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  • Jalandhar News: रिवाल्वर लेकर घूम रहे स्कूटी सवार अज्ञात युवकों की Social Media पर वीडियो वायरल, शिकायत दर्ज

    Jalandhar News: रिवाल्वर लेकर घूम रहे स्कूटी सवार अज्ञात युवकों की Social Media पर वीडियो वायरल, शिकायत दर्ज

    जालंधर: महानगर में इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ संदिग्ध युवक एक गली में एक्टिवा पर आते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि तीन से चार अज्ञात युवक दोपहिया वाहन (एक्टिवा) पर सवार होकर एक गली में पहुंचते हैं। गली में आने के बाद वे कुछ समय के लिए वहीं रुक जाते हैं और आसपास का जायजा लेते नजर आते हैं।
    युवक ने निकाली रिवॉल्वर वीडियो में आगे दिखाई देता है कि कुछ देर बाद एक युवक एक्टिवा से नीचे उतरता है। इसके बाद वह अपने पास से एक रिवॉल्वर जैसी वस्तु निकालता है। घर की घंटी बजाकर मौके से हुए फरार रिवॉल्वर निकालने के बाद युवक एक घर के बाहर पहुंचता है और उसकी डोरबेल बजाता है। बेल बजाने के तुरंत बाद वह वापस अपने साथियों के पास पहुंच जाता है। इसके बाद युवक एक्टिवा पर सवार होकर वहां से तेजी से फरार हो जाते हैं। राजा गार्डन का बताया जा रहा मामला मिली जानकारी के अनुसार यह घटना राजा गार्डन के पास स्थित एक गली की बताई जा रही है। वीडियो सामने आने के बाद मोहल्ला के लोगों ने सुरक्षा को लेकर चिंताई जताई है। पुलिस चौकी में दर्ज करवाई गई शिकायत मामले को लेकर लेदर कॉम्प्लेक्स स्थित पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज करवाई गई है। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच में जुट गई है और संदिग्ध युवकों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
  • पंजाब में पहली बार गन्ने का 100% बकाया चुकाया, किसानों को मिले ₹695.36 करोड़

    पंजाब में पहली बार गन्ने का 100% बकाया चुकाया, किसानों को मिले ₹695.36 करोड़

    चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब ने कृषि और सहकारी क्षेत्रों को मजबूत करने में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस तहत पहली बार पंजाब सरकार ने साल 2025-26 के पिढ़ाई सीजन के दौरान गन्ना किसानों के 100 प्रतिशत बकाए अदा कर दिए हैं। प्रदेश भर की शुगर मिलों ने रिकॉर्ड 167.20 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की और 695.36 करोड़ रुपये का भुगतान किया है, ताकि किसानों को उनकी फसल के बकाए का भुगतान सुनिश्चित किया जा सके। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की किसान कल्याण, फसल विविधीकरण और ग्रामीण समृद्धि के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। किसानों को पारंपरिक गेहूं-धान के चक्र से बाहर निकलने और गन्ने की खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करके, सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ कृषि विकास के नए अवसर पैदा किए हैं।

    गन्ने की खेती और शुगर मिलें रोजगार के अवसर पैदा करने और हजारों किसान परिवारों की सहायता में अहम भूमिका निभाती आ रही हैं। कृषि को और प्रोत्साहित करने के लिए सहकारी शुगर मिलों ने किसान-हितैषी कई पहल की हैं, जिनमें उन्नत बीजों की आपूर्ति, सब्सिडी वाली कृषि मशीनरी, उर्वरक, खरपतवार और कीटनाशक, मिट्टी जांच की सुविधाएं, जागरूकता शिविर और प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं। इन प्रयासों ने उत्पादन बढ़ाने और गन्ने की खेती में किसानों के विश्वास को मजबूत करने में बड़ा योगदान दिया है। भगवंत मान सरकार ने किसानों को समय पर भुगतान करने को भी प्राथमिकता दी है। साल 2025-26 के पेराई सीजन के दौरान खरीदे गए गन्ने के सभी भुगतान जारी किए गए, जिससे गन्ना उत्पादकों को बड़ी वित्तीय राहत मिली और सरकार की कृषि नीतियों में उनका भरोसा और मजबूत हुआ।

    भगवंत मान सरकार द्वारा बकाए का सीधा भुगतान ने गन्ने की खेती में किसानों का भरोसा बहाल किया: पाल सिंह

    गांव हुथियां के सरपंच और बटाला शुगर मिल से जुड़े किसान पाल सिंह ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा, “मैं पिछले 30 सालों से गन्ने की खेती कर रहा हूं और इस समय मेरे पास 20 एकड़ में गन्ने की खेती है। हम बटाला शुगर मिल से जुड़े हैं और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सरकार के अधीन मिल ने यह सुनिश्चित किया है कि राशि सीधे किसानों के खातों में पहुंचे। कुछ किसानों को 20 लाख रुपये, कुछ को 10 लाख रुपये और कुछ को 15 लाख रुपये सीधे उनके खातों में मिले हैं। उन्होंने आगे कहा, “हमारे खातों में जमा भुगतान ने किसानों का उत्साह बढ़ाया है। पहले भुगतान राशि समय के साथ किश्तों में आती थी। अब किसानों को बकाए सीधे उनके खातों में मिल गए हैं, जिससे हममें से कई लोगों को गेहूं और धान से आगे बढ़ने और गन्ने की खेती का विस्तार करने के लिए प्रोत्साहन मिला है।”

