झारखंडः बालूमाथ से डाल्टनगंज जा रहा एक ट्रक बीच रास्ते पलट गया। ट्रक के पलटते ही उसका अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। ट्रक में चादरें लदी हुई थी जो ट्रक के केबिन को चीरती हुई बाहर निकल गईं। हादसे में ड्राइवर का दाहिना पैर पूरी तरह कुचल गया। शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आई हैं।
मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद ड्राइवर को बाहर निकाला। एंबुलेंस की मदद से उसे लातेहार के सदर अस्पताल भेजा गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते रांची स्थित RIMS रेफर कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार ड्राइवर की हालत नाजुक बनी हुई है। फिलहाल उसकी पहचान नहीं हो सकी है।
मौके पर पहुंची पुलिस ने ट्रक को हटवाने की प्रक्रिया शुरू की। मामले की जांच कर रही है कि आखिर ट्रक कैसे अनियंत्रित हुआ। लोगों का कहना है कि जिस जगह पर हादसा हुआ, वहां मोड़ के साथ ढलान है। यहां कई बार हादसे हो चुके हैं।
नई दिल्ली: भारत के प्रसिद्ध वन्यजीव संरक्षणवादी, लेखक और बाघों के अथक संरक्षक वाल्मीक थापर का आज 73 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। मिली जानकारी के अनुसार नई दिल्ली स्थित आवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वह लंबे वक्त से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे। थापर ने जीवनभर भारतीय वन्यजीव, विशेषकर बाघों के संरक्षण के लिए अभूतपूर्व योगदान दिया। यही वजह है कि उन्हें भारत का टाइगर मैन भी कहा जाता था। उनका निधन भारत के पर्यावरण संरक्षण क्षेत्र के लिए एक गहरी क्षति है। वाल्मीक थापर का जन्म 1952 में नई दिल्ली में हुआ था। उनका झुकाव बहुत कम उम्र से ही प्रकृति और वन्यजीवों की ओर हो गया था।
उन्होंने अपनी शिक्षा के बाद अपना अधिकांश जीवन राजस्थान के रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान में बिताया, जहां उन्होंने न सिर्फ बाघों के व्यवहार और जीवनचक्र का अध्ययन किया, बल्कि संरक्षण के ठोस प्रयास भी किए। 1988 में उन्होंने रणथंभौर फाउंडेशन की सह-स्थापना की। यह संगठन स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर संरक्षण की दिशा में कार्य करता है, और यह मॉडल पूरे भारत में सामुदायिक भागीदारी आधारित संरक्षण का एक मिसाल बन चुका है। थापर न केवल एक संरक्षणवादी थे, बल्कि एक प्रतिभाशाली लेखक और कथाकार भी थे। उन्होंने बाघों और भारतीय वन्यजीवों पर कई पुस्तकें लिखीं, जो आम पाठकों के साथ-साथ विशेषज्ञों के बीच भी बेहद लोकप्रिय रहीं।
उनकी लेखनी में तथ्य, अनुभव और भावनाओं का बेहतरीन समन्वय देखने को मिलता है। इसके अलावा, उन्होंने कई डॉक्युमेंट्री फिल्मों का निर्माण और प्रस्तुतिकरण भी किया, जो भारतीय और अंतरराष्ट्रीय चैनलों पर प्रसारित हुईं। इन फिल्मों के माध्यम से उन्होंने बाघों की दुर्दशा, मानव-पशु संघर्ष, और संरक्षण की अनिवार्यता को आम जनता के सामने रखा। उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड समेत 150 से ज्यादा सरकारी पैनल और टास्क फोर्स में काम भी किया।
