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  • CM Mann ने पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए लड़कियों को सामाजिक-आर्थिक विकास में सक्रिय भागीदार बनने का आह्वान किया

    CM Mann ने पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए लड़कियों को सामाजिक-आर्थिक विकास में सक्रिय भागीदार बनने का आह्वान किया

    पंजाब में युवाओं को मेरिट के आधार पर दी गई 63,000 से अधिक सरकारी नौकरियों में अधिकांश लड़कियों को मिलीं: मुख्यमंत्री  

    लुधियानाः मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज लड़कियों को पंजाब के सुनहरे भविष्य के निर्माण में बराबरी का भागीदार बनने का आह्वान करते हुए कहा कि शासन, अर्थव्यवस्था और राजनीति में महिलाओं की भागीदारी के बिना राज्य देश का अग्रणी राज्य नहीं बन सकता। लुधियाना में पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि किस प्रकार पंजाब सरकार उन बाधाओं को दूर कर रही है जो महिलाओं को प्रमुख क्षेत्रों से दूर रखती थीं। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में मेरिट और योग्यता के आधार पर भर्ती की जा रही है, जिसके तहत 63,000 से अधिक सरकारी नौकरियाँ दी गई हैं और इनमें से अधिकांश लड़कियों को मिली हैं।

    मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अनावश्यक शर्तों को समाप्त करने के बाद अब महिलाओं के लिए अग्निशमन सेवाओं में शामिल होने का रास्ता भी खोल दिया गया है। उन्होंने प्रशासनिक सेवाओं में महिला अधिकारियों की बढ़ती संख्या का भी विशेष रूप से उल्लेख किया।

    मुख्यमंत्री ने लड़कियों से राजनीति में आने और निर्णय-निर्माण प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील करते हुए कहा कि मजबूत लोकतंत्र और प्रगतिशील पंजाब का सपना तभी साकार होगा जब महिलाएँ सार्वजनिक नीति और नेतृत्व में केंद्रीय भूमिका निभाएँगी।

    जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह गर्व और संतोष की बात है कि आज लड़कियाँ हर क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। राज्य के मुखिया के रूप में मुझे यह देखकर बहुत खुशी होती है कि लड़कियाँ विभिन्न क्षेत्रों में नई ऊँचाइयाँ छू रही हैं। मैं उन्हें उज्ज्वल और समृद्ध भविष्य के लिए शुभकामनाएँ देता हूँ। आज की लड़कियाँ भाग्यशाली हैं कि उन्हें आगे बढ़ने के लिए अनुकूल वातावरण मिल रहा है।”

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने पूरे राज्य में महिलाओं को शासन और प्रशासन में अधिक अवसर देकर उन्हें सशक्त बनाने के लिए ठोस प्रयास किए हैं। उन्होंने बताया कि कई महिला अधिकारियों को डिप्टी कमिश्नर और एस.एस.पी. के पदों पर नियुक्त किया गया है तथा कई को ए.डी.सी. बनाया गया है। उन्होंने कहा कि पहले किसी भी सरकार ने इन प्रतिष्ठित पदों पर महिलाओं को इतनी जिम्मेदारियाँ नहीं दी थीं। उन्होंने कहा कि इन पदों पर कार्यरत महिला अधिकारी पूरी निष्ठा और दक्षता के साथ समाज की सेवा कर रही हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में महिला डिप्टी कमिश्नर कार्यरत हैं वहाँ भ्रूण हत्या की दर सबसे कम है, जो समाज के लिए संतोषजनक संकेत है। साथ ही ये अधिकारी अन्य सामाजिक बुराइयों को रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। पंजाब सरकार की पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में युवाओं को 63,000 से अधिक सरकारी नौकरियाँ दी गई हैं।

