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  • Personal Health Gadgets बन चुके AI पावर्ड गैजेट्स, डॉक्टर की तरह ऐसे बतातें हैं सेहत का हाल

    Personal Health Gadgets बन चुके AI पावर्ड गैजेट्स, डॉक्टर की तरह ऐसे बतातें हैं सेहत का हाल

    नई दिल्लीः आज की टेक-फ्रेंडली दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने हेल्थकेयर सेक्टर को पूरी तरह बदल दिया है। अब आपको अपनी सेहत की जांच के लिए बार-बार डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ती।

    AI-पावर्ड वियरेबल गैजेट्स और स्मार्टफोन ऐप्स अब खुद ही आपकी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी इकट्ठा, विश्लेषण और सलाह देने में सक्षम हो गए हैं। ये डिवाइसेज न सिर्फ आपकी बॉडी की एक्टिविटी को ट्रैक करते हैं, बल्कि रियल-टाइम हेल्थ अलर्ट और हेल्थ रिस्क का पूर्वानुमान भी लगा सकते हैं।

    1. नींद की मॉनिटरिंग: स्लीप क्वालिटी पर रखी जाती है नजर
    AI बेस्ड स्मार्टवॉच और स्मार्ट रिंग्स आपकी नींद की गहराई, रुकावटें और कुल नींद का समय रिकॉर्ड करते हैं। ये डिवाइसेज स्लीप एनालिसिस के आधार पर आपको बेहतर नींद के लिए सुझाव भी देते हैं, जैसे सोने का समय तय करना, कैफीन से परहेज आदि।

    2. हार्ट रेट और स्ट्रेस डिटेक्शन: धड़कनों से पता चलता है तनाव
    AI डिवाइसेज लगातार आपकी हार्टबीट मॉनिटर करते हैं। यदि आपकी धड़कन सामान्य से तेज या धीमी होती है, तो ये डिवाइसेज तुरंत अलर्ट भेजते हैं। कुछ उन्नत गैजेट्स तो ECG रिकॉर्डिंग भी करते हैं, जो हृदय संबंधी बीमारियों का शुरुआती संकेत दे सकते हैं।

    3. एक्टिविटी और फिटनेस ट्रैकिंग: हर कदम की निगरानी
    AI फिटनेस बैंड्स आपके चलने के कदम, वर्कआउट, कैलोरी बर्न, सीढ़ियां चढ़ने जैसी फिजिकल एक्टिविटीज को ट्रैक करते हैं। आपकी फिटनेस हैबिट को समझकर ये डिवाइसेज पर्सनलाइज्ड एक्सरसाइज प्लान सजेस्ट करते हैं।

    4. हेल्थ रिस्क डिटेक्शन: बीमारियों का पहले ही संकेत
    AI एल्गोरिद्म लॉन्ग टर्म हेल्थ डेटा को एनालाइज करके संभावित स्वास्थ्य जोखिमों की पहचान करते हैं। जैसे — आपको हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या स्लीप डिसऑर्डर का खतरा तो नहीं। इस तरह के समय रहते मिले अलर्ट आपको बचाव का मौका देते हैं।

    5. स्मार्ट हेल्थ रिपोर्ट: आपकी जेब में हेल्थ कोच
    AI हेल्थ ऐप्स आपको साप्ताहिक या मासिक रिपोर्ट देते हैं, जिसमें आपकी सेहत की प्रगति, कमजोर पहलू और सुधार की जरूरत को दर्शाया जाता है। ये सलाहें किसी डॉक्टर या फिटनेस कोच जैसी होती हैं — फर्क सिर्फ इतना है कि ये आपके स्मार्टफोन में रहती हैं।

    (Disclaimer): यह लेख केवल सामान्य जागरूकता और सूचना के लिए है। किसी भी तरह का इलाज शुरू करने या जीवनशैली में बदलाव करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें। AI गैजेट्स से मिली जानकारी सहायक हो सकती है, लेकिन यह क्लिनिकल निदान का विकल्प नहीं है।

