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Punjab News: दिनदहाड़े चोरी, घर में पहले खाया-पिया और फिर 20 तोला सोना और नकदी लेकर फरार, देखें वीडियो
बटालाः कस्बा फतेहगढ़ चूड़ियां में चोरी की घटना सामने आई है। हैरानी की बाद यह है कि बीते दिन दिन दहाड़े हुई वारदात में चोर ने पहले घर पर आराम से सामान खाया पिया और उसके बाद चोर ने घटना को अंजाम दिया। दरअसल, वार्ड नंबर-5 में स्थित घर को चोर ने निशाना बनाया। मामले की जानकारी देते हुए कुलदीप सिंह ने कहा कि वह सुबह ड्यूटी पर गए हुए थे। इस दौरान परिवार रिश्तेदारों के कठियाले में कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गए थे।
जिसके बाद वह शाम को जब घर लौटे तो देखा घर के मुख्य गेट के ताले टूटे हुए थे। इस दौरान चोर द्वारा घर में घुसकर करीब 20 तोला सोना और नकदी चोरी कर ली गई। घटना की शिकायत पुलिस को दे दी गई है। वहीं मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गई। पीड़ित ने कहा कि घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। हैरानी की बात यह रही कि चोर ने वारदात को अंजाम देने से पहले घर में आराम से खाना-पीना भी किया।
पीड़ित के अनुसार घटना के दौरान घर का सामान बिखरा पड़ा था। इस घटना को लेकर परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। दूसरी ओर, थाना प्रभारी (एसएचओ) सुरिंदरपाल सिंह ने बताया कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज की गहनता से जांच कर रही है। संदिग्ध की पहचान के प्रयास जारी हैं और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हालांकि पुलिस का कहना है कि 17 से 18 तोले सोना को कुछ नगदी चोरी हुई है। सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ले ली गई है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
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Tube Well के पानी की जांच करवाकर किसान फसल उत्पादन को बढ़ाएं : Shyam Singh Rana
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने प्रदेश के किसानों से अपील की है कि वे अपने खेतों के ट्यूबवेल के पानी की नियमित रूप से जांच अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि “करवाओगे पानी की जांच, नहीं आएगी फसल उत्पादन पर आंच”।
राणा ने कहा कि सिंचाई के पानी की गुणवत्ता फसल उत्पादन और उपज को सीधे तौर पर प्रभावित करती है। पानी में अधिक लवणता (नमक की मात्रा) और क्षारीयता होने से मिट्टी की उर्वरता तथा उत्पादन क्षमता पर बुरा असर पड़ सकता है। समय पर ट्यूबवेल के पानी की जांच कराने से किसान सही फसल का चयन कर सकते हैं और खाद व उर्वरक का सही और संतुलित प्रबंधन कर सकते हैं।
कृषि मंत्री ने किसानों को ट्यूबवेल के पानी का नमूना (सैंपल) लेने का सही तरीका बताते हुए कहा कि किसान ट्यूबवेल को कम से कम 30 मिनट तक लगातार चलाने के बाद ही पानी का सैंपल लें। इसके लिए लगभग 500 मिलीलीटर (या 1 लीटर) पानी एक साफ प्लास्टिक की बोतल में भरें। बोतल के ऊपर किसान अपना नाम, एम.एफ.एम.बी. (मेरी फसल-मेरा ब्योरा) आईडी, गांव का नाम, किला/खसरा नंबर, मोबाइल नंबर और बोरवेल की गहराई (फीट में) स्पष्ट रूप से अंकित करें। तैयार किए गए इस नमूने को किसान अपनी निकटतम मृदा स्वास्थ्य जांच प्रयोगशाला (सॉइल टेस्टिंग लैब) में जमा करवा सकते हैं।
कृषि मंत्री ने किसानों से आग्रह किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर ही वे फसलों का चुनाव करें और सिंचाई जल का उचित प्रबंधन अपनाएं। योजना एवं प्रयोगशालाओं की अधिक जानकारी के लिए किसान टोल-फ्री नंबर 1800-180-2117 पर संपर्क कर सकते हैं या अपने जिला कृषि उप-निदेशक से संपर्क कर सकते हैं।
