मोहालीः पंजाब के युवा अकाली नेता विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्की मिड्डूखेड़ा के कत्ल के मामले में कोर्ट में 3 आरोपियों को लेकर सुनवाई हुई। जहां मोहाली डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने 4 साल पहले हुए 33 वर्षीय विक्की मिड्डूखेड़ा के कत्ल मामले में 3 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और 2-2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। दोषियों में अजय उर्फ सन्नी उर्फ लेफ्टी, सज्जन उर्फ भोलू और अनिल लाठ शामिल हैं। ये तीनों गैंगस्टर और शार्प शूटर के गुर्गे हैं। हालांकि, हत्या में नामजद जेलों में बंद तीन बड़े गैंगस्टरों में से गैंगस्टर भूप्पी राणा, अमित डागर और कौशल चौधरी शामिल हैं। हालांकि, इससे एक बार फिर मोहाली पुलिस पर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, विक्की के वकील का कहना है कि केस की जल्दी ही जजमेंट आएगी। इसे देखकर हम तय करेंगे कि हाईकोर्ट में बरी किए गए आरोपियों के खिलाफ याचिका दायर करनी है या नहीं।
अदालत के बाहर विक्की के वकील एडवोकेट एचएस धनोआ ने बताया कि हमने अदालत को बताया कि विक्की का प्लांड मर्डर था। यह आम हत्या नहीं थी। 15 बुलेट शॉट विक्की को मारे थे, 13 उसकी बॉडी से क्रॉस हो गए थे। दो बॉडी से मिले थे। दिनदहाडे़ हत्या हुई थी। वह उस समय निहत्था था। ऐसे में हमने मांग की थी दोषियों को कठोर सजा दी जाए। जबकि जो आरोपी फरार है। उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। इसके बाद अदालत ने दोषिय को उम्र केद की सजा सजा सुनाई। साथ ही फरार आरोपियों पर कार्रवाई के लिए डीजीपी को आदेश दिए है।
दोषियों को 302 में उम्र कैद व दो-दो लाख जुर्माना, आर्म्स एक्ट में सात-सात सजा व 482 में एक साल की सजा सुनाई है। वकील धनाओं ने कहा कि हम फैसले से संतुष्ट है। हालांकि जो आरोपी बरी किए गए है। जजमेंट आने के बाद देखा जाए कि अपील दायर करनी है या नहीं। दूसरी तरह दोषी अगर अपील दायर करेंगे तो हाईकोर्ट में हम बराबर जवाब देंगे। विक्की के बड़े भाई अजय ने कहा कि मैंने अपना फर्ज निभाया है। साथ ही मैं आखिरी दम तक लडूंगा। मैं पहले भी कहता था कि मेरे शरीर में जब तक सांस हैं तब तक मैं लडूंगा। यह जस्टिस का पहला स्टैप है।










दरअसल, 85 वार्ड वाले अमृतसर में मेयर के लिए 46 पार्षदों का बहुमत जरूरी था। हालांकि चुनाव में सबसे ज्यादा 40 पार्षद कांग्रेस के बने थे। आम आदमी पार्टी के 24 पार्षदों ने जीत हासिल की थी। इसके अलावा उन्होंने 7 आजाद और 2 भाजपा के पार्षदों के भी समर्थन का दावा किया था। कांग्रेस ने एक आजाद का समर्थन बताते हुए 41 पार्षदों के समर्थन का दावा किया था। कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद मेयर बनाने से चूक गई।
मेयर का ऐलान होने के बाद जतिंदर सिंह मोती भाटिया ने आप पार्टी की लीडरशिप और विधायकों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि अमृतसर के जो बेसिक मुद्दे हैं, सबसे पहले उन्हीं पर काम किया जाएगा। जल्द शहर में सफाई और सीवरेज के मुद्दों को हल किया जाएगा। दूसरी ओर वेस्ट से विधायक जसबीर सिंह ने कहा कि पंजाब में आप पार्टी की लीडरशिप को हम बधाई देते हैं, क्योंकि अमृतसर में आप का मेयर बन गया है। आप ने मोती भाटिया को मेयर के तौर पर नवाजा है।