  • इस इलाकें में पहुंची बटालियन कमांडेंट Kamal Sisodia, शहीदों को किया नमन, देखें वीडियो

    इस इलाकें में पहुंची बटालियन कमांडेंट Kamal Sisodia, शहीदों को किया नमन, देखें वीडियो

    चंडीगढ़ः दुनिया के सबसे बड़े अर्धसैनिक बलों में शुमार केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने आज अपना 87वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया। सेक्टर 43 स्थित 13वीं बटालियन, सीआरपीएफ कैंपस में इस अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसकी अगुवाई बटालियन की कमांडेंट कमल सिसोदिया ने की।

    सीआरपीएफ की स्थापना 27 जुलाई, 1939 को “क्राउन रिप्रेजेंटेटिव पुलिस” के रूप में हुई थी। तब से लेकर अब तक यह बल 239 बटालियनों के साथ देश के सबसे पुराने, सशक्त और सम्मानित केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में शामिल हो चुका है। यह बल न सिर्फ आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी अभियानों और चुनावी ड्यूटी में अहम भूमिका निभाता है, बल्कि सीमाओं पर भी अपने शौर्य और बलिदान से देश को गौरवान्वित करता है। अब तक 2264 सीआरपीएफ जवान देश की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हो चुके हैं। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और जवानों ने इस बल के इतिहास, बलिदान और योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

  • ढह ढेरी हुई स्कूल की दीवार, छूट्टी के चलते बची कई जानें

    ढह ढेरी हुई स्कूल की दीवार, छूट्टी के चलते बची कई जानें

    उदयपुर: राजस्थान में स्कूली भवनों की जर्जर स्थिति अब एक सामान्य समस्या बनती जा रही है। ताजा मामला उदयपुर जिले के वल्लभनगर ब्लॉक के रूपावली गांव का है, जहां रविवार सुबह एक सरकारी स्कूल की दीवार अचानक ढह गई। सौभाग्यवश रविवार को अवकाश होने के कारण स्कूल में कोई छात्र या स्टाफ मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना ने हाल ही में झालावाड़ जिले में हुई दर्दनाक त्रासदी की यादें फिर से ताजा कर दी हैं, जिसमें स्कूल की छत गिरने से सात मासूम बच्चों की मौत हो गई थी।

    स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि वे लंबे समय से स्कूल भवन की खस्ताहाली को लेकर शिक्षा विभाग और प्रशासन को आगाह कर रहे थे। शनिवार को ही ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर विद्यालय को बच्चों की जान के लिए खतरा बताया था। लेकिन अधिकारियों ने न तो स्थल निरीक्षण किया और न ही किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था की।

    रविवार को हुई यह घटना इस लापरवाही का परिणाम है, जब भवन की एक दीवार अचानक भरभरा कर गिर गई। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के चलते दीवार की हालत और कमजोर हो गई थी। पहले से ही भवन की कई दीवारों में दरारें थीं। हादसे के बाद गांव में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने मांग की है कि शिक्षा विभाग और लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते कदम उठाए होते, तो यह हादसा टाला जा सकता था।

    राजस्थान सरकार की एक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में 2,710 से अधिक स्कूल भवन जर्जर हैं। मरम्मत के लिए 254 करोड़ रुपये की जरूरत थी, लेकिन अब तक केवल 79.24 करोड़ रुपये का बजट ही जारी किया गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या बच्चों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता में है?

    इस घटना के बाद कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है। उनका आरोप है कि झालावाड़ जैसी घटनाओं से भी सरकार ने कोई सबक नहीं लिया। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के पुराने बयान – “मैं अपनी जेब से स्कूल की मरम्मत नहीं कर सकता” – को लेकर भी सरकार की आलोचना हो रही है।

    बाल अधिकार कार्यकर्ताओं और शिक्षाविदों ने कहा है कि अब समय आ गया है कि खतरनाक स्कूल भवनों में कक्षाएं पूरी तरह बंद की जाएं। उन्होंने सभी स्कूलों का भौतिक ऑडिट, बारिश के मौसम में वैकल्पिक व्यवस्था और शिक्षकों को आपातकालीन स्थितियों में ट्रेनिंग देने की मांग की है। वल्लभनगर की यह घटना सिर्फ एक इत्तेफाक नहीं, बल्कि एक भविष्य की चेतावनी है। अगर सरकार ने अब भी संजीदगी नहीं दिखाई, तो राज्य के अन्य जिलों में भी ऐसे भीषण हादसे हो सकते हैं। अब सवाल यही है — क्या राजस्थान सरकार सिर्फ सर्वे और समितियों तक सीमित रहेगी, या जमीन पर ठोस कदम उठाएगी?

