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  • Punjab News: 19 किलो हेरोइन सहित 2 विदेशी पिस्तौल बरामद, देखें वीडियो

    Punjab News: 19 किलो हेरोइन सहित 2 विदेशी पिस्तौल बरामद, देखें वीडियो

    तीन अलग-अलग मामलों में एक महिला समेत कई आरोपी गिरफ्तार

    अमृतसरः ड्रग तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार 4.0’ अभियान के तहत अमृतसर ग्रामीण पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। ग्रामीण एसएसपी कंवलप्रीत सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि खुफिया जानकारी और तकनीकी जांच के आधार पर तीन अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 19 किलो 206 ग्राम हेरोइन, 2 विदेशी पिस्तौल, कारतूस और गाड़ियां बरामद की हैं।

    उन्होंने बताया कि घरिंडा पुलिस स्टेशन के तहत की गई कार्रवाई में 9 किलो हेरोइन और एक एक्टिवा बरामद की गई है और जसप्रीत कौर को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जांच से पता चला है कि उसका परिवार तस्करी में शामिल रहा है और यह खेप पाकिस्तान से ड्रोन के ज़रिए भेजी गई थी।

    दूसरे मामले में, लोपोके पुलिस स्टेशन ने महावीर सिंह उर्फ ​​मोहित और एक नाबालिग को 10 किलो 206 ग्राम हेरोइन और एक मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार किया। जांच में पता चला है कि यह नेटवर्क दुबई में रहने वाला करण चला रहा है, जिसके खिलाफ पहले से ही ड्रग तस्करी के बड़े मामले दर्ज हैं और उसकी गिरफ्तारी के लिए रेड कॉर्नर नोटिस और LOC जारी करने की प्रक्रिया चल रही है।

    तीसरे मामले में, छटीविंड पुलिस स्टेशन ने कुलदीप सिंह और बंटी को गिरफ्तार किया है और उनके पास से दो विदेशी पिस्तौल बरामद की हैं। दोनों को पुलिस रिमांड पर लिया गया है और आगे-पीछे के लिंक (फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक्स) का पता लगाने के लिए गहन जांच की जा रही है। एसएसपी कंवलप्रीत सिंह ने यह भी बताया कि गैंगस्टर और तस्कर जोबनप्रीत को कोर्ट में पेश किया गया और 8 दिन की पुलिस रिमांड हासिल की गई है। उन्होंने कहा कि अमृतसर ग्रामीण पुलिस ड्रग तस्करों और आपराधिक नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए आगे-पीछे के लिंक की जांच जारी रखेगी।

     

     

  • सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की NEET, J.E.E और Talent सर्च परीक्षा में सफलता शिक्षा सुधारों की खास झलक

    सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की NEET, J.E.E और Talent सर्च परीक्षा में सफलता शिक्षा सुधारों की खास झलक

    गरीबी खत्म करने और समाज में बदलाव लाने के लिए शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