    मुख्यमंत्री ने युवतियों को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि इतिहास में ऐसे अनेक उदाहरण हैं जहाँ साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले लोगों ने कठिन परिश्रम और समर्पण से असाधारण सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि लड़कियों को ऐसी प्रेरणादायक कहानियों से प्रेरणा लेनी चाहिए और पंजाब सरकार इस दिशा में उनका पूरा सहयोग करेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि विविधता समाज को उसी प्रकार मजबूत बनाती है जैसे अलग-अलग फूल मिलकर एक गुलदस्ता बनाते हैं। जब समाज का हर व्यक्ति अपनी प्रतिभा और समर्पण के साथ योगदान देता है तो व्यवस्था और अधिक मजबूत होती है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि महिलाओं को पहले से समान अवसर मिले होते तो विकास की गति और भी तेज हो सकती थी। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब सरकार महिलाओं के लिए समानता, न्याय और स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए और अधिक समर्पण के साथ कार्य करती रहेगी ताकि वे राज्य और देश की प्रगति में बराबरी की भागीदार बन सकें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कई महिलाओं को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए सम्मानित भी किया, जिनमें हाल ही में यूपीएससी परीक्षा पास करने वाली युवतियाँ भी शामिल थीं। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

     

     

     

  • महाराणा प्रताप नगर बद्दी में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन

    महाराणा प्रताप नगर बद्दी में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन

    आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मानित भी किया गया

    बद्दी/सचिन बैंसल: महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश की सक्रिय सहभागिता से आई.आर.जी., ग्लेनमार्क फाउंडेशन एवं हिमाचल प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का भव्य आयोजन महाराणा प्रताप नगर के बिरला सभागार बददी में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दून के विधायक राम कुमार चौधरी रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में एसडीएम बददी संजीव धीमान उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग से सीडीपीओ एन.आर. नेगी तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से डॉ. गगन (जिला कार्यक्रम अधिकारी) भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

    इस अवसर पर बीबीएन क्षेत्र से 300 से अधिक आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं (एनजीओ) के प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में महिलाओं के योगदान को सम्मान देना तथा महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। मुख्य अतिथि विधायक राम कुमार चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के बिना समाज का समग्र विकास संभव नहीं है।

    उन्होंने आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा स्वास्थ्य, पोषण और जनजागरूकता के क्षेत्र में किए जा रहे महत्वपूर्ण कार्यों की सराहना की। एसडीएम बददी उपमंडल संजीव धीमान ने कहा कि महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना चाहिए, ताकि समाज और देश दोनों मजबूत बन सकें। कार्यक्रम में उपस्थित आशा कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को समाज में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए सम्मानित भी किया गया।

    कार्यक्रम के अंत में आई.आर.जी. एनजीओ से बलजिंदर सिंह एवं उनकी टीम तथा आर्टी एनजीओ से किरणा देवी एवं उनकी टीम ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का समापन महिलाओं के सम्मान और समाज में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करने के संदेश के साथ हुआ।

     

  • ट्रंप की कड़ी चेतावनी, कहा-सरेंडर नहीं किया तो होगा बड़ा हमला

    ट्रंप की कड़ी चेतावनी, कहा-सरेंडर नहीं किया तो होगा बड़ा हमला

    Middle East War: मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा और सख्त बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर ईरान ने जल्द सरेंडर नहीं किया तो उस पर बहुत बड़ा हमला किया जा सकता है। ट्रंप के इस बयान के बाद मिडिल ईस्ट में हालात और ज्यादा गंभीर होते दिखाई दे रहे हैं।

    ट्रंप की चेतावनी–सरेंडर नहीं किया तो बड़ा हमला
    डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट करते हुए ईरान को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने सरेंडर नहीं किया तो अमेरिका उस पर बहुत बड़ा सैन्य हमला कर सकता है।

    ट्रंप ने यह भी कहा कि अब ईरान के कुछ ऐसे इलाके और लोग भी अमेरिका के निशाने पर आ सकते हैं, जिन्हें अब तक टारगेट नहीं किया गया था। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर ईरान का रवैया ऐसा ही रहा तो उन इलाकों को पूरी तरह तबाह करने और वहां के लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

