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  • हरियाणा सरकार ने दो अधिकारियों के कार्यभार में किया बदलाव

    हरियाणा सरकार ने दो अधिकारियों के कार्यभार में किया बदलाव

    चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने आईएएस अधिकारी सत्येन्द्र दूहन को तत्काल प्रभाव से हरियाणा कौशल विकास मिशन (एचएसडीएम) के मिशन निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। दूहन वर्तमान में कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के निदेशक तथा विभाग के अतिरिक्त सचिव के रूप में कार्यरत हैं।

    एक अन्य आदेश के तहत भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के अधिकारी एस. नारायणन, जो वर्तमान में उच्च शिक्षा विभाग के महानिदेशक सचिव हैं, को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, हरियाणा के सदस्य सचिव के अतिरिक्त कार्यभार से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया गया है।

     

  • एग्रीस्टैक कार्यक्रम के तहत हरियाणा में 1.75 करोड़ कृषि भूखंडों की डिजिटल मैपिंग, 96 प्रतिशत गांव कवर

    एग्रीस्टैक कार्यक्रम के तहत हरियाणा में 1.75 करोड़ कृषि भूखंडों की डिजिटल मैपिंग, 96 प्रतिशत गांव कवर

    चंडीगढ़: हरियाणा ने एग्रीस्टैक कार्यक्रम के तहत 1.75 करोड़ कृषि भूखंडों की जियो-रेफरेंसिंग तथा राज्य के लगभग 96 प्रतिशत गांवों का डिजिटल मानचित्रण कर लिया है। इसके साथ ही 11.58 लाख से अधिक किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है तथा 8.32 लाख किसान आईडी तैयार की जा चुकी हैं। शेष गांवों को भी अगले दो माह के भीतर कवर किए जाने की संभावना है।

    यह जानकारी आज मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई एग्रीस्टैक कार्यक्रम की संचालन समिति की बैठक में दी गई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने कहा कि एग्रीस्टैक पहल किसानों के रिकॉर्ड, भूमि स्वामित्व संबंधी विवरण और फसल संबंधी जानकारी को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराकर पारदर्शी एवं डेटा-आधारित कृषि व्यवस्था की मजबूत नींव तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली के पूर्ण रूप से लागू होने के बाद सरकारी लाभों की त्वरित पहुंच सुनिश्चित होगी, दोहराव में कमी आएगी तथा कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लक्षित लाभार्थियों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा।

    समीक्षा के दौरान बताया गया कि हरियाणा के कुल 7,100 गांवों में से 6,808 गांवों की जियो-रेफरेंसिंग पूरी हो चुकी है, जो 95.89 प्रतिशत कवरेज है। यह डिजिटल मैपिंग राज्य में प्रस्तावित डिजिटल फसल सर्वेक्षण तथा प्रमाणित किसान रजिस्ट्री तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण आधार है।

    राजस्व विभाग की वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि किसान रजिस्ट्री के अंतर्गत पंजीकरण कार्य को प्रदेशभर में कॉमन सर्विस सेंटरों (सीएससी) के माध्यम से तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है। सीएससी के सक्रिय रूप से जुड़ने से आने वाले दिनों में पंजीकरण की रफ्तार में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को लंबित सत्यापन मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने तथा मिशन मोड में सभी भूखंडों को मौजूदा एवं नव-सृजित किसान आईडी से जोड़कर किसान रजिस्ट्री के काम को पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर लक्ष्य हासिल करने के लिए जिला स्तर पर सुदृढ़ निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा नियमित समीक्षा बैठकें की जाएं।

    बैठक में खरीफ-2026 डिजिटल फसल सर्वेक्षण की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। यह सर्वेक्षण हरियाणा के सभी 23 जिलों में जियो-रेफरेंस किए गए सभी कृषि भूखंडों को कवर करेगा। इस कार्य में लगभग 6,500 सर्वेक्षक भाग लेंगे और सर्वेक्षण अगस्त 2026 से शुरू होने की संभावना है। अधिकारियों ने बताया कि राजस्व विभाग के डेटाबेस में उपलब्ध लगभग 1.75 करोड़ किसानों के रिकॉर्ड का उपयोग किसान रजिस्ट्री के दायरे को और विस्तृत करने के लिए किया जाएगा। इसमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के लाभार्थियों के अलावा अन्य किसानों को भी शामिल किया जाएगा।

