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  • ਜਲੰਧਰ: ਵਿਆਹ ਤੇ ਗਿਆ ਪਰਿਵਾਰ, ਚੋਰਾਂ ਨੇ ਘਰ ਨੂੰ ਬਣਾਇਆ ਨਿਸ਼ਾਨਾ, ਦੇਖੋ ਵੀਡੀਓ

    ਨਕੋਦਰ : ਰਣਜੀਤ ਨਗਰ ਵਿਖੇ ਚੋਰ ਇਕ ਘਰ ਨੂੰ ਨਿਸ਼ਾਨਾ ਬਣਾ ਕੇ ਚੋਰੀ ਦੀ ਵਾਰਦਾਤ ਕਰਕੇ ਫਰਾਰ ਹੋ ਗਏ।  ਪੀੜਿਤ  ਕ੍ਰਿਸ਼ਨ ਕੁਮਾਰ ਨੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦਿਆਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਪਰਿਵਾਰ ਸਵੇਰੇ ਵਿਆਹ ਤੇ ਗਿਆ ਸੀ। ਜਦੋਂ ਦੁਪਹਿਰ ਨੂੰ ਉਹ ਘਰ ਪੁਜੇ ਤਾ  ਦਰਵਾਜ਼ੇ ਦੇ ਤਾਲੇ ਭੰਨੇ ਹੋਏ ਸਨ ।  ਜਦੋਂ ਉਹਨਾਂ ਦੇਖਿਆ ਤਾਂ ਗੋਦਰੇਜ ਦੀਆਂ ਅਲਮਾਰੀਆਂ ਦਾ ਸਮਾਨ ਖਿੱਲਰਿਆ ਪਿਆ ਸੀ। 

    ਜਿਸ ਵਿੱਚੋ  ਸੋਨੇ ਦੇ ਗਹਿਣੇ , ਚਾਂਦੀ ਦੇ ਗਹਿਣੇ ਅਤੇ ਨਗਦੀ ਚੋਰੀ ਸਨ।  ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਸਿਆ ਕਿ ਕਰੀਬ 40 ਤੋਲੇ ਸੋਨੇ ਦੇ ਗਹਿਣੇ ਅਤੇ ਚਾਂਦੀ ਦੇ ਗਹਿਣੇ ਤੋ ਇਲਾਵਾ ਲਖ ਰੁਪਏ ਦੀ ਨਗਦੀ ਵੀ ਚੋਰੀ ਹੋਈ ਹੈ।  ਘਟਨਾ ਸਬੰਧੀ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਸੂਚਿਤ ਕਰ ਦਿੱਤੋ ਗਿਆ ਹੈ।  ਕੌਂਸਲਰ ਹੇਮੰਤ ਸ਼ਰਮਾ ਮੋਕੇ ਤੇ ਪਹੁੰਚੇ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਕਿ ਚੋਰਾਂ ਨੂੰ ਜਲਦੀ ਤੋਂ ਜਲਦੀ ਕਾਬੂ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ। 

  • महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है ये विटामिन

    Health tips: रिसर्च में पाया गया है कि अगर महिलाओं की शरीर में विटामिन डी की कमी के कारण हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर, स्ट्रोक, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके साथ कई और परेशानियां पेश आ सकती हैं। आइए जानते हैं कि इस पोषक तत्व की कमी पर हमारा शरीर कैसे इशारे देता है।

    हम सभी जानते हैं कि हड्डियों को मजबूती देने के लिए आपको कैल्शियम रिच फूड का सेवन करना पड़ता है, लेकिन अगर शरीर में विटामिन डी की कमी है तो कैल्शियम का एब्जॉर्बशन बुरी तरह प्रभावित हो जाता है, जिससे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं।

    जो महिलाएं विटामिन डी की डेफिशिएंसी की शिकार हैं उनकी इम्यूनिटी कमजोर होने लगती है, जिसकी वजह से उन्हें कई तरह के वायरल इंफेक्शन और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

