Blog
-

PM Narendra Modi ने फ्रांस के राष्ट्रपति Macro की जमकर की तारीफ, बोले – ‘भारत इनोवेशन का देश है’
नई दिल्ली: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रो ने रविवार को कहा कि भारत एक ऐसा देश है जो नई-नई चीजें बनाने और सोचने में आगे हैं। यह बात उन्होंने नीस शहर में हुए भारत इनोवेट्स इवेंट में कही। जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे। यह इवेंट फ्रांस के नीस शहर में हुआ है। पीएम मोदी इस समय फ्रांस के दौरे पर हैं। वो शनिवार को नीस पहुंचे थे। यह उनका एक हफ्ते लंबा विदेश दौरा है जिसमें वो स्लोवाकिया भी जाएंगे। दो दिनों के लिए। इसके अलावा जी-7 शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे। -

मोरल पुलिसिंग करने वालों पर ऊना पुलिस सख्त, कानून हाथ में लेने पर होगी कार्रवाई
ऊना/सुशील पंडित : जिला पुलिस ऊना ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने में आम जनता के सहयोग की सराहना करते हुए स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति या समूह द्वारा तथाकथित “मोरल पुलिसिंग” करना और कानून को अपने हाथ में लेना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। पुलिस अधीक्षक ऊना द्वारा जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि समाज में शांति और कानून का राज बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे संदिग्ध गतिविधियों या कानून-व्यवस्था से जुड़ी किसी भी सूचना की जानकारी तुरंत पुलिस को दें और स्वयं कार्रवाई करने से बचें।पुलिस के संज्ञान में आया है कि सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं, जिनमें कुछ लोग और समूह कथित तौर पर मोरल पुलिसिंग करते हुए तथा लोगों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने ऐसे कृत्यों को पूरी तरह गैर-कानूनी बताते हुए कहा है कि कानून अपने हाथ में लेने, लोगों को डराने-धमकाने या सार्वजनिक रूप से बेइज्जत करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी जिला पुलिस ऊना ने दोहराया कि किसी भी विवाद या संदिग्ध मामले में कानूनी प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है और कानून लागू करने का अधिकार केवल संबंधित एजेंसियों को है। पुलिस ने लोगों से जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने तथा शांति एवं सौहार्द बनाए रखने में सहयोग देने की अपील की है -

Punjab News: इस इलाके में बड़ा सतलुज नदी का स्तर , लोगो की बड़ी चिंता, देखें वीडियो
फ़िरोज़पुर : मानसून अगले महीने से शुरू होने वाला है। फ़िलहाल पड़ रही भीषण गर्मी से लोगो परेशान है। हाल ही मे पंजाब, हिमाचल और चंडीगढ़ में बड़ी बारिश से कुछ समय के लिए लोगो को गर्मी से निजात मिली है। लेकिन इस बारिश ने नदियों के जलस्तर मे बढ़ोतरी भी की है।व्यास के पानी का स्तर 7 से 8 के ऊपर पहुँच चुका है, जो आम लोगो के लिए गभीर और घातक बनकर निकल सकता है।
भीषण गर्मी के कारण पहाड़ी इलाकों में बर्फ पिघलने लगी है, जिसका असर अब मैदानी इलाकों में भी दिखाई दे रहा है। बांधों में जलस्तर बढ़ने के साथ-साथ फिरोजपुर से होकर बहने वाली सतलुज नदी का जलस्तर भी करीब 7 से 8 फीट बढ़ गया है। इस वजह से नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों को एक बार फिर बाढ़ का खतरा सताने लगा है।
पिछला नुकसान
पिछली बाढ़ के दौरान फिरोजपुर में सतलुज नदी के किनारे बसे कई गांवों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। लोग पिछली बाढ़ के सदमे और नुकसान से पूरी तरह उबर भी नहीं पाए थे कि सतलुज के बढ़ते जलस्तर ने उनकी चिंताएं फिर बढ़ा दी हैं।वहीं, ‘यूनाइटेड सिखों’ (United Sikhs) संगठन, जो लंबे समय से फिरोजपुर की बस्ती राम लाल में सतलुज नदी के किनारे बांध बनाने का काम कर रहा है, उसे भी कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। नदी में पानी बढ़ने से बचाव कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि सतलुज नदी में पानी बढ़ने के कारण बांध बनाने में हमें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पानी में पत्थर डालने पर डूब जाता है, जबकि बांध भी ओवरफ्लो हो गए हैं। संगठन के आगु ने संगत से अपील की है की वे बड़ी संख्या में यहां पहुंचें, तांकि बाढ़ आने से पहले सतलुज नदी के किनारों को मजबूत और ठीक किया जा सके।