    भगवंत मान सरकार के समय पर भुगतान ने राहत दी और अन्य किसानों को गन्ने की खेती से जुड़ने के लिए प्रेरित किया-लखबीर सिंह

    मिल की शुरुआत से ही इससे जुड़े गांव आलोवाल के लखबीर सिंह ने कहा, “जब से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सत्ता में आए हैं, फसल के भुगतान में काफी सुधार हुआ है। पूरा भुगतान जारी करने के फैसले से बटाला मिल से जुड़े किसानों में खुशी की लहर है। जमीन मालिकों को उनके बकाए मिल गए हैं और वे बेहद संतुष्ट हैं। उन्होंने आगे कहा, “अगर गन्ने का भुगतान इसी तरह होता रहा तो किसान अधिक से अधिक गन्ने की खेती करने और मिलों से जुड़े रहने के लिए बहुत प्रेरित होंगे। मिल ने किसानों को बड़ी राहत दी है और उनके विश्वास को मजबूत किया है।” मिल के स्टाफ के योगदान की सराहना करते हुए लखबीर सिंह ने कहा, “मिल के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बड़ी लगन से काम किया है और इसे सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली मिलों में से एक बनाने में मदद की है। इन परिणामों को हासिल करने में उनके प्रयासों ने अहम भूमिका निभाई है।” मुख्यमंत्री की पहल की सराहना करते हुए उन्होंने आगे कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यह सुनिश्चित करके किसानों को बहुत बड़ी राहत दी है कि भुगतान राशि समय पर सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर हो। इससे किसानों का भरोसा बढ़ा और उन्हें गन्ने की खेती जारी रखने का प्रोत्साहन मिला है।”

  • जेल में किसी भी प्रकार की हिंसक घटना के लिए संबंधित जेल सुपरिंटेंडेंट की जिम्मेदारी तय होगी

    जेल में किसी भी प्रकार की हिंसक घटना के लिए संबंधित जेल सुपरिंटेंडेंट की जिम्मेदारी तय होगी

    चंडीगढ़ : भविष्य में किसी भी जेल में हिंसक घटना, सुरक्षा में कोताही या प्रशासनिक लापरवाही सामने आने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पंजाब के जेल मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने आज यहां पंजाब भवन में पंजाब की सभी जेलों के सुपरिंटेंडेंटों के साथ एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार जेलों में सुरक्षित, अनुशासित और सुधारात्मक माहौल सुनिश्चित बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और जेलों में हिंसक घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक के दौरान जेल प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्थाओं, कैदियों की भलाई और विभागीय कार्यक्षमता से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

    डॉ. रवजोत सिंह ने जेल अधिकारियों को अपनी कार्यक्षमता का लगातार मूल्यांकन करने, कमजोरियों की पहचान करके उन्हें दूर करने और उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग के माध्यम से बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक सक्षम और जिम्मेदार अधिकारी वह होता है जो उपलब्ध संसाधनों के साथ अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी, निष्ठा और पेशेवर तरीके से निभाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जेलों के अंदर किसी भी प्रकार की हिंसा, अनुशासनहीनता या गैर-कानूनी गतिविधि को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जेल प्रबंधन को और मजबूत, आधुनिक और प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए जेल मंत्री ने कहा कि जेलों का मुख्य उद्देश्य केवल कैदियों को हिरासत में रखना नहीं है, बल्कि उनके सुधार, पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा से पुनः जोड़ने के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध करवाना है। उन्होंने जेल प्रशासन को कैदियों के लिए शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य सुविधाएं और मनोवैज्ञानिक सहायता जैसे उपायों पर विशेष ध्यान देने के आदेश भी दिए।

    बैठक के दौरान जेल विभाग के अधिकारियों द्वारा विभाग की विभिन्न गतिविधियों और सुधारात्मक कार्यक्रमों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। इसमें कैदियों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं, भोजन प्रबंधन, स्टाफ की भर्ती, बुनियादी ढांचे का विकास और कर्मचारियों से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर जेल विभाग के सचिव मोहम्मद तईब, ए.डी.जी.पी. जेल आर.के. जायसवाल के अलावा पंजाब की सभी जेलों के सुपरिंटेंडेंट और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • Punjab News: घल्लूघारा सप्ताह के मद्देनजर पुलिस कमिश्नर भुल्लर ने निकाला फ्लैग मार्च, देखें वीडियो

    Punjab News: घल्लूघारा सप्ताह के मद्देनजर पुलिस कमिश्नर भुल्लर ने निकाला फ्लैग मार्च, देखें वीडियो

    लोगों को सुरक्षा का दिलाया भरोसा 

    अमृतसरः 6 जून को मनाए जाने वाले घल्लूघारा दिवस और चल रहे घल्लूघारा सप्ताह को ध्यान में रखते हुए अमृतसर पुलिस ने पूरे शहर में सुरक्षा के खास इंतज़ाम किए हैं। इसी बीच पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने प्रेस कांफ्रैस किया। इस दौरान प्रेस कांफ्रैंस को संबोधित करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं और आम लोगों की सुरक्षा पक्की करने के लिए शहर में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। जिले के अलग-अलग इलाकों में फ्लैग मार्च निकाले जा रहे हैं, जिनमें सीनियर पुलिस अधिकारी भी हिस्सा ले रहे हैं। इसका मुख्य मकसद लोगों में सुरक्षा की भावना जगाना और शरारती तत्वों को चेतावनी देना है।