  • Punjab News: ISI से जुड़ा तस्कर गिरोह काबू, बड़ी मात्रा में हथियारों की खेप बरामद

    Punjab News: ISI से जुड़ा तस्कर गिरोह काबू, बड़ी मात्रा में हथियारों की खेप बरामद

    अमृतसरः जिले को अपराध मुक्त करने के लिए पुलिस लगातार सतर्कता दिखा रही है। विभिन्न अभियान चलाकर पुलिस शरारती तत्वों पर कड़ी कार्रवाई करके उनकी धरपकड़ कर रही है। ताजा मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। अमृतसर रूरल पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों की मदद से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े एक तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह भारत में हथियार और ड्रग्स भेजने के काम में शामिल था। पुलिस ने इस कार्रवाई में 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से बड़ी मात्रा में हथियार, गोलियां और नकदी बरामद की गई है।

    पुलिस को शुरुआती जांच में पता चला है कि इनका सीधा संपर्क पाकिस्तान में बैठे ISI एजेंटों से था। बताया जा रहा है कि पकड़ी गई खेप नव उर्फ नव पंडोरी को सौंपी जानी थी, जो कुख्यात गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया का नजदीकी साथी माना जाता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह नेटवर्क आतंकवाद और गैंगस्टर गिरोहों के गठजोड़ का हिस्सा है। पुलिस ने आरोपियों से एक AK सैगा 308 असॉल्ट राइफल (2 मैगजीन सहित) दो ग्लॉक 9mm पिस्तौल (4 मैगजीन सहित), AK राइफल के 90 जिंदा कारतूस, 9mm के 10 जिंदा कारतूस, 7.50 लाख की ड्रग मनी, एक कार और 3 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

    डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पुलिस प्रदेश में आतंकवाद, संगठित अपराध और तस्करी जैसे अपराधों को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस ने यह भी कहा कि राज्य में शांति, सुरक्षा और सद्भाव बनाए रखने के लिए इस तरह की कार्रवाइयां आगे भी जारी रहेंगी।

  • मालदीव में PM Modi को मिला खूब सम्मान, राष्ट्रपति ने की तारीफ, बौखलाया चीन कह दी ये बात

    मालदीव में PM Modi को मिला खूब सम्मान, राष्ट्रपति ने की तारीफ, बौखलाया चीन कह दी ये बात

    नई दिल्ली: पीएम नरेंद्र मोदी ने अपनी दो दिन की मालदीव यात्रा पूरी कर ली है और वह भारत लौट आए हैं। पीएम का यह दौरा इसलिए खास रहा है क्योंकि उन्हें मालदीव के स्वतंत्रता दिवस समारोह में चीफ गेस्ट के तौर पर आमंत्रित किया गया था। आपको बता दें कि राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जु के सत्ता में आने के बाद किसी भी विदेशी नेता की यह पहली यात्रा रही है जिसमें उन्होंने इतने बड़े इवेंट में हिस्सा लिया है। इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने एक अहम ऐलान किया है। अपनी विकास भागीदारी को मजबूत करने के लिए उन्होंने 565 मिलियन डॉलर या 4800 करोड़ रुपये से ज्यादा के क्रेडिट लाइन का ऐलान किया है। आपको बता दें कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत शुरु करने की यह पहल है परंतु इस दौरे से चीन की परेशानी बढ़ गई है। चीनी एक्सपर्ट्स को बहुत ही दिक्कत हो रही है।

