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  • कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर को मिली जान से मारने की धमकी

    कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर को मिली जान से मारने की धमकी

    मथुराः वृंदावन के प्रख्यात प्रियाकांत जू मंदिर के संस्थापक और प्रसिद्ध भागवत कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर को एक बार फिर जान से मारने की धमकी मिली है। इस बार धमकी प्रियाकांत जू मंदिर कार्यालय के फोन पर एक ऑडियो मैसेज के जरिए दी गई। धमकी देने वाले ने चेतावनी देते हुए एक महीने के भीतर “उड़ाने” की बात कही है। इस घटना ने उनके अनुयायियों और समर्थकों में दहशत पैदा कर दी है, जो उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

    मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार ने बताया कि पुलिस को एक तहरीर प्राप्त हुई है, जिसमें धमकी भरे वॉइस मैसेज का जिक्र है। आरोपी ने WhatsApp पर ऑडियो भेजकर 1 महीने में उड़ा देने की धमकी दी है। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने मोबाइल नंबर: 9892941029 से धमकी दी है। पुलिस ने थाना जैंत में BNS 351(4) के तहत FIR दर्ज कर ली है। उन्होंने कहा, “हम इस मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस ने इस धमकी की जांच शुरू कर दी है और संदिग्धों की तलाश में तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर रही है। ”

    देवकीनंदन महाराज को इससे पहले भी कई बार जान से मारने की धमकियां मिल चुकी हैं। कुछ समय पहले पाकिस्तान से एक धमकी भरा फोन कॉल आया था, जिसमें मंदिर पर सामूहिक नरसंहार की धमकी दी गई थी। इसके अलावा एक पत्र के माध्यम से भी मंदिर को निशाना बनाने की धमकी दी गई थी। इतना ही नहीं, अतीत में उनकी कार पर हमला भी हो चुका है, जिसमें उनके ड्राइवर की सूझबूझ के कारण उनकी जान बच गई थी। इन घटनाओं ने उनके अनुयायियों में असुरक्षा की भावना को और गहरा किया है।वर्तमान में देवकीनंदन ठाकुर वृंदावन के मांट क्षेत्र में वंशीवट पर भागवत कथा का आयोजन कर रहे हैं। उनकी कथाएं देश-विदेश में लाखों भक्तों को आकर्षित करती हैं और उनके प्रवचनों का व्यापक प्रभाव है।

    उनकी लोकप्रियता और सामाजिक-धार्मिक गतिविधियों के कारण वह अक्सर विवादों के केंद्र में भी रहे हैं। इस ताजा धमकी के बाद उनके समर्थकों ने पुलिस और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। अनुयायियों का कहना है कि देवकीनंदन महाराज न केवल एक धार्मिक गुरु हैं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। पुलिस ने भक्तों को आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं।

     

  • Diljit Dosanjh से हटा Border 2 Film का Ban, इन शर्तों पर FWICE ने मानी मेकर्स की बात

    Diljit Dosanjh से हटा Border 2 Film का Ban, इन शर्तों पर FWICE ने मानी मेकर्स की बात

    नई दिल्लीः दिलजीत दोसांझ अपनी आगामी फिल्म बॉर्डर 2 के लिए चर्चा में बने हुए हैं। बीते दिनों उनकी फिल्म सरदार जी 3 रिलीज हुई थी जिसमें पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर की कास्टिंग पर सवाल उठे थे। इसके लिए उन्हें बुरी तरह ट्रोल किया जा रहा है। इस बीच उनकी बॉर्डर 2 में कास्टिंग पर फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिनेमा एम्प्लॉइज (FWICE) ने विरोध किया था। उन्होंने कहा था कि FWICE ने दिलजीत दोसांझ को बैन कर दिया है और बॉर्डर 2 से उनका पत्ता कट गया है, लेकिन बीते दिन अभिनेता ने फिल्म के सेट से अपना वीडियो शेयर करते हुए सारी अफवाहों को खारिज कर दिया।

    वहीं अब FWICE ने भी खुलासा किया है कि फेडरेशन ने सिर्फ बॉर्डर 2 के लिए दिलजीत से बैन हटाया है। भूषण कुमार ने FWICE से वादा किया है कि वे सिर्फ बॉर्डर 2 में दिलजीत को काम करने दें, इसके बाद वे उन्हें किसी और फिल्म में कास्ट नहीं करेंगे। इस शर्त पर दिलजीत मान गए हैं। दूसरी ओर FWICE के सदस्य अशोक पंडित ने अपनी असहमति जाहिर की है। उनका कहना है कि फेडरेशन इसके बाद होने वाले नुकसान का जिम्मेदार नहीं होगा।

