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  • Jalandhar News: केंद्र द्वारा पराली के दोगुने जुर्माने पर किसान नेताओं का आया बयान, देखें वीडियो

    Jalandhar News: केंद्र द्वारा पराली के दोगुने जुर्माने पर किसान नेताओं का आया बयान, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: सुप्रीम कोर्ट के पराली जलाने के मामले में सख्त निर्देश के बाद अब केंद्र सरकार ने भी प्रदूषण की समस्या और पराली जलाने के मामले एक्शन लिया है। दरअसल, आज ही पराली जलाने के मामले में केंद्र सरकार ने नया फरमान जारी करते हुए पराली को आग लगाने के मामले में जुर्माने को दोगुना कर दिया है। केंद्र सरकार के नए फैसले के मुताबिक, अगर किसान पराली जलाते हैं और उनके पास 2 एकड़ से कम भूमि है तो 5 हजार रुपये, 2-5 एकड़ वाले किसानों को 10 हजार रुपये और 5 एकड़ से अधिक जमीन वाले किसानों को 30 हजार रुपये पराली जलाने पर जुर्माना देना होगा। वहीं इस मामले को लेकर जालंधर हरसुरिंदर सिंह दोआबा कमेटी पंजाब प्रधान ने कहा कि वह दिल्ली सरकार से पूछना चाहते है कि ऐसी कौन-सी चिमनी लगी है जो पंजाब से सीधा धुंआ दिल्ली की ओर छोड़ती है। उन्होंने कहा कि जो प्रदूषण इस बार चैक किया गया, उसमें ढाई प्रतिशत धुंआ पराली में पाया गया है, जबकि 51 प्रतिशत इंडस्ट्री का धुंआ, वहीं ट्रांसपोर्ट सहित अन्य धुंआ पाया गया।

    किसान नेता ने दिल्ली सरकार और पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार ढाई प्रतिशत धुंए पर ही क्यों इतना ज्यादा जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि किसानों पर ही ये अत्याचार किया जा रहा है। सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि धान की फिक्र सरकार को नहीं है। वहीं उन्होंने कहा कि 7 प्रतिशत काट किसानों पर लगाई जा रही उस पर प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि प्रशासन पहले धान की खरीद पर ध्यान दे उसके बाद किसानों पर कार्रवाई करें। किसान नेता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी किए थे जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पहले किसानों को प्रति क्विंटल 100 रुपए अदा किए जाए, उसके बाद किसानों पर पराली जलाने के मामले में जुर्माने लगाए जाए। किसान नेता ने कहा कि प्रशासन द्वारा उक्त फैसले को लेकर अभी तक किसानों को पैसे तो अदा नहीं किए गए लेकिन जुर्माने लगाने के आदेश जारी कर दिए गए है।

    वहीं दोआबा किसान वेल्फेयर सोसायटी के वाइस प्रधान मनप्रीत सिंह ने कहा कि पंजाब में पराली जलाने के मामले एक दो जगह पर ही सामने आए है। उन्होंने कहा कि पंजाब में अधिकतर किसानों ने पराली को आग नहीं लगाई। लेकिन सरकार किसानों पर प्रदूषण का आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री से ज्यादा प्रदूषण फैल रहा है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री के चलते पानी का स्तर काफी नीचे जा रहा है, लेकिन उस ओर प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। वहीं नए जुर्माने के आदेश को लेकर वाइस प्रधान ने कहा कि सरकार ने पराली के लिए बीलर शुरू किए थे और कहा था कि वह इसे उठाएंगे। किसान नेता ने कहा कि किसानों ने पराली की गांठे बनाकर रख ली, लेकिन प्रशासन द्वारा आज तक जिसने भी बिलर लिए है, वहां पर सरकार द्वारा उक्त पराली को उठाया नहीं गया। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा अभी तक जहां से बिलर उठाए गए, वहां पर प्रशासन द्वारा अभी तक उन्हें पैसा नहीं मिला।

