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  • Punjab News: फेयरवेल पार्टी के नाम पर छात्रों ने सड़क पर किया हुल्लड़बाजी, पुलिस ने काटा चालान

    Punjab News: फेयरवेल पार्टी के नाम पर छात्रों ने सड़क पर किया हुल्लड़बाजी, पुलिस ने काटा चालान

    लुधियाना। जिले में छात्रों द्वारा फेयरवेल पार्टी के जश्न के नाम पर सड़कों पर हो रही हुल्लड़बाजी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। ताजा मामला शहर के व्यस्त इलाके फिरोजपुर रोड से सामने आया है, जहां कुछ अमीर छात्र ट्रैफिक नियमों की अवहेलना करते हुए और राहगीरों की जान को खतरे में डालते हुए नज़र आए।

    वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने लिया एक्शन
    सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में देखा गया कि छात्र अपनी लग्जरी कारों में सवार होकर सड़क पर शोर मचा रहे थे। इन कारों में अवैध लाल-नीली लाइटें और भारी साउंड सिस्टम लगाए गए थे। छात्र कारों की खिड़कियों और सनरूफ से बाहर निकलकर हूटर बजा रहे थे और जोर-जोर से म्यूजिक चला रहे थे। इस वजह से सड़क पर पीछे चल रहे अन्य वाहनों के चालकों में डर का माहौल बन गया। लुधियाना ट्रैफिक पुलिस ने वीडियो देखने के बाद तुरंत कार्रवाई की और पांच लग्जरी गाड़ियों के चालान काट दिए।

    पुलिस का ‘होम डिलीवरी’ एक्शन
    पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर इन गाड़ियों के नंबर ट्रेस किए और सीधे उनके मालिकों के घर जाकर चेतावनी दी। इस कार्रवाई में 3 इनोवा, 1 स्विफ्ट और 1 SUV शामिल थीं। पुलिस ने केवल चालान ही नहीं काटे, बल्कि बच्चों और उनके परिजनों को सख्त चेतावनी भी दी। एसीपी ट्रैफिक ने साफ कहा कि अगर भविष्य में फिर से ऐसा होता है तो गाड़ी जब्त करने के साथ-साथ लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।

    एसीपी ट्रैफिक का चेतावनी
    एसीपी ट्रैफिक गुरुदेव सिंह ने कहा कि बच्चे इसे अक्सर शो-ऑफ या मनोरंजन समझते हैं, लेकिन यह दूसरों की जिंदगी से खिलवाड़ है। उन्होंने आगे कहा फेयरवेल का जश्न मनाना गलत नहीं है, लेकिन सड़क पर स्टंट करना और नियम तोड़ना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खुदा ना खास्ता अगर कोई हादसा हो जाए तो इसका दर्द सिर्फ माता-पिता को झेलना पड़ेगा। पुलिस ने यह भी बताया कि टीम सोशल मीडिया और सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रख रही है।

    पेरेंट्स से अपील
    पुलिस प्रशासन ने माता-पिता से अपील की है कि वे नाबालिग या बिना अनुभव वाले बच्चों को स्कूल ले जाने के लिए गाड़ियां न दें। बच्चों की छोटी सी जिद बड़े हादसे का कारण बन सकती है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हुल्लड़बाजों को बख्शा नहीं जाएगा और आने वाले दिनों में इस अभियान को और तेज किया जाएगा।

     

     

     

     

  • Haryana News: DRO Joginder Sharma को कोर्ट से बड़ी राहत, मिली अंतरिम जमानत, देखें वीडियो

    Haryana News: DRO Joginder Sharma को कोर्ट से बड़ी राहत, मिली अंतरिम जमानत, देखें वीडियो

    पंचकूला: शहर से एक बड़ी खबर सामने आई है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के डीआरओ जोगिंद्र शर्मा को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। एसीबी अब उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाएगी। अदालत ने अंतरिम जमानत देते हुए उनको जांच में शामिल होने के आदेश दे दिए हैं। अब इस मामले में अगली सुनवाई 17 फरवरी को होगी।