-

बजरंग दल समेत गौरक्षा दल व हिंदू संगठनों ने घेरा मानपुरा थाना
मूर्तियां खंडित करने पर कार्यवाही न होने से भडक़े हिंदू संगठन
बददी : दून विधानसभा की लोदीमाजरा पंचायत के तहत बनबीरपुर मनसा देवी मंदिर में कुछ शरारती तत्वों द्वारा माता की मूर्तियां खंडित किए जाने का मामला तूल पकड़ गया है। एक हफते पहले हुए इस हादसे में पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किए जाने पर हिंदू संगठनों ने मानपुरा थाना घेर लिया और जमकर प्रदर्शन व नारेबाजी की। बजरंग दल व गौरक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने कहा कि हमारे पवित्र मंदिर कुछ असामाजिक तत्वों ने तोडफोड की और मूर्तियों को खंडित किया जिससे संपूर्ण हिंदू समाज आहत है। हिंदू नेता विक्रम सिंह भडाना ने हमें पता चला है कि इस मामले को दूसरे समुदाय के कुछ लोगों द्वारा अंजाम दिया गया था।
पुलिस ने क्यों नही की कार्यवाही-भड़ाना
हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि विक्रम सिंह भडाना ने कहा कि 3 जून को यह घटना हुई थी जब मंदिर में माता की मूर्तियों को खंडित ही नहीं किया गया बल्कि उसको आग लगाकर जला दिया गया था। उन्होने कहा एक मुस्लिम नाबालिग बच्चे ने जो कि एक चश्मदीत था गांववालों के पकडे जाने पर बताया था कि एक लडक़ा व एक लडक़ी ने इस घृणित कार्य को अंजाम दिया था। बाद में ग्रामीणों ने वो चश्मदीत बच्चा पुलिस को सौंप दिया गया था। विक्रम ने कहा हमें यह भी पता चला कि ढेला पंचायत के एक मुस्लिम धर्मगुरु मौलवी ने इस कार्य के लिए आरोपियो को उकसाया था। विक्रम भडाना ने कहा कि पुलिस ने बच्चे से व्यापक पूछताछ करने की बाद उसको उसके मामा के पास सौंप दिया था और उसी दिन से यह बच्चा गायब है। वहीं मौलवी से भी पूछताछ में कुछ नहीं निकला। उन्होने कहा कि जो दो व्यक्ति माता की मूर्तियां व अंग वस्त्र जलाने के आरोपी है उनकी लोकेशन भी 250 किलोमीटर दूर आ रही है और एक हफते से पुलिस ने जो ढिलाई बरती यह उसी का नतीजा है। इस अवसर पर गौरक्षा दल के अध्यक्ष डीडी राणा, प्रदीप ठाकुर व हुसन चंद चौधरी ने भी अपने विचार रखे।
दो दिन का समय दो कार्यवाही हो रही-एसएचओ
प्रदर्शकारियों के उग्र प्रदर्शन के बाद थाना प्रभारी मानपुरा संजय कुमार ने कहा कि हमें दो दिन का समय दे दो। हमने आरोपियों को पकडने के लिए अलग अलग टीमें गठित कर दी है और रवाना कर दी है। उन्होने कहा कि पुलिस कानून अनुसार यथासंभव कार्य कर रही है। वहीं दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर समय रहते कार्यवाही हुई तो मानपुरा एनएच फोरलेन पर चक्का जाम किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।
-

भारत-पाकिस्तान मैच से पहले Handshake पर हुआ विवाद, भड़की कप्तान Harmanpreet Kaur
खेल: आईसीसी विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत पाकिस्तान के खिलाफ करने जा रही है। 14 जून को बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर होने वाले इस मैच के लिए दोनों टीमों खिलाड़ी पूरी तरह से तैयार है। भारतीय विमेंस क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भारत पाकिस्तान मैच से पहले हैंडशेक विवाद पर पूछे गए सवाल का बेबाक अंदाज में जवाब दिया है। मीडिया द्वारा इस मुद्दे पर सवाल पूछे जाने पर हरमनप्रीत ने कहा कि – हम यहां क्रिकेट खेलने आए हैं। आप यह सवाल क्यों पूछ रहे हों। हरमनप्रीत का यह जवाब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
