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  • Punjab News: गैंगस्टर प्रभ दासूवाल के 2 शूटरों का पुलिस ने किया एनकाउंटर, देखें वीडियो

    Punjab News: गैंगस्टर प्रभ दासूवाल के 2 शूटरों का पुलिस ने किया एनकाउंटर, देखें वीडियो

    अमृतसरः जिले में पुलिस द्वारा लगातार क्राइम के खिलाफ चलाई गई मुहिम के तहत कार्रवाई की जा रही है। वहीं आज पुलिस ने गैंगस्टर प्रभ दासूवाल के 2 शूटरों का एनकाउंटर कर दिया है। दरअसल, अप्रैल 2025 के दौरान टायरों की दुकान क्रिएटिव व्हील्स पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने यह कार्रवाई की है। इस मामले का मुख्य आरोपी गुरप्रीत सिंह उर्फ लाल पुलिस से मुठभेड़ के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत अमृतसर के अस्पताल में दाखिल कराया गया।

    पुलिस के अनुसार गुरप्रीत सिंह लाल को हथियार बरामदगी के लिए सेंसिटाइज़्ड, बटाला रोड के पीछे के हिस्से में ले जाया गया था। इस दौरान आरोपी ने छुपाकर रखे पिस्टल से पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी। वहीं पुलिस की जवाबी फायरिंग की। इस दौरान पुलिस की ओर से की गई जवाबी फायरिंग में आरोपी गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने मौके से आरोपी के कब्जे से हथियार भी बरामद कर लिए गए हैं।

    पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि इस केस में गैंगस्टर प्रभ दासूवाल के 2 शूटर 23 वर्षीय गुरप्रीत सिंह लाल और 18 वर्षीय जोबन को गिरफ्तार किया गया है। उनका तीसरा साथी बोढ़ सिंह पहले ही जेल में बंद है, जिसे जल्द प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की जाएगी। जांच में खुलासा हुआ है कि क्रिएटिव व्हील्स पर फायरिंग से पहले फिरौती के लिए धमकी भरी कॉल की गई थी।

    हर वारदात के बदले शूटरों को 10 हजार रुपये मिलते थे। हथियारों का प्रबंध प्रभ दासूवाल द्वारा किया जाता था, जो ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से भेजे जाते थे। पुलिस ने यह भी पुष्टि की है कि अमृतसर, तरनातारन और वल्टोहा सहित कई जगहों पर हुई फायरिंग की घटनाएं भी इस गिरोह से जुड़ी हुई हैं। पुलिस ने दोहराया कि गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

  • नशे के खिलाफ NCB का एक्शन, कुख्यात तस्कर संदीप चट्ठा को किया नजरबंद

    नशे के खिलाफ NCB का एक्शन, कुख्यात तस्कर संदीप चट्ठा को किया नजरबंद

    चंडीगढ़ः पंजाब में नशा तस्करों के खिलाफ सरकार द्वारा सख्ती से एक्शन लिया जा रहा है। वहीं आज पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आप सुप्रीमों ने नशे के खिलाफ चलाए गए अभियान के दूसरे पड़ाव को शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि पंजाब को नशा मुक्त बनाया जाएगा।

    दूसरी ओर चंडीगढ़ में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अमृतसर के रहने वाले कुख्यात तस्कर संदीप चट्ठा को बुड़ैल जेल में नजरबंद किया गया है। जांच एजेंसियों का कहना है कि वह हाजी यूसुफ का करीबी हैं। कहा जा रहा है कि उसका गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया से भी लिंक है। फिलहाल एजेंसियां उसके संपर्कों और पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही हैं। ऐसे में नशा तस्करी के खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

