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  • Salary मांगने पर युवक को दी Third Degree, कांग्रेस विधायक पर केस दर्ज

    Salary मांगने पर युवक को दी Third Degree, कांग्रेस विधायक पर केस दर्ज

    रीवाः एक युवक ने कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा पर थर्ड डिग्री देने के आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि जब उसने सैलरी मांगी तो विधायक ने उसे पहले खुद पीटा, फिर बाद में गुर्गों से पिटवा दिया। वहीं शिकायत करने पर पुलिस ने भी केस दर्ज नहीं किया। वहीं दूसरी ओर विधायक के स्टाफ के कर्मचारी अशोक तिवारी ने भी पीड़ित युवक अभिषेक तिवारी के खिलाफ केस दर्ज कराया है। उसने अभिषेक पर उंगली काटने का आरोप लगाया। वह कटी उंगली लेकर थाने पहुंचा था।

    इधर, मामले में शुक्रवार दोपहर को सेमरिया के पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी के समर्थक सिविल लाइन थाने पहुंचे। उन्होंने विधायक अभय मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरना लगा दिया जिसके बाद कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा पर एफआईआर दर्ज की गई। एडिशनल एसपी आरती सिंह ने बताया कि विधायक पर मामूली मारपीट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। बता दें कि भाजपा नेता लगातार थाने को घेरकर बैठे थे। वे कांग्रेस विधायक पर एफआईआर की मांग कर रहे थे।

    विधायक पर आरोप लगाने वाले अभिषेक तिवारी अस्पताल में भर्ती हैं। उसके पूरे शरीर पर चोट के निशान है। ऊपर से लेकर नीचे तक शरीर का पूरा हिस्सा लाल है। अभिषेक ने बताया कि अशोक तिवारी विधायक के स्टाफ में है। उसने कहा था कि भैया आएंगे तो अच्छे से पेमेंट मिलेगा, लेकिन जैसे ही शाम को फार्म हाउस पहुंचे अभय मिश्रा को पगार की याद दिलाई गई तो उन्होंने पहले अभद्रता की। फिर खुद 30 लाठियां मारी और बाद में 10-12 गुर्गों से मिलकर बेरहमी से पिटवाया।

    वहीं, कांग्रेस विधायक के स्टाफ के कर्मचारी अशोक तिवारी ने गुरुवार रात करीब 11 बजे युवक कि खिलाफ FIR कराई। उसने बताया कि मैं कुछ काम से ढेकहा तिराहे की तरफ गया था। तकरीबन 12 बजे तिवारी होटल के पास अभिषेक तिवारी मुझे मिला। मुझसे शराब पीने के लिए 500 रुपए मांगे। जब मैंने पैसे देने से मना किया तो मुझे गंदी गंदी गालियां देने लगा।

    जब मैंने गाली देने से मना किया तो यह मुझसे लिपटकर मारपीट करने लगा। मेरे दाहिने हाथ की तर्जनी उंगली पर अपने दांतों से काट लिया। मेरी उंगली से खून निकलने लगा। तब मैंने शोर मचाया। इसके बाद आस-पास मौजूद पुष्पेन्द्र यादव, परीक्षित मिश्रा और स्थानीय लोगों ने आकर बीच-बचाव किया।

    कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने पूरे मामले में कहा कि मैं तो अभी अभी सिंगापुर से लौटा हूं। वो व्यक्ति जिसने मेरे ऊपर आरोप लगाए हैं वह शराब का आदी है। नशे की हालत में मेरे कर्मचारियों से झगड़ा किया। एक कर्मचारी की उंगली तक काट खाई। आरोप लगाने वाले युवक के खिलाफ थाना सिविल लाइन में मामला भी पंजीबद्ध किया गया है।