    टी सीरिज के मालिक से बात के बाद बैन हटाया गया है। उनके मुताबिक, दिलजीत दोसांझ से उनकी कोई दुश्मनी नहीं है, उनकी हैरोइन हानिया से थी जिसने भारतीय सेना को बुरा कहा था। उन्होंने कहा कि दिलजीत सिर्फ पंजाब ही नहीं पूरे भारत के हीरो हैं और हम सब उनके साथ हैं।

  • Punjab News: बिक्रम मजीठिया की बढ़ी मुश्किलें, अब इस मामले में नोटिस जारी

    Punjab News: बिक्रम मजीठिया की बढ़ी मुश्किलें, अब इस मामले में नोटिस जारी

    चंडीगढ़: शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता बिक्रम मजीठिया की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही है। दरअसल, अब बिक्रम मजीठिया को चंडीगढ़ जिला अदालत ने एक नोटिस जारी किया है। यह नोटिस उनके खिलाफ मानहानि केस में जारी किया गया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के पीएस (प्राइवेट सेक्रेटरी) पर भ्रष्टाचार के झूठे आरोप लगाने के मामले में की गई है। पीएस ने इस संबंध में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था।

    राजनीतिक गलियारों में यह मामला एक नया अध्याय खोल सकता है, जिससे मजीठिया की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। दूसरी ओर, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में आज शिरोमणि अकाली दल के नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया द्वारा मोहाली जिला अदालत के रिमांड आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हुई। उच्च न्यायालय में मजीठिया की रिमांड चुनौती याचिका पर सुनवाई 8 जुलाई तक स्थगित कर दी गई है।

    हालांकि, आज मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। सुनवाई के दौरान, पंजाब के एडवोकेट जनरल (एजी) ने दलील दी कि मजीठिया ने मोहाली अदालत के 26 जून, 2025 के आदेशों को चुनौती दी है, जो अब अप्रासंगिक हैं क्योंकि उसके बाद नए समन जारी किए गए हैं। इसके बाद अदालत ने मजीठिया के वकील को संशोधित याचिका दाखिल करने के लिए कहा।

  • Punjab News: 1 किलो हेरोइन, 9.7 लाख की ड्रग मनी और हथियार बरामद, 9 आरोपी गिरफ्तार

    Punjab News: 1 किलो हेरोइन, 9.7 लाख की ड्रग मनी और हथियार बरामद, 9 आरोपी गिरफ्तार

    2 आरोपी हाल ही में मलेशिया से लौटे

    अमृतसरः नशे के खिलाफ चलाई गई मुहिम के तहत पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हेरोइन और हथियार बरामद किए है। मामले की जानकारी देते हुए डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि खुफिया एजेंसी के नेतृत्व में अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय नार्को-आर्म्स मॉड्यूल और एक अंतरराज्यीय नार्को-हवाला सिंडिकेट का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि पहले मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनमें से 2 आरोपी हाल ही में मलेशिया से वापस आए थे। आरोपियों के कब्जे से 5 आधुनिक पिस्तौलें (ग्लॉक और चीनी पिस्तौलें सहित) और 1 किलो हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया था। वह पाकिस्तान और मलेशिया में हैंडलरों के निर्देशों पर पंजाब भर में हथियार पहुंचाने का काम कर रहे थे। एक अन्य मामले में 6 आरोपियों को दिल्ली, कर्नाटक और दुबई से जुड़े एक नार्को-हवाला नेटवर्क में गिरफ्तार किया गया। आरोपियों से 9.7 लाख रुपये की ड्रग मनी और 150 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। यह सिंडिकेट हवाला चैनलों के माध्यम से दुबई को पैसे भेज रहा था। उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ पीएस सदर और पीएस इस्लामाबाद, अमृतसर में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपियों के बैकवर्ड लिंक का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
  • लोगों को बड़ी राहतः 10 और 15 साल पुरानी पेट्रोल-डीजल गाड़ियों को लेकर सरकार का U-Turn

    लोगों को बड़ी राहतः 10 और 15 साल पुरानी पेट्रोल-डीजल गाड़ियों को लेकर सरकार का U-Turn

    नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के कार चालकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। दरअसल, दिल्ली सरकार ने हाल ही में 10 साल पुरानी डीजल की गाड़ियां और 15 साल पुरानी पेट्रोल की गाड़ियां में पेट्रोल-डीजल ना डालने को लेकर ऐलान किया था। लेकिन अब सरकार ने यू-टर्न ले लिया है। सरकार ने नो फ्यूल पॉलिसी को वापस ले लिया है। यानि अब 15 साल पुराने पेट्रोल और 10 साल पुराने डीजल गाड़ियां फिर से सड़कों पर दौड़ती हुई दिखाई देंगी। बता दें कि पुरानी कार पर बैन लगाए जाने के बाद दिल्ली सरकार का जमकर विरोध हुआ था, जिसके बाद ये फैसला लिया गया है। वहीं, कई लोगों ने अपनी लाखों रुपए की कार सस्ते दर पर बेंच दी थी।

    इससे पहले दिल्ली सरकार ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) को पत्र लिखकर कहा था कि तकनीकी चुनौतियों और जटिल प्रणालियों के कारण तय मियाद पूरी कर चुके वाहनों पर ईंधन प्रतिबंध लगाना व्यवहारिक नहीं है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बृहस्पतिवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि इस कदम से लोगों में असंतोष है और सरकार उनके साथ खड़ी है। सिरसा ने कहा कि सरकार ने सुझाव दिया है कि यह प्रतिबंध पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में लागू किया जाना चाहिए।

    उन्होंने तय मियाद पूरी कर चुके वाहनों के लिए ‘कड़े मानदंड’ तय करने के कारण पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी (आप)सरकार की आलोचना की। गौरतलब है कि दिल्ली सरकार ने एक जुलाई से तय मियाद पूरी कर चुके वाहनों के लिए पेट्रोल पंप से ईंधन भराने पर रोक लगा दिया था। सरकार के मुताबिक 10 वर्ष या उससे अधिक पुराने डीजल वाहन और 15 वर्ष या उससे अधिक पुराने पेट्रोल वाहन इस आदेश की जद में आएंगे। अदालत के आदेश के अनुसार सड़कों पर इन वाहनों को चलने की अनुमति नहीं है। परिवहन विभाग और यातायात पुलिस प्रतिबंध लागू होने के बाद ईंधन भरने के लिए पेट्रोल पंप पर पहुंचने वाले ऐसे वाहनों को जब्त कर रही है।

  • सबसे ज्यादा रन बनाने वाले कप्तान बने Shubman Gill, इन दिग्गजों का तोड़ा Record

    सबसे ज्यादा रन बनाने वाले कप्तान बने Shubman Gill, इन दिग्गजों का तोड़ा Record

    स्पोर्ट्सः इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम टेस्ट में भारत ने 587 रन बना दिए। वहीं कप्तान शुभमन गिल ने 269 रन की पारी खेलकर सुनील गावस्कर, सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जैसे दिग्गजों के रिकॉर्ड तोड़े। वे सबसे बड़ा स्कोर बनाने वाले भारतीय कप्तान बन गए हैं। वहीं भारत ने 18 साल बाद इंग्लैंड में 500 रन का आंकड़ा पार किया। इतना ही नहीं, वे भारत के पहले ऐसे बल्लेबाज हैं, जिन्होंने इंग्लैंड ही नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड में 250 से ज्यादा रन बनाए हैं। सचिन तेंदुलकर ने सिडनी में 2004 में नाबाद 241 रन बनाए थे, जबकि द्रविड़ ने एडिलेड में 2003 में 233 रनों की पारी खेली थी। वहीं, सुनील गावस्कर ने 1979 में ओवल में 221 रन बनाए थे। इस तरह शुभमन गिल ने जैसे ही 242वां रन बनाया तो वे इन महान क्रिकेटरों से आगे निकल गए।

    सबसे बड़ी पारी खेलने वाले कप्तान का रिकॉर्ड भी तोड़ा

    कप्तान के तौर पर सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकॉर्ड अभी तक विराट कोहली के नाम दर्ज था, लेकिन इसे भी शुभमन गिल ने छीन लिया। शुभमन गिल भारत के लिए अब टेस्ट में बतौर कप्तान सबसे बड़ी पारी खेलने वाले बल्लेबाज हैं। विराट कोहली ने पुणे में 2019 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 254 रन बनाए थे, लेकिन गिल ने 255 से ज्यादा रन खबर लिखे जाने तक बना लिए हैं। नंबर तीन पर भी विराट कोहली ही हैं, जिन्होंने 243 रन 2017 में श्रीलंका के खिलाफ बनाए थे। इसी सीरीज से पहले भारत की टेस्ट टीम के कप्तान बने शुभमन गिल ने 348 गेंदों में 29 चौके और 3 छक्कों की मदद से 250 रनों का पहाड़ जैसा निजी स्कोर बनाया। उनका स्ट्राइक रेट 71.84 का हो चुका है, दोहरे शतक के बाद वे काफी तेज गति से रन बना रहे हैं। आज के खेल में सिर्फ एक ही विकेट रविंद्र जडेजा का गिरा है, जो शतक से चूक गए। उनके बाद वॉशिंगटन सुंदर आए और उन्होंने कप्तान का अच्छा साथ दिया जिससे वह इतने रिकॉर्ड तोड़ सके।
  • 20 रुपए में मरीजों का इलाज करने वाले पद्मश्री डॉ एमसी डाबर का हुआ निधन