भारतीय कप्तान ने साफ संकेत दिया कि टीम का पूरा फोकस टूर्नामेंट और मैदान पर प्रदर्शन पर है। न की मैदान के बाहर की बातों पर भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबले से पहले दोनों देशों के खिलाड़ियों के बीच हैंडशेक को लेकर चर्चा हो रही थी लेकिन हरमनप्रीत ने इस मुद्दे को ज्यादा तवज्जो नहीं दी और क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित रखने की बात कही है।
दरअसल एशिया कप 2025 के दौरान यह मुद्दा काफी चर्चा में रहा था। जब सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से न तो मैच के दौरान और न ही मुकाबले के बाद हाथ मिलाया था। इसके बाद से यह सिलसिला जारी रहा और इसी साल अंडर-19 वर्ल्ड कप में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी टीम के खिलाड़ियों के साथ हैंडशेक नहीं किया है। इससे पहले विमेंस वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप में भी भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना से हाथ नहीं मिलाया था।
दोनों टीमों के बीच अब तक कोई भी मैच टाई नहीं रहा है और नहीं किसी मुकाबले का नतीजा बिना परिणाम के खत्म हुआ है। आईसीसी महिला टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत और पाकिस्तान की टीमें अब तक 8 बार आमने-सामने आ चुकी है। भारतीय टीम ने 6 मैच अपने नाम किए हैं। वहीं पाकिस्तान की टीम को 2 बार जीत मिली है। पाकिस्तान के खिलाफ विमेंस टी-20 इंटरनेशनल में भारत का दबदबा रहा है। भारत और पाकिस्तान की महिला टीमों के बीच टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अब तक कुल 26 मुकाबले खेले गए हैं। भारत ने 13 मैचों में जीत दर्ज की है जबकि पाकिस्तान को सिर्फ 3 मुकाबलों में सफलता मिली है।
-

Dharam News: कब से शुरू होगा सावन का पवित्र महीना, जानें इस बार कितने पड़ेंगे सोमवार
Dharam News: हिंदू धर्म में सावन का महीना बेहद पवित्र और शुभ माना जाता है। यह पूरा महीना भगवान शिव की आराधना को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दौरान सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करने पर वे भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि प्रदान करते हैं। सावन के महीने में शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। श्रद्धालु शिवलिंग पर जल अर्पित करते हैं, व्रत रखते हैं और भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। क्यों किया जाता है सावन में जलाभिषेक पौराणिक कथाओं के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान निकला विष संसार को नष्ट कर सकता था। दुनिया की रक्षा के लिए भगवान शिव ने उस विष का पान कर लिया। विष के प्रभाव से उनके शरीर में अत्यधिक गर्मी उत्पन्न हो गई थी। तब देवताओं ने भगवान शिव को शीतलता प्रदान करने के लिए उन पर जल अर्पित किया। यह घटना सावन महीने में हुई थी। तभी से सावन में शिवलिंग पर जल चढ़ाने और जलाभिषेक करने की परंपरा चली आ रही है। सावन 2026 कब से शुरू होगा हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में सावन माह की शुरुआत 30 जुलाई 2026 से होगी। यह पवित्र महीना 28 अगस्त 2026 को समाप्त होगा। इस बार सावन में कुल चार सोमवार पड़ेंगे, जिनका विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। सावन 2026 के सोमवार की तारीखें पहला सावन सोमवार 3 अगस्त 2026 दूसरा सावन सोमवार 10 अगस्त 2026 तीसरा सावन सोमवार 17 अगस्त 2026 चौथा सावन सोमवार 24 अगस्त 2026 सावन सोमवार व्रत का महत्व सावन सोमवार का व्रत भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है। अविवाहित लड़कियां योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए और विवाहित महिलाएं अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए यह व्रत रखती हैं। वहीं पुरुष भी अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति और भगवान शिव की कृपा पाने के लिए व्रत करते हैं। शिव जी के जलाभिषेक की आसान विधि- स्नान कर पूजा की तैयारी करें
- भगवान शिव का ध्यान करें
- पंचामृत से अभिषेक करें
- जल चढ़ाते समय मंत्र जाप करें
- गंगाजल अर्पित करें
- भगवान शिव को प्रिय वस्तुएं चढ़ाएं
- दीपक जलाकर पाठ करें