    मुख्य सचिव ने कहा कि भूमि अभिलेखों, फसल संबंधी आंकड़ों और किसान डेटाबेस के एकीकरण से कृषि क्षेत्र के लिए एक विश्वसनीय डिजिटल आधारभूत ढांचा तैयार होगा, जिससे साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने की प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी। बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेन्द्र सिंह, कृषि महानिदेशक राजनारायण कौशिक तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष सचिव राहुल हुड्डा समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • Haryana News: संदिग्ध परिस्थितियों में विवाहिता की मौत, ससुरालियों पर लगे गंभीर आरोप, देखें वीडियो

    Haryana News: संदिग्ध परिस्थितियों में विवाहिता की मौत, ससुरालियों पर लगे गंभीर आरोप, देखें वीडियो

    पलवलः जिले के कल्याण एन्क्लेव कॉलोनी में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। जहां, मृतका के परिजनों ने ससुरालजनों पर दहेज के लिए हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने पति सहित पांच लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    शहर थाना प्रभारी श्रीभगवान के मुताबिक दिल्ली की राम कॉलोनी निवासी रॉबिन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी बहन नीतू की शादी वर्ष 2019 में पलवल शहर की कल्याण एन्क्लेव कॉलोनी निवासी योगेंद्र से हुई थी। आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही नीतू को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था और योगेंद्र उसके साथ मारपीट करता था।

    रॉबिन ने यह भी बताया कि उन्होंने कई बार योगेंद्र को पैसे भी दिए थे। शिकायत के मुताबिक घटना से पहले रात करीब आठ बजे शराब के नशे में योगेंद्र का फोन आया था, जिसे रॉबिन की पत्नी अंजली ने उठाया।

    फोन पर योगेंद्र बदतमीजी कर रहा था और पीछे से नीतू के रोने की आवाजें आ रही थीं। अगले दिन योगेंद्र के पिता ने फोन कर बताया कि नीतू ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलने पर रॉबिन अपने परिजनों के साथ जिला नागरिक अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां योगेंद्र के परिजन मौजूद नहीं थे। अस्पताल कर्मियों ने उन्हें बताया कि नीतू का शव मोर्चरी हाउस में रखा हुआ है।

    शिकायतकर्ता रॉबिन ने आरोप लगाया है कि उनकी बहन ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसकी हत्या की गई है। उन्होंने इस हत्या में पति योगेंद्र, ससुर सुरेंद्र,  देवर मोंटी,  ननद बबीता और कविता का हाथ बताया है। पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

     

  • श्री गुरु अर्जन देव जी का बलिदान सत्य, साहस और मानवता की रक्षा का अमर संदेश: CM Nayab Singh Saini

    श्री गुरु अर्जन देव जी का बलिदान सत्य, साहस और मानवता की रक्षा का अमर संदेश: CM Nayab Singh Saini

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंचम पातशाह श्री गुरु अर्जन देव जी का बलिदान भारतीय इतिहास में सत्य, धर्म, मानवता और आध्यात्मिक शक्ति का अद्वितीय उदाहरण है। उनका जीवन और शहादत हमें अन्याय, अत्याचार और असत्य के सामने कभी न झुकने की प्रेरणा देती है। मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को पंचकूला में गुरु अर्जन देव जी के 420वें शहीदी दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर गुरु अर्जन देव जी के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने छबील सेवा भी की। कार्यक्रम में हरियाणा व पंजाब से अनेक संत-महापुरुष पहुंचे और हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसके लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त किया।

    हरियाणा सरकार द्वारा ‘संत महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना’ के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि माता मनसा देवी और नाडा साहिब की पावन धरती पर आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित होकर वे स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं। उन्होंने गुरु अर्जन देव जी के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि उनका बलिदान केवल सिख समाज की धरोहर नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

    भारत का इतिहास त्याग, तपस्या, बलिदान और आध्यात्मिक पराक्रम की गौरवशाली परंपरा से भरा हुआ है। जब-जब देश, धर्म, संस्कृति और मानवता पर संकट आया, तब-तब हमारे गुरुओं और संतों ने अपने बलिदान से सत्य और धर्म की रक्षा की। श्री गुरु अर्जन देव जी का बलिदान इसी महान परंपरा का सर्वोच्च उदाहरण है।

