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  • रूठी किस्मत को मनाने और बिगड़े काम बनाने के लिए मंदिर में करें इन चीजों का दान!

    रूठी किस्मत को मनाने और बिगड़े काम बनाने के लिए मंदिर में करें इन चीजों का दान!

    यदि जीवन में लगातार परेशानियां आ रही हैं, काम बनते-बनते बिगड़ रहे हैं और किस्मत साथ नहीं दे रही है, तो हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंदिर में कुछ विशेष चीजों का दान करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। यह न केवल पुण्य प्रदान करता है, बल्कि देवी-देवताओं की कृपा भी दिला सकता है, जिससे जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सौभाग्य बढ़ता है।

    दान-पुण्य की महत्ताः हर धर्म में दान-पुण्य को विशेष स्थान प्राप्त है, लेकिन हिंदू धर्म में तो प्रत्येक पर्व, तीज-त्योहार और विशेष अवसर पर दान की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मंदिर में किया गया दान कई गुना फल देता है और जीवन को सकारात्मक दिशा में मोड़ सकता है।

    किन चीजों का मंदिर में दान करें?

    मूर्ति दानः भगवान की मूर्ति का दान अत्यंत पुण्यदायक माना गया है। जिस मूर्ति की पूजा होती है, उसका पुण्य दानकर्ता को भी मिलता है और वह जन्म-जन्मांतर तक लाभान्वित होता है।

    मंदिर निर्माण सामग्रीः यदि किसी मंदिर का निर्माण हो रहा है, तो वहां सीमेंट, टाइल्स, पत्थर या अन्य सामग्री का दान करें। यह एक स्थायी पुण्य कार्य होता है, जिसका फल जब तक मंदिर रहेगा, तब तक मिलता रहता है।

    पूजनीय पेड़ों का रोपणः पीपल, बरगद या बेलपत्र जैसे पवित्र पेड़ मंदिर परिसर में लगाना बहुत शुभ होता है। इन पेड़ों की सेवा और देखभाल करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है।

    पानी की प्याऊ लगानाः गर्मी में प्यासे लोगों के लिए मंदिर में पीने के पानी की व्यवस्था करना अत्यंत पुण्य का कार्य है। इससे ना सिर्फ इंसानों, बल्कि पक्षियों और अन्य जीवों की भी सेवा होती है।

    पूजा सामग्री और आसन का दानः मंदिर में घी, तेल, अक्षत, अगरबत्ती जैसी पूजा सामग्री और भक्तों के बैठने के लिए आसन दान करना बहुत शुभ माना जाता है। इससे व्यक्ति की कुंडली में बृहस्पति मजबूत होता है और सौभाग्य में वृद्धि होती है।

    भोग की व्यवस्थाः भगवान को अर्पित किए जाने वाले भोग जैसे पंचामृत, मेवे, मिठाई आदि का दान करने से भी बहुत पुण्य प्राप्त होता है और ईश्वर की विशेष कृपा मिलती है।

    भंडारे का सामानः अगर मंदिर में भंडारा आयोजित हो रहा है, तो उसके लिए चावल, गेहूं, दाल जैसे अनाज का दान करना अत्यंत पुण्यकारी होता है। इससे भूखे लोगों का पेट भरता है और दानकर्ता को दीर्घकालिक फल मिलता है।

    (Disclaimer: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और सामाजिक आस्थाओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना है। हम इस जानकारी की पुष्टि नहीं करते।)

  • जिला रेड क्रॉस सोसायटी ऊना ने मार्ज़ोन इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन हरोली के सौजन्य से मंडी आपदा पीड़ितों के लिए भेजे 100 कंबल

    जिला रेड क्रॉस सोसायटी ऊना ने मार्ज़ोन इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन हरोली के सौजन्य से मंडी आपदा पीड़ितों के लिए भेजे 100 कंबल