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Sewerage और Main Hole सुरक्षा में लापरवाही पर कैबिनेट मंत्री Ranbir Gangwa सख्त
मुख्य अभियंताओं को उनके वर्तमान प्रशासनिक क्षेत्र से अलग सर्कलों की जिम्मेदारी देने के भी निर्देश
चंडीगढ़: हरियाणा के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) मंत्री रणबीर गंगवा ने सीवरेज और मैनहोल से जुड़े कार्यों में सामने आने वाली दुर्घटनाओं और लापरवाही के मामलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि सुरक्षा नियमों में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी कर्मचारी की जान सुरक्षा उपायों की अनदेखी के कारण जाती है तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने बकायदा इसके लिए अहम फैसले लेते हुए निर्देश दिए है कि हरियाणा में निगरानी के लिए 7 समितियां बनाई जाएं। प्रत्येक समिति में मुख्य अभियंता, संबंधित सर्कल के अधीक्षण अभियंता और संबंधित मंडल के कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) शामिल होंगे। ये समितियां नियमित रूप से फील्ड का निरीक्षण करेंगी, सुरक्षा इंतजामों की जांच करेंगी और अपनी रिपोर्ट सीधे मुख्यालय भेजेंगी, जिसे तुरंत मंत्री के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि निरीक्षण निष्पक्ष और प्रभावी रहे, इसके लिए मुख्य अभियंताओं को उनके वर्तमान प्रशासनिक क्षेत्र से अलग सर्कलों की जिम्मेदारी दी जाए। मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि प्रदेश में इस प्रकार की जो घटनाएं हुई हैं, वो दुखद है। भविष्य में विभागीय स्तर पर निगरानी और जिम्मेदारी में कोई कमी ना रहे, इसके लिए सख्ती की बेहद जरूरत है। हर कर्मचारी की जान की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि बिना सभी निर्धारित सुरक्षा उपकरणों और नियमों का पालन किए किसी भी कर्मचारी को सीवरेज या मैनहोल में उतरने की अनुमति नहीं दी जाए। इसमें किसी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए। मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि 23 जून को हरियाणा जलापूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड (डब्ल्यूएसएसबी) की बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी इस विषय पर विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सीवरेज और मैनहोल से जुड़े हर कार्य में सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए। मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि कुछ ऐसी घटनाएं भी सामने आई है, जिसमें ठेकेदार अथवा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही देखने को मिली है। खुले सीवरेज मैनहोल के कारण भी हादसे होने की सूचनाएं उन तक पहुंची है। मैनहोल को सुरक्षित ढंग से बंद कराना विभाग की जिम्मेवारी है। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में कहीं भी कोई मैनहोल या सीवरेज ओपनिंग खुली न रहे और इसकी नियमित निगरानी की जाए। कई मामलों में विभागीय अधिकारी दुर्घटना होने के बाद समय पर प्रारंभिक रिपोर्ट, तथ्य जांच रिपोर्ट, कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) और संबंधित फाइलें मुख्यालय तक नहीं भेजते। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसी लापरवाही बिल्कुल स्वीकार नहीं होगी। किसी भी घटना की जानकारी और रिपोर्ट तुरंत मुख्यालय भेजना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी।सभी डीसी को भी दिए निर्देश:
कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने राज्य के सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए है कि वे अपनी मासिक समीक्षा बैठकों में मैनहोल और सीवरेज से जुड़े कार्यों में सुरक्षा मानकों के पालन की नियमित समीक्षा करें तथा यह सुनिश्चित करें कि राज्य सरकार के निर्देशों और इस संबंध में जो माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश है, उनकी अक्षरशः पालन हो। -