- आरती और दान करें
-

प्रेमी ने नाबालिग से किया Rape, दोस्तों से वीडियो बनवाकर किया Blackmail, 3 पर FIR
गोरखपुरः 14 साल की लड़की से उसके दोस्त द्वारा रेप का मामला सामने आया है। आरोप है कि उसने घर के पास रहने वाले लड़के ने रात में मिलने के लिए बुलाया। फिर उसे बहला-फुसलाकर खेत लेजाकर पहले इधर-उधर की बातें की, उसके बाद जबरन रेप किया। इस दौरान उसके 2 दोस्तों ने उसकी वीडियो भी बना ली। 5 जून को हुई इस घटना के बाद लड़की 2 दिन तक डर की वजह से चुप रही। लेकिन, इसी बीच प्रेमी ने एक अश्लील वीडियो लड़की को भेजकर उसको ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। इसके बाद लड़की ने अपने घरवालों को घटना के बारे में बताया जिसके बाद मां ने थाने में शिकायत दी। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी मुताबिक, सहजनवा थाना क्षेत्र के एक गांव में 14 साल की लड़की अपने परिवार के साथ रहती है। उसी गांव में 20 साल का आशीष निषाद भी रहता है। आशीष की लड़की से काफी समय से बातचीत होती थी। इसी दौरान उनके बीच नजदीकियां बढ़ गईं। लड़की का कहना है कि आशीष ने 5 जून की देर रात उसको गांव के सिवान की ओर मिलने के लिए बुलाया। पहले लड़की ने रात में आने से इनकार कर दिया, लेकिन बाद में आशीष के बार-बार कहने पर वह मिलने के लिए तैयार हो गई। दोनों रात के अंधेरे में खेतों की तरफ पहुंचे। वहां आशीष के साथ उसके 2 दोस्त भी मौजूद थे।
लड़की ने जब वहां आशीष के 2 दोस्तों को देखा, तो वह घबरा गई। लेकिन, आशीष ने लड़की को भरोसा दिलाया कि वे उसके दोस्त हैं। डरने की कोई बात नहीं है। इसके बाद बातचीत के दौरान आशीष ने लड़की से रेप किया। इस बीच उसके दोनों साथी घटना का वीडियो बनाते रहे। घटना के बाद लड़की ने रोते हुए पुलिस से शिकायत करने की बात कही। इस पर तीनों युवक वीडियो वायरल कर बदनाम करने की धमकी देने लगे। 6 जून को आशीष ने लड़की को दोबारा मिलने के लिए बुलाया, लेकिन उसने आने से मना कर दिया।
इस पर आशीष ने रेप के कुछ फोटो लड़की के मोबाइल पर भेजकर उसे डराने की कोशिश की। धमकियों और लोकलाज के डर से लड़की ने यह बात कुछ समय तक अपने घरवालों को नहीं बताई। जब लड़की किसी भी तरह आने को तैयार नहीं हुई, तो आशीष ने उसके मोबाइल पर रेप का वीडियो भेजा और ब्लैकमेल करने लगा। साथ ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। इससे घबराई लड़की ने रोते हुए पूरी घटना अपने घरवालों को बताई। वीडियो देखने के बाद घरवालों ने डायल- 112 पर सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पीआरवी टीम और सहजनवा थाना पुलिस शनिवार रात ही गांव पहुंच गई। पुलिस की पूछताछ के दौरान लड़की ने वीडियो दिखाया। साथ ही आरोपियों की पहचान करते हुए उनके नाम बताए। इसके बाद पुलिस उसे थाने ले गई, जहां कार्रवाई के बाद मेडिकल जांच के लिए भेजा गया। पुलिस ने बताया कि मां की शिकायत पर आशीष निषाद (20), उसके दोनों दोस्तों दीपक (22) और आर्यन (23) के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।
-

खाने की थाली बनी मौत का कारण, हर साल 15 लाख बच्चों की हुई मौत, WHO ने जारी की रिपोर्ट
सेहत: विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक नई रिपोर्ट ने फूड सेफ्टी को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने रखे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, गंदे और खराब खाने की वजह से हर साल लाखों लोग बीमार पड़ रहे हैं जबकि बड़ी संख्या में लोगों की जान भी जा रही है। वहीं सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि छोटे बच्चे इस खतरे का सबसे बड़ा शिकार बन रहे हैं। पांच साल से कम उम्र के बच्चों में खराब खाने से होने वाली बीमारियों का खतरा बड़े बच्चों और एडल्ट्स की तुलना में लगभग तीन गुना ज्यादा है। दुनिया की कुल आबादी में इन बच्चों की हिस्सेदारी केवल 9 प्रतिशत है लेकिन फूड बोर्न डिजीज के करीब एक तिहाई मामले इन्हीं से जुड़े हैं।छोटे बच्चों पर सबसे ज्यादा खतरा क्यों है?