    ईरान अब मिडिल ईस्ट का दबंग देश नहीं
    ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि ईरान अब मिडिल ईस्ट का ताकतवर या दबंग देश नहीं रहा है। उनके मुताबिक मौजूदा हालात में ईरान अब हारने की स्थिति में पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि जब तक ईरान सरेंडर नहीं करता या उसकी सरकार पूरी तरह कमजोर नहीं हो जाती, तब तक उसकी स्थिति ऐसी ही बनी रहेगी और उस पर दबाव लगातार बढ़ता रहेगा।

    ईरान के राष्ट्रपति के बयान का भी किया जिक्र
    ट्रंप ने अपने बयान में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के हाल ही में दिए गए बयान का भी जिक्र किया। दरअसल, पेजेशकियन ने मिडिल ईस्ट के पड़ोसी देशों से माफी मांगते हुए कहा था कि ईरान उन पर हमला नहीं करेगा। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर किसी पड़ोसी देश की जमीन से ईरान पर हमला नहीं किया जाएगा, तो ईरान भी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगा।

    ट्रंप का कहना है कि ईरान ने यह माफी इसलिए मांगी क्योंकि अमेरिका और इजराइल लगातार उस पर हमले कर रहे हैं। उनके अनुसार इन हमलों के दबाव में ही ईरान को अपने पड़ोसी देशों से माफी मांगनी पड़ी और यह भरोसा देना पड़ा कि वह उन पर हमला नहीं करेगा।

    मिडिल ईस्ट में हालात फिर हुए तनावपूर्ण
    हालांकि पेजेशकियन के इस बयान के करीब एक घंटे बाद ही मिडिल ईस्ट में हालात फिर से तनावपूर्ण हो गए। रिपोर्टों के मुताबिक दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास एक ड्रोन गिरने की घटना सामने आई। इसके अलावा सऊदी अरब, बहरीन और कतर में भी हमलों की खबरें सामने आईं।

    इन घटनाओं के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव और ज्यादा बढ़ गया है। अमेरिका और इजराइल पहले से ही ईरान पर लगातार सैन्य हमले कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान भी अलग-अलग तरीकों से जवाबी कार्रवाई कर रहा है।

    इजराइल को नए हथियार देने की मंजूरी
    इसी बीच ट्रंप प्रशासन ने इजराइल को नए हथियार बेचने की मंजूरी भी दे दी है। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने इजराइल को 151 मिलियन डॉलर के हथियार देने की अनुमति दी है। ट्रंप का कहना है कि जब तक ईरान बिना शर्त सरेंडर नहीं करता, तब तक अमेरिका उससे किसी भी तरह की बातचीत नहीं करेगा।

    कब खत्म होगा यह युद्ध?
    फिलहाल मिडिल ईस्ट में चल रहे इस संघर्ष के जल्द खत्म होने के कोई संकेत नजर नहीं आ रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने भी चेतावनी दी है कि आने वाले समय में बड़ा बमबारी अभियान शुरू हो सकता है। बताया जा रहा है कि अगर यह हमला शुरू होता है तो यह पिछले एक हफ्ते से चल रहे संघर्ष का अब तक का सबसे बड़ा और तेज हमला हो सकता है। ऐसे में पूरी दुनिया की नजर अब मिडिल ईस्ट की स्थिति पर टिकी हुई है।

     

  • 17 मार्च को महाराणा प्रताप सभागार में होगा सेवा भारती बददी का रक्तदान शिविर आयोजित

    17 मार्च को महाराणा प्रताप सभागार में होगा सेवा भारती बददी का रक्तदान शिविर आयोजित

