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  • IPL मैच खेलने के बाद Jalandhar पहुंचे Krish Bhagat का आया बयान, देखें वीडियो

    IPL मैच खेलने के बाद Jalandhar पहुंचे Krish Bhagat का आया बयान, देखें वीडियो

    जालंधर: युवा क्रिकेटर कृष भगत आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस की टीम का हिस्सा बनने के बाद आज अपने गृह नगर पहुंचे। जहां, उनके जालंधर पहुंचते ही परिवार, रिश्तेदारों, दोस्तों और शुभचिंतकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। घर में जश्न जैसा माहौल देखने को मिला और बधाई देने वालों का लगातार आना-जाना लगा रहा। परिवार के सदस्यों ने मिठाइयां बांटकर इस खुशी को साझा किया। इस दौरान मीडियो को संबोधित करते हुए कृष भगत ने कहा कि मुंबई इंडियंस का मैं दिल से आभार व्यक्त करता हूं… जो मुझे खेलना का मौके दिया।

    मुंबई इंडियंस ने दिया बड़ा मौका
    आईपीएल की सबसे सफल टीमों में शामिल पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस ने कृष भगत को अपनी टीम में शामिल किया है। टीम के स्पिन ऑलराउंडर अथर्व अंकोलेकर चोटिल होने के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए थे। उनके स्थान पर मुंबई इंडियंस ने जालंधर के प्रतिभाशाली खिलाड़ी कृष भगत को मौका दिया। आईपीएल की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार 21 वर्षीय कृष भगत को उनके 30 लाख रुपये के बेस प्राइस पर टीम में शामिल किया गया था।

    घरेलू क्रिकेट में शानदार रहा प्रदर्शन
    दाएं हाथ के तेज गेंदबाज कृष भगत पंजाब की घरेलू क्रिकेट टीम के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं। उन्होंने अब तक 7 प्रथम श्रेणी (फर्स्ट क्लास) मुकाबले और 9 लिस्ट-ए मैच खेले हैं। अपनी सटीक गेंदबाजी और मेहनत के दम पर उन्होंने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा और आखिरकार आईपीएल जैसी बड़ी लीग में जगह बनाने में सफल रहे।

    बचपन से था क्रिकेट का जुनून
    कृष भगत की मां मनु और ताई सुरेश कुमारी ने बताया कि उन्हें बचपन से ही क्रिकेट खेलने का बहुत शौक था। उन्होंने मात्र 5 साल की उम्र में क्रिकेट अकादमी में प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया था। परिवार के अनुसार, कृष ने पिछले दो वर्षों में बेहद कड़ी मेहनत की और अपने खेल को लगातार बेहतर बनाया। लंबे इंतजार और संघर्ष के बाद उन्हें यह बड़ी सफलता मिली है।

    दादा भगत चूनी लाल ने जताई खुशी
    कृष भगत की इस उपलब्धि पर उनके दादा और पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री भगत चूनी लाल व कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उनके बेटों ने राजनीति के क्षेत्र में परिवार का नाम रोशन किया है, जबकि अब उनके पोते कृष भगत ने खेल जगत में परिवार और जालंधर का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कृष भविष्य में और भी बड़ी सफलताएं हासिल करेंगे।

     

  • Punjab News: जहरीली दवा खाने से दो बच्चों की हालत बिगड़ी, मेडिकल कॉलेज रेफर

    Punjab News: जहरीली दवा खाने से दो बच्चों की हालत बिगड़ी, मेडिकल कॉलेज रेफर

    कपूरथलाः जिले के रहीमपुर गांव में जहरीली दवा खाने से दो बच्चों की हालात गंभीर होने का मामला सामने आया है। जहां, घर पर कोई जहरीली दवा खाने के बाद हालत बिगड़ने पर सिविल अस्पताल कपूरथला में भर्ती कराया गया है।