    शरीर में विटामिन डी की कमी हो जाए तो जख्म, सर्जरी का घाव देर से भरता है। इसके साथ-साथ अगर चोट लग जाए, तो दर्द से जल्दी निजात नहीं मिल पाता। इसलिए बेहतर है कि रोजाना धूप में कुछ वक्त जरूर बिताएं।

    आपने देखा होगा कि कई महिलाएं रोजाना के काम करने में थकान महसूस करती है, क्योंकि विटामिन डी की कमी से शरीर में कमजोरी आने लगती है और ब्लड शुगर लेवल काफी कम हो सकता है।

  • पंजाब : Guru Angad Dev Veterinary University में डॉग शो का किया गया आयोजन, देखें वीडियो

    लुधियाना : गुरु अंगद देव वेटरनरी यूनिवर्सिटी में डॉग शो का आयोजन किया गया। जिसमें 25 से अधिक नस्लों के कुत्तों ने हिस्सा लिया। भारत-पाक बॉर्डर पर तैनात BSF के डॉग स्पेशल तौर पर करतब दिखाने पहुंचे। फिरोजपुर से BSF द्वारा आधुनिक तकनीक से ट्रेनिंग देकर इन्हें शो में भेजा गया। BSF के अधिकारी BS शर्मा ने कहा कि यह डॉग्स बॉर्डर इलाकों में तैनात रहते हैं जो ड्रोन, विस्फोटक सामग्री और नशे को पकड़वाने में मदद करते हैं। इनकी खासियत यह है कि यह एक जवान की तरह 8 से 10 घंटे तक ड्यूटी पर तैनात रहते हैं। ड्रोन की आवाज सुनते ही यह एग्रेसिव हो जाते हैं। कई किलोमीटर दूर से भी यदि ड्रोन की आवाज उनके कानों तक पहुंच जाए तो यह तुरंत उसे लॉकेट कर लेते हैं। पिछले कुछ दिनों में ब्रूटी नामक डॉग करीब 5 से 7 ड्रोन पकड़वा चुका है। BSF डॉग का 6 महीने का बच्चा अडॉप्ट करती है।

    जिसे करीब 1 से 2 साल तक ट्रेनिंग पर रखा जाता है। इनके खान पान पर विशेष ध्यान दिया जाता है। रोजाना चिकन और अन्य प्रोटीन युक्त खाद्य सामग्री इन्हें दी जाती है। BSF द्वारा रखे गए डॉग्स में सूंघने की शक्ति 20 से 30 फीसदी अधिक होती है। करीब 8 से 10 साल की सेवा लेने के बाद इन्हें रिटायरमेंट पर भेज दिया जाता है। BSF में जो मुकाबला होते हैं उनमें या डॉग्स काफी मेडल जीत चुके हैं। हाल ही में इन डॉग्स ने G-20 में भी डयूटी दी है। इन डॉग्स को इस शो में लाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि लोगों को पता चल सके देश की रक्षा सिर्फ जवान ही नहीं बल्कि डॉग्स भी कर रहे हैं। पाकिस्तान से नशा काफी हद तक इन डॉग्स की मदद से आना काम हो रहा है।

    खूबियों के चलते चुना गया जर्मन शेफर्ड

    BSF ने खासतौर पर जर्मन शेफर्ड नस्ल के श्वान को ही चुना। इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण उसके सुनने की खूबी है। जर्मन शेफर्ड डॉग के कान काफी अधिक संवेदनशील होते हैं। दूर से ही वह कोई भी हलचल सुन लेते हैं और प्रतिक्रिया भी देते हैं। सतर्क होते ही इनके कान खड़े हो जाते हैं और इनका ट्रेनर अलर्ट हो जाता है। अपने साथियों को अलर्ट भी कर देता है।