    6 फरवरी को गिरफ्तारी से बचने के लिए जोगिंद्र शर्मा ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। इस पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विक्रमजीत अरोड़ा की अदालत में 11 फरवरी को सुनवाई हुई है। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील दीपांशु बंसल ने दलील दी कि एसीबी के पास कोई भी ऐसा ठोस सबूत नहीं है जिससे यह साबित हो पाए कि इस केस में जोगिंद्र शर्मा की कोई भूमिका है।

    वकील ने कहा कि पीसी एक्ट की धारा 7A की अनुमति भी एसीबी के पास नहीं है। डिस्क्लोजर रिपोर्ट की कोई वैल्यू नहीं है और न ही रिश्वत की मांग, स्वीकृति या रिकवरी का कोई प्रमाण है। वहीं एसीबी की ओर से सरकारी वकील ने जोगिंद्र शर्मा को मुख्य साजिशकर्ता बताया है। दोनों पक्षों की लंबी बहस के बाद कोर्ट ने डीआरओ जोगिंद्र शर्मा को अंतरिम जमानत दे दी। उन्हें जांच में शामिल होने के निर्देश दिए हैं।

    एसीबी के द्वारा गिरफ्तार किए गए तहसीलदार विक्रम सिंगला के मामले में विभागीय जांच शुरु हो गई है। एसडीएम चंद्रकंत कटारिया ने कमिश्नर अंबाला को पत्र लिखकर सार्वजनिक डीलिंग से जुड़े पदों पर छह महीने से ज्यादा समय से जमे हुए कर्मचारियों के तबादले की सिफारिश की गई है।

    कमिश्नर ने भी डीसी पंचकूला को पत्र लिखकर सरकार के आदेशानुसार कार्रवाई करने को कहा है। अब संबंधित कर्मचारियों के तबादले की तैयारी चल रही हैं। इसके अलावा विभाग ने तहसीलदार विक्रम सिंगला से जुड़े सभी रिकॉर्ड भी तलब किए हैं। रजिस्ट्री गवाहों की सूची और बाकी दस्तावेजों की जांच की जाएगी। एक हफ्ते में रिकॉर्ड उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।

     

     

     

  • नगर निगम ऊना के पुराने 11 वार्डों में स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 कार्य प्रगति पर

    नगर निगम ऊना के पुराने 11 वार्डों में स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 कार्य प्रगति पर

    ऊना, (12 फरवरी) सुशील पंडित: नगर निगम ऊना के अंतर्गत आने वाले पुराने 11 वार्डों में स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 के तहत सर्वेक्षण कार्य प्रगति पर है। इस अभियान का उद्देश्य नगर क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना तथा नागरिकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना है। यह जानकारी नगर निगम ऊना के संयुक्त आयुक्त मनोज कुमार ने दी।

    स्वयं सहायता समूह कर रहे घर-घर जाकर सर्वेक्षण

    मनोज कुमार ने बताया कि अभियान के अंतर्गत नगर निगम से जुड़े स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं घर-घर जाकर न केवल स्वच्छता से संबंधित जानकारी एकत्रित कर रही हैं, बल्कि नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी कर रही हैं। सर्वेक्षण के दौरान स्वच्छता, कचरा पृथक्करण, डोर-टू-डोर कलेक्शन, स्वच्छता ऐप सहित अन्य संबंधित विषयों पर जानकारी ली जा रही है। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूह की सदस्य नागरिकों को स्वच्छ आदतें अपनाने, सूखा व गीला कचरा घर पर ही अलग-अलग करने, स्वच्छता ऐप डाउनलोड करने तथा नगर निगम की स्वच्छता सेवाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

    सर्वेक्षण में सहयोग करने कि की अपील

    संयुक्त आयुक्त ने पुराने 11 वार्डों के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे सर्वेक्षण के दौरान आने वाले अधिकृत स्वयं सहायता समूह सदस्यों को सही एवं पूर्ण जानकारी प्रदान करें, ताकि स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 को सफल बनाया जा सके और ऊना शहर को स्वच्छता की दिशा में अग्रणी बनाया जा सके।

