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  • श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के शहीदी समागम पर भांगड़ा डालने को लेकर छिड़ा विवाद, SGPC प्रधान का आया बयान, देखें वीडियो

    श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के शहीदी समागम पर भांगड़ा डालने को लेकर छिड़ा विवाद, SGPC प्रधान का आया बयान, देखें वीडियो

    अमृतसरः शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने सरकार के भाषा विभाग द्वारा श्रीनगर में श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की 350वीं शहादत शताब्दी को समर्पित सेमिनार के दौरान नाच-गाकर की गई मनोरंजन प्रस्तुतियों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन के भाषा विभाग के कार्यक्रम में जिस प्रकार गुरु साहिब की पवित्र शहादत की भावना के विपरीत प्रस्तुतियां की गईं, उसने शहादत के संकल्प के साथ-साथ गुरुमति मर्यादा और गुरु साहिब की विचारधारा को गहरा धक्का पहुंचाया है। एडवोकेट धामी ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत दुनिया के धार्मिक इतिहास में सर्वोच्च और शानदार है।

    इसलिए गुरु साहिब की शहादत शताब्दी से जुड़े हर कार्यक्रम की रूपरेखा सिख मर्यादा, श्रद्धा, संयम और गुरबाणी के सम्मान की भावना के अनुरूप होनी आवश्यक है। परंतु भाषा विभाग पंजाब ने इस मौके को मनोरंजन का माध्यम बना कर सिख संगतों की भावनाओं पर गहरा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि इसी कारण शिरोमणि कमेटी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि गुरु साहिबान की शताब्दियां और पर्व सिख संस्थाओं द्वारा ही मनाए जाने चाहिए, क्योंकि सरकारों और सरकारी संस्थाओं के लिए गुरुमति मर्यादा का सही पालन करना कठिन काम है। पंजाब सरकार के भाषा विभाग की ताजा हरकत ने शिरोमणि कमेटी की चिंता पर मोहर लगा दी है।

    एडवोकेट धामी ने कहा कि सिख गुरुपर्व कोई साधारण जश्न या मनोरंजन का त्योहार नहीं, बल्कि आत्मिक जागरूकता और गुरुमति सिद्धांतों को समर्पित कार्यक्रम होते हैं। इनमें शबद कीर्तन, गुरुमति चिंतन, गुरबाणी पाठ, सेवा और स्मरण जैसी पवित्र गतिविधियाँ शामिल होती हैं। नाचना गाना या अन्य मनोरंजक प्रस्तुतियाँ न केवल गुरुमति के सिद्धांतों का उल्लंघन हैं, बल्कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत की बेअदबी भी हैं। एडवोकेट धामी ने पंजाब सरकार से इस गंभीर अनजानेपन के लिए सार्वजनिक माफी मांगने को कहा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्पष्ट और कड़े निर्देश जारी करने की मांग की।

    उन्होंने कहा कि सिख धर्म की पवित्र परंपराओं और गुरु साहिबान की मर्यादा के साथ किसी भी प्रकार की बेअदबी सिख समुदाय कभी भी सहन नहीं करेगा। हालांकि इस मामले के तूल पकड़ने के बाद गायक बीर सिंह ने माफी मांगी। उन्होंने कहा कि श्रीनगर समागम में मेरी मैनेजमेंट से गलती हुई है। वह ऑस्ट्रेलिया से सीधे श्रीनगर पहुंचे थे। मुझे कार्यक्रम के बारे में सही जानकारी नहीं थी।

  • Punjab News: इस इलाके में आबकारी विभाग का छापा, सरकारी प्राइमरी स्कूल से मिली लाहन, देखें वीडियो

    Punjab News: इस इलाके में आबकारी विभाग का छापा, सरकारी प्राइमरी स्कूल से मिली लाहन, देखें वीडियो

    बटालाः जहरीली शराब के कारण कई जानें जा चुकी हैं, लेकिन इस काले कारोबार में शामिल लोग अभी भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। ये लोग अलग-अलग तरीके अपनाकर पुलिस और आबकारी विभाग को चकमा देते हैं। ताजा मामले में तस्करों ने प्रशासन से बचने के लिए स्कूल तक को नहीं छोड़ा।