    शहर में आने-जाने वाले मुख्य रास्तों को सील कर दिया गया है और कई जगहों पर रिज़र्व फोर्स भी तैनात की गई है। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि पुलिसकर्मियों से कहा गया है कि वे इस ड्यूटी को सिर्फ़ एक फ़र्ज़ के तौर पर नहीं, बल्कि सेवा की भावना से निभाएं,  ताकि हर श्रद्धालु श्री हरमंदिर साहिब में शांति और सुरक्षा के साथ श्रद्धा-सुमन अर्पित कर सके। SGPC के अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद सभी सुरक्षा इंतज़ामों को अंतिम रूप दे दिया गया है और तैनाती मर्यादा को ध्यान में रखकर की जाएगी।

    गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि करीब 2500 पुलिसकर्मी और अधिकारी पहले ही तैनात किए जा चुके हैं। इसके अलावा, बाहरी यूनिटों और दूसरी सुरक्षा बलों की मदद भी ली जा रही है। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि पुलिस का मकसद किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि सुरक्षा पक्की करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि गुरु महाराज की कृपा और लोगों के सहयोग से, घल्लूघारा सप्ताह के सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से पूरे होंगे।

     

  • पंजाब सरकार द्वारा आशीर्वाद योजना के तहत 1241 लाभार्थियों के लिए 6.33 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी

    पंजाब सरकार द्वारा आशीर्वाद योजना के तहत 1241 लाभार्थियों के लिए 6.33 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी

    चंडीगढ़ : आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंजाब सरकार ने आशीर्वाद योजना के तहत पिछड़े वर्गों तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के 1241 लाभार्थियों के लिए 6.33 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी की है। इस सम्बन्धी ओर जानकारी सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने दी। उन्होंने बताया कि जिला अमृतसर, बरनाला, बठिंडा, फरीदकोट, श्री फतेहगढ़ साहिब, जालंधर, कपूरथला, मानसा, पटियाला, पठानकोट, एस.ए.एस. नगर, एस.बी.एस. नगर तथा मालेरकोटला के कुल 1241 पात्र लाभार्थियों के आवेदन आशीर्वाद पोर्टल पर प्राप्त हुए थे। इन लाभार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए 6.33 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।

    कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इस राशि से जिला अमृतसर के 546, बरनाला के 19, बठिंडा के 14, फरीदकोट के 10, श्री फतेहगढ़ साहिब के 21, जालंधर के 129, कपूरथला के 90 तथा मानसा के 27 लाभार्थियों को लाभ मिलेगा। इसी प्रकार पटियाला के 39, पठानकोट के 208, एस.ए.एस. नगर के 22, एस.बी.एस. नगर के 103 तथा मालेरकोटला के 13 लाभार्थियों को भी इस योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि आशीर्वाद योजना के अंतर्गत पंजाब सरकार द्वारा पात्र कम आय वाले परिवारों की बेटियों के विवाह हेतु 51,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक मजबूत सहारा सिद्ध हो रही है तथा बेटियों के विवाह के समय पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

    सामाजिक न्याय मंत्री ने बताया कि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक का पंजाब राज्य का स्थायी निवासी होना आवश्यक है। परिवार गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाला हो तथा परिवार की सभी स्रोतों से वार्षिक आय 32,790 रुपये से कम होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जातियों, पिछड़े वर्गों तथा अन्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से संबंधित परिवारों की दो बेटियां इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र हैं। उन्होंने आगे बताया कि वित्तीय सहायता की राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता, जवाबदेही तथा समय पर सहायता सुनिश्चित होती है।

    डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कोई भी पात्र एवं जरूरतमंद परिवार कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। सामाजिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने तथा राज्य के विकास में उनकी भागीदारी को और अधिक मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

  • एआई सैंडबॉक्स के माध्यम से अंत्योदय के कल्याण की दिशा में बढ़ेगा हरियाणा

    एआई सैंडबॉक्स के माध्यम से अंत्योदय के कल्याण की दिशा में बढ़ेगा हरियाणा

    मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम में एआई सेंडबॉक्स का किया लोकार्पण

    चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने कहा कि एआई टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म शासन, विकास व नवाचार की यात्रा में मील का पत्थर साबित होगा। एआई सैंडबॉक्स के माध्यम से अंत्योदय के कल्याण की दिशा में हरियाणा प्रदेश और तीव्र गति से आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री  सैनी सोमवार को गुरुग्राम  में  आधुनिकतम तकनीक पर केंद्रित एआई सेंडबॉक्स के लोकार्पण उपरांत उपस्थित युवाओं को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई सुशासन व एआई अंत्योदय के साथ एआई हरियाणा की इस यात्रा में सहभागी बनते हुए सभी ने मिलकर आधुनिक स्वरूप के साथ विकसित भारत के सपने को साकार करना है। उन्होंने कहा कि हरियाणा एआई सैंडबॉक्स का निर्माण भी इसी सोच और दृष्टिकोण के साथ किया गया है। इस मंच पर विभिन्न विभाग अपनी वास्तविक चुनौतियों और समस्याओं को लेकर आएंगे, जबकि नवाचार उद्यमी, शोधकर्ता, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ तथा तकनीकी कंपनियां उनके समाधान प्रस्तुत करेंगी। इन समाधानों का सुरक्षित और नियंत्रित वातावरण में परीक्षण किया जाएगा, ताकि उनकी प्रभावशीलता और उपयोगिता का सही आकलन किया जा सके।

