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  • Jalandhar: घर में घुसकर हमलावरों ने व्यक्ति पर तेजधार हथियार से किया हमला, देखें वीडियो

    Jalandhar: घर में घुसकर हमलावरों ने व्यक्ति पर तेजधार हथियार से किया हमला, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: मोता सिंह नगर में 2 हमलावरों ने घर में घुसकर एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने दात से व्यक्ति के सिर पर हमला किया, जिस कारण उसके सिर से खून बहने लग गया। पर व्यक्ति ने हमलावरों को पकड़ लिया और उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया।

    पीड़ित करन भारद्वाज ने बताया कि शाम करीब साढ़े 7 बजे बाइक पर 2 नौजवान पीजी पूछने के बहाने घर में घुसे। घर में घुसने के बाद उन्होंने दात से मेरे सिर पर वार किए। जिसमें मुझे काफी चोट आई है। पर हिम्मत दिखाते हुए उन दोनों हमलावरों को भागने नहीं दिया और पकड़ लिया।

    करन भारद्वाज ने आगे बताया कि जख्मी हालात में मुझे मेरे साथी सिविल अस्पताल लेकर आए, डॉक्टरों ने मेरे सिर पर टांके लगाए हैं। हमलावरों ने क्यों हमला किया, मुझे इस बारे में कुछ नहीं पता है। पुलिस ने हमलावरों को अरेस्ट कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

  • कांग्रेस द्वारा संविधान की झूठी क़समें खाने से नहीं बदलेगी सच्चाई: अनुराग ठाकुर

    कांग्रेस द्वारा संविधान की झूठी क़समें खाने से नहीं बदलेगी सच्चाई: अनुराग ठाकुर

    राहुल गांधी द्वारा प्रदर्शित  संविधान की प्रति में  कांग्रेस सरकार के काले कारनामे और संविधान विरोधी करतूतों का वर्णन: अनुराग ठाकुर

    ऊना/सुशील पंडित : पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने संविधान को लेकर कांग्रेस पार्टी द्वारा फैलाए जा रहे झूठ व भ्रम पर बोलते हुए कांग्रेसी नेताओं व नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा संविधान के बारे कोई जानकारी ना होने की बात कही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को पहले संविधान की भूमिका पढ़नी चाहिए और देश को बताना चहिए कि इसमें क्या लिखा है…उसमें कांग्रेस सरकार के काले कारनामे और संविधान विरोधी करतूतों का वर्णन है जिसके बारे में राहुल गांधी चुप्पी साधे रहते हैं।

    भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने आज नई दिल्ली में प्रेस को संबोधित करते हुए संविधान के मुद्दे पर कांग्रेस पर सवाल खड़ा किया है…अनुराग ठाकुर ने का है कि राहुल गांधी और उनकी कांग्रेसी जमात संविधान से अधिक प्रेम दिखा रही है। चलते-फिरते संविधान की कॉपी दिखाने और इसकी झूठी कसमें खाने से सच्चाई नहीं बदल जाएगी। अगर किसी ने संविधान का अपमान किया है तो वो है कांग्रेस और गांधी परिवार है…1975 में आपातकाल लगाकर पूरे विपक्ष को जेल में डाल कर इन्होंने पूरा संविधान ही बदल दिया,संविधान की प्रस्तावना जिसे संविधान की आत्मा कही जाती है इन लोगों ने संविधान को उसकी आत्मा से ही अलग कर दिया था, अनुराग ठाकुर ने बताया की  ‘पिछले सत्र में मैंने भरे सदन में मैंने राहुल गांधी और इनके नकलची जमात से पूछा था कि क्या उन्हें पता भी है कि संविधान के पुस्तक में कितने पन्ने हैं… अनुराग ठाकुर एक बार फिर सवाल किया  राहुल गांधी ने संविधान की प्रस्तावना को पढ़ा भी है?इसीलिए बड़े बुजुर्ग कहते हैं कि नकल करने के लिए भी अकल की जरुरत होती है और इन्हे अगर अक्ल होती तो पहले संविधान पढ़ते, अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी को पहले संविधान की भूमिक पढ़नी चाहिए और देश को बताना चहिए कि इसमें क्या लिखा है…उसमें कांग्रेस सरकार के काले कारनामे और संविधान विरोधी करतूतों का वर्णन है,भूमिका लिखने वाले भारत के सर्वश्रेष्ठ कानून के जानकार थे जिन्होने संविधान को देखा समझा और परखा है, अनुराग ठाकुर ने संविधान के एक प्रति की भूमिका का भी जिक्र किया जिसे सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील केके वेणुगोपाल ने लिखा है,उन्होनें बताया कि केके वेणुगोपाल ने लिखा है कि कांग्रेस सरकार न्यायपालिका को धमकाती थी और उसे अंजाम भुगतने की धमकी भी देती थी…जब इलाहाबाद हाइकोर्ट नें इंदिरा गांधी का चुनाव रद्द कर दिया था तो इंदिरा गांधी ने देश पर आपातकाल लागू कर दिया… इंदिरा गांधी ने न्यापालिका कोकमजोर करने का कोशिश की… अनुराग ठाकुर ने केके वेणुगोपाल की प्रस्तावना के कुछ अंश भी पढ़े, अनुराग ठाकुर ने संविधान के सातवों संस्करण की भूमिका के उस अंश को भी पढ़ा जिसे वरिष्ठ अधिवक्ता शंकर नाराय़णन ने लिखी है… अनुराग ठाकुर ने कहा कि संविधान  देने वाले अंबेडकर को ही कांग्रेस पार्टी  ने सत्ता और राजनीति से बाहर करने का का काम किया