    आरोपियों ने अपने काले कारनामों को करने के लिए विद्या के मंदिर का सहारा लिया और स्कूल में भारी मात्रा में लाहन छुपा दी, लेकिन विभाग भी आरोपियों को पकड़ने में पूरी तरह मुस्तैद है। आबकारी विभाग ने पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर भारी मात्रा में लाहन बरामद की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

    जानकारी देते आबकारी निरीक्षक व पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए, बटाला के पास खटीबा गांव में जब छापा मारा, तो विभाग के अधिकारी और पुलिस दल यह देखकर हैरान रह गए कि गांव के सरकारी स्कूल की छत पर लाहन से भरा एक ड्रम पड़ा था। पुलिस ने गांव में अन्य संदिग्ध जगहों की तलाशी ली, तो एक ड्रम में देसी शराब भी बरामद हुई, जिससे कई बोतलें शराब तैयार की जानी थीं। वहां मिली अवैध शराब को पुलिस और आबकारी विभाग ने जब्त कर लिया है और अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

  • Jalandhar ED ने चर्चित वन घोटाले में की 53.64 लाख की संपत्ति अटैच, पूर्व फॉरेस्ट अधिकारी के खिलाफ लिया एक्शन

    Jalandhar ED ने चर्चित वन घोटाले में की 53.64 लाख की संपत्ति अटैच, पूर्व फॉरेस्ट अधिकारी के खिलाफ लिया एक्शन

    जालंधर, ENS: जालंधर प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा लगातार गैर कानूनी मामले में कार्रवाई की जा रही है। वहीं जालंधर ईडी ने पंजाब के चर्चित वन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में बड़ी कार्रवाई की है। दरअसल, ईडी की टीम ने 53.64 लाख की अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से अटैच किया है। बताया जा रहा हैकि यह संपत्ति सुखविंदर सिंह, पूर्व रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर, बुढलाधा फॉरेस्ट रेंज की है। हालांकि ईडी ने यह कार्रवाई वीरवार को की।

    जिसकी पुष्टि जालंधर जोनल ऑफिस की ओर से की गई है। यह मनी लॉन्ड्रिंग जांच दो प्राथमिकी (FIR) के आधार पर शुरू की गई थी, जिन्हें विजिलेंस ब्यूरो, फ्लाइंग स्क्वॉड-I, मोहाली, पंजाब द्वारा भारतीय दंड संहिता, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के विभिन्न प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया था। ईडी जांच में खुलासा हुआ है कि सुखविंदर सिंह ने बुढलाधा फॉरेस्ट रेंज में पद पर रहते हुए कई गैर-मौजूद संस्थाओं के नाम से बिल तैयार करवाए। इन फर्जी बिलों के आधार पर सरकारी धन को निजी व्यक्तियों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया। बाद में यह धन नकद में सुखविंदर सिंह को वापस कर दिया गया।

    इस आपराधिक षड्यंत्र के जरिए सुखविंदर सिंह ने 53.64 लाख की अवैध कमाई की, जिसे ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ (POC) माना गया है। यही वह रकम है जिसे अब ईडी ने अटैच किया है। बता दें कि इस मामले में इससे पहले पंजाब सरकार के तत्कालीन वन मंत्री साधु सिंह धर्मसोत को भी प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था। उन पर भ्रष्टाचार निरोधक कानून और मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। ईडी ने उनके खिलाफ मोहाली की विशेष अदालत (PMLA कोर्ट) में अभियोजन शिकायत दाखिल की थी।

  • Punjab सरकार का बड़ा तोहफा, 50 हजार रुपए में मिलने वाला Injections मिलेगा Free, देखें वीडियो

    Punjab सरकार का बड़ा तोहफा, 50 हजार रुपए में मिलने वाला Injections मिलेगा Free, देखें वीडियो

    पठानकोटः पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद सरकार लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए काम कर रही है। सरकार जहां एक ओर मोहल्ला क्लीनिक स्थापित कर रही है गए हैं, वहीं दूसरी ओर राज्य भर के नागरिक अस्पतालों में क्रिटिकल केयर सेंटर बनाए जा रहे हैं ताकि लोगों को निजी अस्पतालों में महंगा इलाज न करवाना पड़े और अब एक बार फिर राज्य सरकार ने सुविधा के नाम पर राज्य के लोगों को एक बड़ा तोहफा दिया है।