    20 रुपए में मरीजों का इलाज करने वाले पद्मश्री डॉ एमसी डाबर का हुआ निधन

    जबलपुरः चिकित्सा जगत में महंगे इलाज के दौर में जबलपुर में महज 20 रूपए में मरीजों को राहत देने वाले डॉ. एमसी डाबर का आज 80 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। चिकित्सक पद्मश्री डॉ मुनीश्वर चंद्र डावर ने सुबह 9.30 बजे अतिंम सांस ली। उन्होंने अपने संपूर्ण जीवन को गरीब और जरूरतमंद मरीजों की सेवा को समर्पित कर दिया था।

    मामूली फीस लेकर लोगों का इलाज करने वाले डॉ. डाबर को उनकी नि:स्वार्थ चिकित्सा सेवाओं के लिए भारत सरकार ने 2023 में पद्मश्री से सम्मानित किया था। पद्मश्री डाबर की अतिम यात्रा उनके निज निवास से शाम 4 बजे गुप्तेश्वर मुक्तिधाम के लिए प्रस्थान करेगी। 16 जनवरी, 1946 को पंजाब, पाकिस्तान में जन्मे डॉ. एम सी डाबर विभाजन के बाद अपने माता-पिता के साथ भारत आ गए।

    1967 में उन्होंने प्रदेश के जबलपुर से एमबीबीएस (बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी) पूरा किया। उन्होंने 1971 में भारत-पाक युद्ध के दौरान भारतीय सेना में एक वर्ष तक सेवा भी की है। 1972 से, वह जबलपुर में लोगों को बहुत मामूली शुल्क पर स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं प्रदान करने में लगे हुए थे। उन्होंने शुरूआत में लोगों का इलाज करने के लिए 2 रुपये चार्ज किए और वर्तमान में वह अपनी फीस के रूप में 20 रुपये ले रहे हैं।

  • Punjab University Campus में युवती की मौत, सुसाइड नोट बरामद, 2 दिन बाद थी मंगनी

    Punjab University Campus में युवती की मौत, सुसाइड नोट बरामद, 2 दिन बाद थी मंगनी

    मोहालीः पंजाब यूनिवर्सिटी में युवती ने सुसाइड करके जीवनलीला समाप्त कर ली है। मृतका की पहचान 26 वर्षीय अमनदीप कौर के रूप में हुई है। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है। वहीं मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस को घटना स्थल से सुसाइड नोट बरामद हुआ है। जानकारी के अनुसार मृतका की 2 दिन बाद मंगनी होने वाली थी।

    वहीं, उसके पिता पंजाब यूनिवर्सिटी में सुपरिटेंडेंट के पद पर कार्यरत हैं। अभी तक मौत की वजह साफ नहीं हो पाई है। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। पता चल है कि मृतका ने ट्राइसिटी में स्थित एक संस्थान से एमएससी फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई की हुई थी। साथ ही पढ़ाई के दौरान उसकी प्लेसमेंट हो गई थी। इसके बाद वह नामी कंपनी में नौकरी कर रही थी। उसकी दो दिन बाद मंगनी थी। ऐसे में घर में खुशी का माहौल था। रात को वह अपने कमरे में जाकर सो गई थी।

    वहीं, सुबह पता चला कि उसने फंदा लगाकर जान दी है। एक सुसाइड नोट लिखा है। इसमें उसने किसी को जिम्मेदारी नहीं माना है। हालांकि परिवार समझ नहीं पा रहा है कि आखिर उसने यह कदम क्यों उठाया है। पुलिस की तरफ से जो सुसाइड नोट कब्जे में लिया गया है। इसमें लिखा है आईएम सॉरी, मैं जो भी कर रही हूू, अपनी मर्जी से कर रही हूं। इसका किसी और को कारण न बनाया जाए। मैं सिचुएशन को हैंडल नहीं कर सकी। पुलिस अब सुसाइड नोट से उसकी राइटिंग की पहचान भी कर रही है। वहीं, पुलिस ने यह भी पूछा है कि वह ज्यादा परेशान तो नहीं थ।