    अंत में  अनुराग ठाकुर ने कहा कि संविधान को लहराने से काम नहीं चलेगा इसे पढ़ना भी पड़ेगा,देश पर आपातकाल का काला अध्याय किसी और के द्वारा नहीं कांग्रेस द्वारा ही थोपा गया था। आपको पाखंड छोड़ना चाहिए और देश से माफी मांगनी चाहिए। अनुराग ठाकुर ने  “सवाल किया कि राहुल गांधी ने संविधान की प्रस्तावना को पढ़ा भी है?उसमें कांग्रेस सरकार के काले कारनामे और संविधान विरोधी करतूतों का वर्णन है,संविधान की कॉपी लहराने से काम नहीं चलेगा, इसे पढ़ना भी पड़ेगा,देश पर आपातकाल का काला अध्याय देश पर कांग्रेस द्वारा थोपा गया था,आपको पाखंड छोड़ना चाहिए और देश से माफी मांगनी चाहिए।”

    अनुराग ठाकुर ने कहा “ राहुल गांधी संविधान की कॉपी तो लहराते हैं लेकिन कई बार वो ये भूल जाते हैं कि ये वही संविधान है जिसे उनके परिवार ने अपने निजी लाभ के लिए एक बार नहीं बल्कि बार बार तार तार किया है। राहुल गांधी संविधान को लहराते समय कई उन तथ्यों को अनदेखा कर देते हैं जो कि यदि उन्होंने संविधान के खंडों को पढ़ा होता, तो वे दस्तावेज़ को इतनी सहजता से दिखाने की हरकत पर पुनर्विचार कर सकते थे। जब 2014 में जब पीएम मोदी सांसद बने और पहली बार संसद आए तो संसद की सीढियों पर सिर झुकाया। उन्होंने इस महान लोकतंत्र को नमन किया, तब अंदर आए। उसके बाद उन्होंने बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान पर शीश नवाया और सबका साथ, सबका विकास पर फोकस किया।  जबकि कांग्रेस के नेता संविधान को बचाने की जोरदार बहस तो करते हैं मगर उनकी कथनी और करनी में बहुत फ़र्क़ है। राहुल गांधी उस दस्तावेज़ से स्पष्ट रूप से अपरिचित हैं जिसका वे समर्थन में वो दिन रात संविधान की दुहाई देते हैं। ऐसा लगता है कि गांधी वंश पुस्तक के प्रस्तावना और भूमिका के शुरुआती पन्नों तक भी नहीं पहुँच पाया है। यह एक अनुस्मारक है कि संविधान की सच्ची संरक्षकता के लिए इसे केवल धारण करने से अधिक की आवश्यकता होती है; इसके लिए इसकी सामग्री और सिद्धांतों को समझना और उनका सम्मान करना आवश्यक है।

    अनुराग ठाकुर ने कहा “ ईस्टर्न बुक कंपनी (ईस्टर्न बुक कंपनी) द्वारा प्रकाशित संविधान की एक प्रति लहराते हुए राहुल गांधी को देख कर हंसी यह आती है कि राहुल गांधी ने ईबीसी द्वारा प्रकाशित संविधान की प्रति की प्रस्तावना भी नहीं पढ़ी है और वे प्रस्तावना लहराते हैं। अगर उन्होंने इसे पढ़ा होता, तो उन्हें पता होता कि गांधी वंश की पीढ़ियों को उसी संविधान पर उनके व्यवस्थित हमले के लिए कैसे उजागर किया गया है। राहुल गांधी को यह पढ़ना चाहिए, उन पर विचार करना चाहिए और फिर अपना बेशर्म पाखंड छोड़ देना चाहिए।

    अनुराग ठाकुर ने कहा “प्रस्तावना के कुछ खास अंश संविधान की प्रस्तावना का एक खास तौर पर उल्लेखनीय अंश भारत की विधायी और न्यायिक शाखाओं के बीच ऐतिहासिक तनाव को रेखांकित करता है। इसमें कहा गया है: आरंभिक वर्षों से ही, राज्य की विधायी शाखा और कार्यकारी शाखा ने दूसरी ओर न्यायिक शाखा का सामना किया, इस आरोप के साथ कि उन्होंने उन शक्तियों का अतिक्रमण किया है जो उन्हें नहीं दी गई हैं, बल्कि कार्यकारी को दी गई हैं। तत्कालीन कानून मंत्री ने 28 अक्टूबर 1976 को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को एक सख्त चेतावनी जारी की कि “टकराव का माहौल उन लोगों द्वारा बनाया जाना चाहा गया, जिनका कर्तव्य यह देखना था कि वे उस क्षेत्र का अतिक्रमण न करें जो वैध रूप से उनका नहीं है। अब यह सुनिश्चित करने के लिए कुछ भी नहीं छोड़ा जाना चाहिए कि ऐसी स्थिति फिर से न आए। हम उन्हें उन शक्तियों में घुसपैठ करने के प्रलोभन से बचाने की कोशिश कर रहे हैं जो उनकी नहीं हैं। आज हम जो कर रहे हैं वह लोगों को न्यायाधीशों से बचाना नहीं है, बल्कि वास्तव में न्यायाधीशों को खुद से बचाने में सक्षम बनाना है”, यह आपातकाल के दौरान कहा गया था, जिसने देश को सुनामी की तरह प्रभावित किया और यह एहसास दिलाया कि संविधान को उलटा जा सकता है।

    अनुराग ठाकुर ने कहा “ गांधी परिवार ने सदा ही देश को गुमराह किया है संविधान की झूठी क़समें खाने से सच्चाई नहीं बदल जायेगी। संविधान का किसी ने अपमान किया है तो वो कांग्रेस पार्टी है।

  • Punjab : सावन महिने में इस मंदिर में नवविवाहिता मोती और फूल के आभूषण पहनकर माथा टेकने आती, देखें वीडियो

    Punjab : सावन महिने में इस मंदिर में नवविवाहिता मोती और फूल के आभूषण पहनकर माथा टेकने आती, देखें वीडियो

    अमृतसर। भारत में सावन के महीने का बहुत महत्व है। इस महीने में होने वाली बारिश हर जगह हरियाली और खुशियां लेकर लाती है लेकिन अमृतसर के विश्व प्रसिद्ध दुर्गियाना तीर्थ में स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में इस महीने का विशेष महत्व है। यहां माथा टेकने के लिए नवविवाहित जोड़े मंदिर में सोने के आभूषणों के बजाय मोती और अन्य फूलों के हार पहनते हैं और अपने परिवार के कल्याण और पुत्र के जन्म के लिए भगवान लक्ष्मी नारायणजी से प्रार्थना करतीं हैं।

    सावन के महीने का इंतजार पूरी दुनिया को रहती है, लेकिन खास तौर पर भारत और अमृतसर के नवविवाहित जोड़ों को इसका खास इंतजार रहता है, दरअसल इस महीने में नवविवाहित जोड़े सोने के आभूषणों की जगह फूलों से श्रृंगार करते हैं। वे फूलों की कलियों की मालाओं के साथ आते हैं। दुर्गियाना तीर्थ स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में जहां सपरिवार माथा टेकने के लिए लोग आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर नवविवाहित जोड़ों के बीच सावन माह की खुशी का माहौल देखने को मिला, नवविवाहित जोड़ों ने यहां सोने के गहनों की बजाय फूलों की मालाओं से आभूषणों से सजावट की।

    शादी करने वाले जोड़ों के चेहरे पर खुशी के साथ उनके चेहरे फूल की तरह खिले हुए थे, इन नवविवाहित जोड़ों का कहना है कि उनके माता-पिता की इच्छाएं भी यहां से पूरी हुईं और उन्हें भी इस बात का पूरा विश्वास है कि उनकी इच्छाएं भी पूरी होंगी और भगवान उन्हें आशीर्वाद देंगे। इस महीने में श्री कृष्ण राधा जी को फूलों से सजाया जाता है, इसीलिए मंदिर में भगवान की पूजा भी की जाती है, मूर्तियों को फूलों से सजाया जाता है, इस महीने में नवविवाहित जोड़े फूलों से सजकर मंदिर में आते हैं और भगवान से प्रार्थना करते हैं। परिवार की खुशहाली और पुत्र प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है, ताकि उनका वंश चलता रहे। और नवविवाहितों के बीच प्यार बना रहे।

  • इंटरनेट पर कपल की Private Video दोस्त ने की Viral

    इंटरनेट पर कपल की Private Video दोस्त ने की Viral

    मुंबईः मुंबई के एक पति-पत्नी का सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो वायरल हो रहा है। इस मामले में महिला की शिकायत पर पुलिस ने पारिवारिक दोस्त को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोस्त ने न सिर्फ अश्लील वीडियो वायरल किया, बल्कि उसे ब्लैकमेल करते हुए 50 हजार रुपए भी लिए। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के मुताबिक, आरोपी का नाम जोशुआ फ्रांसिस है। पीड़ित महिला ने बताया कि आरोपी पति का दोस्त है। बताया जा रहा है कि महिला का पति शराबी है, और अक्सर लड़ाई झगड़े करता रहता है। एक दिन उसने महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाते हुए वीडियो बना लिया। इसके बाद अपने दोस्त फ्रांसिस को दे दिया। जिसके बाद दोस्त ने वीडियो पोर्नोग्राफिक साइट पर अपलोड कर दिया।

    पुलिस अधिकारी के अनुसार, अश्लील वीडियो को पोर्नोग्राफिक साइट पर अपलोड करने के बाद फ्रांसिस ने महिला को फोन करके इस बात की जानकारी दी। उसने वेबसाइट का वेब का लिंक भी शेयर कर दिया। इसके बाद झूठी चिंता जताते हुए उसने उससे कहा कि उसका एक दोस्त विकास साइबर एक्सपर्ट है। वह उस अश्लील वीडियो को डिलीट कर सकता है।

    जिसके बाद खुद को विकास बताकर महिला को व्हाट्सएप पर कॉल किया। उसने कहा कि वो वेबसाइट से कंटेंट डिलीट कर देगा, लेकिन इसके बदले उसे 50 हजार रुपए देने होंगे। पीड़िता पैसे देने के लिए राजी हो गई। लेकिन कुछ दिनों बाद उसकी वीडियो और तस्वीरें इंस्टाग्राम पर वायरल हो गईं। फिर उसने पुलिस से संपर्क करके इस मामले में आरोपी के खिलाफ अपनी शिकायत दर्ज कराई है।

    पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी फ्रांसिस को हिरासत में लेकर पुलिस ने पूछताछ शुरू कर दी है। उसने स्वीकार किया कि उसे महिला के पति से उसके वीडियो और तस्वीरें मिली थीं। उसने पहले उन्हें पोर्न साइट पर अपलोड किया, फिर डिलीट करने के लिए महिला से पैसे की मांग भी करी है।

  • सदाशिव मंदिर में भारी संख्या में पहुंच रहे हैं शिव भक्त

    सदाशिव मंदिर में भारी संख्या में पहुंच रहे हैं शिव भक्त

    दिव्यता, पवित्रता और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है सदाशिव मंदिर