    अब जो भी हार्ट के मरीज नागरिक अस्पतालों में इलाज के लिए आएंगे उन्हें यह इंजेक्शन मुफ्त दिया जाएगा, जबकि इस इंजेक्शन की कीमत अगर बाजार मूल्य की बात करें तो लगभग 50 हजार रुपये का और आम लोगों की पहुंच से बाहर था। जिसके कारण कई बार यह इंजेक्शन न मिलने से लोगों की जान चली जाती थी, लेकिन पंजाब सरकार द्वारा की गई इस पहल के कारण अब गरीब लोगों को यह महंगा इलाज मुफ्त मिलेगा, जिसकी स्थानीय लोग प्रशंसा कर रहे हैं।

    इस संबंध में जब स्थानीय लोगों से बात की तो उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बड़े कदम उठा रही है, जिसके चलते जहां एक ओर आम आदमी क्लीनिक का निर्माण हो रहा है, वहीं दूसरी ओर सड़क हादसों में घायल लोगों के लिए फरिश्ते योजना चलाकर एक बड़ा प्रयास किया गया है और अब राज्य सरकार ने हार्ट अटैक के समय दिए जाने वाले इंजेक्शन को मुफ्त करके आम लोगों को बड़ी राहत दी है क्योंकि यह इंजेक्शन महंगे होने के कारण हर किसी की पहुंच में नहीं था और इस इंजेक्शन के न मिलने से कई लोगों की जान चली जाती थी, लेकिन अब यह गरीब लोगों के लिए भी उपलब्ध है। महंगा इलाज सुलभ होगा, जिसके लिए वे राज्य सरकार के इस फैसले की प्रशंसा करते हैं।

    उधर, जब इस संबंध में सिविल अस्पताल के अधिकारियों से बात की तो उन्होंने बताया कि हार्ट अटैक के समय दिए जाने वाले इंजेक्शन की कीमत बहुत ज़्यादा थी, जिसके कारण कई बार लोग यह इंजेक्शन नहीं लगवा पाते थे, लेकिन अब राज्य सरकार ने इंजेक्शन को मुफ़्त करके प्रदेशवासियों को एक बड़ा तोहफा दिया है और अब यह इलाज गरीब लोगों के लिए भी सुलभ होगा।

  • Punjab News: एडवोकेट लखविंदर सिंह फायरिंग करने के मामले में एक आरोपी गिरफ्तार

    Punjab News: एडवोकेट लखविंदर सिंह फायरिंग करने के मामले में एक आरोपी गिरफ्तार

    अमृतसरः जंडियाला गुरु के कुछ दिन पहले एडवोकेट लखविंदर सिंह पर फायरिंग करने की घटना सामने आई थी। उस दौरान गाड़ी में सवार होकर कोर्ट जा रहे एडवोकेट पर 3 व्यक्तियों ने ताबड़तोड़ गोलियां चला दी थी। इस घटना में गोली लगने से घायल एडवोकेट को गंभीर चोटें आई थीं। इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जानकारी देते हुए एसपी अदित्या वारियर ने बताया कि जंडियाला गुरु में अधिवक्ता लखविंदर सिंह पर 21 जुलाई को सुबह लगभग 9 बजे तीन व्यक्तियों द्वारा अंधाधुंध फायरिंग की गई थी।

    जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुलिस ने इस मामले में एक मुख्य आरोपी हरप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। हरप्रीत सिंह बी-डिवीजन अमृतसर कमिशनरेट का निवासी है। उन्होंने बताया कि इस केस में कुल पांच-छह आरोपियों को नामजद किया गया है, जिन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा तथा इस संबंध में पुलिस की टीमें सक्रिय हैं।

    एसपी अदित्या वारियर ने बताया कि एडवोकेट लखविंदर सिंह पर किया गया हमला निजी रंजिश का मामला है और इसकी पूरी जांच की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगे भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई है और पुलिस की कड़ी मेहनत से इस केस को सुलझाया गया है। जंडियाला गुरु में लगातार होने वाली घटनाओं पर ध्यान देते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस अपने काम में पूरी तत्परता से लगी हुई है और दोषियों को सख्ती से दंडित किया जाएगा।

     

  • Punjab News: भीषण सड़क हादसे में बुलेट सवार व्यक्ति की मौत

    Punjab News: भीषण सड़क हादसे में बुलेट सवार व्यक्ति की मौत

    मोगाः मोगा-फिरोजपुर जीटी रोड पर भीषण सड़क हादसे की घटना सामने आई है। जहां गांव डगरू के पास आज सुबह लगभग 3 बजे दर्दनाक सड़क हादसे में व्यक्ति की मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार बुलेट मोटरसाइकिल सवार को किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। इस हादसे में बुलेट सवार की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही आपातकालीन कॉल के माध्यम से पुलिस और एसएसएफ टीम मौके पर पहुंची।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए समाज सेवा सोसाइटी के सदस्य भी तुरंत मौके पर पहुंचे। जहां उन्होंने मृतक के शव को अपने वाहन से मोगा के सिविल अस्पताल की मोर्चरी तक पहुंचाया। इस मौके पर पुलिस की ओर से हादसे की जांच थाना घल्ल कलां द्वारा की जा रही है। हालांकि अभी तक मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश कर रही है जिससे यह मौत हुई। पुलिस का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे है।

  • Punjab News: बच्ची की मौत के बाद एक्शन में सेहत मंत्री, डॉक्टर को किया सस्पेंड

    Punjab News: बच्ची की मौत के बाद एक्शन में सेहत मंत्री, डॉक्टर को किया सस्पेंड

    लुधियानाः पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री द्वारा अस्पताल में लगातार औचक चैकिंग की जा रही है। वहीं स्वास्थ्य मंत्री ने खन्ना के अस्पताल की डॉक्टर के खिलाफ एक्शन लिया है। दरअसल, ड्यूटी में लापरवाही बरतने के मामले में गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर कविता शर्मा को सस्पेंड कर दिया है।

    जानकारी के अनुसार, 4 दिन पहले डॉक्टर बिना जानकारी दिए अपना स्थान छोड़कर चली गई थी। जब एसएमओ (सीनियर मेडिकल अफसर) ने उसे फोन किया तो वह वापस नहीं आई। इस लापरवाही के कारण एक नवजात बच्ची की मौत हो गई थी। इस दौरान, मां की जान एसएमओ ने खुद ऑपरेशन कर बचाई। जिसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टर के खिलाफ यह कार्रवाई की है।

  • शर्मसारः बुजुर्ग महिला को घरवालों ने सड़क किनारे फेंका, मौत

    शर्मसारः बुजुर्ग महिला को घरवालों ने सड़क किनारे फेंका, मौत

    अयोध्याः रामनगरी अयोध्या से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। परिवार के लोग एक बुजुर्ग महिला को अयोध्या कोतवाली के किशनदासपुर में लाकर देर रात सड़क किनारे फेंक गए। पुलिस ने वीरवार को उसे मेडिकल कालेज में भर्ती कराया। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। पुलिस महिला के शिनाख्त का प्रयास कर रही है। बुधवार रात एक पुरुष और दो महिलाएं ऑटो से उसे लेकर पहुंचे। महिला को सड़क किनारे लिटाया गया और चादर ओढ़ाई।

    जाते समय एक महिला ने चादर हटाकर बुजुर्ग का चेहरा देखा। बुजुर्ग महिला सुबह तक पड़ी रही। राहगीर की सूचना पर पुलिस पहुंची। देखा तो महिला के गले में जख्म के निशान थे। इसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    दूसरी तरफ पुलिस महिला को छोड़ने वाले ई-रिक्शा की भी खोज की जा रही है। ई-रिक्शा से ही देर रात बुजुर्ग महिला को छोड़ा गया था। बुजुर्ग महिला किन परिस्थितियों में लाकर छोड़ी दी गई, उनके परिजन कौन है, बुजुर्ग महिला को क्यों देर रात दूसरी जगह छोड़ दिया? यह तमाम सवाल उठ रहे हैं। हालांकि पुलिस के हाथ घटना के 24 घंटे बाद भी खाली हैं।

  • ऐसे भी आती है मौत, योगा सेंटर से लौट रहे व्यक्ति को आया हार्ट अटैक, देखें CCTV

    ऐसे भी आती है मौत, योगा सेंटर से लौट रहे व्यक्ति को आया हार्ट अटैक, देखें CCTV

    राजकोटः देश में आए दिन हार्ट अटैक के मामले टेंशन बढ़ा रहे हैं। कोई खेलते-खेलते तो कोई नाचते-नाचते इसका शिकार हो रहा है। दिल का दौरा किसे कब और किस स्थिति में पड़ जाए, अनुमान लगाना मुश्किल है। ताजा मामला गुजरात के राजकोट का है। यहां एक 52 साल के शख्स राजेंद्रसिंह गुरुजी को योगा सेंटर से लौटने के बाद अचानक दिल का दौरा पड़ गया। बेहोश होते ही उन्हें अस्पताल ले जाया गया,लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका और उनकी मौत हो गई। राजेंद्र सिंह की मौत से पहले का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि 52 साल के राजेंद्र सिंह गुरुजी सीढ़ियों से नीचे आते हैं, कुर्सी पर बैठते हैं,अपनी छाती रगड़ते हैं, शायद दर्द के कारण और एक मिनट के भीतर गिर जाते हैं। गौरतलब है कि दो दिन पहले, राजकोट के मेटोडा इलाके में एक बाहरी युवक भी पेशाब करते समय गिर गया था और वह घटना भी सीसीटीवी में कैद हुई थी। घटना के बाद, सिविल पुलिस ने मालवीय नगर पुलिस को सूचना दी, जो अस्पताल पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। शुरुआती रिपोर्ट में हार्ट अटैक की पुष्टि हुई है। राजेंद्र सिंह गुरुजी को सुबह करीब 8 बजे 108 एम्बुलेंस से योग केंद्र से सिविल अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन सुबह 10 बजे इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। ओम वेलनेस सेंटर के सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि सुबह 8 बजकर 9 मिनट पर वे सीढ़ियों के पास एक कुर्सी पर बैठते हैं। इसके बाद, वे गहरी सांस लेते हुए और अपनी छाती रगड़ते हुए दिखाई देते हैं, जिससे पता चलता है कि उन्हें इस समय दर्द हो रहा था। सुबह 8 बजकर 9 मिनट और 45 सेकंड पर वे कुर्सी पर बैठते हैं और 8 बजकर 12 मिनट और 10 सेकंड पर, यानी 2 मिनट और 5 सेकंड के भीतर, वे गिर जाते हैं और अपनी चेतना खो देते हैं। इसके बाद, उन्हें 108 एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया गया जहां संक्षिप्त इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
  • Punjab News: बाल संरक्षण विभाग ने की छापेमारी, भीख मांग रहे बच्चों को पकड़ा, देखें वीडियो

    Punjab News: बाल संरक्षण विभाग ने की छापेमारी, भीख मांग रहे बच्चों को पकड़ा, देखें वीडियो

    पठानकोटः मुख्यमंत्री पंजाब की ओर से शुरू की गई जीवन ज्योति अभियान के तहत डिप्टी कमिश्नर पठानकोट के निर्देशों पर बाल संरक्षण विभाग ने शहर में विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की और भीख मांग रहे बच्चों को पकड़ा। छापेमारी के दौरान कुछ स्थानों पर बच्चों के अभिभावकों से बातचीत भी की गई। इस दौरान शनिदेव मंदिर के पास भीख मांग रहे एक बच्चे को भी हिरासत में लिया गया है।

    जानकारी देते जिला बाल संरक्षण अधिकारी पठानकोट ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत विशेष रूप से उन बच्चों पर छापेमारी की गई जो सड़कों पर और शहर के विभिन्न धार्मिक स्थलों के बाहर भीख मांग रहे थे। इस दौरान भीख मांगती एक लड़की को गिरफ्तार किया और कुछ मामलों में छापेमारी में पकड़े गए बच्चों के अभिभावकों से विशेष बातचीत कर जांच के बाद निर्देश जारी किए गए।

    उन्होंने बताया कि आज की कार्रवाई सरकार के जीवन ज्योति अभियान के तहत की गई है और पठानकोट जिले में ये छापेमारी 31 जुलाई तक जारी रहेगी। इस दौरान पठानकोट जिले में विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की जाएगी। इस कार्य में संलिप्त पाए गए बच्चों के अभिभावकों के विरुद्ध नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी और बच्चों को शिक्षा के लिए स्कूलों में दाखिला दिलाया जाएगा। यदि पकड़े गए बच्चों के अभिभावक बच्चे से संबंधित कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करते हैं, तो ऐसी स्थिति में बच्चों को निर्धारित आश्रय गृहों में भेज दिया जाएगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी।