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  • Chrome को लेकर गूगल ने जारी किया अलर्ट, प्लेटफॉर्म में मिला खतरनाक Virus

    Chrome को लेकर गूगल ने जारी किया अलर्ट, प्लेटफॉर्म में मिला खतरनाक Virus

    टेक्नोलॉजी: गूगल क्रोम एक ऐसा वेब ब्राउजर है जो दुनिया भर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है। किसी भी चीज को सर्च करने से पहले यूजर्स इसी पर ही आते हैं पर अब गूगल ने इसकी प्राइवेसी को लेकर अलर्ट जारी किया है। गूगल ने क्रोम में जोरी-डे फ्लॉ के बारे में पता किया है। यह एक सुरक्षा खामी के तौर पर सामने आया है जिसको CVE-2025-13233 नाम दिया है। यह बग पुराने क्रोम वर्जन पर असर डाल रहा है और साइबर हमलावर पहले से ही इसका दुरुपयोग करने की कोशिश कर चुके हैं। ऐसे में गूगल ने सिक्योरिटी पैच जारी कर दिया है। यूजर्स से क्रमो को जल्द ही अपडेट करने के लिए भी कहा है।

    सुरक्षित नहीं है क्रोम

    क्रोम के v8 जावास्क्रिप्ट इंजन में इस बग का पता चला है। इसके कारण ब्राउजर एग्जीक्यूशन के दौरान कुछ टाइप के डेटा भी मिसरीड कर रहा है। इसके कारण आपकी मेमोरी करप्ट हो सकती है। इसका फायदा उठाकर अटैकर्स टारगेटेड डिवाइस में मलेशियस कोर्ड रन कर सकते हैं। गूगल का यह कहना है कि इस खामी का पता लगने से पहले ही अटैकर्स ने उसका फायदा उठाने की कोशिश की थी।

    पहले भी मिले हैं वायरस

    गूगल के थ्रेन एनालिसिस ग्रूप की ओर से 12 नवंबर को इस बग का पता लगाया गया था। इस साल का सातंवा जीरो-डे फ्लॉ है। ऐसे में 2025 में सात बार ऐसा हो गया है कि बग के बारे में गूगल से पहले हैकर्स को पता चल गया है।

    गूगल ने किया सावधान

    गूगल क्रोम लगातार क्रोम की सिक्योरिटी को मजबूत बनाने के लिए काम कर रहा है। उसने इस बग के लिए भी सिक्योरिटी पैच जारी कर दिया है। इसको यूजर्स के लिए रोल आउट भी किया गया है। ऐसे में यदि आपको क्रोम में कोई पेंडिंग अपडेट नजर आए तो इसको तुरंत इंस्टॉल करें। सुरक्षा कम होने के कारण और नियमित तौर पर क्रोम और दूसरे ऐप्स को अपडेट करने की सलाह दी जाती है।    
  • बेघर से स्वाभिमानी, मान सरकार ने पट्टी के 674 परिवारों को सौंपे नए घरों की मंजूरी

    बेघर से स्वाभिमानी, मान सरकार ने पट्टी के 674 परिवारों को सौंपे नए घरों की मंजूरी

    चंडीगढ़: पंजाब की मान सरकार लगातार आम लोगों की ज़िंदगी बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है।  इसी कड़ी में कैबिनेट मंत्री ललजीत सिंह भुल्‍लर ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पट्टी विधानसभा क्षेत्र के 674 पात्र परिवारों को नए घरों के निर्माण हेतु मंज़ूरी पत्र सौंपे हैं। यह सिर्फ कागज़ के कुछ पन्ने नहीं ,यह उन परिवारों की खुशियों का दरवाज़ा है,यह बच्चों के सुरक्षित भविष्य का आधार है और यह हर मां-बाप के उस सपने का पहला कदम है, जो वे वर्षों से दिल में दबाए बैठे थे।

    यह पहल सिर्फ सरकारी योजना का हिस्सा नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए उम्मीद की एक नई किरण है, जो वर्षों से अपने पक्के घर का सपना देख रहे थे। कैबिनेट मंत्री भुल्लर ने अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन परिवारों को योजना का लाभ बिना किसी देरी, बाधा या भेदभाव के मिले। यह निर्णय सरकार की संवेदनशीलता और जनहित के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह बात लोगों को सबसे ज़्यादा छूती है क्योंकि जब सरकार हाथ पकड़कर साथ चलती है, तभी असली बदलाव होता है।

    पंजाब के कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने पट्टी में अपने विधानसभा क्षेत्र से जुड़े 674 लाभार्थी परिवारों को नए घर बनाने के लिए मंजूरी पत्र जारी किए। इन लाभार्थी परिवारों में नगर परिषद पट्टी के तहत 237 और पट्टी विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग गांवों से जुड़े 437 परिवार शामिल हैं। इस मौके पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री भुल्लर ने कहा कि शहरी इलाकों से जुड़े लाभार्थी परिवारों को घर बनाने के लिए ₹2.5 लाख और ग्रामीण इलाकों से जुड़े लाभार्थी परिवारों को घर बनाने के लिए ₹1.2 लाख और MGNREGA स्कीम के तहत घर पर मजदूरी के लिए ₹31,000 दिए जाएंगे, जिसमें बाथरूम बनाने के लिए ₹12,000 अलग से शामिल हैं।