    ऊना/सुशील पंडित : ऊना के शक्ति स्थल सदाशिव धौम्येश्वर महादेव मंदिर में सावन के महीने में शिव भक्तों का आना लगातार जारी है। महाभारत काल में पांडवों के पुरोहित धौम्य ऋषि की तपोस्थली पर स्थित सदाशिव मंदिर तलमेहड़ा की खरयालता पंचायत में स्थित है। इस मंदिर को ध्यूंसर महादेव के नाम से भी जाना जाता है। देश विदेश के मानचित्र पर मंदिर की प्रसिद्धी में विशेष भूमिका निभाने वाले मंदिर ट्रस्ट के प्रधान प्रवीण शर्मा ने बताया कि यह मंदिर हजारों वर्ष पुराना है। यहां भगवान शिव स्वयंभू शिवलिंग के रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। यहां सावन में शिव पूजा का विशेष महत्व है। सावन में मंदिर 24 घंटे खुला रहता है। यहां हर समय लंगर की व्यवस्था रहती है।

    इस मंदिर की प्रसिद्धी यहां मिलने वाले स्वादिष्ट लंगर प्रसाद के लिए भी बढ़ती जा रही है। मंदिर में साफ सफाई की व्यवस्था और यहां के रख रखाव के मॉडल को समझने के लिए दूसरे मंदिरों की कमेटियां और ट्रस्ट भी दौरा करते रहते हैं। प्रवीण बताते हैं कि जो एक बार इस मंदिर में शिव पूजा करता है वह सदा सदा के लिए सदाशिव की शरण में पहुंच जाता है। यहां न जाने कितने भटके हुए साधक पहुंचते हैं और मंदिर में रुककर तपस्या करते हैं। असंख्य साधकों ने यहां हुए दिव्य अनुभवों को भी साझा किया है। यहां एक साथ 5000 से अधिक लोगों के रहने की व्यवस्था भी है।

    पहाड़ की चोटी पर स्थित इस मंदिर में तपस्या करने का भी विशेष महत्व है। दुकानदारों के शोर से दूर। यह मंदिर शिव भक्तों की ध्यानस्थली के रूप में भी विकसित हो रहा है। मंदिर ट्रस्ट ने इस बात का सदैव ख्याल रखा है कि मंदिर सिर्फ मंदिर ही बना रहे। किसी भी प्रकार की दुकानदारी या मार्केट से मंदिर की पवित्रता और शांति को भंग नहीं होने दिया जाता। यह हिमाचल के गिने चुने बड़े मंदिरों में से एक मंदिर है जिसने अपना धार्मिक स्वरूप संरक्षित करके रखा है। इस मंदिर में सावन के महीने में श्रद्धालु कई औलोकिक नजारों के भी साक्षी बनते हैं। प्रकृति की गोद में बसे इस मंदिर से बादलों और वनों के विहंग्म दृष्य मनुष्य की ऊर्जा को कई गुणा अधिक बढ़ा जाते हैं। यहां पहुंचने के लिए बंगाणा, बड़ूही, खुरवाईं से पहुंचा जा सकता है।

  • यूपी के पहचान मॉडल को पूरे देश में लागू करना चाहिए

    यूपी के पहचान मॉडल को पूरे देश में लागू करना चाहिए

    जो मोदी न कर पाए उसे योगी ने कर दिखाया: यति 

    ऊना/ सुशील पंडित : उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में खाने पीने की चीजें बेचने वाले दुकानदारों को अपना नाम साफ साफ अक्षरों में दुकान, ढाबा या रेहड़ी के बाहर लिखने के आदेश दिए हैं। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर  में कांवड़ यात्रा रूट पर खाने-पीने की सभी दुकानों पर मालिकों का नाम लिखने का जो आदेश जारी किया था जिसे बाद में पूरे राज्य में लागू कर दिया गया था। 22 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा से पहले उत्तर प्रदेश के सभी दुकानदारों, ढाबों, फल विक्रेताओं और चाय की दुकानों ने प्रशासन के निर्देशानुसार अपने प्रतिष्ठानों या वेंडिंग ठेलों पर मालिकों या कर्मचारियों के नाम प्रदर्शित करना शुरू कर दिया था।