  • पंजाब सरकार के ऐतिहासिक माइनिंग सुधार से उद्योग और किसानों को होगा फायदा

    पंजाब सरकार के ऐतिहासिक माइनिंग सुधार से उद्योग और किसानों को होगा फायदा

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने प्रदेश के माइनिंग क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार करते हुए पंजाब माइनर मिनरल पॉलिसी में बड़े संशोधनों को मंजूरी दी है। इन सुधारों का उद्देश्य कच्चे माल की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना, अवैध खनन और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना, उपभोक्ताओं के लिए कीमतें कम करना, राज्य के राजस्व में वृद्धि करना और एकाधिकार को समाप्त करना है। मंत्रिमंडल ने विभिन्न स्तरों पर हितधारकों से व्यापक विचार-विमर्श के बाद इन संशोधनों को स्वीकृति दी है, जिससे माइनिंग क्षेत्र में पारदर्शिता और नागरिक-हितैषी शासन को बढ़ावा मिलेगा।

    खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि सरकार का उद्देश्य माइनिंग सेक्टर की जटिलताओं को समाप्त कर प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग जनहित में सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि नई माइनिंग श्रेणियों—क्रशर माइनिंग साइट्स (CRMS) और लैंड-ओनर माइनिंग साइट्स (LMS)—की शुरुआत से रेत और बजरी की कानूनी उपलब्धता बढ़ेगी, स्थानीय उद्योगों और किसानों को सशक्त किया जाएगा तथा अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा।

    सरकार ने माइनिंग से जुड़ी मंजूरियों को भी मिशन मोड में लाकर प्रक्रियाओं को सरल किया है और पिछले तीन वर्षों में पहली बार पारदर्शी ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया शुरू की है। पहले चरण में 29 साइटों की नीलामी से 11.61 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है, जबकि 200 से अधिक नई माइनिंग साइटों की पहचान की जा चुकी है, जो 2025-26 तक चालू होने की उम्मीद है। अधिकारियों ने कहा कि ये व्यापक सुधार राज्य में कानूनी, पारदर्शी और जन-केंद्रित माइनिंग व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।

  • कुर्सी की होड़ ! भाजपा-कांग्रेस ने मिलाया ‘हाथ’, गरमाई सियासत, अध्यक्ष तत्काल प्रभाव से सस्पेंड

    कुर्सी की होड़ ! भाजपा-कांग्रेस ने मिलाया ‘हाथ’, गरमाई सियासत, अध्यक्ष तत्काल प्रभाव से सस्पेंड

    मुबंईः राजनीति में कुर्सी के लिए कुछ भी हो सकता है। ऐसा ही एक मामला महाराष्ट्र में देखने को मिला है। जहां सियासत के 2 गुट भाजपा और कांग्रेस ने एक-दूसरे के साथ हाथ मिला लिया। दरअसल, महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव में नगर परिषद की सत्ता के लिए भाजपा और कांग्रेस साथ आ गए। ऐसा महाराष्ट्र के अंबरनाथ नगर परिषद में हुआ है। हैरानी की बात यह है कि देशभर में कांग्रेस-मुक्त भारत का नारा देने वाली भाजपा ने अंबरनाथ में सीधे कांग्रेस के साथ हाथ मिलाकर सत्ता का रास्ता चुना है।

    भाजपा और कांग्रेस के इस अप्रत्याशित गठबंधन के पीछे एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना (शिंदे) को सत्ता से दूर रखने की मंशा को वजह बताया जा रहा है। वहीं भाजपा-कांग्रेस का गठबंधन 24 घंटे भी नहीं चल पाया है। दरअसल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नगर निकाय चुनावों के बाद बने कुछ स्थानीय गठबंधनों पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने बीजेपी की स्थानीय इकाइयों को साफ निर्देश दिया है कि वे कांग्रेस और एआईएमआईएम के साथ किए गए गठबंधनों को तुरंत खत्म करें।

    दूसरी ओर चुनावी माहौल के बीच कांग्रेस ने बड़ा अनुशासनात्मक कदम उठाया है। पार्टी ने अंबरनाथ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रदीप पाटिल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई अंबरनाथ नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस के अधिकृत उम्मीदवार होने के बावजूद बीजेपी के साथ कथित गठबंधन करने के आरोपों के बाद की गई है। कांग्रेस नेतृत्व ने साफ संकेत दिया है कि पार्टी लाइन से हटकर कोई भी फैसला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इस कदम को चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

    महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि प्रदीप पाटिल ने पार्टी नेतृत्व को बिना बताए ऐसे कदम उठाए जो कांग्रेस की विचारधारा और संगठनात्मक अनुशासन के खिलाफ हैं। पत्र में बताया गया कि अंबरनाथ नगर पालिका चुनाव कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पर लड़े गए थे और पार्टी के 12 उम्मीदवार जीतकर आए। इसके बावजूद बीजेपी पार्षदों के साथ गठबंधन की खबरें सामने आईं। सबसे गंभीर बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी पार्टी कार्यालय को मीडिया के माध्यम से मिली। कांग्रेस ने इसे संगठनात्मक मर्यादा का सीधा उल्लंघन माना है।

    प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गणेश पाटिल की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि प्रदीप पाटिल का आचरण पार्टी विरोधी है और इससे कांग्रेस की छवि को नुकसान पहुंचा है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यह कदम कांग्रेस के सिद्धांतों और अनुशासन के खिलाफ है। प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। सिर्फ प्रदीप पाटिल को ही नहीं बल्कि अंबरनाथ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की पूरी कार्यकारिणी को भी भंग कर दिया गया है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि अनुशासन तोड़ने वालों के लिए कोई नरमी नहीं होगी।

     

  • Himachal News: हरोली में जल संरक्षण की नई मिसाल बन रहे तालाब

    Himachal News: हरोली में जल संरक्षण की नई मिसाल बन रहे तालाब

    20 करोड़ की लागत से प्राचीन टोबों का हो रहा कायाकल्प

    ऊना/सुशील पंडित: हरोली विधानसभा क्षेत्र में जल संरक्षण, भूजल रिचार्ज और पर्यावरण संतुलन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अनुकरणीय पहल की जा रही है। क्षेत्र के प्राचीन तालाबों (टोबों) को पुनर्जीवित कर उन्हें आधुनिक, सुंदर एवं बहुउद्देशीय सरोवरों के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिस पर लगभग 20 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जा रही है। यह पहल न केवल पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण की दिशा में अहम कदम है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्थायी जल सुरक्षा का मजबूत आधार भी तैयार कर रही है।

    हरोली के विधायक एवं उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की दूरदर्शी सोच और जनहितकारी  दृष्टिकोण के चलते वर्षों पुराने टोबों को नया जीवन मिल रहा है। जहां देश के अनेक हिस्से गिरते भूजल स्तर और सूखते जल स्रोतों की चुनौती से जूझ रहे हैं, वहीं हरोली में जल संरक्षण को लेकर एक सकारात्मक, दूरगामी और सतत मॉडल विकसित हो रहा है।

    प्राचीन टोबों से आधुनिक सरोवरों तक का सफर

    हरोली क्षेत्र में गांव-गांव फैले पारंपरिक तालाब, जिन्हें स्थानीय भाषा में टोबे कहा जाता है, कभी वर्षा जल संग्रहण, पशुओं के पेयजल और सिंचाई का प्रमुख साधन हुआ करते थे। समय के साथ बदलती जीवनशैली और देखरेख के अभाव में ये जल स्रोत उपेक्षित हो गए थे। ऐसे में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने इन पारंपरिक जल स्रोतों के महत्व को समझते हुए इनके पुनरुद्धार की एक ठोस और सुनियोजित रूपरेखा तैयार की।

    इन तालाबों को अब आधुनिक तकनीक के माध्यम से पुनः जल से लबालब किया जा रहा है। साथ ही इन्हें आकर्षक सरोवरों के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि ये जल संरक्षण के साथ-साथ जैव विविधता संरक्षण, जलीय जीवन, ग्रामीण पर्यटन और पंचायतों की संभावित आय का माध्यम भी बन सकें।

    पूरे प्रदेश के लिए प्रेरक मॉडल

    हरोली में तालाबों के संरक्षण और संवर्धन के प्रयास कोई नए नहीं हैं, बल्कि यह कार्य मुकेश अग्निहोत्री के पहले विधायक कार्यकाल से ही निरंतर जारी है। वर्तमान समय में इन प्रयासों को और अधिक व्यापक एवं प्रभावी रूप दिया गया है। यह मॉडल आज पूरे प्रदेश के लिए जल संरक्षण की एक प्रेरक मिसाल बनता जा रहा है।