    विकसित भारत-2047‘ के संकल्प को साकार करने में हरियाणा निभाएगा विकास इंजन की भूमिका

     मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को साकार करने की यात्रा में हरियाणा एक सशक्त और अथक विकास इंजन के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए कोई आवेदन केवल एक फाइल या प्रक्रिया नहीं होता, बल्कि उसके पीछे किसी परिवार की आशाएं, अपेक्षाएं और बेहतर भविष्य का सपना जुड़ा होता है। इसलिए राज्य सरकार का निरंतर प्रयास है कि शासन व्यवस्था अधिक संवेदनशील, जनोन्मुखी, पारदर्शी और जवाबदेह बने। सरकार ऐसी व्यवस्था विकसित कर रही है जो लोगों की बात सुने, उनकी समस्याओं को समझे और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि जब तकनीक जनकल्याण के उद्देश्य से उपयोग की जाती है, तभी उसका वास्तविक महत्व सिद्ध होता है।

    अंत्योदय के लक्ष्य को गति देने का सशक्त माध्यम बनेगी कृत्रिम बुद्धिमत्ता

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) चर्चा का प्रमुख विषय है, लेकिन हरियाणा के लिए यह केवल एक प्रचलित शब्द या आधुनिक तकनीकी अवधारणा नहीं है। राज्य सरकार के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का अर्थ ‘अंत्योदय के कल्याण के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ है। इसका उद्देश्य ऐसी तकनीक विकसित करना है जो समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ पहुंचाने में सहायक बने। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रशासन को बेहतर और सटीक निर्णय लेने में मदद करेगी, जनसमस्याओं की पहचान को आसान बनाएगी तथा उनके समयबद्ध समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके माध्यम से शासन व्यवस्था अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनेगी।

    सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और जलापूर्ति सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाएगी एआई तकनीक मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई तकनीक का उद्देश्य आम नागरिकों के जीवन को सरल और सुविधाजनक बनाना है। उन्होंने कहा कि ‘म्हारी सड़क’ एप के माध्यम से यदि तस्वीर और स्थान की जानकारी के आधार पर क्षतिग्रस्त सड़कों की पहचान हो जाए, तो मरम्मत कार्य तेजी से किया जा सकेगा। शिक्षा क्षेत्र में एआई के माध्यम से शिक्षकों की आवश्यकता, कमी और बेहतर तैनाती की योजना बनाई जा सकेगी, जिससे विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।

    उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता डॉक्टरों की सहायता करते हुए गंभीर मामलों की समय रहते पहचान करने में मददगार सिद्ध हो सकती है। वहीं जलापूर्ति से संबंधित शिकायतों, रिसाव और बार-बार आने वाली समस्याओं का विश्लेषण कर समय पर समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, पानी, स्कूल, अस्पताल और जनशिकायतों जैसे रोजमर्रा के विषयों से जुड़ी यह पहल आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल इस पहल की शुरुआत पांच चुनौतियों से की जा रही है, लेकिन भविष्य में कृषि, राजस्व, शहरी विकास, परिवहन, समाज कल्याण, पर्यावरण, उद्योग सहित सभी विभाग अपनी वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए इस मंच का उपयोग करेंगे।

    हरियाणा सरकार के लिए एआई स्किल्स को करेंगे इम्प्रूव – पॉल

    कार्यक्रम में वर्ल्ड बैंक इंडिया के एक्टिंग कंट्री डायरेक्टर पॉल प्रोसी ने कहा कि भारत में वर्ल्ड बैंक के माध्यम से हरियाणा सरकार के लिए एआई स्किल्स को इम्प्रूव करने में पूरी मदद करेगा। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की कार्यशैली व सजगता की सराहना की। हरियाणा में एआई सेंडबॉक्स के लांच करने पर नई तकनीक के पहलू पर आगे बढ़ने की सराहना की। एआई सेंडबॉक्स के लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए गूगल के संजय धीमान, अमेजॉन वेब सर्विसेज के मयंक अरोड़ा तथा माइक्रोसॉफ्ट की सपना नाहरिया को सम्मानित किया। यह रहे मौजूद :इस अवसर पर हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, आयुक्त एवं सचिव , हार्ट्रॉन के प्रबंध निदेशक डॉ. जे. गणेशन, मुख्यमंत्री के ओएसडी राज नेहरू और विवेक कालिया सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

     

  • हरियाणा को नई औद्योगिक नीतियों के लॉन्च के तुरंत बाद 1,00,000 करोड़ रुपये से अधिक के वास्तविक निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए

    हरियाणा को नई औद्योगिक नीतियों के लॉन्च के तुरंत बाद 1,00,000 करोड़ रुपये से अधिक के वास्तविक निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए

    चंडीगढ़ : हरियाणा की औद्योगिक विकास यात्रा को नई गति देते हुए हरियाणा सरकार ने आज गुरुग्राम में अपनी प्रमुख “मेक इन हरियाणा” नीति के साथ 9 नई क्षेत्रीय नीतियों का लॉन्च किया। नई नीतियों के लॉन्च के तुरंत बाद राज्य को विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 1,10,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिसमें लगभग 30,000 करोड़ रुपये के FDI प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। यह कार्यक्रम हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी एवं उद्योग मंत्री श्री राव नरबीर सिंह जी की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में देशभर से उद्योग जगत के प्रतिनिधि, निवेशक, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, स्टार्टअप्स, विदेशी प्रतिनिधिमंडल, वरिष्ठ अधिकारी एवं विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हरियाणा औद्योगिक विकास के अगले चरण के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तेज प्रशासनिक व्यवस्था, मजबूत आधारभूत संरचना, बेहतर निवेशक सुविधा, रोजगार सृजन और उद्योग साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध है।

    उद्योग मंत्री जी ने कहा कि नई नीतियों का उद्देश्य विनिर्माण को मजबूत करना, क्षेत्र-विशेष विकास को बढ़ावा देना, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को सहयोग देना, वैश्विक निवेश आकर्षित करना और राज्य में एक मजबूत भविष्य-उन्मुख औद्योगिक तंत्र तैयार करना है। सरकार ने “मेक इन हरियाणा” नीति के साथ 9 नई क्षेत्रीय नीतियों का लॉन्च किया, जिनका उद्देश्य विनिर्माण, विद्युत वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, खाद्य प्रसंस्करण, डेटा सेंटर्स, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, टॉयज़ एंड स्पोर्ट्स गुड्स तथा अन्य उभरते क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देना है।

    • नई नीति के तहत राज्य के पुराने A/B/C/D ब्लॉक वर्गीकरण प्रणाली को बदलकर एक सरल और अधिक पारदर्शी क्षेत्र वर्गीकरण ढाँचा लागू किया गया है।
    • पहली बार पूरे राज्य में वित्तीय प्रोत्साहन लागू किए गए हैं ताकि संतुलित औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिल सके।
    • Policy के तहत industries को project viability बेहतर बनाने और investments को तेजी देने के लिए up to 30प्रतिशत तक capital support दिया जाएगा, साथ ही Net SGST reimbursement incentives का लाभ भी मिलेगा।
    • Innovation-led manufacturing को बढ़ावा देने के लिए policyमें R&D incentives का भी प्रावधान किया गया है, जिसके तहत industries को up to 50 करोड़ रुपये तक का support मिलेगा। साथ ही export-linked incentives भी दिए जाएंगे ताकि industries global value chains से बेहतर तरीके से जुड़ सकें।
    • Geopolitical disruptions से प्रभावित export-oriented units के लिए भी विशेष provisions किए गए हैं। ऐसी units को diversification केलिए one-time support दिया जाएगा ताकि वे नए sectors में आगे बढ़ सकें।
    • Policy green और sustainable manufacturing को भी बढ़ावा देती है। इसके तहत renewable energy adoption, carbon credit generation, Zero Liquid Discharge systems और green building certificationsसे जुड़े incentives दिए जाएंगे।
    • इसके अलावा industries, Government of India schemes जैसे PLI के तहत मिलने वाले incentives पर additional 50 प्रतिशतtop-up benefit भी ले सकेंगी।
    • साथ ही State में Mega Private Industrial Parks के developmentको भी बढ़ावा दिया जाएगा ताकि industrial expansion के अगले phase को गति मिल सके।

    कार्यक्रम के दौरान सरकार ने एआई-सक्षम “सिंगल विंडो 2.0” प्रणाली भी लॉन्च की, जिसका उद्देश्य हरियाणा में निवेशक अनुभव को पूरी तरह बदलना है। यह प्लेटफॉर्म एआई आधारित निवेश ब्लूप्रिंट, सिंगल क्लिक जीआईएस भूमि पहचान प्लेटफॉर्म, प्रोत्साहन मूल्यांकन और अनुमोदन मैपिंग जैसी सुविधाएँ प्रदान करेगा। पोर्टल में स्मार्ट एआई एजेंट की सुविधा भी दी गई है, जिससे निवेशक प्रणालियों के साथ संवादात्मक तरीके से जुड़ सकेंगे और अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकेंगे। निवेशक अब प्रोत्साहनों की गणना, अप्रूवल्स की जानकारी और उपयुक्त औद्योगिक भूमि की पहचान एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कर सकेंगे। कार्यक्रम का एक अन्य प्रमुख आकर्षण “हैपनिंग हरियाणा” की घोषणा रही, जो राज्य का आगामी वैश्विक निवेशक सम्मेलन होगा। इसका उद्देश्य हरियाणा को विश्व निवेश मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाना है।

    कार्यक्रम के दौरान “मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, जीसीसी, डेटा सेंटर्स, खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों सहित विभिन्न क्षेत्रों में 1,10,000 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों आदान-प्रदान किए गए। अधिकारियों ने बताया कि ये निवेश प्रस्ताव राज्य में बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करेंगे और औद्योगिक विकास को नई गति देंगे। सरकार ने दोहराया कि हरियाणा सक्रिय सहयोग, तेज अनुमोदन, सहज सुविधा व्यवस्था और साझेदारी आधारित दृष्टिकोण के माध्यम से उद्योगों और निवेशकों को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। स्ट्रॉन्ग कनेक्टिविटी, स्ट्रैटेजिक एक्सेस टू एनसीआर, एक्सपैंडिंग इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर और तेजी से बढ़ते मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के साथ, हरियाणा इन्वेस्टमेंट्स के लिए भारत के सबसे प्रीफर्ड डेस्टिनेशंस में लगातार उभर रहा है।

  • Punjab News: पंजाब में गन्ना किसानों को मिला पूरा भुगतान, 2025-26 सीजन में ₹695 करोड़ से अधिक राशि जारी

    Punjab News: पंजाब में गन्ना किसानों को मिला पूरा भुगतान, 2025-26 सीजन में ₹695 करोड़ से अधिक राशि जारी

    चंडीगढ़, 1 जून: पंजाब सरकार ने 2025-26 पेराई सीजन के दौरान गन्ना किसानों के सभी बकाया भुगतान जारी कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। सरकार के अनुसार राज्य की चीनी मिलों ने इस सीजन में रिकॉर्ड 167.20 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की और किसानों को कुल ₹695.36 करोड़ का भुगतान किया गया। सरकार का कहना है कि यह कदम किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुआ है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को पारंपरिक गेहूं-धान फसल चक्र से बाहर निकलकर अन्य फसलों की खेती के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है।

    गन्ना खेती को बढ़ावा देने के लिए कई पहल

    सरकारी जानकारी के अनुसार गन्ना खेती ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसे बढ़ावा देने के लिए सहकारी चीनी मिलों द्वारा किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, सब्सिडी वाली कृषि मशीनरी, उर्वरक, खरपतवारनाशक और कीटनाशक उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अलावा मिट्टी परीक्षण सुविधाएं, जागरूकता शिविर और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। सरकार का दावा है कि इन प्रयासों से गन्ने की उत्पादकता बढ़ी है और किसानों का भरोसा मजबूत हुआ है।

    किसानों ने जताई संतुष्टि

    गांव हुठियां के सरपंच और बटाला शुगर मिल से जुड़े किसान पाल सिंह ने कहा कि वह पिछले 30 वर्षों से गन्ने की खेती कर रहे हैं और वर्तमान में लगभग 20 एकड़ भूमि पर गन्ना उगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार किसानों के खातों में सीधे भुगतान पहुंचा है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है। पाल सिंह के अनुसार कई किसानों को ₹10 लाख से लेकर ₹20 लाख तक की राशि सीधे बैंक खातों में प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि समय पर भुगतान मिलने से किसानों का उत्साह बढ़ा है और अब अधिक किसान गन्ने की खेती की ओर रुख कर रहे हैं। गांव अलोवाल के किसान लखबीर सिंह ने भी सरकार के इस कदम का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि समय पर भुगतान मिलने से किसानों को आर्थिक राहत मिली है और चीनी मिलों के प्रति उनका विश्वास मजबूत हुआ है। लखबीर सिंह ने कहा कि यदि भविष्य में भी इसी तरह समय पर भुगतान जारी रहता है तो अधिक किसान गन्ने की खेती अपनाने के लिए प्रेरित होंगे। उन्होंने बटाला चीनी मिल के अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यों की भी सराहना की और कहा कि उनकी मेहनत के कारण मिल बेहतर प्रदर्शन कर रही है। किसानों का कहना है कि समय पर भुगतान से खेती की अगली तैयारियों में मदद मिलती है और आर्थिक दबाव कम होता है। राज्य सरकार का दावा है कि किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है और भविष्य में भी इस दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।
  • 5 लाख करोड़ के निवेश लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री ने किया मेक इन हरियाणा पॉलिसी को लॉन्च

    5 लाख करोड़ के निवेश लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री ने किया मेक इन हरियाणा पॉलिसी को लॉन्च

    पहले ही दिन 1 लाख 10 हजार करोड़  के हुए एमओयू चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को गुरुग्राम में मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी को लॉन्च किया। प्रदेश में 5 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य लेकर लॉन्च की गई इस पॉलिसी के पहले ही दिन 1 लाख 10 हजार करोड़  रुपये के निवेश प्रस्तावों के एमओयू हुए। इसके साथ-साथ उन्होंने 9 नई सेक्टोरल पॉलिसी, एक स्मार्ट निवेश सुविधा पोर्टल को भी लॉन्च किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लोगों का भी अनावरण किया। इस दौरान संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस नई पॉलिसी से उद्योग और सशक्त होंगे। निवेश प्रक्रिया सरल होगी और विकास के अवसर और अधिक व्यापक होंगे। इससे प्रदेश को एक नई दशा और दिशा मिलेगी।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज दुनिया के निवेश करने का तरीका बदल रहा है। आज उद्योग केवल इंसेंटिव ही नहीं देखते। वे इकोसिस्टम भी देखते हैं। वे पूछते हैं कि कौन सा राज्य तेजी से निर्णय ले सकता है? कौन सा राज्य भरोसा दे सकता है? कौन–सा राज्य लंबे समय तक ग्रोथ पार्टनर बन सकता है? यही वह क्षेत्र है, जहां हरियाणा नेतृत्व करने जा रहा है। मेक इन हरियाणा’ केवल एक इंडस्ट्रियल पॉलिसी नहीं है। यह हरियाणा के आर्थिक विकास के अगले चरण का रोडमैप है। ऐसा रोडमैप जो, कॉम्पिटिटिवनेस, इनोवेशन, सस्टेनेबिलिटी, एक्सपोर्टस, रोजगार और फ्यूचर–रेडी मैन्युफैक्चरिंग पर आधारित है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने निवेशकों से आह्वान किया कि हरियाणा में निवेश कीजिए। हरियाणा के साथ बढ़िए और अपने भविष्य का निर्माण कीजिए। उन्होंने कहा कि इन्वेस्टिंग इन हरियाणा का मतलब इन्वेस्टिंग इन फ्यूचर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जल्द ही हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया जाएगा।