    ऑनलाइन परिवार सूची के सत्यापन व अपडेशन कार्य भी शुरू

    मनोज कुमार ने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण के साथ-साथ एमसी ऊना के पुराने 11 वार्डों के स्थायी निवासियों की ऑनलाइन परिवार सूची के सत्यापन एवं अपडेशन का कार्य भी किया जा रहा है। यदि परिवार सूची में नाम, आयु, पारिवारिक संबंध, पता अथवा अन्य विवरणों में किसी प्रकार की त्रुटि हो, तो उसे आवश्यक दस्तावेजों के साथ सुधरवाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि परिवार सूची के सत्यापन एवं अपडेशन के लिए नागरिक आधार कार्ड, बोनाफाइड प्रमाण-पत्र, 10वीं का प्रमाण-पत्र या जन्म प्रमाण-पत्र साथ लाकर नगर निगम कार्यालय ऊना में सत्यापन करवा सकते हैं। संयुक्त आयुक्त ने सभी स्थानीय स्थायी निवासियों से अपील की है कि वे किसी भी कार्य दिवसों में नगर निगम कार्यालय ऊना में उपस्थित होकर अपनी परिवार सूची का सत्यापन एवं अपडेशन अवश्य करवा लें। परिवार सूची का सत्यापन न करवाने की स्थिति में भविष्य में सरकारी योजनाओं, सुविधाओं एवं प्रशासनिक सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में असुविधा हो सकती है।
  • गगरेट में सुनियोजित विकास और अवैध निर्माण रोकथाम पर जन-जागरूकता शिविर आयोजित

    गगरेट में सुनियोजित विकास और अवैध निर्माण रोकथाम पर जन-जागरूकता शिविर आयोजित

    नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम व विकास योजनाओं पर ग्रामीण किए जागरूक

    अम्ब, (12 फरवरी) सुशील पंडित: नगर योजना कार्यालय अम्ब ने आज (बृहस्पतिवार) को नगर पंचायत गगरेट के सभागार में एक जन-जागरूकता शिविर का आयोजन किया। शिविर की अध्यक्षता योजना अधिकारी परमेन्दर सिंह ने की। इस अवसर पर नगर योजना कार्यालय अम्ब से शिव कुमार, राजेश कुमार व दर्शन कुमार सहित नगर पंचायत गगरेट एवं अम्ब के अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित रहे। इस दौरान परमिंदर सिंह ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों को हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम, 1977 तथा अम्ब–गगरेट योजना क्षेत्र में लागू नियमों, विनियमों और विकास योजना के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थानीय जनता को इन नियमों के प्रति जागरूक करें, ताकि क्षेत्र का सुनियोजित विकास सुनिश्चित किया जा सके। योजना अधिकारी परमेन्दर सिंह ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति भूमि खरीदकर निर्माण करना चाहता है, तो उसे नगर योजना कार्यालय से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है। उन्होंने नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम, 1977 की धारा 16(सी) के प्रावधानों की भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भूमि की बिक्री से पूर्व संबंधित प्लॉट का विभाग से स्वीकृत होना आवश्यक है। साथ ही, क्रेता को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वह केवल विभाग द्वारा स्वीकृत एवं उप-विभाजित प्लॉट ही खरीदे, जिससे उसे उचित आकार का प्लॉट, मार्ग तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें और नियोजित आवास निर्माण संभव हो।