    गुरु अर्जन देव जी ने समाज को जोड़ने और मानवता को एक सूत्र में पिरोने का महान कार्य किया। उन्होंने अमृतसर में हरमंदिर साहिब की स्थापना कर उसके चारों दिशाओं में चार द्वार बनवाए, जो इस बात का प्रतीक हैं कि यह पवित्र स्थान किसी एक जाति, वर्ग या धर्म के लिए नहीं बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए खुला है। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने सदियों पहले ही सामाजिक समरसता, समानता और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को साकार रूप दिया।

    नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब में संत कबीर, संत नामदेव, बाबा फरीद और संत रविदास सहित विभिन्न संतों की वाणी को संकलित कर गुरु अर्जन देव जी ने भारत की विविधता को एकता के सूत्र में बांधने का अनुपम कार्य किया। गुरु ग्रंथ साहिब आज भी पूरी मानवता के लिए आध्यात्मिक प्रकाश स्तंभ के रूप में मार्गदर्शन कर रहा है।

    शहीदी दिवस केवल श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं, बल्कि आत्मचिंतन का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि जब हम श्री गुरु अर्जन देव जी के बलिदान को याद करते हैं तो गौरव के साथ-साथ उन यातनाओं का स्मरण भी होता है, जिन्हें उन्होंने धर्म और सत्य की रक्षा के लिए सहन किया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुगल शासक जहांगीर की सत्ता गुरु साहिब के बढ़ते प्रभाव और आध्यात्मिक जागरण से भयभीत हो गई थी। उन्हें लाहौर में बंदी बनाकर अमानवीय यातनाएं दी गईं, लेकिन उन्होंने अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।

    तपती तवी पर बैठाना, शरीर पर गर्म रेत डालना और असहनीय पीड़ा देना अत्याचार की पराकाष्ठा थी, लेकिन गुरु साहिब के चेहरे पर कोई शिकन नहीं आई। उन्होंने ‘तेरा किया मीठा लागे’ का उच्चारण करते हुए परमात्मा की इच्छा को स्वीकार किया। यह घटना केवल शहादत नहीं बल्कि आध्यात्मिक धैर्य, आत्मबल और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास का सर्वोच्च उदाहरण है। उन्होंने कहा कि गुरु अर्जन देव जी का बलिदान हमें सिखाता है कि सत्य, न्याय और संस्कृति की रक्षा के लिए कभी भी समझौता नहीं करना चाहिए। आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तब गुरु साहिब की शिक्षाएं हमारे लिए मार्गदर्शक शक्ति हैं।

    नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा की धरती संतों, गुरुओं और वीरों की भूमि रही है। यहां की मिट्टी में गीता का ज्ञान भी है और गुरुओं के बलिदानों की सुगंध भी। इसी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में सिख गुरुओं के योगदान और बलिदान को सम्मान देने का कार्य किया जा रहा है। श्री गुरु तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व, वीर बाल दिवस का राष्ट्रीय स्तर पर आयोजन तथा करतारपुर साहिब कॉरिडोर का निर्माण इसी दिशा में उठाए गए ऐतिहासिक कदम हैं।

    हरियाणा सरकार ने भी सिख इतिहास और गुरुओं की शिक्षाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। हरियाणा सरकार ने आठवीं कक्षा के इतिहास पाठ्यक्रम में सिख गुरुओं के इतिहास को शामिल किया है। अब विद्यार्थी सिख गुरुओं के साथ-साथ बाबा बंदा सिंह बहादुर के त्याग, बलिदान और आदर्शों का भी अध्ययन करेंगे। हजूर साहिब, नांदेड़ की यात्रा के लिए कुरुक्षेत्र और सिरसा से विशेष रेलगाड़ियों का संचालन किया गया। इसके अलावा वर्ष 1984 के दंगा प्रभावित 121 परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का प्रावधान किया गया है। वीर बाल दिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंचकूला में इन परिवारों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सिरसा स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा चिल्ला साहिब की लगभग नौ एकड़ भूमि बिना किसी शुल्क के गुरुद्वारा साहिब के नाम हस्तांतरित की गई है। उन्होंने स्वयं संगत की उपस्थिति में इसके दस्तावेज सौंपे थे। उन्होंने बताया कि यमुनानगर में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का नाम श्री गुरु तेग बहादुर सिंह जी के नाम पर रखा गया है। इसी प्रकार अंबाला के गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज और टोहाना-जींद-धमतान साहिब मार्ग का नामकरण भी गुरु तेग बहादुर जी के सम्मान में किया गया है।