    बद्दी/सचिन बैंसल: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में सेवा भारती द्वारा बददी में 17 मार्च मंगलवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। सेवा भारती बददी के अध्यक्ष मैथिलीशरण पराशर व सचिव हरीश खजूरिया ने बताया कि इस रक्तदान शिविर का आयोजन बददी के पुराने बस स्टैंड के निकट महाराणा प्रताप सभागार में किया जाएगा।

    पीजीआई से आई टीम रक्त एकत्रित करेगी और शिविर का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक रहेगा। सेवा भारती ने बीबीएन के लोगों के लोगों से आहवान किया ज्यादा से ज्यादा लोग रक्त देकर इस पुनीत कार्य में भाग लें। यह रक्त घायलों के अलावा गर्भवती महिलाओं व सीमाओं पर देश की रक्षा करने वाले सैनिकों के काम आएगा।

     

  • पंजाब सरकार का बड़ा कदम, गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता

    पंजाब सरकार का बड़ा कदम, गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता

    चंडीगढ़, 7 मार्च: मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान आशीर्वाद योजना के तहत 2,777 पात्र लाभार्थियों को कुल ₹14.16 करोड़ की वित्तीय सहायता जारी की है। यह जानकारी सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री Baljit Kaur ने दी। उन्होंने बताया कि इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े वर्गों के परिवारों को उनकी बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे इस अवसर को सम्मानपूर्वक मना सकें।

    मंत्री ने बताया कि आशीर्वाद पोर्टल के माध्यम से राज्य के 15 जिलों — श्री अमृतसर साहिब, बरनाला, फरीदकोट, श्री फतेहगढ़ साहिब, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, लुधियाना, मोगा, श्री मुक्तसर साहिब, पटियाला, एस.ए.एस. नगर, संगरूर, मलेरकोटला और तरनतारन — से प्राप्त आवेदनों में से 2,777 पात्र लाभार्थियों को सहायता दी गई है। योजना के तहत पात्र परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए ₹51,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जो सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है।

    डॉ. बलजीत कौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समय पर पहुंचाया जाए और आवेदन प्रक्रिया को सेवा केंद्रों के माध्यम से पारदर्शी और सरल बनाए रखा जाए। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का पंजाब का स्थायी निवासी होना और बीपीएल परिवार से संबंधित होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज के कमजोर वर्गों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए ऐसी कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • पंजाब के सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन बेहतर, JEE-NEET में भी छात्रों ने पाई सफलता: CM मान

    पंजाब के सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन बेहतर, JEE-NEET में भी छात्रों ने पाई सफलता: CM मान

    चंडीगढ़, 7 मार्च: पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने शनिवार को 30 सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपलों के आठवें बैच को सिंगापुर की प्रिंसिपल अकादमी में प्रशिक्षण के लिए रवाना किया। उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण 8 से 14 मार्च तक चलेगा और अब तक कुल 234 प्रिंसिपल और शिक्षा अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण देने के लिए सिंगापुर भेजा जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों को वैश्विक शिक्षा पद्धतियों से परिचित कराना और राज्य की सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना है, ताकि पंजाब के विद्यार्थियों को विश्व स्तरीय शिक्षा मिल सके।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्रिंसिपल आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय शिक्षण पद्धतियों को सीखते हैं और लौटने के बाद इन अनुभवों को अपने स्कूलों में लागू करते हैं। उन्होंने बताया कि सरकार सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि नेशनल अचीवमेंट सर्वे में पंजाब ने केरल को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है और सरकारी स्कूलों के लगभग 300 विद्यार्थियों ने जेईई मेन्स, जेईई एडवांस्ड और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए योग्यता प्राप्त की है।

    मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कई राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बिजली (संशोधन) विधेयक 2025 का कड़ा विरोध करेगी क्योंकि यह राज्यों के अधिकारों में हस्तक्षेप है। साथ ही उन्होंने कहा कि 20 मार्च को टाटा स्टील का 3,200 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट शुरू होगा, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका की टिप्पणी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग भारत को ‘विश्व गुरु’ बनाने की बात करते थे, उन्होंने इसे ‘विश्व चेला’ बना दिया है।