Punjab News: डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर बेअदबी संशोधन कानून में बदलाव किया ड्राफ्ट लेकर पहुंचे श्री अकाल तख्त साहिब, देखें वीडियो
अमृतसरः श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों का पालन करते पंजाब सरकार ने धार्मिक अपमान-रोधी कानून में आपत्तिजनक प्रावधानों के संबंध में एक ड्राफ्ट आधिकारिक तौर पर श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय को सौंपा। ये ड्राफ्ट पंजाब सरकार के प्रतिनिधि और विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर और डीसी तलविंदरजीत सिंह ने सचिवालय के इंचार्ज एस. बगीचा सिंह को एक सीलबंद लिफाफे में दिया।
डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर ने कहा कि सरकार ने उन्हें केवल ये दस्तावेज श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय को सौंपने की जिम्मेदारी दी थी। उन्होंने बताया कि इसे सीलबंद लिफाफे में दिया है और अब श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा इसका अध्ययन करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। निज्जर ने कहा कि धार्मिक अपमान-रोधी कानून पहले ही बनाया जा चुका है और अब जरूरत पड़ने पर इसमें बदलाव पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि मॉनसून सत्र के दौरान भी इस मामले पर चर्चा हुई थी, लेकिन सलाह दी गई थी कि इस मुद्दे को जल्दबाजी में आगे न बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि अगर श्री अकाल तख्त साहिब इस ड्राफ्ट से संतुष्ट नहीं होते हैं, तो सरकार इस पर दोबारा विचार कर सकती है। हालांकि उन्होंने कहा कि अंतिम फ़ैसला श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा दस्तावेज का अध्ययन करने के बाद ही आएगा।View this post on Instagram -

Punjab News: क्रिकेट खेलते दिखें CM Mann, सादगी ने जीता लोगों का दिल, देखें वीडियो
पटियाला: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान इन दिनों पूरे फॉर्म में नज़र आ रहे हैं। अपने सरल और मिलनसार स्वभाव के लिए जाने जाते मुख्यमंत्री मान ने एक बार फिर अपने अनोखे अंदाज़ से लोगों का दिल जीत लिया है। बीती रात पटियाला में एक धार्मिक समागम में शिरकत करने के बाद अगली सुबह मुख्यमंत्री का एक अलग ही रूप देखने को मिला, जब वे खेल के मैदान में युवाओं के साथ क्रिकेट खेलते और धूल उड़ाते नज़र आए। मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का काफिला दक्षिणी बाइपास से संगरूर रोड की ओर जा रहा था।
इसी दौरान रास्ते में पड़ते गांव शेर माजरा के पास एक मैदान में कुछ युवा क्रिकेट खेल रहे थे। मैदान में खेल रहे युवाओं को देखकर मुख्यमंत्री अपने आप को रोक नहीं सके और उन्होंने तुरंत अपना काफिला रुकवा लिया। इसके बाद वे खुद गाड़ी से उतर कर मैदान की ओर बढ़ गए। जैसे ही मुख्यमंत्री मैदान में पहुंचे तो खेल रहे युवाओं की खुशी की कोई सीमा न रही। मुख्यमंत्री ने बिना किसी झिझक के बल्ला पकड़ा और क्रीज पर जम गए।
बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने ऐसे शानदार शॉट लगाए कि गेंद को मैदान से बाहर भेज दिया। उनके ये चौके-छक्के देखकर मैदान में मौजूद युवाओं ने ज़ोरदार तालियों से उनका उत्साह बढ़ाया। खेलने के बाद मुख्यमंत्री ने युवाओं से बातचीत की, उनका हौसला बढ़ाया और खेलों की ओर अधिक ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। युवाओं ने कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि राज्य के मुख्यमंत्री इस तरह अचानक उनके मैदान में आकर उनके साथ क्रिकेट खेलेंगे। सीएम मान के इस सादगी भरे व्यवहार ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है और इलाके में इसकी खूब चर्चा हो रही है।
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IIT Kanpur में छात्र को नहीं मिली Seat तो हैक कर डाली Website
कार्रवाई की जगह मिला Internship का ऑफर
नई दिल्ली: IIT कानपूर में बी-टेक साइबर सुरक्षा पाठयक्रम में प्रवेश खारिज होने पर एक छात्र ने संस्थान की वेबसाइट हैक करके ‘Site Is Hacked All I Need Is Just A Fair Chance’ का मैसेज छोड़ दिया है। छात्र ने एक्स और रेडिट पर स्क्रीनशॉट शेयर करके अपनी साइबर सिक्योरिटी स्किल्स को साबित करने और मौका पाने की बात कही। वहीं एक्शन की जगह संस्थान के प्रो निदेशक ने छात्र के भविष्य सुरक्षित रखने पर जोर दिया है।अगले साल एडमिशन के लिए कोशिश होगी
प्रोफेसर ने कहा कि IIT कानपुर में एडमिशन की प्रक्रिया पहले ही बंद हो गई थी। इसमें कानूनी और प्रक्रिया से जुड़े हुए पहलू भी शामिल थे। फिर भी हम छात्र का भविष्य खराब नहीं करना चाहते थे इसलिए हमने उसे एक मौका देने का फैसला किया है। c3iHub में इंटर्नशिप के लिए उस पर विचार कर रहे हैं। अगले साल एडमिशन के लिए कोशिश कर सकता है।छात्रों को कानूनी प्रक्रिया का करना चाहिए पालन
इसके साथ ही हम दूसरे छात्रों को यह संदेश देना चाहते हैं कि मौका पाने के लिए इस तरह के तरीके अपनाना सही नहीं है। हम साइबर सिक्योरिटी में माहिर लोगों का स्वागत करते हैं कि वो अपना CV हमारे साथ शेयर करें। इसके साथ ही हम c3iHub में इंटर्नशिप या नौकरी के लिए उन पर विचार करें। छात्रों को अपने लक्ष्य पाने के लिए हमेशा से सही और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना चाहिए। ऐसी गतिविधियों में शामिल होने से बचना चाहिए। इसके परिणाम भी गंभीर हो सकते हैं। आईआईटी कानपूर ने यह भी साफ किया कि बिना अनुमति किसी कंप्यूटर में प्रवेश करना कानूनी तौर पर गलत है। वहीं संस्थान के विशेषज्ञ छात्र से बात करेंगे और उसे समझाएंगे कि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं करनी चाहिए। संस्थान के एक अधिकारी के अनुसार, शुरुआत में FIR दर्ज कराने पर विचार किया गया था परंतु बाद में फैसला हुआ कि पहले छात्र के दावों और उसकी तकनीकी योग्यता की जांच की जाए। आईआईटी कानपुर का मानना है कि प्रतिभाशाली युवाओं को सही दिशा देना भी जरुरी है। इसी सोच के अंतर्गत इस साल पहले भी एक ऐसे युवा को नौकरी का मौका दिया गया था इसने cBSE के ऑनलाइन पोर्टल में सुरक्षा संबंधी कमियां खोजी थी। -

Jalandhar News: 30 को Punjab बंद पर भड़के चंदन ग्रेवाल, जताई आपत्ति, देखें वीडियो
जालंधर, ENS: सफाई कर्मियों द्वारा 27 जुलाई को पंजाब बंद किया गया था। जिसके बाद शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने सफाई कर्मियों की मांगों को मानकर पक्का करने पर मंजूरी दे दी है। इस मामले का चंदन ग्रेवाल द्वारा स्वागत किया गया और हड़ताल को खत्म किया गया था। लेकिन अब दोबारा से कुछ सफाई कर्मी यूनियन द्वारा 30 जुलाई को पंजाब बंद का आहवान किया गया है। इस फैसले पर चंदन ग्रेवाल गुस्से में दिखाई दिए। उन्होंनें 30 जुलाई को पंजाब बंद पर आपत्ति जताई। इसी के साथ उन्होंने कहा कि वह 30 जुलाई को पंजाब बंद की कॉल का समर्थन नहीं करेंगे।
चंदन ग्रेवाल का कहना हैकि पंजाब सरकार ने सफाई सेवकों को राहत देते हुए 5 साल की सेवा पूरी कर चुके अनुबंधित कर्मियों को नियमित करने का फैसला लिया है और इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंजूरी दे दी है और जल्द इसकी नोटिफिकेशन जारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि घटना में घायल हुए कर्मियों के परिवारों को 1-1 लाख रुपए मुआवजा देने का सरकार की ओर से ऐलान किया गया, वहीं जिनकी हल्की चोटें आई है, उन्हें 50-50 हजार रुपए देने का ऐलान किया गया है। इसी के साथ ही 10 हजार रुपए से अब कर्मियों की सैलरी बढ़ाकर दोगुना करते हुए 20 हजार रुपए कर दी है, जोकि सरकार का काफी बड़ा फैसला है।