    ऊना/सुशील पंडित: मंडी जिले में हालिया प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए जिला रेड क्रॉस सोसायटी ऊना ने मार्ज़ोन इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन हरोली के सौजन्य से 100 कंबलों भेजे हैं। यह राहत सामग्री रविवार को मंडी जिला प्रशासन को प्रेषित की गई, जिससे ज़रूरतमंद परिवारों को तत्काल राहत मिल सके। इस मानवीय पहल में मार्ज़ोन इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश शर्मा, उपाध्यक्ष सुखविंदर सिंह, सचिव नरेश कुमार, सदस्य आशीष, पूर्व सदस्य गिरीधर कृष्णन व सन्नी सूद, संरक्षक संजीव भंडारी और अन्य सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही।

    इस अवसर पर एडीसी ऊना महेंद्र पाल गुर्जर, संयुक्त निदेशक उद्योग अंशुल धीमान और जिला रेड क्रॉस सोसायटी के सचिव संजय संख्यान उपस्थित रहे। अतिरिक्त उपायुक्त ने मार्ज़ोन इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आपदा की घड़ी में ऐसे सहयोग समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने अन्य संस्थाओं और नागरिकों से भी राहत कार्यों में भागीदारी की अपील की है।

  • Ajay Devgan और Yash Raj Films के विवाद में फंस गईं थीं Kajol!

    Ajay Devgan और Yash Raj Films के विवाद में फंस गईं थीं Kajol!

    मुंबईः बॉलीवुड की दुनिया में फिल्मी सितारों के बीच होने वाले टकरावों का असर न सिर्फ इंडस्ट्री पर बल्कि उनके निजी जीवन पर भी पड़ता है। ऐसा ही एक पुराना विवाद एक बार फिर चर्चा में है, जब अजय देवगन और यशराज फिल्म्स के बीच साल 2012 में बॉक्स ऑफिस क्लैश हुआ था। इस विवाद के बीच अभिनेत्री काजोल खुद को बेहद असहाय महसूस कर रही थीं, क्योंकि वह दोनों पक्षों से जुड़ी थीं।

    हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में काजोल ने उस मुश्किल घड़ी को याद किया, जब उनके पति अजय देवगन की फिल्म सन ऑफ सरदार और यशराज बैनर की जब तक है जान एक ही दिन सिनेमाघरों में रिलीज हुई थीं।

    “मैं कुछ कर ही नहीं सकती थी”:- काजोल

    काजोल ने कहा, “झगड़े हमेशा मुश्किल होते हैं, खासकर तब जब वे जल्दी खत्म नहीं होते। उस समय दोनों ही अपनी-अपनी जगह सही थे। मैं दोनों से जुड़ी हुई थी, तो ऐसा लग रहा था जैसे मैं कुछ कर ही नहीं सकती। बस समय का इंतजार करना पड़ता है ताकि भावनाएं ठंडी हो सकें और चीजें ठीक हो सकें।”

    काजोल ने कहा कि बदलाव ही जीवन का स्थायी सत्य है – “बदलाव न अच्छा होता है, न बुरा, वो बस होता है।”

    2012 में सन ऑफ सरदार और जब तक है जान एक साथ दीवाली पर रिलीज होने वाली थीं। अजय देवगन की कंपनी ने यशराज फिल्म्स पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अपनी पावर का गलत इस्तेमाल कर ज्यादा स्क्रीन अपने नाम करवा लीं, जिससे सन ऑफ सरदार को रिलीज के लिए पर्याप्त थिएटर नहीं मिल पाए। अजय ने इस मामले को कॉम्पिटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) में भी दर्ज करवाया था।

    वर्क फ्रंट पर काजोल और अजय देवगन

    काजोल आखिरी बार विशाल फुरिया की माइथोलॉजिकल हॉरर फिल्म मां में नजर आई थीं, जिसे दर्शकों और समीक्षकों से खास प्रतिक्रिया नहीं मिली। अब वह सरजमीं फिल्म में इब्राहिम अली खान और पृथ्वीराज सुकुमारन के साथ नजर आएंगी, जो 25 जुलाई को जियो सिनेमा पर रिलीज होगी।