विश्व की रिपोर्ट के अनुसार, छोटे बच्चों का इम्यून सिस्टम पूरी तरह ग्रो नहीं होता है। यही वजह है कि खराब खाने में मौजूद बैक्टीरिया, वायरस और परजीवियों से जल्दी प्रभावित हो जाते हैं। खराब खाने की वजह से होने वाली कई बीमारियां डायरिया से जुड़ी होती है। छोटे बच्चों के लिए डायरिया जानलेवा साबित हो सकता है क्योंकि इससे शरीर में पानी और जरुरी पोषक तत्वों की कमी हो जाती है।2021 में करोड़ों लोग हुए बीमार
रिपोर्ट के अनुसार, सिर्फ साल 2021 में खराब खाने के कारण से दुनिया भर में करीब 86.6 करोड़ लोग बीमार पड़े। वहीं लगभग 15 लाख लोगों की मौत हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इनमें से बड़ी संख्या में मौतों और बीमारियों को रोका जा सकता है। यदि साफ पानी उपलब्द हो, खाने को सही तरीके से तैयार और स्टोर किया जाए। साफ-सफाई का ध्यान रखा जाए और समय पर इलाज मिल जाए तो इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। अक्सर लोग सोचते हैं कि खराब खाने का मतलब सिर्फ बैक्टीरिया या वायरस से संक्रमण है लेकिन विश्व की स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि खाने में मौजूद कुछ कैमिकल भी बेहद खतरनाक हो सकते हैं। सीसा और मिथाइलमरकरी जैसे कैमिकल बच्चों के ग्रो हो रहे दिमाग को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इससे बच्चों के मानसिक विकास, सीखने की क्षमता और तंत्रिका तंत्र पर लंबे समय तक असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों को कहना है कि केमिकल प्रदूषण को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है जबकि इसके प्रभाव कई बार लाइफटाइम बने रह सकते हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि खाने से जुड़ी बीमारियों के ज्यादातर मामले बैक्टीरिया, वायरस और परजीवियों की वजह से होते हैं लेकिन मौतों के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार केमिकल प्रदूषण हैं। 2021 में खराब खाने से जुड़ी कुल मौतों में लगभग 73 प्रतिशत हिस्सेदारी केमिकल खतरों की रही है। इनमें अकार्बनिक आर्सेनिक और सीसा सबसे बड़े कारण रहे हैं। ये दोनों तत्व हार्ट डिजीज स्ट्रोक और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ाते हैं। विश्व संगठन के अनुसार, फूड बोर्न डिजीज हुई मौतों में करीब 42 प्रतिशत मामलों का संबंध अकार्बनिक आर्सेनिक से था जबकि 31 प्रतिशत मौतें सीसे के संपर्क से जुड़ी थी। यह हर फैमिली और हर दिन के खाने से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि खराब खाना लंबे समय से पब्लिक हेल्थ के लिए बड़ी चुनौती रहा है लेकिन अब सामने आए नए आंकड़े यह दिखाते हैं कि इसका इंसानों और अर्थव्यवस्ता पर कितना बड़ा असर पड़ रहा है। रिपोर्ट में दुनिया के कई क्षेत्रों के बीच बड़ी असामनता भी सामने आई है हालांकि साल 2000 के बाद से फूड बोर्न डिजीज का कुल बोझ कुछ कम हुआ है लेकिन अफ्रीका और दक्षिण-पूर्व एशिया आज भी सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं। दुनिया भर में होने वाली लगभग 75 प्रतिशत फूड बोर्न डिजीज और करीब 60 प्रतिशत मौतें इन्हीं क्षेत्रों में दर्ज की गई है। खराब खाने असर सिर्फ स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, 2021 में खराब खाने के कारण से वैश्विक अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ है। बीमारी के कारण लोगों के काम न कर पाने से दुनिया को लगभग 310 अरब अमेरिकी डॉलर की प्रोडक्टिविटी को नुकसान हुआ है।आगे और बढ़ सकती है चुनौती
