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  • सनराइज संस्था प्रवासी मजदूरों की जिंदगी में भर रही नया उजाला

    सनराइज संस्था प्रवासी मजदूरों की जिंदगी में भर रही नया उजाला

    ऊना/सुशील पंडित: कैसे विकट परिस्थितियों में सनराईज संस्था के प्रतिनिधि स्लम क्षेत्र में प्रवासियों को एकीकृत स्वास्थ्य जागरुता जांच-उपचार कार्यक्रम का आयोजन करते हैं, इसपर आधारिक गणतंत्र दिवस के अवसर पर अपनी जिम्मेदारी का निर्वाहन कैसे करती है यह झांकी में दिखाया गया है।

    सनराईज संस्था 76वें गणतन्त्र दिवस के उपलक्ष्य पर प्रवासियों  में पाए जाने  वाली संवेदनशील बीमारियों की रोकथाम के लिए एकीकृत स्वास्थ्य जागरुता -जाँच-उपचार कार्यक्रम में संस्था के स्वयं सेवियों द्वारा किस ढ़ग से विपरीत परिस्थिीतियों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा पोषित कार्यक्रम के माध्यम से उनकी जाच करते हैं । उक्त झांकी जिला ऊना में प्रवासियों के रहन सहन व उन में पाई जाने वाली संवेदनशील बीमारियों को दर्शाने वाली झांकी निकलकर एक अनूठी पहल कर रही है। स्लम क्षेत्र में  संस्था के प्रतिनिधि किस तरह अपनी जान जोखिम में डाल कर उनके उपचार के लिए  जागरुक व प्रेरित करते हैं।  संस्था कोरोना काल से अब तक स्लम क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार की योजनाओं को बेहतर तरीके से अमलीजामा पहना रही है। अब तक लगभग एक सौ के करीब संवेदनशील बीमारियों से ग्रस्त प्रवासियों को इलाज उनकी दहलीज पर पहुंचकर उनको स्वास्थ्य लाभ दिलवा चुकी है ।

    ऊना। बाहरी राज्यों के प्रवासी समुदाय जिनमें मेहनत मजदूरी करने वाले अधिकांश लोग शामिल हैं, जिनकी झुग्गी-झोपड़ियाँ भी एक समाज का हिस्सा हैं । ऐसी मलिन (स्लम) बस्तियां स्वास्थ्य समस्याओं का एक अलग समूह पैदा करती हैं। वर्तमान में ऊना जिले की बात करें तो यहां झुग्गी झोंपड़ियों के सैकड़ों समूह (बस्तियों) में हजारों की संख्या में लोग रहते हैं। यह उपेक्षित आबादी स्वास्थ्य संबंधी कई तरह की समस्याओं का एक बड़ा स्रोत बन चुकी थी, जिसके चलते औपचारिक स्वास्थ्य क्षेत्र को निपटना चुनौती से कम नहीं था। स्वास्थ्य और स्वच्छता विषयों की ऐसी स्लम बस्तियों के लोगों को जानकारी का अभाव और कई अन्य कारण हैं जिससे वे स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रहते हैं।

    जरूरत थी कि ऐसी स्लम बस्तियों तक भी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो और ऐसे लोग स्वास्थ्य के प्रति शिक्षित अथवा जागरुक हो सकें। ऐसे समय में ऊना जिले की राज्य में सामाजिक सरोकारों पर कार्य करने वाली सनराइज संस्था ऐसे लोगों के जीवन में नया उजाला लेकर पहुंची है। इस संस्था ने न केवल स्लम (मलिन) बस्तियों में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता करने का बीड़ा उठाया, बल्कि उन्हें स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति अलख जगाई है। विकट परिस्थितियों में ऐसे क्षेत्रों में संस्था के लोग जरूरतमंद लोगों को अस्पताल तक पहुंचाकर उनका उपचार कराने अथवा उन तक दवा पहुंचाकर सेवा कर रहे हैं।