    वहीं अजय देवगन सन ऑफ सरदार 2 के साथ एक बार फिर इस फ्रेंचाइज़ी में वापसी करने जा रहे हैं, जिसकी घोषणा हाल ही में की गई है। दर्शकों को एक बार फिर इस एक्शन-कॉमेडी से उम्मीदें हैं।

    बॉलीवुड की यह पुरानी खटास अब भले ही बीते दिनों की बात हो, लेकिन इसका असर उन कलाकारों पर भी पड़ा, जो दोनों पक्षों से जुड़े थे, और काजोल की कहानी इसका जिंदा उदाहरण है।

  • Jalandhar News: इस कांग्रेस नेता पर गिरी गाज, 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित

    Jalandhar News: इस कांग्रेस नेता पर गिरी गाज, 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित

    जालंधर (Ens) पंजाब कांग्रेस की अनुशासनात्मक समिति ने बड़ा कदम उठाते हुए जालंधर देहाती के करतारपुर ब्लॉक कांग्रेस-2 के प्रधान जोरावर सिंह सोढ़ी को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है। यह कार्रवाई समिति अध्यक्ष और पूर्व मंत्री अवतार हैनरी ने की। करतारपुर हलका इंचार्ज और पूर्व एसएसपी राजिंदर सिंह की ओर से 4 जुलाई को दी गई शिकायत में बताया गया था कि सोढ़ी पर डकैती जैसे गंभीर आपराधिक मामले में केस दर्ज है और उन्हें गिरफ्तार भी किया गया है।

    पूर्व मंत्री हैनरी ने कहा कि शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पार्टी ने तुरंत निष्कासन का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अनुशासन और पारदर्शिता में विश्वास रखती है और आपराधिक गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसे किसी भी नेता या कार्यकर्ता को संरक्षण नहीं देती, जिन पर गंभीर आपराधिक आरोप हों या जिनकी गतिविधियां समाज और पार्टी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाती हों। ऐसे लोगों के खिलाफ पार्टी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करती है।

  • गुणों का खजाना है Makhana, जानें खाने का सही समय और तरीका

    गुणों का खजाना है Makhana, जानें खाने का सही समय और तरीका

    हेल्थः फाइबर, प्रोटीन, कैल्शियम और कई अन्य आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर मखाना एक बेहतरीन स्नैक है। मखाना, जिसे कमल के बीज या फॉक्स नट्स के नाम से भी जाना जाता है। वास्तव में यह गुणों का खजाना है। मखाना फाइबर का एक बेहतरीन स्रोत है, जो पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में मदद करता है। यह कब्ज, अपच और एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है। नियमित सेवन से आंतों का स्वास्थ्य बेहतर होता है।

    -मखाने में भरपूर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक है। यह ऑस्टियोपोरोसिस जैसी हड्डियों से जुड़ी बीमारियों से बचाव में भी सहायक हो सकता है।

    -मखाना में पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे खनिज होते हैं, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में भी सहायक हो सकता है।

    -मखाना का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिसका अर्थ है कि यह रक्त शर्करा के स्तर को धीरे-धीरे बढ़ाता है। इसलिए, यह डायबिटीज के मरीजों के लिए एक बेहतरीन स्नैक है, क्योंकि यह ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करता है।

    -मखाना एंटी-ऑक्सीडेंट्स और अमीनो एसिड से भरपूर होता है, जो शरीर में हार्मोन संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं। यह त्वचा में निखार लाने और बालों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी सहायक हो सकता है।

    -मखाना कम कैलोरी वाला और फाइबर से भरपूर होता है। इसका सेवन करने से पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है, जिससे खाने की इच्छा कम होती है। इस प्रकार, यह वजन घटाने में बहुत मददगार है।

    -सुबह खाली पेट मखाना खाना शरीर के लिए कई तरह से फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि यह दिन की शुरुआत ऊर्जा के साथ करने में मदद करता है।