  • अद्भुत नजाराः शिवलिंग पर जा बैठा सांप, भक्तों का लगा तांता, देखें वीडियो

    अद्भुत नजाराः शिवलिंग पर जा बैठा सांप, भक्तों का लगा तांता, देखें वीडियो

    कांकेरः नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में एक अद्भुत घटना देखने को मिली। जहां एक सांप शिवलिंग पर जा बैठा। सांप लगभग 15 से 20 मिनट तक शिवलिंग पर बैठा रहा। घटना सावन महीने के दूसरे सोमवार की है। जानकारी अनुसार मंदिर में आराम करने आए एक सपेरे के पिटारे से निकला सांप सीधे शिवलिंग पर जा बैठा। सपेरा जब मंदिर में पहुंचा, तब भक्तों ने सांप देखने की इच्छा जताई। सपेरे ने अपने पिटारे का ढक्कन खोला और सांप रेंगते हुए सीधे शिवलिंग पर जा पहुंचा। इस दृश्य को देखने के लिए तुरंत लोगों की भीड़ जमा हो गई।

    इस दौरान मंदिर में पूजा का कार्यक्रम चल रहा था। कुछ भक्त डरे हुए थे जबकि अन्य इसे भगवान की लीला मानकर पूजा करते रहे। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बाद में पूजा-अर्चन में बाधा न हो, इसलिए सपेरे ने सांप को शिवलिंग से उतारकर वापस पिटारे में रख दिया।

  • Punjab News: घर के बाहर खड़ी गाड़ी का पुलिस ने काटा हेलमेट का चालान, देखें वीडियो

    Punjab News: घर के बाहर खड़ी गाड़ी का पुलिस ने काटा हेलमेट का चालान, देखें वीडियो

    लुधियानाः जालंधर के बाद अब लुधियाना में ट्रैफिक पुलिस द्वारा गाड़ी का हेलमेट का चालान काटने की घटना सामने आई है। हैरानी की बात यह है कि घर के बाहर खड़ी गाड़ी मालिक का ट्रैफिक पुलिस ने हेलमेट का चालान काट दिया। मामले की जानकारी देते हुए गाड़ी मालिक हरजिंदर सिंह ने बताया कि कि उसकी गाड़ी का ट्रैफिक पुलिस द्वारा हेलमेट का चालान काट दिया गया। इस संबंध में जब वह ट्रैफिक पुलिस के दफ्तर गया तो उन्होंने माना कि यह बाय मिस्टेक हो गया और इसे वह ठीक कर देंगे। पीड़ित ने कहा, लेकिन इस घटना को लेकर काफी दिन बीत गए है। अभी तक चालान ठीक नहीं किया गया। पीड़ित ने यह बताया कि उसके घर के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं।

    जिसमें साफ देखा जा सकता है कि उसकी गाड़ी के चालान काटने के समय घर के बाहर खड़ी हुई थी। लेकिन फिर भी पुलिस द्वारा गाड़ी का हेलमेट का चालान काट दिया गया। हरजिंदर ने बताया कि उसकी गाड़ी का नंबर पीबी 10 एचयू 5476 है। 16 तारीख को वह ड्यूटी पर तैनात था। इस दौरान उसकी घर के बाहर खड़ी गाड़ी का हेलमेट का चालान काट दिया गया। पीड़ित ने कहा कि एक सप्ताह का ट्रैफिक अधिकारी ने समय मांगा था। लेकिन इस घटना को 2 सप्ताह हो गए है, लेकिन अभी भी चालान को ठीक नहीं किया गया। पीड़ित ने इस मामले में उच्च अधिकारियों से इंसाफ की गुहार लगाई है।

    बता दें कि इससे पहले जांलधर में यह लापरवाही ट्रैफिक पुलिस की ओर से सामने आई थी। जहां रोड पर नाकेबंदी के दौरान थाना 5 की टीम ने बोलेरो चालक को रोका था। इस दौरान चालक ने डीजी लाकर में रखे दस्तावेज पुलिस को दिखाए, लेकिन पुलिस कर्मियों ने मानने से इनकार कर दिया। पुलिस ने आरसी, लाइसेंस और हेलमेट न पहनने का चालान करते हुए गाड़ी जब्त कर ली। हालांकि, पुलिस का कहना है कि कोई दस्तावेज न दिखाने के कारण गाड़ी जब्त की गई। इसके बाद कार चालक फोकल प्वाइंट निवासी सुशील तिवारी ने पुलिस के उच्च अधिकारियों को मामले की जानकारी भी दी थी।