    लुधियाना: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि उनकी सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों को मजबूत करने, शिक्षा के बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और शिक्षकों के प्रशिक्षण में लगातार किए जा रहे निवेश ने राज्य को स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में देश का सबसे अग्रणी राज्य बना दिया है। यहां सरकारी प्राथमिक स्कूल, लोहारा में पाँच करोड़ रुपये की लागत से बने ‘वर्धमान ब्लॉक’ का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नीट, जे.ई.ई. और पंजाब राज्य टैलेंट सर्च परीक्षा जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की शानदार सफलता सरकार के शिक्षा सुधारों के दूरगामी प्रभाव को दर्शाती है। उन्होंने दोहराया कि गरीबी समाप्त करने और आने वाली पीढ़ियों को सशक्त बनाने के लिए शिक्षा ही सबसे शक्तिशाली साधन है। सरकारी प्राथमिक स्कूल में नए ब्लॉक का उद्घाटन करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह नया ब्लॉक पाँच करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इसका पूरा खर्च वर्धमान टेक्सटाइल समूह ने वहन किया है, जिसके लिए मैं समूह के नेतृत्व का तहेदिल से धन्यवाद करता हूँ। इस नए ब्लॉक में विद्यार्थियों के लिए फर्नीचर सहित 18 कक्षाएँ तथा शिक्षकों के लिए तीन कमरे बनाए गए हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा, “वर्धमान टेक्सटाइल समूह विशेष रूप से सरकारी स्कूलों के शैक्षणिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। इस समूह ने लोहारा, ग्यासपुरा, कासाबाद, लाडोवाल, सेखेवाल और अन्य सरकारी स्कूलों में भी भवनों का निर्माण कराया है। कोई भी मुफ्त सुविधा या रियायत राज्य से गरीबी अथवा अन्य सामाजिक बुराइयों को समाप्त नहीं कर सकती, बल्कि शिक्षा ही वह कुंजी है, जो लोगों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाकर उन्हें गरीबी के दलदल से बाहर निकाल सकती है।” उन्होंने कहा, “सरकार के अथक प्रयासों के कारण पंजाब प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़कर पहले स्थान पर पहुँच गया है। राज्य सरकार ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा का स्तर ऊँचा उठाया है, व्यवस्था को मजबूत किया है, स्मार्ट क्लासरूम शुरू किए हैं और शिक्षकों को उन्नत प्रशिक्षण प्रदान किया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप पंजाब स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन कर रहा है और भारत सरकार की प्रमुख संस्था नीति आयोग द्वारा जारी नवीनतम आँकड़े दर्शाते हैं कि पंजाब ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल किया है।”   मुख्यमंत्री ने कहा, “पिछले चार वर्षों से राज्य सरकार ने शिक्षकों के प्रशिक्षण, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और स्मार्ट क्लासरूम पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है और आज पंजाब शीर्ष पर खड़ा है। पहले केरल पहले स्थान पर था, लेकिन अब पंजाब ने बड़े अंतर से नंबर एक का दर्जा हासिल किया है। आने वाले समय में भी ऐसे और प्रयास किए जाएंगे। शिक्षा वह प्रकाश है, जो अंधकार को दूर कर दुनिया को रोशन करता है, इसलिए राज्य सरकार इस पर विशेष जोर दे रही है।” मुख्यमंत्री ने बताया, “लुधियाना जिले के सरकारी स्कूलों में लगभग तीन लाख विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं, जहां 16 स्कूल ऑफ एमिनेंस, 11 स्कूल ऑफ ब्रिलियंस और 35 स्कूल ऑफ हैप्पीनेस हैं। मिलरगंज और डिवीजन नंबर-3, लुधियाना में दो अन्य स्कूल ऑफ एमिनेंस बनकर तैयार हो चुके हैं और शीघ्र ही जनता को समर्पित किए जाएंगे। 146 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा, 33 विद्यार्थियों ने जे.ई.ई. मेन परीक्षा, 9 विद्यार्थियों ने जे.ई.ई. एडवांस्ड परीक्षा तथा 47 विद्यार्थियों ने पी.एस.टी.एस.ई. परीक्षा उत्तीर्ण की है।      
  • फ्री बस यात्रा करने वाली महिलाओं के लिये जरूरी खबर, इस तारीख से पहले ये कार्ड बनवाना होगा अनिवार्य

    फ्री बस यात्रा करने वाली महिलाओं के लिये जरूरी खबर, इस तारीख से पहले ये कार्ड बनवाना होगा अनिवार्य

    नई दिल्लीः फ्री बस यात्रा को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। जहां, दिल्ली के डीटीसी और क्लस्टर बसों में यात्रा करने वाले वाली सभी महिलाओं को पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड साथ रखना और बस में चढ़ते समय उसे टैप करना अनिवार्य होगा। अब तक मिलने वाला पेपर पिंक टिकट 31 जुलाई के बाद बंद कर दिया जाएगा।

    वहीं, दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने बसों में सफर करने वाली महिला यात्रियों के लिए रेखा गुप्ता की सरकार ने 1 अगस्त से फ्री बस यात्रा के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। DTC के अनुसार 31 जुलाई तक महिलाओं को पेपर पिंक टिकट जारी किए जाएंगे। लेकिन 1 अगस्त से केवल वही महिलाएं मुफ्त यात्रा कर सकेंगी,  जिनके पास वैध पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड होगा।

    कार्ड को मशीन पर टैप करना होगा जरूरी
    बस में चढ़ते समय कार्ड को मशीन पर टैप करना जरूरी होगा। जिनके पास कार्ड नहीं होगा, उन्हें सामान्य किराया देना पड़ेगा।

    इस योजना का कौन-कौन ले सकता है लाभ
    फ्री बस सेवा का लाभ दिल्ली की 5 वर्ष या उससे अधिक उम्र की सभी लड़कियों/महिलाओं और ट्रांसजेंडर नागरिकों को मिलेगा। इसके लिए किसी आय सीमा की शर्त नहीं है। हालांकि, आवेदन करने वाले के आधार कार्ड पर दिल्ली का पता होना जरूरी है।

    जानें कैसे बनवाएं पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड
    पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड दिल्ली के 50 से ज्यादा अधिकृत केंद्रों से बनवाया जा सकता है। इनमें DTC डिपो, SDM कार्यालय और विशेष कैंप शामिल हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड (दिल्ली पते वाला), उससे जुड़ा मोबाइल नंबर और कुछ केंद्रों पर पासपोर्ट साइज फोटो की जरूरत होगी। आधार आधारित OTP या बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद कार्ड तुरंत जारी कर दिया जाएगा। कई केंद्रों पर QR कोड स्कैन कर ऑनलाइन टोकन लेने की सुविधा भी शुरू की गई है, जिससे लंबी लाइन से बचा जा सकता है।