लाठीचार्ज मामले में सरकार की ओर से एसआईटी बनाई गई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। वहीं कार्रवाई के दौरान थाने के कर्मियों को सस्पेंड किया जा रहा है। ऐसे में दोबारा से शहरवासियों को परेशान करना निंदनीय है। चंदन ग्रेवाल ने कहा कि 27 जुलाई को पंजाब बंद की कॉल के दौरान पुलिस कर्मियों को डिसमिस करने का ऐलान किया गया था और अब 30 जुलाई को भी यूनियन द्वारा इसी मांग को रखा जाएगा। चंदन ग्रेवाल ने कहा कि डिसमिस करने का पहला रूट सरकार ने मानते हुए उसे सस्पेंड किया है। उन्होंने कहा कि किसी सफाई कर्मी को भी तुरंत डिसमिस नहीं किया जा सकता है।
उनका कहना है कि कानून सभी के लिए एक है, ऐसे में एसआईटी द्वारा की जा रही जांच के बाद बनती कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहाकि कांग्रेस, भाजपा अकाली सरकार ने कभी कर्मियों की सैलेरी दोगुना करने का फैसला नहीं किया है। कोरोना काल का जिक्र करते हुए कहा कि कैप्टन सरकार ने 500 रुपए कर्मियों की बढ़ोतरी की थी। इस दौरान कहा था कि कोरोना काल में अगर किसी कर्मी की मौत होती है उसे 50 लाख रुपए दिया जाएगा, लेकिन उसे पूरा नहीं किया। इस फैसले को आप सरकार ने पूरा किया। चंदन ग्रेवाल ने कहा कि 30 जुलाई को उनके द्वारा बाजार खुला रखने का समर्थन है।
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दबिश के दौरान यूपी-एमपी पुलिस की टीम पर बरसे पत्थर, तीन पुलिस कर्मी घायल; 6 आरोपी गिरफ्तार
भोपालः उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के चोरी के मामले में यूपी पुलिस ने मध्य प्रदेश पुलिस के साथ मिलकर आरोपी को पकड़ने के लिए दबिश दी। इस दौरान यूपी और एमपी पुलिस की संयुक्त टीम आरोपी को पकड़ने के लिए जैसे ही मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के कड़ियासांसी गांव पहुंची तो ग्रामीणों और आरोपी के परिजनों ने पुलिस पर हमला कर दिया। घटना में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस मामले में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश से ललितपुर पुलिस की टीम चोरी के मामले में फरार आरोपी को पकड़ने के लिए मध्य प्रदेश के बोड़ा थाना पुलिस के सहयोग से कड़ियासांसी गांव पहुंची थी। यूपी-एमपी की संयुक्त टीम में कुल 17 पुलिसकर्मी शामिल थे। आरोपी को गिरफ्तार करने की कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते आरोपी के परिजन और गांव वालों ने पुलिस टीम पर पथराव किया। जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
बोड़ा थाना पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस पर हमला और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
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Punjab News: अबोहर के बाद इस जिले में स्कूलों को मिली धमकी, हुई छुट्टी
मोगाः अबोहर के अजम्प्शन कान्वेंट स्कूल और एलआरएस डीएवी सीनियर सेकेंडरी मॉडल स्कूल को बुधवार को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की घटना सामने आई थी। जिसके बाद अब मोगा के कुछ स्कूलों को बम से उड़ाने को लेकर ईमेल आई। इस ईमेल को लेकर स्कूल प्रशासन में हड़कंप मच गया। स्कूल प्रशासन द्वारा पुलिस को घटना संबंधी सूचना दी गई। वहीं पुलिस प्रशासन हरकत में आया और स्कूल खाली करवाए गए और बच्चों को छुट्टी कर दी गई। पुलिस द्वारा स्कूल इमारत की चप्पे-चप्पे की जांच की जा रही है। फिलहाल मीडिया के कैमरे के आगे कोई भी पुलिस अधिकारी आने को तैयार नहीं है।