    भारतीय मीडिया कवरेज पर चीन ने जताई आपत्ति

    चीनी मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने यह रिपोर्ट किया है कि भारतीय मीडिया ने इस दौरे को चीन की मालदीव में पकड़ कम होने के तौर पर दिखाया है। चीनी मीडिया ने भारतीय मीडिया कवरेज का हवाला देते हुए मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के उन बयानों का भी जिक्र किया है जिसमें उन्होंने भारत को फर्स्ट रिस्पॉन्डर और सबसे भरोसेमंद साझेदार बताया है। भारतीय मीडिया कवरेज पर चीनी एक्सपर्ट्स ने नाराजगी जताई है। ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट में Tsinghua University के National Strategy Institute के रिसर्च डायरेक्टर कियान फेंग के हवाले से कहा गया है कि भारतीय मीडिया का नजरिया पुरानी आउटडेटेड मांडइसेट को दर्शाता है जो कि जीरो-सम गेम मानसिकता पर आधारित है। इसके साथ ही चीनी एक्सपर्ट्स ने मालदीव के हितों की वकालत की है। उन्होंने स्वघोषित तौर पर कहा है कि वह चीन से भी करीबी रिश्ता बनाए रखना चाहते हैं। इसके अलावा चीनी एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि मालदीव चीन के Belt and Road Initiative में भी शामिल है वो दोनों देशों के साथ संतुलित विदेशी नीति अपनाने की कोशिश कर रहा है।

    मोहम्मद मुइज्जू के बयानों का किया जिक्र

    ग्लोबल टाइम्स ने मोहम्मद मुइज्जू के चीन दौरे और उनके बयानों का भी जिक्र किया है। उन्होंने लिखा है कि – जनवरी में चीन यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मुइज्जू ने कहा था कि मालदीव हमेशा चीन का सबसे करीबी साथी बना रहना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा है कि मालदीव दुनिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने में चीन की भूमिका की सराहना करता है और वैश्विक न्याय और निष्पक्षता के लिए चीन के साथ कोऑर्डिनेशन और कोऑपरेशन को मजबूत करेगा।
  • Punjab News: शिरोमणि अकाली दल की रैली में पहुंचे सीनियर नेता, देखें वीडियो

    Punjab News: शिरोमणि अकाली दल की रैली में पहुंचे सीनियर नेता, देखें वीडियो

    गुरदासपुर: गांव बाड़ा में शिरोमणी अकाली दल की एक बड़ी रैली आयोजित हुई। इस रैली की अगुआई सीनियर अकाली दल नेता नरिंदर सिंह बाड़ा ने की। उनके साथ इस दौरान जिले के अध्यक्ष सुच्चा सिंह लंगाह भी मौजूद थे। अकाली कार्यकर्ताओं में इस दौरान भारी उत्साह देखा गया।

    संवाददाता जसविंदर बेदी ने बताया कि शिरोमणी अकाली दल को मजबूत करने के उद्देश्य से पूर्व मंत्री और गुरदासपुर के जिला अध्यक्ष सुच्चा सिंह लंगाह लगातार गांवों में कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर रहे हैं। इसी श्रृंखला में आज बाड़ा गांव में यह रैली हुई है।

    जिला अध्यक्ष सुच्चा सिंह लंगाह ने कहा कि जो अकाली कार्यकर्ता अभी भी नाराज हैं उनको एकजुट होकर वापिस पार्टी में शामिल होना चाहिए ताकि पंजाब में फिर से अकाली दल को मजबूती के साथ स्थापित किया जा पाए। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि हवा का रुख बता रहा है कि पंजाब में एक बार फिर शिरोमणि अकाली दल की सरकार बन सकती है।

    उन्होंने कहा कि लोगों में अकाली दल को लेकर काफी उत्साह है और मौजूदा सरकार से लोगों का मोह टूट चुका है क्योंकि उन्होंने आम जनता के साथ विश्वातघात किया है। उन्होंने यह भी जोड़ा है कि जिन लोगों के माथे पर वजीर बनाने की लकीरें हैं वो जरुर बनेंगे। उन्हें रोकना कोई ताकत संभव नहीं है। उन्होंने नाराज कार्यकर्ताओं से अपील भी की है कि सभी एकजुट हो ताकि अकाली दल को फिर से मजबूत किया जा पाए।