    तालाबों के चारों ओर पैदल पथ, हरियाली, सौंदर्यीकरण और स्वच्छता से जुड़े कार्य भी किए जा रहे हैं। इससे जहां एक ओर ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक सौंदर्य और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर आसपास के क्षेत्रों में गिरते भूजल स्तर को स्थिर करने में भी उल्लेखनीय सहायता मिलेगी।

    जल संरक्षण हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का संकल्प – मुकेश अग्निहोत्री

    उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हरोली में तालाबों और टोबों का पुनरुद्धार केवल एक विकासात्मक परियोजना नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षित रखने का संकल्प है। पारंपरिक जल स्रोत आने वाले समय में जल सुरक्षा की सबसे मजबूत नींव सिद्ध होंगे। पुनर्जीवित टोबे न केवल भूजल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन में अहम भूमिका निभाएंगे, बल्कि ग्रामीण जीवन की समृद्धि, स्वच्छता और सौंदर्य को भी नया आयाम देंगे।

    क्या कहते हैं अधिकारी

    जल शक्ति विभाग हरोली के अधिशाषी अभियंता पुनीत शर्मा ने बताया कि हरोली में तालाबों के सौंदर्यीकरण, जल संचयन और ग्रामीण क्षेत्रों के पानी की निकासी को एकत्रित करने के लिए जल शक्ति विभाग, वन विभाग और लोक निर्माण विभाग के संयुक्त कन्वर्जेंस के माध्यम से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जल शक्ति विभाग के माध्यम से लगभग 11 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जबकि शेष राशि अन्य विभागों के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से खर्च की जा रही हैं।

  • पिडिलाइट की 300 करोड़ रुपये की परियोजना से पंजाब के औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा

    पिडिलाइट की 300 करोड़ रुपये की परियोजना से पंजाब के औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा

    चंडीगढ़: पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, बिजली तथा प्रवासी भारतीय मामलों के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने घोषणा की कि एडहेसिव और निर्माण से संबंधित रसायनों की अग्रणी कंपनी पिडिलाइट इंडस्ट्रीज लिमिटेड पंजाब में 300 करोड़ रुपये के निवेश से एक नई निर्माण सुविधा स्थापित करेगी। यह परियोजना जिला पटियाला के राजपुरा क्षेत्र की उप-तहसील घनौर के गांव माजरी फकीरां और सोहणे माजरा में लगभग 31 एकड़ भूमि पर विकसित की जाएगी।

    अरोड़ा ने बताया कि इस इकाई में जल-आधारित एडहेसिव और वॉटरप्रूफिंग उत्पादों के मिक्सिंग व ब्लेंडिंग का कार्य किया जाएगा। इसकी कुल उत्पादन क्षमता 2 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष होगी, जिसमें 1.40 लाख मीट्रिक टन जल-आधारित एडहेसिव और 60 हजार मीट्रिक टन वॉटरप्रूफिंग उत्पाद शामिल हैं। यह संयंत्र मुख्य रूप से घरेलू बाजार की जरूरतों को पूरा करेगा, जबकि भविष्य में निर्यात की संभावनाएं भी रहेंगी।

    रोजगार सृजन पर जोर देते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इस परियोजना से करीब 300 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर उत्पन्न होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक और पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा (ईएचएस) मानकों के अनुरूप विकसित होने वाली यह परियोजना उत्तर भारत में पिडिलाइट के निर्माण आधार को सुदृढ़ करेगी और पंजाब को निवेशक-अनुकूल औद्योगिक राज्य के रूप में और मजबूत बनाएगी।

  • Punjab News: 2 दिन पहले घर से लापता युवक का शव बरामद, देखें वीडियो

    Punjab News: 2 दिन पहले घर से लापता युवक का शव बरामद, देखें वीडियो

    कपूरथलाः जिले के कांजली रोड स्थित सुख सागर कॉलोनी के पास खेतों से नौजवान का शव बरामद हुआ है। इस घटना को लेकर लोगों में दहशत का माहौल पाया जा रहा है। लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल की मोर्चुरी में रखवा दिया है। मृतक की पहचान सागर पुत्र सुरिंदरपाल निवासी नडाली के रूप में हुई है।