    दुकानदार की पहचान का यह मॉडल पिछले वर्षों में कांवड़ियों पर हुए हिंसक हमलों के बाद लागू किया गया है। अखिल भारतीय सन्त परिषद् के उत्तर भारत प्रभारी यति सत्यदेवानंद सरस्वती जी महाराज ने इस आदेश का स्वागत करते हुए मीडिया में बयान जारी किया है कि जो कार्य मोदी न कर पाए उसे योगी ने करके दिखा दिया है। इस निर्देश का उद्देश्य धार्मिक यात्रा के दौरान भ्रम से बचना और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि कुछ राष्ट्र विरोधी ताकतों का दोगलापन अब सामने आने लगा है। यति ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से भारत के मुसलमानों ने हलाल का निशान देखकर सामान खरीदना शुरू कर दिया है। यदि इस्लामिक ताकतों को खुद के लिए ‘हलाल’ सिस्टम चाहिए, तो कांवड़ रूट या पूरे उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड में शुरू हो रहे ‘पहचान’ सिस्टम से परेशानी का कारण क्या है।

    असल में हिंदू त्यौहारों में एक विशेष समुदाय के लोग पहचान छिपाकर हिंदुओं को ऐसे फल सब्जी और खान पान की चीजें बेच रहे थे जिनमें सात्विक शुद्धता को जानबूझकर भंग किया जाता था। यति जी का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में देश भर से एक विशेष समुदाय के लोगों के वीडियो वायरल हो रहे थे। जिसमें वे खाने पीने की चीजों में थूक, पेशाब और गटर का पानी मिलाते हुए देखे गए थे। अब हिंदू को स्वतंत्रता होगी कि वह सामान बेचने वाली की पहचान जानने के बाद ही खरीददारी कर सकेगा। इससे धार्मिक उत्सव में व्रत रखने वाले और हिंदू परंपराओं को मानने वालों की धार्मिक शुचिता भी सुनिश्चित हो पाएगी। संत समाज ने भी योगी के पहचान मॉडल की प्रशंसा की है।

  • किस उम्र के हिसाब से कितना सोना जरूरी? जानें सेहत पर क्या पड़ता है असर…

    किस उम्र के हिसाब से कितना सोना जरूरी? जानें सेहत पर क्या पड़ता है असर…

    Health Tips: अच्छे स्वास्थ्य के लिए जिस तरह भोजन, पानी की जरूरत होती है, ठीक उसी तरह नींद भी हमारे शरीर के लिए जरूरी होती है। आजकल भागदौड़ भरी जिंदगी ने लोगों का चैन छीन सा लिया है। दिनभर लगातार काम के कारण तनाव का सीधा असर रात की नींद पर पड़ता है। नींद की रुटीन टूटने से शरीर में कई तरह की समस्याएं होने का जोखिम बढ़ता नजर आने लगता है। इसी वजह से डॉक्टर भी पर्याप्त नींद लेने की सलाह देते हैं। ऐसा करने से न सिर्फ मानसिक स्वास्थ्य, बल्कि शारीरिक लाभ भी बेहतर होगा। लेकिन, रोजाना किस उम्र के व्यक्ति को कितना सोना जरूरी है।

    पर्याप्त नींद क्यों है जरूरी

    आजकल के समय में कई लोग तनाव दूर करने के लिए रात में मोबाइल, टीवी या सिनेमा देखते हैं या तो कई लोग दुनियादारी की चिंता में रात की नींद से हाथ धो बैठे हैं। जिसका सीधा असर उनकी सेहत पर नजर आता रहता है। NSF की रिपोर्ट के मुताबिक, हमेशा सेहतमंद रहने के लिए कम से कम व्यक्ति को 7 घंटे की रात की नींद जरूरी है। हालांकि, बेहतर हेल्‍थ और ग्रोथ के लिए हर उम्र के लोगों की नींद लेने का समय बदलता रहता है। हर उम्र के लोगों के लिए नींद का अलग पैमाना है। इसके लिए, आप अपनी नींद की अवधि दो चरणों में यानी दिन-रात के आधार पर बांट सकते हैं।

    आखिर उम्र के हिसाब कितना सोना चाहिए-

    • 4 से 12 माह के बच्‍चे- 12 से 16 घंटे
    • 1 से 2 साल के बच्‍चे- 11 से 14 घंटे
    • 3 से 5 साल के बच्चे 11 से 14 घंटे
    • 6 से 12 साल के बच्‍चे- 9 से 12 घंटे
    • 13 से 18 साल के बच्चे- 8 से 10 घंटे
    • 18 साल के बाद- कम से कम 7 घंटे
    • 60 साल के बाद- 8 घंटे यानी 1 घंटे की नींद बढ़ सकती है।
  • सड़क निर्माण का विरोध कर रही महिला को जिंदा गाड़ने की कोशिश, देखें वीडियो

    सड़क निर्माण का विरोध कर रही महिला को जिंदा गाड़ने की कोशिश, देखें वीडियो

    रिवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले एक महिला को जिंदा गाड़ने की कोशिश करने की वीडिय़ो सामने आई। जानकारी के अमुसार बताया जा रहा है कि ये महिलाएं निजी जमीन पर जबरन सड़क निर्माण का विरोध कर रही थीं। हालांकि समय रहते दोनों महिलाओं को बाहर निकाल लिया गया है। वीडियो वायरल होने पर पुलिस छानबीन कर तीन लोगों पार मामला दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार ये घटना रीवा जिले के मनगवां थाना क्षेत्र के गगेव चौकी अंतर्गत हिनौता जोरौट गांव की की बताई जा रही है। घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसके बाद पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आरोपियों ने डंपर से महिलाओं पर मुरम डाल दी। इससे एक महिला कमर तक और दूसरी गले तक मुरम के ढेर में दब गई। बाद में फावड़े से मुरम हटाकर दोनों को बाहर निकाला गया। एक महिला बेहोश हो गई।
  • केरल में Nipah Virus से पहली मौ+त

    केरल में Nipah Virus से पहली मौ+त

    केरल में Nipah Virus से पहली मौत का पहला मामला सामने आया है। मलप्पुरम में 14 वर्षीय किशोर की निपाह वायरस की चपेट में आने से मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि पीड़ित का अस्पताल में इलाज जारी था और रविवार को दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई। मृतक किशोर का प्रोटोकॉल के अनुसार दाह संस्कार किया जाएगा। वहीं, निपाह वायरस की चपेट में आए चार और लोगों का अस्पताल में चल रहा है।

    केरल के स्वास्थ्य मंत्री ने बच्चे की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि किशोर में निपाह वायरस के संक्रमण का पता लगने के एक दिन बाद रविवार को उसकी मौत हो गई। लड़के को सुबह 11 बजे के करीब दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उसे बचाया नहीं जा सका। स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा कि वह वेंटिलेटर सपोर्ट पर था। वहीं, बच्चे के पित और चाचा कोझिकोड मेडिकल कॉलेज में हैं। वर्तमान में 3 लोगों को कोझिकोड मेडिकल कॉलेज में आइसोलेशन में रखा गया है। उच्च जोखिम श्रेणी के चार लोग मंजेरी मेडिकल कॉलेज में हैं। इनमें से एक व्यक्ति आईसीयू में भर्ती है।

  • लाखों भक्तों ने पवित्र धूणे पर टेका माथा

    लाखों भक्तों ने पवित्र धूणे पर टेका माथा

    ऊना/ सुशील पंडित : हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल डेरा बाबा रुद्रानंद जी आश्रम नारी में सप्ताह से चल रहा गुरु पूर्णिमा उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया गया। रविवार को गुरु पूर्णिमा के दिन भी 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने डेरे में पहुंचकर पवित्र धूणे पर माथा टेका और डेरे के महंत वेदांताचार्य सुग्रीवानंद जी महाराज से आशीर्वाद भी प्राप्त किया। गुरु पूर्णिमा उत्सव का आरंभ 16 जुलाई को पीपल चूरी से हुआ था। रविवार आते आते लाखों श्रद्धालु डेरे में माथा टेक चुके थे। गुरु महाराज और उनके परम शिष्य आचार्य हेमानंद जी महारज की दिव्य उपस्थिति से डेरे का परिसर भक्तिमय बना रहा। देश विदेश से आए भक्तों ने अपने प्रिय धार्मिक स्थल पर पूजा अर्चना, हवन यज के अलावा डेरे का स्वादिष्ट लंगर भी ग्रहण किया। रविवार को गुरु पूर्णिमा के दिन पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने अपने गुरू के सानिध्य में जिस प्रकार का भजन कीर्तन किया वह देखते ही बनता था। इस वर्ष गुरु पूर्णिमा का पूरा कार्यक्रम नारी डेरे में ही रखा गया था। इससे पहले अमलैहड़ डेरे में भी दो दिन के लिए कार्यक्रम किए जाते थे लेकिन इस वर्ष सारा उत्सव एक ही स्थान पर मनाया गया।