    इसके बाद वह तुरंत बच्चों को काला संघियां स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जा गया, जहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने शुरुआती इलाज के बाद उन्हें कपूरथला रेफर कर दिया। वहीं डॉ. हरप्रीत मोमी और डॉ. शैलजा ने दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज अमृतसर रेफर कर दिया। इस संबंध में संबंधित पुलिस थाने को सूचित कर दिया गया है।

    मोहन कुमार (4) और बेटी गुड़िया कुमारी (6) की मां बबली देवी ने बताया कि वह खेतों में काम करती हैं और आज काम पर गई हुई थीं। जब वह काम से घर लौटीं, तो उनके बच्चे घर पर बेहोश पड़े थे और उनके पास खेतों में इस्तेमाल होने वाली एक दवा का पैकेट पड़ा था।

     

  • धर्मेन्द्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण, हरमनप्रीत को पद्मश्री सहित इन लोगों को मिला सम्मान, देखें लिस्ट

    धर्मेन्द्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण, हरमनप्रीत को पद्मश्री सहित इन लोगों को मिला सम्मान, देखें लिस्ट

    नई दिल्लीः भारतीय सिनेमा में अपने शानदार अभिनय और दमदार व्यक्तित्व से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले सदाबहार अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके सिनेमा जगत में दिए गए अतुलनीय योगदान और दशकों तक दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए प्रदान किया गया।   धर्मेंद्र ने अपने लंबे फिल्मी करियर में कई यादगार फिल्मों और किरदारों के जरिए भारतीय सिनेमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनके निधन के बाद यह सम्मान उनके प्रति देश की श्रद्धांजलि के रूप में देखा जा रहा है। राष्ट्रपति भवन में हुआ भव्य सम्मान समारोह नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य और गरिमामयी समारोह के दौरान पद्म पुरस्कार प्रदान किए गए। समारोह में जब धर्मेंद्र के नाम की घोषणा हुई तो पूरा माहौल भावुक हो गया। वहां मौजूद लोगों ने तालियों के साथ इस महान कलाकार को श्रद्धांजलि दी। धर्मेंद्र की उपलब्धियों और भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को याद करते हुए कई लोगों की आंखें नम हो गईं। यह पल उनके परिवार और प्रशंसकों के लिए बेहद भावुक करने वाला था। हेमा मालिनी और बेटी आहाना ने ग्रहण किया सम्मान धर्मेंद्र की ओर से यह मरणोपरांत सम्मान ग्रहण करने के लिए उनकी पत्नी और प्रसिद्ध अभिनेत्री व सांसद हेमा मालिनी तथा बेटी आहाना देओल समारोह में मौजूद थीं। राष्ट्रपति द्वारा सम्मान प्रदान किए जाने के लिए जैसे ही धर्मेंद्र का नाम पुकारा गया, हेमा मालिनी मंच की ओर बढ़ीं। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से पद्म विभूषण सम्मान ग्रहण किया। भावुक हुईं हेमा मालिनी सम्मान प्राप्त करते समय हेमा मालिनी काफी भावुक नजर आईं। उनकी आंखों में आंसू साफ दिखाई दे रहे थे। जैसे ही उन्होंने धर्मेंद्र की ओर से यह प्रतिष्ठित सम्मान अपने हाथों में लिया, वह अपनी भावनाओं को नियंत्रित नहीं कर सकीं। भावुक माहौल के बीच उन्होंने नम आंखों के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अभिवादन किया और सिर झुकाकर उनका आभार व्यक्त किया। यह दृश्य वहां मौजूद सभी लोगों को भावुक कर गया। हरमनप्रीत कौर को मिला पद्मश्री इस अवसर पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर को भी पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया। खेल जगत में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और भारतीय महिला क्रिकेट को नई पहचान दिलाने के लिए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। 113 अन्य हस्तियों को भी मिलेगा सम्मान पद्म पुरस्कारों की इस सूची में संत निरंजन दास सहित कुल 113 प्रतिष्ठित हस्तियों को पद्मश्री सम्मान के लिए चुना गया। कला, साहित्य, खेल, सामाजिक सेवा, विज्ञान और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को इस सम्मान से नवाजा गया।      
  • आमजन को सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता : रणबीर गंगवा