    वहीं घटना की सूचना मिलते मौके पर पहुंचे परिजनों ने बताया कि सागर 2 दिन पहले अपनी बहन के गांव डोले से बस द्वारा कपूरथला आया था। जहां वह चर्च जाने की बात कहकर घर से निकला था। इसके बाद वह लापता है और वापस नहीं लौटा। परिजनों ने सागर का कोई सुराग न मिलने पर सिटी पुलिस में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस फिलहाल मौत के कारणों की जांच कर रही है और सभी पहलुओं से मामले की पड़ताल की जा रही है।

    एएसआई बलदेव सिंह ने बताया कि मृतक के शव को कपूरथला सिविल अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया गया है। पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस फिलहाल मौत के कारणों की जांच कर रही है और सभी पहलुओं से मामले की पड़ताल की जा रही है।

     

  • मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में उद्योग और विनिर्माण क्षेत्र के प्रतिनिधियों से की पूर्व बजट परामर्श बैठक

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में उद्योग और विनिर्माण क्षेत्र के प्रतिनिधियों से की पूर्व बजट परामर्श बैठक

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि उद्योग एवं विनिर्माण क्षेत्र का प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है। आर्थिक विकास के दृष्टिकोण से राज्य के आगामी बजट में औद्योगिक क्षेत्र पर पूरा ध्यान दिया जाएगा। प्रदेश सरकार ने आगामी बजट के लिए यह लक्ष्य रखा है कि बजट अधिक से अधिक रोजगार परक और उद्योगों के अनुकूल हो ताकि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले व 2047 तक विकसित भारत की यात्रा में हरियाणा का योगदान अग्रणी हो। मुख्यमंत्री बुधवार को गुरुग्राम में बजट पूर्व परामर्श बैठक में उद्यमियों से सीधा संवाद कर रहे थे। नायब सिंह सैनी ने कहा कि बजट पूर्व परामर्श बैठक का लक्ष्य संबंधित हितधारकों के बहुमूल्य सुझाव लेकर प्रदेश में अधिक से अधिक उद्योगों के अनुकूल माहौल बनाना है। बीते वर्ष भी उद्योगों के साथ इस तरह बजट पूर्व परामर्श बैठक की गई थी, जिसमें बेहतरीन सुझाव आए थे, जिससे नीतियों को अधिक मजबूती मिली। बैठक में सुझाव प्राप्त हुए थे, जिसमें से 71 सुझावों को बजट में शामिल किया गया। उद्योग एवं श्रम विभाग के लिए वर्ष 2025 – 26 बजट में लगभग 1 हजार 951 करोड़ 43 लाख रुपये का प्रावधान किया गया, इसमें से 873 करोड़ 51 लाख रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि बजट से जुड़े अच्छे सुझाव आमंत्रित हैं, कोई भी साथी एआई चैटबोट के माध्यम से अपने सुझाव दे सकता है।

    धरातल पर उतर रही घोषणाएं

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार बजट में की गई घोषणाओं को लगातार धरातल पर उतारने का कार्य कर रही है। पिछले बजट में उद्योग एवं श्रम विभाग के बजट को 129.37 प्रतिशत तक बढ़ाया गया था ताकि इसे और अधिक सशक्त बनाया जाए। हरियाणा सरकार ने श्रमिकों के लिए डॉरमेट्री और सिंगल रूम के निर्माण हेतु आईएमटी बावल में 5 एकड़, आईएमटी फरीदाबाद में 2.76 एकड़ तथा आईएमटी सोहना में 5.47 एकड़ भूमि अधिकृत की है। आईएमटी खरखौदा के विस्तार के लिए 3 करोड़ रुपये प्रति एकड़ की दर से लगभग 5800 एकड़ भूमि की पहचान की जा चुकी है। इसे शीघ्र ही औद्योगिक नीति-2022 के अंतर्गत अधिकृत किया जाएगा।