  • Raksha Bandhan पर्व को लेकर लोगों में दुविधा, जानें सही मुहूर्त और तारीख

    Raksha Bandhan पर्व को लेकर लोगों में दुविधा, जानें सही मुहूर्त और तारीख

    चंडीगढ़ः हर साल सावन माह में रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता है। यह पर्व भाई-बहनों के लिए बहुत ही खास होता है। रक्षाबंधन भाई और बहन के प्रेम का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहन अपने भाई के कलाई में रक्षा सूत्र बांधती है और उनकी दीर्घायु की कामना करती हैं। वहीं भाई हमेशा बहन की सुख-दुख में साथ देने का वचन देता है और उसकी रक्षा का वादा करता है।

    लेकिन पिछले साल की तरह इस बार भी लोगों में रक्षाबंधन की तारीख को लेकर बहुत कंफ्यूजन है, कोई 8 तो कोई 9 अगस्त को मनाने की बात कर रहा है। बता दें कि, इस साल पूर्णिमा तिथि 08 अगस्त की दोपहर 2 बजकर 12 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन यानी 9 अगस्त को 1 बजकर 21 मिनट पर समाप्त होगी। हिन्दू धर्म में उदयातिथि का विशेष महत्व होता है इसीलिए इस साल रक्षाबंधन 9 अगस्त को ही मनाया जाएगा।

    इस साल 9 अगस्त की सुबह 5 बजकर 35 मिनट से दोपहर 1 बजकर 24 मिनट तक रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त है। इस मुहूर्त में राखी बांधना बहुत शुभ होगा. इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 12 बजकर 53 मिनट के बीच होगा। इस अवधि में राखी बांधना और अधिक शुभ रहेगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल रक्षाबंधन पर किसी भी तरह से भद्रा का साया नहीं रहेगा। रक्षाबंधन से पहले से ही भद्रा समाप्त हो जाएगा। ऐसे में बिना किसी टेंशन के राखी बांध सकते हैं।

     

     

  • मंत्री Nitesh Rane ने हिंदुओं को मराठी न बोलने पर पीटने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी

    मंत्री Nitesh Rane ने हिंदुओं को मराठी न बोलने पर पीटने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी

    मुंबईः भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने महाराष्ट्र में मराठी में बात न करने पर लोगों की पिटाई करने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को चुनौती दी कि वे मुंबई के नल बाजार और मोहम्मद अली रोड जैसे मुस्लिम इलाकों में जाएं और वहां रहने वाले लोगों की पिटाई करें, क्योंकि वे मराठी नहीं बोलते। उनका यह बयान महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं द्वारा मीरा रोड में एक रेस्टोरेंट मालिक की मराठी न बोलने पर पिटाई करने के बाद आया है।

    मीरा रोड के लोग रेस्टोरेंट मालिक के समर्थन में सामने आए और मराठी न बोलने पर उसकी पिटाई करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। घटना के विरोध में गुरुवार (3 जून) को इलाके की दुकानें और होटल बंद रहे। नितेश राणे ने कहा, “हिंदू को मारा गया है, इतनी हिम्मत जाके नल बाजार और मोहम्मद अली रोड पे जाके दिखाओ ना। वो गोल टोपी और दाढ़ी वाले क्या मराठी में बात करते हैं। शुद्ध मराठी में बात करते हैं क्या। उनको कान के नीचे बजने की हिम्मत नहीं। जावेद अख्तर क्या मराठी में बात करता है क्या।

    आमिर खान क्या मराठी में गाता है क्या। उसके मुंह से मराठी निकलने की हिम्मत नहीं है। फिर आप एक बेबस हिंदू को थप्पड़ मारने की हिम्मत कैसे कर सकते हैं? यह सरकार हिंदुओं द्वारा चुनी गई है। यह हिंदुत्व विचारधारा पर आधारित सरकार है। इसलिए अगर कोई ऐसा करने की हिम्मत करता है, तो हमारी सरकार अपनी तीसरी आंख भी खोल देगी।

    बता दें, मुंबई के मीरा रोड इलाके में एक रेस्टोरेंट मालिक को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के गुस्साए कार्यकर्ताओं ने मराठी में बात न करने पर कई बार थप्पड़ मारे। इस विवाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे व्यापक आक्रोश फैल गया है और भाषाई असहिष्णुता पर एक नई बहस शुरू हो गई है। इस घटना में मनसे के 3 सदस्य शामिल थे, जिन्होंने मालिक से भिड़कर पूछा कि वह मराठी भाषा का इस्तेमाल क्यों नहीं कर रहा है।