    आमजन को सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता : रणबीर गंगवा

    चंडीगढ़- हरियाणा के लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के मद्देनजर आमजन को सुचारू पेयजल आपूर्ति उपलब्ध करवाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

    उन्होंने कहा कि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा प्रदेशभर में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पानी से संबंधित शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट उत्पन्न न होने दिया जाए। जरूरत वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त टैंकरों के माध्यम से भी पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है।

    रणबीर गंगवा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों को मूलभूत सुविधाएं समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध करवाना है। विभाग द्वारा जल संरक्षण, पाइपलाइन व्यवस्था को मजबूत करने तथा जल निकासी प्रणाली को बेहतर बनाने की दिशा में भी निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा भी प्रदेशभर में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर विकास कार्य किए जा रहे हैं। नई सड़कों के निर्माण, पुरानी सड़कों के सुदृढ़ीकरण तथा यातायात सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं ताकि लोगों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

    लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार “जनसेवा ही सर्वोपरि” के मूल मंत्र के साथ प्रदेश के विकास और आमजन की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

  • 26 मई को पंचकूला जिला के उपभोक्ताओं की बिजली संबंधी शिकायतों की होगी  सुनवाई

    26 मई को पंचकूला जिला के उपभोक्ताओं की बिजली संबंधी शिकायतों की होगी  सुनवाई

    चण्डीगढ़– उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली की आपूर्ति उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है । उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए निगम द्वारा अनेक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं । उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम सर्कल फोरम पंचकूला के उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच के चेयरमैन एवं सदस्य मंच की कार्यवाही 26 मई को अधीक्षण अभियंता, पंचकूला के कार्यालय में की जाएगी । इस दौरान केवल पंचकूला जिला के उपभोक्ताओं की शिकायतों की सुनवाई की जाएगी।      
    मंच के सदस्य, पंचकूला जिले के उपभोक्ताओं की सभी प्रकार की समस्याओं की सुनवाई करेंगे|  इनमें मुख्यतः बिलिंग, वोल्टेज, मीटरिंग से सम्बंधित शिकायतें, कनैक्शन काटने और जोड़ने बिजली आपूर्ति में बाधाएं, कार्यकुशलता, सुरक्षा और हरियाणा बिजली विनियामक आयोग के आदेशों की अवहेलना आदि शामिल हैं । बहरहाल, मंच द्वारा बिजली अधिनियम की धारा 126 तथा धारा 135 से 139 के  अन्तर्गत बिजली चोरी और बिजली के अनधिकृत उपयोग के मामलों में दंड तथा जुर्माना और धारा 161 के अन्तर्गत जांच एवं दुर्घटनाओं से सम्बंधित मामलों की सुनवाई नहीं की जाएगी।
  • हिमाचल के सरकारी स्कूलों को बनाया जाएगा देश में सर्वश्रेष्ठ

    हिमाचल के सरकारी स्कूलों को बनाया जाएगा देश में सर्वश्रेष्ठ

    शिमला : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज नव स्तरोन्न्त सीबीएसई राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, छोटा शिमला में विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का सहजता से उत्तर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक स्तर पर बदलाव किए हैं और इनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे यहां भाषण देने नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के साथ बातचीत करने आए हैं ताकि शिक्षा व्यवस्था की कमियों की पहचान कर उन्हें प्रभावी ढंग से दूर किया जा सके। वर्तमान राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों को देश के सर्वश्रेष्ठ स्कूल बनाने की दिशा में कार्य कर रही है ताकि विद्यार्थियों को सरकारी संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। सरकारी स्कूलों के शिक्षक अत्यंत सक्षम, मेहनती होते हैं और उनकी नियुक्ति प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम होती है।

    संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने सीबीएसई प्रणाली से लेकर मुख्यमंत्री के निजी अनुभवों से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे। छात्र आरव ठाकुर ने उनके स्कूली दिनों के पसंदीदा खेल के बारे में पूछा। मुख्यमंत्री ने बताया कि वे वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में सक्रिय रूप से भाग लेते थे और हॉकी, क्रिकेट तथा हैंडबॉल खेलते थे। उन्होंने कहा कि वे हैंडबॉल टीम के कप्तान भी रहे हैं और उन्हें ट्रैकिंग का भी शौक रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी पहली ट्रैकिंग यात्रा टापरी से रिकांगपिओ तक थी। स्कूल के विद्यार्थी ने बताया कि वर्तमान में भौतिकी विज्ञान विषय के शिक्षक नहीं हैं और राजनीति विज्ञान के भी केवल एक ही शिक्षक हैं। विद्यार्थी ने रिक्त पदों को भरने का आग्रह किया। इस प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्कूल सीबीएसई संस्थान बना है और अब इस वर्ष 30 जून से पहले सभी रिक्त पदों को भर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब विद्यार्थियों को सीबीएसई पाठयक्रम के तहत अधिक विषयों का विकल्प मिलेगा।

    विद्यार्थियों को सफलता का मूल मंत्र देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में सफल होने के लिए अनुशासन, समर्पण और संघर्ष करने की भावना का होना अत्यंत आवश्यक हैं। अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत करने वाला व्यक्ति ही सफलता हासिल कर सकता है। इस अवसर पर नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, सचिव शिक्षा राकेश कंवर, स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली, विद्यालय स्टाफ के सदस्य तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

  • Punjab News: गठबंधन को लेकर गरमाई सियासत ! BJP नेता ने किया अकाली दल के लिए चुनाव प्रचार, देखें वीडियो

    Punjab News: गठबंधन को लेकर गरमाई सियासत ! BJP नेता ने किया अकाली दल के लिए चुनाव प्रचार, देखें वीडियो

    होशियारपुरः पंजाब की राजनीति में एक बार फिर अकाली दल और बीजेपी के संबंधों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। दरअसल, मुकेरियां से एक राजनीतिक तस्वीर के सामने आई, जहां दोनों पार्टियों के संभावित निकट संबंधों को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। मुकेरियां में निगम चुनावों के दौरान उस वक्त राजनीतिक माहौल गरम हो गया जब जंगी लाल महाजान खुले तौर पर शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार के प्रचार में नजर आए। बीजेपी विधायक ने न केवल अकाली उम्मीदवार के हक में लोगों से समर्थन मांगा, बल्कि तकड़ी के निशान पर मोहर लगाने की भी अपील की।

    इस दौरान जब उनसे अकाली दल और बीजेपी के संभावित गठबंधन के बारे में पूछा गया तो जंगी लाल महाजान ने कहा कि निगम चुनावों के लिए दोनों दल मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब विधानसभा चुनावों में गठबंधन होगा या नहीं, इस बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं और तेज हो गई हैं। क्योंकि बीजेपी पहले ही साफ कर चुकी है कि आने वाले विधानसभा चुनावों में वह अकेले दम पर मैदान में उतरेगी और शिरोमणि अकाली दल के साथ कोई आधिकारिक गठबंधन नहीं किया जाएगा।

    इसके बावजूद मुकेरियां में बीजेपी विधायक द्वारा किए जा रहे प्रचार ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक विशेषज्ञ इसे स्थानीय स्तर की रणनीति मान रहे हैं, जबकि विपक्षी पक्ष इसे दोनों पार्टियों की “आंतरिक सांझ” के रूप में पेश कर रहे हैं। पंजाब की राजनीति में अकाली दल और बीजेपी का रिश्ता कोई नई बात नहीं है। दोनों पार्टियां लंबे समय से साथ रही हैं, लेकिन किसान आंदोलन के बाद दोनों के रास्ते अलग हो गए थे। अब फिर कुछ जगहों पर दिखाई दे रही निकटता ने राजनीतिक हलकों में कयासबाजी को जन्म दे दिया है। फिलहाल मुकेरियां की यह तस्वीर सिर्फ स्थानीय निगम चुनावों तक सीमित है या भविष्य की बड़ी राजनीतिक रणनीति का संकेत है, इस बारे में आने वाला वक्त ही स्पष्ट करेगा। लेकिन एक बात पक्की है कि जंगी लाल महाजान के बयान ने पंजाब की राजनीति में नई चर्चा जरूर छेड़ दी है।