    -शाम को जब हल्की भूख लगे, तो जंक फूड की जगह मखाना एक स्वस्थ और पौष्टिक विकल्प है। यह पेट को भरा रखता है और अनहेल्दी चीजों से बचाता है।

    खाने का सही तरीकाः एक पैन में थोड़ा सा घी गरम करें, उसमें मखाने डालकर धीमी आंच पर कुरकुरा होने तक भूनें। इसमें थोड़ा नमक और काली मिर्च डालकर खाएं। आप मखाने को दूध में उबालकर या खीर के रूप में भी खा सकते हैं। मखाने को हल्का भूनकर रायते या सलाद में ऊपर से डालकर खाने से उनका स्वाद और पौष्टिकता दोनों बढ़ जाती है।

  • तेज रफ्तार पिकअप ने बाइक सवारों को कुचला, 2 की मौत, 1 गंभीर घायल

    तेज रफ्तार पिकअप ने बाइक सवारों को कुचला, 2 की मौत, 1 गंभीर घायल

    कोरबाः कटघोरा-अम्बिकापुर नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार पिकअप द्वारा बाइक सवारों युवकों को कुचलने का मामला सामने आया है। हादसे में 2 लोगों की जान चली गई, 1 युवक की हालत गंभीर बनी हुई है। 5 जुलाई की रात ढेलवाडीह के रहने वाले 3 युवक अपने घर वापस लौट रहे थे, तभी हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि सड़क पर मवेशी बैठे थे, जिसके कारण पिकअप का बैलेंस बिगड़ा और फिर स्पीड ज्यादा होने के कारण उसने बाइक सवारों को टक्कर मार दी।

    मृतकों की पहचान अजय यादव (37) और सुमित गुप्ता (26) शामिल है। एक अन्य साथी गंभीर है, जिसे जिला मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। दुर्घटनाग्रस्त पिकअप वाहन को जब्त कर ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, अजय की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। डायल 112 की टीम ने घायलों को पहले कटघोरा अस्पताल पहुंचाया। जहां सुमित की इलाज के दौरान मौत हुई। तीसरा व्यक्ति गंभीर है।

  • Online Process के बिना नहीं मिलेगा आपको PF का पैसा, नौकरी बदलने पर Account Transfer करना जरूरी

    Online Process के बिना नहीं मिलेगा आपको PF का पैसा, नौकरी बदलने पर Account Transfer करना जरूरी

    टेकः ज्यादातर लोग नौकरी करते हुए अपना EPF अकाउंट खुलवाते है। EPFO अपने सदस्यों को कई सुविधाएं देता है। आप ऑनलाइन अपने EPF अकाउंट का बैलेंस भी देख सकते हैं। साथ ही, पैसे निकालने के लिए आवेदन भी कर सकते हैं। EPF में टैक्स में छूट के साथ-साथ लोगों को ब्याज भी अच्छा मिलता है। क्या आपको पता है कि नौकरी बदलने पर EPF अकाउंट भी ट्रांसफर करना होता है।

    अगर आप पुरानी कंपनी बदलने के बाद नई कंपनी में आए गए है और तो आपका UAN नंबर जो पहले था वहीं यहां चलेगा। लेकिन आपको पुराने पैसे को अकाउंट ट्रांसफर करने की जरूरत होती है। अगर आपने अकाउंट ट्रांसफर नहीं किया है तो एक समय के बाद पहली वाली कंपनी के EPF अकाउंट में जमा पैसों पर ब्याज नहीं मिलेगा। अकाउंट ट्रांसफर करने के लिए आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है। आप घर बैठे ऑनलाइन ही EPF अकाउंट ट्रांसफर कर सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अकाउंट अपने आप भी ट्रांसफर हो सकता है, लेकिन यह तब ही होगा जब आपकी पुरानी कंपनी और नई दोनों अकाउंट EPFO के होंगे।