    औद्योगिक विकास के लिए बजट प्रावधानों में होगा विशेष फोकस

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इस बजट पूर्व परामर्श बैठक में अनेक सुझाव आए। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि हरियाणा के औद्योगिक विकास के लिए बजट प्रावधानों में विशेष फोकस होगा। जितने ठोस और लागू करने योग्य सुझाव दिए गए हैं, उतना ही प्रभावी बजट प्रस्तुत करेंगें। उन्होंने कहा कि हर सुझाव हमारे लिए मार्गदर्शक है और मैं व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करूंगा कि उन पर गंभीरता से विचार किया जाए।

    खरखौदा में बनेगा सैटेलाइट शहर

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सोनीपत जिला के खरखौदा में 10 हजार एकड़ क्षेत्र में सैटेलाइट शहर बसाने की योजना है। इसके साथ-साथ राई में हॉल सेल मार्केट बनाई जाएगी। इसको लेकर व्यापारियों ने संपर्क करना भी शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने संकल्प पत्र में ईवी पार्क बनाने का लक्ष्य भी रखा है। इसके साथ ही 70 हजार करोड़ रुपये की लागत से आरआरटीएस की डीपीआर बन चुकी है, जल्द ही उसका टेंडर होगा। यह सराय काले खां से करनाल व सराय काले खां से अलवर तक जाएगा, इससे प्रदेशवासियों को लाभ मिलेगा। वहीं मानेसर में कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि लघु सचिवालय परिसर बावल में 26 लाख रुपये की राशि से लेबर कोर्ट बनाई जाएगी, इसके लिए बजट लोक निर्माण विभाग(भवन एवं सड़कें) को दिया जा चुका है।

    औद्योगिक विकास के साथ ही विकसित राष्ट्र बनेगा भारत 

    हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार विकसित भारत-2047 के विजन पर फोकस करते हुए कार्य कर रही है। औद्योगिक विकास के साथ ही विकसित राष्ट्र के रूप में भारत को नई पहचान दिलाने के लिए सरकार अपना दायित्व प्रभावी रूप से निभा रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य उन्मुख हरियाणा बनाने में उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों की अहम भागीदारी होती है, ऐसे में हरियाणा सरकार द्वारा आगामी बजट को हर हित की सोच के साथ सुगम व फलदायी बनाने के लिए इस प्रकार के प्री बजट सेशन में सुझाव लेते हुए कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह हरियाणा सरकार की सार्थक पहल है कि बजट पूर्व परामर्श लेकर हर क्षेत्र के लोगों का ध्यान रखते हुए बजट में प्रावधान रखे जा रहे हैं। उन्होंने उपस्थित प्रतिनिधियों को पर्यावरण संरक्षण में भी अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर पटौदी से विधायक बिमला चौधरी, गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, श्रम विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन, आबकारी एवं कराधान आयुक्त एवं सचिव आशिमा बराड़, एचएसआईआईडीसी के एमडी आदित्य दहिया, मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।  
  • बड़ा फैसलाः सर्राफा कारोबारियों ने इन लोगों की दुकान में एंट्री की बैन

    बड़ा फैसलाः सर्राफा कारोबारियों ने इन लोगों की दुकान में एंट्री की बैन

    पटनाः बिहार में बढ़ती लूटपाट और चोरी की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड फेडरेशन (AIJGF) के निर्देश पर बिहार के सर्राफा बाजारों में यह नियम लागू किया है। दरअसल, सर्राफा कारोबारियों ने सुरक्षा को लेकर निर्णय लिया है कि राज्यभर में अब सोना-चांदी की दुकानों में हिजाब, नकाब या घूंघट पहनकर आने वाली महिलाओं और हेलमेट या मुरेठा पहनकर आने वाले पुरुषों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। बिहार के जूलरी व्यापारियों ने इस फैसले का समर्थन किया है।

    उनका मानना है कि इस नए सुरक्षा नियम से लूट, चोरी और डकैती की घटनाओं में कमी आएगी और पुलिस को भी संदिग्धों की पहचान करने में मदद मिलेगी। आल इंडिया गोल्ड एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि सर्राफा कारोबार लंबे समय से अपराधियों के निशाने पर रहा है। कई बार लूट और डकैती की वारदातों में अपराधी चेहरा ढककर आते हैं। ऐसे में चेहरे ढके होने की वजह से सीसीटीवी फुटेज में भी अपराधियों की पहचान स्पष्ट नहीं हो पाती।

