी तथा बीईईओ पट्टा महलोग पार्वती देवी ने यह पुरस्कार प्राप्त किया। विद्यालय परिवार और विद्यालय प्रबंधन समिति के संयुक्त प्रयासों से विद्यालय निरंतर प्रगति कर रहा है। इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है तथा यह अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत बना है।
    दून विधानसभा के राजकीय उच्च विद्यालय घयान को सर्वश्रेष्ठ बैस्ट एसएमसी अवार्ड प्रदान करते उपायुक्त सोलन।
     
  • Rapper Badshah को Lawrence Gang ने दी धमकी, कहा- माथे में मारेंगे गोली…

    Rapper Badshah को Lawrence Gang ने दी धमकी, कहा- माथे में मारेंगे गोली…

    पानीपत: मशहूर रैपर बादशाह की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। दरअसल, नए हरियाणवी गाने ‘टटीरी’ को लेकर लगातार विवादों में चल रहे है। हालांकि महिला आयोग द्वारा रैपर की गिरफ्तारी को लेकर आदेश भी जारी कर दिए गए है। वहीं अब लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने रैपर बादशाह को जान से मारने की धमकी दे दी है। दूसरी ओर पानीपत में हुई मनी एक्सचेंज की दुकान पर फायरिंग की जिम्मेदारी भी लॉरेंस गैंग ने ली है। इस दौरान बादशाह के लिए एक धमकी भरा ‘नोट’ जारी किया है। ‘वेस्टर्न यूनियन’ के दफ्तर पर ताबड़तोड़ फायरिंग की जिम्मेदारी रंदीप मलिक और अनिल पंडित (USA) ने ली है, जो लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े बताए जा रहे हैं।

    सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट में गैंग ने कहा कि यह फायरिंग हवाला कारोबारियों के खिलाफ एक ‘ट्रेलर’ है। लेकिन इस पोस्ट के अंत में जो लिखा था, उसने पूरी म्यूजिक इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया है। दरअसल, सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने अपने नोट में सीधे तौर पर बादशाह को निशाना बनाते हुए लिखा, सिंगर बादशाह, तूने हरियाणा की संस्कृति को खराब करने की कोशिश की है।

    2024 में तेरे क्लब में तुझे ट्रेलर दिखाया था, अगली बार सीधे तेरे माथे में गोली मारेंगे। इस धमकी के पीछे ‘टटीरी’ गाने को लेकर चल रहा विवाद बताया जा रहा है। गैंग का आरोप है कि बादशाह अपने गानों के जरिए हरियाणा की इमेज और कल्चर को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं। धमकी के साथ-साथ बादशाह कानूनी शिकंजे में भी बुरी तरह घिरे हुए हैं।

    हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने पुलिस को सख्त निर्देश दिए हैं कि यदि बादशाह जांच में शामिल नहीं होते हैं, तो उनका पासपोर्ट जब्त कर उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बादशाह का विरोध अब केवल हरियाणा तक सीमित नहीं है। उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर यूपी में बादशाह के सभी इवेंट्स पर रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि गानों में अश्लीलता और स्कूल ड्रेस का गलत इस्तेमाल समाज पर बुरा असर डाल रहा है।

  • Model Town में मनी एक्सचेंज की दुकान पर ताबड़तोड़ फायरिंग करके हमलावार फरार

    Model Town में मनी एक्सचेंज की दुकान पर ताबड़तोड़ फायरिंग करके हमलावार फरार

    पानीपतः मॉडल टाउन में असंध रोड पर स्थित मनी एक्सचेंज की दुकान पर हमलावारों द्वारा फायरिंग की गई। इस घटना को लेकर लोगों में दहशत का माहौल पाया जा रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक 3 शूटरों द्वारा वारदात को अंजाम दिया है। घटना की सूचना मिलने के बाद सीआईए और मॉडल टाउन पुलिस मौके पर पहुंच गई है। हमलावर तीनों युवक बाइक पर आए थे। मिली जानकारी के अनुसार दोपहर 3 बजे उन्होंने मनी एक्सचेंज की दुकान पर एक के बाद एक करके 7 गोलियां चलाई गई। इस घटना में दुकान के शीशे पर हमलावारों ने गोली मारी।

    घटना को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गए। जानकारी के मुताबिक, यह वारदात सोची-समझी साजिश का हिस्सा लग रही है। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने शनिवार सुबह से ही दुकान के आसपास करीब 5 बार रेकी की थी। बदमाश संभवतः सही समय का इंतजार कर रहे थे। दोपहर के समय जब असंध रोड पर चहल-पहल थी, तभी बदमाशों ने हथियार लहराते हुए ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।

    पुलिस अधिकारियों ने मौके से गोलियों के खोल और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस दुकान और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके और उनके भागने के रूट का पता लगाया जा सके। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर शहर भर में नाकाबंदी कर दी गई है। प्राथमिक जांच में यह मामला रंगदारी या आपसी रंजिश का लग रहा है, हालांकि पुलिस अभी किसी भी आधिकारिक नतीजे पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की जांच कर रही है। सीआईए की टीमें संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

     

     

  • विजिलेंस और एसीबी को आरटीआई से बाहर रखकर क्या छुपाना चाहते हैं मुख्यमंत्री : जयराम ठाकुर

    विजिलेंस और एसीबी को आरटीआई से बाहर रखकर क्या छुपाना चाहते हैं मुख्यमंत्री : जयराम ठाकुर