विश्व का कहना है कि जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण प्रदूषण और एंटीबायोटिक दवाओं के प्रति बढ़ता Antimicrobial Resistance आगे फूड सेफ्टी की चुनौती को और मुश्किल बना सकता है। रिपोर्ट में 2000 से 2021 के बीच 194 देशों में 42 प्रमुख फूड खतरों का अध्ययन किया गया है। इसमें बैक्टीरिया, वायरस, परजीवी और रासायनिक प्रदूषकों को शामिल किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर आंकड़ों और निगरानी व्यवस्था की मदद से देश फूड सेफ्टी से जुड़े सबसे बड़े खतरों की पहचान कर सकते हैं और समय रहते जरुरी कदम उठा सकते हैं। -

Middle East में एक बार फिर छिड़ी जंग, ईरान ने किया जवाबी हमला, दाग डाली मिसाइलें
नई दिल्ली: डोनाल्ड ट्रंप एक ओर शांत समझौते के जल्द फाइनल होने के दावे कर रहे हैं लेकिन दूसरी ओर जमीन पर तनाव बढ़ता दिख रहा है। अप्रैल में लागू हुए सीजफायर के बाद यह पहला मौका है जब ईरान की मिलिट्री ने इजरायल को टारगेट कर मिसाइल अटैक किया है। इससे संघर्ष फिर तेज होने की आशंका बढ़ गई है। यह हमला तेहरान की ओर से जवाबी कार्रवाई की चेतावनी देने के एक दिन बाद हुआ है। ईरान के मिसाइल अटैक के बाद इजरायल के कई इलाकों में सायरन के आवाजें सुनाई दी। लोग सुरक्षित जगह पर छिपने के लिए भागते दिखते दिए हैं। इजरायली सेना ने दावा किया कि उसने कम से कम तीन मिसाइल हमलों को रोका है जबकि उत्तर में कई धमाकों की आवाज सुनाई दी है। सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार, कम से 10 बैलेस्टिक मिसाइलों को रोका गया है।ईरान का जवाबी हमला
इजरायल ने रविवार को बिना किसी चेतावनी के बेरुत के दक्षिणी उपनगरों पर हमला किया था। ईरान ने जवाबी हमले की धमकी दी थी। अब तेहरान ने मिसाइट अटैक ने अपना रुख सख्त कर दिया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने एक बयान में कहा कि – यदि हमले की घटनाएं इसी तरह दोहराई जाती है तो जवाबी कार्रवाई और कड़ी होगी और इसमें पूरे क्षेत्र में सभी अमेरिकी और इजरायली टारगेट शामिल होंगे। बयान में लेबनान और ईरान के तट और होर्मुज स्ट्रेट के आस-पास के जहाजों पर हुए हमलों का जिक्र किया गया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि उन्होंने आईआरजीसी एयरोस्पेस फोर्स की बैलिस्टिक मिसाइलों से इजराइल के रामत डेविड एयर बेस को निशाना बनाया है। आईआरजीसी ने कहा कि यह हमला एक चेतावनी थी और यदि हमला दोबारा होता है तो ईरान का जवाब और बड़ा होगा और इसमें इलाके के सभी यूएस-इजराइली टारगेट शामिल होंगे। आईआरजीसी ने आगे कहा कि ईरान का सीजफायर मानना इस शर्त पर था कि सभी मोर्चों पर गोलीबारी खत्म हो जाएगी लेकिन अमेरिका और इजराइल ने अपने वादे पूरे नहीं किए।इजरायल ने जवाबी हमले को धमकी दी
हमले के बाद इजरायली सेना ने भी करारा जवाब देने की धमकी दी है। इजराइली सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने कहा कि – ईरान ने हमला करके एक बड़ी गलती की है। सेना के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर ने कहा कि – आदेश मिलते ही दुश्मन पर हमला किया जाएगा। -

आखिर कब है परमा एकादशी, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजन विधि
धर्म: एक साल में कुल 24 एकादशी आती हैं यानी हर महीने दो एकादशी होती है। यह बात हम सभी जानते हैं लेकिन इन सभी एकादशियों में एक ऐसी भी एकादशी होती है जो हर साल नहीं आती है। यह है परमा एकादशी जो सिर्फ अधिक महीने के दौरान और वह भी लगभग 3 साल में एक बार ही पड़ती है। यही कारण है कि इसे बेहद विशिष्ट और दुर्लभ एकादशी माना जाता है। यह बाकी 24 एकादशियों से अलग है क्योंकि इसका आगमन सिर्फ विशेष संयोग में ही होता है इसलिए इसका महत्व भी कई गुना अधिक माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सभी एकादशियों पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है और पापों से मुक्ति व पुण्य की प्राप्ति की कामना की जाती है लेकिन परमा एकादशी को परम यानी सर्वोच्च एकादशी कहा गया है क्योंकि यह मोक्ष प्रदान करने वाली मानी जाती है।परमा एकादशी की तिथि और समय
इस बार परमा एकादशी को लेकर लोगों में तारीख को थोड़ा भ्रम है लेकिन स्पष्ट रुप से यह व्रत 11 जून 2026 को रखा जाएगा। एकादशी तिथि इस बार 10 जून की रात 12 बजकर 57 मिनट से शुरु होते ही 11 जून की रात 10 बजकर 36 मिनट पर समाप्त होगी इसलिए व्रत 11 जून को ही किया जाएगा।विशेष योग
इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और शोभन योग बन रहे हैं जो बेहद शुभ माने जाते हैं। इस दिन किए गए कामों में सफलता मिलने की संभावना ज्यादा होती है खासकर व्यापार और करियर से जुड़े कामों में व्यक्ति सफल हो सकता है।पौराणिक महत्व
पुराणों में वर्णन मिलता है कि धन के देवता कुबेर ने भी परमा एकादशी का व्रत किया था। जिसके प्रभाव से उन्हें धनाध्यक्ष का पद प्राप्त हुआ था। वहीं सत्यवादी राजा हरिशचंद्र जिन्होंने अपना राज्य, परिवार और सब कुछ खो दिया था। उन्होंने भी इस व्रत का पालन किया था। इसके प्रभाव से उन्हें अपना खोया हुआ राज्य, परिवार और वैभव पुन प्राप्त हुआ था। इन उदाहरणों से साफ होता है कि यह एकादशी जीवन में सुख,समृद्धि और पुन स्थापना का मार्ग खोलने वाली मानी जाती है।अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य
धार्मिक ग्रंथों में यह बताया गया है कि परमा एकादशी का व्रत रखने और भगवान विष्णु का पूजन करने से अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य प्राप्त होता है। भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन से कहा था कि जो व्यक्ति इस दिन श्रद्धा से व्रत और पूजा करता है उसे बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है।परमा एकादशी व्रत विधि
व्रत से एक दिन पहले रात में भारी भोजन न करें। सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठे और स्नान करें। घर के मंदिर की सफाई कर दीपक जलाएं। भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। पीले पुष्ण विष्णु जी को और लाल पुष्प लक्ष्मी जी को अर्पित करें। गंगाजल से स्नान, तिलक और अक्षत अर्पित करें। फल, मिष्ठान और तुलसी दल के साथ भोग लगाएं।मंत्र जाप
ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का 108 बार जाप करें। शाम को पुन पूजा करें। भजन-कीर्तन करें और भगवान से अपनी मनोकामना प्रार्थना करें। परमा एकादशी का व्रत रखने से मानसिक शांति और स्थिरता मिलती है। जीवन में पॉजिटिव एनर्जी आती है। धन और समृद्धि के मार्ग खुलते हैं। कष्ट और बाधाएं दूर होती है। आध्यात्मिक उन्नति होती है।