    नायब सिंह सैनी ने कहा कि सिख गुरुओं ने समानता, सेवा, करुणा, भाईचारे और सामाजिक न्याय का संदेश दिया। प्रधानमंत्री का ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ का मंत्र भी इसी भावना से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति की सेवा ही सच्चा धर्म है। उन्होंने कहा कि गुरुओं द्वारा शुरू की गई लंगर परंपरा हमें समानता और मानवता का संदेश देती है। यह व्यवस्था सिखाती है कि राजा और रंक, अमीर और गरीब सभी समान हैं। समाज से जात-पात, छुआछूत और भेदभाव को समाप्त कर एक समरस और सशक्त समाज का निर्माण करना समय की आवश्यकता है।

    युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे सिख गुरुओं के गौरवशाली इतिहास और बलिदानों से प्रेरणा लें। जब युवा अपने इतिहास और विरासत को जानेंगे तो उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे राष्ट्र निर्माण में अधिक प्रभावी योगदान दे सकेंगे। मुख्यमंत्री ने गुरु अर्जन देव जी के बताए सत्य, सेवा, करुणा और सिमरन के मार्ग पर चलने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यही गुरु साहिब को सच्ची श्रद्धांजलि होगी और यही समाज में शांति, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का सबसे प्रभावी मार्ग है।

    इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा, हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार जगदीश सिंह झींडा, बडखल विधायक धनेश अदलखा, मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. प्रभलीन सिंह, ज्ञानी हरप्रीत सिंह, हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के उपाध्यक्ष स. गुरमीत सिंह, हरियाणा विधानसभा के पूर्व स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता, संत बाबा जोगा सिंह, सरदार जसदीप सिंह, महंत महेश मुनि, संत बाबा मान सिंह जुरासी वाले, स्वामी राजेश्वरानंद, बाबा सुल्तान सिंह व बाबा देवेंद्र सिंह इसराना सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

     

  • DMC And H के Surgeon Dr Anubhav Sharma ने Newyork के MCKC में प्रतिष्ठित Orthopedic प्रशिक्षण पूरा किया

    DMC And H के Surgeon Dr Anubhav Sharma ने Newyork के MCKC में प्रतिष्ठित Orthopedic प्रशिक्षण पूरा किया

    लुधियाना: उत्तर भारत में ऑर्थोपेडिक कैंसर उपचार को नई मजबूती मिली है। दयानंद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (डीएमसी एंड एच), लुधियाना के ऑर्थोपेडिक्स विभाग में सहायक प्रोफेसर डॉ. अनुभव शर्मा ने अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित मेमोरियल स्लोन केटरिंग कैंसर सेंटर (एमएसकेसीसी) में प्रतिष्ठित क्लीनिकल ऑब्जर्वरशिप सफलतापूर्वक पूरी की है। एमएसकेसीसी दुनिया के अग्रणी कैंसर अस्पतालों में गिना जाता है।

    इस प्रशिक्षण के दौरान डॉ. शर्मा ने एमएसकेसीसी में ऑर्थोपेडिक सर्जरी विभाग की प्रमुख और जैक बर्न चेयर धारक डॉ. कैरोल मॉरिस के मार्गदर्शन में कार्य किया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जटिल हड्डी एवं सॉफ्ट टिश्यू ट्यूमर के लिए उन्नत सर्जिकल योजना और आधुनिक उपचार पद्धतियों को समझना था।

    डॉ. शर्मा ने मल्टीडिसिप्लिनरी ट्यूमर बोर्ड चर्चाओं, वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित निर्णय प्रक्रिया, आधुनिक इमेजिंग तकनीकों, बेहतर प्री-ऑपरेटिव प्रबंधन और विभिन्न विशेषज्ञों के संयुक्त उपचार मॉडल का अनुभव प्राप्त किया। ये सभी पहलू मरीजों के बेहतर स्वास्थ्य लाभ और जीवन गुणवत्ता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डॉ. शर्मा के प्रदर्शन की न्यूयॉर्क के वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञों ने सराहना की। डॉ. कैरोल मॉरिस ने उनकी “जटिल ऑर्थोपेडिक ऑन्कोलॉजी मामलों की गहरी समझ” और उन्नत सर्जिकल तकनीकों को तेजी से सीखने की क्षमता की प्रशंसा की। इस उपलब्धि के साथ डॉ. शर्मा जटिल अंग-संरक्षण सर्जरी और ऑर्थोपेडिक ट्यूमर सर्जरी से जुड़ा वैश्विक अनुभव भारत लेकर आए हैं।

    अपने अनुभव साझा करते हुए डॉ. अनुभव शर्मा ने कहा, “मैं अपनी संस्था का धन्यवाद करता हूं, जिसने मुझे यह अवसर प्रदान किया। एमएसकेसीसी में प्रशिक्षण मेरे लिए एक परिवर्तनकारी अनुभव रहा। डॉ. कैरोल मॉरिस के मार्गदर्शन में मुझे जटिल सर्जिकल योजना और अंग-संरक्षण तकनीकों को नजदीक से समझने का अवसर मिला। मैंने देखा कि विशेषज्ञों के बीच समन्वय, सटीक उपचार और मरीज-केंद्रित निर्णय किस तरह बेहतर परिणाम सुनिश्चित करते हैं। मैं इन वैश्विक मानकों को डीएमसी एंड एच में लागू कर मरीजों को सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराने का प्रयास करूंगा।”

    डीएमसी एंड एच मैनेजिंग सोसाइटी के सचिव बिपिन गुप्ता ने कहा, “यह उपलब्धि केवल हमारी संस्था के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत में ऑर्थोपेडिक सर्जरी सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। हमारी संस्था हमेशा उन्नत चिकित्सा शिक्षा और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रयासरत रही है।” डीएमसी एंड एच के प्रिंसिपल डॉ. जी. एस. वांडर ने कहा, “एमएसकेसीसी जैसी विश्व प्रसिद्ध संस्था से प्राप्त ज्ञान और अनुभव हमें मरीजों की देखभाल के स्तर को और बेहतर बनाने में मदद करेगा। डॉ. शर्मा की उपलब्धि हमारी संस्था की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत हम वैश्विक अनुभव को मरीजों की बेहतर देखभाल, शिक्षा और शोध में बदलने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।”

    यह ऑब्जर्वरशिप एमएसकेसीसी और डीएमसी एंड एच के बीच शैक्षणिक और क्लीनिकल सहयोग की नई संभावनाएं भी लेकर आई है। इस साझेदारी का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा नवाचारों को डीएमसी एंड एच से जोड़ना है, ताकि स्थानीय मरीजों को विश्वस्तरीय उपचार के लिए विदेश जाने की आवश्यकता न पड़े।

     

  • Punjab News: अनोखे अंदाज में ई-रिक्शा से बैटरियां चोरी, लोगों से गुहार लगा परिवार ने खुलवाया घर का गेट, देखें वीडियो

    Punjab News: अनोखे अंदाज में ई-रिक्शा से बैटरियां चोरी, लोगों से गुहार लगा परिवार ने खुलवाया घर का गेट, देखें वीडियो

    लुधियानाः शहर के चौड़ा बाजार के अधीन आते गुलशमन गली में अनोखे अंदाज में चोरों द्वारा वारदात को अंजाम दिया गया। दरअसल, चोरों द्वारा पीड़ित परिवार सहित लोगों के घरों के मुख्य द्वारा पर रस्सियां बांध दी गई। जिसके बाद चोर ई-रिक्शा से 4 बैटरियां चुराकर फरार हो गए। घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घटना को अंजाम देर रात 2 बजे दिया गया। मामले की जानकारी देते हुए मंयक ने बताया कि वह देर रात एक बजे घर आया था। इस दौरान चोरों द्वारा देर रात 2 बजे घटना को अंजाम दिया गया। पीड़ित के अनुसार एक्टिवा पर सवार आए 2 सिख व्यक्तियों द्वारा अंजाम दिया गया।

    घटना का उन्हें सुबह उस समय पता चला, जब वह ई-रिक्शा के लिए व्यक्ति आया। इस दौरान घर के बाहर रस्सियां बांधने से वह बाहर नहीं आ सके। परिवार ने लोगों को आवाज देकर घरों के गेट की रस्सियां खुलवाई। जिसके बाद जब ई-रिक्श स्टार्ट करने लगे तो उन्हें बैटरियां चोरी होने के बारे में पता चला। जिसके बाद सीसीटीवी कैमरे चैक किए तो पता चला है कि हथियारों से लैस होकर 2 सिख व्यक्ति आए। घटना को चोरों ने अनोखे अंदाज में दिया। चोरों ने पहले 4 से 5 घरों के मुख्य गेट को रस्सियों से बांध दिया ताकि शोर की आवाज सुनकर कोई बाहर ना आ सके।