    रेरा अधिनियम के प्रावधानों से भी कराया अवगत

    शिविर के दौरान योजना अधिकारी ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों को भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम (रेरा) के प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अधिसूचित योजना क्षेत्र में 500 वर्ग मीटर भूमि पर प्लॉट या 8 से अधिक अपार्टमेंट का निर्माण एवं विक्रय किए जाने की स्थिति में भू-संपदा अधिनियम के तहत पंजीकरण अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, जिला के किसी भी क्षेत्र में 1000 वर्ग मीटर से अधिक भूमि पर प्लॉट या अपार्टमेंट का निर्माण एवं विक्रय अथवा किसी भी प्रकार का विकासात्मक कार्य किए जाने पर उस क्षेत्र को डीम्ड योजना क्षेत्र माना जाएगा, जहां विभागीय स्वीकृति और भू-संपदा अधिनियम के तहत पंजीकरण आवश्यक होगा। परमेन्दर सिंह ने अवैध निर्माण से उत्पन्न होने वाली संभावित समस्याओं और भविष्य की कानूनी कठिनाइयों के बारे में भी जानकारी दी तथा सभी से आग्रह किया कि बिना विभागीय स्वीकृति के किसी भी प्रकार का निर्माण न करें, ताकि क्षेत्र का संतुलित, सुव्यवस्थित और पर्यावरण-अनुकूल विकास सुनिश्चित किया जा सके।
     
  • Haryana News: Ojas Hospital ने सफलतापूर्वक पूरी की 50 TAVR प्रक्रियाएं, Doctors का आया बयान, देखें वीडियो

    Haryana News: Ojas Hospital ने सफलतापूर्वक पूरी की 50 TAVR प्रक्रियाएं, Doctors का आया बयान, देखें वीडियो

    पंचकूला: अलकेमिस्ट ओजस अस्पताल पंचकूला ने 50 ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वॉल्व रिप्लेसमेंट प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक पूरी करके एक अहम उपलब्धि हासिल की है। यह उपलब्धि अस्पताल की उन्नत स्ट्रक्चरल हार्ट इंटरवेंशन में बढ़ती हुई विशेषज्ञता और विश्वस्तरीय कार्डियक केयर प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

    टीएवीआर एक न्यूनतम इनोवेसिव (कम चीरा लगाने वाली) और जीवन रक्षक प्रक्रिया है। इसका इस्तेमाल गंभीर एओर्टिक स्टेनोसिस के उपचार के लिए होता है खासतौर पर उन बुजुर्ग और उच्चे जोखिम वाले मरीजों के लिए जिनमें ओपन हार्ट सर्जरी अच्छे से नहीं होती।

    इस प्रक्रिया से मरीजों की रिकवरी तेज, कम अस्पताल में भर्ती अवधि और बेहतर जीवन गुणवत्ता भी मिलती है। इस उपलब्धि पर बोलते हुए डॉ. रजत दत्ता जो कि इंटरवेंशनल कॉर्डियोलॉजी विभाग ओजस अस्पताल पंचकूला ने कहा कि – 50 सफल टीएवीआर प्रक्रियाएं पूरी करना हमारी कार्डियक टीम के लिए गर्व का पल है।

    टीएवीआर ने खास तौर पर बुजुर्ग और उच्च जोखिम वाले मरीजों के लिए एओर्टिक वाल्व रोग के उपचार में क्रांतिकारी बदलाव लाया है। ओजस अस्पताल में हम अत्याधुनिक तकनीक और साक्ष्य आधारित उपचार प्रोटोकॉल के जरिए से सर्वोत्तम परिणाम सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। डॉ. रोहित पार्टी निदेशक इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट कार्डियक एनेस्थेटिस्ट इमेजिंग विशेषज्ञ और क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ शामिल हैं।

    अत्याधुनिक कैथ लैब इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लिनिकल विशेषज्ञता के साथ हम क्षेत्र में जटिल कार्डियक इंटरवेंशन की पहुंच को निरंतर बढ़ाते जा रहे हैं। डॉ. देवेंद्र सिंह बिष्ट सीनियर कंस्लटेंट इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट एवं इलेक्ट्रोफिजियोलॉजिस्ट ने कहा कि – टीएवीआर उन मरीजों के लिए नई आशा लेकर आया है जिनके पास पहले से ही सीमित उपचार के ऑप्शन थे।

    यह प्रक्रिया उन जोखिमों को कम करेगी, तेज रिकवरी करेगी और मरीजों की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार लेकर आएगी। 50 मामलों तक पहुंचना मरीजों के विश्वास और हमारी निरंतर क्लिनिकल उत्कृष्टता का प्रमाण है। डॉ. मनीष विनायक सीनियर कंसल्टेंट इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी ने कहा कि – हमारा मुख्य फोकस हमेशा मरीजों की सुरक्षा, सटीकता और दीर्घकालिक परिणामों पर रहा है।