    मुख्यमंत्री को अपनी ही सरकार के कानून में नहीं है भरोसा, पलट रहे आलाकमान के निर्णय

    ऊना/धर्मशाला : सुशील पंडित : कांगड़ा प्रवास पर पहुंचे नेता पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार द्वारा विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो को सूचना के अधिकार के दायरे से बाहर करने का निर्णय अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, अलोकतांत्रिक और संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। जिस पार्टी के नेता पूरे देश में संविधान की किताब लेकर चल रहे हैं वही पार्टी सत्ता में आने के बाद संविधान, कायदा-कानून और लोकलाज की धज्जियां उड़ा रही है। सुक्खू सरकार के इस फैसले हसे यह साफ़ है कि वह पारदर्शिता से डरती है और प्रदेश में फैलते भ्रष्टाचार को छिपाने का प्रयास कर रही है। उससे भी हैरानी की बात यह है कि व्यवस्था परिवर्तन वाली सुख की सरकार अपने ही आलाकमान द्वारा बनाए गए कानून के ख़िलाफ़ खड़ी है।
    जयराम ठाकुर ने कहा कि सूचना का अधिकार कानून की धारा 24 स्पष्ट रूप से कहती है कि केवल वे एजेंसियां इस कानून से बाहर हो सकती हैं जो इंटेलिजेंस और सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील गतिविधियों में संलग्न हों। यदि उनमें भी भ्रष्टाचार और मानवाधिकार हनन की शिकायत हो तो उसकी जानकारी देनी पड़ेगी। जबकि विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो का काम ही भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करना है। ऐसे में इसे आरटीआई के दायरे से बाहर करने का कोई संवैधानिक या नैतिक आधार नहीं है। राज्यों की विधान सभा और संसद भी भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को आरटीआई से बाहर रखने का क़ानून नहीं बना सकते हैं।
    नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सबसे हैरानी की बात यह है कि ऐसा बड़ा निर्णय बिना विधानसभा में लाए और बिना विधायी प्रक्रिया पूरी किए लेने की कोशिश की जा रही है। आरटीआई कानून की धारा 24 के सेक्शन 5 के अनुसार किसी भी एजेंसी को इस सूची में जोड़ने के लिए विधानसभा से विधिवत पारित कराकर गजट नोटिफिकेशन जारी करना अनिवार्य है। लेकिन सुक्खू सरकार “खाता न बही, जो सुक्खू साहब कहें वही सही” की तर्ज पर सरकार चलाना चाहती है। लोकतंत्र में इस प्रकार की मनमानी कभी स्वीकार नहीं की जा सकती। यह कदम सीधे-सीधे पारदर्शिता को खत्म करने और भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने का प्रयास है।
    पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर विजिलेंस में ऐसी कौन सी जांच चल रही है, जिसे प्रदेश की जनता से छिपाने की जरूरत महसूस हो रही है। जिस जांच का उद्देश्य भ्रष्टाचार को उजागर करना और दोषियों को सजा दिलाना है, उसे गोपनीय बनाने का क्या औचित्य है? इससे साफ़ संकेत मिलता है कि सरकार अपने ही मंत्रियों और नेताओं से जुड़े मामलों को दबाने की तैयारी कर रही है। हाल ही में एक “अत्यंत वरिष्ठ मंत्री” के खिलाफ मुख्यमंत्री द्वारा विजिलेंस जांच के आदेश दिया जो मामला कांग्रेस के आलाकमान तक गया। इस घटनाक्रम ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि सरकार के भीतर किस प्रकार के दबाव और खींचतान चल रही है। ऐसा प्रतीत होता है कि मुख्यमंत्री विजिलेंस की जांच को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर अपने मंत्रियों और विधायकों पर नियंत्रण बनाए रखना चाहते हैं।
    जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के लोग जानना चाहते हैं कि आखिर सरकार को आरटीआई से इतनी परेशानी क्यों है। आरटीआई की मूल भावना ही यह है कि भ्रष्टाचार और मानवाधिकार हनन से जुड़ी सूचनाएं जनता के सामने आएं। यदि सरकार पारदर्शी है तो उसे इस कानून से डरने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री को तुरंत इस फैसले को वापस लेना चाहिए और प्रदेशवासियों के सामने पूरी सच्चाई रखनी चाहिए।

    केंद्र से मिली ₹288.39 करोड़ की अतिरिक्त आपदा सहायता पर जताया आभार

    ​नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने वर्ष 2025 की प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र सरकार द्वारा ₹288.39 करोड़ की अतिरिक्त सहायता राशि स्वीकृत करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह राशि प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास में संजीवनी का काम करेगी। साथ ही, उन्होंने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि इस धनराशि का उपयोग केवल और केवल आपदा प्रभावितों की मदद के लिए ही सुनिश्चित किया जाए।

    ​धर्मशाला आगमन पर उपराष्ट्रपति का भव्य स्वागत किया 

    ​देवभूमि हिमाचल प्रदेश के अपने प्रथम प्रवास पर धर्मशाला पहुंचे उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन का पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हार्दिक अभिनंदन और स्वागत किया। इसके बाद वे केंद्रीय विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति का आगमन प्रदेश के लिए गौरव का विषय है और उनके मार्गदर्शन से केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के छात्र छात्राओं और फैकल्टी को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने उनके यहां संबोधन को अध्ययनरत छात्रों के लिए बहुत प्रेरणादायक बताया।