    सरकार ने लोगों से कार्ड बनवाने की अपील की
    सरकार महिला यात्रियों से अपील की है कि वे 1 अगस्त से पहले पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड जरूर बनवा लें। इससे मुफ्त बस यात्रा बिना किसी परेशानी के जारी रहेगी और भविष्य में सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल भी पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा।

     

  • न्यू क्लस्टर सिस्टम से प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर संकट

    न्यू क्लस्टर सिस्टम से प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर संकट

    ऊना,सुशील पंडित: हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में लागू किए जा रहे न्यू क्लस्टर सिस्टम पर ऊना विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय केवल प्रशासनिक एडजस्टमेंट के माध्यम से काम चलाने का प्रयास कर रही है, जिसका सबसे अधिक नुकसान प्राथमिक शिक्षा और छोटे बच्चों के भविष्य को होगा।

    विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि इस नई व्यवस्था से प्राथमिक शिक्षकों के प्रमोशन का पूरा चैनल लगभग समाप्त होने की स्थिति में पहुंच जाएगा। अब जेबीटी शिक्षक भविष्य में हेड टीचर, सेंटर हेड टीचर और ब्लॉक एलीमेंट्री एजुकेशन ऑफिसर जैसे पदों तक नहीं पहुंच पाएंगे। इससे शिक्षकों का मनोबल प्रभावित होगा और उनके कैरियर की प्रगति के अवसर सीमित हो जाएंगे।

    उन्होंने कहा कि पहले प्राथमिक विद्यालयों की ग्रांट सीधे संबंधित हेड मास्टर या सेंटर हेड मास्टर के माध्यम से स्कूलों के विकास कार्यों पर खर्च होती थी, लेकिन अब यह अधिकार प्रिंसिपल के पास केंद्रित कर दिया गया है। इससे प्राथमिक विद्यालयों की स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्य प्रभावित होंगे और छोटे विद्यालयों की समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो पाएगा।

    विधायक सतपाल सत्ती ने आरोप लगाया कि सरकार रिक्त पदों को नियमित भर्ती के माध्यम से भरने के बजाय शिक्षकों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजकर केवल एडजस्टमेंट की नीति अपना रही है। उन्होंने कहा कि कई प्राथमिक विद्यालयों में जेबीटी शिक्षकों के स्थान पर टीजीटी, सी एंड वी तथा लेक्चरर स्तर के शिक्षकों को डेपुटेशन पर भेजा जा रहा है। यह व्यवस्था प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों की मनोवैज्ञानिक एवं शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं है, क्योंकि इन शिक्षकों का प्रशिक्षण उच्च कक्षाओं के विषयों के अनुरूप होता है।

    उन्होंने यह भी कहा कि एक-एक प्रिंसिपल को आठ से दस विद्यालयों की जिम्मेदारी सौंपना व्यावहारिक नहीं है। ऐसे में प्रिंसिपल अधिकांश समय विभिन्न विद्यालयों के दौरे पर रहेंगे, जिससे उनके अपने विद्यालय का प्रशासन और शैक्षणिक व्यवस्था भी प्रभावित होगी तथा अन्य विद्यालयों में भी नियमित निगरानी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना कठिन हो जाएगा।

    सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि प्रदेश सरकार को न्यू क्लस्टर सिस्टम की समीक्षा कर प्राथमिक शिक्षा से जुड़े शिक्षकों, अभिभावकों और शिक्षा विशेषज्ञों की राय लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को प्राथमिक विद्यालयों में रिक्त पदों को शीघ्र भरना चाहिए तथा ऐसी व्यवस्था लागू करनी चाहिए जिससे शिक्षकों के हित सुरक्षित रहें और प्रदेश के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने वाले किसी भी निर्णय का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करती है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रदेश सरकार ने प्राथमिक विद्यालयों के लिए पर पूर्ववर्ती व्यवस्था को लागू नहीं किया तो भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश भर में शिक्षकों के आंदोलन के साथ खड़ी होगी।

     

     

  • क्या दिन में 2 कप Coffee पीने से कम होगा Heart Problems का खतरा? जानें

    क्या दिन में 2 कप Coffee पीने से कम होगा Heart Problems का खतरा? जानें

    सेहत: दुनिया में ऐसे कई लोग है जिनके दिन की शुरुआत एक कप कॉफी के साथ होता है। ऐसे में अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के द्वारा किए गए अब तक के सबसे बड़े रिसर्च से बड़ी राहत मिली है। रिसर्च के अनुसार, ज्यादातर स्वस्थ लोगों के लिए रोज 400 मिलीग्राम तक कैफीन का सेवन करना सुरक्षित होता है। इससे दिल संंबंधी बीमारियों, स्ट्रोक और हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ता है। परंतु ध्यान देने वाली बात यहां पर यह है कि सभी तरह के कैफीन पदार्थ एक जैसे ही नहीं होते हैं जैसे कि एनर्जी ड्रिंक्स और कैफीन शॉट्स इसमें बहुत कम मात्रा में काफी ज्यादा कैफीन होात है। इससे आपको फायदे से ज्यादा नुकसान हो सकता है।