    दिलबाग सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार को पंजाब में पराली जलाने का फ्रिक ज्यादा रहता है। उन्होंने कहा कि पंजाब से 400 किलोमीटर दूर धुंआ कैसे पहुंच रहा है, इसका किसी को नहीं पता। उन्होंने कहा कि धान की खरीद पर प्रशासन द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि जमीनदार को सरकार मारने का यत्न कर रही है। किसान ने कहा कि जमीनदार का सरकार को दुख सुनना चाहिए, लेकिन कोई किसानों से बात करने को तैयार नहीं है। किसान ने कहा कि धान की खरीद में देरी होने के चलते आलू और गेंहू की फसल को लेकर उन्हें देरी हो रही है। लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रही।

     

     

  • Punjab News: किसानों के खातों में 22,000 करोड़ रुपये से अधिक Transfer किए; लाल चंद कटारूचक का बड़ा ऐलान

    Punjab News: किसानों के खातों में 22,000 करोड़ रुपये से अधिक Transfer किए; लाल चंद कटारूचक का बड़ा ऐलान

    Highlights:
    1. पंजाब सरकार ने किसानों के खातों में 22,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा की।
    2. 111 लाख मीट्रिक टन में से 105 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद प्रक्रिया पूरी।
    3. एक दिन में 6.18 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड लिफ्टिंग हुई।

    चंडीगढ़, 7 नवंबर 2024: पंजाब सरकार ने इस साल धान खरीद सीजन में अपने प्रतिबद्ध रुख को दर्शाते हुए किसानों के हितों की रक्षा के लिए विशेष प्रयास किए हैं। फूड, सिविल सप्लाई एवं उपभोक्ता मामले मंत्री श्री लाल चंद कटारूचक ने बताया कि अब तक सरकार ने 22,047 करोड़ रुपये किसानों के खातों में जमा कर दिए हैं। राज्य की मंडियों में अब तक 111 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) धान की आवक हुई है, जिसमें से 105 एलएमटी की खरीद की जा चुकी है। फूड सप्लाई मंत्री ने अनाज भवन में संवाददाताओं को जानकारी देते हुए बताया कि इस खरीद सीजन में राज्य में लगभग 62% धान की लिफ्टिंग भी पूरी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को एक दिन में 6.18 लाख मीट्रिक टन धान की लिफ्टिंग की गई, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। कुल मिलाकर अब तक 64.55 लाख मीट्रिक टन धान उठाया जा चुका है।

    धान खरीद में पंजाब का एक और सफल सीजन

    लाल चंद कटारूचक ने बताया कि पंजाब में 5086 राइस मिलों में से 4792 मिलों ने धान आवंटन के लिए आवेदन किया है, जिनमें से 4579 मिलों को धान आवंटित किया गया है। यह साबित करता है कि यह पंजाब सरकार का लगातार छठा सफल खरीद सीजन बनने जा रहा है। इस बार पंजाब को 185 एलएमटी धान खरीदने का लक्ष्य मिला है, और राज्य सरकार ने 190 एलएमटी धान के लिए पूरे प्रबंध किए हैं, जिसमें बरदाना और वित्तीय सहायता शामिल है। मंत्री ने बताया कि पिछले साल केंद्र सरकार ने किसानों की फसल पर मूल्य कटौती की थी, लेकिन पंजाब सरकार ने अपने खर्च पर 190 करोड़ रुपये का भुगतान करके किसानों को वित्तीय संकट से बचाया। राज्य सरकार ने राइस मिलरों को भी बड़ी राहत दी है, चाहे वह सीएमआर सुरक्षा का मुद्दा हो या अन्य कोई।