  • रंग बनाने वाली Factory में लगी भीषण आग, 5 महिलाओं की मौत, 20 लोग झुलसे

    रंग बनाने वाली Factory में लगी भीषण आग, 5 महिलाओं की मौत, 20 लोग झुलसे

    जींदः हरियाणा के जींद जिले के सफीदों इलाके में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां भाट कॉलोनी में स्थित गुलाल और रंग बनाने वाली एक फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। हादसे में 5 महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि करीब 20 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए।

    फैक्ट्री में काम कर रहे थे करीब 30 मजदूर
    जानकारी के अनुसार, घटना के समय फैक्ट्री में लगभग 30 मजदूर रोज की तरह काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक आग लग गई। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। चारों तरफ धुआं और आग की लपटें उठने लगीं, जिससे वहां मौजूद मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार शुरू हो गई।

    मेन गेट पर बाहर से लगा था ताला
    बताया जा रहा है कि फैक्ट्री के मुख्य गेट पर बाहर से ताला लगा हुआ था। इसी वजह से आग लगने के बाद मजदूर समय पर बाहर नहीं निकल सके। कई मजदूर अंदर ही फंस गए, जिससे हादसा और भी भयावह हो गया।

    फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू
    घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और अंदर फंसे मजदूरों को बाहर निकाला।

    झुलसे मजदूरों को अस्पताल में कराया भर्ती
    आग में झुलसे करीब 20 मजदूरों को तुरंत पास के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे
    घटना की सूचना मिलते ही जींद के DC मोहम्मद इमरान रजा और SP कुलदीप सिंह भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।

     

     

  • Iran-Israel War: Airport पर धमाकों की आवाज के बाद रोकी Flights, डिफेंस-सिस्टम THAAD को बनाया निशाना

    Iran-Israel War: Airport पर धमाकों की आवाज के बाद रोकी Flights, डिफेंस-सिस्टम THAAD को बनाया निशाना

    अमेरिका के पास ऐसे सिर्फ 7 सिस्टम

    तेहरानः अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज आठवां दिन है। इजरायल ने ईरान के खिलाफ हमलों की नई लहर लॉन्च की है। इजरायल की सेना ने कहा है कि उसने ईरान के खिलाफ हवाई हमलों की नई लहर लॉन्च की है। इसमें तेहरान और इस्फहान पर भारी बमबारी की गई है। इस बीच ईरान ने मिडिल ईस्ट के देशों में जवाबी हमले किए हैं। शनिवार को दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर धमाकों की आवाज सुनी गई, जिससे फ्लाइट्स रोकनी पड़ीं। सरकार ने बताया कि एयर डिफेंस को एक्टिवेट कर दिया गया है, वहीं यात्रियों को अलर्ट बजने के बाद एयरफील्ड में ट्रेन टनल में उतरना पड़ा। बाद में बताया गया कि एक ड्रोन एयरपोर्ट परिसर में ड्रोन का मलबा गिरा था। एमिरेट्स ने कहा कि दुबई आने-जाने वाली फ्लाइट्स अगली सूचना तक रोक दी गई हैं। एक बयान में सेना ने कहा, IDF ने तेहरान और इस्फहान में ईरान के आतंकवादी शासन के खिलाफ बड़े पैमाने पर हमले शुरू कर दिए हैं। इसके पहले इजरायली रक्षा बलों ने कहा था कि उसके 80 फाइटर जेट ने तेहरान और सेंट्रल ईरान को निशाना बनाकर रात भर बमबारी की है। ईरानी राजधानी में धमाकों की आवाज सुनी गई है।उधर, ईरानी अधिकारियों ने बताया है कि इस्फहान पर इजरायली और अमेरिकी हमलों के बीच शनिवार को 8 लोग मारे गए। इस्फहान प्रांत में गवर्नर के ऑफिस के एक सिक्योरिटी अधिकारी अकबर सालेही ने कहा, इन आतंकवादी हमलों में एक महिला समेत 8 नागरिक शहीद हो गए। उन्होंने कहा कि 80 घरों को नुकसान पहुंचा है। ईरान ने बीते एक हफ्ते में सऊदी अरब, UAE और जॉर्डन में तैनात अमेरिका के टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) सिस्टम को निशाना बनाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन हमलों में जॉर्डन के ‘मुवफ्फाक साल्टी एयर बेस’ पर लगे THAAD का राडर सिस्टम तबाह हो गया है। एक THAAD सिस्टम की कीमत ₹22 हजार करोड़ तक होती है, जबकि THAAD के रडार सिस्टम की कीमत 2700 करोड़ रुपए (300 मिलियन डॉलर) तक होती है। यह रडार THAAD सिस्टम का अहम हिस्सा होता है और दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों को पहचानने और ट्रैक करने का काम करता है। अमेरिका के पास सिर्फ 7 THAAD सिस्टम ही मौजूद हैं, इसलिए इसे बड़ा सैन्य नुकसान माना जा रहा है।  
  • अम्बाला छावनी की बदलेगी सूरत: 58 करोड़ रुपये से बिछेगा 89 किमीमीटर लंबा स्ट्रॉम वॉटर पाइप लाइन नेटवर्क