    दिल का ऊपरी हिस्सा होता है अनियमित

    एक्सपर्ट्स के अनुसार, कॉफी पीने से एट्रियल फाइब्रिलेशन से पीड़ित लोगों पर ज्यादा असर पड़ सकता है। एट्रियल फ्राइब्रिलेशन दिल की धड़कन की सबसे खराब स्थिति है जिसमें दिल का ऊपरी हिस्सा तेजी से और अनियमित तौर पर धड़कने लगता है। इससे स्ट्रोक, हार्ट फेलियर और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

    काफी का ज्यादा सेवन से कम होगा दिल संबंधी बीमारियों का खतरा

    अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के द्वारा सर्कुलेशन पत्रिका में प्रकाशित नए वैज्ञानिक बयानों के अनुसार, कम मात्रा में कॉफी का सेवन करने से ज्यादा लोगों में दिल संबंधी बीमारियों का खतरा नहीं बढ़ता। इसके साथ ही वो यह कहते हैं कि यदि चीनी, सिरप या ब्लैक कॉफी पीना छोड़ दें। इससे दिल संबंधी, स्ट्रोक, हार्ट फेलियर और शुगर जैसी कई बीमारियों का खतरा कम होता है।

    कम मात्रा में काफी पीना होता है सुरक्षित

    कम मात्रा में कॉफी पीना सुरक्षित होता है परंतु एनर्जी ड्रिंक्स के बारे में ऐसा नहीं कहा जा सकता है क्योंकि नई एनर्जी ड्रिंक्स और एनर्जी शॉट्स में आम कॉफी की तुलना में तीन से चार गुना ज्यादा कैफीन होता है। यदि इन चीजों में अक्सर ऐसी दवाईयां या तत्व मिलाएं जाएं तो शरीर में कैफीन बहुत तेजी से असर करने में मदद करता है। इस रिसर्च में यह भी सामने आया है कि एनर्जी ड्रिंक्स में कैफीन की ज्यादा मात्रा हाई ब्लड प्रेशर और हृदय गति बढ़ेगी। स्वस्थ युवाओं को भी इन पेय पदार्थों को ज्यादा मात्रा में सेवन करने से दिल की गति में गड़बड़ी का अनुभव हुआ है।

    कैफीन पीने के फायदे

    खास बात यह है कि शोधकर्ताओं का यह कहना है कि कॉफी पीने के काफी हेल्थ बेनिफिट्स भी हैं। कॉफी में सैंकड़ों ऐसे प्राकृतिक तत्व भी होते हैं जो शरीर की सूजन को कम करते हैं। यह खून की नसों को सुरक्षित रखते हैं। इसी वजह से अध्ययनों में कॉफी अक्सर सप्लीमेंट या एनर्जी ड्रिंक्स के जरिए से सेवन किए गए कैफीन से अच्छा परिणाम देती है। इस रिसर्च के जटिल होने का एक कारण यह है कि हर व्यक्ति पर इसका असर अलग-अलग होता है। हर व्यक्ति के शरीर पर कॉफी का असर अलग तरीके से होता है। आपकी उम्र, जीन, लिवर की क्षमता, दवाइयां और आप कितनी बार कॉफी पीते हैं। इन सभी बातों से यह तय होता है कि आपका शरीर कैफीन को जल्दी पचाएगा। यही कारण है कि कुछ लोग बिना किसी परेशान के कई कप कॉफी पी लेते हैं वहीं कुछ लोगों को एक ही कप में घबराहट, तेज धड़कन या नींद न आने जैसी समस्या होने लगती है।

    दिन में पीनी चाहिए इतनी कॉफी

    कई अध्ययनों में लगातार यह बात सामने आई है कि रोज 2-4 कप कॉफी पीना सबसे सही होता है परंतु इससे ज्यादा कॉफी का सेवन यदि करेंगे तो कुछ लोगों में दिल गति रुकने का खतरा बढ़ सकता है। इससे यह बात साफ हो जाती है कि किसी भी चीज को यदि सीमित मात्रा में लेना ही सबसे समझदारी भरा काम होता है।    
  • नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत: उपायुक्त

    नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत: उपायुक्त

    हिमकैप्स इंस्टीट्यूट बढ़ेड़ा में जिला स्तरीय नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत महोत्सव आयोजित, 350 युवाओं ने लिया भाग

    ऊना,सुशील पंडित:  युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा विकसित भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मेरा युवा भारत ऊना द्वारा हिमकैप्स इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल एजुकेशन, बढ़ेड़ा में जिला स्तरीय “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत महोत्सव” का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के लगभग 350 विद्यार्थियों ने भाग। कार्यक्रम में उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बतौर मुख्य अतिथि तथा पुलिस अधीक्षक ऊना सचिन हिरेमठ ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की।

    युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी पूंजी: जतिन लाल

    उपायुक्त जतिन लाल ने अपने संबोधन में कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है और युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा तथा सकारात्मक सोच ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है। यदि युवा नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहकर शिक्षा, खेल, नवाचार और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ेंगे तो विकसित भारत का सपना शीघ्र साकार होगा।

    उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज का भविष्य प्रभावित करता है। इसलिए प्रत्येक युवा को स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने मित्रों और समाज को भी इसके प्रति जागरूक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा नशे के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन इस लड़ाई में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उपायुक्त ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ उनमें सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना भी विकसित करते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी प्रस्तुतियां केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी माध्यम भी हैं।

    नशे के विरुद्ध जनआंदोलन बनाना होगा: पुलिस अधीक्षक

    वहीं,  पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ ने अपने संबोधन में कहा कि नशे के विरुद्ध केवल कानून ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज की सामूहिक जागरूकता और युवाओं की सकारात्मक सोच भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग नशे के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई कर रहा है, वहीं युवाओं की जागरूक भागीदारी इस अभियान को और अधिक मजबूत बनाएगी। उन्होंने विद्यार्थियों से सोशल मीडिया और आधुनिक तकनीक का उपयोग समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने तथा नशामुक्त भारत के अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

    महोत्सव के अंतर्गत समूह नृत्य, समूह लोकगीत, नुक्कड़ नाटक/मूक अभिनय, चित्रकला, वाद-विवाद एवं भाषण, स्लैम पोएट्री, लघु फिल्म/रील तथा स्लोगन लेखन सहित कुल आठ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करते हुए स्वस्थ एवं जागरूक समाज का संदेश दिया।

    पारदर्शी मूल्यांकन के लिए विशेषज्ञ निर्णायक मंडल

    प्रतियोगिताओं के निष्पक्ष एवं पारदर्शी मूल्यांकन के लिए विभिन्न शिक्षण संस्थानों, प्रशासनिक विभागों तथा सामाजिक संगठनों के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों एवं विशेषज्ञों को निर्णायक मंडल में शामिल किया गया। सभी प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन निर्धारित मानकों के अनुसार किया गया।

    इस मौके पर उपायुक्त ऊना ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी बच्चों को नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इस बारे जागरूक करने की शपथ दिलाई। इस मौके पर हिमकैप्स कॉलेज बढेड़ा के चेयरमैन विक्रमजीत सिंह, जिला युवा स्पोर्ट्स अधिकारी प्रदीप कुमार, तहसील कल्याण अधिकारी ऊना जितेंद्र शर्मा सहित अन्य उपस्थित रहे।

     

  • कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने करवाई केंद्रीय जेल में आम आदमी क्लीनिक की शुरुआत

    कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने करवाई केंद्रीय जेल में आम आदमी क्लीनिक की शुरुआत

    जेल में बंदियों को 45 तरह के मेडिकल टेस्टों के अलावा 100 से अधिक तरह की दवाओं की मिलेगी मुफ्त सुविधा

    चंडीगढ़/होशियारपुर: पंजाब के जेल और प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने यहां केंद्रीय जेल में नए बने आम आदमी क्लीनिक की शुरुआत एक बंदी से करवाते हुए कहा कि पंजाब सरकार राज्य के हर क्षेत्र में बहुत ही सुगम तरीके से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करवाने में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है, जिससे आम लोगों को घरों के नजदीक ही प्राथमिक टेस्ट और दवाइयां उपलब्ध करवाई जा रही हैं। जेल मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा राज्य में 1090 आम आदमी क्लीनिक स्थापित किए जा चुके हैं, जहां कुशल स्टाफ द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल ढांचे को और मजबूत करते हुए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं, टेस्ट और दवाओं की मुफ्त सुविधा सुनिश्चित की जा रही है। होशियारपुर की केंद्रीय जेल में आम आदमी क्लीनिक की शुरुआत होने से जिले में चल रहे इन क्लीनिकों की संख्या 77 हो गई है और अब जेल में बंदियों के 45 तरह के टेस्ट की सुविधा अंदर ही उपलब्ध रहेगी, जहां उन्हें 100 से अधिक तरह की दवाइयां भी मुफ्त मिलेंगी। डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा राज्य की 8 जेलों में आम आदमी क्लीनिक खोले जा चुके हैं, ताकि जेलों में बंद कैदियों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का प्रबंध सुचारू तरीके से अमल में लाया जा सके। जेलों में इन क्लीनिकों के अंदर मेडिकल ऑफिसर, फार्मासिस्ट, क्लीनिक असिस्टेंट, हेल्पर आदि को तैनात किया गया है, ताकि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं दी जा सकें। होशियारपुर की जेल में 1400 से अधिक बंदियों के प्राथमिक टेस्ट अब जेल के अंदर के आम आदमी क्लीनिक में ही हो जाएंगे और जरूरी दवाइयां भी अंदर से ही दी जाएंगी। आम आदमी क्लीनिकों में लोगों द्वारा ली जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि इन क्लीनिकों में दी जा रही सुविधाओं का लोगों को बहुत लाभ मिल रहा है और अब तक 5.90 करोड़ मरीजों द्वारा अपना चेकअप करवाया जा चुका है। राज्य में पहले चल रहे 990 क्लीनिकों में से रोजाना अनुमानित 83 हजार लोगों द्वारा स्वास्थ्य सेवाएं ली जा रही थीं। अब इन क्लीनिकों की संख्या 1090 हो जाने से और भी लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि इन क्लीनिकों में अब तक साढ़े 3 करोड़ के करीब टेस्ट किए जा चुके हैं। डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि आम आदमी क्लीनिकों में अब गर्भवती महिलाओं की देखभाल, स्क्रीनिंग और पोषण प्रबंधन की सेवाएं भी उपलब्ध हैं। पंजाब सरकार द्वारा आने वाले समय में 300 और आम आदमी क्लीनिक खोलने की योजना है, ताकि राज्य के हर क्षेत्र में लोगों को अपने घरों के नजदीक ही प्राथमिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। जेल सुपरिटेंडेंट हरचरन सिंह गिल, सिविल सर्जन डॉ. मनदीप कमल ने जेल में आम आदमी क्लीनिक की स्थापना, स्टाफ और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर अतिरिक्त सुपरिटेंडेंट हरबंस सिंह, डिप्टी सुपरिटेंडेंट आशा रानी, आम आदमी क्लीनिकों के शहरी नोडल अधिकारी डॉ. रोहित बबूटा, जिला प्रोग्राम मैनेजर एन.एच.एम. मोहम्मद आसिफ भी मौजूद थे।
  • ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करने के लिए जिला की सभी पंचायतों में लगेंगी विशेष बैठकें, शेडयूल जारी

    ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करने के लिए जिला की सभी पंचायतों में लगेंगी विशेष बैठकें, शेडयूल जारी

    ऊना,सुशील पंडित: ग्रामीण विकास को अधिक प्रभावी, सहभागी एवं योजनाबद्ध बनाने के उद्देश्य से जिला ऊना की सभी पंचायतों में ग्राम पंचायत विकास योजना(जीपीडीपी) तैयार करने के लिए विशेष बैठक आयोजित की जाएंगी। इस संबंध में उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने आदेश जारी करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों को निर्धारित शेडयूल के अनुसार बैठकें सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

    विशेष बैठकों का शेडयूल

    जारी आदेशों के मुताबिक विकास खंड गगरेट के अंतर्गत ग्राम पंचायत गुगलैहड़ बढ़ेड़ा राजपूतां, जाडला कोयड़ी और लोहारली में 1 अगस्त को विशेष बैठकें आयोजित होंगी। कुठेड़ा जसवालां, मवा सिंधियाए टटेहड़ा व ओयल में 2 अगस्त, बडोह, कलोह, गगरेट व गगरेट अप्पर में 3 अगस्त, संघनेई, दियोली, घनारी, नंगल जरियाला में 4 अगस्त, अम्बोआ, मवा कोहलां, चलेट व बबेहड़ में 5 अगस्त, मरवाड़ी, गणु मंदवाड़ा, सलोह वैरी व जोह में 6 अगस्त, डंगोह खुर्द, पिरथीपुर, डंगोह खास व अभयपुर में 7 अगस्त, भद्रकाली, रायेपुर, गोंदपुर बनेहड़ा अप्पर व ब्रह्मपुर में 8 अगस्त, गोंदपुर बनेहड़ा लोअर, कुनेरन, भंजाल लोअर व कैलाश नगर में 9 अगस्त तथा रामनगर, नकडोह, अमलैहड़, भंजाल अप्पर व चतेहड़ में 10 अगस्त को विशेष बैठकें आयोजित होंगी।

    इसी तरह विकास खंड हरोली के तहत ग्राम पंचायत नगनोली, लोअर पंजावर, पंडोगा व भदसाली में 1 अगस्त को, हीरानगर, घालूवाल, कांगड़ व गोंदुपर बुल्ला में 2 अगस्त, पोलिया बीत, बालीवाल, हरोली व खड्ड में 3 अगस्त, पंजावर, बढ़ेड़ा, सलोह व बढ़ेड़ा लोअर में 4 अगस्त, कंुगड़त, पालकवाह, बीटन व हीरा में 5 अगस्त, कुठारबीत, ललड़ी, पंडोगा निचला व लोअर ललड़ी में 6 अगस्त, सिंगा, हिलेड़ा बिलना, बाथड़ी व धर्मपुर में 7 अगस्त, भदसाली हार, भदौड़ी, रोड़ा व बाथू में 8 अगस्त, समनाल, भैणी खड्ड, ईसुपर टांडा व नंगल खुर्द में 9 अगस्त, दुलैहड़, पूबोवाल, छेत्रां व ईसुपर में 10 अगस्त, सैंसोवाल, बटकलां, भडियारां व चंदपुर में 11 अगस्त तथा गोंदपुर जयचंद, जखेवाल, मल्लूवाल व कर्मपुर में 12 अगस्त को विशेष बैठकें लगेंगी।

    विकास खंड अंब की ग्राम पंचायत बेहड़ जस्वां, चरूडू, टकारला व बधमाणा में 1 अगस्त, सपौरी, छपरोह, धंदड़ी व लोहारा लोअर में 2 अगस्त, अंदौरा लोअर, लडोली, नंदपुर व मैड़ी खास में 3 अगस्त, शिवपुर, भटेड, धर्मशाला महंता खास व मुबारिकपुर में 4 अगस्त, लोहारा अप्पर, जबेहड़, चैआर व ज्वार में 5 अगस्त, डूहल बटवालां, घंघरेट, भगड़ा व ज्वाल में 6 अगस्त, अंब टिल्ला, कटोहड़ कलां, घेबट-बेहड़ व बदाऊं में 7 अगस्त, कुठेड़ खैरला, कटौहड़ खुर्द, कलरूही व प्रम्ब में 8 अगस्त, रिपोह मिसरां, स्थोत्तर, हम्बोली व सूरी में 9 अगस्त, राजपुर जस्वां, सिद्ध चलेहड़, खरोह व धर्मशाला महंता में 10 अगस्त, त्याई, भैरा, सारड़ा व दिलवां में 11 अगस्त, डूहल बंगवाला, अंदौरा अप्पर, गिंदपुर मलौन व कुठियाड़ी में 12 अगस्त, धुसाड़ा, नैहरी नौरंगा, दियाड़ा व नारी चिंतपूर्णी में 13 अगस्त तथा पोलियां पुरोहितां, ठठल, मंदोली, सेरी व कोहाड़छन में 14 अगस्त को विशेष बैठकें आयोजित होंगी।

    विकास खंड ऊना में ग्राम पंचायत अबादा वराना, बीनेवाल, फतेहपुर व जनकौर में 1 अगस्त, झूडोवाल, खानपुर, लमलैहड़ा व मजारा में 2 अगस्त, मलूकपुर, नंगड़ां, सनोली व सुनेहरां में 3 अगस्त, अजौली, बडैहर, बनगढ़ व बहडाला में 4 अगस्त, भड़ोलियां कलां, छतरपुर, भटोली व चड़तगढ़ में 5 अगस्त, चताड़ा, देहलां लोअर, देहलां अप्पर व जखेड़ा में 6 अगस्त, रायपुर सहोड़ां, टब्बा, मैहतपुर व उदयपुर में 7 अगस्त, सासन, अप्पर बहडाला, बरनोह व बसोली में 8 अगस्त, डंगोली, झम्बर, कुरियाला व लमलैहड़ी में 9 अगस्त, मदनपुर, समूरकलां, त्यूड़ी व टक्का में 10 अगस्त, ठाकुर दवारा, बदोली, बडसाला व बसाल अप्पर में 11 अगस्त, बटूही, चलोला, डठबाड़ा, धमांदरी व बसाल लोअर में 12 अगस्त तथा नंगल सलांगड़ी, नारी, पनोह, डंगेहड़ा व बारसड़ा में 13 अगस्त को विशेष बैठकें आयोजित की जाएंगी।

    इसके अलावा विकास खंड बंगाणा की ग्राम पंचायत अरलू खास, चंगर, बडूही व बल्ह में 1 अगस्त, बैरियां, बोहरू, बुधान व बुढवार में 2 अगस्त, चमियाड़ी, टीहरा, कठोह व चुल्हड़ी में 3 अगस्त, छपरोह कलां, चैली, धनेत व मंदली में 4 अगस्त, ढियूंगली, धुंदला, सिहाणा व तनोह में 5 अगस्त, हटली केसरू, रायपुर, पल्लियां व धतोल में 6 अगस्त, मोमन्यार, जसाणा, चैकी खास व लठियाणी में 7 अगस्त, मलांगड़, सुकडियाल, थहड़ा व पिपलू में 8 अगस्त, परोइयां कलां, बल्ह खालसा, डोहक व अम्बेहड़ा धीरज में 9 अगस्त, खरयालता, डीहर, डोहगी व टकोली में 10 अगस्त, करमाली, थानाकलां, जोल व पलाहटा में 11 अगस्त तथा सोहारी, दोबड़, घुघन, ककराना, टांडा व बौल में 12 अगस्त को विशेष बैठक लगेंगी।

  • ज़िला परिषद ऊना की त्रैमासिक बैठक संपन्न, विकास कार्यों में समन्वय, पारदर्शिता और जनहित पर दिया विशेष बल

    ज़िला परिषद ऊना की त्रैमासिक बैठक संपन्न, विकास कार्यों में समन्वय, पारदर्शिता और जनहित पर दिया विशेष बल

    ऊना,सुशील पंडित: ज़िला परिषद ऊना की त्रैमासिक बैठक सोमवार को ज़िला परिषद सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता ज़िला परिषद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष पवन कुमार लम्बड़दार ने की। इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) ऊना इशांत जसवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में जिला परिषद के सभी नवनिर्वाचित सदस्यों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों तथा विकास खंड अधिकारियों (बीडीओ) ने भाग लिया।

    बैठक के दौरान ज़िला परिषद अध्यक्ष पवन कुमार लम्बड़दार ने जनहित एवं विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय स्थापित करते हुए विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं एवं योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र नागरिकों तक सरकार की योजनाओं का लाभ समय पर पहुँच सके। उन्होंने विकास कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा जनसहभागिता को भी प्राथमिकता देने पर बल दिया।

    बैठक में जिला परिषद के सुचारू एवं प्रभावी संचालन के लिए पाँच स्थायी समितियों का गठन किया गया। इनमें साधारण स्थायी समिति, वित्त, संप्रेक्षण एवं योजना समिति, सामाजिक न्याय समिति, शिक्षा एवं स्वास्थ्य समिति तथा कृषि एवं उद्योग समिति शामिल हैं। इन समितियों के माध्यम से विभिन्न विकासात्मक एवं जनहित से जुड़े विषयों की नियमित समीक्षा एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।

    बैठक के दौरान ज़िला परिषद के उपाध्यक्ष अविनाश मनन ने जिले में बेसहारा गौवंश के संरक्षण, देखभाल एवं आश्रय व्यवस्था को लेकर विस्तार से अपने सुझाव रखे। उन्होंने इस दिशा में दीर्घकालिक एवं सकारात्मक कदम उठाने की बात रखी। इस विषय पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं एडीसी इशांत जसवाल ने सभी विकास खंड अधिकारियों (बीडीओ) को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्राधिकार में संचालित गौसदनों का विस्तृत विवरण शीघ्र उपलब्ध करवाएं, ताकि आवश्यकतानुसार समुचित योजना बनाकर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

    बैठक में जिला परिषद के अन्य सदस्यों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों, आधारभूत सुविधाओं, जनसमस्याओं तथा जनहित के विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। इन विषयों पर संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तारपूर्वक चर्चा की गई तथा आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

    इस अवसर पर जिला पंचायत अधिकारी श्रवण कुमार ने ज़िला परिषद से संबंधित विभिन्न प्रशासनिक एवं विकासात्मक विषयों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने ज़िला परिषद की विभिन्न गतिविधियों के साथ-साथ 16वें वित्त आयोग से संबंधित प्रावधानों, योजनाओं तथा विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। बैठक में जिला पंचायत अधिकारी श्रवण कुमार, बीडीओ अंब ओमपाल डोगरा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा जिला परिषद के सभी नवनिर्वाचित सदस्य उपस्थित रहे।

  • PFSC के चेयरमैन Bal Mukand Sharma ने न्यूट्रिशन गार्डनों की नियमित निगरानी और तकनीकी सुधार के दिए निर्देश

    PFSC के चेयरमैन Bal Mukand Sharma ने न्यूट्रिशन गार्डनों की नियमित निगरानी और तकनीकी सुधार के दिए निर्देश

    चंडीगढ़: पंजाब स्टेट फूड कमीशन (पीएसएफसी) ने आयोग की विभिन्न गतिविधियों की व्यापक समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। तेजी से बदल रहे तकनीकी परिवेश को ध्यान में रखते हुए आयोग के चेयरमैन बाल मुकंद शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में आयोग की वेबसाइट का आधुनिकीकरण और नियमित अद्यतन (अपडेट) करने का निर्णय लिया गया, ताकि आयोग की गतिविधियों, योजनाओं और पहलों संबंधी नवीनतम जानकारी आम जनता तक समयबद्ध ढंग से पहुंचाई जा सके।

    बैठक के दौरान आयोग द्वारा तैयार की गई जन-जागरूकता फिल्म की भी समीक्षा की गई। इस अवसर पर चेयरमैन ने निर्देश दिए कि वर्तमान फिल्म का पुनर्मूल्यांकन किया जाए और उसमें खाद्य एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोग द्वारा हाल के समय में शुरू किए गए विभिन्न नए अभियानों, कार्यक्रमों और पहलों को भी शामिल किया जाए, जिससे लोगों को आयोग के कार्यों की व्यापक जानकारी मिल सके।

    मानसून सीजन की शुरुआत के मद्देनज़र चेयरमैन बाल मुकंद शर्मा ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि आयोग द्वारा राज्यभर के गोद लिए गए विद्यालयों में विकसित किए गए न्यूट्रिशन गार्डनों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाए तथा उनके उचित रखरखाव, देखभाल और तकनीकी सुधार सुनिश्चित किए जाएं।

    उन्होंने कहा कि इन पोषण वाटिकाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों में संतुलित आहार, पौष्टिक भोजन और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाना है, इसलिए इनकी गुणवत्ता और उपयोगिता को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। बैठक में सदस्य सचिव सोना थिंद तथा आयोग के सदस्य विजय दत्त और चेतन प्रकाश धालीवाल सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।