     हरियाणा देश की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में से एक

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा देश की सबसे मजबूत औद्योगिक अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। देश के केवल 1.3 प्रतिशत भू–भाग के बावजूद हरियाणा भारत की जीडीपी में लगभग 3.6 प्रतिशत योगदान देता है। एक्सप्रेसवेज, फ्रेट कॉरिडोर्स, रेल कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स हब्स और एनसीआर तक सीधी पहुंच ने हरियाणा को भारत के सबसे राजनीतिक इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन्स में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि आज ग्लोबल कंपनियां हरियाणा को मैन्युफैक्चरिंग डेस्टिनेशन के साथ ग्रोथ डेस्टिनेशन के रूप में भी देख रही हैं।

     स्पीड और ट्रस्ट हमारा ध्येय

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज दुनिया भर की सरकारें एक बात समझ चुकी हैं कि सिर्फ ईज-आफ-डूईंग बिजनेस अब काफी नहीं है। अगला दौर इंटेलिजेंट गवर्नेंस का है। और इसलिए आज हरियाणा इंटेलिजेंट इन्वेस्टमेंट फेसिलिटेशन पोर्टल लॉन्च किया है जो बेहद महत्वपूर्ण है। यह पोर्टल सरकार और उद्योगों के बीच काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल देगा। हमारा ध्येय स्पीड और ट्रस्ट है। अब इन्वेस्टर्स को अप्रूवर्स, लैंड, इंसेंटिव्स, कम्प्लायंसेज़ और क्लीयरेंस के लिए अलग–अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सब सुविधाएं एक जगह मिलेंगी। इस पोर्टल के माध्यम से इन्वेस्टर को जीआईएस आधारित लैंड आइडेंटिफिकेशन, ऑटोमेटेड इन्वेस्टमेंट ब्लूप्रिंट, एआई–इनेबल्ड असिस्टेंस, अप्रूवल्स पाथ–वे, इंफ्रास्ट्रक्चर इंफॉर्मेशन और पॉलिसी सपोर्ट, ये सब कुछ एक इंटीग्रेटेड डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा। यह केवल डिजिटाइजेशन नहीं है। यह गवर्नेंस ट्रांसफॉर्मेशन है।

    इंडस्ट्री को हरियाणा पर भरोसा

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज लगभग 80 हजार करोड़ रुपये के जो इन्वेस्टमेंट प्रपोजल्स साइन हुए हैं, वे एक बहुत मजबूत संदेश देते हैं। इंडस्ट्री को हरियाणा पर भरोसा है। ये इन्वेस्टमेंट केवल एक आंकड़ा नहीं हैं। ये नए उद्योग हैं। नई सप्लाई चेन हैं। एमएसएमई के लिए नए अवसर हैं। युवाओं के लिए नए रोजगार हैं। और हरियाणा की अर्थव्यवस्था के लिए नई ऊर्जा हैं। उन्होंने उन सभी इन्वेस्टर्स और इंडस्ट्री लीडर्स का धन्यवाद किया जिन्होंने हरियाणा को अपना ग्रोथ पार्टनर चुना है।

    प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हम तैयार

     मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा की सबसे बड़ी ताकत हमेशा इसके लोग रहे हैं। हमारे किसान, उद्यमी, एमएसएमई, स्टार्टअप्स, इंडस्ट्रियल वर्कर्स और इंडस्ट्री लीडर्स, इन सभी ने मिलकर हरियाणा की ग्रोथ स्टोरी लिखी है। अब हमारी जिम्मेदारी है कि हम इसी स्पीड, ट्रस्ट और कमिटमेंट के साथ विकास के अगले चरण का निर्माण करें। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि भविष्य उन्हीं राज्यों का होगा, जो तेजी से निर्णय लेंगे, जो स्मार्ट गवर्नेंस देंगे और जो इंडस्ट्री के साथ मजबूत पार्टनरशिप बनाएंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में हरियाणा इस भविष्य का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने सभी इन्वेस्टर, इनोवेटर्स और ग्लोबल पार्टनर्स को हरियाणा की इस नई ग्रोथ स्टोरी का भागीदार बनने के लिए आमंत्रित किया।