    कैबिनेट मंत्री लालजीत भुल्लर ने कहा कि पिछले दिनों पट्टी हलके में बाढ़ के पानी से फसलों और रिहायशी घरों को भारी नुकसान हुआ है और सरकार की तरफ से प्रभावित किसानों को खराब फसलों का मुआवजा पहले ही जारी किया जा चुका है और अब ग्रामीण इलाकों में बाढ़ प्रभावित परिवारों के क्षतिग्रस्त रिहायशी घरों को फिर से बनाने के लिए भी इस स्कीम का फायदा दिया जा रहा है। मंत्री भुल्लर ने कहा कि वह बिना किसी भेदभाव के पट्टी हलके के लोगों के दुख-दर्द दूर करने की कोशिश कर रहे हैं।

    पट्टी क्षेत्र के कई परिवारों ने इस पहल के लिए मंत्री भुल्लर और मान सरकार का दिल से आभार व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि यह सिर्फ घर बनाने की मंज़ूरी नहीं, बल्कि उनके सम्मान, सुरक्षा और भविष्य की नींव है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी परिवार बिना छत के न रहे और हर जरूरतमंद को अपने घर का सपना पूरा करने का अवसर मिले।

    मान सरकार की यही सोच उसे जनता के दिलों में एक जन-सरकार बनाती है जो न केवल सुनती है, बल्कि हर वादा निभाती भी है। इस कदम से न केवल पट्टी क्षेत्र में विकास की नई शुरुआत होगी, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों में आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। मान सरकार का यह फैसला इस बात का प्रमाण है कि जब नीयत साफ़ हो और सोच जन-कल्याण की हो, तो बदलाव दूर नहीं होता।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चल रही मान सरकार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यह सरकार जनता की तकलीफ समझती है, उनके सपनों की कीमत जानती है, और उन सपनों को पूरा करने के लिए दिल से काम करती है। मान सरकार का यह संदेश हर परिवार तक पहुंच रहा है -“आप अकेले नहीं हैं। आपकी सरकार आपके साथ है।”यह कदम लोगों के जीवन में नई उम्मीद, नए सपने और एक बेहतर कल की दिशा में मजबूत कदम है।

    पट्टी क्षेत्र में शुरू हुई यह पहल आने वाले समय में हजारों मुस्कानें, नए सपने और बेहतर जीवन की कहानियाँ लिखेगी। यह सिर्फ विकास नहीं—यह इंसानियत का उत्सव है। कैबिनेट मंत्री ललजीत सिंह भुल्लर और मान सरकार को इस संवेदनशील, दूरदर्शी और दिल छू लेने वाली पहल के लिए दिल से सलाम। उनकी यह कोशिश कई परिवारों की ज़िंदगी को हमेशा के लिए बदल देगी।

    आज जब 674 परिवार अपने नए घर का सपना साकार होते देख रहे हैं, तो उनके दिलों से निकली दुआएँ पूरे पंजाब में एक नई सकारात्मक ऊर्जा फैला रही हैं। यह सिर्फ एक योजना का लाभ नहीं, बल्कि उस विश्वास का फल है जो लोगों ने अपनी सरकार पर रखा था। मान सरकार ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब नीयत साफ़ हो और दिल जनता के लिए धड़कता हो, तो हर मुश्किल आसान हो जाती है। कैबिनेट मंत्री ललजीत सिंह भुल्लर और मान सरकार का यह कदम उन परिवारों के लिए वरदान बनकर आया है, जिनकी आँखों में अब न सिर्फ खुशी झलकती है बल्कि एक सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य का उजाला भी चमक रहा है।

  • पंजाब की अर्थव्यवस्था को ₹4,700 करोड़ का निवेश और 9,200 नई नौकरियों से मिला बूस्ट

    पंजाब की अर्थव्यवस्था को ₹4,700 करोड़ का निवेश और 9,200 नई नौकरियों से मिला बूस्ट

    चंडीगढ़: पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में औद्योगिक विकास ने एक नई ऊंचाई हासिल कर ली है। राज्य सरकार की निवेश-हितैषी नीतियां, पारदर्शी सरकारी कामकाज और सुरक्षित माहौल के कारण आज देश के बड़े-बड़े निवेशक पंजाब में अपने कारखाने और उद्योग लगाने के लिए आगे आ रहे हैं, जिससे यह राज्य निवेश की पहली पसंद बनकर उभरा है। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि उद्योगों को पंजाब की सरकार, माहौल और नीतियों पर पूरा भरोसा है।

    कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि – विश्वास केवल बातों तक सीमित नहीं है, बल्कि ठोस आंकड़ों में दिखाई देता है। सिर्फ अक्टूबर महीने में ही पंजाब में ₹4,700 करोड़ से ज़्यादा का निवेश दर्ज हुआ, जिसने करीब 9,200 युवाओं के लिए रोज़गार के रास्ते खोले और सरकार बनने के बाद से अब तक की उपलब्धि ऐतिहासिक है: पंजाब में कुल ₹1.34 लाख करोड़ का निवेश आ चुका है और लगभग 5 लाख नौजवानों को काम मिल चुका है। ये आँकड़े पंजाब की तेज़ी से बदलती आर्थिक तस्वीर और सरकार की सफलता की कहानी को दर्शाते हैं।

    नवंबर में एक और बहुत बड़ी खुशखबरी मिली है। ट्राइडेंट ग्रुप (Trident Group , जो पहले से ही पंजाब में लगभग 10,000 लोगों को रोज़गार दे रहा है, अब फिर से बड़ा निवेश करने जा रहा है। कंपनी पंजाब में कुल ₹2,000 करोड़ का निवेश करेगी, जिसमें बरनाला में नया टेक्सटाइल प्लांट और मोहाली में आईटी ऑपरेशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इस निवेश से कुल 2,500 नई नौकरियां मिलेंगी। सबसे प्रशंसनीय बात यह है कि ट्राइडेंट ग्रुप इन नौकरियों में ज़्यादातर महिलाओं को प्राथमिकता देगा, जो पंजाब की बेटियों के लिए बड़ा अवसर है। यह बड़ा निवेश पंजाब के औद्योगिक विकास को एक बड़ा प्रोत्साहन देगा।

    ट्राइडेंट के अलावा, पंजाब में कई अन्य दिग्गज कंपनियों ने भी बड़ा निवेश किया है, जो राज्य को एक औद्योगिक हब के रूप में स्थापित कर रहे हैं। इन प्रमुख निवेशों में आईओएल केमिकल्स (IOL Chemicals) द्वारा बरनाला में ₹1,400 करोड़, लुधियाना में वर्दमान स्पेशल स्टील द्वारा ₹2,500 करोड़ और हैप्पी फोर्जिंग्स (Happy Forgings) द्वारा ₹1,000 करोड़, साथ ही मोहाली में फोर्टिस अस्पताल (Fortis Hospital) द्वारा ₹950 करोड़ का बड़ा निवेश शामिल है। निवेशक यहाँ इसलिए आ रहे हैं क्योंकि पंजाब में तेज़ सरकारी कामकाज और मेहनती युवा शक्ति उपलब्ध है। उद्योग जगत पंजाब की वृद्धि की कहानी में इतना मजबूत विश्वास दिखा रहा है, जिसे देखकर सब खुश हैं

    यह निवेश केवल संख्याएं नहीं हैं। ये बच्चों और पंजाब के उज्जवल भविष्य की गारंटी हैं। सरकार ने एक ऐसा अनुकूल माहौल बनाया है जहां कारोबार करना आसान है, और जहां युवा सम्मान के साथ अपनी क्षमता का उपयोग करके रोजगार पा सकते हैं। रोजगार अब पंजाब के घर-द्वार पर आ रहा है। उद्योगों का बढ़ना सिर्फ़ आंकड़े नहीं हैं, ये पंजाब के हर घर में खुशियां, तरक्की और बेहतर भविष्य लेकर आ रहे हैं। आज पंजाब आगे बढ़ रहा है,उद्योग पंजाब पर भरोसा कर रहे हैं।

  • हिमोत्कर्ष अमोदिनी द्वारा राशन वितरण कार्यक्रम आयोजित, 68 विधवाओं को बांटे 1,53000 के राशन बैग

    हिमोत्कर्ष अमोदिनी द्वारा राशन वितरण कार्यक्रम आयोजित, 68 विधवाओं को बांटे 1,53000 के राशन बैग

    7 मेधावी विद्यार्थियों को 68075 के स्कालरशिप

    ऊना/सुशील पंडित: हिमोत्कर्ष परिषद द्वारा अमोदिनी प्रकल्प के तहत मेहनतकश पात्र विधवाओं के लिए रविवार को बचत भवन ऊना में फ्री राशन वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक ओपी रतन उपस्थित हुए,जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त एडिशनल सेके्रटरी प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड यशपाल ठाकुर ने की। कार्यक्रम में समाजसेवी राजपाल रतन विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसके पश्चात हिमोत्कर्ष महिला मंच की सदस्यों ने वंदे मातरम् प्रस्तुत किया।

    इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्य अतिथि पूर्व विधायक ओपी रतन ने कहा कि समाज के साधन संपन्न लोगों को जरुरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। इससे समाज के हर वर्ग को आगे बढऩे का समान अवसर मिल पाएगा। उन्होंने कहा कि हिमोत्कर्ष संस्था लंबे अर्से से समाजसेवा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रही है। परिषद के संस्थापक स्वर्गीय कंवर हरि सिंह ने लोगों को समाजसेवा के क्षेत्र में कार्य करने की प्रेरणा दी तथा उनके दिखाए मार्ग पर चलकर अब जिला ऊना में भी अनेक संस्थाए समाजसेवा के क्षेत्र में अपनी भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार के क्षेत्र में स्थापित करने के लिए उच्च शिक्षा व व्यवसायिक शिक्षा बेहद जरुरी है। व्यवसायिक कुशलता प्राप्त कर महिलाएं स्वावलंबी जीवन जी सकती है। वहीं परिवार के आर्थिक व सामाजिक उत्थान में भी भागीदार बन सकती है।