    किसानों और अरथियों के हितों की सुरक्षा

    राज्य सरकार ने इस बार यह सुनिश्चित किया है कि मंडियों में आने वाले किसानों की एक-एक फसल की खरीद की जाएगी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान इस प्रक्रिया पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान दे रहे हैं ताकि किसानों, अरथियों और मिलरों के हितों की सुरक्षा की जा सके। भंडारण स्थान की समस्या का समाधान करने के लिए भी सरकार ने केंद्र सरकार से पत्राचार किया है। मंत्री ने बताया कि भंडारण समस्या को हल करने के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया है कि पंजाब से अधिक मात्रा में चावल को उठाने के लिए रेक की संख्या को दोगुना किया जाए।

    भाजपा पर निशाना, सीसीएल को लेकर सफाई

    केंद्रीय कैश क्रेडिट (सीसीएल) के मामले में मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह फंड राज्य को किसानों से खरीदी गई फसल उठाने के बदले में दिया जाता है। यह कोई विशेष सुविधा नहीं है, बल्कि किसानों के अधिकार के तहत आता है। उन्होंने भाजपा नेताओं से अपील की कि वे इस मुद्दे पर राजनीति न करें और केंद्र सरकार पर दबाव बनाएं ताकि अधिक रेक पंजाब से चावल उठाने के लिए भेजी जा सके। अब तक भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने पंजाब में 18 लाख मीट्रिक टन के लिए भंडारण स्थान की व्यवस्था की है। मंत्री ने कहा कि एफसीआई को और अधिक प्रयास करने होंगे ताकि राज्य में और भंडारण स्थान उपलब्ध हो सके।

    भविष्य में और मजबूती से बढ़ेगा खरीद अभियान

    फूड सप्लाई विभाग के अधिकारी कठिन चुनौतियों का सामना करते हुए इस सीजन को सफल बनाने में जुटे हैं। मंत्री ने उनकी सराहना की और भरोसा जताया कि इस सीजन के बाकी बचे समय में भी पंजाब सरकार का धान खरीद अभियान सफल रहेगा। इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रमुख सचिव विकास गर्ग, निदेशक पुनीत गोयल, अतिरिक्त निदेशक डॉ. अंजुमन भास्कर, और संयुक्त निदेशक अजयवीर सिंह साराओ सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
  • E-Vehicle चलाने वाले सावधान! छोटी सी लापरवाही पड़ सकती है भारी

    E-Vehicle चलाने वाले सावधान! छोटी सी लापरवाही पड़ सकती है भारी

    EV Battery: इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है। कई बार इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी की सेफ्टी में लापरवाही बरतने से आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं। स्कूटर की बैटरी सेफ्टी के लिए कुछ सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है, क्योंकि छोटी लापरवाही भी बैटरी में आग लगा सकत है। बैटरी के सही रखरखाव और चार्जिंग में ध्यान देने से आप इस जोखिम को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

    दरअसल, इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की घटनाए लगातार सामने आती रहती हैं। एसी कई घटनाएं सामने आने से लोगों के दिल में डर पैदा हो गया है। हालांकि, सरकार की तरफ से लापरवाही बरतने वाली इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों को कड़ी चेतावनी भी दी गई है। इसके अलावा ऐसी घटनाएं न हों इसके लिए सरकार एक सख्त प्लान बना रही है। लेकिन एसी घटनाओं से बचने के लिए खुद भी हमें कई सावधानिया बरतनी चहिएं।

    ज़रूरत से ज्यादा चार्ज न करेंः कई लोग इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी को रातभर चार्ज पर लगातर छोड़ें.देते हैं जिसके कारण ओवरचार्जिंग से बैटरी में अत्यधिक गर्मी पैदा हो सकती है, जो की बैटरी के लिए नुकसानदायक है।

    ऑरिजिनल चार्जर का उपयोग न करना: इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी को चार्ज करने के लिए केवल ओरिजिनल चार्जर का उपयोग करना चाहिए, क्योंकि हर बैटरी के लिए चार्जिंग का वोल्टेज और करेंट अलग हो सकता है। गलत चार्जर लगाने से बैटरी में बलास्ट हो सकता है।