    इन कंपनियों ने किया एमओयू

    एनटीएफ ग्रुप, औमोवियो, प्रोटेरियल, नेशनल आस्ट्रेलियन बैंक ग्लोबल इनोवेशन सेंटर, सुमितोमो कॉर्पोरेशन इंडिया, रिलायंस एमईटीएल, स्टार वायर, सात्विक ग्रप, ईंडिया सेल एलायंस, गौतम सोलर, वीनस रेमेडिस, वरूण बेवरेजिस, होरिजोन इंडस्ट्रिएल, अनंत राज, वैलसपम वन, स्टार सीमेंट, जीएलएस ग्रुप, एसएमटीए, करनाल फॉर्मा पार्क, यूनिवर्सल सक्सेस एनटरप्राइजेस, रैकबैंक, अंबर ग्रुप।इस मौके पर गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा, पटौदी विधायक बिमला चौधरी, नलवा विधायक रणधीर सिंह पनिहार मौजूद रहे।

  • Punjab News: मुख्यमंत्री सेहत योजना; AIIMS बठिंडा में सफल हृदय उपचार के बाद 37 वर्षीय महिला को मिली नई जिंदगी

    Punjab News: मुख्यमंत्री सेहत योजना; AIIMS बठिंडा में सफल हृदय उपचार के बाद 37 वर्षीय महिला को मिली नई जिंदगी

    चंडीगढ़, 1 जून: पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना (MMSY) राज्य के लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल ₹10 लाख तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक 45 लाख से अधिक लोग इस योजना के तहत पंजीकरण करवा चुके हैं और हजारों परिवार इसका लाभ उठा चुके हैं। इसी योजना से लाभान्वित होने वालों में बठिंडा की 37 वर्षीय गुरप्रीत कौर भी शामिल हैं, जिन्हें एक गंभीर हृदय रोग से जूझना पड़ रहा था। समय पर इलाज और मुख्यमंत्री सेहत योजना की मदद से उनका सफल उपचार संभव हो पाया और उन्हें नई जिंदगी मिली।

    दिल में छिपी थी गंभीर समस्या

    गुरप्रीत कौर सामान्य पारिवारिक जीवन जी रही थीं। परिवार की देखभाल और घरेलू जिम्मेदारियों के बीच उन्हें यह पता नहीं था कि उनके दिल में जन्मजात समस्या मौजूद है। जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि उनके हृदय के ऊपरी हिस्से की दो धमनियों के बीच लगभग 22 मिलीमीटर का छेद (Atrial Septal Defect-ASD) था। डॉक्टरों के अनुसार यह समस्या लंबे समय तक बिना इलाज के रहने पर हृदय की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती थी और भविष्य में हार्ट फेलियर जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती थी। बीमारी का पता चलने के बाद परिवार चिंता में आ गया। स्वास्थ्य को लेकर चिंता के साथ-साथ इलाज का खर्च भी परिवार के लिए बड़ी चुनौती बन गया। गुरप्रीत कौर ने बताया कि उन्हें सबसे पहले इलाज के खर्च की चिंता सताने लगी थी। परिवार को समझ नहीं आ रहा था कि महंगा इलाज कैसे करवाया जाएगा।

    AIIMS बठिंडा में हुआ सफल इलाज

    विशेषज्ञों की सलाह पर गुरप्रीत कौर का उपचार AIIMS बठिंडा में किया गया। 5 मई 2026 को कार्डियक कैथ लैब में एक विशेष प्रक्रिया के माध्यम से उनके दिल के छेद को बंद किया गया। डॉक्टरों ने 24 मिलीमीटर के विशेष उपकरण की मदद से हृदय में मौजूद छेद को सफलतापूर्वक बंद कर दिया। इलाज के दौरान संभावित जोखिम भी थे, लेकिन डॉक्टरों की निगरानी में पूरी प्रक्रिया सफल रही और किसी प्रकार की जटिलता सामने नहीं आई। ऑपरेशन के बाद गुरप्रीत कौर की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है और अब वह स्वस्थ जीवन की ओर लौट रही हैं। परिवार ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान सभी लोग काफी चिंतित थे और लगातार प्रार्थना कर रहे थे। जब डॉक्टरों ने सफल उपचार की जानकारी दी तो पूरे परिवार ने राहत की सांस ली।

    योजना ने कम किया आर्थिक बोझ

    मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत गुरप्रीत कौर के उपचार का लगभग एक लाख रुपये का खर्च कवर किया गया। इससे परिवार को आर्थिक राहत मिली और बिना किसी वित्तीय दबाव के समय पर इलाज संभव हो सका। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि कोई भी परिवार आर्थिक तंगी के कारण बेहतर इलाज से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुरप्रीत कौर का मामला इस बात का उदाहरण है कि समय पर चिकित्सा सहायता और वित्तीय सुरक्षा किसी व्यक्ति की जान बचाने में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (SHA) के अनुसार मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत अब तक 1,75,210 मरीजों को लाभ मिल चुका है। इन लाभार्थियों को कुल 3,43,370 उपचार उपलब्ध कराए गए हैं। योजना के तहत अब तक ₹581.90 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं, जो राज्य में कैशलेस स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मुख्यमंत्री सेहत योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए एक मजबूत सहारा बन रही है और राज्य में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच को आसान बना रही है।