    अम्बाला छावनी की बदलेगी सूरत: 58 करोड़ रुपये से बिछेगा 89 किमीमीटर लंबा स्ट्रॉम वॉटर पाइप लाइन नेटवर्क

    चडीगढ़- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि स्ट्रॉम वॉटर ड्रेनेज सिस्टम के तहत अम्बाला छावनी में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा। सदर क्षेत्र में पहले ही स्ट्रॉम वॉटर ड्रेनेज सिस्टम सफलतापूर्वक डाली जा चुकी है, जिसका लोगों को लाभ मिल रहा है। अब शेष अम्बाला छावनी में ड्रेनेज पाइपलाइन का जाल बिछाया जाएगा।

    दो चरणों में अम्बाला छावनी में स्ट्रॉम वॉटर पाइप लाइन डालने का कार्य पूरा होगा। पहले चरण के तहत लगभग 58 करोड़ रुपए की लागत से 89 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन डालने के कार्य को मंजूरी मिल चुकी है जबकि दूसरे चरण के कार्य को जल्द मंजूरी मिलने की संभावना है। विज आज अपने अम्बाला स्थित आवास पर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ अम्बाला छावनी में स्ट्रॉम वॉटर ड्रेनेज प्रोजेक्ट को लेकर समीक्षा कर रहे थे।

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बताया कि प्रोजेक्ट के पहले चरण में 58 करोड़ रुपये की लागत से बीसी बाजार, लालकुर्ती, आउटर लार्ज रोड (बिजली बोर्ड दफ्तर से एसडी विद्या स्कूल तक), ट्रिब्यून कालोनी, गोविंद नगर, हाउसिंग बोर्ड कालोनी, सुभाष कालोनी, कस्तूरबा कालोनी के अलावा अन्य कालोनियों में स्ट्रॉम वॉटर पाइप लाइन डाली जाएगी। योजना तैयार है और बहुत जल्द जमीनी स्तर पर कार्य प्रारंभ होगा। उन्होंने बताया कि स्ट्रॉम वॉटर पाइप लाइन के डलने से कालोनियों व अन्य स्थानों पर अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिलेगा। ओपन नालियों को बंद किया जाएगा, जिससे जल निकासी तो बेहतर होगी साथ ही लोगों को गंदगी से भी भारी राहत मिलेगी व उनका जीवन सुखद बनेगा।

    उन्होंने बताया कि इसी प्रकार, प्रोजेक्ट के दूसरे चरण के अंतर्गत जगाधरी रोड के दूसरी तरफ महेशनगर से लेकर अंतिम छोर में बसी डिफेंस कालोनी तक सारी कालोनियों में स्ट्रॉम वॉटर पाइप लाइन डलेगी। उन्होंने बताया कि विभागीय स्तर पर योजना को तैयार कर लिया गया है और सरकार से जल्द इसकी मंजूरी मिलने की संभावना है।

  • हिमाचल में आपदा जोखिम कम करने पर जोर, राज्य स्तरीय कार्यशाला में कई अहम मुद्दों पर चर्चा

    हिमाचल में आपदा जोखिम कम करने पर जोर, राज्य स्तरीय कार्यशाला में कई अहम मुद्दों पर चर्चा

    शिमला: जलवायु परिवर्तन और आपदा जोखिम लचीलापन हिमालय का भविष्य, हिमाचल प्रदेश के लिए सबक, चुनौतियां और नीतिगत मार्ग विषय पर दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला आज डॉ. मनमोहन सिंह हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान (हिप्पा) शिमला में संपन्न हुई। इस अवसर पर राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। यह दो दिवसीय कार्यशाला हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से आयोजित की गई।

    राजस्व मंत्री ने हिमालयी राज्यों पर जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों पर प्रकाश डाला, विशेषकर कृषि, बागवानी, आधारभूत संरचना और आजीविका जैसे क्षेत्रों पर पड़ने वाले प्रभावों का उल्लेख किया। उन्होंने बढ़ते जलवायु और आपदा जोखिमों से निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा आपदा तैयारी को मजबूत करने, प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों को बेहतर बनाने तथा लचीले बुनियादी ढांचे के विकास के प्रयासों पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं से बढ़ते जोखिम से निपटने के लिए आपदा पूर्व तैयारी को सुदृढ़ करने, प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों में सुधार करने तथा लचीले बुनियादी ढांचे के विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

    विशेष सचिव (राजस्व) डी.सी. राणा ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए संस्थागत तैयारी को मजबूत करने, विभागों के बीच बेहतर समन्वय तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यशाला में जलवायु परिवर्तन अनुकूलन, आपदा जोखिम आकलन, प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों तथा हिमालयी क्षेत्रों में लचीले बुनियादी ढांचे पर विषयगत सत्र आयोजित किए गए। राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय संस्थानों के विशेषज्ञों, जिनमें राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, भारत मौसम विज्ञान विभाग, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान रुड़की तथा काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर ने हिमालयी क्षेत्रों में आपदा जोखिम न्यूनीकरण, जलवायु लचीलापन, खतरा निगरानी और बुनियादी ढांचा सुरक्षा पर प्रस्तुतियां दीं।

    कार्यशाला में हिमाचल प्रदेश में हाल के वर्षों में आई आपदाओं, विशेषकर वर्ष 2023 और 2025 की घटनाओं से मिले अनुभवों पर भी चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने राज्य में किए गए पोस्ट डिजास्टर नीड्स असेसमेंट के निष्कर्षों के आधार पर समेकित जोखिम आकलन, लचीले पुनर्निर्माण और बेहतर तैयारी के महत्त्व को रेखांकित किया। इसके उपरान्त कार्यशाला के समापन अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) के.के. पंत ने हिमाचल प्रदेश जैसे हिमालयी राज्यों में जलवायु और आपदा लचीलापन विकसित करने के लिए वैज्ञानिक योजना, संस्थागत समन्वय और सामुदायिक भागीदारी के महत्त्व पर बल दिया। इस कार्यशाला में हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान (हिप्पा) की निदेशक रूपाली ठाकुर, नीति निर्माताओं, विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय और पंजाब विश्वविद्यालय सहित विभिन्न संस्थानों के विद्यार्थियों ने भी भाग लिया।