    बैटरी की जांच: इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी का समय-समय पर निरीक्षण कराते रहना चाहिए। अगर बैटरी में कोई लीकेज, सूजन, या अजीब गंध आए तो इसे तुरंत रिप्लेस करवाएं या सर्विस सेंटर से दिखवाएं।

    गर्मी में पार्किंग से बचें: गर्मीयों में धूप में इलेक्ट्रिक स्कूटर को खड़ा करने पर उसमें आग लगने के कई मामले सामने आ चुके हैं। इसलिए इलेक्ट्रिक स्कूटर को धूप में ज्यादा देर तक न रखें, क्योंकि अत्यधिक तापमान बैटरी को नुकसान पहुंचा सकता है।

     

  • इस मामले में IndiGo Airlines पर लगा एक लाख रुपए का जुर्माना

    इस मामले में IndiGo Airlines पर लगा एक लाख रुपए का जुर्माना

    चंडीगढ़ः उपभोक्ता आयोग ने बुजुर्ग दपंति को एयरपोर्ट पर व्हीलचेयर न देने के मामले में इंडियो एयरलाइंस को एक लाख रुपए जुुर्माना लगाया है। दरअसल, चंडीगढ़ से बेंगलुरु सफर कर रहे सेक्टर-46 के रहने वाले 70 वर्षीय सुनील जंद और उनकी पत्नी 67 वर्षीय वीणा कुमारी ने 11 अक्टूबर 2023 को सफर के दौरान एयरपोर्ट पर व्हीलचेयर न देने पर उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज की थी। जिसके इंडियो एयरलाइंस पर एक लाख रुपये हर्जाना लगाया है। दपंति ने कहा कि 2023 को उन्होंने इंडिगो एयरलाइंस से सफर किया।

    उनकी टिकट बुकिंग में दो व्हीलचेयर भी शामिल थीं, लेकिन जब वे चंडीगढ़ एयरपोर्ट पहुंचे तो उन्हें काफी देर तक व्हीलचेयर का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाए कि एयरलाइन स्टाफ ने भी उनके साथ बदसलूकी की। पीड़ित दपंति का आरोप है कि बेंगलुरु एयरपोर्ट पहुंचने पर भी उनके साथ ऐसा ही व्यवहार हुआ। इसलिए उन्होंने एयरलाइन के खिलाफ उपभोक्ता आयोग में शिकायत दी। आयोग ने उनकी शिकायत पर एयरलाइन को सेवा में लापरवाही का दोषी माना और बुजुर्ग दंपती को 50-50 हजार रुपये हर्जाना दिए जाने का फैसला सुनाया। सुनील जंद ने शिकायत में बताया कि उन्हें बेंगलुरु में अपने दोनों घुटनों का आपरेशन करवाना था।

    पत्नी की पहले ही घुटनों की सर्जरी हुई थी। उन्होंने टिकट में दो व्हीलचेयर की भी बुकिंग करवाई थी। फ्लाइट को चंडीगढ़ से शाम 4.45 बजे उड़ान भरना था। जब वे चंडीगढ़ एयरपोर्ट पहुंचे तो उन्हें व्हीलचेयर ही नहीं दी गई। उन्होंने स्टाफ से पूछा तो जवाब मिला कि वे इंडिगो विंडो पर जाकर बात करें। करीब 40 फीट दूरी पर इंडिगो की विंडो थी और वे बड़ी मुश्किल से वहां तक पहुंचे। फिर उन्हें व्हीलचेयर से बिजनेस लाउंज तक छोड़ दिया गया। क्योंकि अभी फ्लाइट रवाना होने में एक घंटा बचा था। उन्हें स्टाफ ने लाउंज में छोड़ तो दिया लेकिन बोर्डिंग के वक्त उन्हें कोई लेने नहीं पहुंचा।

    फ्लाइट रवाना होने से 10 मिनट पहले उन्हें व्हीलचेयर से विमान तक पहुंचाया गया। इस दौरान उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बेंगलुरु एयरपोर्ट पर भी उनके साथ ऐसा ही व्यवहार हुआ। वहां भी उन्हें व्हीलचेयर के लिए इंतजार करना पड़ा। सुनील जंद ने शिकायत में उन्होंने स्टाफ के इस व्यवहार के खिलाफ शिकायत कर दी। हद तो तब हो गई जब एयरलाइन के मैनेजर जफर नकवी ने उनसे माफी मांगते हुए उन्हें दो हजार रुपये का वाउचर देने की कोशिश की। इसलिए उन्होंने एयरलाइन के खिलाफ उपभोक्ता आयोग में केस दायर किया था।

  • Punjab News: पंजाब के वित्त मंत्री ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए, ‘बिना अनुदान कर्मचारियों की जायज मांगों को .. .

    Punjab News: पंजाब के वित्त मंत्री ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए, ‘बिना अनुदान कर्मचारियों की जायज मांगों को .. .

    Highlights:
    1. पंजाब वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शिक्षा विभाग को बिना अनुदान कर्मचारियों की जायज मांगों को प्राथमिकता पर सुलझाने का निर्देश दिया।
    2. कैबिनेट उपसमिति की बैठक में कई कर्मचारी यूनियनों ने अपनी समस्याओं को सामने रखा।
    3. शिक्षा विभाग से कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों को जल्द हल करने की अपील की गई।

    चंडीगढ़, 7 नवंबर 2024: पंजाब सरकार के वित्त, योजना, आबकारी और कराधान मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि बिना अनुदान कर्मचारियों (एडेड स्कूल) की जायज मांगों को प्राथमिकता पर हल किया जाए। कैबिनेट उपसमिति के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने बुधवार को कई कर्मचारी यूनियनों के साथ बैठक की, जिसमें कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगें और मुद्दे प्रस्तुत किए। कैबिनेट उपसमिति की बैठक के दौरान वित्त मंत्री ने शिक्षा विभाग को सख्त निर्देश दिए कि कर्मचारियों की मांगों का ध्यान रखते हुए त्वरित समाधान निकाला जाए। बैठक में दफ्तर कर्मचारियों से संबंधित समस्याओं को लेकर चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा विचाराधीन है, और उन्होंने इस मामले में 2018 और 2022 में शिक्षकों के नियमितीकरण की तर्ज पर निर्णय लेने की बात कही। साथ ही, उन्होंने निर्देश दिए कि शिक्षा विभाग वेतन विसंगति की समस्या को भी जल्द सुलझाने के लिए उचित कदम उठाए।

    कर्मचारियों की नियमितीकरण की मांग पर विचार

    मुर्र बहाल अध्यापक यूनियन ने इस अवसर पर अपनी बहाली प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने की मांग रखी। इसके जवाब में वित्त मंत्री चीमा ने स्कूल शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि निष्कासित शिक्षकों की सूची तैयार की जाए और उनकी बर्खास्तगी के कारणों की सत्यता की जांच की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिन शिक्षकों की बर्खास्तगी अनुचित कारणों से हुई है, उनके मामलों को सहानुभूतिपूर्वक देखा जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, 2364 ईटीटी चयनित अध्यापक यूनियन ने अपने नियुक्ति स्टेशन के चयन पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग रखी। इस पर विभाग ने उन्हें सूचित किया कि इस मुद्दे के समाधान के लिए पोर्टल खोला जा चुका है।

    पशु चिकित्सा अधिकारियों के लिए वेतन समानता की मांग

    बैठक के दौरान पशु चिकित्सा अधिकारियों की वेतन समानता की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। जॉइंट एक्शन कमेटी ऑफ वेट्स फॉर पे-पैरिटी ने बताया कि नई भर्ती के लिए केंद्र के वेतनमान लागू करने के बाद पशु चिकित्सा अधिकारियों का मूल वेतन चिकित्सा और दंत चिकित्सा अधिकारियों से कम हो गया है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के समान मकान किराया भत्ता देने की भी मांग की। वित्त मंत्री चीमा ने पशुपालन के प्रमुख सचिव को वित्त विभाग के साथ बैठक कर जल्द ही समाधान खोजने और वित्तीय प्रभावों का मूल्यांकन करने का निर्देश दिया।

    ग्रामीण पंचायत जल आपूर्ति पंप ऑपरेटरों की मांगों पर ध्यान

    ग्राम पंचायत जल आपूर्ति पंप ऑपरेटर एसोसिएशन की मांगों पर भी वित्त मंत्री ने विशेष ध्यान दिया। उन्होंने ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग के निदेशक को निर्देश दिया कि ब्लॉक स्तर पर समितियों का गठन कर इन मुद्दों को हल किया जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने विभाग को केंद्र सरकार से कर्मचारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में आवश्यक योग्यता के मानकों में बदलाव के लिए अनुरोध भेजने का भी निर्देश दिया, ताकि सभी कर्मचारियों को इस प्रशिक्षण का लाभ मिल सके।

    वित्त मंत्री का कर्मचारी हितों पर जोर

    वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इस बैठक में विभिन्न कर्मचारी यूनियनों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनकी मांगों और समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार उन कर्मचारियों के लिए हर संभव प्रयास कर रही है जो अपनी मेहनत और निष्ठा से काम कर रहे हैं। चीमा ने शिक्षा विभाग और अन्य संबंधित विभागों को भी यह स्पष्ट निर्देश दिए कि वह कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द करें ताकि कर्मचारियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इस महत्वपूर्ण बैठक के बाद उम्मीद की जा रही है कि राज्य सरकार की ओर से कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की दिशा में कई अहम कदम उठाए जाएंगे, जिससे पंजाब के सरकारी कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे अपने कार्यों में और भी अधिक जोश के साथ जुट सकेंगे।
  • Punjab News: Sports Office में Vigilance की दबिश, खंगाला जा रहा रिकार्ड

    Punjab News: Sports Office में Vigilance की दबिश, खंगाला जा रहा रिकार्ड

    फरीदकोटः जिला खेल अधिकारी कार्यालय पर विजिलेंस विभाग की टीम ने दबिश दी। मिली जानकारी के अनुसार विभाग की टीम द्वारा करीब ढाई घंटे तक रिकार्ड खंगाला गया। कहा जा रहा है कि विजिलेंस विभाग की टीम ने खेड़ा वतन पंजाब दीयां की खेलों से संबंधित रिकार्ड की जांच की है। दरअसल, साल 2023 के दौरान फरीदकोट में आयोजित खेल मुकाबलों में फंड में हेराफेरी और अनियमितताओं के संदेह के चलते फरीदकोट के एक प्राइवेट कोच कुलदीप सिंह अटवाल ने सबसे पहले डिप्टी कमिश्नर फरीदकोट को शिकायत की थी, लेकिन लगभग साल बीत गया।

    इसके बाद भी कोई उचित कार्रवाई नहीं होने पर उक्त कोच द्वारा इस पूरे मामले को लेकर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई। मामले की शिकायत विजिलेंस ब्यूरो से भी की गई। जिस पर विजिलेंस विभाग फरीदकोट की टीम ने बुधवार शाम अचानक जिला खेल अधिकारी फरीदकोट के कार्यालय में छापा मारा और रिकॉर्ड खंगाला।

    विजिलेंस के इंस्पेक्टर संदीप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें खेल दफ्तर में अनियमितताओं और फंडों के दुरुपयोग की शिकायत मिली थी, जिसकी जांच के लिए वह आए हैं और रिकार्ड को चेक किया है। जरूरत पड़ने को अधिकारियों को तलब किया जा सकता है। उधर, शिकायतकर्ता कुलदीप सिंह अटवाल ने कहा कि इस मामले जब प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की तो उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