  • पंजाब सरकार द्वारा ईद-उल-जुहा (बकरीद) की गजटेड छुट्टी 27 मई की बजाय अब 28 मई को घोषित

    पंजाब सरकार द्वारा ईद-उल-जुहा (बकरीद) की गजटेड छुट्टी 27 मई की बजाय अब 28 मई को घोषित

    चंडीगढ़ : पंजाब सरकार द्वारा नेगोशिएबल एक्ट-1881 की धारा 25 के अंतर्गत ईद-उल-जुहा (बकरीद) के संबंध में पंजाब राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों, बोर्डों/कॉरपोरेशनों तथा सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में 28 मई 2026 (वीरवार) को गजटेड छुट्टी घोषित की गई है। इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि पहले ईद-उल-जुहा (बकरीद) के अवसर पर 27 मई 2026 को गजटेड छुट्टी घोषित की गई थी, लेकिन अब इसमें संशोधन करते हुए यह छुट्टी 28 मई 2026 (वीरवार) को कर दी गई है। प्रवक्ता ने बताया कि इस संबंध में पंजाब सरकार के कार्मिक विभाग द्वारा आज अधिसूचना जारी कर दी गई है।

     

  • Punjab News: वीरवार को स्कूल और सरकारी दफ्तर रहेंगे बंद, आदेश जारी

    Punjab News: वीरवार को स्कूल और सरकारी दफ्तर रहेंगे बंद, आदेश जारी

    चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने नेगोशियेबल एक्ट-1881 की धारा 25 के अंतर्गत ईद-उल-अज़हा (बकरीद) के अवसर पर पंजाब राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों, बोर्डों/कॉरपोरेशनों और शासकीय शिक्षण संस्थानों में 28 मई 2026 (शुक्रवार) को गैजेटेड छुट्टी घोषित की है। इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब सरकार के मुखपत्र ने बताया कि पहले ईद-उल-अज़हा (बकरीद) पर 27 मई 2026 को गैजेटेड छुट्टी घोषित की गई थी, पर अब इसमें संशोधन करते हुए यह छुट्टी 28 मई 2026 (शुक्रवार) कर दी गई है।

    मुखपत्र ने बताया कि इस संबंध में पंजाब सरकार के पर्सनल विभाग द्वारा आज सूचना जारी कर दी गई है। कहा जा रहा है कि चांद के दर्शन के बाद त्योहार की तिथि में किए गए परिवर्तन के कारण यह फैसला लिया गया है। केंद्र सरकार ने भी अपने कार्यालयों के लिए 28 मई की छुट्टी पहले ही घोषित कर दी थी। पंजाब सरकार ने भी अब इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं ताकि आम जनता और प्रशासन को किसी प्रकार की कठिनाई न हो।

  • ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के तहत पंजाब में हाई-रिस्क डिलीवरी और नवजात शिशु देखभाल को मिला बड़ा सहारा

    ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के तहत पंजाब में हाई-रिस्क डिलीवरी और नवजात शिशु देखभाल को मिला बड़ा सहारा