  • Punjab News: सरहिंद नहर में गिरी कार, मची हड़कंप, देखें वीडियो

    Punjab News: सरहिंद नहर में गिरी कार, मची हड़कंप, देखें वीडियो

    बठिंडाः शहर के जोगर पार्क के पास आज सुबह सरहिंद नहर में एक कार गिरने का मामला सामने आया है। हादसे के वक्त कार में 3 लोग सवार थे, जिन्हें समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। फिलहाल कार पूरी तरह से नहर में डूबी हुई है और प्रशासन द्वारा उसे बाहर निकालने का प्रयास जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब कार अनियंत्रित होकर नहर के किनारे से फिसलती हुई सीधे सरहिंद नहर में जा गिरी। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और राहत दल को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंचे बचाव दल ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कार में फंसे तीनों लोगों को बाहर निकाल लिया। बठिंडा पुलिस और जल विभाग की टीमें मौके पर मौजूद थे। नहर में डूबी हुई कार को बाहर निकालने के लिए क्रेन और गोताखोरों की मदद ली जा रही है। पुलिस ने बताया कि घटना में कोई जानहानि नहीं हुई है, लेकिन नहर के किनारे सुरक्षा उपायों की कमी फिर से चर्चा में आ गई है। घटना के बाद आसपास के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि नहर किनारे मजबूत रेलिंग और चेतावनी संकेत लगाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को टाला जा सके।
  • Punjab News: दो पक्षों में विवाद रोकने गई महिला हुई घायल, देखें वीडियो

    Punjab News: दो पक्षों में विवाद रोकने गई महिला हुई घायल, देखें वीडियो

    फिरोजपुर: ममदोट के अंदर आते गांव लखमीर के उताड़ में दो पक्षों में एक खून-खराबा करने वाली वारदात सामने आई है। इस वारदात में शुरुआत में बर्गर खाने गए कुछ युवकों के बीच विवाद हो गया इसके चलते उन्होंने एक-दूसरे की पिटाई की। स्थिति इतनी खराब हो गई कि अगले दिन सुबह एक पक्ष अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए जा रहा था।

    इस दौरान सामने वाले पक्ष ने सड़क पर खड़े हुए व्यक्ति को घेर लिया। व्यक्ति की साइकिल तोड़ दी और उस पर हमला कर दिया। मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया जब दोनों ओर से एक-दूसरे पर हमले किए गए। झगड़े के दौरान महिला अपने पति को छुड़ाने के लिए भी आई लेकिन उस पर भी बेरहमी से हमला हुआ।

    उसको लोगों ने झोने में डालकर घसीटा। कुल मिलाकर दोनों पक्षों के लगभग पांच लोग बुरी तरह से घायल हो गए जिनको इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। दूसरे पक्ष का इस मामले में कहना है कि जब सीता पूरन सिंह और उसके बाकी साथी घर आए और उनके घर में तोड़फोड़ करने लग गए। इस दौरान गांव के दोनों पक्ष इसमें शामिल हो गए।

    उनमें झगड़ा हो गया और वे एक-दूसरे को पीटने लग गए। उस झगड़े में एक महिला भी घायल हो गई। उसको इलाज के लिए ममदोट सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। आपको बता दें कि इस झगड़ें में दोनों पक्ष के 5 लोग जख्मी हो गए हैं और अस्पताल में उनको दाखिल करवाया गया है।

  • Jalandhar News: वरुण हत्याकांड के आरोपी अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर, रोषित परिजनों ने लगाया धरना, देखें Live

    Jalandhar News: वरुण हत्याकांड के आरोपी अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर, रोषित परिजनों ने लगाया धरना, देखें Live