  • Punjab News : करंट लगने से युवक की हुई मौत

    Punjab News : करंट लगने से युवक की हुई मौत

     गुरदासपुर :  युवक की मौत होने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार माता-पिता के इकलौते बेटे की करंट लगने से मौत हो गई। मृतक की पहचान लवप्रीत सिंह(23)पुत्र बलदेव सिंह निवासी नवां रंगड़ नंगल के तौर पर हुई है।  समाज सेवक साहिबजीत सिंह निवासी रंगड़ नंगल ने बताया कि लवप्रीत सिंह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था।

     मिली जानकारी के अनुसार लवप्रीत अपने खेत में बरसीन को पानी देने के लिए मोटर चला रहा था, तभी अचानक करंट लग गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों के साथ ग्रामीणों ने गहरा दुख व्यक्त किया। गांव के बुजुर्गों ने पंजाब सरकार, हलका विधायक और मंडी बोर्ड से मृतक के बुजुर्ग माता-पिता की आर्थिक मदद करने की मांग की है।

  • ये नुस्खा बालों को बनाएगा मजबूत और जानदार

    ये नुस्खा बालों को बनाएगा मजबूत और जानदार

    हेल्थः बदलते मौसम का असर सेहत के साथ-साथ हमारे बालों पर भी पड़ता है, जिससे हमारे सिल्की और शाइनी बाल रूखे, बेजान और कमजोर हो सकते हैं। अपने बालों को दोबारा से तरो ताजा बनाना चाहते है तो आप घरेलू नुस्खे अपना सकते है। तुलसी से बने हेयर मास्क बनाकर आप अपने बेजान और कमजोर बालों में जान डाल सकते है।

    पहला नुस्खा तुलसी और दही से बना हेयर मास्क है। जिसमें और भी फायदेमंद सामग्री को शामिल किया गया है। सबसे पहले आप एक बाउल लें और उसमें तुलसी पेस्ट, आंवला पाउडर और दही डालकर अच्छे से मिक्स कर लें। इसे अपने बालों पर लगाएं और 30 मिनट तक सूखने के लिए छोड़ दें। जब समय पूरा हो जाए तो हेयर वॉश कर लें। ये हेयर मास्क आपके बालों को मॉइस्चराइज करने, हेयर फॉल से लड़ने और डैंड्रफ की समस्या को ठीक करने में मदद करेगा।​ बालों की ग्रोथ बढ़ाने के लिए मेथी बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होती है। इसे बनाने के लिए तुलसी की पत्तियां- 1/2 कप, मेथी पाउडर- 2 चम्मच, मेथी का पानी- जरूरत अनुसार मिलाकर पेस्ट तैयार कर सकते हैं। जो आपके बालों को मजबूत बनाने में मददगार साबित होगा।

  • Jalandhar News: मेन चौक पर पुलिस नाके से 100 मीटर दूरी पर New Bike लेकर चोर फरार, देखें वीडियो

    Jalandhar News: मेन चौक पर पुलिस नाके से 100 मीटर दूरी पर New Bike लेकर चोर फरार, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: महानगर में दिन दहाड़े चोरी की घटनाए सामने आ रही है। वहीं ताजा मामला भगवान वाल्मीकि चौक (ज्योति चौक) के पास से सामने आया है। जहां दुकान पर चश्मा लेने आए युवक का नया स्पलेंडर बाइक लेकर सिख व्यक्ति फरार हो गया। पीड़ित ने बताया कि बाइक खरीदे हुए उसे अभी 4 माह ही हुए थे। घटना पुलिस नाके से 100 मीटर दूरी पर हुई है।

    मामले की जानकारी की देते हुए पीड़ित ने कहाकि वह मार्किट में व्यक्ति से चश्मा खरीदने के लिए आया था। इस दौरान वह पुलिस की मौजूदगी में बाइक लेकर फरार हो गया। पीड़ित ने बताया कि उसकी सिल्वर रंग की बाइक नंबर पीबी 08 एफजे 0271 नंबर है। व्यक्ति ने कहा कि भगवान वाल्मीकि चौक के पास शू मार्किट में उसने बाइक खड़ी की थी। बताया जा रहा हैकि पीड़ित बाइक पर चाबी सीट पर रखकर भूल गया था।