    इतने समय बाद नहीं मिलेगा ब्याज
    नई नौकरी ज्वाइन करने के बाद अगर आपके पुराने EPF अकाउंट को ट्रांसफर नहीं किया है तो कुछ समय तक का तो आपको ब्याज मिलेगा। EPFO के नियमों के मुताबिक, नई कंपनी ज्वाइन करने के बाद 36 महीने यानी 3 साल तक EPF अकाउंट में कोई योगदान नहीं होगा तो वह अकाउंट डीएक्टिवेट मान लिया जाता है। इसके बाद ब्याज मिलान बंद हो जाता है।

    कैसे करें ट्रांसफर?
    EPF अकाउंट ट्रांसफर करने के लिए आपको सबसे पहले EPFO की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाना होगा। उसके बाद होम पेज पर आपको लेफ्ट साइड में दिए गए Online Services के ऑप्शन पर क्लिक करना है। अब आपको FOR EMPLOYEES पर क्लिक करना है। नीचे आकर One Member – One EPF Account (Transfer Request) के ऑप्शन पर क्लिक करना है।

    फिर पर्सनल और PF डिटेल वेरिफाई करें। इसके बाद Get Details पर क्लिक कर दें। अब वेरिफिकेशन के लिए अपने वर्तमान या पिछली कंपनी में से किसी एक को सिलेक्ट कर लें। इसके लिए आपको UAN दर्ज करना होगा। फिर Get OTP पर क्लिक करें। आपके नंबर पर एक OTP आएगा। उसे सबमिट करें। इसके बाद आपके पास एक ट्रैकंग आईडी आएगी। फॉर्म 13 फ्रिंट कर लें। इसके बाद इसपर हस्ताक्षर करके 10 दिनों के भीतर कंपनी को दे दें। आपकी पहली वाली कंपनी इसे प्रोसेस करके अप्रूव करेगी और EPFO को भेज देगी। फिर आपको एक SMS के जरिए अपडेट आएगा।

  • हंसी-मजाक में शुरू हुआ विवाद, समझाने आए बुजुर्ग की गला काटकर हत्या

    हंसी-मजाक में शुरू हुआ विवाद, समझाने आए बुजुर्ग की गला काटकर हत्या

    रायगढ़ः जिले में छठी कार्यक्रम के दौरान युवक द्वारा तलवार से पड़ोसी का गला काटने का मामला सामने आया है। ग्राम तुरेकेला खड़ियापारा ​​​​​​में संपत खड़िया के बच्चे की छठी मनाई जा रही थी। इस दौरान अर्जुन खड़िया (26) और एक अन्य युवक के बीच हंसी-मजाक में विवाद हो गया। कार्यक्रम में मौजूद पड़ोसी केंदाराम खड़िया (65) विवाद शांत कराने पहुंचा। गुस्से में आकर अर्जुन खड़िया तलवार लेकर आया और बुजुर्ग पर हमला कर दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

    जानकारी देते मृतक केंदाराम निवासी ग्राम तुरेकेला खड़ियापारा की बेटी ने बताया कि 3 जुलाई को उनके घर के पास रहने वाले संपत खड़िया के घर छठी कार्यक्रम था जिसमें गांव के कई लोग शामिल हुए थे। इसी दौरान रात में अर्जुन खड़िया और जगन्नाथ खड़िया के बीच हंसी-मजाक में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। कार्यक्रम में मौजूद उसके पिता केंदाराम खड़िया समेत जवाहर खड़िया, जीवन खड़िया और अन्य ग्रामीणों ने दोनों को समझाइश देकर मामले को शांत कराया। तब अर्जुन खड़िया गुस्से में वहां से चला गया, लेकिन कुछ देर बाद अर्जुन तलवार लेकर फिर लौटा और तलवार लहराकर लोगों को डराने-धमकाने लगा। इस दौरान भी केंदाराम ने उसे समझाया, लेकिन वह नहीं माना। इसके बाद पीछे से आकर अर्जुन ने बुजुर्ग के गले में तलवार से जोरदार वार कर दिया।