    इस दौरान एक व्यक्ति द्वारा हथौड़े से ई-रिक्शा को तोड़कर बैटरियां चुराई गई। पीड़ित ने कहा कि घटना से कुछ कदम दूर थाना 3 नंबर डिविजन है, लेकिन चोरों को पुलिस का कोई खौफ नहीं है। घटना की शिकायत पीड़ित द्वारा पुलिस को दे दी गई है। वहीं सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति पहले ई-रिक्शा के पास आता है और ईधर-उधर देखने लग जाता है। जिसके बाद उसने ई-रिक्शा से रस्सियां निकाली और आस-पास घरों के मुख्य गेट पर बांध दी। जिसके बाद दूसरा साथी भी आ गया और अन्य घरों पर रस्सियां बांध दी।

  • Punjab News: 16 वारदातों को अंजाम दे चुके 3 लुटेरे गिरफ्तार, भारी मात्रा में सामान बरामद, देखें वीडियो

    Punjab News: 16 वारदातों को अंजाम दे चुके 3 लुटेरे गिरफ्तार, भारी मात्रा में सामान बरामद, देखें वीडियो

    लुधियनाः क्राइम की वारदातों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए थाना सलेम टाबरी की पुलिस ने स्नेचिंग की वारदातों को अंजाम देते 3 लुटेरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान आरोपियों की पहचान करन मसीह, फुम्मन सिंह और राहुल के रूप में हुई है। गिरफ्तार किए गए आरोपी मोबाइल और बाइक चोरी करने की वारदातों को अंजाम दे चुके है। पुलिस को आरोपियों के कब्जे से 12 मोबाइल और 4 बाइक चोरी बरामद हुए है।

    पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की गहनता से जांच कर रही है। मामले की जानकारी देते हुए एडीसीपी समीर वर्मा ने कहा कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने अभी तक 16 वारदातों को अंजाम दिया है। हाल ही में मोहल्ला अशोक नगर से एक वीडियो सामने आया था, जहां बेटी के साथ दवाई लेने जा रही एक महिला को बाइक सवार बदमाशों ने निशाना बना लिया। पीड़ित महिला अनीता घर से दवाई लेने के लिए मोहल्ले की एक दुकान पर जा रही थी।

    इसी दौरान स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार 2 बदमाश उसके पास आए और झपट्टा मारकर उसका मोबाइल छीन ले गए थे। एडीसीपी समीर वर्मा के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ कुल 4 मामले पहले दर्ज है। सभी आरोपियों की आयु 24 से 25 साल है। ये आरोपी नशा करने के आदी है। नशे की पूर्ति के लिए बदमाश वारदातों को अंजाम देते थे। लुटेरे बाइक चुरा आगे किसे बेचते थे या पुर्जा-पुर्जा करके कबाड़ में सप्लाई करते थे इसकी जांच करवाई जा रही है। वहीं बाइक मास्टर चाबी से खोलते थे या किसी अन्य तरीके से यह भी आरोपियों से पूछा जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द इस केस में और भी अहम खुलासे हो सकते है।

     

     

     

  • Punjab News: धर्म पर गरमाई सियासतः CM MANN का आया बयान, बनाई गई मेरी फर्जी वीडियो, देखें Live

    Punjab News: धर्म पर गरमाई सियासतः CM MANN का आया बयान, बनाई गई मेरी फर्जी वीडियो, देखें Live

    चंडीगढ़ः आम आदमी पार्टी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के विवादित वीडियो से जुड़ी 2 जांच रिपोर्ट जारी कीं। दरअसल, आज सुबह ही रिपोर्ट वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और पार्टी के महासचिव बलतेज पन्नू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जारी की। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को बदनाम करने की साजिशें रची जा रही हैं। वहीं अब सीएम मान ने लाइव होकर कहा कि इस वीडियो में उनका कद मेल नहीं खाता है। सीएम मान ने लोगों से अपील की है कि झूठे झांसे में ना आए। बता दें कि धर्म को लेकर सियासत गरमा गई है।

    जहां विपक्ष इसे धर्म से जोड़कर देख रहा है और धार्मिक भावनाएं आहत होने का कह रहा है। वहीं सीएम मान ने वायरल वीडियो को लेकर कहा कि उनके द्वारा 2 लैब से इसकी जांच करवाई गई है, जिसमें यह वीडियो उनकी नहीं पाई गई। सीएम मान कहा कि वह फेक वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ लीगल एक्शन लेंगे। उन्होंने कहा कि जब से वह राजनीति में आए है, तभी से वह लोगों की सेवा करने में लगे हुए है। छोटे साहिबजादों को हिस्ट्री में कभी पार्टियामेंट में श्रद्धाजंलि नहीं दिलाई गई थी। लेकिन गुरु साहिब ने उनसे सेवा ली गई और पहली बार सासंद में छोटे साहिबजादों को श्रद्धाजंलि दी गई।