    पीड़ित ने बताया कि जैसे वह चश्में के पैसे देने लगा तो शातिर चोर बाइक लेकर फरार हो गया। पीड़ित ने कहा कि उसने बाइक किश्तों पर ली थी। उसे 1 लाख 20 हजार रुपए में बाइक खरीदा था। जिसका फायदा सिख व्यक्ति ने उठाया और नया स्पलेंडर बाइक लेकर फरार हो गया।

    मामले की जानकारी देते हुए एएसआई पवित्र सिंह ने बताया कि पीड़ित ने उन्हें घटना की सूचना दी है। पुलिस ने कहाकि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे है। पुलिस ने कहा कि पीड़ित चश्मा लेने के लिए बाइक की सीट पर चाबी रखकर भूल गया था। पुलिस ने कहाकि पीड़ित के बयान दर्ज कर शिकायत दर्ज की जा रही है।

  • सुप्रीम कोर्ट के बाद एक्शन में केंद्र सरकारः पराली जलाने के मामले में दोगुना किया जुर्माना

    सुप्रीम कोर्ट के बाद एक्शन में केंद्र सरकारः पराली जलाने के मामले में दोगुना किया जुर्माना

    नई दिल्लीः दिल्ली-एनसीआर में हर साल ठंड की शुरुआत के साथ ही प्रदूषण के स्तर में वृद्धि होने लगती है। इस साल भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। दिल्ली में ठंड के बढ़ने और हवाओं की रफ्तार स्लो होने के बाद हवा में प्रदूषण और स्मॉग देखने को मिल रहा है। दरअसल इस सीजन में पंजाब, हरियाणा समेत दिल्ली के आसपास के राज्यों में पराली जलाए जाने के भी मामले देखने को मिलते हैं। इस बीच लोगों द्वारा पराली न जलाई जाए, इसे लेकर जुर्माने की राशि को दोगुना कर दिया गया है। दरअसल केंद्र सरकार द्वारा जुर्माने की राशि को दोगुना कर दिया गया है।

    नए फैसले के मुताबिक, अगर किसान पराली जलाते हैं और उनके पास 2 एकड़ से कम भूमि है तो 5 हजार रुपये, 2-5 एकड़ वाले किसानों को 10 हजार रुपये और 5 एकड़ से अधिक जमीन वाले किसानों को 30 हजार रुपये पराली जलाने पर जुर्माना देना होगा। बीते महीने सुप्रीम कोर्ट ने भी पराली जलाने को लेकर राज्य सरकारों को फटकार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने पराली जलाने से प्रभावित राज्य सरकारों को कम जुर्माने के लिए फटकारा था। इसके बाद ही केंद्र सरकार ने पराली जलाने वालों पर जुर्माने की राशि को दोगुना कर दिया है। केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए जुर्माने की राशि को दोगुना कर दिया है। ये नियम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम एक्ट 2021 के तहत संशोधित किए गए हैं।

    बता दें अब पराली जलाने वाले किसानों, जिनके पास 2 एकड़ से कम भूमि हैं उन्हें 5 हजार रुपये, 2-5 एकड़ वाले किसानों को 10 हजार और 5 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को 30 हजार रुपये जुर्माना भरना होगा। गौर हो कि राजधानी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में एक्यूआई 400 के पार जा चुका है। अलीपुर में 386, आनंद विहार में 426, आशोक विहार में 417, आयानगर में 349, बवाना में 411, बुरारी में 377, चांदनी चौक में 301, सीआरआरआई मथुरा रोड में 340, डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेज में 370, डीटीयू में 378 और द्वारका सेक्टर 8 में 380 एक्यूआई दर्ज किया गया है। बता दें कि आने वाले दिनों में प्रदूषण के स्तर के बढ़ने की संभावना भी है।