बता दें कि 2005 में सरिस्का टाइगर रिजर्व से बाघों के गायब होने के बाद उन्हें यूपीए सरकार के टाइगर टास्क फोर्स में नियुक्त किया गया। उन्होंने वन्यजीवों पर 30 से ज्यादा किताबें भी लिखीं। वाल्मीक थापर का योगदान सिर्फ बाघों के संरक्षण तक सीमित नहीं था। उन्होंने प्रकृति और मानव के रिश्ते को जोड़ने का काम किया। उनकी सोच थी कि जब तक आम लोग वन्यजीवों की कीमत नहीं समझेंगे, तब तक संरक्षण अधूरा रहेगा। उनकी मौत के साथ एक युग का अंत हुआ है, लेकिन उनके विचार, पुस्तकें, फिल्में और संस्थागत प्रयास उनकी विरासत के रूप में जीवित रहेंगे। उनके काम ने न सिर्फ भारत में, बल्कि दुनिया भर में वन्यजीव संरक्षण को एक नई दिशा दी।
जौनपुरः जिला हॉस्पिटल में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां, कुछ किन्नरों ने हाई वोल्टेज ड्रामा किया। दरअसल, किन्नरों ने निर्वस्त्र होकर इमरजेंसी वार्ड में घुसकर डॉक्टर को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। उन्होंने नर्सिंग स्टाफ और वार्डबॉय को भी नहीं छोड़ा और उनके साथ भी मारपीट की गई। इस दौरान सुरक्षा गार्ड और अस्पताल के कर्मचारी मूक दर्शक बने रहे। मारपीट में 2 डॉक्टर, एक फार्मासिस्ट और एक वार्डबॉय को गंभीर चोट आई है। घटना अमर शहीद उमानाथ सिंह जिला अस्पताल की बताई जा रही है। किन्नरों का आरोप है कि मारपीट में घायल उनकी साथी हॉस्पिटल में इलाज के लिए गई थी, लेकिन डॉक्टर ने उसे भगा दिया। वहीं, पुलिस ने अज्ञात किन्नरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
अस्पताल परिसर में दाखिल होते किन्नर।
एक किन्नर ने बताया कि शहर के एक मोहल्ले में उसका मकान है। जमीन विवाद को लेकर शुक्रवार शाम 5 बजे उसके पड़ोसी और उसके 4 बेटों ने उसके ऊपर लाठी डंडे से हमला कर दिया था और उसके कपड़े भी फाड़ दिए और बलात्कार करने की कोशिश की गई। उसने बताया कि घटना के बाद जब वह अस्पताल पहुंची तो डॉक्टर और स्टाफ ने मुझे वहां से बिना इलाज भगा दिया। जब वह पुलिस के पास पहुंची तो वहां पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने शाम 7 बजे गुरु किन्नर अक्षिता के घर जाकर पूरी बात बताई।
किन्नरों की सरदार अक्षिता ने बताया कि मेरे शिष्या शुक्रवार को जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में इलाज कराने पहुंची थी। इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉ. पवन सिंह ने कहा, पहले FIR कराओ, तब इलाज करेंगे। इसी बात को लेकर मेरी शिष्या और डॉ. पवन के बीच विवाद हुआ था। डॉ. पवन ने गाली-गलौज की। स्टाफ ने धक्का-मुक्की करते हुए किन्नर को अस्पताल से बाहर निकाल दिया था। जब मुझे घटना के बारे में पता चला तो सभी साथी किन्नरों को बुला लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शुक्रवार रात 8:45 बजे 20 से 25 किन्नर जिला अस्पताल पहुंचे।
हंगामा करते हुए इमरजेंसी वार्ड में घुस गए। वहां अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए। इमरजेंसी वार्ड में घुसते ही सभी किन्नर डॉ. पवन सिंह पर टूट पड़े। बीच-बचाव करने आए नर्सिंग ऑफिसर आशीष सिंह और वार्ड बॉय अमित सिंह को पीटा। बीच-बचाव करने वाले फार्मासिस्ट को भी चोटें आईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार किन्नर इमरजेंसी की सर्जिकल टेबल पर चढ़कर मारपीट कर रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही इमरजेंसी वार्ड में अफरा-तफरी मच गई। मरीज और तीमारदार वार्ड से निकलकर भाग गए।
पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन जब तक पुलिस पहुंची, तब तक ज्यादातर किन्नर मौके से फरार हो चुके थे। सीएमएस डॉ. केके राय ने कहा कि यह हमला बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। डॉक्टरों और स्टाफ पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले की रिपोर्ट तैयार कर पुलिस को दे दी गई है। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव ने बताया- अस्पताल की घटना गंभीर है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। दोषियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। अस्पतालों की सुरक्षा प्राथमिकता में है। कोतवाली प्रभारी मिथिलेश ने बताया कि अज्ञात किन्नरों के खिलाफ हत्या का प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया है। वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है।
हरदोईः उत्तर प्रदेश के हरदोई में बारातियों से भरी कार पलटने की घटना सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार मझिला थाना क्षेत्र के ग्राम भुप्पा पुरवा मोड़ के पास हुए इस भीषण सड़क हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई। जबकि 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी लोग शादी समारोह में बारात से वापस लौट रहे थे। तभी बारातियों की अर्टिगा कार अनियंत्रित होकर खाई में पलट गई और अर्टिगा में सवार सभी लोग हादसे का शिकार हो गए। हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए और मामले की जांच में जुट गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लिया है। वहीं घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बताया जा रहा है कि पाली थाना क्षेत्र के पतियानीम के रहने वाले नीरज की बारात कुसुमा गांव में गई थी। शादी के बाद अर्टिगा कार सवार पटियानीम के रहने वाले जितेंद्र, आकाश, सिद्धार्थ, रामू, जौहरी और 6 बाकी लोग वापस लौट रहे थे। तभी उनकी कार भुप्पा पुरवा मोड़ के पास अनियंत्रित होकर खाई में पलट गई। हादसे के बाद सभी घायलों को CHC शाहाबाद में भर्ती कराया गया। हादसे में जितेंद्र, आकाश, सिद्धार्थ,रामू और जौहरी की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि 6 लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी स्थिति को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
अब सभी घायलों का इलाज दूसरे अस्पताल में चल रहा है। सभी की हालत नाजुक बनी हुई है। मृतकों में एक बच्चा भी शामिल है। मौत की खबर जैसे ही परिजनों को लगी तो कोहराम मच गया और शादी की खुशियां मातम में बदल गईं।अनुज कुमार मिश्रा ने बताया कि घायलों को हायर सेंटर रेफर किया गया है और शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है। शुरुआती जांच के आधार पर हादसे की वजह तेज रफ्तार बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि कार तेज रफ्तार से चल रही थी। इसी बीच अचानक मोड़ आया तो ड्राइवर का बैलेंस बिगड़ गया और कार खाई में जा गिरी, जिससे इतना बड़ा हादसा हो गया।
जबलपुरः शराब के नशे में एक युवक ने नर्मदा नदी में छलांग लगा दी। जिससे वह नदी में बह गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार संदीप दोस्तों के साथ बैठकर शराब पी रहा था। अचानक उसने कपड़े उतारे और नदी में छलांग लगा दी। दोस्तों ने उसे रोकने की काफी कोशिश की, लेकिन उसने किसी की नहीं सुनी और छलांग लगा दी। जिसके बाद तुरंत गोताखोर नदी में तलाश के लिए उतरे, लेकिन अभी तक उसका कुछ नहीं पता चल सका।
इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक को छलांग लगाते हुए देखा जा सकता है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस के अनुसार शुक्रवार रात लगभग 8 बजे उन्हें सूचना मिली थी कि एक युवक नदी में डूब गया है। मामले की जांच कर रही है और संदीप के परिजनों को भी सूचित कर दिया गया है।