    प्रत्येक टीएवीआर केस का हमारी हार्ट टीम के द्वारा सावधानपूर्वक के साथ देखा जाता है कि ताकि उपचार योजना अच्छे से सुनिश्चित करवाई जा पाए। यह उपलब्धि ओजस अस्पताल को स्ट्रक्चरल हार्ट डिजीज प्रबंधन के अग्रणी केंद्र के रुप में और भी मजबूत बनाएगी।

    50 TAVR प्रक्रियाओं की सफल पूर्णता के साथ ओजस अस्पताल की इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी और स्ट्रक्चरल हार्ट इंटरवेंशन में उत्कृष्टता की प्रतिष्ठा की ओर मजबूत किया है। अस्पताल क्षेत्र के मरीजों को अच्छी सेवाएं प्रदान करने के लिए उन्नत तकनीक, विशेषज्ञ चिकित्सकों और व्यापक कार्डियक केयर सुविधाओं में निरंतर निवेश कर रहा है।

     

     

     

  • कृषि और स्वरोजगार को मिला वित्तीय संबल, तीसरी तिमाही तक 2686.43 करोड़ रुपये के ऋण वितरित

    कृषि और स्वरोजगार को मिला वित्तीय संबल, तीसरी तिमाही तक 2686.43 करोड़ रुपये के ऋण वितरित

    उपायुक्त जतिन लाल ने की जिला स्तरीय बैंक सलाहकार समिति की बैठक

    ऊना,( 12 फरवरी) सुशील पंडित: किसानों, युवाओं और स्वरोजगार से जुड़े उद्यमियों को वित्तीय मजबूती प्रदान करते हुए ऊना जिले के बैंकों ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही तक 2686.43 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए हैं। इसमें 557.41 करोड़ रुपये कृषि क्षेत्र तथा 139.21 करोड़ रुपये प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत वितरित किए गए, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और लघु उद्यमों को सीधा बल मिला है। यह जानकारी उपायुक्त जतिन लाल ने गुरुवार को जिला स्तरीय बैंक सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। इस दौरान ऊना विधानसभा के विधायक सतपाल सिंह सत्ती भी विशेष रूप से मौजूद रहे। उपायुक्त ने बताया कि मार्च 2026 तक निर्धारित 3167.11 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले दिसंबर तिमाही 2025 तक 2686.43 करोड़ रुपये का वितरण किया जा चुका है। उपायुक्त ने बताया कि जिले में बैंकों की कुल जमा राशि 16622.83 करोड़ रुपये हो गई है, जिसमें 14.26 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं कुल ऋण 13.29 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 5158.90 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। जिला का ऋण-जमा अनुपात 31.04 प्रतिशत रहा है। उन्होंने कहा कि इस अनुपात में सुधार के लिए बैंकों और संबंधित विभागों को समन्वित प्रयास करने होंगे।

    कृषि और स्वरोजगार को प्राथमिकता

    जिले में 31 दिसंबर 2025 तक 54,911 किसानों को कृषि कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। दिसंबर तिमाही के दौरान 15.96 करोड़ रुपये शिक्षा ऋण भी वितरित किए गए। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि किसानों की आय बढ़ाने, कृषि औजारों हेतु ऋण उपलब्ध कराने तथा लघु एवं कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए प्राथमिक क्षेत्र में ऋण वितरण को और गति दी जाए। अधिक से अधिक किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जोड़ा जाए।

    सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय जागरूकता पर जोर

    उपायुक्त ने आरबीआई के ‘आपका पैसा आपका अधिकार’ अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए, ताकि बैंकों में पड़ी अनक्लेम्ड राशि लाभार्थियों तक समय पर पहुंच सके। उन्होंने सरकार की सामाजिक सुरक्षा बीमा योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल देते हुए कहा कि कम प्रीमियम में उपलब्ध ये योजनाएं संकट के समय परिवारों को मजबूत सहारा प्रदान करती हैं।

    प्राथमिक क्षेत्र में सुधार के निर्देश

    उपायुक्त ने वार्षिक ऋण योजना के अंतर्गत उपलब्धियों पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन प्राथमिक क्षेत्र में प्रदर्शन को और बेहतर बनाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने ऋण-जमा अनुपात बढ़ाने, ऋण वितरण को गति देने तथा खराब ऋणों की समयबद्ध रिकवरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जरूरतमंद विद्यार्थियों को शिक्षा ऋण उपलब्ध कराने तथा सरकार प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत ऋण आवेदनों को समय पर स्वीकृति देने पर बल दिया। साथ ही सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों एवं नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश भी दिए। उन्होंने बैंकिंग धोखाधड़ी की घटनाओं को रोकने के लिए ग्राहकों को जागरूक करने और सतर्कता बढ़ाने पर भी विशेष बल दिया। बैठक में ऊना के विधायक सतपाल सिंह सत्ती, मुख्य जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक संजीव कुमार सक्सेना, भारतीय रिजर्व बैंक के जिला अग्रणी अधिकारी राहुल जोशी, डीडीएम नाबार्ड सबरीना राजवंशी, निदेशक पीएनबी आरसेटी सुधीर कुमार शर्मा तथा विभिन्न बैंकों के अधिकारी उपस्थित रहे।  
  • घर से लाखों के गहने और सिलेंडर लेकर चोर फरार, देखें CCTV

    घर से लाखों के गहने और सिलेंडर लेकर चोर फरार, देखें CCTV

    चंडीगढ़ः गांव कजहेड़ी में दिनदहाड़े चोरी की घटना सामने आई है। जहां घर में घुसकर चोर सोना-चांदी और गैस सिलेंडर लेकर फरार हो गए। घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। सीसीटीवी फुटेज में एक व्यक्ति साईकिल सिलेंडर ले जाता हुआ दिखाई दे रहा है। वहीं दूसरा व्यक्ति बक्सा हाथ में ले जाता हुए दिखाई दे रहा है। घटना को लेकर पीड़ित परिवार ने पुलिस स्टेशन-39 में शिकायत दे दी है।

    मामले की जानकारी देते हुए पीड़ित सोहन ने पुलिस को बताया कि उसके माता-पिता पड़ोस में मृत्यु होने पर आयोजित भोग कार्यक्रम में गए हुए थे। इस दौरान घर पर उसकी पत्नी मौजूद थी, जो पहली मंजिल पर काम कर रही थी और नीचे दरवाजे की कुंडी लगाकर गई थी। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे से डेढ़ बजे के बीच बदमाश घर में घुसे। जब उसकी पत्नी नीचे आई तो दरवाजे की कुंडी खुली मिली और घर के अंदर से एक गैस सिलेंडर तथा सोना-चांदी से भरी पेटी गायब थी। पेटी में कपड़ों के साथ सोने-चांदी के जेवर रखे थे, जिनकी कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है।

    सोहन ने कहा उसकी पत्नी ने घर से बाहर जाकर भी देखा लेकिन कोई दिखाई नहीं दिया। सीसीटीवी फुटेज में दो युवक साइकिल पर आते दिखाई दे रहे हैं। चोरी करने के बाद एक आरोपी साइकिल पर सिलेंडर रखकर जाता दिख रहा है, जबकि दूसरा आरोपी टोपी पहने कंधे पर पेटी उठाकर पीछे-पीछे जाता नजर आ रहा है। उनके आगे एक स्कूल की ड्रेस पहने लड़की भी जाती हुई दिखाई दे रही है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ले ली है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोनों आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

     

     

  • Punjab News: श्री अकाल तख्त साहिब पेश हुए SSP मामले में जत्थेदार गड़गज्ज का आया बयान, देखें वीडियो

    Punjab News: श्री अकाल तख्त साहिब पेश हुए SSP मामले में जत्थेदार गड़गज्ज का आया बयान, देखें वीडियो

    अमृतसरः सचखंड श्री दरबार साहिब की परिक्रमा में से 30 जनवरी 2026 को 2 नौजवानों को पुलिस द्वारा हिरासत में लेने का मामला गरमाया हुआ है। इस मामले को लेकर एसजीपीसी ने कड़ा रोष व्यक्त किया था और आरोप लगाया था कि पवित्र परिसर के अंदर ऐसी कार्रवाई अनुचित है। इस मामले के संबंध में SSP फाजिल्का गुरमीत सिंह अकाल तख्त साहिब पहुंचे, जहां उनके साथ अमृतसर के पुलिस कमिश्नर भुल्लर भी मौजूद थे। हालांकि मीडिया कवरेज पर पाबंदी के कारण पत्रकारों को खुलकर बात करने का मौका नहीं मिला।

    जब पत्रकारों ने SSP फाजिल्का से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने कहा कि वे सचखंड श्री दरबार साहिब माथा टेकने और जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज से मुलाकात के लिए आए हैं। इसके अलावा उन्होंने मीडिया के साथ कोई विस्तार से जानकारी साझा नहीं की। याद रहे कि 30 जनवरी को जब पुलिस ने परिक्रमा से 2 नौजवानों को हिरासत में लिया था, तब एसजीपीसी की टास्क फोर्स ने पुलिस कर्मचारियों को रोका था और लगभग आधे घंटे तक पूछताछ की गई थी। बाद में उन्हें जाने दिया गया था।

    दूसरी ओर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि सचखंड श्री दरबार साहिब सर्व साझा स्थान है, जहाँ हर धर्म और वर्ग के लोग श्रद्धा से आते हैं। उन्होंने कहा कि पवित्र परिसर में ऐसी कोई भी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए जिससे गलत संदेश जाए। उन्होंने बताया कि पुलिस अधिकारियों ने अपना पक्ष रखा है और भरोसा दिया है कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी। जत्थेदार ने यह भी कहा कि इस संबंध में लिखित रूप में भी पक्ष रखने को कहा गया है।

    इस मौके पर जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने प्रोफेसर दविंदरपाल सिंह भुल्लर की रिहाई के मामले पर भी बात की। उन्होंने कहा कि प्रो. भुल्लर अपनी सज़ा पूरी कर चुके हैं और मानवता के आधार पर उनकी रिहाई होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि यह मामला दिल्ली सरकार के अधीन है और सरकार को सिख भावनाओं का सम्मान करते हुए फ़ाइल पर तुरंत फैसला करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिख कौम ने देश की आज़ादी से लेकर मुश्किलों के समय तक हमेशा बड़ा योगदान दिया है, इसलिए मानवता के नज़रिए से इस मामले पर विचार ज़रूरी है।

  • Jalandhar News: Rainbow Road और GTB Nagar में पेड़ काटने को लेकर किया प्रदर्शन, देखें वीडियो

    Jalandhar News: Rainbow Road और GTB Nagar में पेड़ काटने को लेकर किया प्रदर्शन, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: रेनबो रोड और जीटीबी नगर में निर्माणाधीन व्यावसायिक भवन के मालिक और एक स्थानीय गुरुद्वारे की प्रबंधन कमेटी द्वारा कई विरासत वृक्षों को कथित अवैध काटने के मामले में आज पर्यावरण कार्यकर्ताओं द्वारा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां पर कत्लेआम बंद करो के नारे लिखे हुए थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने गुरुद्वारे के सामने सड़क विभाजक पर स्थित पेड़ों को काटने को लेकर हुए नुकसान की निंदा की। उनका कहना है कि सजावटी प्रकाश व्यवस्था करने के लिए कथित तौर पर 20 से अधिक प्राचीन वृक्षों को काट दिया गया।

    इनमें से अधिकांश वृक्ष छोटे ठूंठों में तब्दील हो गए हैं, जिससे अपरिवर्तनीय पारिस्थितिक क्षति हुई है। मामले की जानकारी देते हुए लक्ष्य ने कहा कि पेड़ काटने के खिलाफ वह प्रदर्शन कर रहे है। उनका कहना है कि पेड़ की अहमियत को ध्यान में रखते हुए आज उनकी टीम के द्वारा शांतिमय ढंग से प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी से संबंधित एक घटना में मॉडल टाउन के पुराने वृक्षारोपण में लगे दो विशाल सागौन के पेड़ों को भूखंड मालिकों के सीधे निर्देश पर कथित तौर पर काट दिया गया।

    कार्यकर्ताओं ने बताया कि सभी मुख्य शाखाओं को हटा दिया गया, केवल तने ही खड़े रहने दिए गए, जिससे पेड़ों की संरचनात्मक और पारिस्थितिक अखंडता नष्ट हो गई। कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि ये कार्रवाइयां भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303 और 324 का उल्लंघन करती हैं और पंजाब वृक्ष संरक्षण नीति, 2024 के साथ-साथ पंजाब वृक्ष संरक्षण अधिनियम, 2025 का प्रत्यक्ष उल्लंघन हैं। विरोध प्रदर्शन में उपस्थित प्रमुख नागरिकों और कार्यकर्ताओं में डॉ. नवनीत भुल्लर, डॉ. अर्चना बेरी, मीनल वर्मा, जगदीश चंदर, वाबेक सरोया, शाहरुख, लक्ष्य बहल सहित अन्य शामिल रहे।

    बता दें कि सामाजिक एवं पर्यावरण कार्यकर्ता तेजस्वी मिन्हास ने इस मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतों के बाद संबंधित पक्षों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। जालंधर नगर निगम ने दोषियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। कार्यकर्ताओं ने कथित उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है और शहर के शेष हरित आवरण को और अधिक विनाश से बचाने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया है।

     

     

     

  • अनुसूचित जाति आयोग ने अंब में दो मामलों की प्रगति की समीक्षा की

    अनुसूचित जाति आयोग ने अंब में दो मामलों की प्रगति की समीक्षा की

    गुमशुदा बच्ची प्रकरण में विशेष जांच दल गठन की सिफारिश

    ऊना, सुशील पंडित: हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान की अध्यक्षता में गुरुवार को ऊना जिले के अंब में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयोग के समक्ष लंबित अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित दो मामलों की प्रगति की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। बैठक में नवंबर माह में दो वर्ष की एक बच्ची के लापता होने के मामले में पुलिस अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई। पुलिस द्वारा अवगत कराया गया कि मामले की जांच विभिन्न आयामों से जारी है तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। अभी तक कोई निर्णायक तथ्य सामने नहीं आया है। आयोग अध्यक्ष ने मामले की संवेदनशीलता को दृष्टिगत रखते हुए जांच को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संभावित पहलुओं पर समन्वित एवं व्यवस्थित ढंग से जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि तथ्यात्मक स्थिति शीघ्र स्पष्ट हो सके। गुमशुदा बच्ची नैहरियां खालसा क्षेत्र के एक आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से संबंधित है। आयोग ने अभिभावकों से भेंट कर उनकी चिंताओं को सुना तथा उन्हें आश्वस्त किया कि संबंधित विभाग मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं। आयोग ने डीएसपी अंब एवं संबंधित जांच अधिकारी से भी मामले की प्रगति पर चर्चा की। बैठक में तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की सिफारिश की गई, जो 10 दिनों के भीतर अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। दूसरा मामला एक शिकायत से संबंधित था, जिसमें बाहरी राज्य के एक व्यक्ति द्वारा कथित रूप से अभद्र व्यवहार एवं धमकी दिए जाने की बात सामने आई है। आयोग ने संबंधित अधिकारी को मामले की निष्पक्ष एवं विधिसम्मत जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि तथ्य स्पष्ट हो सकें और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सके। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य अधिवक्ता विजय डोगरा, अधिवक्ता दिग्विजय मल्होत्रा एवं अधिवक्ता शालिनी उपस्थित रहे। बैठक में एसडीएम अंब पारस अग्रवाल, डीएसपी अंब अनिल पटियाल, एआरओ नरेंद्र शर्मा तथा जिला बाल संरक्षण इकाई से विधिक परिवीक्षा अधिकारी अरूण कुमार सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।