    हिमोत्कर्ष परिषद की वरिष्ठ सदस्य अनूपा ठाकुर ने सबका स्वागत करते हुए परिषद गतिविधियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि परिषद द्वारा 2013 से अमोदनी राशन वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसमें एक वर्ष के लिए महिलाओं का चयन होता है। उन्होंने कहा कि अभी तक 700 से अधिक महिलाओं को 55 लाख रुपए की राशन सामग्री व अन्य मदद इस प्रकल्प के तहत दानवीर सहयोगियों की मदद से की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 68 ऐसी महिलाओं को चयनित किया गया है। उन्होंने परिषद की अन्य सामाजिक गतिविधियों के बारे में भी जानकारी दी।

    उन्होंने कहा कि परिषद द्वारा संचालित महिला प्रशिक्षण संस्थान छात्राओं को कटिंग टेलरिंग, फैशन डिजाईनिंग हॉबी कोर्सिज में प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार में स्थापित होने में मददगार साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि परिषद द्वारा जरुरतमंद रोगियों के लिए सस्ती दरों पर ऊना में एंबुलेंस सुविधा भी शुरु की गई है। इसके अलावा मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृति तथा शिक्षा पूर्ण करने के लिए फीस में भी सहयोग किया जाता है। परिषद द्वारा जरुरतमंद रोगियों के उपचार में भी मदद प्रदान की जा रही है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ओपी रतन को शॉल व टोपी पहनाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन डॉ. रविंद्र सूद द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव और राष्ट्रीय गान के साथ हुआ। मंच संचालन परिषद महासचिव नरेश सैनी ने किया।

    इन छात्राओं को मिले प्रमाण पत्र 

    कार्यक्रम में मुख्यातिथि ओपी रतन ने 7 मेधावी व जरूरतमंद विद्यार्थियों को छात्रवृत्तियाँ और आर्थिक सहायता प्रदान की। इसमें बी.फार्मा द्वितीय सेमेस्टर की छात्रा तनु को फीस के रूप में 37,500 रूपए,हिमोत्कर्ष कन्या महाविद्यालय की बीसीए द्वितीय समैस्टर की छात्रा शिवानी व तमन्ना को पूर्ण सेमेस्टर फीस के रूप मे 6,525 प्रत्येक,कन्या कालेज की ही बीबीए द्वितीय सेमेस्टर की छात्रा अदिति राणा को पूर्ण सेमेस्टर फीस के रूप में 5,325 रूपए, हिमकैप्स कालेज की अंतिम वर्ष नर्सिंग छात्रा प्रियंका निवासी ऊपरला सोहरला को फीस सहायता के रूप में 5,100 रूपए दिए गए। जबकि वार्ड 10 ऊना की विधवा आशा देवी को उनके पुत्र के उपचार के लिए 5100 रूपए व बौल गांव की एक मेधावी विद्यार्थी दलजीत कौर को प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग हेतु 2,000 प्रतिमाह मार्च 2026 तक फीस अदा करने के लिए प्रदान किए गए। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि ओपी रतन ने दानदाताओं के सहयोग से रूपए 1,53,000 मूल्य के 68 राशन बैग विधवा महिलाओं को वितरित किए।

    ये रहे उपस्थित 

    कार्यक्रम में हिमोत्कर्ष अध्यक्ष जतिंद्र कंवर, महासचिव डा.रविंद्र सूद, ठाकुर यशपाल सिंह, नरेश सैणी, जय गोपाल शर्मा, अनूपा ठाकुर, अशोक ऐरी, शेषपाल सिंह, विजय साहनी, नरेंद्रजीत सिंह राणा, वीके लखनपाल, चंद्रशेखर शर्मा, आरएन शारदा, पीएस जसवाल, रविंद्र मेहता, इंद्रजीत सिंह, ज्ञान सिंह, सोमनाथ कौशल, राजेश रतन, रेखा जसवाल, सुदेश अरोड़ा, रमा कंवर, रविंद्र डोगरा, अशोक कालिया, रजनीश लूंबा, डॉ. जगदीश्वर कंवर, अजय ठाकुर,एमएम गर्ग, मुनिंद्र अरोड़ा, सुधीर चौधरी, मणि कुमार, निशांत कुमार, अशोक कुमार, रंजू, मीना ठाकुर, निशा व अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

  • पंजाब के स्कूल बने अंतरिक्ष की नर्सरी, मानसा की एस्ट्रोनॉमी लैब से साकार हो रहा मान सरकार का सपना

    पंजाब के स्कूल बने अंतरिक्ष की नर्सरी, मानसा की एस्ट्रोनॉमी लैब से साकार हो रहा मान सरकार का सपना

    चंडीगढ़: पंजाब में आम आदमी पार्टी की भगवंत मान सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐसी ‘क्रांति’ का शुरुआत की है जो शोरगुल की राजनीति से दूर, चुपचाप भविष्य का निर्माण कर रही है। यह बदलाव सिर्फ पुरानी दीवारों पर नया रंग लगाना नहीं है, बल्कि सरकारी स्कूलों की पूरी सोच और संभावना को बदल रहा है। इस क्रांति का सबसे बड़ा प्रतीक है मानसा (Mansa) के सरकारी सीनियर सेकेंडरी गर्ल्स स्कूल में स्थापित की गई एस्ट्रोनॉमी लैब, जिसे पंजाब की पहली अंतरिक्ष विज्ञान प्रयोगशाला के रूप में जाना जा रहा है। यह सुविधा, जो कभी पिछड़े समझे जाने वाले मनसा जिले में शुरू की गई है , इस बात का प्रमाण है कि जब इरादे नेक और नियत साफ हो, तो हर सरकारी स्कूल ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ बन सकता है।

    मानसा की यह लैब सिर्फ एक कमरा या कुछ मॉडल नहीं है। यह पंजाब की बेटियों के लिए सपनों का कारखाना है। इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला में बच्चियों को इंटरैक्टिव लर्निंग का अनुभव मिलता है, जहाँ वे सीधे दूरबीन (telescope) से तारों और ग्रहों को देखती हैं। इस लैब में भारत के अंतरिक्ष गौरव का प्रतीक चंद्रयान और मंगल ऑर्बिटर के प्रतिकृतियों (replicas) से लेकर PSLV और GSLV जैसे रॉकेटों के मॉडल तक मौजूद हैं। जो लड़कियाँ शायद पहले दूरबीन भी नहीं देख पाती थीं, आज वे उन रॉकेटों के मॉडल को छू रही हैं जिन्होंने वैश्विक मंच पर देश को गौरवान्वित किया है, जिससे उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण और खगोल विज्ञान में उच्च शिक्षा के लिए रुचि पैदा हो रही है।

    यह परिवर्तन किसी एक स्कूल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संरचनात्मक बदलाव है जो पूरे राज्य के सरकारी शिक्षा तंत्र को उत्कृष्टता की ओर ले जा रहा है। AAP सरकार ने ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ (Schools of Eminence) मॉडल शुरू किया है, जिसके तहत प्रवेश परीक्षा के माध्यम से चुने गए छात्रों को JEE, NEET और CLAT जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग दी जा रही है । इसके साथ ही, ‘स्कूल ऑफ ब्रिलियंस’ और प्राथमिक विद्यालयों के लिए ‘स्कूल ऑफ हैप्पीनेस’ (Schools of Happiness) जैसी योजनाएँ भी शुरू की गई हैं, जहां छात्रों को फिनलैंड जैसे देशों के शैक्षणिक तरीकों से प्रेरित होकर सीखने का आनंददायक और सकारात्मक माहौल प्रदान किया जा रहा है ।

    मान सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि शिक्षा का यह भव्य निर्माण भ्रष्टाचार की नींव पर न टिके। इसीलिए, सभी विकास कार्यों और आवश्यक उपकरणों की खरीद के लिए सीधा फंड ट्रांसफर (Direct Fund Transfer) की व्यवस्था लागू की गई है। इस प्रणाली के तहत विकास ग्रांट सीधे स्कूल के खातों में भेजी जाती है। इससे न केवल पैसों के दुरुपयोग पर लगाम लगी है, बल्कि स्कूल प्रमुखों को अपनी ज़रूरतों के अनुसार तेज़ी से निर्णय लेने की स्वायत्तता भी मिली है। यह पारदर्शी प्रक्रिया शिक्षा के बजट का अधिकतम हिस्सा सीधे बच्चों की बेहतरी पर खर्च करना सुनिश्चित करती है, बिचौलियों और रिश्वतखोरी के लिए कोई जगह नहीं छोड़ती।

    मानव संसाधन के मोर्चे पर भी सरकार ने ईमानदारी की मिसाल पेश की है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया है कि राज्य सरकार ने अब तक 55,000 से अधिक सरकारी नौकरियां पूरी तरह योग्यता के आधार पर (on merit) दी हैं । यह एक ‘फूलप्रूफ मैकेनिज्म’ है, जहाँ भर्ती प्रक्रिया में ‘पर्ची-खर्ची’ (भाई-भतीजावाद या रिश्वत) का कोई स्थान नहीं है । शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की पारदर्शी भर्ती से यह सुनिश्चित हुआ है कि आज स्कूलों में केवल वही लोग हैं जो शिक्षा के प्रति समर्पित हैं, जिससे वे बिना किसी राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव के बच्चों के शैक्षणिक विकास पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर पाते हैं।

    AAP सरकार की यह शिक्षा नीति केवल अच्छी सुविधाएँ देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य युवाओं को ‘नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला’ बनाना है । दिल्ली में सफल रही सरकारी स्कूल क्रांति के नक्शे कदम पर चलते हुए, पंजाब भी अब अपने युवाओं को उद्यमशीलता और पहल करने के लिए प्रेरित कर रहा है । यह असली ‘वन नेशन, वन एजुकेशन’ मॉडल है जहां किसी पर एक जैसी शिक्षा थोपी नहीं जाती, बल्कि देश के हर बच्चे को गुणवत्ता और अवसर में समानता प्रदान की जाती है। यह साबित करता है कि जब ईमानदार लोग सत्ता में आते हैं, तो वे केवल सरकारें नहीं बनाते, बल्कि सुनहरे भविष्य की नींव रखते हैं।

    आज मानसा की जो लड़कियां अंतरिक्ष की ओर देख रही हैं, कल वे निश्चित रूप से ISRO और देश की अन्य वैज्ञानिक संस्थाओं में महत्वपूर्ण पदों पर काम करेंगी। यही है भगवंत मान का पंजाब मॉडल, और यही है ‘केजरीवाल-मान गारंटी’ का वादा। पंजाब की इस शिक्षा क्रांति पर हम गर्व करते हैं!

     

  • धर्मशाला की घटना ने कांग्रेस सरकार के गिर चुके स्तर को फिर उजागर किया: विनय शर्मा

    धर्मशाला की घटना ने कांग्रेस सरकार के गिर चुके स्तर को फिर उजागर किया: विनय शर्मा

    ऊना/सुशील पंडित: जिला प्रवक्ता भारतीय जनता पार्टी ने प्रेस नोट जारी करते हुऐ कहा कि धर्मशाला की घटना ने कांग्रेस सरकार के गिर चुके स्तर को फिर उजागर कर दिया है। स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन का बयान कि “कांग्रेस की विचारधारा छात्रों तक पहुँचाई जाएगी”—यह सिर्फ़ नासमझी नहीं, बल्कि प्रदेश की पूरी शिक्षा व्यवस्था की हत्या है।कांग्रेस सरकार ने साफ़ कर दिया है कि अब वह बच्चों की किताबों, स्कूलों और संस्थाओं पर कब्ज़ा करके उन्हें पार्टी का प्रचारक बनाना चाहती है।

    विनय शर्मा ने कहा यह हिमाचल है—कांग्रेस की वैचारिक कैद नहीं। हमारे बच्चे किसी पार्टी की संपत्ति नहीं हैं। हमारे स्कूल कांग्रेस का प्रचार मंच नहीं बनने दिए जाएंगे। ऊना में कांग्रेस नेताओं की शह पर अपराध, नशा, अवैध खनन सब कुछ सिर उठाए खड़ा है, लेकिन कांग्रेस सरकार पढ़ाई में वैचारिक जहर घोल रही है और दूसरी तरफ ऊना को अपराधों के दलदल में धकेल रही है।

    यह सच्चाई ऊना की हर सड़क, हर बाज़ार और हर गांव में दिखाई दे रही है अवैध खनन दिनदहाड़े, मशीनों की आवाज़ के साथ चल रहा है। नशे का व्यापार कांग्रेस शासन में चरम पर पहुँच चुका है। गन कल्चर बढ़ रहा है, गोलियां चल रही हैं, और प्रशासन सिर झुकाकर खड़ा है। असामाजिक तत्व कांग्रेस की सियासी छतरी के नीचे दहाड़ रहे हैं। ऊना की जनता जानती है

    “कांग्रेस नेताओं के संरक्षण बिना यह सब संभव नहीं।” विनय शर्मा ने कहा यह कैसी सरकार है जो बच्चों के स्कूलों में विचारधारा घुसा रही है और बाहर अपराधियों को खुली लाइसेंस दे रही है? कांग्रेस को जवाब देना ही होगा क्या यही ‘विचारधारा’ पढ़ाई जाएगी?

    अवैध खनन की विचारधारा?नशे को बढ़ावा देने की विचारधारा?कानून को पैरों तले रौंदने की विचारधारा?गुंडागर्दी को संगठित करने की विचारधारा? कांग्रेस सरकार हिमाचल को वैचारिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर बर्बाद करने पर तुली है कांग्रेस न शिक्षा बचा पा रही है, न कानून। न बच्चों का भविष्य सुरक्षित है, न ऊना की सड़कों की हालत।

    स्कूलों में वैचारिक प्रदूषण सड़कों पर अपराधियों का आतंक यही है कांग्रेस शासन का असली चेहरा। विनय ने कहा कि भाजपा  न बच्चों पर विचारधारा का हमला होने देंगे न ऊना को अपराधियों के हवाले होने देंगे। यह लड़ाई सड़कों पर भी लड़ी जाएगी और सदन में भी। कांग्रेस चाहे जितनी कोशिश कर ले—पीछे नहीं हटेंगे विनय ने कहा कि स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन को तुरंत बर्खास्त किया जाए। ऊना में कांग्रेस के संरक्षण में चल रही सभी अवैध गतिविधियों पर निर्णायक कार्रवाई हो। शिक्षा मंत्रालय में कांग्रेस विचारधारा का दखल तुरन्त बंद हो।

    कांग्रेस सुन ले यदि उन्होंने यह राजनीति नहीं रोकी, तो भाजपा हिमाचल के हर जिले में, हर स्कूल के बाहर, हर मंच पर इसका खुलकर विरोध करेगी। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस का राजनीतिक प्रयोग नहीं है। ऊना किसी अपराधी गिरोह की जागीर नहीं है और हमारे बच्चे कांग्रेस की विचारधारा के गुलाम नहीं बनेंगे।

  • Private Bus ने Truck को मारी जबरदस्त टक्कर, 2 की मौत, 3 गंभीर घायल

    Private Bus ने Truck को मारी जबरदस्त टक्कर, 2 की मौत, 3 गंभीर घायल

    तेलंगानाः नेरिडिगोंडा मंडल के बूथ क्रॉस रोड के पास नेशनल हाईवे पर एक भयानक सड़क हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 गंभीर रूप से घायल हुए हैं। एक प्राइवेट यात्री बस के लॉरी को पीछे से टक्कर मारने के बाद ये हादसा हुआ। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “अचानक एक भयानक आवाज हुई और फिर चीख-पुकार मच गई. जब हम मौके पर पहुंचे तो दृश्य दिल दहलाने वाला था। लोग खून से लथपथ थे और मदद के लिए चिल्ला रहे थे।”

    प्राप्त जानकारी के अनुसार हैदराबाद से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जा रही प्राइवेट ट्रैवल्स की बस तड़के करीब 3 बजे जब बस नेरिडिगोंडा के समीप पहुंची तो अचानक आगे जा रही एक लॉरी में उसने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के तुरंत बाद ही बस में सवार दो यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई।

    हादसे में 3 अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए नजदीकी राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों ने बचाव अभियान चलाया और घायलों को बस के मलबे से बाहर निकाला।

  • सरकार ने Whatsapp समेत इन ऐप्स के नियमों में किया बड़ा बदलाव, यूजर्स को दिए कड़े आदेश

    सरकार ने Whatsapp समेत इन ऐप्स के नियमों में किया बड़ा बदलाव, यूजर्स को दिए कड़े आदेश

    टेक्नोलॉजी: भारत सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। इस फैसले के अंतर्गत कई सारे मैसेजिंग ऐप्स जैसे कि व्हाट्सऐप, टेलीग्राम, सिग्नल, स्नैपचैट, शेयरचैट, जियोचैट, अराटाई और जोश के संचालन के नियम पूरी तरह बदल गए हैं। दूरसंचार विभाग की ओर से इन सभी प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया गया है कि अब कोई भी यूजर एक्टिव सिम कार्ड के बिना इन ऐप्स का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। यह आदेश Telecommunication Cybersecurity Amendment Rules 2025 के अंतर्गत आते हैं। इसके अंतर्गत पहली बार ऐप आधारित मैसेजिंग सेवाओं को टेलीकॉम सर्विस की तरह कंट्रोल किया जाएगा।

    साइबर क्राइम से बचाव के लिए उठाया कदम

    सरकार ने अब इन सभी ऐप्स को Telecommunication Identifier User Entities की कैटेगरी में रखा है। 90 दिन के अंदर इन्हें यह सुनिश्चित करना पड़ेगा कि यूजर की सिम हमेशा उनके ऐप्स के साथ जुड़ी रहे। इसके अलावा जो लोग ब्राउजर से लॉगिन करते हैं उनके लिए नियम और भी कड़े कर दिए हैं। सरकार ने यह साफ कह दिया है कि वेब ऐप पर हर छह घंटे में यूजर्स को ऑटो लॉगआउट किया जाए और उनको फिर से क्यूआर कोड स्कैन करके दोबारा लॉगिन करना पड़ेगा। सरकार ने यह दावा किया है कि इससे साइबर अपराधियों पर लगाम लगेगी और वो दूर बैठे झूठे नंबर और इनएक्टिव सिम का इस्तेमाल करके धोखाधड़ी नहीं कर पाएंगे।

    डेटा से ट्रेस करना होगा मुश्किल

    सरकार का यह कहना है कि सिस्टम में बहुत बड़ी कमी थी। ज्यादातर मैसेजिंग ऐप्स में एक ही नंबर वेरिफाई करने के बाद फोन में सिम हो या न ऐप लगातार चलते रहते हैं। सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अनुसार, इंस्टाल करते समय एक बार सिम बाइडिंग होती है। उसके बाद ऐप बिना सिम के ही चलता रहता है। इससे साइबर अपराधियों को फायदा होता है। वो सिम बदलकर इनएक्टिव करवाकर इन ऐप्स का इस्तेमाल चोरी छिपे जारी रख सकते हैं। इस तरह के मामलों में कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन लॉग या कैरियर डेटा से उन्हें ट्रेस करना मुश्किल हो जाता है। सरकार का यह कहना है कि जब लगातार सिम बाइंडिंग होगी तो इससे यूजर्स के नंबर और डिवाइस के बीच में ट्रेस करने में मजबूती बढ़ेगी। स्पैम, फ्रॉड और मैसेजिंग के जरिए होने वाले वित्तीय अपराध भी कम होंगे। इसके अलावा डिजिटल पेमेंट्स में भी इस तरह के कड़े सुरक्षा नियम पहले से ही लागू है जैसे यूपीआई और बैंकिंग ऐप्स सिम की वेरिफिकेशन जरुर करते हैं। sEBI ने पहले ही ट्रेडिंग अकाउंट्स को सिम के साथ जोड़कर फेस रिकग्निशन जोड़ने का प्रस्ताव दिया था।  
  • चलते Truck में आया करंट, ड्राइवर की मौत, 4 लोगों ने कूदकर बचाई जान

    चलते Truck में आया करंट, ड्राइवर की मौत, 4 लोगों ने कूदकर बचाई जान

    समस्तीपुरः जिले में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है जहां, एक ट्रक 11000 वोल्ट के हाईटेंशन तार की चपेट में आ गया। बिजली के चपेट में आते ही ट्रक बीच सड़क धू-धूकर जलने लगा। देखते ही देखते आग ने पूरे ट्रक को अपनी चपेट में ले लिया। ट्रक में करंट लगते ही ड्राइवर झटका खाकर नीचे गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। वही 4 लोगों ने कूदकर अपनी जान बचाई।

    जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान पप्पू कुमार (35) के रूप में हुई है। पप्पू कुमार समस्तीपुर से ट्रक में खाद भरकर निमि जा रहे थे। जैसे ही ट्रक भरहर चौक के पास पहुंचे ऊपर से गुजर रहे 11,000 वोल्ट के हाई वोल्टेज तार के संपर्क में आ गया और इससे आग लग गई। ट्रक ड्राइवर की करंट लगने से मौत हो गई। देखते ही देखते आग ने ट्रक को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के लोग मदद के लिए भागे, लेकिन करंट से जुड़ा मामला होने की वजह से स्थानीय लोग बहुत मदद नहीं कर पाए। तुरंत इसकी सूचना पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी। लेकिन उनके पहुंचने से पहले ट्रक पूरी तरह जलकर राख हो गया था।

    ट्रक पर सवार मनीष ने बताया कि 4 मजदूर मनीष कुमार(28), त्रिवेणी कुमार(24), छोटू कुमार(25) और विजय उर्फ गोलू कुमार(28) सवार थे। चारों कर्पूरी ग्राम थाना क्षेत्र के शंभू पट्टी पंचायत के चांदो पट्टी गांव के रहने वाले हैं। वहीं पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

  • इन तरीकों से Money Plant में होगी तेजी से Growth, लाल घोल से पौधा होगा हरा-भरा

    इन तरीकों से Money Plant में होगी तेजी से Growth, लाल घोल से पौधा होगा हरा-भरा

    लाइफस्टाइलः सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक मनी प्लांट को लगभग हर घर में लगाया जाता है, लेकिन अक्सर लोग इसे गलत जगह पर रख देते हैं या इसकी देखभाल में छोटी-छोटी गलतियां करते हैं, जिससे यह सूखने लगता है। जबकि सर्द मौसम में मनी प्लांट को खास देखभाल की जरूरत होती है। गार्डनिंग एक्सपर्ट्स ने मनी प्लांट को बचाने, उसकी देखभाल करने और तेजी से ग्रोथ देने के लिए 4 जरूरी सीक्रेट्स और एक खास ‘लाल घोल’ यानी कि होममेड फर्टिलाइजर के बारे में बताया है।

    मनी प्लांट की जगह और पानी देने की मात्रा का पता होना जरूरी

    ​मनी प्लांट को सही जगह पर रखना उसकी सेहत के लिए सबसे पहला और जरूरी कदम है। पौधे को कभी भी सीधी, तेज धूप में नहीं रखना चाहिए। सीधी धूप इसके पत्तों को जला सकती है और पौधा तेजी से सूख सकता है। इसे हमेशा ऐसी जगह पर रखें जहां रोशनी अच्छी हो, लेकिन वह छाया में रहे। जैसे कि खिड़की के पास, जहां सुबह की हल्की धूप या दिनभर छनी हुई रोशनी आती हो। इसी के साथ मनी प्लांट को ओवरवॉटरिंग से भी बचाना चाहिए। इस दौरान हफ्ते में एक बार ही पानी डालें या फिर तभी दें जब गमले की मिट्टी सूख जाए। दूसरी ओर पत्तों पर जमा धूल-मिट्टी उनकी सांस लेने की प्रक्रिया को बाधित करती है। पत्तों को हमेशा गीले कपड़े से पोंछकर साफ रखें। अगर पत्तों पर पानी का स्प्रे करते हैं, तो सुनिश्चित करें कि पानी पत्ती पर रुका न रहे। खुद नहीं सूखता, तो उसे पोंछकर साफ कर दें।

    ऐसे बनाएं लाल घोल

    मनी प्लांट की खूबसूरती उसके चमकदार पत्तों में होती है। इसे बनाए रखने के लिए दो चीजें जरूरी हैं, पोषक तत्व देना और सफाई। फर्टिलाइजर बनाने के लिए ¼ चम्मच कॉफी पाउडर और ¼ चम्मच हल्दी पाउडर को पानी में घोल लें। पानी उतना ही डालें जितनी पौधे को जरूरत है। यह लिक्विड फर्टिलाइजर मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी को पूरा करता है। डिस्क्लेमर: ये केवल जानकारी के लिए है। हमारा चेनल इसकी सत्यता और सटीकता की जिम्मेदारी नहीं लेता है। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से संपर्क करें।