    जालंधरः भार्गव कैंप में हुए वरुण हत्याकांड के मामले में फरार चल रहे 2 आरोपियों की गिरफ्तारी न होने को लेकर पीड़ित परिवार ने रविवार दोपहर को श्री गुरू रविदास चौक में धरना प्रदर्शन किया। परिवार पुलिस की ढीली कारगुजारी पर सवाल उठा रहा है।

    मृतक के परिवार ने कहा कि उनके बेटे वरुण के सीने में बदमाशों ने चाकू मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद पुलिस ने अभी 2 ही आरोपियों को गिरफ्तार कर खुद ही अपनी पीठ थपथपा ली थी, लेकिन 2 आरोपी सोनू पंडित और शिवा पुलिस की पहुंच से बाहर चल रहे हैं। उन्होंने पुलिस की कारगुजारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि वरुण की हत्या के आरोपी सरेआम घूम रहे है, जिससे उन्हें खतरा है लेकिन पुलिस आरोपियों को पकड़ने में असफल है।

    परिवार के सदस्य दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस के उच्च अधिकारियों और केबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत को मिल चुके है। पुलिस ने उन्हें हर बार आश्वासन देकर भेज दिया। पुलिस रिमांड दौरान आरोपियों से पता चला था कि हत्या से पहले सभी ने नशे किया था और नशा करने के बाद उन्होंने वरुण, लोकेश और विशाल पर हमला कर दिया था। हमले के दौरान वरुण के सीने में चाकू से वार होने के कारण उसकी मौत हो गई थी। वहीं लोकेश के 100 टांके और विशाल के 35 टांके लगे थे। पुलिस को यह पता चल गया कि नशे में वरुण की हत्या हुई लेकिन नशा तस्करों का पता नहीं चला।

    परिवार की मांग है कि नशा मुहैया करवाने वालों को भी पुलिस केस में नामजद करें। धरना लगाने से पहले परिवार के सदस्यों ने पुलिस को दो दिन का समय दिया था कि फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए, लेकिन आरोपी पुलिस की पहुंच से बाहर है, जिसके चलते उन्हें धरना प्रदर्शन करना पड़ा। वहीं धरना प्रदर्शन के दौरान पार्षद तरसेम लखौतरा, भार्गव कैंप थाने की पुलिस और उच्च अधिकारी मौके पर पहुंच गए है।

  • Punjab News: घर में काम करने वाली महिला बनी चोर, सोने के गहने चुराए, देखें CCTV

    Punjab News: घर में काम करने वाली महिला बनी चोर, सोने के गहने चुराए, देखें CCTV

    बठिंडा: घर में काम करने के लिए नौकरानी रखना एक परिवार को महंगा पड़ गया। काम करने के लिए आने वाली इस महिला ने घर में चोरी कर ली। उन्होंने एक घर से पांच तोले के सोने के गहने चोरी कर लिए। आपको बता दें कि यह घटना बठिंडा के बसंत बिहार गली नंबर 10 घर के मालिक बिक्रम सिंह के घर की बताई जा रही है। दोनों चालाक महिला नौकरानियों की तस्वीरें सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई हैं।

    सिविल लाइन थाना पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की मदद से दोनों चोर नौकरानियों को गिरफ्तार कर लिया है।
    इन चालाक चोर नौकरानियों को अदालत में पेश किया जाएगा और पुलिस रिमांड हासिल कर लेगी। दोनों नौकरानियां प्रवासी हैं और बिहार की रहने वाली हैं। दोनों नौकरानियों को सिविल लाइन थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है परंतु पांच तोले के गहने अभी बरामद करने हैं।

    सिविल लाइन थाना के एसएचओ ने लोगों से अपील भी की है कि यदि अपने घर कोई भी नौकर या नौकरानी रखने वाले हैं तो उनका आईडी प्रूफ, आधार कार्ड जरुर रखें और वेरीफिकेशन जरुर करवाएं नहीं तो घर किसी भी अनजान नौकर को न रखें क्योंकि इसका परिणाम ऐसा ही होगा परंतु हमने सीसीटीवी के आधार पर दोनों नौकरानियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनकी पहचान मन्जू के तौर पर हुई है जो बिहार की रहने वाली है।