    हालांकि यह घटना भी इस माह की है। बोलेरो चालक सुशील तिवारी ने बताया कि 13 जुलाई की रात वह 120 फीट रोड से गुजर रहा था। वहां पर थाना 5 की पुलिस का नाका लगा हुआ था। उसे नाके तैनात एएसआई बलजीत सिंह ने टीम सहित रोक लिया और गाड़ी के दस्तावेज मांगे। उसने आरोप लगाते हुए कहा कि डीजी लाकर में ड्राइविंग लाइसेंस और गाड़ी के दस्तावेज दिखाए, लेकिन बलजीत सिंह नहीं माने। इसके बाद उन्होंने चालान काटते हुए गाड़ी जब्त कर ली। उसने नाके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से बात करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने बात नहीं सुनी।

  • Kargil Vijay Diwas: पाकिस्तान की घुसपैठ का भारत ने दिया था करारा जवाब

    Kargil Vijay Diwas: पाकिस्तान की घुसपैठ का भारत ने दिया था करारा जवाब

    जानें कारगिल युद्ध की पूरी कहानी

    नई दिल्ली: 26 जुलाई को कारगिल युद्ध को 26 साल पूरे हो गए हैं। इस दिन भारत को पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में विजय मिली थी। आपको बता दें कि यहां पर कारगिल युद्ध लड़ा गया था वहां सर्दियों में तापमान माइनस 30 से माइनस 40 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है। सर्दियों के मौसम में यह इलाके खाली कर दिए जाते थे।

    इसका ही फायदा उठाकर पाकिस्तान ने घुसपैठ कर दी। इस घुसपैठ में पाकिस्तान की सेना ने भी मदद की थी। 3 मई को घुसपैठियों के दिखने की सूचना मिली जिसके बाद 5 मई 1999 को भारतीय सेना ने पेट्रोलिंग पार्टी को घुसपैठ वाले इलाके में भेज दिया। पेट्रोलिंग पार्टी जब घुसपैठ वाले इलाके में गई तो घुसपैठियों ने पांचों जवानों को मार दिया।

    सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों के शव से बर्बरता भी की गई। घुसपैठिए लेह-श्रीनगर हाईवे पर कब्जा कर लेना चाहते थे ऐसे में वह लेह को बाकी हिंदूस्तान से काट देना चाहते थे। ऐसे में 9 मई को कारगिल जिले में पाकिस्तानी सेना का तोप का गोला गिरा और भारत के गोला बारुद डीपो को उड़ा दिया।

    इसके बाद 10 मई 1999 को द्रास, काकसर, बटालिक सेक्टर में पाकिस्तानी घुसपैठियों को देखा गया। उस दौरान ये अंदाजा भी लगाया गया कि करीब 600 से लेकर 800 घुसपैठिए भारतीय चौंकियों पर कब्जा कर चुके हैं। 15 मई 1999 के बाद कश्मीर के अलग-अलग इलाकों से सेना को भेजने की शुरुआत हुई।

    26 मई को भारतीय वायुसेना ने घुसपैठियों पर जमकर बर्फबारी की थी। इसके बाद 27 मई को दो भारतीय लड़ाकू विमानों को पाकिस्तान की सेना ने मार गिराया। फ्लाइट लेफ्टिनेट के. नचिकेता को पाकिस्तान ने युद्धबंदी बना दिया।

    इसके बाद स्कवॉड्रन लीडर अजय अहूजा ने सर्वोच्च बलिदान दे दिया। 31 मई 1999 को पीएम अटल बिहारी वाजपेयी का बयान आया। इसमें उन्होंने कहा कि कश्मीर में युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। इसके बाद 4 जुलाई को भारतीय सेना ने टाइगर हिल्स पर तिरंगा फहराया।

    11 घंटे तक लगातार चली इस लड़ाई के बाद भारतीय सेना ने इस अहम पोस्ट पर अपना कब्जा जमा लिया। 5 जुलाई को बाटलिक सेक्टर में जुबर पहाड़ी पर भारतीय सेना ने फिर से कब्जा जमाया। 7 जुलाई को ही एक अन्य ऑपरेशन के दौरान कैप्टन विक्रम बत्रा ने सर्वोच्च बलिदान दिया।

    11 जुलाई को भारतीय सेना ने बाटलिक सेक्टर की लगभग सभी पहाड़ियों की चोटियों को फिर से अपने कब्जे में ले लिया। 12 जुलाई को युद्ध हारते पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ ने भारत के सामने बात की। 14 जुलाई को युद्ध हारते हुए पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ ने भारत के सामने बात करने की मांग रखी।

    इसके बाद 14 जुलाई को भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सेना को भारती क्षेत्र से पूरी तरह से खदेड़ दिया। भारत ने अपने सभी इलाकों को वापिस से हासिल कर लिया। 26 जुलाई को भारत ने कारगिल युद्ध को जीतने की घोषणा कर दी। आपको बता दें कि 18 हजार फीट की ऊंचाई से लड़ा गया युद्ध भारतीय सेनाओं की पराक्रम की गाथा कहता है।

     

     

  • Car की Service से पहले इन बातों का रखे ध्यान, बढ़ेगी कार की उम्र

    Car की Service से पहले इन बातों का रखे ध्यान, बढ़ेगी कार की उम्र

    टेकः अगर आपके पास कार है और आप उसे अच्छी कंडीशन में रखना और उसे लंबे समय तक चलाना चाहते है तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा। सबसे जरूरी होता है कार की सर्विस जो कार को उसकी उम्र बढ़ाने में मदद करती है। लेकिन, सिर्फ सर्विस करा लेना ही काफी नहीं है, बल्कि यह भी जानना जरूरी है कि सर्विस कराते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। इससे आप ठगे जाने से बचेंगे और अपनी कार की सही सर्विस भी करा पाएंगे।

    सर्विस शेड्यूल का पालन करें
    हर कंपनी अपनी कार के लिए एक सर्विस शेड्यूल तय करती है। यह आपकी कार के मैनुअल में लिखा होता है। हमेशा इसी शेड्यूल के हिसाब से सर्विस करवाएं, चाहे वह किलोमीटर के हिसाब से हो या समय के हिसाब से। आमतौर पर हर 6 महीने या 10 हजार किलोमीटर पर कार की सर्विस करवाने की सलाह दी जाती है। रेगुलर सर्विसिंग से गाड़ी के पार्ट्स सही रहते हैं और बड़े खर्चों से बचा जा सकता है।

    कहां से सर्विस कराएं?
    कार की सर्विस के लिए सही वर्कशॉप चुनें। अगर आपकी कार नई है तो आपको ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है। आपको अपनी कार की सर्विस कंपनी द्वारा अधिकृत सर्विस सेंटर पर ही करवानी चाहिए। यहां प्रशिक्षित मैकेनिक होते हैं और असली पार्ट्स का इस्तेमाल किया जाता है। साथ ही इससे आपकी गाड़ी की वारंटी भी बनी रहती है। वहीं, अगर आपकी कार पुरानी हो चुकी है तो आप किसी अच्छे और अनुभवी मैकेनिक से कार की सर्विस करा सकते हैं।

    सर्विस से पहले दिक्कतें बताएं
    कार की सर्विस कराने से पहले अपनी गाड़ी में आ रही सभी दिक्कतों को एक लिस्ट में लिख लें। जैसे कि इंजन से कोई अजीब आवाज आ रही है, ब्रेक लगाने पर आवाज आती है, माइलेज कम हो गया है, कोई लाइट नहीं जल रही है, या कोई और बात। मैकेनिक को ये सारी बातें विस्तार से बताएं ताकि वह सही से उन्हें ठीक कर सके।

    बिल जरूर लें और टेस्ट ड्राइव करें
    सर्विस खत्म होने के बाद पूरे काम का बिल जरूर लें। बिल में कार में बदले गए सभी पार्ट्स और किए गए काम की डिटेल होनी चाहिए। साथ ही सर्विस के बाद अपनी कार की टेस्ट ड्राइव जरूर लें। इससे आपको यह पता चल जाएगा कि सभी दिक्कतें दूर हुई हैं या नहीं।

  • Google Maps ने फिर दिया धोखा, खाड़ी में गिरी महिला की कार, देखें वीडियो

    Google Maps ने फिर दिया धोखा, खाड़ी में गिरी महिला की कार, देखें वीडियो

    नवी मुंबईः नवी मुंबई में गूगल मैप के चक्‍कर में हादसा होने की घटना सामने आई है। दरअसल, नवी मुंबई के बेलापुर इलाके में शुक्रवार देर रात गूगल मैप से धोखा मिलने से एक महिला की कार सीधे खाड़ी में जा गिरी। संयोग अच्छा था कि वहां मौजूद समुद्री सुरक्षा पुलिस ने तुरंत सतर्कता दिखाई और महिला की जान बचा ली गई। बाद में क्रेन की मदद से कार को खाड़ी से बाहर निकाला गया। ये कोई पहला मामला नहीं है, जब गूगल मैप के चलते दुर्घटना हुई है।

    मिली जानकारी के अनुसार गूगल मैप पर महिला को ब्रिज के ऊपर का रास्ता नहीं दिखा बल्कि नीचे से जाने का मार्ग दिखाई दिया। जिसके बाद महिला नीचे गई और सीधे खाड़ी में जा गिरी। वहां मौजूद सागरी सुरक्षा बल के लोगों ने इस घटना को देख लिया। जब सुरक्षाबल के लोग नजदीक पहुंचे तो देखा कि महिला उसमें तैर रही है। तुरंत सुरक्षा रक्षकों ने उसे बाहर निकाला और बाद में क्रेन की मदद से कार को भी बाहर निकाला गया। इसके बाद महिला को सुरक्षित घर पहुंचाया गया। बता दें कि गूगल मैप के चलते पहले भी भारत में इस प्रकार की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। गूगल मैप की वजह से दिसंबर 2024 में यूपी के बरेली में भी हादसा हुआ था।

    ये हादसा बरेली के इज्जत नगर थाना क्षेत्र के पीलीभीत रोड पर हुआ था। यहां तीन युवक कानपुर से पीलीभीत जा रहे थे और गूगल मैप का इस्तेमाल कर रहे थे लेकिन पीलीभीत बाइपास पर एक नहर किनारे छोटे से रास्ते पर वह हादसे का शिकार हो गए। कार नहर में पलट गई। घटना सुबह 6 बजे की है। कार में तीन लोग सवार थे। हालांकि गनीमत ये रही कि इस घटना में किसी को गंभीर चोट नहीं आई। गौरतलब है कि देश में हर दिन सैकड़ों लोग रोड एक्सीडेंट की वजह से अपनी जिंदगी से हाथ धो बैठते हैं। ऐसे में वाहन चलाते समय पूरी तरह अलर्ट रहें। एक गलती आपके जीवन के लिए खतरा पैदा कर सकती है।

  • सोम ललित स्कूल की चौथी मंजिल से 10वीं कक्षा की छात्रा ने लगाई छलांग, देखें CCTV

    सोम ललित स्कूल की चौथी मंजिल से 10वीं कक्षा की छात्रा ने लगाई छलांग, देखें CCTV

    अहमदाबादः गुजरात के अहमदाबाद में नवरंगपुरा स्थित स्कूल में 16 वर्षीय छात्रा ने चौथी मंजिल से छलांग लगा दी। इस घटना में गंभीर रूप से घायल छात्रा को तुरंत अस्पताल ले जाया। जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। उक्त छात्रा 10वीं कक्षा में पढ़ती थी। छात्रा के साथ पढ़ते उसके दोस्तों ने कहा वह पूरी तरह से ठीक थी। छात्रा के चौथी मंजिल से कूदने पर उसके सिर में गंभीर चोट आई थी। इस घटना के हर कोई सकते में हैं कि आखिर छात्रा ने यह कदम क्यों उठाया? तो वहीं परिवारवालों के आंसू नहीं थम रहे हैं। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

    पुलिस के अनुसार नवरंगपुरा स्थित सोम ललित स्कूल की 16 साल की उम्र की 10वीं की छात्रा ने चौथी मंजिल से छलांग लगा दी थी। घटना के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसे आईसीयू में रखा गया था। पुलिस के अनुसार यह घटना स्कूल में ब्रेक के दौरान हुई। सोम ललित स्कूल के प्रबंधन के अनुसार छात्रा ने 5 साल पहले इस स्कूल में प्रवेश लिया था। नवरंगपुरा पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर ए ए देसाई ने कहा कि जब पुलिस की एक टीम अस्पताल पहुंची, तब लड़की बेहोश थी और उसकी हालत गंभीर थी। सीसीटीवी फुटेज में छात्रा सामान्य दिख रही है। वह जब स्कूल के कॉरीडोर में चल रही तो हाथ में चाभी का रिंग को घुमा रही है और वह ग्रिल पर चढ़कर कूद जाती है।

    यह सब इतनी तेजी से हाेता है कि आसपास मौजूद दूसरे छात्र कुछ नहीं कर पाते हैं। सीसीटीवी में दिख रहा है कि छात्रा के कूदते ही अफरा-तफरी मच जाती है। छात्राएं और शिक्षिकाएं नीचे की तरफ भागते हैं। चौथीं मंजिल से गिरने से उसके सिर में गंभीर चोट आई। उसे मस्तिष्काघात हुआ और उसके हाथ-पैर टूट गए। पहले उसे पास के अस्पताल में ले जाया गया। इसके बाद लड़की के माता-पिता थलतेज के अस्पताल में ले गए लेकिन डॉक्टर बेटी की जिंदगी नहीं बचा पाए। नवरंगपुरा पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर ए ए देसाई के अनुसार छात्रा के आत्महत्या करने की वजह का अभी तक पता नहीं चल पाया है।

    हम घटना के बारे में और जानकारी जुटा रहे हैं। देसाई ने कहा कि फिलहाल हमें किसी गड़बड़ी का संदेह नहीं है, फिर भी हम सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। उसने यह कदम क्यों उठाया, इस पर अभी टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। हम उसकी पृष्ठभूमि जानने के लिए उसके माता-पिता और शिक्षकों से बात करेंगे। पुलिस स्कूल की सीसीटीवी भी खंगाल रही है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े छात्रों, शिक्षकों और अन्य लोगों से और जानकारी जुटाने के लिए पूछताछ की जाएगी।

  • व्यक्ति ने बच्चों व मां के साथ किया सुसाइड, जांच में जुटी पुलिस

    व्यक्ति ने बच्चों व मां के साथ किया सुसाइड, जांच में जुटी पुलिस

    सागरः जिले के खुरई के ग्राम टीहर में बीती देर रात एक ही परिवार के 4 सदस्यों ने घर में आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सामूहिक आत्महत्या के कारणों की जांच शुरू कर दी है। अभी तक कोई वजह सामने नहीं आई है।

    जानकारी मुताबिक, मनोहर लोधी (45), उसकी मां फूलरानी (70), बेटी शिवानी (18) और बेटा अनिकेत (16) के साथ टीहर गांव के पास खेत में बने मकान में रह रहे थे। उनकी पत्नी कुछ दिन पहले ही मायके गई थी। रात को उल्टियां करने की आवाज सुनकर ऊपरी मंजिल पर रहने वाला मनोहर का भाई नंदराम नीचे आया। उसने पूरे परिवार को उल्टियां करते देख घरवालों को बताया। उसने तुरंत पुलिस को सूचित किया और पड़ोसियों की मदद से सभी को अस्पताल पहुंचाया। इस दौरान रास्ते में ही फूलरानी और अनिकेत की मौत हो गई जबकि शिवानी ने खुरई अस्पताल में दम तोड़ा और मनोहर की जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई।

    मनोहर के भाई नंदराम ने बताया कि खेत में बने मकान की दूसरी मंजिल पर उनका एक और भाई रहता है। रात में नीचे से खांसी की आवाज सुनकर वह गया, जहां पूरा परिवार उल्टियां कर रहा था। उसने तुरंत आसपास के लोगों को सूचना दी। मनोहर और शिवानी को अस्पताल ले जाया गया, जबकि मां फूलरानी और अनिकेत की मौत मौके पर ही हो चुकी थी। बाद में शिवानी ने सिविल अस्पताल में और भाई मनोहर ने जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने जांच शुरू की। लोगों से बयान लेने के बाद भी अभी तक पुलिस को आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मामले की आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।

  • Airport को बम से उड़ाने की मिली धमकी, प्रशासन में मचा हड़कंप

    Airport को बम से उड़ाने की मिली धमकी, प्रशासन में मचा हड़कंप

    मुंबईः देश भर में धमकी भरे ई-मेल और कॉल आने की घटनाएं पिछले कुछ दिनों से सामने आ रही है। वहीं छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बम ब्लास्ट की धमकी से हड़कंप मच गया। मुंबई पुलिस के कंट्रोल रूम को धमकी भरा कॉल आया था। कॉल के बाद आजाद मैदान पुलिस स्टेशन की पुलिस ने अज्ञात कॉलर के खिलाफ जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस कंट्रोल रूम को 3 अलग-अलग फोन नंबरों से यह धमकी भरे कॉल आए थे। अज्ञात कॉलर ने दावा किया था कि मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल 2 पर बम विस्फोट होगा।

    अज्ञात व्यक्ति ने कॉल कर कहा कि मुंबई के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बम है और कुछ देर में ब्लास्ट होने वाला है। इस तरह के धमकी भरे कॉल आते ही मुंबई पुलिस तुरंत अलर्ट हो गई। मुंबई पुलिस और बम स्क्वायड की टीम एयरपोर्ट पर पहुंची और घंटों तक जांच पड़ताल की, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ये कॉल असम और पश्चिम बंगाल सीमा के पास एक्टिव मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करके किए गए थे। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

  • 48 घंटों से अनिल अंबानी के दफ्तर पर ED की Raid जारी

    48 घंटों से अनिल अंबानी के दफ्तर पर ED की Raid जारी

    मुबंईः रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार अनिल अंबानी के दिल्ली और मुंबई स्थित परिसरों पर पिछले 48 घंटों से ईडी की टीम द्वारा छापेमारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि प्रवर्तन निदेशालय ने 3,000 करोड़ रुपये के संदिग्ध लोन धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अनिल अंबानी के रिलायंस समूह से जुड़ी कंपनियों और अधिकारियों से जुड़े 35 से ज्यादा जगहों परिसरों में तलाशी अभियान शुरू किया है।

    वहीं वीरवार सुबह 7 बजे से ईडी के अधिकारी अनिल अंबानी के कई ठिकानों पर छापेमारी कर रहे थे। लेकिन आज भी अनिल अंबानी के ऑफिस रिलायंस में छापेमारी जारी है। रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने एक बयान जारी कर कहा है कि ईडी की छापेमारी समूह की अन्य कंपनियों से जुड़े पुराने मामलों से संबंधित है। उन कंपनियों या जांच के दायरे में आने वाले मामलों से कोई संबंध नहीं है। ये शिकायतें RAAGA कंपनियों द्वारा सार्वजनिक संस्थानों के साथ लोन हेराफेरी, रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के आरोपों से संबंधित हैं। RAAGA कंपनियां रिलायंस अनिल अंबानी समूह की संस्थाओं का संदर्भ देती हैं।

    सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय आवास बैंक, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI), राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (NFRA) और बैंक ऑफ बड़ौदा सहित कई एजेंसियों ने जांच में योगदान देने वाली जानकारी साझा की है।अधिकारियों का कहना है कि लोन वितरण से ठीक पहले, यस बैंक के प्रवर्तकों से जुड़ी संस्थाओं को पैसा रिसीव हुआ था। इससे बैंक अधिकारियों और उधार लेने वाली फर्मों के बीच संभावित रिश्वतखोरी और लेन-देन की व्यवस्था के सवाल उठे हैं। ईडी अब यस बैंक के प्रवर्तकों और अनिल अंबानी से जुड़ी कंपनियों के बीच कथित सांठगांठ की जांच कर रहा है।