    इससे न सिर्फ जांच में दिक्कत आती है, बल्कि अपराधियों के हौसले भी बढ़ते हैं। यह फैसला ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड फेडरेशन (AIJGF) के निर्देश पर लिया गया है और 8 जनवरी 2026 से पूरे प्रदेश में लागू हो जाएगा। हालांकि, इसको लेकर विवाद शुरू हो गया है और इसको हिजाब बैन से जोड़कर प्रचारित किया जा रहा है, लेकिन यह पूरा सच नहीं है। ज्वैलर्स एसोसिएशन का कहना है कि इसी को ध्यान में रखते हुए यह नियम लागू किया गया है। सर्राफा कारोबारियों ने ग्राहकों से अपील की है कि वे खरीदारी के दौरान चेहरे को ढककर न आएं।

    इससे दुकानों में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई संभव हो सकेगी। फेडरेशन का कहना है कि मौजूदा समय में सोना और चांदी ऐतिहासिक रूप से महंगे स्तर पर पहुंच चुके हैं। वर्तमान में 10 ग्राम सोने की कीमत लगभग ₹1,40,000 और एक किलो चांदी की कीमत करीब ₹2,50,000 तक पहुंच गई है। इतनी अधिक कीमत के चलते जूलरी दुकानें अपराधियों के लिए आसान और आकर्षक निशाना बन जाती हैं।

  • सत्ती बोले राजनीतिक द्वेष में प्रधानों को किया जा रहा निलंबित

    सत्ती बोले राजनीतिक द्वेष में प्रधानों को किया जा रहा निलंबित

    अधिकारियों को अदालत में भुगतना पड़ेगा अंजाम

    ऊना सुशील पंडित: भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं ऊना विधानसभा क्षेत्र के विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने चताड़ा पंचायत प्रधान नीलम कुमारी का निलंबन रद्द होने पर उन्हें बधाई देते हुए प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह फैसला साफ तौर पर साबित करता है कि चुने हुए जनप्रतिनिधियों को राजनीतिक द्वेष के चलते निशाना बनाया जा रहा है।

    सत्ती ने कड़े शब्दों में कहा कि केवल चताड़ा ही नहीं, बल्कि ऊना जिला की कई पंचायतों में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बिना समयबद्ध और निष्पक्ष जांच के निलंबित किया गया। यह न केवल लोकतंत्र का अपमान है, बल्कि जनता के जनादेश को कुचलने का प्रयास भी है।

    विधायक ने अधिकारियों को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन कानून से ऊपर जाकर की गई कार्रवाई का हिसाब अदालत में देना पड़ता है। जब ऐसे मामलों में अधिकारी अदालतों में घसीटे जाएंगे, तब कोई भी नेता उनके साथ खड़ा नहीं होगा।

    उन्होंने कहा कि अधिकारी किसी भी राजनीतिक दबाव में आकर दुर्भावना से काम न करें। चुने हुए जनप्रतिनिधियों को प्रताड़ित और अपमानित करने की यह प्रवृत्ति भविष्य में प्रशासन के लिए भारी पड़ सकती है। सत्ती ने कहा कि निलंबन रद्द होने का कारण यह बताया गया कि मामले में समयबद्ध जांच ही नहीं की गई, जो इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि पूरी कार्रवाई राजनीतिक द्वेष से प्रेरित थी। विधायक सतपाल सत्ती ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की सरकार पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को टालने का काम पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को टालने का काम कर रही है। दरअसल कांग्रेस पंचायती राज संस्थाओं के साथ-साथ स्थानीय निकायों के चुनाव में अपनी हर को देखकर बुरी तरह बौखला चुकी है यही कारण है कि वह इन चुनावों को ही रोकने का काम कर रही है।

    उन्होंने कानून व्यवस्था की बदहाली को लेकर भी सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों को जमकर आड़े हाथ लिया। विधायक ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की अपराधियों पर एक नहीं चल रही, जबकि अधिकारी चुने हुए जनप्रतिनिधियों को अपमानित और प्रताड़ित करने का काम कर रहे हैं।