    सैंकड़ों लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़कर उनके जीवन स्तर को सुधारा है। देखा गया है कि आम आबादी के साथ जो होता है, उसके विपरीत, औपचारिक स्वास्थ्य क्षेत्र को झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाली आबादी की स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में उनकी बीमारियों के दौरान अपेक्षाकृत देर से पता चलता है। इस प्रकार, औपचारिक स्वास्थ्य क्षेत्र अनिवार्य रूप से इन बीमारियों की गंभीर और अंतिम चरण की जटिलताओं से निपटता है, जो गैर-झुग्गी समुदाय की आबादी के प्रबंधन की लागत से काफी अधिक है। झुग्गी बस्तियों की अनौपचारिक प्रकृति और झुग्गी-झोपड़ियों की आबादी के लिए अद्वितीय सांस्कृतिक, सामाजिक और व्यवहार संबंधी कारकों के कारण, इन समुदायों में बीमारियों के स्पेक्ट्रम, बोझ और निर्धारकों के बारे में बहुत कम जानकारी है जो इन जटिलताओं को जन्म देते हैं, खासकर उन बीमारियों के बारे में जो पुरानी हैं लेकिन रोकथाम योग्य हैं।

    वैसी भी विश्व की सबसे बड़ी जनसंख्या वाले देश भारत में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। यद्यपि पिछले कुछ दशकों में इसमें काफी सुधार हुआ है, लेकिन अभी भी इस क्षेत्र में और अधिक काम करने की आवश्यकता है। इसके बावजूद न केवल ग्रामीण, बल्कि शहरी क्षेत्रों में आबाद स्लम बस्तियों के लोगों को भी स्वास्थ्य की समुचित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। शहर के कुछ हिस्से ऐसे भी हैं जहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, यहां रहने वाले समुदायों को स्वास्थ्य, शिक्षा, पीने का साफ पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं तक पहुंचने में कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यहां न तो स्वास्थ्य केंद्र है और न ही डॉक्टरों या नर्सों की सुविधा उपलब्ध है। प्रसव, टीकाकरण और अन्य चिकित्सा आवश्यकताओं की देखभाल के लिए भी कोई विशेष व्यवस्था नहीं है।

    परिणामस्वरूप, यहां गर्भवती महिलाओं और जन्म लेने वाले बच्चों की मृत्यु दर अधिक है। अब तक अध्ययन बताते हैं कि यहां रहने वाले अधिकांश परिवारों को पीने का साफ़ पानी भी नहीं मिल पाता है। अक्सर दूषित जल पीने के कारण बच्चे बीमार हो जाते हैं, लेकिन किसी प्रकार का पहचान पत्र नहीं होने के कारण उनका सरकारी अस्पताल में इलाज भी नहीं हो पाता है, वहीं आर्थिक रूप से कमज़ोर होने के कारण माता-पिता उन बच्चों का इलाज किसी निजी अस्पताल में कराने में सक्षम नहीं होते हैं। इस बस्ती में मलेरिया, दस्त और सांस संबंधी बीमारियां आम हैं क्योंकि यहां के लोग गंदगी और कचरे के बीच रहने को मजबूर हैं।

    प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सिद्धांतों को लागू करने में सबसे बड़ी चुनौती सभी को स्वास्थ्य देखभाल का समान वितरण करना है। ग्रामीण जनता और शहरी झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोग स्वास्थ्य देखभाल तक पहुँच की कमी के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील हैं। यह संस्था जिले में अब स्वास्थ्य विभाग और सरकार के सहयोग से ऐसी बस्तियों को चिन्हित करके उन तक सरकार की स्वास्थ्य सुविधाओं को पहुंचा रही है और जो लोग अस्पताल तक नहीं पहुंच पा रहे थे उनको जागरूक करके स्वास्थ्य लाभ दिला रही है। संस्था के इस नेक कार्य से स्लम बस्तियों के सैकड़ों लोगों का समय पर उपचार संभव हो पा रहा है। देखने में आया कि ऐसी स्लम बस्तियों के लोग खराब आवास और अस्वास्थ्यकर स्थितियों में रह रहे थे। संचारी रोगों और कुपोषण (विशेष रूप से बच्चों में) के बोझ के अलावा कुछ वयस्कों में उच्च बॉडी मास इंडेक्स द्वारा प्रमाणित जीवनशैली रोगों का खतरा पाया गया।

    प्रभावी स्वास्थ्य सेवा के अत्यधिक कम उपयोग के कारण, अज्ञानता वश गरीब समुदायों में स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल पाते हैं। एक और चिंता यह थी कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का उपयोग उन गरीबों में सबसे कम है, जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है। इन तेजी से उभरती चुनौतियों का सामना करने के लिए, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और आबादी द्वारा उनका उपयोग आवश्यक था। ग्रामीण क्षेत्रों और शहरी मलिन बस्तियों में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच का रिकॉर्ड बहुत खराब रहा है। ऐसे में सरकार ने पहल की और उसका हिस्सा सनराइज संस्था भी बन चुकी है। इस संस्था ने अब ऊना जिले से ऐसी बस्तियों में पहचान करके उन तक स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर पहुंच बनाई है। कठिन चुनौती को इस संस्था के स्वयं सेवक दृढ़ संकल्प लेकर आसानी से पूरा कर रहे हैं।

  • Jalandhar News: इस इलाके में SDM के खिलाफ किया जमकर प्रदर्शन, किया बंद का ऐलान, देखें वीडियो

    Jalandhar News: इस इलाके में SDM के खिलाफ किया जमकर प्रदर्शन, किया बंद का ऐलान, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: नकोदर में एसडीएम लाल विश्वास बैंस के खिलाफ लोगों ने जमकर प्रदर्शन किया। दरअसल, वाल्मीकि भाईचारे और दलित भाईचारे द्वारा आज बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा से छेड़छाड़ से विरोध में मांग पत्र सौंपा जाना था। आरोप है कि एसडीएम के देरी से पहुंचने को लेकर लोगों में भारी रोष पाया गया। लोगों का कहना है कि वह 2 घंटे से मांग पत्र देने को लेकर इंतजार कर रहे थे। जिसके बाद उन्होंने सड़क पर धरना लगाकर प्रदर्शन किया गया।

    इस दौरान एसडीएम ने मौके पर आकर लोगों से बैठकर मांग पत्र सौंपने के लिए कहा। वीडियो में देखा जा सकता है कि लोगों में मांग पत्र देरी से लिए जाने को लेकर भारी रोष पाया गया। जिसके बाद काफी हंगामा होने के बाद लोगों ने एसडीएम के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। इस दौरान वाल्मीकि भाईचारे और दलित भाईचारे ने कल बंद की काल का ऐलान किया है। लोगों ने कल दुकानदारों को दुकाने बंद रखने की अपील की है।

  • रेडक्रॉस सोसायटी के लक्की ड्रॉ में पहले विजेता को निकला इलेक्ट्रिक स्कूटर

    रेडक्रॉस सोसायटी के लक्की ड्रॉ में पहले विजेता को निकला इलेक्ट्रिक स्कूटर

    ऊना/सुशील पंडित: जिला रेडक्रॉस सोसायटी के रेफरल ड्रॉ में पहले इनाम में टिकट नंबर धारक 24831 को इलेक्ट्रिक स्कूटर निकला है। बता दें, जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने रेडक्रॉस के पहले तीन ड्रॉ निकाले थे, शेष ड्रॉ उपायुक्त जतिन लाल ने सोमवार को उपायुक्त कार्यालय में निकाले।

    रेफरल ड्रॉ में कुल 7 पुरस्कारों के लिए 63 टिकट नंबर निकाले गए हैं। रेफरल ड्रॉ में पहले विजेता टिकट नम्बर 24831 को इलेक्ट्रिक स्कूटर निकला है, जबकि दूसरे पुरस्कार में टिकट नंबर 44044 और 17410 को 11 हजार रुपये की स्टील अलमारी निकली है। इसके अलावा तीसरे पुरस्कार में टिकट नंबर 38412, 44861, 44906, 18413, 24063, 25060, 7505, 7652, 22548 और 20154 को मिक्सर ग्रेंडर या 2,500 रुपये, चौथे पुरस्कार में टिकट नंबर 25639, 43886, 12333, 8163, 8148, 21419, 24014, 13051, 11630, 11498 को प्रेशर कुकर या दो हज़ार रुपये, 5वें पुरस्कार में टिकट नंबर 8662, 30911, 12926, 20267, 44752, 36499, 20626, 13378, 44158 व 21443 को सीलिंग फैन या दो हज़ार रुपये, छठे पुरस्कार में टिकट नंबर 48266, 1969, 22907, 7703, 37538, 5633, 37428, 18712, 27413 व 41025 को आयरन प्रैस या एक हज़ार रुपये निकला है। इसके अलावा 7वें पुरस्कार में टिकट नंबर 5661, 7981, 30608, 15271, 35267, 31267, 22321, 20040, 16135, 22157, 49821, 24836, 1370, 40594, 17520, 18050, 35816, 40948, 22647 व 8631 को दीवार घड़ी या चार सौ रुपये का ईनाम निकला है

    उपायुक्त ने बताया कि रेफरल ड्रॉ में जिन व्यक्तियों के टिकट नंबर निकले हैं, वे 30 दिनों के भीतर स्वयं या अपने अधिकृत व्यक्ति के माध्यम से उपायुक्त कार्यालय स्थित रेड क्रॉस सोसाइटी के सचिव कार्यालय में अपने दावे प्रस्तुत कर सकते हैं।

  • Jalandhar News: तेजधार हथियार लहराता व्यक्ति गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Jalandhar News: तेजधार हथियार लहराता व्यक्ति गिरफ्तार, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: हथियारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामले की जानकारी देते हुए थाना फिल्लौर के इंस्पेक्टर संजीव कपूर ने बताया कि पुलिस चौकी अपरा (फिल्लौर) में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया जो नशे में धुत्त था और बाजार में तेजधार हथियार (गंडासी) लहरा रहा था। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान चंदन पुत्र राज किशोर (प्रवासी मजदूर) निवासी अपरा के रूप में हुई है।

    नशे में धुत्त हथियार लहराने के मामले में बाजार के कल लोगों ने प्रवासी मजदूर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। जिसके बाद अपरा पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी गिरफ्तार करके फिल्लौर कोर्ट में पेश किया, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी नशे में इस हालत में था कि उसे पता ही नहीं वह हथियार लहराता हुआ घूम रहा था। बता दें कि बीते दिन आरोपी की वीडियो वायरल हो रही थी जिसमें आरोपी सरेआम लोगों के बीच तेजधार हथियार लहरा था। इस दौरान इलाका निवासियों में दहशत का माहौल बना हुआ था।

  • चंदपुर गांव में घायल अवस्था में मिला बारासिंघा

    चंदपुर गांव में घायल अवस्था में मिला बारासिंघा

    वन विभाग टीम जांच में जुटी 

    ऊना/सुशील पंडित: जिला ऊना के हरोली विधानसभा के तहत पड़ते चंदपुर गांव में एक बारहसिंगा घायल अवस्था में मिला है।  स्थानीय लोगों द्वारा वन विभाग को इसकी सूचना दी गई जिसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर इसका इलाज करने के लिए पहुंची। वन विभाग के अधिकारी सुशील राणा ने जानकारी देते हुए बताया की चंदपुर गांव में एक बारहसिंगा के घायल अवस्था में होने की जानकारी मिली थी जिसके बाद तुरंत वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया और ट्रेंकुलाइजर गन से  बेहोश करने के बाद उसका इलाज किया गया और आगामी इलाज के लिए उसे बॉल सेंटर भेज दिया गया है, यहां उसक आगामी उपचार और देखभाल की जाएगी। वन विभाग यह पता लगाने में जुट गया है कि यह जीव घायल कैसे हुआ है

  • एक्शन में ED की टीमः 286 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में करोड़ों की संपत्तियां जब्त

    एक्शन में ED की टीमः 286 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में करोड़ों की संपत्तियां जब्त

    मुंबईः ईडी की टीम ने 286 करोड़ रुपए के धोखाधड़ी मामले में एक्शन लिया है। इस मामले में मुंबई जोनल कार्यालय ने सोमवार (27 जनवरी) को बड़ी कार्रवाई की है। शेरोन बायो मेडिसिन लिमिटेड (SBML) और अन्य के खिलाफ बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने कार्रवाई करते हुए 79.78 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की है। यह मामला फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंकों से 286 करोड़ रुपये के लोन घोटाले से जुड़ा है।

    जानकारी के अनुसार, अटैच की गई संपत्तियां नवी मुंबई, मुंबई, सातारा, रायगढ़ (महाराष्ट्र) और उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल में स्थित हैं। इनमें फ्लैट, प्लॉट, होटल और कृषि भूमि शामिल हैं। कुल संपत्तियों का मूल्य 79.78 करोड़ रुपये है। दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय ईडी ने जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB), मुंबई की ओर से दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की है। आरोप है कि कंपनी ने फर्जी दस्तावेजों के जरिये बैंकों को 286 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया।

    शेरोन बायो मेडिसिन लिमिटेड के तत्कालीन निदेशक मोहन काला, सविता गौड़ा और ललित मिश्रा ने स्टॉक स्टेटमेंट, बैलेंस शीट और रिकॉर्ड्स में हेरफेर किया। फर्जी बिक्री और खरीद के लेनदेन के जरिये बैंकों से बड़ी रकम का लोन लिया। बैंकों से मिले फंड को शेल कंपनियों के माध्यम से डायवर्ट किया गया। इन फंड्स का उपयोग निदेशकों और उनके रिश्तेदारों के नाम पर संपत्तियां खरीदने में किया गया।

    जानकारी के मुताबिक, 23 अक्टूबर 2024 को ईडी ने छापेमारी की थी, जिसमें 16.42 करोड़ रुपये की चल संपत्तियां (बैंक खाते, एफडी, डीमैट खाते) जब्त और फ्रीज की गई थीं। जांच के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस भी बरामद हुए थे। बता दें कि इस मामले में अब तक ईडी ने कुल 96.20 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त और कुर्क की हैं। इस तरह की कार्रवाई से यह साफ है कि भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में ये एजेंसियां सख्त कदम उठा रही हैं।

  • नगर निगम के गहन तक पंचायत प्रतिनिधियों को विकास कार्यों का अधिकार दे सरकार: सत्ती

    नगर निगम के गहन तक पंचायत प्रतिनिधियों को विकास कार्यों का अधिकार दे सरकार: सत्ती

    नगर निगम चु‌नाव आचार संहिता लगने तक संबंधित ग्राम पंचायतों को भंग नहीं किए जाने की मांग

    ऊना/सुशील पंडित: ऊना के नजदीक के गांवों को सरकार द्वारा नगर निगम में शामिल किया गया है जिसमें उन सभी पंचायतों के अधिकार छीन लिए गए हैं जिसमें अव पंचायत प्रतिनिधि कोई भी विकास के कार्य नहीं करवा पा रहे हैं। आज सभी पंचायतों के प्रतिनिधि विधायक सतपाल सिंह सत्ती के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पर इक्कठे हुए और प्रैस वार्ता करने के बाद जिलाधीश ऊना को ज्ञापन सौंप कर उन के अधिकार लौटाने की मांग की गई। जिलाधीश ऊना जतिन लाल को दिए गए ज्ञापन में पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि हम सभी उन ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि हैं, जिन्हें हाल ही में प्रदेश सरकार द्वारा एक अधिसूचना जारी करते हुए ऊना नगर निगम में शामिल किया गया है।  इस नगर निगम के गठन को लेकर केवल मात्र अभी अधिसूचना ही जारी की गई है। जबकि नगर निगम में अभी तक वार्डों के गठन को लेकर भी कोई औपचारिकता आरंभ नहीं की गई। लेकिन इससे पहले ही उन पंचायतों को भंग करने का तुगलकी फरमान जारी कर दिया गया है, जिन्हें नगर निगम में शामिल होने के आदेश जारी कर दिए गए।

    इन सभी ग्राम पंचायतों के चुने हुए जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने नगर निगम में शामिल होने का विरोध किया था। जबकि पंचायतों द्वारा की गई मांग को लेकर न तो किसी तरह की चर्चा की गई न ही इस ओर कोई ध्यान दिया गया। महोदय अब इन ग्राम पंचायतों में विकास के कार्य कैसे होंगे। इन पंचायती राज संस्थाओं में विकास कार्यों के लिए जो बजट उपलब्ध किया गया है, इसका इस्तेमाल करने पर भी रोक लगा दी गई है। इन ग्राम पंचायतों का गठन जनवरी 2021 में किया गया था। जिनका कार्यकाल जनवरी 2026 तक है। लेकिन नगर निगम के गठन के बहाने इन पंचायतों को भंग करते हुए चुने हुए प्रतिनिधियों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों से वंचित किया जा रहा है। जिसका सीधा असर पंचायती राज संस्थाओं द्वारा शुरू किए गए विकास कार्यों के साथ प्रस्तावित विकास कार्यों पर पड़ रहा है। हम सभी पंचायत प्रतिनिधि ग्रामीणों के साथ नगर निगम में शामिल होने को लेकर विरोध भी दर्ज करवा चुके हैं लेकिन इस मामले में अभी तक हमारा पक्ष सुनने को लेकर किसी तरह की कदमताल नहीं हुई है। भारी विरोध के बावजूद इन सभी ग्राम पंचायत को जबरदस्ती नगर निगम में शामिल करने का आदेश जारी कर दिया गया। नगर निगम के चुनाव की आचार संहिता लागू होने तक संबंधित ग्राम पंचायतों को भंग नहीं किया जाना चाहिए। ताकि यहां के काम सुचारू रूप से निपटाए जा सके।

    उन्होंने कहा कि जिस लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत आपका चुनाव 5 वर्ष के लिए किया गया है, इस प्रक्रिया के तहत पंचायती राज एक्ट में ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों को भी 5 वर्ष के लिए अपने अधिकृत क्षेत्र की जिम्मेदारी मिली है, लेकिन सरकार द्वारा इन सभी ग्राम पंचायतों को भंग करते हुए पंचायती राज अधिनियम पर कुठाराघात किया जा रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि इसी वर्ष अप्रैल माह में ग्रामीण क्षेत्रों में बीपीएल का सर्वे होना है जिसमें अपात्र लोगों को इस श्रेणी से बाहर करते हुए पात्र लोगों को इसका लाभ देने के लिए इस सूची में जोड़ा जाना है। यदि इन क्षेत्रों में ग्राम पंचायत ही प्रभावी नहीं होगी तो यह सर्वेक्षण कैसे हो पाएगा। इसके अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र और कई प्रकार के ऐसे काम जो ग्राम पंचायत के कार्यालय में तस्दीक होने के बाद ही आगामी कार्रवाई के लिए विभिन्न कार्यालयों में भेजे जाते हैं, वह भी पूरी तरह से ठप होकर रह जाएंगे। इन सभी विषयों पर गंभीरता से विचार मंथन करते हुए प्रदेश सरकार में ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री सहित शहरी विकास मंत्री को निर्देश देंगे कि नगर निगम की चु‌नाव आचार संहिता लगने तक संबंधित ग्राम पंचायतों को भंग नहीं किया जाए।

    इस मौके पर विधायक सदर सतपाल सिंह सत्ती सतपाल सिंह सत्ती,अशीक धीमान जिला परिषद सदस्य टब्बा वार्ड,उपप्रधान ग्राम पंचायत लोअर अरनियाला अजीत कुमार, प्रधान ग्राम पंचायत कोटला कला अप्पर सरजीवन, प्रधान ग्राम पंचायत कुठार खुर्द रचना देवी,पंचायत समिति सदस्य जलग्रा टब्बा जंग बहादुर, पंचायत समिति सदस्य अरनियाला नीलम कुमारी, उपप्रधान ग्राम पंचायत कोटला कलां अप्पर संजय कुमार, प्रधान ग्राम पंचायत कोटला कलां लोअर राज रानी, उपप्रधान ग्राम पंचायत कुठार खुर्द चमन लाल,प्रधान ग्राम पंचायत जलग्रा टब्या सुदेश कुमारी,उपप्रधान ग्राम पंचायत जलग्रां टव्वा रशपाल सिंह, प्रधान ग्राम पंचायत अजनोली सतपाल सैनी,उपप्रधान ग्राम पंचायत अजनोली मंगल सिंह, उपप्रधान ग्राम पंचायत रैंसरी दलजीत सिंह,प्रधान ग्राम पंचायत मलाहत गुरचरण सिंह,ग्राम पंचायत अप्पर अरनियाला रेणु बाला, उपप्रधान ग्राम पंचायत लालसिंगी हरबंस लाल, प्रधान ग्राम पंचायत रामपुर सुमन कुमारी मौजूद रहे।

  • Jalandhar News: चोरी के 5 वाहनों सहित आरोपी गिरफ्तार

    Jalandhar News: चोरी के 5 वाहनों सहित आरोपी गिरफ्तार

    जालंधर, ENS: कमिश्नरेट पुलिस ने वाहन चोरी के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की 4 मोटरसाइकिल और एक एक्टिवा बरामद की गई हैं। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारी ने बताया कि थाना 8 की पुलिस टीम गदाईपुर स्थित नहर पुल के पास जांच के दौरान एक व्यक्ति को शक के आधार पर रोका और उसके सख्थी से पूछताछ की। जांच के दौरान उसके कब्जे से चोरी की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (पीबी09-एवी-2939) बरामद की गई।