बठिंडाः जिले के डबवाली रोड पर भीषण सड़क हादसे की घटना सामने आई है। जहां ज्ञानी जैल सिंह इंजीनियरिंग कॉलेज के बाहर एक तेज रफ्तार ट्राले ने 3 लोगों को कुचल दिया। हादसे में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार मृतकों में 2 महिलाएं व एक पुरुष शामिल है। स्थानीय लोगों द्वारा घटना की सूचना पुलिस को दी गई। वहीं सूचना मिलते मौके पर पहुंची वर्धमान चौकी पुलिस और सहारा जन सेवा की टीम ने शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल की मोर्चुरी में रखवा दिया है।
बताया जा रहा है कि हादसे के बाद ट्राले चालक मौके से फरार बताया जा रहा है। तीनों के सिर वाला हिस्सा ट्राले के टायरों के नीचे बुरी तरह से कुचला गया जिसके चलते किसी भी मृतक की मौके पर पहचान नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि मृतक तीनों व्यक्ति मोटरसाइकिल पर सवार थे व जोधपुर रोमाणा की तरफ से बठिंडा की तरफ आ रहे थे।
लोगों का कहना है कि जिस जगह पर हादसा हुआ है उस रास्ते को प्रशासन व नगर निगम की तरफ से पहले ही खतरनाक मोड की कैटागिरी में रखा गया है। यहां टी प्वाइंट बनता है व आए दिन बादल रोड-डबवाली व बठिंडा शहर की तरफ से आते तेज रफ्तार वाहन हादसों का कारण बनते हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
गुरदासपुरः पंजाब सरकार की नशे के खिलाफ शुरू की युद्ध नशे विरुद्ध मुहिम को लेकर सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि पहले नशे खिलाफ युद्ध तो लड़े ले और अपने भी डीएनए टेस्ट करवाए। तंज के दौरान उन्होंने कहा कि राजनीतिक लोगों का भी डीएनए टेस्ट होना चाहिए, तभी पंजाब में से नशा खत्म होगा।
यह बात उन्होंने एक मेले में संबोधन के दौरान कही। देश में राजनीतिक पार्टियों में गुटबंदी नहीं होनी चाहिए, गुटबंदी से पंजाब बर्बाद हो जाएगा। जिस दिन भाईचारे की साझेदारी कायम हो जाएगी, उसी दिन देश और पंजाब में नशा खत्म हो जाएगा।
श्री मुक्तसर साहिबः लंबी के गांव सिंघेवाला में कल फैक्ट्री में हुए विस्फोट को लेकर पुलिस कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने फैक्ट्री मालिक तरसेम सिंह, सुखचैन कौर और नवराज सिंह के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। हालांकि, अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस जल्द ही इन तीनों को गिरफ्तार कर सकती है।
बता दें कि सिंघेवाला गांव में अवैध रूप से चल रही पटाखा फैक्ट्री में हुए धमाके में घायल वर्करों की संख्या 44 तक पहुंच गई है। वहीं इस घटना में 5 लोगों की मौत हो गई है। देर रात जिला प्रशासन ने इसकी रिपोर्ट जारी की। उसी के मुताबिक, फैक्ट्री में काम करने वाले कुल 49 वर्कर थे। इनमें से 38 घायलों का इलाज बादल सब डिविजन सरकारी अस्पताल में चल रहा है, जिनकी हालत में कुछ सुधार है। वहीं 6 गंभीर स्थिति वाले वर्कर बठिंडा के एमएस में दाखिल हैं। इनमें कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है।
मृतकों में से उत्तर प्रदेश हाथरस जिले के नेहराजितर सिकंदरन निवासी नवराज, निसुलीगडू से गांव सरकार निवासी नीरज, सफेदपुरा निवासी दानवीर, दिवासा से गांव टाबरी निवासी अखिलेश और राहुल का नाम शामिल है। इन मृतक वर्करों के शवों का आज शनिवार को गिडडेबाहा सरकारी अस्पताल में पोस्टमॉर्टम होगा। देर रात को मृतक और घायलों के परिजन पंजाब पहुंचे। घायलों और मृतकों में उत्तर प्रदेश और बिहार के वर्कर शामिल हैं।