  • सफेद बालों को काला करने के लिए अपनाएं किचन का ये देसी तरीका

    Health tips: पुराने जमाने में सफेद बालों को बढ़ती उम्र की निशानी माना जाता था, लेकिन मौजूदा वक्त में 25 साल के युवाओं के बाल भी पकने लगे हैं। मौजूदा दौर की लाइफस्टाइल, प्रदूषण और अनहेल्दी फूड हैबिट्स इसके सबसे बड़े कारण माने जाते हैं। अगर आप भी कम उम्र में इस समस्या से परेशान हैं तो हम आपकी ये टेंशन दूर कर सकते हैं।

    यंग एज में बाल सफेद होने से शर्मिंदगी और लो कॉन्फिडेंस का सामना करना पड़ता है, अगर इसके लिए केमिकल युक्त हेयर डाई का इस्तेमाल करेंगे तो बाल डैमेज हो सकते हैं, ऐसे में मेथी के प्रयोग से आपको मनचाहा रिजल्ट मिल सकता है।

    अगर आप चाहते हैं कि सफेद बाल नेचुरल तरीके से काले हो जाएं तो मेथी के साथ गुड़ का सेवन करना शुरू कर दें। आयुर्वेद में भी इन दोनों के कॉम्बिनेशन के फायदे बताए गए हैं। मेथी और गुड़ से न सिर्फ बालों में डार्कनेस वापस आ जाएगी, बल्कि इससे हेयर फॉल और गंजापन जैसी समस्याओं से भी छुटकारा मिल जाएगा, साथ ही बालों में गजब की चमक देखने को मिलेगी।

    बालों के फायदे के लिए मेथी का दूसरे तरीके से भी इस्तेमाल किया जा सकता है, इसके लिए आप एक बर्तन में पानी रखें और मेथी के दानों को मिक्स कर लें। इसके बाद इसे उबालें और फिर ठंडा करने के लिए छोड़ दें। इस मेथी के पानी से सिर धोएं और करीब 15 मिनट तक बालों को न धोएं। कुछ दिनों तक ऐसा करने से मनचाहा रिजल्ट हासिल हो जाएगा।

    आप मेथी के दानों को रातभर पानी में भिगोने के लिए छोड़ दें और सुबह-सुबह इसे पीसकर पेस्ट तैयार कर लें और बालों में लगा लें, कुछ दिनों तक इस विधि को अपनाने से बाल नेचुरल तरीके से काले हो जाएंगे।

  • दून भाजपा ने तीन राज्यों की जीत पर बांटे लड्डू

    हिमाचल के झूठे वायदों का दूसरे राज्यो मे पड़ा असर
    बददी/ सचिन बैंसल: तीन राज्यो में भाजपा को मिली जीत पर दून भाजपा मंडल ने बद्दी में लड्डू बांटे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि भाजपा ने हिमाचल मे झूठे वायदे करके सता हासिल कर ली थी लेकिन अन्य स्थानों पर यह इनकी इस चाल से मतदाता पहले से सर्तक हो गए। लोगों ने नरेंद्र मोदी में आस्था जताते हुए भाजपा का साथ दिया है। दून के पूर्व विधायक परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि  विधानसभा चुनावों के नतीजे से स्पष्ट हो गया है कि देश की जनता को  नरेंद्र मोदी  के नेतृत्व और भारतीय जनता पार्टी की नीतियों पर पूरा भरोसा है। भाजपा मंडल के अध्यक्ष मान सिंह मेहता ने कहा कि  आगामी लोकसभा चुनाव में पिछली बारी से भी बड़ी बढ़त से भारतीय जनता पार्टी केंद्र में सरकार बनाएगी। साथ ही एक बार फिर हिमाचल की चारों लोकसभा सीटों पर भाजपा जीत दर्ज करेगी। भाजपा के जिला सदस्य कृष्ण कौशल ने कहा कि जनता को झूठी गारंटीयों से ठग कर कांग्रेस सत्ता में तो जरूर आ गई लेकिन आज तक अपनी एक भी गारंटी को पूरा नहीं कर पाई।  माता व बहनों व युवाओं के साथ धोखा किया। युवाओं को रोजगार देने के नाम पर कोई काम नहीं हुआ है। जिसकी तीन राज्यो में लोगों के जवाब दिया है। इस मौके पर पूर्व विधायक परमजीत सिंह पम्मी, जिला युवा मोरचा के अध्यक्ष उपेंद्र ठाकुर, विस्तारक रुपेंद्र ठाकुर, मंडल अध्यक्ष मान सिंह मेहता, राहुल शर्मा, कृष्ण कौशल, सुरेंद्र ठाकुर, गुरमैल चौधरी, कुलदीप चौधरी, नरेंद्र चौधरी, नीरज कुमार, राजन बांठ, हरविंद्र ठाकुर, संजीव ठाकुर, ललित ठाकुर, ओमप्रकाश ठाकुर, मुकेश कौशल समेत गणमान्य लोग उपस्थित रहे। 
  • तेलंगाना, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के चुनाव परिणाम पर PM मोदी का आया बयान