    आरोपी की पहचान पवनदीप सिंह उर्फ ​​पिंटू के रूप में हुई है। इस प्रकार, पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 303 (2) और 317 के तहत एफआईआर नंबर 08 दर्ज की गई। पुलिस ने बताया कि आरोपी पिंटू द्वारा कई मोटरसाइकिल चोरी की गई हैं, जिनमें हीरो होंडा (पीबी 08-एफजे 0271), एक्टिवा (पीबी 08 डीएच 7470), हीरो पैशन (पीबी 09 एजी. 1894) व एक अन्य शामिल हैं। आरोपी द्वारा पूछताछ में खुलासा होने पर सभी वाहनों को जब्त कर लिया गया है।

  • Punjab News: पुलिस ने हेरोइन सहित तस्कर को किया गिरफ्तार

    Punjab News: पुलिस ने हेरोइन सहित तस्कर को किया गिरफ्तार

    लुधियानाः नशे के खिलाफ चलाई गई मुहिम के खिलाफ पुलिस ने तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 265 ग्राम हेरोइन बरामद की है। काबू किए गए आरोपी की पहचान राजू कालिया उर्फ राजू पुत्र बूटा राम निवासी भाटिया कालोनी के रूप में हुई है। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारी ने बताया कि उनकी टीम के क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर राजेश कुमार की अगुवाई में पुलिस ने नाकेबंदी पर आरोपी को रोककर तालाशी ली।

    तालाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 265 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश करके 2 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ में बड़े खुलासे होने की संभावना है। पूछताछ में पता चला है कि आरोपी पांचवीं पास है और उस पर पहले भी 3 मामले दर्ज है।

     

  • ऊना जिले में हेलमेट और उपयुक्त नंबर प्लेट के बिना नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

    उपायुक्त ने जन सुरक्षा के दृष्टिगत जारी किए आदेश

    ऊना/सुशील पंडित: ऊना जिले में हेलमेट और उपयुक्त नंबर प्लेट के बिना पेट्रोल पंपों पर गैस-पेट्रोल-डीजल नहीं दिया जाएगा। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला दंडाधिकारी जतिन लाल ने इसे लेकर आदेश जारी किए हैं। आदेश के मुताबिक बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चालकों को पंपों पर पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। वहीं बिना उपयुक्त नंबर प्लेट वाले किसी भी वाहन को ईंधन देने पर भी प्रतिबंध रहेगा। यह आदेश आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों को जारी किए गए हैं। उपायुक्त ने बताया कि कानून व्यवस्था और लोगों की सुरक्षा के मद्देनज़र यह कदम उठाया गया है।

    साथ ही, खुले कंटेनरों, बोतलों, या अन्य अनधिकृत पैकेजिंग में पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर भी रोक लगाई गई है। उपायुक्त ने पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिया है कि पेट्रोल पंप पर किसी भी व्यक्ति के संदिग्ध व्यवहार की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी जाए। उपायुक्त ने पेट्रोल पंपों पर स्वच्छता और सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंपों पर सार्वजनिक शौचालय की सफाई और रखरखाव नियमित रूप से किया जाए। यह सुविधा आम जनता के लिए निःशुल्क है, और किसी भी तरह की पाबंदी या वॉशरूम में ताले लगाने की शिकायत मिलने पर जिला प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी। आम जनता इन शिकायतों को जिला प्रशासन के हेल्पलाइन नंबर 01975-225045, 225046, 225052 या टोल फ्री नंबर 1077 पर दर्ज करा सकती है।

    उपायुक्त जतिन लाल ने स्पष्ट किया कि इन आदेशों की अवहेलना करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त जतिन लाल ने स्पष्ट किया कि इन आदेशों की अवहेलना करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पेट्रोल पंप संचालकों से अपील की कि वे सुरक्षा और सार्वजनिक सुविधा के इन निर्देशों का पूरी गंभीरता से पालन करें ताकि जिले में खतरे की किसी भी आशंका का निर्मूलन हो सके और कानून व्यवस्था बनाए रखी जा सके।