पुलिस भी घायलों के बयान दर्ज करने में जुटी है। घायल अमित, मोहित, अजय और सुनील ने बताया कि उनको बादल और बठिंडा अस्पताल के चक्कर कटवाते रहे। देर शाम साढे सात बजे तक उनको खाना भी नसीब नहीं हुआ। एक तरह से चोटों के दर्द और भूख दोनों से तड़पते रहे। घायलों ने स्टाफ को कई बार दवा देने को कहा, पर किसी ने समय पर सुध नहीं ली। घायलों को दूसरी मंजिल से पट्टी करवाने को नीचे बुलाया गया है।
बठिंडाः एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। जिसमें एक लड़की और लड़के की नशे में पूरे टल्ली सड़क पर घूम रहे है। दोनों पैदल चल रहे है, लेकिन चला नहीं जा रहा। एक-दूसरे का सहारा लेकर चलते है, लेकिन रास्ते में कई बार वह गिरते भी है। देखने में ऐसा लग रहा है कि दोनों ने किसी चीज का ओवरडोज नशा किया हुआ है। यह वीडियो रास्ते में जा रहे राहगीरों ने बनाया है। जिसके बाद तुरंत लोगों ने पुलिस को सूचित किया, लेकिन जब तक पुलिस मौके पर पहुंची लड़का-लड़की दोनों वहां से जा चुके थे।
इस संबंधी डीएसपी सिटी-1 ने बताया कि उन्हें वीडियो संबंधी जानकारी मिली थी। जिसमें लड़की और लड़का नशे में थे और पैदल जा रहे थे। जांच पड़ताल करने पर पता चला कि ये दोनों राजस्थान के रहने वाले थे। जब बठिंडा पुलिस वहां पहुंची तो वे ऑटो के जरिए रेलवे स्टेशन पहुंचे और रेलगाड़ी से राजस्थान चले गए।
जालंधर, ENS: भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाई गई मुहिम को लेकर विजिलेंस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। वहीं विजिलेंस की टीम ने रिश्वत के मामले में चार्टर्ड अकाउंटेंट (सी ए) को गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी के अनुसार विजिलेंस की टीम ने गुरसेवक सिंह को 10 लाख की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोप में रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा हैकि सीए ने जालंधर में तैनात सीजीएसटी के एक अधिकारी के नाम पर यह रिश्वत मांगी थी। इस संबंध में जानकारी देते हुए विजिलेंस ब्यूरो के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि ये गिरफ्तारी जालंधर निवासी एक फर्म मालिक की शिकायत पर की गईं।
शिकायतकर्ता ने विजिलेंस की टीम को बताया कि उपरोक्त चार्टर्ड अकाउंटेंट ने सीजीएसटी एक्ट के तहत उसकी फर्म के खिलाफ चल रही जांच में लाभ पहुंचाने के बदले सीजीएसटी के अधिकारी की ओर से 30 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी। प्रवक्ता ने बताया कि शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद विजिलेंस ब्यूरो की फ्लाइंग स्क्वाड टीम ने एक योजनाबद्ध जाल बिछाया, जिसके तहत आरोपी सीए को 10 लाख रुपए की रिश्वत की पहली किश्त लेते हुए 2 सरकारी गवाहों की मौजूदगी में रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
आरोपी सीए के खुलासे के बाद सीजीएसटी के अधिकारी की भुमिका की जांच भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में विजिलेंस ब्यूरो थाना, फ्लाइंग स्क्वाड-1, पंजाब, मोहाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 7 ए तथा बी एन एस की धारा 61(2) के तहत एफ आई आर नंबर 17 दिनांक 30-05-2025 दर्ज की गई है। आरोपी को कल सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा और मामले की आगे की जांच जारी है।