    चंडीगढ़: पंजाब सरकार की ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के माध्यम से हाई-रिस्क गर्भावस्था और नवजात शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष रूप से मजबूती मिल रही है। यह योजना जटिल प्रसव और गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं के इलाज को परिवारों के लिए बिना किसी आर्थिक बोझ के आसान बना रही है। भारत के राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5) पर आधारित एक महत्वपूर्ण अध्ययन के अनुसार, देश में लगभग हर दो में से एक गर्भावस्था हाई-रिस्क श्रेणी में आती है। शिक्षा की कमी, गरीबी, दो गर्भों के बीच कम अंतराल, पिछली प्रसव जटिलताएं और पहले हुई सिजेरियन डिलीवरी जैसे कारक मां और बच्चे दोनों के लिए जोखिम पैदा करते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की महिलाएं सबसे अधिक जोखिम का सामना करती हैं, जिससे मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं और जागरूकता कार्यक्रमों को और मजबूत करने की आवश्यकता स्पष्ट होती है।

    स्वास्थ्य कार्ड उन महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बनकर उभरा है, जिन्हें प्रसव के दौरान लंबे समय तक दर्द, स्वास्थ्य समस्याओं, भ्रूण की अस्वस्थ स्थिति या पहले हुई सिजेरियन डिलीवरी के कारण ऑपरेशन संबंधी इलाज की आवश्यकता पड़ती है। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 25 मई 2026 तक योजना के तहत मातृत्व और नवजात देखभाल के कुल 7,300 मामलों में इलाज प्रदान किया गया, जिस पर लगभग 7.04 करोड़ रुपये खर्च हुए। इनमें 5,300 हाई-रिस्क सिजेरियन डिलीवरी शामिल हैं, जिन पर 6.37 करोड़ रुपये खर्च किए गए। ये आंकड़े पंजाब में उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था और आपातकालीन प्रसूति सेवाओं में योजना की बढ़ती भूमिका को दर्शाते हैं।

    पटियाला की 28 वर्षीय लाभार्थी दीपिका, जिन्हें गर्भावस्था के दौरान एनीमिया सहित कई जटिलताओं का सामना करना पड़ा, ने अपना व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनका सिजेरियन ऑपरेशन स्वास्थ्य कार्ड के तहत पूरी तरह कैशलेस हुआ। उनके पति मनोज ने कहा कि पूरा इलाज बिना किसी आर्थिक बोझ के सुचारू रूप से हुआ, जो उनके लिए बड़ी राहत की बात है। इसी तरह 31 वर्षीय दीक्षा सोनकर ने अपने तीसरे बच्चे के जन्म के दौरान ‘पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज’ मेडिकल कॉलेज अस्पताल में समय पर मातृत्व और नवजात देखभाल प्राप्त की, जो योजना के तहत पूरी तरह कैशलेस रही। उनके पति विकास सोनकर ने कहा, “हमारी पहले से ही दो बेटियां हैं और हम चिंतित थे कि तीसरी डिलीवरी में कोई जटिलता न आ जाए।” विकास सोनकर ने आगे कहा कि जब भी घर में किसी को अस्पताल जाने की स्थिति बनती है तो आर्थिक तनाव बढ़ जाता है। विकास, जो एक दिहाड़ी मजदूर हैं, बताते हैं कि ऐसे समय में उन्हें ब्याज पर पैसे उधार लेने पड़ते हैं। यह उस कठोर सच्चाई को दर्शाता है कि स्वास्थ्य सेवाओं का खर्च उठाने के लिए कम आय वर्ग के मजदूरों को किस तरह संघर्ष करना पड़ता है। उन्होंने कहा, “लेकिन स्वास्थ्य कार्ड ने इस बार बड़ी राहत दी।”

    मातृत्व सेवाओं के साथ-साथ यह योजना गंभीर रूप से बीमार और समय से पहले जन्मे नवजात शिशुओं के लिए विशेष इलाज सहायता भी प्रदान कर रही है। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी, पंजाब के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, योजना के तहत विभिन्न पैकेजों में कुल 2,094 नवजात शिशुओं का इलाज किया गया। बेसिक नियोनेटल केयर, जो उन शिशुओं को सहायता प्रदान करती है जिनका इलाज उनकी माताओं के साथ-साथ किया जाता है, के अंतर्गत 881 नवजातों का इलाज किया गया, जिस पर 5.82 लाख रुपये खर्च हुए।