    नई दिल्ली : राजस्थान, मध्य प्रदेश, राजस्थान और तेलंगाना विधानसभा चुनाव रिजल्ट पर प्रधानमंत्री ने रविवार (3 दिसंबर) को पहली प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जनता-जनार्दन को नमन! मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के चुनाव परिणाम बता रहे हैं कि भारत की जनता का भरोसा सिर्फ और सिर्फ सुशासन और विकास की राजनीति में है, उनका भरोसा बीजेपी है। पीएम मोदी ने कहा कि बीजेपी पर अपना स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद बरसाने के लिए मैं इन सभी राज्यों के परिवारजनों का, विशेषकर माताओं-बहनों-बेटियों का, हमारे युवा वोटर्स का हृदय से धन्यवाद करता हूं।

    मैं उन्हें भरोसा देता हूं कि आपके कल्याण के लिए हम निरंतर अथक परिश्रम करते रहेंगे।  उन्होंने कहा इस अवसर पर पार्टी के सभी परिश्रमी कार्यकर्ताओं का विशेष रूप से आभार! आप सभी ने अद्भभुत मिसाल पेश की है. भाजपा की विकास और गरीब कल्याण की नीतियों को आपने जिस तरह लोगों के बीच पहुंचाया, उसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए वो कम है. हम विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रहे है। हमें ना रुकना है, ना थकना है. हमें भारत को विजयी बनाना है। आज इस दिशा में हमने मिलकर एक सशक्त कदम उठाया है।’

    तेलंगाना को लेकर क्या कहा?

    पीएम मोदी ने कहा कि तेलंगाना के मेरे प्यारे बहनों और भाईयों का बीजेपी को समर्थन देने के लिए धन्यवाद। पिछले कुछ वर्षों में यह समर्थन बढ़ता ही जा रहा है और आने वाले समय में भी यह सिलसिला जारी रहेगा। तेलंगाना के साथ हमारा रिश्ता अटूट है और हम लोगों के लिए काम करते रहेंगे। मैं प्रत्येक बीजेपी कार्यकर्ता की मेहनत की सराहना करता हूं.

  • कुटलैहड़ के चरोला स्कूल में वार्षिक समारोह में विधायक ने 6,60 लाख के कमरों का किया भूमि पूजन

    कुटलैहड़ के सरकारी स्कूलों में 20 वर्ष का राजनैतिककर्ण हुआ खत्म,अव केवल पढ़ाई पर फोक्स:देवेन्द्र भुट्टो 
    ऊना/सुशील पंडित: उपमण्डल बंगाणा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चरोला में बार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह मनाया। कार्यक्रम में कुटलैहड़ के विधायक देवेन्द्र भुट्टो ने बतौर मुख्यतिथि शिरकत करके पहले प्राइमरी स्कूल चरोला में 6,60 लाख की लागत से बनने बाले दो कमरों का भूमि पूजन किया। बही स्कूली छात्रों द्वारा संस्कृत कार्यक्रम प्रस्तुत किया। स्कूल प्रिंसीपल द्वारा स्कूल की बार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। अपने सम्बोधन में मुख्यतिथि के रूप में पँहुँचे विधायक देवेन्द्र भुट्टो ने स्कूली छात्रों को पढ़ाई के साथ साथ खेलों एवं अन्य गतिविधियों के बारे में रुचि बढाने के लिए प्रेरित किया। भुट्टो ने कहा कि हमारी सरकार को बने 11 माह पूर्ण हो गए है। हमने 11 माह में कुटलैहड में शिक्षा के क्षेत्र के उत्थान के लिए काम किया है। और बीते 20 बर्षो से जो सरकारी स्कूलों को राजनैतिक कर्ण दिया जा रहा था। हमने उसे बन्द किया है। और कुटलैहड विस क्षेत्र के किसी भी स्कूल में बदले की भावना से कोई तबादला नहीं किया है। भुट्टो ने कहा कि कुटलैहड़ विस क्षेत्र के  सरकारी स्कूल में छात्रों की संख्या बढ़ी है। और हमने सबसे पहले स्कूल के स्टाफ को संख्या बढ़ाने पर बल देने के लिए प्रेरित किया था। और गरीबी रेखा से नीचे परिवारों के बच्चे है। जो धन की कमी के कारण शिक्षा से वंचित रहते है। उन्हें हमने अपनी विधायक सैलरी से धन मुहैया करवाकर शिक्षा देने पर बल दिया है। भुट्टो ने कहा कि हमें उद्घाटन ओर शिलान्यास के फट्टे लगाने का शौक नहीं है। हम पहले बजट में घोषणा का प्रावधान करते है। फिर कार्य योजनाओ की घोषणा करते है। बही स्कूल प्रिंसीपल की मांग पर स्कूल को दो कमरे खेल मैदान एवं संस्कृत कार्यक्रम के लिए 11 हजार देने की घोषणा की। इस मौके पर राज्य रेंडक्रॉस सोसाइटी के प्रदेश संयोजक सुरिन्दर ठाकुर, प्रदेश कांग्रेस सचिव देसराज गौतम व स्थानीय पँचायत प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। 
  • रेलवे स्टेशन पर युवक की गोली मारकर ह’त्या, मचा हड़कंप

    नई दिल्ली: राजधानी पटना से सटे फतुहा रेलवे स्टेशन के 5 नंबर प्लेटफार्म के पश्चिमी छोर पर आज (तीन दिसंबर) सुबह 8:30 बजे के करीब एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या की घटना से पूरे स्टेशन परिसर में सनसनी फैल गई और अफरा तफरी का माहौल हो गया मौके पर जीआरपी और आरपीएफ की पुलिस पहुंची लेकिन तब तक अपराधी फरार हो चुके थे मृतक की पहचान बख्तियारपुर स्थित सालिमपुर थाना क्षेत्र के मंझौली निवासी कृष्णनंदन सिंह का पुत्र 35 वर्षीय फगु यादव वर्ष के रूप में हुई बताया जा रहा है कि फगु यादव दूध का व्यवसाय करता था और प्रतिदिन मंझौली से ट्रेन पर दूध लेकर फतुहा दूध मंडी में आता था. आज भी राजगीर दानापुर पैसेंजर ट्रेन से वह दूध लेकर फतुहा स्टेशन उतरा। ट्रेन तीन नंबर पर प्लेटफार्म पर लगी। फगु दूध का गैलन को अपोजिट साइड चार नंबर प्लेटफार्म पर रखकर वह दूध मंडी की ओर जा रहा था। इस दौरान उसने कुछ लोग को देखकर भागने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार फगु भागने लगा और पीछे दो की संख्या में आए अपराधी उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दी। फगु को चार से 5 गोलियां मारी गई, जिससे उसकी घटनास्थल में ही मौत हो गई।

    मृतक के परिजनों में मचा कोहराम

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों अपराधी को बाइक से आए थे और छह नंबर प्लेटफार्म के पास बाइक लगाए हुए थे। अपराधी घटना को अंजाम देकर तुरंत बाइक से फरार हो गए। प्रथम दृष्टया घटना का कारण आपसी रंजिश बताया जा रहा है। हालांकि जीआरपी और आरपीएफ के अधिकारी अभी इस मामले पर कुछ भी बोलने से इनकार कर रहे है। घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया है।

  • जिला में 322  दिव्यांग व्यक्तियों को लगभग 35 लाख रुपए से बांटे गए 435 सहायक उपकरण: उपायुक्त

    ऊना/ सुशील पंडित: जिला रेड क्रॉस सोसाइटी ऊना द्वारा अलमीको  संस्था के माध्यम से 322 दिव्यांग व्यक्तियों को लगभग 35 लाख रुपए की लागत से विभिन्न किस्मों के 435 सहायक उपकरण वितरित किये गए हैं ताकि उनके रोजमर्रा की कठिनाइयों को कम करते हुए उनके जीवन को सुगम बनाया जा सके। यह जानकारी उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने हरोली विधानसभा क्षेत्र के गांव घालुवाल में आयोजित जिला स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय विकलांगता दिवस समारोह में अपने संबोधन के दौरान दी। राघव शर्मा ने बताया कि सरकार व प्रशासन द्वारा दिव्यांगजनों की शिक्षा तथा मूलभूत आवश्यकताओं के दृष्टिगत अनेक सार्थक कदम उठाए जा रहे हैं ताकि समाज की मुख्य धारा में उन्हें समान अवसर प्राप्त हो सकें तथा वे आत्मनिर्भर बनकर सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें। 

    उपायुक्त ने कहा कि दिव्यांगजनों को सही अवसर व मार्गदर्शन प्रदान कर उनकी  अक्षमता को सक्षमता में परिवर्तित किया जा सकता है तथा इसके लिए समाज के सभी वर्गों को सार्थक प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने उदाहरण दिया की अंतरराष्ट्रीय विशेष ओलंपिक खिलाड़ी अंब निवासी निषाद कुमार को सही अवसर मार्गदर्शन मिलने की बदौलत आज उन्होंने न केवल प्रदेश व देश का नाम विश्वभर में रोशन किया बल्कि अन्य लोगों के लिए भी वे प्रेरणा बने हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों के प्रति समानता व संवेदनशीलता अपनाना हम सभी का दायित्व हैं। राघव शर्मा ने इस दिशा में प्रेम आश्रम ऊना तथा आश्रय संस्था देहलां द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भरपूर सराहना की। उन्होंने कल्याण विभाग को परामर्श दिया कि भविष्य में इस प्रकार के आयोजन किसी बड़े शिक्षण संस्थान में किए जाने चाहिए ताकि समाज में ज्यादा से ज्यादा लोगों को दिव्यांगों के प्रति अपने दायित्व के बारे में जागरूक व संवेदनशील बनाया जा सके।
    समारोह में कल्याण विभाग द्वारा स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के तहत ओबीसी व एससी श्रेणियों के 14 लाभार्थियों को 21 लाख रुपए के स्वीकृति पत्र उपायुक्त ऊना के माध्यम से प्रदान किए। इसके अलावा समारोह में हरोली विधानसभा क्षेत्र के 41 दिव्यांग लाभार्थियों को लगभग 4 लाख 15 हजार  की लागत के 64 विभिन्न प्रकार के सहायक उपकरण भी उपायुक्त ऊना के माध्यम से वितरित किए गए। समारोह में प्रेम आश्रम ऊना व आश्रय देहलां के बच्चों द्वारा विभिन्न मनोरंजक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। इसके अलावा आर के कलामंच चिंतपूर्णी के कलाकारों द्वारा नशा एक सामाजिक बुराई पर आधारित एक लघु नाटिका भी प्रस्तुत की गई। उपायुक्त ऊना द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम के प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया।


    इससे पहले डीसी ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का विधिवत शुभारंभ किया। समारोह में जिला कल्याण अधिकारी अनीता शर्मा ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया तथा प्रदेश सरकार द्वारा कल्याण विभाग के माध्यम से संचालित विभिन्न योजनाओं बारे महत्वपूर्ण जानकारी दी। अनीता शर्मा ने बताया कि जिला ऊना में कुल 65713 सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारक हैं, जबकि 5847 दिव्यांग पेंशनर हैं। उन्होंने बताया कि स्कॉलरशिप स्कीम के तहत 34 दिव्यांग छात्रों को 5 लाख 60 हजार रुपए वजीफा दिया जा रहा है, जबकि पांच दिव्यांग छात्रों को प्रदेश सरकार द्वारा कल्याण विभाग के माध्यम से निशुल्क कंप्यूटर एप्लीकेशन शिक्षा प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि सुखाश्रय योजना के तहत प्रेम आश्रम ऊना में रह रहे प्रत्येक दिव्यांग बच्चे को हर त्यौहार के अवसर पर प्रति बच्चा ₹500 तथा प्रेम आश्रम संस्थान को 10 हजार रुपए की राशि दी जा रही है ताकि वहां पर रह रहे बच्चे सभी प्रकार के त्यौहार हर्ष व उल्लास के साथ मनाएं तथा उन्हें किसी भी परिस्थिति में पैसे की कमी महसूस न हो।


    इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रणजीत सिंह राणा ने भी संबोधित किया तथा प्रदेश सरकार द्वारा अपने वर्तमान कार्यकाल के दौरान दिव्यांगों के कल्याणार्थ किए जा रहे प्रयासों के बारे जानकारी दी। इस अवसर पर एसडीएम हरोली विशाल शर्मा, तहसीलदार हरोली जयमल सिंह,  जिला कांग्रेस कमेटी ओबीसी सैल के अध्यक्ष प्रमोद कुमार, धर्मपुर पंचायत प्रधान सुभद्रा कुमारी, प्रेम आश्रम ऊना की प्रधानाचार्या सिस्टर संजना सहित कई अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी तथा स्थानीय लोग भी उपस्थित थे।

  • इस एक्टर की बेटी को मिला शिक्षा जगत में विश्व का प्रतिष्ठित पुरस्कार

    नई दिल्ली : सफीना ने बताया कि गरीबी से लेकर पितृसत्ता तक, लड़कियों को स्कूल से बाहर रखने या उन्हें अपनी शिक्षा पूरी किए बिना स्कूल छोड़ने के लिए मजबूर करने के अनगिनत कारण हैं, मुझे इसका एहसास तब हुआ जब मुझे खुद अपनी पढ़ाई छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था। ‘एजुकेट गर्ल्स’ की संस्थापक सफीना हुसैन भारतीय गांवों में स्कूल न जाने वाली 14 लाख लड़कियों को मुख्यधारा की शिक्षा में वापस लाने के लिए 5 लाख अमेरिकी डॉलर का WISE पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं. इस सप्ताह की शुरुआत में दोहा में वर्ल्ड इनोवेशन समिट फॉर एजुकेशन शिखर सम्मेलन के 11वें संस्करण में कतर फाउंडेशन द्वारा पुरस्कार दिया गया , जोकि शिक्षा के क्षेत्र में सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक है। एजुकेट गर्ल्स’ की संस्थापक सफीना हुसैन भारतीय गांवों में स्कूल न जाने वाली 14 लाख लड़कियों को मुख्यधारा की शिक्षा में वापस लाने के लिए 5 लाख अमेरिकी डॉलर का WISE पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में दोहा में वर्ल्ड इनोवेशन समिट फॉर एजुकेशन शिखर सम्मेलन के 11वें संस्करण में कतर फाउंडेशन द्वारा पुरस्कार दिया गया। जोकि शिक्षा के क्षेत्र में सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक है. सफीना ने बताया कि गरीबी से लेकर पितृसत्ता तक, लड़कियों को स्कूल से बाहर रखने या उन्हें अपनी शिक्षा पूरी किए बिना स्कूल छोड़ने के लिए मजबूर करने के अनगिनत कारण हैं, मुझे इस विषय के महत्व का एहसास तब हुआ जब मुझे घर पर कठिन परिस्थितियों की वजह से अपनी पढ़ाई से तीन साल का ब्रेक लेने के लिए मजबूर होना पड़ा था.” सफीना की किस्मत ने तब करवट ली जब तीन साल बाद उसकी एक चाची ने उसे वापस पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और आखिरकार उसे लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में सीट दिलाने में मदद की।

    इसके बाद उन्होंने फैसला लिया कि वे खुद भी स्कूल और शिक्षा से दूर लड़कियों की मदद करेंगी और उनके जीवन में वो भूमिका (चाची की तरह) निभाएंगी. सफीना ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कहा, “16 साल पहले, जब ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के बारे में कुछ नहीं सुना गया था, तब मैंने स्कूल छोड़ने वाली लड़कियों को मुख्यधारा की शिक्षा में वापस लाने के लिए एक एनजीओ, ‘एजुकेट गर्ल्स’ स्थापित करने का फैसला किया था। 21वीं सदी में भी, भारत में ऐसे गांव हैं जहां बकरियों को संपत्ति माना जाता है लेकिन लड़कियों को दायित्व माना जाता है.” पारिवारिक उदासीनता, प्रेरणा की कमी और खुद लड़कियों की ओर से अनिच्छा, उनकी शिक्षा के लिए प्रमुख बाधाएं थीं जिनका सफीना को तब सामना करना पड़ा जब उन्होंने ग्रामीण राजस्थान में लड़कियों को शिक्षित करने का मिशन शुरू किया, जो अब मध्य प्रदेश, बिहार और उत्तर प्रदेश तक फैल गया है. वे कहती हैं, “ये मिशन बहुत पर्सनल था इसलिए जिस मॉडल को हमने क्रियान्वित किया उसका भी पर्सनल होना जरूरी था. बालिका वधुओं से लेकर घरेलू काम में धकेली जाने वाली युवा लड़कियों तक, जिन लड़कियों को हम स्कूल वापस लाए हैं उनकी दुखद कहानियां हैं लेकिन अब उनका भविष्य उज्ज्वल है।

    हमने लड़कियों के परिवारों को समझाया कि उनकी बच्चियों को सस्ती शिक्षा प्राप्त करने का रास्ता दिखाने और नजदीकी सरकारी स्कूल में दाखिला दिलाने तक, टीमें ये सुनिश्चित करने के लिए हर काम करती हैं जिससे इन लड़कियों को स्कूल भेजा जाए.” इस मिशन के जरिए स्कूल न जाने वाली लड़कियों की अधिक संख्या वाले गांवों की पहचान करने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जा रहा है. इस जानकारी से लैस, 21,000 से अधिक जेंडर चैंपियन इन लड़कियों की पहचान करने के लिए भारत के सबसे दुर्गम गांवों में घर-घर जाते हैं. सरकार और समुदायों के साथ साझेदारी में काम करते हुए, हम उन्हें औपचारिक शिक्षा प्रणाली में फिर से जोड़ते हैं. सफीना ने कहा, “AI हमें सबसे कमजोर लड़कियों को तेजी से ढूंढने में मदद कर सकता है, और हमें बड़े पैमाने पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में मदद कर सकता है, हालांकि हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि ह्यूमन टच जमीन पर बेहद जरूरी है.” बता दें कि WISE पुरस्कार शिक्षा में उत्कृष्ट, विश्व स्तरीय योगदान के लिए किसी व्यक्ति या टीम को मान्यता देने वाला अपनी तरह का पहला पुरस्कार है, जिसकी शुरुआत साल 2011 में कतर की महारानी शेखा मोजा बिन्त नासिर ने की थी. ये पुरस्कार प्राप्त करने वाली सफीना दूसरी भारतीय हैं. उनसे पहले ‘प्रथम’ के सह-संस्थापक माधव चव्हाण को भारत में लाखों वंचित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए 2012 में WISE पुरस्कार दिया गया था.