केक काटने के बजाए अब युवा जरूरत मंदों को भोजन खिला कर मनाने लगे उत्सव
बद्दी/ सचिन बैंसल: भारत विकास परिषद की बद्दी शाखा की प्रेरणा पा कर तीन युवा पवन कुमार, टिकुं और डा. वैभव शर्मा ने पश्चमी सभ्यता को छोड़ कर अपने जन्म दिन पर जररूतमंदो को भोजन करा कर भारतीय परंपरा को पुर्नजीवित करने में अपना योगदान दिया। सनातन धर्म की पंरपरा उपहार लेने की नहीं देने की है। भारत विकास परिषद की बद्दी शाखा के मुख्य संरक्षक आरके शर्मा ने बताया कि शाखा बद्दी युवाओ में पश्चमी सभ्याता को छोड़ कर अपने जन्म दिन , सालगिरह व कोई भी उत्सव केक काटने की बजाए जरूरत मंदों को भोजन खिला कर मनाने के लिए प्रेरित कर रहे है।
इसी कड़ी में वीरवार को तीन युवकों ने ईएसआईसी अस्पताल काठा में अपने जन्म दिन को ओपीडी के लिए आए मरीजों व दाखिल मरीजों के तामिरदारों को भोजन कराया। संस्था के सचिव देवव्रत यादव ने बताया कि उनके पास काफी युवाओं ने अपना जन्म दिन व सालगिरह भोजन परोस कर मनाने के लिए भारत विकास परिषद की बद्दी शाखा से संपर्क किया हुआ है। जो कि भारतीय संस्कृति के गौरव की बात है। परिषद के अध्यक्ष रमन कौशल, संगठन सचिव राधा गोबिंद मंत्री एवं उपाध्यक्ष नीरज गुप्ता ने कहा कि वे भविष्य में भी भारतीय पंरपंरा को बनाए रखने के लिए पूर्ण रूप से कार्य करते रहेंगे। इसके लिए डॉ. मुकेश मल्होत्रा, कामगार नेता मेला राम चंदेल, एम केयर अस्पताल, कलर्स इंडिया, बिरला टैक्सटाईल एवं यश ग्रुप के स्टाफ, परमवीर चौहान, अनुपम शर्मा, प्रेमलता भावसार ने भोजन परोसने में सहयोग किया।




इसके बाद एनएसएस यूनिट के प्रोग्राम ऑफिसर प्रोफेसर सिकंदर नेगी ने नए स्वयंसेवियों को शपथ दिलाई। इसके बाद महाविद्यालय के प्राचार्य ने नए चयनित कार्यकारिणी सदस्यों एन एस एस कैंपस कैप्टन कैप्टन एन एस एस कैंपस प्रधान गौरव कुमार , उप प्रधान शुभम शर्मा , महासचिव परीक्षा , सहसचिव स्नेहा , कोषाध्यक्ष नीलम, कार्यक्रम कोऑर्डिनेटर लता ठाकुर , मीडिया सचिव कुशल राणा को एन एन एस टोपी और बैच पहनना कर सम्मानित किया। इस अवसर पर एनएसएस के पूर्व प्रोग्राम अधिकारी प्रोफेसर कृष्ण चंद को कीय नोट स्पीकर आमंत्रित किए गए थे।
उन्होंने अपने संबोधन में बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना राष्ट्र की युवा शक्ति के व्यक्तित्व विकास हेतु युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित एक सक्रिय कार्यक्रम है। इसके गतिविधियों में भाग लेने वाले विद्यार्थी समाज के लोगों के साथ मिलकर समाज के हित के कार्य करते है। साक्षरता संबंधी कार्य, पर्यावरण सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं सफाई आपातकालीन या प्राकृतिक आपदा के समय पीड़ीत लोगों की सहायता आदि। विद्यार्थी जीवन से ही समाजपयोगी कार्यों में रत रहने से उनमें समाज सेवा या राष्ट्र सेवा के गुणों का विकास होता है। एक आदर्श नागरिक बनने के लिए इन गुणों का विकास होना अत्यंत आवश्यक है।