    इसके बाद पंजाब के सीएम बनने के बाद उनके पास गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी के टेक्स माफ ना होने का मामला सामने आया। इस दौरान सेवा करते हुए पालकी साहिब की सभी गाड़ियों का टेक्स माफ किया गया। 350 साल के शहीदी पूर्व पर पंजाब में बढ़ियां प्रबंध किए गए और लोगों ने काफी तारीफ भी की। इसके बाद आनंदपुर साहिब में स्पेशल सेशन रखा गया और तीन शहरों को पवित्र शहर का दर्जा दिया गया, जिसके आज तक किसी सरकार ने नहीं किया। इसके बाद बेअदबी कानून को लेकर पहले आरोपी जेलों से बाहर आ जाते थे, लेकिन अब सख्त कानून बनाने पर लोग तारीफ कर रहे है।

    सीएम मान ने कहा कि वह हैरान है कि धर्म के कुछ ठेकेदारों द्वारा उनके नाम लगाकर फेक वीडियो जारी की गई। वीडियो में व्यक्ति उसकी तरह काम कर रहा है और उसकी पता नहीं कहां से जांच करवाई और उसे पंथ का दोषी करार दिया जा रहा है। इस दौरान कहा जा रहा है कि सीएम भगवंत मान को मुंह ना लगाया जाए। सीएम मान ने कहा कि यह उनके खिलाफ सरेआम राजनीति बयानबाजी है। उन्होंने कहा कि 2 रिपोर्ट उनके पास है, जोकि पंजाब से बाहर की लैब से संबंधित है। इस वीडियों की रिपोर्ट में पाया गया कि उनके कद से वायरल वीडियो के व्यक्ति के कद से एक इंच का अतंर है। सीएम मान ने कहा कि यह वीडियो कब की है और किसने बनाई है और कहां की है, इसके बारे में किसी को कुछ नहीं पता है। सीएम मान ने कहा कि मुझे बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

     

  • Jalandhar के पूर्व सांसद नरेश गुजराल से 7.80 करोड़ की ठगी

    Jalandhar के पूर्व सांसद नरेश गुजराल से 7.80 करोड़ की ठगी

    जालंधर, ENS: देश के पूर्व प्रधानमंत्री आईके गुजराल के बेटे व पूर्व राज्य सभा सदस्य नरेश गुजराल से धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। जालंधर में जन्में पूर्व सासंद बड़े साइबर धोखाधड़ी के शिकार हो गए। इस मामले में बदमाशों ने व्हाट्सएप पर नरेश गुजराल की फोटो का इस्तेमाल कर उनकी कंपनी के कर्मचारी को झांसे में लिया और लगभग 7.80 करोड़ रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए। हालांकि दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए करीब 4 करोड़ रुपये फ्रीज़ करवा दिए।

    जानकारी के अनुसार, धोखेबाजों ने नरेश गुजराल की फोटो का इस्तेमाल किया और व्हाट्सएप पर उनके एक कर्मचारी को संदेश भेजा, जिसमें अपना नाम गुजराल बताकर बात करनी शुरू कर दी। धोखेबाज ने कर्मचारी से कहा कि वह एक महत्वपूर्ण मीटिंग में व्यस्त है और उसे तुरंत ARTS (RTGS) के माध्यम से बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करने की आवश्यकता है। विश्वास में आकर कर्मचारी ने निर्देशों का पालन किया, जिसके बाद करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी हो गई। व्हाट्सएप पर एक नकली आईडी बना कर धोखेबाज ने गुजराल के कर्मचारी से 7.80 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवाए। पुलिस ने केस दर्ज होने के बाद लगभग 4 करोड़ रुपये फ्रीज़ कर दिए गए। हालांकि बाकी रकम की रिकवरी की जा रही है।

    धोखाधड़ी का पता तब चला जब कर्मचारी ने ट्रांसफर के बारे में नरेश गुजराल की बेटी दीक्षा गुजराल को जानकारी दी। दीक्षा को शक हुआ और उसने तुरंत अपने पिता से संपर्क किया। नरेश गुजराल ने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी को भी पैसे भेजने के लिए नहीं कहा था और वह इस लेन-देन से पूरी तरह अनजान थे। जांच के दौरान पाया गया कि साइबर ठगों ने नरेश गुजराल बनकर व्हाट्सएप के जरिए संदेश भेज रहे थे। नरेश गुजराल ने बताया कि अधिकतर रकम समय पर फ्रीज़ हो गई, इसलिए दोषी पूरी रकम निकालने में कामयाब नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि बैंक ने ट्रांसफर से पहले कंपनी के सीएफओ से भी पुष्टि की थी, लेकिन सीएफओ को लगा कि निर्देश खुद नरेश गुजराल की ओर से आए हैं। लेकिन बाद में पता चला कि यह पूरा मामला साइबर धोखाधड़ी का था।

  • Iran-America की डील पर खुश हुए थे Shehbaaz Sharif, बाद में डिलीट कर दी पोस्ट, वायरल हुए Tweets

    Iran-America की डील पर खुश हुए थे Shehbaaz Sharif, बाद में डिलीट कर दी पोस्ट, वायरल हुए Tweets

    नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच डील हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने इलेक्ट्रॉनिक रुप से हस्ताक्षर किए है। दोनों देशों के बीच में हुई इस डील पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ गदगद है। उन्होंने खुद को शांति का मसीहा घोषित करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है हालांकि शहबाज शरीफ की डींगे हांकने वाली आदत के कारण पाकिस्तान को शर्मिंदगी को सामना करना पड़ रहा है।

    ईरान ने कर दिया था इंकार

    यह उलटफेर तब हुआ जब ईरान ने सार्वजनिक रुप से क्लीयर किया कि डील MOU पर अमेरिका और ईरान के राष्ट्रपतियों ने डिजिटल रुप से हस्ताक्षर किए गए थे। स्विट्जरलैंड में कोई हस्ताक्षर समारोह आयोजित नहीं किया जाएगा। शहबाज शरीफ ने एक्स पर अपने पोस्ट से बाद में हटाए गए पैराग्राफ में कहा था कि – पाकिस्तान को मीडिएटर कतर के समर्थन से इस ऐतिहासिक घटना को याद रखने के लिए और तकनीकी स्तर की वार्ता शुरु करने के लिए 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, ऑफिशियल समारोह की मेजबानी करेगा। हालांकि शहबाज के दूसरे पोस्ट में यह दावा बरकरार रखा गया था। इस डील को मैंने ही करवाया है लेकिन प्रस्तावित समारोह के मेजबान के रुप में पाकिस्तान की भूमिका से संबंधित पूरे पैराग्राफ को हटा दिया गया था। इस बात पर सवाल उठ रहे हैं कि इस्लामाबाद उस समझौते के दो प्रमुख पक्षों के साथ कितनी नजदीकी से बातचीत कर रहा था। इसे उसने एक बड़ी पाकिस्तानी डिप्लोमेसी उपलब्धि के रुप में किया है।

    ईरानी विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

    ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघई ने इससे पहले कहा था कि डील पर डिजिटल रुप से हस्ताक्षर किए जाएंगे और स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर समारोह आयोजित नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि – बातचीत करने वाली टीमों के जिनेवा में होने की योजना तैयार है परंतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर डिजिटल माध्यम से होंगे और स्विटजरलैंड में हस्ताक्षर समारोह आयोजित नहीं किया जाएगा।

    शहबाज शरीफ के उलट था ईरान का जवाब

    ईरान का बयान शहबाज शरीफ की उस घोषणा के पूरी तरह उलट था जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान 19 जून को स्विटजरलैंड में एक आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह की मेजबानी करेगा। 15 जून को एक पिछली पोस्ट में शरीफ ने घोषणा की थी कि अमेरिका और ईरान एक शांति समझौते पर पहुंच गए हैं और आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह 19 जून को स्विटजरलैंड में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मध्यस्थ तकनीकी स्तर की वार्ता और औपचारिक हस्ताक्षर समारोह की तैयारी के लिए हफ्ते के दौरान बैठकों की सुविधा प्रदाऩ करेंगे। बाद में एक पोस्ट में मसौदे पर इलेक्ट्रोनिक हस्ताक्षर की घोषणा करते हुए शरीफ ने कहा कि इस पर अमेरिका और ईरान के राष्ट्रपतियों ने हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने मध्यस्थ के रुप में इसका समर्थन किया है हालांकि उन्होंने पहले की पोस्ट को डिलीट कर दिया और उसमें से वह पैराग्राफ हटा दिया है। इसमें कहा गया था कि पाकिस्तान कतर के समर्थन से 19 जून के समारोह की मेजबानी करेगा।