    घटना को अंजाम देकर आरोपी अर्जुन मौके से भाग गया था। सूचना मिलते ही खरसिया पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और आरोपी की छानबीन शुरू कर दी। जहां आरोपी अर्जुन को हिरासत में ले लिया गया। जानकारी के मुताबिक आरोपी मजदूरी करता है। मृतक के घर के पास ही उसका मकान है। पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया है।

  • Punjab News: चोर ने घर पर बोला धावा, लाखों के जेवरात चोरी, देखें वीडियो

    Punjab News: चोर ने घर पर बोला धावा, लाखों के जेवरात चोरी, देखें वीडियो

    होशियारपुरः जिले में चोरियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला मोहल्ला पुरहीरां से सामने आया है, जहां चोर ने एक घर से लाखों के जेवरात व अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया और मौके से फरार हो गया। इस दौरान सारी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। पीड़ितों ने मामले की शिकायत पुलिस को दे दी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी देते हुए घर के मालिक जग्गा सिंह ने बताया कि वह किसी काम से कहीं गए हुए थे और जब वह वापस लौटे तो घर के ताले टूटे हुए थे। जब घर का सामान चेक किया गया तो घर से 5 तोले सोने के जेवरात व अन्य कीमती सामान गायब था जिसमें 3 अंगुठियां व बहू का सोने का हार शामिल हैं।

    उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि चोर बेखोफ होकर करीब 1 घंटे घर की अलमारियां आराम से चेक करता रहा और सामान लेकर चला गया, जैसे उसे किसी का डर ही न हो। पीड़ितों ने पुलिस को गश्त बढ़ाने की मांग की है। वहीं पुलिस ने सीसीटीवी को कब्जे में लेकर मामले की आगामी जांच शुरू कर दी है।

  • खाली पेट Green Tea पीना कितना सही, जानें क्या है विशेषज्ञों की राय

    खाली पेट Green Tea पीना कितना सही, जानें क्या है विशेषज्ञों की राय

    हेल्थः सेहत के लिए ग्रीन टी बेहद फायदेमंद मानी जाती है। ऐसे में कुछ लोग सुबह की शुरुआत ही ग्रीन टी से करते हैं। लेकिन क्या ऐसा करना सेहत के लिए फायदेमंद है या नहीं?। बता दें कि ज्यादातर विशेषज्ञ खाली पेट ग्रीन टी पीने से बचने की सलाह देते हैं। ग्रीन टी में टैनिन और पॉलीफेनोल्स होते हैं, जो खाली पेट पीने पर पेट में एसिड का उत्पादन बढ़ा सकते हैं। इससे एसिडिटी, पेट में जलन, अपच या मतली जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यह पेट के प्राकृतिक पाचन को भी प्रभावित कर सकता है। ग्रीन टी में मौजूद कैटेचिन्स भोजन से आयरनके अवशोषण को कम कर सकते हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार, ग्रीन टी पीने का सबसे अच्छा समय आमतौर पर खाने के बाद या हल्के नाश्ते के बाद होता है। सुबह के समय हल्के नाश्ते के बाद ग्रीन टी पीना सबसे सही माना जाता है। इससे शरीर को आवश्यक एंटीऑक्सिडेंट मिलते हैं और ऊर्जा का स्तर बढ़ता है। ग्रीन टी को भोजन के बाद पीना पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद होता है।

    यह पाचन को तेज करता है और पेट की समस्याओं को दूर करने में सहायक है। शाम को जब शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस होती है, तब ग्रीन टी एक प्राकृतिक एनर्जी बूस्टर की तरह काम करती है। कुछ लोग वर्कआउट से पहले या बाद में ग्रीन टी पीना पसंद करते हैं, क्योंकि यह प्रदर्शन के स्तर में सुधार और स्टैमिना को बढ़ाने में मदद कर सकती है।आमतौर पर, एक दिन में 2 से 3 कप ग्रीन टी पीना पर्याप्त माना जाता है। बहुत ज्यादा ग्रीन टी पीने से पेट खराब होना, अनिद्रा और लिवर पर दबाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं।